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	<title>विदेश &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
	<lastBuildDate>Wed, 21 Jan 2026 12:35:25 +0000</lastBuildDate>
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		<title>डोनाल्ड ट्रंप के एयर फोर्स वन में तकनीकी खराबी, दावोस यात्रा के बीच विमान की इमरजेंसी लैंडिंग</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/technical-fault-in-donald-trumps-air-force-one-emergency-landing-of-the-plane-during-davos-trip/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Jan 2026 06:45:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[#latestnews]]></category>
		<category><![CDATA[#News]]></category>
		<category><![CDATA[WorldNews]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान &#8216;एयर फोर्स वन&#8217; में उड़ान के दौरान आई तकनीकी खराबी के कारण उसे बीच रास्ते से ही वापस वॉशिंगटन लौटना पड़ा। व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान के अनुसार, टेकऑफ के कुछ देर बाद चालक दल को विमान में एक मामूली &#8216;इलेक्ट्रिकल फॉल्ट&#8217; का पता चला, जिसके बाद सुरक्षा के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-path-to-node="3">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान &#8216;एयर फोर्स वन&#8217; में उड़ान के दौरान आई तकनीकी खराबी के कारण उसे बीच रास्ते से ही वापस वॉशिंगटन लौटना पड़ा। व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान के अनुसार, टेकऑफ के कुछ देर बाद चालक दल को विमान में एक मामूली &#8216;इलेक्ट्रिकल फॉल्ट&#8217; का पता चला, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर विमान को अटलांटिक महासागर के ऊपर से यू-टर्न लेने का निर्देश दिया गया।</p>
<p data-path-to-node="4"><b data-index-in-node="0" data-path-to-node="4">दूसरे विमान से दावोस के लिए भरी उड़ान</b></p>
<p data-path-to-node="4">फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड के पास से मुड़ने के बाद विमान सुबह करीब 9:30 बजे मैरीलैंड में सुरक्षित लैंड हुआ। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप के दावोस कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं हुआ। लैंडिंग के लगभग एक घंटे बाद वह दूसरे स्टैंडबाय विमान (बोइंग 747-200B) से स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो गए।</p>
<p data-path-to-node="5"><b data-index-in-node="0" data-path-to-node="5">पुराने विमानों पर उठ रहे सवाल</b></p>
<p data-path-to-node="5">ट्रंप वर्तमान में जिन दो बोइंग 747-200B विमानों का उपयोग कर रहे हैं, वे लगभग 40 साल पुराने हैं। बोइंग नए विमानों पर काम कर रहा है, लेकिन प्रोजेक्ट में देरी के कारण पुराने बेड़े का ही इस्तेमाल जारी है। गौरतलब है कि कतर द्वारा दिए गए लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट को भी सुरक्षा मानकों के आधार पर अपग्रेड किया जा रहा है।</p>
<p data-path-to-node="6"><b data-index-in-node="0" data-path-to-node="6">दावोस में &#8216;ग्रीनलैंड पॉलिसी&#8217; पर नजर</b></p>
<p data-path-to-node="6">ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में शामिल होने के लिए दावोस जा रहे हैं, जहां वे बुधवार शाम अपनी महत्वाकांक्षी &#8216;ग्रीनलैंड पॉलिसी&#8217; पर भाषण देंगे। इसके अलावा, वह एक विशेष उच्चस्तरीय बैठक की मेजबानी भी करेंगे, जिसमें भारत के 7 दिग्गज उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है।</p>
<hr data-start="2678" data-end="2681" />
<p data-start="2683" data-end="2708">
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ऑस्ट्रेलिया: सिडनी के बोंडी बीच पर गोलीबारी, 12 लोगों की मौत, दो पुलिसकर्मी घायल</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/australia-firing-on-sydneys-bondi-beach-12-people-killed-two-policemen-injured/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 14 Dec 2025 11:59:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[#latestnews]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
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					<description><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर रविवार दोपहर हनुक्का त्योहार मना रहे यहूदियों पर दो हमलवारों ने फायरिंग की। इसमें 11 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा एक हमलावर भी मारा गया है। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए दोनों हमलावरों को गोली मारी। अधिकारियों के मुताबिक एक हमलावर की मौत हो गई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[

ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर रविवार दोपहर हनुक्का त्योहार मना रहे यहूदियों पर दो हमलवारों ने फायरिंग की। इसमें 11 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा एक हमलावर भी मारा गया है।

 

पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए दोनों हमलावरों को गोली मारी। अधिकारियों के मुताबिक एक हमलावर की मौत हो गई है, जबकि दूसरा गंभीर हालत में है।

 

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर माइकल वॉन इस हमले में बाल-बाल बचे हैं। उन्होंने रेस्त्रां में छिपकर अपनी जान बचाई। उन्होंने इसे लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।

 

वॉन ने एक्स पर लिखा-

 

<img decoding="async" src="https://www.bhaskar.com/assets/images/grey-quote.02a691c7.png" alt="QuoteImage" />

 

<em><strong>बॉन्डी में एक रेस्टोरेंट के अंदर बंद रहना बहुत डरावना था। अब मैं सुरक्षित घर पहुंच गया हूं। आतंकियों का सामना करने वाले इमरजेंसी स्टाफ्स का बहुत-बहुत धन्यवाद। इस घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।</strong></em>

 

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस घटना को चौंकाने वाला और बहुत दुखद बताया है।

 

सिडनी में हुई फायरिंग को लेकर जिस तरह की अफरा-तफरी मची है, उसे लेकर दुनिया के सभी देश अलर्ट पर हैं. खासतौर पर जहां यहूदियों की जनसंख्या है, वहां सरकारों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है. भारत में भी यहूदियों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है.

]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Donald Trump  ने लांच किया &#8216;Gold Card&#8217;, इतने रुपयों में खुल गया अमेरिकी नागरिकता का रास्ता</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/donald-trump-has-launched-the-gold-card-opening-a-pathway-to-american-citizenship-for-a-certain-amount-of-money/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Dec 2025 07:33:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[AmericaUpdates]]></category>
		<category><![CDATA[Donald Trump]]></category>
		<category><![CDATA[TrumpGoldCard]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकता का रास्ता तैयार करने वाला गोल्ड कार्ड लांच कर दिया है. इसे ट्रंप गोल्ड कार्ड वीजा के नाम से जाना जाएगा. इसके माध्यम से अमीर व्यक्ति यूएस सिटिजन बन सकते हैं. यह देश में तेजी से परमानेंट नागरिक बनने का अवसर प्रदान करेगी. इसकी लागत 1 मिलयन डॉलर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकता का रास्ता तैयार करने वाला गोल्ड कार्ड लांच कर दिया है. इसे ट्रंप गोल्ड कार्ड वीजा के नाम से जाना जाएगा. इसके माध्यम से अमीर व्यक्ति यूएस सिटिजन बन सकते हैं. यह देश में तेजी से परमानेंट नागरिक बनने का अवसर प्रदान करेगी. इसकी लागत 1 मिलयन डॉलर रखी गई है. यानी भारतीय रुपयों में 9 करोड़ रुपये में अमेरिका की नागरिकता ट्रंप के गोल्ड कार्ड से मिल सकती है. इसे दो रूपों में लांच किया गया है. कार्ड लॉन्च करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह कुछ हद तक ग्रीन कार्ड जैसा है, लेकिन ग्रीन कार्ड की तुलना में इसके बड़े फायदे हैं. गोल्ड कार्ड जैसी नई व्यवस्था के बाद प्लेटिनम वर्जन भी आएगा, जिसकी कीमत 5 मिलियन डॉलर (45 करोड़) होगी.

<!-- /wp:post-content --> <!-- wp:paragraph -->

यह कार्ड कंपनियों को कॉरपोरेट स्पॉन्सरशिप के जरिए विदेशी प्रतिभा को बनाए रखने की अनुमति भी देता है, यानी कंपनियाँ कार्ड खरीदकर अपने चुने हुए कर्मचारियों को अमेरिका में रख सकती हैं. ‘गोल्ड कार्ड’ की आधिकारिक वेबसाइट अब लाइव हो गई है और व्हाइट हाउस नई नागरिकता मार्ग (path to citizenship) के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार कर रहा है. कॉरपोरेट गोल्ड कार्ड के बारे में ट्रंप ने कहा- कंपनियाँ अब किसी भी कॉलेज से अपने छात्रों को चुन सकती हैं. आप एक कार्ड खरीदकर उस व्यक्ति को संयुक्त राज्य अमेरिका में रख सकते हैं.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप बोले- कंपनियां होंगी खुश</h2>
<!-- /wp:heading --> <!-- wp:paragraph -->

ट्रंप के अनुसार यह गोल्ड कार्ड एक फास्ट ट्रैक टू सिटिजन है. इसके जरिए योग्य विदेशी नागरिक 10 लाख डॉलर देकर अमेरिका के नागरिक बन सकेंगे. गोल्ड कार्ड के तहत इसके लिए अप्लाई करने वाले EB-1 या EB-2 वीजा कैटेगरी में आएंगे. यह वीजा आम तौर पर टॉप रिसर्चर, प्रोफेसर, फेमस कलाकारों या बिजनेस लीडर्स को दिए जाते हैं. इससे आगे चलकर ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) और फिर आगे नागरिकता का रास्ता खुल जाता है. ट्रंप ने इसे लांच करते हुए कहा कि कई टैलेंटेड स्टूडेंट्स कॉलेज से निकलने के बाद भारत, चीन या अपने देश लौट जाते हैं. अब इस कार्ड व्यवस्था से कंपनियां खुश होंगी. उन्होंने कहा कि एप्पल के सीईओ टिम कुक इसके बारे में काफी समय से बात कर रहे थे. अब अमेरिकी खजाने में कई बिलियन डॉलर जमा होंगे.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

&nbsp;

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:heading -->
<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप गोल्ड कार्ड सिटिजनशिप कार्यक्रम क्या है?</h2>
<!-- /wp:heading --> <!-- wp:paragraph -->

यह पहल सितंबर में कार्यकारी आदेश 14351 के तहत स्थापित किए गए ट्रंप गोल्ड कार्ड कार्यक्रम पर आधारित है. इसमें उच्च आय वाले व्यक्तियों को अमेरिका में स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) पाने के लिए फास्ट-ट्रैक मार्ग प्रदान करने वाली निवेशक वीजा प्रणाली बनाई गई थी. ‘ट्रंप गोल्ड कार्ड’ एक वीजा है जिसके लिए आवेदक को 15,000 डॉलर का नॉन-रिफंडेबल प्रोसेसिंग शुल्क अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) को देना होता है. ट्रंप गोल्ड कार्ड तीन विकल्पों के साथ आया है.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:heading {"level":3} -->
<h3 class="wp-block-heading"><strong>तीन स्तरों में आवेदन विकल्प</strong></h3>
<!-- /wp:heading --> <!-- wp:paragraph -->

कार्यक्रम के तहत आवेदक तीन स्तरों में से किसी एक को चुन सकते हैं:

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

&nbsp;

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:list {"ordered":true} -->
<ol><!-- wp:list-item -->
 	<li><strong>ट्रंप गोल्ड कार्ड (व्यक्तिगत स्तर): </strong>10 लाख अमेरिकी डॉलर (USD 1,000,000) का एकमुश्त, गैर-वापसी योग्य होगी. इसके साथ में USD 15,000 का DHS (डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी) प्रोसेसिंग शुल्क भी देना होगा.</li>
<!-- /wp:list-item --> <!-- wp:list-item -->
 	<li><strong>ट्रंप कॉरपोरेट गोल्ड कार्ड (कंपनियों के लिए): </strong>2,000,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान. इसके साथ में 15,000 अमेरिकी डॉलर DHS शुल्क. यह कार्ड किसी कर्मचारी से दूसरे कर्मचारी को ट्रांसफर किया जा सकता है 5% ट्रांसफर शुल्क के साथ. इसमें DHS की बैकग्राउंड जांच लागू होगी</li>
 	<li><strong>ट्रंप प्लेटिनम कार्ड (सबसे उच्च स्तर): </strong>5,000,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान. इसके साथ में 15,000 अमेरिकी डॉलर प्रोसेसिंग शुल्क भी देना होगा. इसके तहत धारकों को हर साल 270 दिन तक अमेरिका में रहने की अनुमति. विदेशी आय पर टैक्स नहीं लगेगा, जिससे वैश्विक निवेशकों के लिए यह काफी आकर्षक बन जाता है. हालांकि वेबसाइट पर यह विकल्प अभी उपलब्ध नहीं दिख रहा है.</li>
</ol>
<ol><!-- /wp:list-item --> <!-- wp:list-item /--></ol>
&nbsp;

<!-- /wp:list --> <!-- wp:paragraph -->

सभी स्तरों पर, अमेरिकी विदेश विभाग (US Department of State) द्वारा कुछ अतिरिक्त छोटे शुल्क भी लगाए जा सकते हैं. DHS की प्रोसेसिंग फीस पूरी तरह गैर-वापसी योग्य है. कार्ड की वेबसाइट कहती है कि एक बार आवेदक का प्रोसेसिंग शुल्क प्राप्त हो जाने पर, याचिका की मंजूरी और वीज़ा प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जाएगी, बशर्ते आवेदक समय पर सभी आ]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>H-1B Visa के लिए अब Social Media Accounts Public करना होगा, 15 December से New Rule लागू</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/h-1b-visa-applicants-must-now-make-their-social-media-accounts-public-new-rule-effective-from-december-15/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Dec 2025 09:10:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[H1BUpdates]]></category>
		<category><![CDATA[H1BVisa]]></category>
		<category><![CDATA[IndiansInUSA]]></category>
		<category><![CDATA[NewVisaPolicy]]></category>
		<category><![CDATA[SocialMediaCheck]]></category>
		<category><![CDATA[TechJobsUSA]]></category>
		<category><![CDATA[USImmigration]]></category>
		<category><![CDATA[USNews]]></category>
		<category><![CDATA[USVisaRules]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका में H-1B वीजा लेने वालों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने H-1B वीजा नियमों में सख्ती करते हुए आदेश दिए हैं कि अब आवेदकों को अपना सोशल मीडिया अकाउंट सार्वजनिक करना होगा। इसका मतलब है कि अमेरिकी अधिकारी आपके सोशल मीडिया प्रोफाइल, पोस्ट और लाइक्स देख सकेंगे। अगर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका में H-1B वीजा लेने वालों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने H-1B वीजा नियमों में सख्ती करते हुए आदेश दिए हैं कि अब आवेदकों को अपना सोशल मीडिया अकाउंट सार्वजनिक करना होगा। इसका मतलब है कि अमेरिकी अधिकारी आपके सोशल मीडिया प्रोफाइल, पोस्ट और लाइक्स देख सकेंगे। अगर कोई भी गतिविधि अमेरिकी हितों के खिलाफ पाई गई, तो H-1B वीजा नहीं मिलेगा।</p>
<p>इस नियम का असर H-1B के आश्रितों यानी पत्नी, बच्चों और पेरेंट्स के लिए दिए जाने वाले H-4 वीजा पर भी पड़ेगा। यानी उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी पब्लिक करना जरूरी होगा। यह पहला मौका है जब H-1B वीजा के लिए सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच अनिवार्य की गई है। नए नियम 15 दिसंबर 2025 से लागू होंगे।</p>
<p>इससे पहले अगस्त 2025 से ही स्टडी वीजा (F-1, M-1, J-1) और विजिटर वीजा (B-1, B-2) के लिए भी सोशल मीडिया पब्लिक करना अनिवार्य कर दिया गया है।</p>
<h3><strong>H-1B </strong><strong>वीजा क्या है</strong><strong>?</strong></h3>
<p>H-1B वीजा हाई स्किल्ड प्रोफेशनल्स जैसे डॉक्टर, इंजीनियर और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स को अमेरिका में काम करने के लिए मिलता है। यह वीजा पहली बार 1990 में अमेरिकी कांग्रेस ने शुरू किया था।</p>
<ul>
<li><strong>भारतीयों पर असर:</strong> हर साल जारी किए जाने वाले H-1B वीजा में से लगभग 70% भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलता है, इसलिए नया नियम सबसे ज्यादा भारतीयों को प्रभावित करेगा।</li>
<li><strong>वीज़ा फीस:</strong> पहले इसकी फीस लगभग $9,000 थी। सितंबर 2025 में इसे बढ़ाकर लगभग ₹90 लाख कर दिया गया।</li>
<li><strong>अवधि:</strong> H-1B वीजा 3 साल के लिए जारी होता है और दो बार बढ़ाया जा सकता है, यानी कुल 6 साल। इसके बाद आवेदक ग्रीन कार्ड यानी अमेरिका की स्थायी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है।</li>
</ul>
<h3><strong>ट्रम्प का रवैया </strong><strong>H-1B </strong><strong>वीजा पर</strong></h3>
<p>ट्रम्प का H-1B वीजा पर रवैया कभी हां और कभी ना वाला रहा है।</p>
<ul>
<li>2016 में उन्होंने कहा था कि यह वीजा अमेरिकी हितों के खिलाफ है।</li>
<li>2019 में वीजा का एक्सटेंशन रोक दिया गया था।</li>
<li>लेकिन हाल ही में उन्होंने कहा कि अमेरिका को टैलेंट की जरूरत है।</li>
</ul>
<h3><strong>नए वीजा कार्ड्स</strong></h3>
<p>H-1B वीजा में बदलाव के अलावा ट्रम्प ने तीन नए वीजा कार्ड भी लॉन्च किए हैं:</p>
<ol>
<li><strong>Trump Gold Card</strong> – कीमत ₹8.8 करोड़, यह कार्ड धारक को अमेरिका में हमेशा रहने का अधिकार देगा।</li>
<li><strong>Trump Platinum Card</strong></li>
<li><strong>Corporate Gold Card</strong></li>
</ol>
<h3><strong>भारतीय टेक प्रोफेशनल्स और </strong><strong>H-1B</strong></h3>
<p>भारत हर साल लाखों इंजीनियर और कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट तैयार करता है। ये प्रोफेशनल्स अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं।</p>
<p>अब बढ़ी हुई फीस और सोशल मीडिया नियम की वजह से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और मिडिल ईस्ट के देशों की तरफ रुख कर सकता है।</p>
<p>15 दिसंबर से H-1B वीजा के लिए सोशल मीडिया जांच अनिवार्य हो जाएगा। भारतीय प्रोफेशनल्स पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। वीजा की बढ़ी हुई फीस और नई पॉलिसी को देखते हुए अब अमेरिका में काम करने के विकल्प और चुनौतियां बदलने वाली हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>California में US F-16 Fighter Jet Crash, Pilot कुछ Seconds पहले Safely निकला बाहर</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/us-f-16-fighter-jet-crashes-in-california-pilot-ejects-safely-just-seconds-before-impact/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Dec 2025 10:40:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[CaliforniaNews]]></category>
		<category><![CDATA[DefenseNews]]></category>
		<category><![CDATA[F16Crash]]></category>
		<category><![CDATA[FighterJet]]></category>
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		<category><![CDATA[Thunderbirds]]></category>
		<category><![CDATA[USAF]]></category>
		<category><![CDATA[USAirForce]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका में एक F-16 फाइटिंग फाल्कन फाइटर जेट गुरुवार को ट्रेनिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह दुर्घटना कैलिफोर्निया के रेगिस्तानी इलाके ट्रॉना (Trona) में हुई। हादसे से कुछ सेकेंड पहले पायलट पैराशूट के सहारे इजेक्ट हो गया, जिससे उसकी जान बच गई। कैसे हुआ हादसा? अमेरिकी समय के मुताबिक 10:45 AM के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका में एक F-16 फाइटिंग फाल्कन फाइटर जेट गुरुवार को ट्रेनिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह दुर्घटना कैलिफोर्निया के रेगिस्तानी इलाके ट्रॉना (Trona) में हुई। हादसे से कुछ सेकेंड पहले पायलट पैराशूट के सहारे इजेक्ट हो गया, जिससे उसकी जान बच गई।</p>
<p><strong>कैसे हुआ हादसा</strong><strong>?</strong></p>
<p>अमेरिकी समय के मुताबिक 10:45 AM के करीब और भारतीय समय के अनुसार रात करीब 12:30 बजे F-16 तेज रफ्तार में नीचे गिरता दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में साफ दिखा कि पायलट सही समय पर बाहर निकल आया। जेट जमीन से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और आसमान में काला धुआं फैल गया।</p>
<p>विमान ट्रॉना एयरपोर्ट से लगभग 3 किलोमीटर दूर गिरा। एयरपोर्ट मैनेजर के मुताबिक, इस इलाके में अक्सर मिलिट्री जेट उड़ान भरते रहते हैं, इसलिए यहां अभ्यास (training) आम बात है।</p>
<p><strong>पायलट सुरक्षित</strong><strong>, </strong><strong>मामूली चोटें</strong></p>
<p>US Air Force की Thunderbirds टीम ने बताया कि यह एक ट्रेनिंग मिशन था। पायलट को मामूली चोटें आई हैं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोकल फायर डिपार्टमेंट ने बताया कि मौके पर सिर्फ पायलट ही था और आग से आसपास की आबादी को कोई खतरा नहीं है।</p>
<p><strong>Thunderbirds </strong><strong>टीम क्या है</strong><strong>?</strong></p>
<p>Thunderbirds अमेरिका की मशहूर एरोबेटिक टीम है, जो अपने एयर शो और हाई-स्पीड स्टंट्स के लिए जानी जाती है। यह टीम नेलिस एयरफोर्स बेस, लास वेगास से काम करती है।<br />
क्रैश हुआ F-16 भी Thunderbirds स्क्वाड्रन का ही था।</p>
<p><strong>F-16 </strong><strong>जेट इतना खास क्यों है</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li>F-16 को “Fighting Falcon” कहा जाता है</li>
<li>पहली उड़ान: 2 फरवरी 1974</li>
<li>अब तक 4,600 से ज्यादा जेट दुनियाभर के देशों को बनाए जा चुके हैं</li>
<li>25 से ज्यादा देश F-16 का इस्तेमाल करते हैं</li>
<li>स्पीड: लगभग 2,414 किमी/घंटा</li>
<li>रेंज: 4,220 किमी तक</li>
<li>एडवांस रडार और हथियारों से लैस</li>
<li>खराब मौसम में भी उड़ान भर सकता है</li>
</ul>
<p>2021 के डेटा के मुताबिक एक F-16 जेट की कीमत लगभग <strong>18.8 </strong><strong>मिलियन डॉलर (करीब </strong><strong>1700 </strong><strong>करोड़ रुपये)</strong> होती है।</p>
<p><strong>F-16 </strong><strong>जेट्स में हादसे क्यों होते रहते हैं</strong><strong>?</strong></p>
<p>F-16 एक भरोसेमंद फाइटर जेट है, लेकिन इसके साथ कई हादसे भी हुए हैं। कारण अक्सर ये होते हैं:</p>
<ol>
<li><strong>इंजन की खराबी</strong></li>
</ol>
<p>उड़ान के दौरान इंजन फेल हो जाए तो जेट कंट्रोल से बाहर हो जाता है।</p>
<ol start="2">
<li><strong>पायलट की गलती</strong></li>
</ol>
<p>तेज स्पीड में छोटा सा गलत फैसला भी हादसा बन सकता है।</p>
<ol start="3">
<li><strong>स्टंट और ट्रेनिंग उड़ानें</strong></li>
</ol>
<p>Thunderbirds जैसे स्क्वाड्रन हाई-रिस्क स्टंट करते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।</p>
<ol start="4">
<li><strong>पुराने मॉडल</strong></li>
</ol>
<p>F-16 का पहला मॉडल 1970 के दशक में बना था। कई विमान अब काफी पुराने हैं।</p>
<p><strong>अब तक कितनी बार क्रैश हुआ </strong><strong>F-16?</strong></p>
<p>1974 में पहली उड़ान के बाद से F-16 करीब <strong>750 </strong><strong>से ज्यादा बार</strong> दुनिया में क्रैश हो चुका है।<br />
साल 2025 में यह अमेरिका का <strong>आठवां </strong><strong>F-16 </strong><strong>क्रैश</strong> बताया जा रहा है।</p>
<p><strong>कुछ पुराने हादसे</strong></p>
<ul>
<li>2024: सिंगापुर और ग्रीस में F-16 क्रैश, पायलट बच गए</li>
<li>2018: US मेजर स्टीफन बाग्नो ट्रेनिंग स्टंट के दौरान मौत</li>
<li>2015: स्पेन में क्रैश, पायलट और जमीन पर मौजूद लोग मारे गए</li>
<li>1982–1993: सिर्फ अमेरिका में 200 से ज्यादा F-16 हादसे</li>
</ul>
<p><strong>1991 </strong><strong>के गल्फ वॉर में </strong><strong>F-16 </strong><strong>की बड़ी भूमिका</strong></p>
<p>गल्फ वॉर में F-16 ने हजारों मिशन पूरे किए। इसने दुश्मन के एयरफील्ड, रडार स्टेशन, टैंक और हथियार सिस्टम को तबाह किया था। इसे अमेरिका के सबसे भरोसेमंद वार जेट्स में माना जाता है।</p>
<p>अमेरिका साल 2000 से भारत को F-16 बेचने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत ने हर बार इनकार किया है। कारण—<strong>पाकिस्तान के पास पहले से </strong><strong>F-16 </strong><strong>हैं</strong>, और भारत यह नहीं चाहता कि दोनों देशों के पास एक ही तरह का फाइटर जेट हो।</p>
<p><strong>जांच जारी</strong></p>
<p>US Air Force ने बताया कि हादसे का कारण अभी साफ नहीं है। क्रैश साइट की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि यह इंजन फेलियर था, तकनीकी दिक्कत, या ट्रेनिंग के दौरान कोई मानव गलती।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Ethiopia में 12 हजार साल बाद ज्वालामुखी फटा! राख का 15km ऊंचा गुबार उठा; 4300km दूर Delhi पहुंचा; India में कई Flights Cancelled</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/volcano-erupts-in-ethiopia-after-12000-years-ash-cloud-rises-15-km-high-travels-4300-km-to-reach-delhi-several-flights-in-india-cancelled/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Nov 2025 08:29:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[AfarRegion]]></category>
		<category><![CDATA[AshCloud]]></category>
		<category><![CDATA[AviationAlert]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[DelhiAirAlert]]></category>
		<category><![CDATA[EthiopiaVolcano]]></category>
		<category><![CDATA[FlightCancelled]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaNews]]></category>
		<category><![CDATA[InternationalNews]]></category>
		<category><![CDATA[VolcanoEruption]]></category>
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					<description><![CDATA[इथियोपिया के अफार इलाके में मौजूद हेली गुब्बी ज्वालामुखी रविवार को अचानक फट गया। खास बात यह है कि यह ज्वालामुखी लगभग 12 हजार साल से शांत था और इसका कोई मॉडर्न रिकॉर्ड भी नहीं मिलता। लेकिन इस बार हुए बड़े विस्फोट ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को चौंका दिया है। विस्फोट के बाद ज्वालामुखी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इथियोपिया के अफार इलाके में मौजूद <strong>हेली गुब्बी ज्वालामुखी</strong> रविवार को अचानक फट गया। खास बात यह है कि यह ज्वालामुखी लगभग <strong>12 </strong><strong>हजार साल से शांत</strong> था और इसका कोई मॉडर्न रिकॉर्ड भी नहीं मिलता। लेकिन इस बार हुए बड़े विस्फोट ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को चौंका दिया है।</p>
<p>विस्फोट के बाद ज्वालामुखी से उठी राख और सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) का <strong>करीब </strong><strong>15 </strong><strong>किलोमीटर ऊंचा गुबार</strong> आसमान में फैल गया। यह गुबार लाल सागर को पार करता हुआ <strong>यमन और ओमान</strong> तक पहुंचा और सोमवार देर रात <strong>4300 </strong><strong>किमी दूर दिल्ली</strong> के आसमान में भी दिखाई देने लगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-9356" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6h5MtHacAAnpHM-300x169.jpg" alt="" width="685" height="386" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6h5MtHacAAnpHM-300x169.jpg 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6h5MtHacAAnpHM-1024x576.jpg 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6h5MtHacAAnpHM-768x432.jpg 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6h5MtHacAAnpHM-150x84.jpg 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6h5MtHacAAnpHM-120x68.jpg 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6h5MtHacAAnpHM-130x73.jpg 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6h5MtHacAAnpHM-356x200.jpg 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6h5MtHacAAnpHM.jpg 1200w" sizes="(max-width: 685px) 100vw, 685px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<h2><strong>भारत के आसमान पर राख का गुबार</strong></h2>
<p>इंडिया मेट स्काई वेदर अलर्ट के मुताबिक ज्वालामुखी की राख <strong>जोधपुर</strong><strong>–</strong><strong>जैसलमेर</strong> की ओर से भारत में दाखिल हुई और अब यह <strong>राजस्थान</strong><strong>, </strong><strong>हरियाणा और दिल्ली</strong> के ऊपर फैल चुकी है। इसका एक हल्का हिस्सा <strong>गुजरात</strong>, <strong>पंजाब</strong>, <strong>हिमाचल</strong> और <strong>पश्चिमी यूपी</strong> तक असर दिखा सकता है।</p>
<p>IMD के अनुसार यह राख सोमवार रात से मंगलवार शाम तक भारत के आसमान में रहेगी और शाम 7:30 बजे के बाद <strong>चीन की ओर बढ़ने लगेगी</strong>।</p>
<p>हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह राख <strong>बहुत ज्यादा ऊंचाई</strong> पर है, इसलिए आम लोगों की हेल्थ पर ज्यादा असर नहीं होगा। हां, थोड़ी बहुत राख गिरने की आशंका जरूर है।</p>
<h2><strong>फ्लाइट ऑपरेशन्स पर सबसे ज्यादा असर</strong></h2>
<p>ज्वालामुखी की राख हवाई जहाजों के लिए खतरनाक हो सकती है, क्योंकि राख के कण इंजन में जाकर उसे खराब कर सकते हैं। इसी वजह से कई एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द करनी शुरू कर दी हैं।</p>
<h3><strong>✈</strong> <strong>एयर इंडिया</strong></h3>
<ul>
<li>कुल <strong>11 </strong><strong>फ्लाइट्स रद्द</strong> की गई हैं।</li>
</ul>
<h3><strong>✈</strong> <strong>अकासा एयर</strong></h3>
<ul>
<li>24 और 25 नवंबर की <strong>जेद्दा</strong><strong>, </strong><strong>कुवैत और अबू धाबी</strong> की उड़ानें रद्द।</li>
</ul>
<h3><strong>✈</strong> <strong>इंडिगो</strong></h3>
<ul>
<li>स्थिति पर लगातार नजर, जरूरत पड़ने पर रूट बदले जा सकते हैं।</li>
</ul>
<h3><strong>✈</strong><strong> KLM</strong></h3>
<ul>
<li>एम्स्टर्डम से दिल्ली आने वाली फ्लाइट कैंसिल।</li>
</ul>
<h3><strong>मुंबई एयरपोर्ट की अपील</strong></h3>
<ul>
<li>यात्रियों से कहा गया है कि <strong>एयरपोर्ट आने से पहले अपनी उड़ानों की अपडेट जरूर चेक करें</strong>, क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट बदले जा सकते हैं।</li>
</ul>
<h2><strong>DGCA </strong><strong>ने एयरलाइंस को अलर्ट किया</strong></h2>
<p>भारत की विमानन संस्था DGCA ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स के लिए <strong>डिटेल गाइडलाइंस</strong> जारी की हैं:</p>
<ul>
<li>एयरलाइंस को सलाह दी गई है कि <strong>राख वाले इलाकों के ऊपर उड़ान न भरें</strong>।</li>
<li>उड़ान का <strong>रूट और प्लानिंग तुरंत बदलें</strong>।</li>
<li>अगर किसी फ्लाइट को इंजन की परफॉर्मेंस में गड़बड़ी, केबिन में धुआं या किसी भी तरह का शक हो तो <strong>तुरंत रिपोर्ट</strong> करें।</li>
<li>एयरपोर्ट्स को निर्देश दिया गया है कि अगर राख रनवे या टैक्सीवे पर पहुंचे तो उसकी तुरंत <strong>जांच और सफाई</strong> की जाए।</li>
</ul>
<p>अकासा, इंडिगो और KLM ने DGCA की एडवाइजरी के बाद कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी हैं।</p>
<h2><strong>वैज्ञानिकों के लिए बेहद दुर्लभ घटना</strong></h2>
<p>हेली गुब्बी ज्वालामुखी <strong>अफार रिफ्ट</strong> का हिस्सा है। यह वही इलाका है जहां धरती की टेक्टॉनिक प्लेटें लगातार अलग हो रही हैं। इस क्षेत्र में एर्टा एले जैसे ज्वालामुखी पहले से मॉनिटर किए जाते हैं, लेकिन हेली गुब्बी अचानक सक्रिय हुआ है, जो बेहद <strong>असामान्य और ऐतिहासिक</strong> घटना मानी जा रही है।</p>
<p>एमिरात एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के चेयरमैन इब्राहिम अल जरवान ने कहा कि ज्वालामुखी से बड़ी मात्रा में SO₂ गैस निकलना इस बात का संकेत है कि अंदर <strong>दबाव बढ़ रहा है</strong>, और आगे और विस्फोट हो सकते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone  wp-image-9355" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6k-oUXbwAQopDu-300x169.jpg" alt="" width="680" height="383" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6k-oUXbwAQopDu-300x169.jpg 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6k-oUXbwAQopDu-1024x576.jpg 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6k-oUXbwAQopDu-768x432.jpg 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6k-oUXbwAQopDu-150x84.jpg 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6k-oUXbwAQopDu-120x68.jpg 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6k-oUXbwAQopDu-130x73.jpg 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6k-oUXbwAQopDu-356x200.jpg 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/G6k-oUXbwAQopDu.jpg 1200w" sizes="(max-width: 680px) 100vw, 680px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह घटना वैज्ञानिकों के लिए एक <strong>दुर्लभ रिसर्च मौका</strong> है। अब शोधकर्ता यह समझने की कोशिश करेंगे कि इतने हजारों साल शांत रहने के बाद यह ज्वालामुखी क्यों फट गया। यह जानकारी भविष्य में ऐसे ज्वालामुखियों के व्यवहार को समझने में मदद करेगी जो रिफ्ट जोन में मौजूद हैं।</p>
<h2><strong>अब तक की स्थिति</strong></h2>
<ul>
<li><strong>कोई मौत नहीं</strong> हुई है।</li>
<li>यमन और ओमान ने लोगों को सावधानी बरतने को कहा है, खासकर <strong>सांस की बीमारी वाले</strong> लोगों को।</li>
<li>भारत में आम लोगों के लिए <strong>खतरा कम</strong>, लेकिन <strong>फ्लाइट्स और एयर ट्रैफिक</strong> पर बड़ी चुनौती बरकरार।</li>
<li>वैज्ञानिक इसे <strong>हजारों साल में होने वाली अनोखी घटना</strong> बता रहे हैं।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Saudi Arabia में बड़ा हादसा: Mecca से Medina जा रही बस Diesel Tanker से टकराई, 42 भारतीयों की मौत की आशंका</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/major-tragedy-in-saudi-arabia-bus-traveling-from-mecca-to-medina-collides-with-diesel-tanker-42-indians-feared-dead/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Nov 2025 06:50:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[BusAccident]]></category>
		<category><![CDATA[HyderabadNews]]></category>
		<category><![CDATA[IndianPilgrims]]></category>
		<category><![CDATA[InternationalNews]]></category>
		<category><![CDATA[MeccaToMedina]]></category>
		<category><![CDATA[SaudiAccident]]></category>
		<category><![CDATA[SaudiArabia]]></category>
		<category><![CDATA[Tragedy]]></category>
		<category><![CDATA[UmrahPilgrims]]></category>
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					<description><![CDATA[सऊदी अरब में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 42 भारतीय उमरा तीर्थयात्रियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। हादसा उस समय हुआ जब एक पैसेंजर बस मक्का (Mecca) से मदीना (Medina) जा रही थी और रास्ते में उसकी टक्कर एक डीज़ल टैंकर से हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>सऊदी अरब में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें <strong>42 </strong><strong>भारतीय उमरा तीर्थयात्रियों</strong> के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। हादसा उस समय हुआ जब एक <strong>पैसेंजर बस मक्का (</strong><strong>Mecca) </strong><strong>से मदीना (</strong><strong>Medina)</strong> जा रही थी और रास्ते में उसकी <strong>टक्कर एक डीज़ल टैंकर से हो गई</strong>। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस देखते ही देखते <strong>आग के गोले</strong> में बदल गई।</p>
<p><strong>हादसा कैसे हुआ</strong><strong>?</strong></p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह दुर्घटना <strong>रात करीब </strong><strong>1:30 </strong><strong>बजे (</strong><strong>IST)</strong> के आसपास हुई। बस में सवार ज़्यादातर यात्री सो रहे थे, तभी अचानक बस टैंकर से भिड़ गई और <strong>तेज़ धमाके के साथ आग फैल गई</strong>।<br />
आग इतनी तेज़ थी कि कई लोग <strong>बच भी नहीं पाए</strong> और बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई।</p>
<p><strong>कौन थे यात्री</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li>बस में कुल <strong>43 </strong><strong>यात्री</strong> सवार थे।</li>
<li>रिपोर्ट्स कहती हैं कि <strong>42 </strong><strong>लोग मौके पर ही मारे गए होने की आशंका</strong> है।</li>
<li>यात्रियों में <strong>महिलाएं और बच्चे</strong> भी शामिल थे।</li>
<li>preliminary जानकारी के अनुसार, ज्यादातर पीड़ित <strong>हैदराबाद (तेलंगाना)</strong> के बताए जा रहे हैं।</li>
<li>खबरें यह भी कह रही हैं कि बस में संभवतः <strong>सिर्फ एक व्यक्ति जीवित</strong> बचा है, पर यह अभी आधिकारिक तौर पर कन्फर्म नहीं हुआ है।</li>
</ul>
<p><strong>रेस्क्यू ऑपरेशन</strong></p>
<p>सऊदी अरब की <strong>सिविल डिफेंस</strong> और पुलिस ने रातभर राहत व बचाव का काम किया।<br />
आग लगने की वजह से कई शवों की पहचान करना बहुत मुश्किल बताया जा रहा है।<br />
स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।</p>
<p><strong>भारत की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>भारत के:</p>
<ul>
<li><strong>रियाध स्थित भारतीय दूतावास</strong>,</li>
<li><strong>जेद्दा कांसुलेट</strong>,</li>
</ul>
<p>दोनों ने तुरंत ऐक्शन लिया है और एक <strong>24×7 </strong><strong>कंट्रोल रूम</strong> बनाया है ताकि परिवारों को जानकारी मिलती रहे।</p>
<p>हेल्पलाइन नंबर — <strong>8002440003</strong><br />
(यात्रियों के परिवार इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं)</p>
<p><strong>ओवैसी और तेलंगाना सरकार की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>हैदराबाद के सांसद <strong>असदुद्दीन ओवैसी</strong> ने कहा कि उन्होंने हादसे में शामिल यात्रियों की जानकारी दो ट्रैवल एजेंसियों से लेकर भारतीय अधिकारियों तक पहुंचा दी है।<br />
उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्री <strong>एस. जयशंकर</strong> से मांग की है कि:</p>
<ul>
<li>मृतकों के <strong>शव जल्द से जल्द भारत लाए जाएं</strong>,</li>
<li>और अगर कोई घायल है तो उन्हें <strong>बेहतर इलाज</strong> दिया जाए।</li>
</ul>
<p>तेलंगाना के नेता <strong>केटी रामाराव (</strong><strong>KTR)</strong> ने भी गहरा दुख जताया और कहा कि राज्य सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए ताकि:</p>
<ul>
<li>घायलों को बेहतर ट्रीटमेंट मिले,</li>
<li>मृतकों की पहचान कर परिवारों को हर संभव सहायता दी जाए।</li>
</ul>
<p><strong>विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>विदेश मंत्री <strong>एस. जयशंकर</strong> ने भी X (Twitter) पर पोस्ट करते हुए हादसे पर दुख जताया और कहा कि प्रभावित परिवारों को हर प्रकार की सहायता दी जा रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>America का सबसे लंबा &#8216;Shutdown&#8217; समाप्त: 1.4 Million Employees को 43 दिन बाद मिलेगा वेतन! लेकिन Situation अभी भी पूरी तरह Normal नहीं</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/americas-longest-shutdown-ends-1-4-million-employees-to-receive-pay-after-43-days-but-the-situation-still-isnt-fully-normal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Nov 2025 07:21:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[AmericaShutdown]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[DonaldTrump]]></category>
		<category><![CDATA[FederalEmployees]]></category>
		<category><![CDATA[GovernmentShutdown]]></category>
		<category><![CDATA[LatestUpdates]]></category>
		<category><![CDATA[USGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[USNews]]></category>
		<category><![CDATA[USPolitics]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=9103</guid>

					<description><![CDATA[अमरीका में चला 43 दिन लंबा सरकारी Shutdown आखिरकार खत्म हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फंडिंग बिल पर साइन कर दिए हैं, जिसके बाद फेडरल सरकार ने दोबारा काम शुरू कर दिया है। यह अमरीकी इतिहास का सबसे लंबा Shutdown था। इस Shutdown की वजह से न सिर्फ सरकारी दफ्तर बंद रहे बल्कि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमरीका में चला 43 दिन लंबा सरकारी Shutdown आखिरकार खत्म हो गया है। राष्ट्रपति <strong>डोनाल्ड ट्रम्प</strong> ने फंडिंग बिल पर साइन कर दिए हैं, जिसके बाद फेडरल सरकार ने दोबारा काम शुरू कर दिया है। यह अमरीकी इतिहास का <strong>सबसे लंबा Shutdown</strong> था।</p>
<p>इस Shutdown की वजह से न सिर्फ सरकारी दफ्तर बंद रहे बल्कि लाखों कर्मचारियों की ज़िंदगी भी प्रभावित हुई। अब सरकार चल तो पड़ी है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने में अभी भी समय लगेगा।</p>
<h2><strong>1. 14 </strong><strong>लाख सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का रास्ता खुला</strong></h2>
<p>Shutdown के दौरान करीब <strong>1.4 </strong><strong>मिलियन (14 </strong><strong>लाख) फेडरल कर्मचारी</strong> बिना सैलरी के रहे।</p>
<ul>
<li>आधे कर्मचारी <strong>बिना तनख़्वाह के काम करते रहे</strong></li>
<li>बाकी आधों को “furlough” पर घर बैठना पड़ा</li>
</ul>
<p>अब सरकार खुलते ही इन सबको <strong>बकाया सैलरी (back pay)</strong> मिलेगी। ज़्यादातर कर्मचारियों को आने वाले कुछ दिनों में पैसा मिलने लगेगा। कुछ को उनकी agency के हिसाब से थोड़ी देरी भी हो सकती है।</p>
<h2><strong>2. </strong><strong>बिल में क्या-क्या है</strong><strong>?</strong></h2>
<ul>
<li>सरकार को <strong>31 </strong><strong>जनवरी</strong> तक फंडिंग मिलेगी।</li>
<li>इस दौरान <strong>कोई लेऑफ नहीं</strong> होगी, यानी कर्मचारियों की छंटनी पर रोक।</li>
<li>Shutdown खत्म करने वाला यह बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में <strong>222–209</strong> मतों से पास हुआ था।</li>
<li>लेकिन इसमें <strong>Obamacare (ACA Subsidy)</strong> के प्रीमियम टैक्स क्रेडिट को 2025 के बाद बढ़ाने का कोई वादा नहीं किया गया। इस पर Democrats अभी भी लड़ाई जारी रखेंगे।</li>
</ul>
<h2><strong>3. Shutdown </strong><strong>खत्म</strong><strong>, </strong><strong>लेकिन सब कुछ नॉर्मल नहीं होगा</strong></h2>
<p>सरकार तो खुल गई है, पर हर विभाग तुरंत पुराने ढर्रे पर वापस नहीं आ पाएगा।</p>
<h3><strong>Federal Offices</strong></h3>
<p>OMB (Office of Management and Budget) ने सभी एजेंसियों को आदेश दिया है कि कर्मचारी तुरंत काम पर लौटें और दफ्तर सुचारू तरीके से खोलें।</p>
<h2><strong>4. Food Assistance (SNAP) Program</strong></h2>
<p>अमरीका के करीब <strong>42 </strong><strong>मिलियन लोग SNAP (food stamp) program</strong> पर निर्भर हैं।<br />
Shutdown के दौरान कई राज्यों में लोगों को</p>
<ul>
<li>पूरा राशन</li>
<li>आधा राशन</li>
<li>या बिल्कुल भुगतान<br />
नहीं मिल पाया था।</li>
</ul>
<p>अब सरकार खुलने के बाद SNAP दोबारा शुरू होगा, लेकिन <strong>हर राज्य में payments </strong><strong>नॉर्मल होने में समय लगेगा</strong>। SNAP की फंडिंग इस बिल में <strong>सितंबर 2026</strong> तक के लिए पास हुई है।</p>
<h2><strong>5. Smithsonian Museums </strong><strong>और </strong><strong>National Zoo </strong><strong>खोलने की तैयारी</strong></h2>
<p>Shutdown के दौरान यह दुनिया के सबसे बड़े म्यूज़ियम नेटवर्क बंद थे। अब:</p>
<ul>
<li>American History Museum</li>
<li>Air and Space Museum</li>
<li>Udvar-Hazy Center<br />
<strong>शुक्रवार से खुलेंगे</strong><br />
बाकी सभी म्यूज़ियम और Zoo सोमवार तक <strong>rolling basis</strong> पर खुल जाएंगे।</li>
</ul>
<h2><strong>6. Air Travel </strong><strong>पर भारी असर </strong><strong>— Flights </strong><strong>अभी भी पूरी तरह नॉर्मल नहीं</strong></h2>
<p>Air traffic controllers बिना सैलरी काम कर रहे थे, जिससे एयरपोर्ट्स पर बड़ी दिक्कतें आईं।</p>
<ul>
<li>Flights 4–10% तक कम की गईं थीं</li>
<li>अभी 6% की कटौती लागू है<br />
FAA का कहना है कि वे हालात सुधारने में लगे हैं, लेकिन <strong>सबकुछ नॉर्मल होने में समय लगेगा</strong>।<br />
Thanksgiving जैसे busy travel time पर इसका असर दिख सकता है।<br />
Controller को 48 घंटों में उनकी backpay का 70% मिल जाएगा।</li>
</ul>
<h2><strong>7. National Parks </strong><strong>को भारी नुकसान</strong></h2>
<p>Shutdown के दौरान कई national parks खुले जरूर रहे, लेकिन:</p>
<ul>
<li>स्टाफ की भारी कमी थी</li>
<li>सफाई और मेंटेनेंस नहीं हो पा रहा था</li>
<li>Visitor fees नहीं मिल पाई<br />
इससे पार्कों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा और अब इन्हें पूरी तरह ठीक करने में <strong>कई महीने लग सकते हैं</strong>।</li>
</ul>
<h2><strong>8. IRS </strong><strong>पर भी बड़ा असर</strong><strong>, </strong><strong>अगले साल का </strong><strong>Tax Season </strong><strong>मुश्किल हो सकता है</strong></h2>
<p>IRS ने अपने <strong>74,000</strong> में से आधे कर्मचारियों को furlough किया था।<br />
इस दौरान:</p>
<ul>
<li>Tax refunds जारी नहीं हुए</li>
<li>Helplines बंद रहीं</li>
<li>Appointments कैंसल हो गईं</li>
</ul>
<p>इसका असर 2026 के tax season पर पड़ सकता है, क्योंकि बंद होने से पहले IRS पर पहले से ही लाखों cases pending थे।</p>
<h2><strong>9. </strong><strong>आर्थिक रिपोर्टें शायद कभी जारी न हों</strong></h2>
<p>Shutdown की वजह से:</p>
<ul>
<li>October और November की jobs report</li>
<li>inflation data</li>
</ul>
<p>जारी नहीं हो पाए।<br />
वाइट हाउस का कहना है कि <strong>ये रिपोर्टें शायद कभी जारी न हो सकें</strong> क्योंकि Shutdown ने data system को &#8220;permanently damage&#8221; कर दिया है।</p>
<h2><strong>10. Trump </strong><strong>का </strong><strong>Democrats </strong><strong>पर हमला</strong></h2>
<p>बिल पर साइन करते समय ट्रम्प ने आरोप लगाया:</p>
<ul>
<li>Democrats ने illegal immigrants के लिए पैसे निकालने के लिए सरकार बंद कराई</li>
<li>इसे उन्होंने “extortion” यानी जबरदस्ती पैसा वसूलने की कोशिश कहा</li>
<li>Shutdown से लाखों अमेरिकियों को नुकसान हुआ:
<ul>
<li>20,000 flights delayed/cancel</li>
<li>10 लाख कर्मचारी बिना सैलरी</li>
<li>Food stamps से जुड़े लाखों लोग प्रभावित</li>
</ul>
</li>
</ul>
<h2><strong>11. 232 </strong><strong>साल पुरानी </strong><strong>Penny Currency </strong><strong>हुई बंद</strong></h2>
<p>Shutdown से अलग एक और बड़ा फैसला —<br />
अमरीका ने अपनी <strong>सबसे छोटी करंसी—Penny (1 cent)</strong> को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है।</p>
<p>क्यों बंद किया?</p>
<ul>
<li>एक penny बनाने में <strong>69 cent</strong> खर्च</li>
<li>कीमत सिर्फ <strong>1 cent</strong></li>
<li>यानी हर penny पर सरकार को नुकसान<br />
2023 में ही pennies बनाने से <strong>179 </strong><strong>मिलियन डॉलर</strong> (1,500 करोड़ रु) का नुकसान हुआ।<br />
लगभग <strong>250 </strong><strong>अरब pennies</strong> अभी circulation में हैं, जिन्हें धीरे-धीरे बाहर किया जाएगा।</li>
</ul>
<p>पैनी का सिस्टम भारत के “पैसे” जैसा ही था —<br />
100 pennies = 1 dollar (जैसे 100 पैसे = 1 रुपये)।</p>
<h2><strong>12. Skilled Foreign Workers </strong><strong>को लेकर नई नीति</strong></h2>
<p>Treasury Secretary Scott Bessent ने कहा कि:</p>
<ul>
<li>Defence, shipbuilding और semiconductors जैसे सेक्टरों में skilled workers की जरूरत है</li>
<li>प्लान यह है कि <strong>विदेशी skilled workers </strong><strong>को 3–7 </strong><strong>साल बुलाया जाए</strong></li>
<li>वे अमेरिकी workers को ट्रेन करें</li>
<li>फिर वापस अपने देश लौट जाएं<br />
इससे American workers धीरे-धीरे पूरे सिस्टम को संभाल पाएंगे।</li>
</ul>
<p>Shutdown खत्म जरूर हो गया है, लेकिन उसकी चोटें अभी भी कई जगह दिखेंगी—<br />
सरकारी दफ्तर, एयर ट्रैवल, parks, IRS, और food programs सबको नॉर्मल होने में समय लगेगा।<br />
फंडिंग अभी सिर्फ <strong>31 </strong><strong>जनवरी</strong> तक है, इसलिए खतरा है कि अगर पार्टियों में दोबारा सहमति नहीं बनी, तो सरकार फिर से बंद हो सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>UPS Cargo Plane Crash: Kentucky में बड़ा हादसा, 7 लोगों की मौत, कई घायल</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/ups-cargo-plane-crash-major-accident-in-kentucky-7-dead-several-injured/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Nov 2025 11:11:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[AirCrash]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका के केंटकी राज्य में बुधवार को एक बड़ा हवाई हादसा हो गया। UPS कंपनी का एक कार्गो विमान (Flight 2976) लुईविल मोहम्मद अली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में करीब 7 लोगों की मौत हो गई है और कम से कम 11 लोग घायल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका के केंटकी राज्य में बुधवार को एक बड़ा हवाई हादसा हो गया। UPS कंपनी का एक <strong>कार्गो विमान (Flight 2976)</strong> लुईविल <strong>मोहम्मद अली इंटरनेशनल एयरपोर्ट</strong> से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में <strong>करीब 7 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो गई है और <strong>कम से कम 11 </strong><strong>लोग घायल</strong> हुए हैं। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।</p>
<h3><strong>कैसे हुआ हादसा?</strong></h3>
<p>जानकारी के मुताबिक यह विमान लुईविल एयरपोर्ट से उड़ान भरकर <strong>होनोलुलु (हवाई)</strong> के लिए जा रहा था। लेकिन टेकऑफ के तुरंत बाद विमान <strong>संतुलन खो बैठा और ज़मीन से टकरा गया</strong>।<br />
टकराने के बाद विमान में <strong>जोरदार धमाका हुआ</strong> और देखते ही देखते <strong>भीषण आग</strong> लग गई।</p>
<h3><strong>विमान में भरा था बहुत ज्यादा फ्यूल</strong></h3>
<p>हादसे के समय विमान में करीब <strong>38,000 </strong><strong>गैलन</strong> यानी लगभग <strong>1.5 </strong><strong>लाख लीटर जेट फ्यूल</strong> मौजूद था। इसी वजह से आग तेजी से फैलने लगी और आस-पास का इलाका भी चपेट में आ गया।</p>
<p>अग्निशमन विभाग और पुलिस की कई टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं।</p>
<h3><strong>इलाके में 8 </strong><strong>किलोमीटर तक अलर्ट</strong></h3>
<p>पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट से <strong>8 </strong><strong>किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को घरों के अंदर रहने</strong> का आदेश दिया है।<br />
इसके साथ ही <strong>एयरपोर्ट पर उड़ानें रोक दी गईं</strong> और वहां से जाने वाली सभी फ्लाइट्स <strong>रद्द</strong> कर दी गईं।</p>
<p>एयरपोर्ट अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे <strong>फ्लाइट अपडेट</strong> के लिए अपनी-अपनी एयरलाइन्स से संपर्क करें।</p>
<h3><strong>संभावित कारण: लिथियम बैटरियों से लगी आग?</strong></h3>
<p>प्रारंभिक जांच में यह शक जताया जा रहा है कि विमान में <strong>लिथियम बैटरी</strong> या इसी तरह के कार्गो की वजह से आग फैली हो सकती है।<br />
ऐसा ही एक हादसा <strong>2010 </strong><strong>में UPS Flight 6</strong> के साथ भी हुआ था, जिसमें आग लगने का कारण लिथियम बैटरियों को माना गया था।</p>
<h3><strong>जांच जारी</strong></h3>
<p>इस घटना की जांच <strong>फेडरल एविएशन अथॉरिटी (FAA)</strong> और <strong>नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB)</strong> मिलकर कर रहे हैं। UPS कंपनी ने कहा है कि जैसे-जैसे नई जानकारी मिलेगी, उसे साझा किया जाएगा।</p>
<h3><strong>UPS </strong><strong>वर्ल्डपोर्ट क्या है?</strong></h3>
<p>लुईविल एयरपोर्ट UPS का सबसे बड़ा <strong>लॉजिस्टिक्स हब</strong> है जिसे <strong>वर्ल्डपोर्ट</strong> कहा जाता है।<br />
यहां:</p>
<ul>
<li><strong>12,000 </strong><strong>से ज्यादा कर्मचारी</strong> काम करते हैं</li>
<li>रोज़ाना <strong>लगभग 20 </strong><strong>लाख पार्सल</strong> हैंडल किए जाते हैं<br />
इस वजह से यह UPS के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है।</li>
</ul>
<h3><strong>इस हादसे ने फिर खड़े किए सुरक्षा पर सवाल</strong></h3>
<p>हादसे ने एक बार फिर <strong>कार्गो प्लेन्स में सुरक्षा मानकों</strong>, खतरनाक सामान और ईंधन प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।<br />
फिलहाल जांच टीमों के रिपोर्ट का इंतज़ार है</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Trump सरकार की सख़्ती: English Test में fail होने पर 7 हज़ार से ज़्यादा Truck Drivers के Licenses रद्द, सबसे ज़्यादा असर भारतीयों पर</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/trump-administrations-crackdown-over-7000-truck-drivers-lose-licenses-after-failing-english-test-indian-drivers-hit-the-hardest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 03 Nov 2025 09:26:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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		<category><![CDATA[LicenseCancel]]></category>
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		<category><![CDATA[USLaw]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका में ट्रक ड्राइवरों पर ट्रंप सरकार ने अब सख़्ती शुरू कर दी है। सरकार ने यह साफ़ कर दिया है कि अब हर ट्रक ड्राइवर को English बोलना, पढ़ना और समझना ज़रूरी होगा। अगर कोई ड्राइवर ट्रैफ़िक साइन नहीं पढ़ पाता या पुलिस से इंग्लिश में बात नहीं कर पाता, तो उसका लाइसेंस सस्पेंड [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका में ट्रक ड्राइवरों पर ट्रंप सरकार ने अब सख़्ती शुरू कर दी है। सरकार ने यह साफ़ कर दिया है कि अब हर ट्रक ड्राइवर को <strong>English </strong><strong>बोलना, </strong><strong>पढ़ना और समझना ज़रूरी</strong> होगा।<br />
अगर कोई ड्राइवर ट्रैफ़िक साइन नहीं पढ़ पाता या पुलिस से इंग्लिश में बात नहीं कर पाता, तो उसका <strong>लाइसेंस सस्पेंड या रद्द</strong> किया जा सकता है।</p>
<h3>क्या है मामला</h3>
<p>अमेरिकी <strong>Federal Motor Carrier Safety Administration (FMCSA)</strong> के नियम के मुताबिक़, हर कमर्शियल ट्रक ड्राइवर के लिए “English proficiency” यानी इंग्लिश में संवाद करने की क्षमता अनिवार्य है।<br />
पहले भी यह नियम था, लेकिन अब ट्रंप सरकार ने इसे <strong>सख़्ती से लागू</strong> करना शुरू कर दिया है।</p>
<p>अक्टूबर 2025 तक के आँकड़ों के अनुसार, <strong>7,000 </strong><strong>से ज़्यादा ड्राइवर</strong> ऐसे हैं जो इंग्लिश टेस्ट में फेल हो चुके हैं।<br />
इन ड्राइवरों को &#8220;out-of-service&#8221; यानी <strong>सड़क पर काम करने से रोका गया</strong> है।</p>
<h3>कैसे लिए जा रहे हैं टेस्ट</h3>
<p>नए नियम के तहत अब <strong>पुलिस रोड पर ही ड्राइवरों का इंग्लिश टेस्ट ले रही है</strong>।<br />
ड्राइवर से कुछ इंग्लिश में सवाल पूछे जाते हैं — जैसे ट्रैफ़िक साइन का मतलब, या साधारण बातचीत।<br />
अगर ड्राइवर ठीक से जवाब नहीं दे पाता, तो उसे तुरंत ट्रक से उतार दिया जाता है और उसका लाइसेंस जांच के लिए रोक लिया जाता है।</p>
<h3>भारतीय ड्राइवरों पर असर</h3>
<p>अमेरिका में लगभग <strong>1.30 </strong><strong>से 1.50 </strong><strong>लाख भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवर</strong> हैं, जिनमें ज़्यादातर पंजाब और हरियाणा से हैं।<br />
इनमें से बड़ी संख्या में ड्राइवर इंग्लिश में बहुत फ़्लुएंट नहीं हैं।<br />
कई ड्राइवर इंग्लिश टेस्ट में फेल हो चुके हैं, जिसकी वजह से उनके काम और रोज़गार पर सीधा असर पड़ा है।</p>
<p><strong>Moneycontrol</strong> और <strong>Indian Express</strong> की रिपोर्ट्स के मुताबिक,<br />
कई पंजाबी ड्राइवर इंग्लिश में बोलने या इंग्लिश में लिखे ट्रैफ़िक साइन समझने में मुश्किल महसूस करते हैं।<br />
ऐसे ड्राइवरों के लाइसेंस अस्थायी रूप से <strong>रद्द या सस्पेंड</strong> कर दिए गए हैं।</p>
<h3>अमेरिका में बढ़ते हादसे और नई नीति</h3>
<p>ट्रंप प्रशासन का कहना है कि पिछले कुछ सालों में ट्रक एक्सीडेंट्स की संख्या बढ़ी है।<br />
सरकार का मानना है कि इनमें से कई हादसे <strong>कम्युनिकेशन गैप</strong> यानी इंग्लिश न समझ पाने की वजह से हुए।<br />
इसी कारण से, 25 जून 2025 से यह नया नियम लागू किया गया है।</p>
<p>अमेरिकी <strong>ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी सीन डफी</strong> ने बताया कि अब बिना इंग्लिश जाने कोई भी व्यक्ति ट्रक नहीं चला सकेगा।<br />
हर ड्राइवर को इंग्लिश में ट्रैफ़िक साइन पढ़ना, समझना और पुलिस से बात करने में सक्षम होना ज़रूरी है।</p>
<h3>राज्यों पर भी दबाव</h3>
<p>रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने उन राज्यों पर दबाव डाला है जहाँ यह नियम ठीक से लागू नहीं हो रहा।<br />
कैलिफोर्निया जैसे कुछ राज्यों को तो चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने इंग्लिश नियम लागू नहीं किया,<br />
तो उनके <strong>$40.6 </strong><strong>मिलियन (करीब 340 </strong><strong>करोड़ रुपये)</strong> तक के फंड रोक दिए जाएंगे।</p>
<h3>वीज़ा पॉलिसी पर असर</h3>
<p>इसके अलावा, अमेरिकी विदेश मंत्रालय (State Department) ने भी हाल ही में<br />
<strong>ट्रक ड्राइवरों के एम्प्लॉयमेंट वीज़ा पर रोक</strong> लगाने की घोषणा की थी।<br />
इसका सीधा असर भारत से जाने वाले नए ड्राइवरों पर पड़ा है।</p>
<h3>ड्राइवरों की राय</h3>
<p>कई भारतीय ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें नियमों से परेशानी नहीं,<br />
पर अचानक इतने सख़्त टेस्ट और इंग्लिश बोलने की शर्त ने उनका काम छीन लिया है।<br />
उनका कहना है कि <strong>&#8220;</strong><strong>हम अच्छे ड्राइवर हैं, </strong><strong>लेकिन हर किसी को इंग्लिश बोलना ज़रूरी नहीं होना चाहिए।&#8221;</strong></p>
<p>ट्रंप सरकार के इस फ़ैसले से अमेरिका में काम कर रहे हज़ारों भारतीय ट्रक ड्राइवरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।<br />
सरकार इसे “सुरक्षा के लिए ज़रूरी” बता रही है, जबकि ड्राइवर समुदाय इसे “भेदभाव” और “रोज़गार पर वार” मान रहा है।<br />
अब देखना होगा कि आने वाले महीनों में यह नीति कितनी सख़्ती से लागू रहती है<br />
और क्या प्रभावित ड्राइवरों को कोई राहत मिलती है या नहीं।</p>
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