पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर फतेहगढ़ साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सुबह करीब 11 बजे सीएम मान सरहिंद रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां मौजूद यात्रियों से मुलाकात की। उनका दिन गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेककर शुरू हुआ, जहां उन्होंने अरदास की और पंजाब की खुशहाली की कामना की।
इसके बाद मुख्यमंत्री मान सरहिंद रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां से उन्होंने 500 महिला पंचों और सरपंचों को लेकर महाराष्ट्र रवाना होने वाली एक स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। ये सभी महिला प्रतिनिधि सबसे पहले सचखंड तख्त श्री हजूर साहिब (नांदेड़, महाराष्ट्र) में माथा टेकेंगी, उसके बाद महाराष्ट्र में उन्हें विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग पंचायत की जिम्मेदारियां, प्रशासनिक कार्यों को सही तरीके से संभालना और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित होगी।
सीएम मान ने बताया कि कुल तीन स्पेशल ट्रेनें बुक की गई हैं, जिनके जरिए अलग-अलग बैच में महिला पंच-सरपंचों को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा, “आज पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। यह यात्रा न केवल धार्मिक अनुभव देगी बल्कि हमारी महिला प्रतिनिधियों को और सशक्त बनाएगी।”
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “हम असली आज़ादी उस दिन मनाएंगे, जब तहसीलों में बिना रिश्वत रजिस्ट्री और इंतकाल होंगे और थानों में बिना रिश्वत गरीबों की सुनवाई होगी। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और सिस्टम को काफी हद तक ठीक किया गया है।”
युवाओं और राज्य में अमन-शांति के मुद्दे पर मान ने सख्त लहजे में कहा कि पंजाब की जवानी को बर्बाद करने वालों और शांति भंग करने वालों पर कोई रहम नहीं किया जाएगा। अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “लोग उन्हें कान में कह रहे हैं कि अब बाहर न आ जाएं। मामला कानून का है, हम सबूत देंगे, वकील बड़े भेजेंगे, बाकी काम अदालत करेगी।”
सरहिंद में संगियाना पैलेस में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में भी सीएम मान ने शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने 500 नए पंचायत घरों और सेवा केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन और शिलान्यास किया। मान ने कहा कि यह कदम ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और गांवों में लोगों को बेहतर सुविधाएं देने में अहम साबित होगा।
विधायक लखबीर सिंह राय ने बताया कि यह पहल महिला पंचों और सरपंचों के लिए एक बड़ा अवसर है, जिससे वे धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक रूप से मजबूत होंगी। पूरे कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और सारी तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं।
यह दौरा न केवल विकास परियोजनाओं की शुरुआत का गवाह बना, बल्कि पंजाब में महिला नेतृत्व को नई दिशा देने का भी संकेत है। मुख्यमंत्री के इस कदम को गांव-गांव तक बदलाव और सशक्तिकरण का संदेश माना जा रहा है।