गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) के वाइस चांसलर (VC) डॉ. करमजीत सिंह का एक वीडियो सामने आने के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई है। इस वीडियो में VC को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को यूनिवर्सिटी की कुछ पहल के बारे में बताते हुए देखा जा सकता है।
कोच्चि में क्या हुआ था?
यह घटना 28 जुलाई को केरल के कोच्चि में आयोजित एक कार्यक्रम में हुई थी। कार्यक्रम का नाम था – ‘ज्ञान सभा – एजुकेशन फॉर विकसित भारत’। इसे RSS से जुड़े संगठन ‘शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास’ और अमृता यूनिवर्सिटी ने आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में देशभर से कई वाइस चांसलर पहुंचे थे।
वीडियो में दिख रहा है कि डॉ. करमजीत सिंह खड़े होकर मोहन भागवत को यूनिवर्सिटी की तीन पहल के बारे में बता रहे हैं –
1️⃣ भारतीय ज्ञान परंपरा (Bhartiya Gyan Parampara) पर एक compulsory pre-PhD कोर्स।
2️⃣ यूनिवर्सिटी में ‘सिख स्टडी चेयर’ बनाई गई है, जो ऋग्वेद और ‘सर्वे सुखिनो भवंतु’ को ‘सरबत दा भला’ (गुरु नानक देव की शिक्षा) से जोड़कर पढ़ाई करेगी।
3️⃣ Punjabi language को IT से जोड़कर नया कोर्स शुरू किया गया है।
वीडियो में VC यह भी कहते हैं कि वे कार्यक्रम में रखे गए सुझावों को लागू करने की कोशिश करेंगे।
कैसे भड़का विवाद?
कांग्रेस MLA परगट सिंह ने 1 अगस्त को यह वीडियो X (Twitter) पर पोस्ट किया और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को टैग करते हुए लिखा –
“जब गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर RSS प्रमुख को रिपोर्ट देता नजर आता है, तो ये गंभीर सवाल उठाता है। ये दिखाता है कि AAP सरकार ने कैसे RSS को पंजाब की शिक्षा प्रणाली पर काबू करने दिया है। नई शिक्षा नीति (NEP) को पूरी तरह लागू कर पहले ही AAP सरकार ने राइट-विंग एजेंडा को आगे बढ़ाया है।”
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि RSS और BJP सिख धर्म में दखल देने की कोशिश कर रहे हैं।
SGPC की सख्त कार्रवाई
Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC) – जो गुरुद्वारों का प्रबंधन करती है – ने तुरंत एक्शन लिया।
शनिवार को SGPC ने डॉ. करमजीत सिंह को उस कमेटी से हटा दिया, जो अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार (सिखों की सर्वोच्च धार्मिक पदवी) के सर्विस रूल्स तैयार कर रही थी।
SGPC के सचिव प्रताप सिंह ने कहा –
“वीडियो में VC RSS के विचारों से मेल खाते नजर आ रहे हैं। सिख संगत की आपत्तियों को देखते हुए SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने उन्हें कमेटी से हटाने का फैसला लिया।”
कौन क्या कह रहा है?
कांग्रेस
- MLA परगट सिंह ने कहा कि AAP सरकार RSS को बढ़ावा दे रही है और शिक्षा व्यवस्था पर उसका कब्जा कराने का काम कर रही है।
शिरोमणि अकाली दल (SAD)
- पार्टी के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा –
“VC को बताना चाहिए कि वे इस कार्यक्रम में क्यों गए थे। यूनिवर्सिटी का नाम गुरु नानक देव के सिद्धांतों पर है और ऐसे कदम उसकी साख को नुकसान पहुंचाते हैं।”
- उन्होंने यह भी कहा कि AAP सरकार को साफ करना चाहिए कि क्या VC उनकी इजाजत से गए थे या नहीं।
AAP सरकार
- अब तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
BJP
- पंजाब BJP के नेता VC के बचाव में उतर आए।
- पार्टी प्रवक्ता सरचंद सिंह खियाला ने कहा –
“यह फैसला (VC को हटाना) एकतरफा है। संवाद का मतलब सहमति नहीं, बल्कि विचारों का आदान-प्रदान है। एक विद्वान को ऐसे निशाना बनाना संकीर्ण सोच है।”
- BJP लीडर अमरजीत सिंह टिक्का ने SGPC के फैसले को “तानाशाही फरमान” बताया और VC को वापस कमेटी में लेने की मांग की।
GNDU की सफाई
यूनिवर्सिटी के PR डिपार्टमेंट ने बयान जारी कर कहा कि –
- VC आधिकारिक निमंत्रण पर कोच्चि गए थे।
- उन्होंने यूनिवर्सिटी के digitisation projects, पंजाबी भाषा को बढ़ावा, environment campaigns और Sikh consciousness फैलाने के प्रयासों के बारे में जानकारी दी।
- “VC का कार्यक्रम आयोजित करने या मेहमान बुलाने में कोई रोल नहीं था।”
GNDU ने लोगों से अपील की कि अधूरी या भ्रामक जानकारी पर बयानबाजी न करें।
- GNDU के VC का RSS प्रमुख को ब्रीफ करने वाला वीडियो वायरल → विवाद बढ़ा।
- SGPC ने तुरंत उन्हें कमेटी से हटा दिया।
- कांग्रेस और अकाली दल ने AAP पर RSS को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
- BJP नेताओं ने VC का बचाव किया और SGPC के फैसले को “एकतरफा” कहा।
- GNDU ने सफाई देकर कहा कि मामला गलतफहमी और अधूरी जानकारी पर आधारित है।
यह मामला अब सिर्फ एक वीडियो का नहीं रहा, बल्कि पंजाब की राजनीति, धार्मिक भावनाओं और शिक्षा जगत की ‘न्यूट्रैलिटी’ पर बड़ी बहस बन गया है।