जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए दर्दनाक आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। इस हमले के पीछे पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ बताया गया था। अब इस घटना से जुड़ा एक और अहम सुराग सामने आया है – पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मारे गए आतंकी ताहिर हबीब का ‘जनाज़ा-ग़ायब’ (funeral in absentia) आयोजित किया गया। यह घटना एक बार फिर पाकिस्तान की सीधी संलिप्तता की ओर इशारा करती है।
कौन था ताहिर हबीब?
- ताहिर हबीब को ‘कैटेगरी A’ आतंकी माना जाता था और उसका सीधा संबंध लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से था।
- भारतीय एजेंसियों के अनुसार, वह उन तीन आतंकियों में शामिल था, जिन्होंने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में बड़े पैमाने पर फायरिंग और धमाके कर 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी।
- इस हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और कश्मीर में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए थे।
ऑपरेशन ‘महादेव’ और आतंकी का खात्मा
हमले के बाद, भारतीय सुरक्षा बलों ने ‘ऑपरेशन महादेव’ शुरू किया। 29 जुलाई को संसद में गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि ऑपरेशन के तहत ताहिर हबीब सहित तीनों आतंकी मारे जा चुके हैं।
- घटनास्थल से पाकिस्तान का वोटर आईडी कार्ड, पाकिस्तानी चॉकलेट और हथियार बरामद हुए।
- इससे साफ हो गया कि ये आतंकी पाकिस्तान से आए थे और वहीं से ऑपरेट कर रहे थे।
PoK में ‘जनाज़ा-ग़ायब’ – पाकिस्तान की पोल खुली
- अगस्त के पहले हफ्ते में, PoK के खाई गाला (रावलकोट) इलाके में ताहिर हबीब का ‘जनाज़ा-ग़ायब’ हुआ।
- ‘जनाज़ा-ग़ायब’ तब पढ़ा जाता है जब शव मौजूद न हो, लेकिन प्रतीकात्मक रूप से प्रार्थना की जाती है।
- इस प्रार्थना सभा ने साबित कर दिया कि ताहिर हबीब का घर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में था और वह वहीं से आतंक की राह पर निकला था।
गांव वालों का गुस्सा – LeT कमांडर को निकाला बाहर
जनाज़ा के दौरान एक लश्कर कमांडर रिज़वान हनीफ़ जबरन वहां घुसने की कोशिश कर रहा था। लेकिन गांव वालों ने कड़ा विरोध किया और उसे वहां से भगा दिया।
- लोगों ने साफ कर दिया कि वे अब आतंकी संगठनों का साथ नहीं देंगे।
- यहां तक कि गांव ने मिलिटेंट्स और उनके नेटवर्क का बहिष्कार करने का एलान कर दिया।
- यह PoK में एक दुर्लभ घटना है, जहां आम लोग खुलकर आतंकियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
भारत का दावा और पाकिस्तान की सफाई
- भारत लगातार कह रहा है कि 22 अप्रैल का हमला पाकिस्तान प्रायोजित था।
- पाकिस्तान ने हमेशा की तरह आरोपों से इंकार किया और कहा कि ये “fabricated allegations” हैं।
- लेकिन अब PoK में हुई यह जनाज़ा-ग़ायब रस्म भारत के दावे को और मजबूत करती है।
पूरा घटनाक्रम – एक नज़र में
तारीख | घटना |
22 अप्रैल 2025 | पहलगाम में आतंकी हमला, 26 नागरिक मारे गए |
29 जुलाई 2025 | गृह मंत्री ने संसद में बताया – तीनों आतंकी ‘ऑपरेशन महादेव’ में मारे गए |
अगस्त 2025 (पहला हफ्ता) | ताहिर हबीब का PoK में ‘जनाज़ा-ग़ायब’ हुआ |
जनाज़ा के दौरान | गांव वालों ने LeT कमांडर को भगा दिया, आतंकी नेटवर्क का बहिष्कार किया |
PoK में ताहिर हबीब का ‘जनाज़ा-ग़ायब’ पाकिस्तान की भूमिका पर सीधा सवाल खड़ा करता है। एक तरफ पाकिस्तान दुनिया के सामने खुद को निर्दोष दिखाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसकी जमीन पर आतंकियों का जनाज़ा पढ़ा जा रहा है।
गांव वालों की नाराज़गी और आतंकी नेटवर्क का विरोध यह बताता है कि अब PoK में भी लोग आतंक से तंग आ चुके हैं।