श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को ऐतिहासिक रूप देने के लिए Mann सरकार द्वारा किए यत्न बहुत ही प्रशंसायोग्य हैं – संत निर्मल दास (जोड़े वाले)

पंजाब हेरिटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड के कार्यालय में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को ऐतिहासिक और भव्य रूप से मनाने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता विभिन्न डेरों से पधारे पूजनीय संत-महापुरुषोंआध्यात्मिक गुरुओं और प्रबुद्ध विद्वानों ने कीजिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और आम आदमी पार्टी के महासचिव एवं पंजाब हैरीटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड के सलाहकार दीपक बाली ने भी शिरकत कर अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए।

 

बैठक में संत निर्मल दास जी (जोड़े वाले)संत गुरदीप गिरी जी (पठानकोट वाले)संत मनदीप दास जी (डेरा बल्ला)संत प्रदीप दास जी (डेरा कठार)संत केवल जी (तपस्थान श्री खुरालगढ़)संत इंद्रदास जी (शेखे)विद्वान श्री राजकुमार हंस जीसोमा अत्री जीबीबी संतोष कौर तथा परविंदर कौर बंगा जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा सभ्याचार विभाग के डायरेक्टर संजीव तिवारी भी बैठक में शामिल हुए और आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

 

इस अवसर पर दीपक बाली ने सभी संत-महापुरुषों और अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि सामाजिक सद्भावनासमानता और मानवता के संदेश को आगे बढ़ाने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस ऐतिहासिक अवसर को बेहद श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

 

दीपक बाली ने बताया कि प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में चार विशाल शोभायात्राएं निकाली जाएंगीजो विभिन्न स्थानों से शुरू होकर पंजाब के अलग-अलग शहरों और गांवों से गुजरेंगी। पहली शोभायात्रा बनारस से शुरू होगीजहां गुरु रविदास जी का जन्मस्थान है। दूसरी शोभायात्रा बठिंडा सेतीसरी फरीदकोट से और चौथी जम्मू से निकाली जाएगी। इन शोभायात्राओं के माध्यम से गुरु रविदास जी के संदेशों और उनकी शिक्षाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

 

उन्होंने बताया कि इन शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालुसंत समाज के प्रतिनिधिसामाजिक संगठन और विभिन्न धार्मिक संस्थाएं शामिल होंगी। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे और भक्ति संगीत तथा कीर्तन के माध्यम से गुरु रविदास जी के उपदेशों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

 

बैठक में यह भी तय किया गया कि इस विशेष अवसर पर पंजाब के प्रत्येक गांव में गुरु रविदास जी के जीवनउनके सामाजिक योगदान और मानवता के संदेश पर आधारित एक उच्चस्तरीय डॉक्यूमेंटरी दिखाई जाएगी। इस डॉक्यूमेंटरी के माध्यम से युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को गुरु रविदास जी के विचारों और उनके द्वारा समाज में किए गए सुधारों से अवगत कराया जाएगा।

 

दीपक बाली ने बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से भी प्रकाश पर्व को यादगार बनाया जाएगा। इसके तहत हर विधानसभा में 20 मिनट का एक भव्य ड्रोन शो आयोजित किया जाएगाजिसमें रोशनी और तकनीक के माध्यम से गुरु रविदास जी के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों और उनके संदेशों को दर्शाया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए पंजाब के प्रत्येक जिले में बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान भी चलाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक जिले में 6.50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया हैताकि गुरु रविदास जी के संदेश के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी समाज तक पहुंचे।

 

इसके अलावा युवाओं में उत्साह और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में 650 साइकिल सवारों द्वारा एक विशेष साइकिल मैराथन भी आयोजित की जाएगी। यह मैराथन विभिन्न शहरों और कस्बों से गुजरते हुए लोगों को गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और समाज में समानता के महत्व के बारे में जागरूक करेगी।

 

बैठक में उपस्थित संत-महापुरुषों ने पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने अपने जीवन में समाज को समानताभाईचारे और मानवता का संदेश दिया था और आज भी उनके विचार समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। संत समाज ने विश्वास जताया कि सरकार की ओर से आयोजित किए जाने वाले ये सभी कार्यक्रम बेहद सफल और ऐतिहासिक होंगे।

 

संतों ने इस अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के आयोजन के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित करना संत समाज और श्रद्धालुओं के प्रति सम्मान और आस्था को दर्शाता है।

 

बैठक के अंत में सभी संतोंविद्वानों और अतिथियों को सम्मानित किया गया। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को पूरे पंजाब में श्रद्धाउत्साह और सामाजिक एकता के साथ मनाया जाएगाताकि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं और उनका मानवता का संदेश हर घर तक पहुंच सके।