पंजाब के अमृतसर में जहरीली शराब से हुई मौत के बाद राज्य सरकार एक्शन में आ गई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है और मेथनॉल पर सख्त कानून बनाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मेथनॉल का गलत इस्तेमाल अब जानलेवा साबित हो रहा है।
चीमा ने केंद्र को भेजे गए पत्र में इंडस्ट्री एक्ट 1951 के तहत मेथनॉल को लेकर सख्त नियम लागू करने की मांग की है। उन्होंने लिखा कि मेथनॉल का औद्योगिक उपयोग अब अपराधियों के लिए एक खतरनाक हथियार बन गया है और यह समस्या केवल पंजाब तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे देश में फैल रही है। सबसे बड़ा खतरा यह है कि इससे जहरीली शराब बनाई जा रही है। चीमा ने केंद्र से इस मुद्दे पर तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है।
पटियाला में 600 लीटर मेथनॉल पकड़ी थी
अमृतसर में जहरीली शराब पीने से 13 मई को 20 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद सरकार इस मामले को लेकर सख्त हो गई है। वहीं, पुलिस भी लगातार एक्शन मोड में है। पुलिस ने पटियाला में करीब 600 लीटर मेथनॉल जब्त की है, जो कि अवैध तरीके से ट्रक में दिल्ली से पंजाब लाई जा रही थी इसे नकली शराब बनाने में प्रयोग किया जाना था।
जबकि दूसरी तरफ पूरी रात कार्रवाई की है। साथ ही अवैध तरीके से शराब पीने वाले लोगों एक्शन किया है। अवैध शराब पीने वाले कई लोग पकड़े हैं। वहीं, पुलिस का मानना है कि इस चीज पर तुरंत प्रभाव से अंकुश लगना चाहिए।
ऑनलाइन भी चल रहा है कारोबार
मेथनॉल पंजाब पुलिस के लिए इसलिए भी मुसीबत बन गई है, क्योंकि पुलिस जांच में सामने आया है कि इसका ऑनलाइन कारोबार चलता है। साथ ही कंपनियां सीधे ही ऑर्डर बुक करवाने वालों तक पहुंचा रही हैं। जिसके बाद पुलिस इस चीज पर पूरी तरह से अंकुश लगाना चाहती है। इसके अलावा, जानकारों की मानें तो अब अधिकारियों को दिल्ली से पंजाब के बीच चलने वाले सार्वजनिक वाहनों पर भी नजर रखनी होगी, क्योंकि इसके माध्यम से यह काम होता रहा है।