मुलायम पनीर बनाने के लिए सही तकनीक अपनाना बहुत महत्वपूर्ण है। सही बनावट हासिल करना एक संवेदनशील प्रक्रिया है, और यहां तक कि छोटी सी गलती भी पनीर को सख्त या रबड़ जैसा बना सकती है। पनीर प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है, खासकर शाकाहारियों के लिए, और इसकी मलाईदार, मुलायम बनावट इसे बेहद लोकप्रिय बनाती है।
यह कई व्यंजनों में अहम भूमिका निभाता है, और उसकी विशिष्ट बनावट उसकी आकर्षण का मुख्य कारण है। मीठे और नमकीन दोनों प्रकार के व्यंजनों में इसका उपयोग होने के कारण पनीर अधिकांश लोगों का पसंदीदा बन जाता है। इसकी उच्च प्रोटीन सामग्री और समृद्ध बनावट इसे किसी भी भोजन में उत्कृष्ट अतिरिक्त बनाती है। पनीर की यह लोकप्रियता समय के साथ बनी रही है।
हालांकि, बहुत से लोग घर पर पनीर बनाने का प्रयास करते हैं, लेकिन कभी-कभी वे संतुष्ट नहीं हो पाते क्योंकि उनका पनीर सख्त या रबड़ जैसा हो जाता है। लेकिन, सही बनावट प्राप्त करने के लिए हर कदम में सावधानी बरतना जरूरी होता है। यहां हमने कुछ आसान सुझाव दिए हैं जिनका पालन करके आप घर पर मुलायम पनीर बना सकते हैं।
मुलायम पनीर बनाने के टिप्स :
फुल-फैट दूध का इस्तेमाल करें।
पनीर बनाने के लिए हमेशा पूर्ण वसायुक्त दूध का उपयोग करें, क्योंकि इससे पनीर में समृद्ध और मलाईदार बनावट आती है। उच्च वसा की मात्रा पनीर को नरम और कोमल बनाने में मदद करती है, जिससे यह जल्दी नहीं सूखता या टूटता। इसके अलावा, वसा के अणु कैसिइन प्रोटीन को आपस में जोड़ने में सहायक होते हैं।
सही तापमान बनाए रखें।
दूध का तापमान नियंत्रित करना बेहद महत्वपूर्ण है। दूध को धीमी आंच पर उबालने दें और फिर उसे जलने से बचाने के लिए आंच कम कर दें। अत्यधिक गर्मी से पनीर सख्त और गाढ़ा हो सकता है।
अम्लीय कोगुलेंट का सही उपयोग करें और धीरे से मिलाएं।
पनीर बनाने के दौरान, दूध को जमाने के लिए नींबू का रस या सिरका जैसे अम्लीय एजेंट का इस्तेमाल करें। इन्हें दूध में समान रूप से मिलाएं ताकि दही सख्त और असमान न बने। जब दूध जमने लगे, तो उसे धीरे से हिलाएं ताकि दही छोटे टुकड़ों में टूटे नहीं। अत्यधिक हिलाने से पनीर भुरभुरा और असमान हो सकता है।
ज़्यादा पकाने से बचें और सही तरीके से छानें।
दही को अधिक पकाने से बचें, क्योंकि इससे पनीर रबड़ जैसा और सख्त हो सकता है। दही को तब तक पकाएं जब तक वह पूरी तरह से जम न जाए, फिर आंच से उतार लें। इसके बाद, दही को मलमल के कपड़े से ठंडे पानी में छान लें ताकि अतिरिक्त तरल निकल जाए और पनीर की मुलायम बनावट बनी रहे।
बहुत ज्यादा दबाव न डालें।
पनीर के बचे हुए हिस्से को हल्के से दबाएं, ध्यान रखें कि अत्यधिक दबाव न डालें। थोड़ी नमी बने रहने से पनीर की कोमलता बनी रहती है। अगर ज्यादा दबाव डाला जाए, तो अतिरिक्त नमी निकल सकती है, जिससे पनीर सख्त और घना हो सकता है, इसलिए हल्के दबाव की जरूरत है।

