पंजाब इस समय बाढ़ के संकट से जूझ रहा है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में तबाही मचा दी है। खासकर कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। यहां ब्यास नदी का पानी दर्जनों गांवों में घुस गया है। खेत डूब चुके हैं, फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और लोग अपने घरों से बेघर होकर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
मुख्यमंत्री मान का दौरा
इस मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान खुद सुल्तानपुर लोधी पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का जमीनी जायजा लिया। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की प्रगति देखी और प्रशासन को ज़रूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि लोगों का हर नुक़सान सरकार पूरा करेगी, चाहे वह फसल का हो, मकान का या किसी और तरह का।
सरकार ने आठ कैबिनेट मंत्रियों को अलग-अलग प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की निगरानी का जिम्मा सौंपा है।
हालात और नुकसान
- अब तक सुल्तानपुर लोधी के 22 गांव बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं।
- धान समेत दूसरी फसलें 25–30 हज़ार एकड़ तक डूब चुकी हैं।
- कई घरों में पानी भर गया है, लोग अपनी जान बचाने के लिए स्कूलों और राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं।
- खेतों के साथ-साथ पशुधन को भी बड़ा नुकसान हुआ है।
राहत और बचाव कार्य
- SDRF (State Disaster Response Force) की टीमें लगातार गांवों में तैनात हैं। नावों और मोटरबोट की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।
- प्रभावित गांवों में राशन, पीने का पानी और पशुओं के लिए चारा पहुंचाया जा रहा है।
- सुल्तानपुर लोधी के सरकारी स्कूल लाख वरहियां में राहत केंद्र बनाया गया है।
- समाजसेवी संत बलबीर सिंह सीचेवाल और उनकी टीम भी बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटी हुई है।
सरकार की घोषणाएं और कदम
- मुख्यमंत्री ने विशेष गिर्दावरी (Special Girdawari) का आदेश दिया है, ताकि किसानों के फसल नुकसान का सही आकलन किया जा सके और उन्हें जल्द मुआवजा दिया जा सके।
- कपूरथला जिले के लिए सरकार ने 2 करोड़ रुपये की आपात राहत राशि जारी कर दी है।
- अब तक पंजाब सरकार ने 276 करोड़ रुपये की राशि बाढ़ रोकथाम और ढांचागत सुधार पर खर्च की है।
- नदी किनारे बने धुसी बुंध जैसे महत्वपूर्ण तटबंधों को मजबूत किया जा रहा है।
- राहत शिविरों में स्वास्थ्य सेवाएं, मच्छर रोधी छिड़काव (fogging), पशु चिकित्सकों की ड्यूटी और दवाइयों की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
लोगों के लिए संदेश
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि बाढ़ पीड़ितों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। सरकार हर परिवार तक राहत सामग्री पहुंचाने और हर नुकसान की भरपाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार और प्रशासन इस बाढ़ संकट से निपटने के लिए war footing पर काम कर रहे हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती है कि प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित रखा जाए और उनके नुकसान का जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।