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	<title>Divak Savi &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>भाजपा सियासी विरोधियों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के पीछे छुप रही है: लालचंद कटारूचक्क</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/the-bjp-is-hiding-behind-central-agencies-to-target-political-opponents-lalchand-kataruchak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 12:00:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालचंद सिंह कटारूचक्क ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह सियासी विरोधियों को डराने और विपक्षी पार्टियों की सरकारों वाले राज्यों को निशाना बनाने के लिए चुनाव आयोग, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालचंद सिंह कटारूचक्क ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह सियासी विरोधियों को डराने और विपक्षी पार्टियों की सरकारों वाले राज्यों को निशाना बनाने के लिए चुनाव आयोग, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कटारूचक्क ने कहा कि भाजपा 2014 में हर खाते में 25 लाख रुपए और हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने जैसे बड़े वादों के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन उन वादों को पूरा करने की बजाय नरेंद्र मोदी सरकार ने गैर-संवैधानिक तरीकों और केंद्रीय संस्थाओं के दुरुपयोग पर निर्भरता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि जहां भी भाजपा खुद को सियासी तौर पर खतरे में महसूस करती है, वहां अपने विरोधियों का सियासी तौर पर सामना करने की बजाय वह विरोधी नेताओं और कर्मचारियों में डर पैदा करने और दबाव बनाने के लिए ईडी और चुनाव आयोग जैसी एजेंसियों को भेजती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>दिल्ली चुनावों का हवाला देते हुए कटारूचक्क ने कहा कि चुनावों से पहले अधिकारियों और सियासी नेताओं को डराया-धमकाया गया और जानबूझकर डर का माहौल बनाया गया। उन्होंने कहा कि आप नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए, जिन्हें महीनों और सालों तक जेल में रखा गया, लेकिन बाद में अदालतों ने उन मामलों को रद्द या खारिज कर दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कटारूचक्क ने चुनाव आयोग से जुड़े ताजा विवाद का भी जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते देखे हैं। उन्होंने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने अपनाई जा रही प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बार-बार पत्र लिखे थे। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम, ईडी की कार्रवाइयों के साथ मिलकर, उन चिंताओं को फिर से सामने ले आया है जो वरिष्ठ न्यायाधीशों ने सालों पहले देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के बारे में जताई थीं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पंजाब की बात करते हुए कटारूचक्क ने आरोप लगाया कि ईडी लगातार &#8216;आप&#8217; नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। लुधियाना में एक &#8216;आप&#8217; मंत्री के रिश्तेदार के घर हाल ही में की गई छापेमारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने परिवार के सदस्य की गैर-मौजूदगी में छापा मारा, जबकि उनके बुजुर्ग माता-पिता मौजूद थे, लेकिन खबरों के मुताबिक वे बिना कुछ बरामद किए चले गए। उन्होंने लगभग दो महीने पहले अपने एक करीबी व्यक्ति के घर पर ईडी द्वारा की गई छापेमारी को भी याद किया और बताया कि 16 घंटे की तलाशी के बाद एजेंसी बिना कुछ मिले चली गई थी और यह लिखित रूप में देकर गई थी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कटारूचक्क ने कहा कि पंजाब ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, &#8220;हम पंजाब के पुत्र हैं और हम ऐसी कार्रवाइयों का डटकर विरोध करेंगे और सामना करेंगे।&#8221; उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोग भाजपा की डराने-धमकाने की राजनीति का उचित लोकतांत्रिक जवाब देंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भगवंत मान सरकार के कामों पर रोशनी डालते हुए कटारूचक्क ने कहा कि पिछले साढ़े चार सालों के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए फैसलों से पूरे पंजाब के लोगों को फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की की है, सालों की गिरावट के बाद भूमिगत जल स्तर में सुधार हो रहा है, और पंजाब के संसाधनों की लूट को रोका जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कटारूचक्क ने कहा कि पंजाबियों ने भारत की आजादी के लिए अनगिनत कुर्बानियां दी हैं और खेती-बाड़ी के जरिए देश का पेट भरने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने भाजपा पर पंजाब के प्रति दुश्मनी दिखाने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी को पंजाबियों में कोई सियासी स्वीकृति नहीं मिल रही है। पठानकोट में भाजपा की हालिया &#8216;नशा मुक्त पंजाब यात्रा&#8217; का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां मिली प्रतिक्रिया ने भाजपा के सियासी दावों और लोगों के मूड के बीच अंतर साफ कर दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कटारूचक्क ने कहा कि पंजाब के लोग मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि न तो भाजपा का सियासी दबाव और न ही केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग पंजाब के लोगों को सच के साथ खड़े होने से रोक सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पंजाब ने मोदी को नकारा, अब वे पंजाबियों को परेशान करके बदला ले रहे हैं: आप</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-rejected-modi-now-he-is-taking-revenge-by-harassing-punjabis-aap/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 11:38:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[Public]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह एहसास होने के बाद कि पंजाब ने भाजपा को नकार दिया है, अब वे पंजाबियों से राजनीतिक बदला लेने और चुनाव से पहले उनके लिए मुश्किलें खड़ी करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आप के सीनियर नेता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह एहसास होने के बाद कि पंजाब ने भाजपा को नकार दिया है, अब वे पंजाबियों से राजनीतिक बदला लेने और चुनाव से पहले उनके लिए मुश्किलें खड़ी करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आप के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) के ऑपरेशन ने तीन दिनों से पूरे पंजाब में सरकारी कामकाज को प्रभावित किया है, जिससे लोगों को बहुत परेशानी हो रही है, जबकि छापों में कुछ हासिल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्यों के खिलाफ ईडी, इनकम टैक्स विभाग और चुनाव आयोग का इस्तेमाल करना उनकी पहचान बन गया है, लेकिन पंजाब डरने वाला नहीं है और तीन करोड़ पंजाबी लोकतात्रिंक तरीके से भाजपा को जवाब देंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एक बयान में, आप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को यह एहसास होने के बाद कि पंजाब ने भाजपा को नकार दिया है, अब वे पंजाबियों को परेशान करके बदला लेने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्टी ने कहा, &#8220;एक एजेंसी सर्च के नाम पर किसी सरकारी अथॉरिटी के काम में रुकावट कैसे डाल सकती है? ईडी का ऑपरेशन 36 घंटे से ज़्यादा चला, जिससे गमाडा के काम पर सीधा असर पड़ा। यह भारत के इतिहास में सरकारी प्रशासन में एक गैर-संवैधानिक और गलत दखल है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप ने कहा, “गमाडा में चल रहे ईडी ऑपरेशन ने कई दिनों से पंजाब की एक बड़ी डेवलपमेंट अथॉरिटी के काम पर असर डाला है, जिसमें कई फ्लोर सील किए गए, सीनियर अधिकारियों से पूछताछ की गई और सरकारी रिकॉर्ड और डिवाइस ज़ब्त किए गए। गमाडा ग्रेटर मोहाली के योजनाबद्ध विकास और रेगुलेशन के लिए ज़िम्मेदार है, जिसमें शहरी प्रॉपर्टी, ज़मीन अधिग्रहण, हाउसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास के काम शामिल हैं, इसीलिए पब्लिक प्रोजेक्ट और नागरिकों के लिए इसका आसानी से काम करना ज़रूरी है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “2014 से भाजपा लगातार राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों और संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल कर रही है। जब भी किसी राज्य में चुनाव पास आते हैं, तो केंद्रीय एजेंसियों को वहां भेजकर विपक्षी नेताओं को टारगेट किया जाता है और डर का माहौल बनाया जाता है। आज पंजाब में भी यही पैटर्न देखा जा रहा है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मंत्री ने कहा, “पिछले दो-तीन दिनों में, अधिकारियों ने ताले भी तोड़े हैं और बंद और खाली घरों में भी घुसे हैं। लेकिन इन जगहों से कुछ भी बरामद नहीं हुआ। अगर कुछ नहीं मिला, तो बंद घरों के ताले तोड़ने का मकसद क्या था?”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि तलाशी के दौरान अधिकारियों के रवैये ने भी गंभीर चिंता पैदा की है। उन्होंने कहा, “आप मंत्री के एक रिश्तेदार के घर पर छापे के दौरान, ईडी अधिकारियों ने बच्चों और बुज़ुर्ग परिवार के सदस्यों को डराने की कोशिश की। क्या केंद्रीय जांच एजेंसी के काम करने का यही तरीका है? इस तरह के दबाव के हथकंडे पंजाब के लोगों को डरा नहीं सकते।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विपक्ष शासित राज्यों में ऐसी कार्रवाइयों का ज़िक्र करते हुए, हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “हमने यह पैटर्न दिल्ली, बिहार और पश्चिम बंगाल में भी देखा है। जब भी चुनाव पास आते हैं और भाजपा को मज़बूत विपक्ष दिखता है, तो केंद्रीय एजेंसियां ​​एक्टिव हो जाती हैं। यह सिर्फ़ जांच के बारे में नहीं है, यह राजनीतिक विरोधियों में डर पैदा करने के बारे में है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप की सीनियर लीडरशिप से जुड़े पिछले मामलों का ज़िक्र करते हुए, आप के सीनियर नेता ने कहा, “भाजपा ने आप की टॉप लीडरशिप के खिलाफ एजेंसियों का इस्तेमाल किया, लेकिन वे मामले आखिरकार कोर्ट में फेल हो गए और हमारे नेता बरी हो गए। लोगों ने यह पैटर्न देखा है और वे समझते हैं कि क्या हो रहा है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वोटर लिस्ट से जुड़ी चिंताओं पर, हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “वोटर लिस्ट पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। असली वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा के लिए चुनावी फ़ायदा उठाने की कोशिश की जा रही है। जब जांच एजेंसियों और संवैधानिक संस्थाओं पर ऐसे सवाल उठाए जाते हैं, तो यह हमारे लोकतात्रिंक ढांचे के काम करने के तरीके पर गंभीर चिंता पैदा करता है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा, “पंजाब ने हमेशा देश के लोकतात्रिंक अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है। शहीद भगत सिंह, शहीद उधम सिंह और करतार सिंह सराभा ने भारत की आज़ादी के लिए अपनी जानें कुर्बान कर दी। बाबा साहेब अंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किए गए संविधान ने हर नागरिक को लोकतात्रिंक अधिकार दिए हैं। उन अधिकारों की हर कीमत पर रक्षा होनी चाहिए।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप के सीनियर नेता ने कहा कि भाजपा पंजाब में डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है क्योंकि सभी वर्गों के लोग उसकी नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा जानती है कि पंजाब के लोग सवाल पूछ रहे हैं। हमारे युवा सवाल पूछ रहे हैं, हमारे किसान सवाल पूछ रहे हैं और हमारे व्यापारी सवाल पूछ रहे हैं। इसीलिए भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के ज़रिए डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चीमा ने कहा, “पंजाब डरने वालों में से नहीं है। पंजाबी कभी दबाव के आगे नहीं झुके हैं और वे इन हथकंडों का जवाब लोकतात्रिंक तरीके से देंगे।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अकाली दल (बादल) पर निशाना साधते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “आनंदपुर साहिब के गुरुद्वारा सराय में महिलाओं के साथ हुए बर्ताव पर उठाए गए सवालों ने शिरोमणि अकाली दल लीडरशिप के रिकॉर्ड को और उजागर कर दिया है। पंजाब के लोग बेअदबी, प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग और ड्रग्स के संकट से जुड़े विवादों को नहीं भूले हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा, “राजनीतिक गठबंधन इन सवालों को मिटा नहीं सकते। पंजाब के लोग हर राजनीतिक पार्टी और उसकी लीडरशिप के रिकॉर्ड के आधार पर फैसला करेंगे।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा और अकाली दल (बादल) पंजाब में खुद को भरोसेमंद राजनीतिक विकल्प के तौर पर स्थापित करने में नाकाम रहे हैं। “भाजपा और अकाली दल (बादल) पंजाब में राजनीतिक रूप से बेकार हो गए हैं। केंद्र ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स विभाग जैसी एजेंसियों को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन ये तरीके पंजाब में काम नहीं चलेंगे,”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप के सीनियर नेता ने कहा, “आप इस राजनीतिक लड़ाई से न तो डरेगी और न ही पीछे हटेगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में, हम पंजाब के लोगों के साथ खड़े रहेंगे और उनके अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आप, नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में, संविधान, लोकतंत्र, सिविल लिबर्टी और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती रहेगी। “हम बाबासाहेब अंबेडकर के नेतृत्व में बनाए गए संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने की हर कोशिश के खिलाफ देश के लोगों को इकट्ठा करते रहेंगे। भारत के लोग अपने लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करेंगे।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप मंत्री के भतीजे के घर पर ईडी का ‘नो रिकवरी’ (कुछ भी बरामद न होना) के पंचनामा शेयर करते हुए, हरपाल सिंह चीमा ने एक्स पर लिखा कि “ईडी दिन-ब-दिन राजनीतिक डराने-धमकाने का ज़रिया बनता जा रहा है। रेड, लंबी पूछताछ और सरकारी ऑफिस बंद करना अब डर और दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन आरोप सबूत नहीं हैं, और जांच आखिरकार उसी पर टिकी होनी चाहिए जो असल में साबित हुआ है। पंजाब डरेगा नहीं, दबाव में नहीं आएगा या चुप नहीं रहेगा। पंजाब देख रहा है। पंजाब याद रखेगा। और पंजाब भाजपा को जवाब देगा।”</p>
<p>एक्स पर एक और पोस्ट में, हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि “जैसे-जैसे चुनाव पास आ रहे हैं, पूरे पंजाब में ईडी की रेड तेज़ हो गई हैं। आप नेताओं, वर्करों और अधिकारियों के घरों पर कार्रवाई हो रही है। यह सिर्फ़ एक रेड नहीं है; यह केंद्रीय एजेंसियों के गलत इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पंजाब ने कभी बदमाशी के आगे सिर नहीं झुकाया है, और न ही कभी झुकेगा। जब भी मोदी को खतरा महसूस होता है, वह ईडी को आगे कर देते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>PM मोदी पंजाब में पहले ही हार स्वीकार कर चुके हैं, अब भाजपा सरकार पंजाबियों को डराने के लिए ईडी के छापे मार रही है: आप</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/pm-modi-has-already-accepted-defeat-in-punjab-now-bjp-government-is-conducting-ed-raids-to-scare-punjabis-aap/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 08:41:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की भाजपा पंजाब में अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है और अब पंजाबियों और आप नेताओं को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का सहारा ले रही है। आप ने कहा कि केंद्र सरकार गमाडा के काम को प्रभावित करने और भगवंत मान सरकार की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की भाजपा पंजाब में अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है और अब पंजाबियों और आप नेताओं को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का सहारा ले रही है। आप ने कहा कि केंद्र सरकार गमाडा के काम को प्रभावित करने और भगवंत मान सरकार की &#8216;मावां धियां सत्कार योजना&#8217; सहित अन्य लोक भलाई योजनाओं में रुकावटें डालने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि केंद्रीय एजेंसियां ​​पंजाब में प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के लिए राजनीतिक समर्थन नहीं जुटा सकतीं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एक बयान में आप ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के इलेक्शन कमीशन की कार्यप्रणाली का पर्दाफाश किए जाने के बाद मोदी सरकार बौखला गई है, जो अब पंजाबियों पर दबाव बनाने के लिए हथकंडे अपना रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पार्टी ने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार एक साथ गमाडा के कामकाज में रुकावटें डालने और भगवंत मान सरकार के भलाई के कामों को रोकने की कोशिश कर रही हैं। आप ने कहा, &#8220;भाजपा राजनीतिक तौर पर भलाई की योजनाओं को रोकने में असमर्थ है, इसलिए अब प्रशासनिक दबाव और रुकावटें पैदा करने की कोशिश की जा रही है। पंजाब के लोग इन चालों को कामयाब नहीं होने देंगे।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप ने कहा, &#8220;पंजाब और पंजाबियों ने अतीत में देश के लिए सबसे बड़ी कुर्बानी दी है और लोगों के हक के लिए डटे रहेंगे। भाजपा खास तौर पर &#8216;मावां धियां सत्कार योजना&#8217; जैसी भलाई की पहल को निशाना बना रही है क्योंकि पंजाब भर की महिलाएं इस स्कीम से खुश थीं और उन्हें इसका सीधा फायदा हो रहा था। जिन्होंने पहले भी देश के लिए कुर्बानी दी है, वे अपनी मां-बहनों के हक के लिए लड़ते रहेंगे। आप पंजाब के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी और उनके हक और भलाई छीनने की हर कोशिश का मुकाबला करेगी।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पार्टी ने कहा कि पंजाबी कभी भी धमकियों या दबाव के आगे नहीं झुके हैं। &#8220;इतिहास गवाह है कि पंजाबी कभी भी ऐसी चालों से नहीं डरे हैं। चाहे इलेक्शन कमीशन हो, ईडी हो या कोई और एजेंसी, पंजाबी डरते नहीं हैं। आप अपने पंजाबी भाइयों और बहनों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और पंजाब और उसके लोगों को डराने की इन कोशिशों के खिलाफ लड़ेगी।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भाजपा की केंद्र सरकार के उठाए गए कदमों का ज़िक्र करते हुए आप ने कहा, &#8220;यह दबाव और धक्केशाही के जरिए पंजाब को डराने और दबाने की औरंगज़ेब जैसी सोच है लेकिन पंजाब ने कभी ऐसी ज़बरदस्ती को स्वीकार नहीं किया और आज भी नहीं करेगा।&#8221;</p>
<p>पार्टी ने कहा कि भाजपा चाहे जितनी भी एजेंसियां ​​तैनात कर ले, पर न तो छापेमारी और न ही धमकियां पंजाबियों का हौसला कमज़ोर कर सकती हैं। आप ने कहा, &#8220;आप पंजाब के साथ खड़ी रहेगी और भगवंत मान सरकार के काम में रुकावट डालने, उसकी भलाई की योजनाओं को रोकने या लोगों की आवाज़ दबाने की हर कोशिश का डटकर मुकाबला करेगी।&#8221;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>CM भगवंत सिंह मान के साथ बैठक के बाद पटवार यूनियन ने अपनी हड़ताल वापस ली</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/the-patwar-union-called-off-its-strike-after-a-meeting-with-cm-bhagwant-singh-mann/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 08:35:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[Public]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
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					<description><![CDATA[आम लोगों को बड़ी राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अधिकारियों को व्यापक जनहित में 1,000 से अधिक राजस्व पटवारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। यह फैसला आज यहां राजस्व पटवार यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के दौरान लिया गया। &#160; इस पर मुख्यमंत्री भगवंत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम लोगों को बड़ी राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अधिकारियों को व्यापक जनहित में 1,000 से अधिक राजस्व पटवारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। यह फैसला आज यहां राजस्व पटवार यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के दौरान लिया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “1,000 से अधिक राजस्व पटवारियों की भर्ती से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे लोगों के रोज़ाना के प्रशासनिक कामकाज और अधिक आसान एवं सुचारू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएगा।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि यूनियन ने अपनी जायज मांगें माने जाने पर अपनी हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने पटवारियों के पटवारी कैडर को राज्य स्तरीय से वापस जिला स्तरीय कैडर करने की मांग को सैद्धांतिक रूप से मंजूर कर लिया है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा, “इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया सुचारू होगी और वरिष्ठता तथा पदोन्नतियों संबंधी आ रही प्रशासनिक अड़चनें दूर होंगी। यह फैसला प्रशासनिक सुधारों और विभाग के कामकाज में सुधार की जरूरत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा, “जिला स्तर पर पटवारी कैडर को बहाल करने के लिए मंत्रिमंडल द्वारा जल्द ही औपचारिक मंजूरी दी जाएगी।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कर्मचारियों के कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मैं पटवारियों से अपील करता हूं कि वे पूरी मेहनत और समर्पण के साथ काम करें और राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि सभी पटवारी सरकार द्वारा उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी लगन और ईमानदारी से निर्धारित समय में निभाते रहेंगे।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों पर पूरी सहानुभूति के साथ विचार करेगी। उन्होंने कहा कि मैं यूनियन से साथ ही यह अपील करता हूं कि भविष्य में भी सेवा से जुड़े सभी जायज मुद्दों के समाधान के लिए किसी भी तरह की हड़ताल के बजाय बातचीत और आपसी विचार-विमर्श के माध्यम से समाधान निकालना सुनिश्चित करें।”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चुनाव से पहले भाजपा पंजाब में डर का माहौल बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का ले रही है सहारा : आप</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/bjp-using-central-agencies-to-create-an-atmosphere-of-fear-in-punjab-ahead-of-elections-aap/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 08:29:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
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		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) पर एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) की कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार चुनावों से पहले पंजाब में डर और दबाव का माहौल बनाने के लिए एक बार फिर केंद्रीय एजेंसियों का सहारा ले रही है। &#8216;आप&#8217; ने कहा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) पर एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) की कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार चुनावों से पहले पंजाब में डर और दबाव का माहौल बनाने के लिए एक बार फिर केंद्रीय एजेंसियों का सहारा ले रही है। &#8216;आप&#8217; ने कहा कि ऐसी कार्रवाई का समय और तरीका गंभीर सवाल खड़े करता है, खासकर जब भगवंत मान सरकार पूरे प्रदेश में जन-कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का विस्तार कर रही है।</p>
<p>एक बयान में &#8216;आप&#8217; ने कहा, &#8220;भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से पंजाब सरकार के अधिकारियों में डर पैदा करने की कोशिश कर रही है क्योंकि वह राजनीतिक तौर पर भगवंत मान सरकार के कामों को नहीं रोक सकती। दिल्ली चुनावों से पहले भी छापेमारी, एजेंसियों के इस्तेमाल और दबाव की इसी तरह की राजनीति देखी गई थी। अब पंजाब में भी वही फॉर्मूला अपनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पंजाब किसी से डरने वाला नहीं है।&#8221;</p>
<p>&#8216;आप&#8217; ने कहा, &#8220;गमाडा मोहाली के योजनाबद्ध विकास और संसाधन जुटाने वाली एक महत्वपूर्ण संस्था है। इसके अधिकारियों में डर का माहौल बनाने से विकास कार्यों की रफ्तार पर सीधा असर पड़ सकता है। केंद्र सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि उसकी एजेंसियां पंजाब के विकास के लिए काम कर रही अथॉरिटी को निशाना क्यों बना रही हैं।&#8221;</p>
<p>&#8216;आप&#8217; ने जोर देकर कहा, &#8220;भाजपा राजनीतिक तौर पर भगवंत मान सरकार के कामों को नहीं रोक सकती, इसलिए अब केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। लेकिन पंजाब की जन-कल्याणकारी योजनाओं को पंजाब के लोगों का समर्थन प्राप्त है, न कि दिल्ली में बैठी किसी सियासी पार्टी का। सरकार औरतों, परिवारों, किसानों, नौजवानों और समाज के अन्य वर्गों से किए अपने वादों को पूरा करना जारी रखेगी।&#8221;</p>
<p>पार्टी ने कहा, &#8220;&#8216;मावां धियां सत्कार योजना&#8217; के माध्यम से पूरे पंजाब की औरतों को सीधी वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही भगवंत मान सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया है, सरकारी शिक्षा को मजबूत किया है, घरों को मुफ्त बिजली दी है और कई अन्य जन-कल्याणकारी कदम उठाए हैं। ये कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे। कोई भी दबाव की राजनीति सरकार को लोगों से किए वादे पूरे करने से नहीं रोक सकती।&#8221;</p>
<p>&#8216;आप&#8217; ने कहा, &#8220;पंजाब के अधिकारी प्रदेश के लोगों के लिए काम कर रहे हैं। उन्हें डर के माहौल में काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि दिल्ली की सरकार पंजाब की चुनी हुई सरकार पर दबाव बनाना चाहती है। पंजाब के लोगों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को सरकार चलाने का जनादेश दिया है, और उस जनादेश को एजेंसियों के दबाव के माध्यम से कमजोर नहीं किया जा सकता।&#8221;</p>
<p>पार्टी ने आगे कहा, &#8220;अगर भाजपा को लगता है कि वह भगवंत मान सरकार को चुनौती दे सकती है, तो उसे लोगों के सामने आकर शासन के आधार पर मुकाबला करना चाहिए। इसके बजाय केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से सरकारी अधिकारियों को डराने और संस्थाओं को निशाना बनाने की कोशिश क्यों की जा रही है? पंजाब के लोग सरकारों का मूल्यांकन उनके कामों से करेंगे, न कि छापेमारी और एजेंसियों की कार्रवाई से बनाए गए दबाव से।&#8221;</p>
<p>पार्टी ने कहा कि दिल्ली चुनावों से पहले देखा गया पैटर्न इस बात की चेतावनी है कि ऐसे हथकंडे चुनी हुई सरकार के सियासी और प्रशासनिक कामों को नहीं रोक सकते। &#8216;आप&#8217; ने स्पष्ट किया &#8220;दिल्ली चुनावों से पहले भी एजेंसियों की कार्रवाई और दबाव की यही राजनीति इस्तेमाल की गई थी। भाजपा आम लोकतांत्रिक तरीकों से &#8216;आप&#8217; के सियासी कामों को नहीं रोक सकी, इसलिए बार-बार केंद्रीय एजेंसियों का सहारा लिया गया। अब पंजाब में भी वही तरीका अपनाया जा रहा है। लेकिन भगवंत मान सरकार बिना किसी डर के पंजाब के लिए काम करना जारी रखेगी।&#8221;</p>
<p>पार्टी ने कहा कि सरकार का जन-कल्याण और विकास का एजेंडा पूरी रफ्तार से जारी रहेगा। &#8220;भाजपा दबाव डाल सकती है, दफ्तरों को निशाना बना सकती है और अधिकारियों को समन भेज सकती है, लेकिन वह भगवंत मान सरकार को पंजाब की सेवा करने से नहीं रोक सकती। &#8216;आप&#8217; ने कहा &#8216;मावां धियां सत्कार योजना&#8217; जारी रहेगी, लोक-पक्षीय योजनाओं का लाभ परिवारों को मिलता रहेगा और पूरे पंजाब में विकास कार्य जारी रहेंगे। पंजाब की प्रगति को दबाव की राजनीति का बंधक नहीं बनने दिया जाएगा।&#8221;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लोकतंत्र के हत्यारे ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें &#8211; मनीष सिसोदिया</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/gyanesh-kumar-the-murderer-of-democracy-should-resign-manish-sisodia/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 08:25:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
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		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी ने इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में देश में चल रहे एसआईआर प्रक्रिया को लेकर हुए विस्फोटक खुलासे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग कर दी है। वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि लोकतंत्र के हत्यारे ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी ने इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में देश में चल रहे एसआईआर प्रक्रिया को लेकर हुए विस्फोटक खुलासे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग कर दी है। वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि लोकतंत्र के हत्यारे ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। ज्ञानेश कुमार आज के वोटर और आज के भारत के गद्दार हैं और सिर्फ आज के भारत के ही नहीं, बल्कि ज्ञानेश कुमार बाबा साहब अंबेडकर की पीठ में छुरा घोंप रहे हैं। ज्ञानेश कुमार सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और महात्मा गांधी, सबके साथ गद्दारी कर रहे हैं। इन महापुरुषों ने लड़कर और अपनी जान पर खेलकर लोगों को वोट देने का अधिकार दिलवाया था, जिसे ज्ञानेश कुमार ने भाजपा के हक और दबाव में बेच दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मनीष सिसोदिया ने बताया कि ज्ञानेश कुमार के साथी चुनाव आयुक्तों ने 14 बार ऑब्जेक्शन किया कि नए वोटर कैसे जोड़े जाएंगे, वोटर लिस्ट में नाम कैसे काटे जाएंगे और वोटर लिस्ट पर कंट्रोल किसका होगा। ज्ञानेश कुमार जो कुछ कर रहे थे, उस पर उनके साथियों ने 14 बार ऑब्जेक्शन किया, लेकिन भाजपा के चक्कर में ज्ञानेश कुमार ने किसी की नहीं सुनी। अगर ज्ञानेश कुमार को भाजपा की इतनी ही भक्ति करनी है, तो उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफा देकर भाजपा और नरेंद्र मोदी जी का इलेक्शन सेल ज्वाइन कर लेना चाहिए और उसका चीफ बन जाना चाहिए। ज्ञानेश कुमार भारत के चीफ इलेक्शन कमिश्नर बनकर भारत को बदनाम न करें और भारत के साथ गद्दारी न करें।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उधर, वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि पहले दिन से हम लोग कह रहे हैं कि एसआईआर एक फ्रॉड प्रक्रिया है जो भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के इशारे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चला रहे हैं। अब वह बात सच साबित हो गई है। अब सवाल सिर्फ विपक्ष के विरोध का नहीं है, बल्कि ज्ञानेश कुमार के साथ बैठे हुए उन दो चुनाव आयुक्तों के विरोध का मामला भी अब सामने आ गया है। वे चुनाव आयुक्त भी वही बातें कर रहे हैं जो हम लोगों ने उठाई थीं। चुनाव आयोग ने बंगाल के अंदर 27 लाख वोटर उड़ा दिए तो वहां चुनाव का मतलब क्या बचा? सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया कि अगली बार वोट दे देना। अब जब पूछा जा रहा है, तो चुनाव आयोग कह रहा है कि 1 लाख 26 हजार मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें से 93 फीसद ठीक पाए गए। इसका मतलब है कि ज्ञानेश कुमार ने जानबूझकर वोट काटने का अपराध किया है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>संजय सिंह ने आगे कहा कि बंगाल, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र या बिहार हो, जहां-जहां यह फ्रॉड हुए हैं, वहां सारे चुनाव तत्काल प्रभाव से रद्द कर दोबारा होने चाहिए। चुनाव आयोग ने दिल्ली के अंदर अरविंद केजरीवाल की विधानसभा नई दिल्ली में 40 हजार वोट काट दिए, जिससे केजरीवाल 3 से 3.5 हजार वोट से चुनाव हार गए। इसका मतलब तो फिर कोई चुनाव बचा ही नहीं। ऐसे ही दिल्ली में टारगेट करके चुनाव आयोग ने अलग-अलग विधानसभाओं में वोट काट दिए। अभी चुनाव आयोग ने दिल्ली में 47 लाख वोट उड़ा दिए, क्या दिल्ली में हर तीसरा वोटर फर्जी है?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>संजय सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग ने देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को नोटिस भेज दिया। कपिल सिब्बल चुनाव लड़ चुके हैं, उन्हें नोटिस भेज दिया। सेना के पूर्व प्रमुख को नोटिस भेज दिया। अरविंद केजरीवाल तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, उनको और उनके परिवार को नोटिस भेज दिया। चुनाव आयोग ने मौजूदा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, खुद चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु, विदेश मंत्री और विदेश सचिव को भी नोटिस भेज दिया। ज्ञानेश कुमार की यह कौन सी प्रक्रिया है और यह कौन सा गहन पुनरीक्षण चल रहा है, यह तो सीधे तौर पर दादागिरी की जा रही है। ज्ञानेश कुमार चुनाव लूटने के सबसे बड़े अपराधी हैं। इन्होंने मोदी जी के साथ मिलकर देश भर का चुनाव लूटा है, इसलिए इन्हें गिरफ्तार करके जेल में डालना चाहिए। ज्ञानेश कुमार की देखरेख में देश भर में अब तक जो भी चुनाव संपन्न हुए हैं और जहां-जहां लूट हुई है, वे सारे चुनाव रद्द होने चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वहीं, “आप” के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ज्ञानेश कुमार से मेरी दो बार मुलाकात हुई है। एक बार हम लोग एयरपोर्ट के लाउंज में साथ थे और जितनी मैंने बात की थी, उस वक्त ज्ञानेश कुमार कोऑपरेटिव विभाग में थे और पूर्णतः सरकार के चमचे थे। बातचीत करके मुझे इतना समझ में आ गया था। उसके बाद केंद्र सरकार ने अपने यस मैन को इलेक्शन कमिश्नर बना दिया। इसमें गलती सुप्रीम कोर्ट की है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट को उस वक्त कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहना चाहिए था कि सरकार कैसे तय कर लेगी कि कौन इलेक्शन कमिश्नर बनेगा। यह तो एक बहुत ही न्यूट्रल तरीके से तय होना चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में एसआईआर की जो पूरी की पूरी प्रक्रिया हो रही है, इसमें खुल्लम-खुल्ला धांधली हो रही है। चुनाव आयोग ने एक-तिहाई लोगों को वोट से ही वंचित करके खत्म कर दिया है। चुनाव आयोग ने पूरे देश में 13 करोड़ लोगों के वोट काट दिए हैं और यह प्रक्रिया अभी भी चल रही है। कोई चुनाव आयोग से सवाल नहीं पूछ सकता और अगर लोग कोर्ट में भी जाते हैं, तो वहां से भी कोई रिलीफ नहीं मिलता है। मुझे लगता है कि अब देश की जनता को सड़क पर उतरना पड़ेगा। जब तक देश की जनता सड़क पर नहीं उतरेगी और तमाम विपक्षी पार्टियां अपने छोटे-छोटे लड़ाई-झगड़े भूलकर साथ नहीं आएंगी, तब तक इस इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को जेल नहीं भेज पाएंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार को जेल नहीं भेजा गया, तो यह देश छोड़कर भाग जाएगा। इसलिए सबको इकट्ठे आना है और इसे इंपीच कराना चाहिए। ज्ञानेश कुमार द्वारा कराए गए जितने भी चुनाव हैं, उन सभी चुनावों को रद्द कराना चाहिए और इस लड़ाई में सबको एक साथ आना चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उधर, “आप” गुजरात के प्रभारी व दिल्ली के पूर्व मंत्री गोपाल राय ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। देश भर के चुनाव लूटने का यह अपराध अक्षम्य है। दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल में छल से हासिल की गई इन जीतों को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। मोदी जी की यह जीत जनसमर्थन से नहीं, बल्कि तंत्र की लूट से आई है। ऐसे अधिकारियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने एक्स पर कहा कि अब ये सबूतों के साथ सबके सामने है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा की कठपुतली है। अगर ज्ञानेश कुमार में थोड़ी भी शर्म है तो उसे तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। और अगर शर्म नहीं है तो इसे हटा दिया जाना चाहिए। ये लोकतंत्र की सरेआम लूट है।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>SGPC पर बादल परिवार का पूरा कंट्रोल है, तो फिर बहरीन की महिला के साल भर रहने और वी आई पी ट्रीटमेंट का इंतज़ाम किसने किया ? &#8211; बलजिंदर कौर</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/the-badal-family-has-complete-control-over-the-sgpc-so-who-made-the-arrangements-for-the-bahraini-womans-year-long-stay-and-vip-treatment-baljinder-kaur/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 08:20:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
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		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160; &#160; आम आदमी पार्टी पंजाब की चीफ़ व्हिप और विधायक बलजिंदर कौर ने बुधवार को श्री आनंदपुर साहिब में एस जी पी सी सराय में बहरीन की महिला के रहने से जुड़े गंभीर सवालों पर शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल की चुप्पी पर सवाल उठाया। &#160; [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आम आदमी पार्टी पंजाब की चीफ़ व्हिप और विधायक बलजिंदर कौर ने बुधवार को श्री आनंदपुर साहिब में एस जी पी सी सराय में बहरीन की महिला के रहने से जुड़े गंभीर सवालों पर शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल की चुप्पी पर सवाल उठाया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलजिंदर कौर ने कहा कि एस जी पी सी एक ऐसा संगठन है जो सिखों के दिलों और धार्मिक भावनाओं से गहराई से जुड़ा है और इसे कोई भी सिख समुदाय से अलग नहीं कर सकता। हालांकि, उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब और दुनिया भी जानती है कि जब भी एस जी पी सी का प्रधान कौन नियुक्ति करता है, बादल परिवार का इस संस्थान पर पूरा असर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी एक परिवार का एस जी पी सी पर पूरा दबदबा रहा है, तो वह बादल परिवार रहा है, और इसके कामकाज के पीछे मुख्य रूप से सुखबीर सिंह बादल रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि एस जी पी सी सराय में कमरा लेने के लिए भी एक आम श्रद्धालु को बार-बार एस जी पी सी मेंबर को फोन करके सिफ़ारिशें करवानी पड़ती हैं, लेकिन अब यह गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि बहरीन की एक महिला पूरे एक साल तक आनंदपुर साहिब की सराय में कैसे रह पाई। उन्होंने पूछा, &#8220;उसका खर्चा किसने उठाया? उसे रहने की जगह किसने दी? उसे वी आई पी ट्रीटमेंट किसने दिया? उसे ड्राइवर किसने दिया? उसके पीछे कौन था और कौन उसकी मदद कर रहा था?&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलजिंदर कौर ने कहा कि इन हालातों ने अब तख्त साहिब की इज्ज़त पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सिख समुदाय के सामने एक बड़ा मुद्दा खड़ा कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति कैसे पैदा हो सकती है, जहां उनके अनुसार बादल परिवार की मंज़ूरी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सुखबीर सिंह बादल पर सीधा निशाना साधते हुए बलजिंदर कौर ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि इतने बड़े मुद्दे और इतने गंभीर सवालों के बावजूद वह अभी भी पूरी तरह चुप बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बादल परिवार का एस जी पी सी पर इतना कंट्रोल है, तो सुखबीर बादल को सामने आकर यह साफ़ करना चाहिए कि इस पूरे मामले के पीछे क्या है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलजिंदर कौर ने हरसिमरत कौर बादल की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हरसिमरत बादल ने बार-बार खुद को महिलाओं की मज़बूत आवाज़ के तौर पर पेश किया है और बठिंडा और इलाके के दूसरे हिस्सों में महिलाओं के साथ प्रोग्राम करके &#8216;नन्ही छांव&#8217; का नारा दिया है। उन्होंने पूछा, &#8220;अगर आप खुद को महिलाओं की सुरक्षा और इज़्ज़त के लिए काम करने वाले के तौर पर पेश करते हैं, तो आज जब एक महिला ने खुद इतने गंभीर सवाल उठाए हैं, तो आप चुप क्यों हैं?&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि महिला ने खुद बयान दिया है कि उसने कई अकाली और एस जी पी सी नेताओं के सामने अपनी शिकायतें रखी हैं। बलजिंदर कौर ने कहा, &#8220;मेरा सवाल सीधा है: जब इतना गंभीर मुद्दा सीधे सिख भावनाओं से जुड़ा है, तो वे यहां चुप क्यों बैठे हैं?&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलजिंदर कौर ने मांग की कि सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल आगे आएं और इस मामले पर साफ-साफ बताएं। उन्होंने कहा कि उनकी लगातार चुप्पी अपने आप में गंभीर सवाल खड़े कर रही है और सिख समुदाय को यह जानने का हक है कि क्या हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जालंधर में आम आदमी पार्टी हुई और मज़बूत</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/aam-aadmi-party-strengthened-further-in-jalandhar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 07:41:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[Public]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[जालंधर में अकाली दल को उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा जब इलाके के जाने-माने व्यक्ति और टकसाली अकाली परिवार के सदस्य रणतेज सिंह पोवार अपने साथियों के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। वह ज्ञानी शंकर सिंह जी के पड़पोते और सरदार बीर सिंह जी के पोते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जालंधर में अकाली दल को उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा जब इलाके के जाने-माने व्यक्ति और टकसाली अकाली परिवार के सदस्य रणतेज सिंह पोवार अपने साथियों के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। वह ज्ञानी शंकर सिंह जी के पड़पोते और सरदार बीर सिंह जी के पोते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रणतेज सिंह पोवार का पार्टी में औपचारिक स्वागत किया और उन्हें सिरोपा पहनाकर आप में शामिल किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब के विकास, भ्रष्टाचार मुक्त शासन और लोगों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार की जनहितैषी नीतियों और ईमानदार राजनीति से प्रभावित होकर, अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां और ईमानदार नेता लगातार पार्टी में शामिल हो रहे हैं। रणतेज सिंह पोवार जैसे समझदार और पारंपरिक पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले नेता के आने से जालंधर और आस-पास के इलाकों में पार्टी संगठन को और मजबूती मिलेगी। हम सब मिलकर पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करते रहेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पार्टी में शामिल होने के बाद रणतेज सिंह पोवार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया और कहा कि वह पंजाब सरकार की जनहितैषी नीतियों और भगवंत मान के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों से बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पार्टी की मजबूती और लोगों की सेवा के लिए पूरी लगन और ईमानदारी से काम करेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>PM  मोदी और अमित शाह वोटों की चोरी कर जीत रहे चुनाव &#8211; केजरीवाल</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/pm-modi-and-amit-shah-are-winning-elections-by-stealing-votes-kejriwal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 07:38:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[Public]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी की ओर से मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बार-बार लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर इंडियान एक्सप्रेस की एक खोजी रिपोर्ट ने मुहर लगा दी है। रिपोर्ट में हुए चौकाने वाले खुलासे के बाद ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे आजाद भारत का सबसे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी की ओर से मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बार-बार लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर इंडियान एक्सप्रेस की एक खोजी रिपोर्ट ने मुहर लगा दी है। रिपोर्ट में हुए चौकाने वाले खुलासे के बाद ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह वोटों की चोरी कर चुनाव जीतते जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस वोट चोरी के सरगना हैं। उन्होंने मांग की है कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की बिना मंजूरी चल रही एसआईआर प्रक्रिया गैर कानूनी है। इस प्रक्रिया को रद्द कर तीन साल पुरानी वोटर लिस्ट को बहाल किया जाए। साथ ही, दिल्ली, बिहार समेत पिछले कुछ सालें में हुए राज्य विधानसभा चुनावों को रद्द कर दोबारा कराया जाए।</p>
<p>बुधवार को “आप” मुख्यालय पर सांसद संजय सिंह और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ प्रेस वार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी तक इस देश में लोग सुना करते थे कि मोदी जी और अमित शाह वोटों की चोरी करके एक के बाद एक चुनाव जीतते जा रहे हैं। आज इंडियन एक्सप्रेस की स्टोरी ने साबित कर दिया है कि असल में ये लोग चुनावों की चोरी कर रहे हैं। ये वोटों की चोरी कर रहे हैं और बहुत बड़ा वोटों का घोटाला करके चुनाव जीतते जा रहे हैं। मोदी जी और अमित शाह की इस वोटों की चोरी के सरगना ज्ञानेश कुमार हैं। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए, उन पर मुकदमा चलाया जाए और पिछले कुछ सालों में दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जितने चुनाव हुए हैं, ये सारे चुनाव रद्द करके दोबारा कराए जाएं।</p>
<p>तीन आयुक्तों से बना चुनाव आयोग सिर्फ सर्वसम्मति या बहुमत से फैसला ले सकता है- केजरीवाल</p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि चुनाव आयोग एक व्यक्ति का नाम नहीं है, चुनाव आयोग का मतलब है तीन लोग। चुनाव आयोग में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो सदस्य होते हैं। तीनों मिलकर मीटिंग करते हैं और उस मीटिंग में सर्वसम्मति से या बहुमत से फैसले होते हैं। इन तीनों में से कोई अकेला व्यक्ति निर्णय लेने का अधिकार नहीं रखता। कोई अकेला व्यक्ति चुनाव आयोग नहीं चला सकता और कोई अकेला व्यक्ति चुनाव आयोग के अफसरों को आदेश नहीं दे सकता। मुख्य चुनाव आयुक्त केवल समान अधिकारियों में प्रथम (फर्स्ट अमंग इक्वल्स) होता है, यानी तीनों बराबर हैं। वह केवल मीटिंग की अध्यक्षता करता है, लेकिन उसके पास अकेले आदेश देने का कोई भी अधिकार नहीं है।</p>
<p>दोनों चुनाव आयुक्तों की शिकायत, चुनाव आयोग की बिना मंजूरी जारी हो रहे आदेश- केजरीवाल</p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज इंडियन एक्सप्रेस की स्टोरी यह कहती है कि ज्ञानेश कुमार पिछले कुछ सालों से अकेले चुनाव आयोग चला रहे हैं। दोनों चुनाव आयुक्तों ने बार-बार लिखित शिकायत दी है कि चुनाव आयोग के आदेश और अधिकार के बिना, नीचे के अफसरों को आदेश दिए जा रहे हैं। 28 अक्टूबर 2025 को चुनाव आयुक्तों में से एक सुखबीर सिंह संधू ने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखी कि केंद्रीय चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना भारत के चुनाव आयोग के नाम पर पत्र और आदेश जारी किए जा रहे हैं। सुखबीर सिंह संधू मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखते हैं कि चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना आदेश जारी किए जा रहे हैं।</p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि 16 अप्रैल 2026 को सुखबीर सिंह संधू फिर चिट्ठी लिखते हैं कि इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से संबंधित मॉड्यूल के बारे में उन्हें मीडिया से पता चला, और बिना चुनाव आयोग की मंजूरी के ये सारे आदेश जारी किए जा रहे हैं। 16 अप्रैल को सुखबीर सिंह संधू फिर लिखते हैं कि केंद्रीय चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना आधिकारिक पत्र जारी किए जा रहे हैं। 24 अप्रैल को चुनाव आयुक्त विवेक जोशी लिखते हैं कि केंद्रीय चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना आधिकारिक पत्र जारी किए जा रहे हैं।</p>
<p>महीनों चुनाव आयोग की मीटिंग नहीं हो रही और ज्ञानेश कुमार आदेश देते जा रहे- केजरीवाल</p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्त कितनी चिट्ठी लिखेंगे? चिट्ठी पे चिट्ठी, नोट पे नोट भेजे जा रहे हैं कि चुनाव आयोग की मीटिंग्स और आधिकारिक मंजूरी के बिना आदेश व सर्कुलर जारी किए जा रहे हैं। ये सारे आदेश और सर्कुलर असंवैधानिक और गैर-कानूनी हैं। तो बिना चुनाव आयोग की मंजूरी के पिछले कुछ सालों में जितने भी आदेश जारी किए गए हैं, वह सारे के सारे गैर-कानूनी हैं। कई-कई महीनों तक चुनाव आयोग की मीटिंग्स नहीं हो रही हैं और ज्ञानेश कुमार आदेश देते जा रहे हैं। वे अपने आप आदेश दे देते हैं कि यह कर दो, वह कर दो।</p>
<p>देश भर में एसआईआर के तहत गैर कानूनी तरीके से डिलिट किए गए 13 करोड़ वोट- केजरीवाल</p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरा एसआईआर प्रोसेस, जिसके जरिए 30 राज्यों के अंदर 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम डिलीट कर दिए गए, वह पूरा का पूरा एसआईआर प्रोसेस गैर-कानूनी है क्योंकि उसको चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर अप्रूव नहीं किया है। उसके तहत पारित किए गए सारे आदेश गैर-कानूनी हैं। उस पूरे एसआईआर प्रोसेस को रद्द किया जाए। इंडियन एक्सप्रेस की स्टोरी में लिखा हुआ है कि संविधान और कानून के तहत हर इलाके के एसडीएम को नए वोट बनाने और गलत वोट काटने का अधिकार है, जिसे ईआरओ (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) बोलते हैं। ऊपर से नीचे तक केवल उसी को किसी का भी वोट जोड़ने या काटने का अधिकार है। यहां तक कि ज्ञानेश कुमार को भी किसी का वोट जोड़ने या काटने का अधिकार नहीं है।</p>
<p>वोट जोड़ने-काटने का अधिकार एसडीएम से छीनकर दिल्ली में बैठे कुछ लोगों को दे दिया गया है- केजरीवाल</p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस स्टोरी के अंदर दोनों चुनाव आयुक्तों ने आरोप लगाया है कि ईआरओ की वेबसाइट एक्सेस, जिस पर जाकर ईआरओ लोगों के नाम जोड़ता, काटता या बदलता है, उसे बंद और प्रतिबंधित कर दिया गया है। दिल्ली में बैठे कुछ लोगों के पास पूरे देश की वोटर लिस्ट का एक्सेस है। इसका मतलब वे पूरे देश में जिसका मर्जी वोट कटवा रहे हैं और जिसका मर्जी वोट जुड़वा रहे हैं। संविधान के तहत जिस ईआरओ को पावर दी गई है, उसकी पावर छीन ली गई है और चुनाव आयोग की बिल्डिंग के अंदर जो लोग बैठे हैं, उनको पूरे देश के किसी का भी वोट काटने और जोड़ने का अधिकार दे दिया गया है। इससे बड़ा घोटाला इस देश के अंदर नहीं हो सकता।</p>
<p>दोनों चुनाव आयुक्तों ने फॉर्म-6 में किए गए सारे बदलावों को गैरकानूनी बताया- केजरीवाल</p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी की लड़ाई दो कारणों से लड़ी थी- एक यह कि अंग्रेजों को भगाना है और दूसरा यह कि हमारे देश के अंदर जनतंत्र होना चाहिए, जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार होना चाहिए। जब वोटर लिस्ट ईआरओ या एसडीएम नहीं बना रहे, बल्कि चुनाव आयोग के दिल्ली स्थित ऑफिस से बन रही है, तो इसका मतलब यह है कि पूरे देश की वोटर लिस्ट खराब हो चुकी है। पिछले दो-तीन साल के अंदर वोटर लिस्ट में जितने भी बदलाव किए गए हैं, वे सारे बदलाव खारिज किए जाएं और दोबारा तीन साल पुरानी वोटर लिस्ट को बहाल किया जाए। कोई नया आदमी अपना वोटर कार्ड बनवाता है तो उसे फॉर्म-6 भरना पड़ता है। फॉर्म-6 के अंदर इन्होंने जो बदलाव किए हैं, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कहा है कि वे सारे बदलाव गैर-कानूनी और असंवैधानिक हैं। तो इसके तहत जितने भी नए वोट बनाए गए हैं, वे सारे वोट खारिज किए जाएं।</p>
<p>यह वोट घोटाला हमारे देश की जड़ों को हिलाने वाला है- केजरीवाल</p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज हम यह मांग करते हैं कि एसआईआर का जो प्रोसेस है, उसे रद्द किया जाए और उसके तहत किए गए सारे बदलाव खारिज करके 3 साल पुरानी वोटर लिस्ट को बहाल किया जाए। दूसरा, ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाया जाए। और तीसरा, पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जो चुनाव हुए हैं, इनके चुनाव रद्द कराकर दोबारा चुनाव कराए जाएं। मुझे लगता है कि आजाद भारत का यह सबसे बड़ा स्कैंडल है और यह हमारे देश की जड़ों को हिलाने वाली बात है।</p>
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		<title>SGPC  प्रधान हरजिंदर सिंह धामी मीडिया का सामना करें और सिख संगत द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दें: बलतेज पन्नू</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/sgpc-president-harjinder-singh-dhami-should-face-the-media-and-answer-the-questions-raised-by-the-sikh-sangat-baltej-pannu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 12:20:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[Public]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने बुधवार को अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया, कांग्रेस नेताओं प्रताप सिंह बाजवा और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ-साथ भाजपा नेताओं से एक महिला से जुड़े आरोपों और इस मामले में दर्ज एफआईआर पर सवाल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने बुधवार को अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया, कांग्रेस नेताओं प्रताप सिंह बाजवा और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ-साथ भाजपा नेताओं से एक महिला से जुड़े आरोपों और इस मामले में दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये नेता रैलियों और राजनीतिक कार्यक्रमों में तो सक्रिय हैं, लेकिन इस घटना पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए आगे नहीं आए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, &#8220;अकाली दल (बादल) के नेता सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम मजीठिया, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, साथ ही भाजपा नेताओं को भी इस मामले पर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। वे रैलियों और राजनीतिक प्रोग्राम में तो सक्रिय रहते हैं, लेकिन जब एफआईआर और महिला के एसजीपीसी की साड़ी में रहने के बारे में सवालों का जवाब देने की बात आती है, तो वे चुप हो जाते हैं।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा, &#8220;कांग्रेस और भाजपा के प्रतिनिधि इस मुद्दे पर टीवी पर होने वाली बहस में हिस्सा क्यों नहीं ले रहे हैं? अगर उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और उन्हें लगता है कि उनके पास पूरे पंजाब में उठ रहे सवालों के जवाब हैं, तो उन्हें आगे आकर जवाब देना चाहिए।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने जिक्र किया, &#8220;एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी लगभग एक महीने बाद सामने आए, लेकिन मीडिया का सामना करने और सवालों के जवाब देने के बजाय, उन्होंने एक वीडियो स्टेटमेंट जारी किया। सवाल सीधा है: हरजिंदर सिंह धामी आगे आकर इस मामले पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब क्यों नहीं देते?&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा, “हरजिंदर सिंह धामी यह भी खुलासा करें कि एसजीपीसी के तहत कितने गुरुद्वारों में निकाले गए व्यक्तियों संबंधी बोर्ड लगाए गए हैं। उन्हें श्री आनंदपुर साहिब की सराय में हुई घटना से जुड़े सवालों के जवाब भी देने चाहिए।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलतेज पन्नू ने कहा, “एफआईआर के मुताबिक, अकाली दल बादल के नेता अमरजीत सिंह चावला इस मामले में आरोपी हैं। जनता जानना चाहती है कि कोई महिला एसजीपीसी द्वारा चलाई जा रही सराय में छह महीने से ज़्यादा कैसे रह सकती है? उसके रहने का इंतज़ाम किसने किया? कमरों का इंतज़ाम किसने किया? उसे एसजीपीसी का स्टाफ़ और दूसरी सुविधाएँ कथित तौर पर कैसे दी गईं? वीडियो ब्यान जारी करके इन सवालों से भागा नहीं जा सकता।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा, “हरजिंदर सिंह धामी को प्रेस के सामने आकर इन सवालों के जवाब देने चाहिए। ये सवाल कोई एक पत्रकार या टेलीविज़न चैनल नहीं उठा रहा है। ये सवाल पूरे पंजाब और सिख समुदाय के लोग उठा रहे हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलतेज पन्नू ने कहा, &#8220;इससे पहले भी, जब सूखी रोटी, कोविड के समय की सब्ज़ी और घी में कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठे थे, तो हरजिंदर सिंह धामी ने ऐसे मामलों को &#8216;छोटे-मोटे घोटाले&#8217; बताया था जो होते रहते हैं। कथित गड़बड़ियों से जुड़ी फाइलें अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को भी सौंपी गईं, लेकिन सवाल अनसुलझे रहे।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आप मीडिया इंचार्ज ने दावा किया, &#8220;ताज़ा घटना ने एसजीपीसी द्वारा चलाए जा रहे हॉस्टल के अंदर क्या हो रहा था और महिला को वहां रहने में किसने मदद की, इस पर और सवाल खड़े कर दिए हैं। एसजीपीसी प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी स्थिति महीनों तक कैसे बनी रही और कमरा और सुविधाएं देने के लिए कौन ज़िम्मेदार था।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलतेज पन्नू ने महिला के पुलिस से संपर्क करने और एफआईआर दर्ज होने के बाद अकाली दल बादल के नेताओं के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, &#8220;आरोपों और एफआईआर के आस-पास के हालात के बारे में सवालों के जवाब देने के बजाय, शिरोमणि अकाली दल के कुछ नेता टेलीविज़न चैनलों पर महिला पर पर्सनल और अपमानजनक कमेंट कर रहे हैं। जांच के ज़रिए सच सामने लाने पर ध्यान देना चाहिए, न कि महिला को टारगेट करने पर।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, &#8220;महिला ने खुद कहा है कि उसने अपना फ़ोन पुलिस को सौंप दिया है और इन्वेस्टिगेटर से कहा है कि वे चैट, तस्वीरें या इन्वेस्टिगेशन से जुड़े दूसरे मटीरियल की जांच करें और उसे सार्वजनित करें। अगर केस से जुड़ी कोई सामग्री है, तो इसकी जांच करने के लिए दें तथ्यों को स्थापित करें।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलतेज पन्नू ने जिक्र किया, &#8220;सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल ने इस मुद्दे पर कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। बिक्रम मजीठिया और दूसरे विपक्ष के नेता भी चुप हैं। जनता को यह जानने का हक है कि महिला के रहने का इंतज़ाम किसने किया, कमरे और सुविधाएं किसने दीं, और इस मामले में अकाली दल बादल के अलग-अलग ऑफिस पदाधिकारी का क्या रोल था।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसजीपीसी प्रधान को संबोधित करते हुए, बलतेज पन्नू ने मांग की, &#8220;हरजिंदर सिंह धामी को यह साफ करना चाहिए कि उन्होंने पत्रकारों के सामने आने और सवाल लेने के बजाय वीडियो ब्यान जारी करने का रास्ता क्यों चुना। एसजीपीसी द्वारा चलाए जा रहे हॉस्टल के प्रशासन को जवाब देना होगा कि एक महिला छह महीने से ज़्यादा वहां कैसे रह सकती थी और इस इंतज़ाम में किसने मदद की।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलतेज पन्नू ने कहा कि इस घटना ने धार्मिक संस्थाओं के काम करने के तरीके और आज़ादी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा, &#8220;सिख समुदाय और पंजाब के लोगों को धार्मिक संस्थाओं के काम करने के तरीके के बारे में सवाल पूछने का पूरा हक है। इन संस्थाओं पर बादल परिवार के बहुत ज़्यादा कंट्रोल को लेकर गंभीर सवाल हैं। सिख बुद्धिजीवियों और पूरे पंजाबी समुदाय को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलतेज पन्नू ने कहा, &#8220;धार्मिक संस्थाएं सिख समुदाय की हैं और उनका काम करने का तरीका पारदर्शी और जवाबदेह होना चाहिए। धार्मिक संस्थाओं पर लंबे समय तक राजनीतिक कंट्रोल से लोगों का उन पर से भरोसा और कम हो सकता है।&#8221;</p>
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