28 मार्च को शुरू होंगे 100 नए मोहल्ला क्लीनिक: सीएम बोले- मुख्यमंत्री सेहत योजना में सारा खर्च सरकार उठाएगी, विरोधियों को बोलने दो
पंजाब सरकार का फोकस अब मेडिकल कॉलेजों पर आ गया है। होशियारपुर और कपूरथला मेडिकल कॉलेजों के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्दी ही इनका काम शुरू हो जाएगा। वहीं, मलेरकोटला में बनने वाले कम्युनिटी मेडिकल के लिए जमीन एक्वायर करने की प्रक्रिया आखिरी चरण में है। कल ईद मौके वह लोगों को तोहफा देंगे। वहीं, 28 मार्च को 100 नए मोहल्ला क्लीनिक शुरू किए जाएंगे।
यह दावा पंजाब के सीएम भगवंत मान ने किया। वह चंडीगढ़ में सेहत विभाग में चार साल की अपनी रिपोर्ट पेश कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयां फ्री दी जा रही हैं। अगर कोई दवाई की कमी होती है तो एसएमओ खरीदकर देंगे। इसके लिए उन्हें फंड जारी किए गए हैं। अगर ऐसा नहीं होता है तो उन पर एक्शन होगा। सेहत मंत्री ने कहा कि पहले भी ऐसे अफसरों पर एक्शन भी हुआ है। आप हमें जानकारी दे सकते हैं। वहीं, सीएम ने कहा मुख्यमंत्री सेहत योजना में सारा इलाज फ्री है। किसी को किसी तरह का पैसा नहीं देना होगा। जितने लोगों के नाम कार्ड में लिखे गए हैं, उनका इलाज संभव होगा।
400 नए आम आदमी क्लीनिक बना रहे हैं
सीएम ने कहा – 883 आम आदमी क्लीनिक राज्य में चल रहे हैं। 100 क्लीनिक 28 मार्च को समर्पित कर दिए जाएंगे। 400 क्लीनिक और बनाए जा रहे हैं। 1400 क्लीनिक हो जाएंगे। 94 फीसदी मरीजों ने क्लीनिक की सेवाओं पर संतुष्टि जताई है। क्लीनिक की ओपीडी पांच करोड़ पार कर गई है। इसमें 1.69 करोड़ विशेष बीमारियों वाले मरीज थे। देश का सबसे बेहतरीन मॉडल है। 30 हजार गर्भवती महिलाओं का चेकअप हो चुका है।
पानी के रखवालों ने पानी नहीं संभाला
18 मार्च को CM ने अपनी सरकार के चार साल के कार्यकाल बताने के लिए प्रेस कांफ्रेंस का सिलसिला शुरू किया था। पहली प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने सिंचाई विभाग व कृषि विभाग में किए कामों के बारे में बताया था।
इस दौरान उन्होंने विरोधियों पर भी जुबानी हमले किए थे। CM ने कहा था कि जो खुद को पानी के रक्षक कहते थे, उन्होंने अपने कार्यकाल में पानी नहीं संभाला और जिन पर बाणी की जिम्मेदारी थी उन्होंने बाणी को रोल दिया।
राजस्थान से रॉयल्टी का इश्यू उठाया
इसी प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा था कि 1960 के बाद से राजस्थान ने पानी के बदले रॉयल्टी नहीं दी। यह 1.44 करोड़ लाख बनती है। हालांकि, पहले पानी का भुगतान होता रहा है।
1920 से यह सिस्टम चल रहा था। हमने इस मामले में राजस्थान सरकार को पत्र लिखा है। वहीं, मामले को केंद्र सरकार के समक्ष भी उठाएंगे।

