सिख संगठनों ने मिलकर गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत की बरसी को बेहद खास तरीके से मनाने का ऐलान किया है। इस मौके पर “गुरु सीस मार्ग यात्रा” नामक एक भव्य धार्मिक शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जो दिल्ली के चांदनी चौक से शुरू होकर आनंदपुर साहिब तक पहुंचेगी।
यात्रा कब और कहां से शुरू होगी?
यह ऐतिहासिक यात्रा 3 अक्टूबर 2025 को गुरुद्वारा सीस गंज साहिब, दिल्ली (चांदनी चौक) से शुरू होगी और 5 अक्टूबर 2025 को गुरुद्वारा सीस गंज, श्री आनंदपुर साहिब (पंजाब) में संपन्न होगी।
कौन-कौन से संगठन जुड़ रहे हैं?
इस यात्रा की घोषणा पूर्व जत्थेदार गुरुद्वारा दमदमा साहिब, ज्ञानी केवल सिंह ने की। वे इस कार्यक्रम के संयोजक और पंथिक तालमेल दल के प्रमुख हैं।
इसके साथ ही कई और संस्थाएं भी इस आयोजन में सहयोग करेंगी, जिनमें शामिल हैं –
- अकाल पुरख की फौज (इसके प्रमुख और पूर्व SGPC मेंबर एडवोकेट जसविंदर सिंह हैं)
- सेंट्रल श्री गुरु सिंह सभा, चंडीगढ़
- ग्यान प्रगास ट्रस्ट, लुधियाना
इतिहास से जुड़ा महत्व
एडवोकेट जसविंदर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह यात्रा उस ऐतिहासिक मार्ग को दोहराएगी, जिस पर भाई जठ्ठा (भाई जेटा जी, जिन्हें बाद में भाई जीवान सिंह कहा गया) ने गुरु तेग बहादुर जी का विछड़ा हुआ शीश अदम्य साहस और निडरता के साथ दिल्ली से आनंदपुर साहिब तक पहुंचाया था।
यह घटना सिख इतिहास का वह सुनहरा पन्ना है, जो बलिदान और बहादुरी की मिसाल पेश करता है।
गौरतलब है कि गुरु तेग बहादुर जी को 1675 में दिल्ली के चांदनी चौक में मुगल शासक औरंगज़ेब के आदेश पर शहीद किया गया था। उन्होंने कश्मीरी पंडितों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए थे।
यात्रा का संदेश
यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक जुलूस नहीं होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाएगी कि सिख धर्म की नींव निडरता, बलिदान और इंसानियत की रक्षा पर टिकी है।
इस कार्यक्रम का मकसद समाज को एकजुट करना और गुरु तेग बहादुर जी के त्याग का संदेश लोगों तक पहुंचाना है।
इस तरह “गुरु सीस मार्ग यात्रा” बलिदान, साहस और आस्था की जीवंत मिसाल बनकर लोगों को प्रेरित करेगी।