ग्रेटर नोएडा में दहेज की मांग ने एक और बहू की जान ले ली। निक्की भाटी नाम की महिला को उसके ही ससुराल वालों ने बेरहमी से जला दिया। इस पूरे मामले ने लोगों को हिला कर रख दिया है, क्योंकि इसमें पति, सास और जेठ तीनों ही आरोपी निकले हैं।
घटना कैसे हुई?
निक्की के परिवार का आरोप है कि दहेज की लगातार मांग की वजह से उसे मौत के घाट उतार दिया गया। पहले ससुरालवालों ने Scorpio गाड़ी मांगी, फिर Bullet बाइक की डिमांड की। दोनों चीजें देने के बावजूद वे निक्की को परेशान करते रहे। हाल ही में तो पति विपिन ने निक्की के पिता से Mercedes कार तक मांग ली थी।
निक्की का 6 साल का बेटा भी इस दर्दनाक घटना का गवाह बना। उसने पुलिस को बताया—
“उन्होंने मेरी मम्मी पर कुछ डाला, फिर थप्पड़ मारा और लाइटर से आग लगा दी।”
सोशल मीडिया पर भी कुछ वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें निक्की को बाल पकड़कर घसीटते हुए और आग लगने के बाद सीढ़ियों से उतरते हुए देखा जा सकता है।
पति का एनकाउंटर और गिरफ्तारी
मुख्य आरोपी पति विपिन भाटी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन जांच के दौरान जब उसे सबूत बरामद करवाने ले जाया गया, उसने पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनने की कोशिश की और भाग निकला। पुलिस ने चेतावनी दी लेकिन वह नहीं रुका, जिसके बाद उसे गोली मारनी पड़ी। गोली विपिन के पैर में लगी और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
बाद में कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत (judicial custody) में भेज दिया। मीडिया से पूछने पर विपिन ने हैरान करने वाला जवाब दिया—
“मुझे कोई पछतावा नहीं है। मैंने उसे नहीं मारा, वो खुद मर गई।”
सास और जेठ भी सलाखों के पीछे
- निक्की की सास संस दयावती को JIMS Hospital के पास से गिरफ्तार किया गया। वह अपने बेटे विपिन से मिलने जा रही थी।
- वहीं जेठ रोहित भाटी यानी निक्की का बड़ा देवर भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है।
पीड़िता के पिता की पीड़ा
निक्की के पिता ने कहा कि उन्होंने बेटी की खुशियों के लिए सब कुछ किया। “पहले Scorpio दी, फिर Bullet बाइक भी दी। लेकिन फिर भी उन्हें चैन नहीं मिला। मेरी बेटी को वो रोज-रोज प्रताड़ित करते थे। अब Mercedes की मांग तक करने लगे थे।”
महिला आयोग का सख्त रुख
यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर गूंज चुका है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NWC) ने यूपी पुलिस से सख्त एक्शन की मांग की है। आयोग की अध्यक्ष विजय रहटकऱ ने यूपी के DGP को पत्र लिखकर कहा है कि—
- सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
- केस की जांच निष्पक्ष और जल्द की जाए।
- पीड़िता के परिवार और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- 3 दिन के अंदर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए।
अभी की स्थिति
पति विपिन – 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
सास संस दयावती – गिरफ्तार
जेठ रोहित भाटी – गिरफ्तार
राष्ट्रीय महिला आयोग निगरानी कर रहा है
यह पूरा मामला दहेज प्रथा की काली सच्चाई को फिर से सामने लाता है। सवाल यह है कि बार-बार कानून बनने और जागरूकता फैलाने के बावजूद दहेज की आग में बहुओं की जिंदगी क्यों जल रही है?