Punjab: 10 साल बाद पूरा होगा AAP का ‘वो’ वादा, फिर चर्चा में उपमुख्यमंत्री का पद

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को जल्द ही एक डिप्टी सीएम मिल सकता है। ऐसा इस वजह से क्योंकि सत्तारूढ़ आप 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सामाजिक समीकरण सुधारने की कोशिश कर रही है और अरविंद केजरीवाल के 2017 के चुनावी वादे को पूरा करना चाहती है। संभावना है कि पार्टी किसी दलित समुदाय से किसी को डिप्टी सीएम नियुक्त कर सकती है।

पार्टी अपने वादे पूरे करने में जुटी है। फ्री बिजली और फ्री तीर्थयात्रा योजना के बाद आम आदमी पार्टी अब आगामी वित्त वर्ष में राज्य की महिला वोटर्स को हर महीने 1000 रुपये देने की योजना शुरू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री मान पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि इस योजना के लिए राज्य के वार्षिक बजट में प्रावधान किया जाएगा। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों में यह चर्चा है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व अब डिप्टी सीएम की नियुक्ति पर गंभीरता से विचार कर रहा है। पता चला है कि केजरीवाल राज्य के नेताओं के साथ कई बैठकें कर चुके हैं और इस मुद्दे पर चर्चा कर चुके हैं।

एक सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वित्त मंत्री हरपाल चीमा और उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा इस पद के लिए सबसे आगे चल रहे थे। सूत्र ने बताया, “पार्टी अनुसूचित जाति समुदाय से उपमुख्यमंत्री चाहती है, जो राज्य की आबादी का 32 प्रतिशत से ज्यादा है। सत्ताधारी पार्टी के लिए लगातार दूसरी बार सत्ता में बने रहने के प्रयास में उन्हें खुश करना एक चुनौतीपूर्ण काम होगा।”