पंजाब में मानसून सीजन के दौरान बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर बाढ़ से बचाव के इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने और बाकी बचे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
विभाग के अनुसार, राज्य में करीब 414.75 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न बाढ़ रोधी कार्य करवाए गए हैं। इनमें 101 बोल्डर और हाइब्रिड सुरक्षा कार्य, 17 बांधों को ऊंचा करने और 22 बांधों को मजबूत करने के काम शामिल हैं। इसके अलावा 188 ड्रेनों की सफाई और पांच बाढ़ नियंत्रण गेटों से जुड़े कार्य भी किए गए हैं।
बैठक के दौरान अधिकारियों को नदियों, ड्रेनों और बांधों समेत बाढ़ की आशंका वाले सभी इलाकों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही गाद निकालने और अन्य जरूरी कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए कहा गया, ताकि भारी बारिश या जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पंजाब सरकार का कहना है कि मानसून के दौरान लोगों की जान-माल, कृषि भूमि और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। संभावित बाढ़ के खतरे को कम करने और आपात स्थिति में तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए प्रशासन को पूरी तरह तैयार रखा जा रहा है।

