पंजाब में इन्फ्रास्ट्रक्चर का ऐतिहासिक बदलाव: 44,920 किलोमीटर नई सड़कों से जुड़ेगा हर गांव-शहर

पंजाब में ऐतिहासिक इंफ्रास्ट्रक्चर बदलाव

44,920 किलोमीटर नई सड़कों से बदलेगी राज्य की तस्वीर

पंजाब में इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने 44,920 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण को मंज़ूरी दे दी है, जो प्रदेश के हर गांव, कस्बे और शहर को आपस में जोड़ेंगी। इन सभी सड़कों का निर्माण अगले साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस मेगा प्रोजेक्ट पर ₹16,209 करोड़ का रिकॉर्ड निवेश किया जा रहा है, जो इसे पंजाब के इतिहास की सबसे बड़ी एकमुश्त सड़क निर्माण परियोजना बनाता है।


पहले चरण से दूसरे चरण तक: नेटवर्क का विस्तार

इससे पहले राज्य सरकार द्वारा 19,373 किलोमीटर गांवों की लिंक सड़कों का कार्य
₹4,092 करोड़ की लागत से शुरू किया गया था।

अब उसी अभियान को और विस्तार देते हुए पूरे राज्य में एक मजबूत, आधुनिक और टिकाऊ रोड नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि:

  • हर इलाका मुख्यधारा से जुड़े

  • कारोबार और निवेश को बढ़ावा मिले

  • कोई भी क्षेत्र विकास से पीछे न रहे


आसान शब्दों में समझिए यह प्रोजेक्ट क्यों खास है

🔹 पैमाना और रफ्तार

44,920 किलोमीटर सड़कें, वह भी 12 महीनों से कम समय में —
यह दूरी धरती की परिधि से भी अधिक है।

🔹 सबके लिए कनेक्टिविटी

हर गांव, कस्बा और शहर जुड़ेगा।
गांव और शहर के बीच का फासला कम होगा।

🔹 आर्थिक फायदा

  • किसानों को मंडियों तक बेहतर पहुंच

  • व्यापारियों के लिए कम ट्रांसपोर्ट खर्च

  • आम लोगों का समय और पैसा दोनों की बचत

🔹 चरणबद्ध योजना

पहले गांवों की लिंक सड़कें,
अब पूरे राज्य को जोड़ने वाला व्यापक रोड नेटवर्क।

🔹 मेंटेनेंस की पुख्ता व्यवस्था

सरकार सिर्फ सड़कें नहीं बनाएगी,
बल्कि लंबे समय तक उनके रखरखाव की गारंटी भी दे रही है।
इतने बड़े प्रोजेक्ट में यह पहली बार किया जा रहा है।

🔹 लोगों को सीधा लाभ

स्कूल, अस्पताल, मंडियां, दफ्तर और रोज़गार के केंद्र —
हर ज़रूरी जगह तक पहुंच और आसान होगी,
जिससे जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी।


मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान

“यह सिर्फ़ तारकोल बिछाने का काम नहीं है — यह सपनों, अवसरों और रोज़गार को जोड़ने का काम है। 44,920 किलोमीटर सड़कों के साथ पंजाब ग्रामीण-शहरी एकीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर में देश की अगुवाई करेगा। हम इन सड़कों को सिर्फ़ बनाएंगे ही नहीं, बल्कि उनकी लंबे समय तक देखभाल की पूरी ज़िम्मेदारी भी लेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक मज़बूत रोड नेटवर्क विरासत में मिले।”