जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में शुक्रवार देर शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। यहां रामनगर (उधमपुर) के एसडीएम राजेंद्र सिंह राणा की गाड़ी पर अचानक पहाड़ से बड़ी चट्टान गिर गई। इस हादसे में एसडीएम राजेंद्र सिंह (JKAS 2011 बैच) और उनके करीब 6 साल के बेटे आरव की मौके पर ही मौत हो गई। गाड़ी में मौजूद अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
कैसे हुआ हादसा?
शुक्रवार शाम SDM राजेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ अपने पैतृक गांव पट्टियां जा रहे थे। गाड़ी धर्माड़ी इलाके के सलूख इख्तर नाले (Salukh Ikhter Nallah) से गुजर रही थी। अचानक लगातार बारिश से कमजोर हुई पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर (चट्टान) गिरा और सीधे उनकी बोलेरो गाड़ी पर आ गिरा। चट्टान इतनी भारी थी कि गाड़ी पूरी तरह दब गई।
कौन-कौन था गाड़ी में?
गाड़ी में कुल 7 लोग सवार थे –
- एसडीएम राजेंद्र सिंह
- उनकी पत्नी निशू
- 6 वर्षीय बेटा आरव
- चचेरा भाई सुरजीत सिंह (पुत्र शंकर सिंह)
- भाभी और उनकी बेटी
- गाड़ी का ड्राइवर
हादसे में क्या हुआ?
- हादसे में एसडीएम और उनके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।
- पत्नी, चचेरा भाई, भाभी, उनकी बेटी और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए।
- स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
- सभी घायलों को रियासी जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर कुछ को बेहतर इलाज के लिए आगे रेफर किया गया।
क्यों जा रहे थे SDM?
परिवार के करीबी रिश्तेदारों ने बताया कि एसडीएम की मतलोत में रिश्ते की एक भाभी का आठ दिन पहले देहांत हो गया था।
शनिवार को वहां शोक संवेदना व्यक्त करने जाना था, लेकिन उससे पहले शुक्रवार को वे अपने घर पट्टियां लौट रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया।
प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रिया
- जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने इस घटना पर गहरा शोक जताया। उन्होंने कहा –
“एसडीएम राजेंद्र सिंह एक समर्पित और मेहनती अफसर थे। उनका जाना एक बड़ी क्षति है। उनके परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी।” - उधमपुर प्रशासन और पुलिस ने आश्वासन दिया कि घायलों को सर्वश्रेष्ठ मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
घटना का असर
- यह हादसा भारी बारिश और भूस्खलन (landslide) की वजह से हुआ।
- स्थानीय लोगों ने बताया कि इस इलाके में हाल ही में लगातार बारिश हो रही थी और कई जगहों पर मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी थीं।
सारांश
1 अगस्त की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि एक बड़ी त्रासदी है, जिसने न सिर्फ एक अधिकारी का जीवन छीना बल्कि एक मासूम बच्चे की भी जान ले ली। यह हादसा फिर से याद दिलाता है कि पहाड़ी इलाकों में यात्रा के दौरान सावधानी और सुरक्षा इंतजाम कितने जरूरी हैं।