पंजाब में लगातार हो रही बरसात और पहाड़ों से आ रहा तेज़ पानी फ़ाज़िल्का ज़िले में खतरा बढ़ा रहा है। इसी बीच, पंजाब की कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर और फ़ाज़िल्का के विधायक नरिंदर पाल सिंह सवना रविवार को बाढ़ प्रभावित गाँव तेजा रुहेला और चक्क रुहेला पहुँचे। यहाँ उन्होंने लोगों को राशन किट और कैटल फीड (पशुओं का चारा) बाँटा और हालात का जायज़ा लिया।
1.7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण हरीके हेडवर्क्स से करीब 1.7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
यह पानी सतलुज क्रीक से गुज़रते हुए कल तक फ़ाज़िल्का पहुँच सकता है, जिससे पानी का स्तर और बढ़ जाएगा। उन्होंने गाँव वालों से अपील की कि महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ।
सरकार के राहत कैंप और टीमें एक्टिव
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कैंप बनाए गए हैं।
- स्वास्थ्य विभाग,
- पशुपालन विभाग,
- जल आपूर्ति व स्वच्छता विभाग,
- राजस्व विभाग
की टीमें लगातार गाँवों में जाकर लोगों की मदद कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है और उन्हें ज़रूरी फ़ीड और दवाइयाँ तुरंत उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
विधायक का बयान – हर संभव मदद जारी
विधायक नरिंदर पाल सिंह सवना ने कहा कि सरकार गाँव-गाँव जाकर बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रही है।
- लोगों को राशन किट दी जा रही है,
- कैटल फीड और हरा चारा भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ज़िले में फ़्लड कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिया गया है। कोई भी व्यक्ति मदद के लिए 01638-262153 नंबर पर कॉल कर सकता है।
अधिकारी भी मौजूद रहे
राहत कार्यों के दौरान कई बड़े अधिकारी भी साथ थे, जिनमें
- अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) डॉ. मनदीप कौर,
- SDM वीरपाल कौर,
- DSP अविनाश चंद्र,
- तहसीलदार जसप्रीत सिंह शामिल रहे।
प्रशासन की बैठक और तैयारियाँ
इससे पहले कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने ज़िला प्रशासनिक परिसर में अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने बाढ़ राहत प्रबंधों की समीक्षा की और सभी विभागों को तत्परता से काम करने और किसी भी हालात का तुरंत सामना करने के निर्देश दिए।
कुल मिलाकर, फ़ाज़िल्का में बाढ़ का ख़तरा लगातार बढ़ रहा है। सरकार और प्रशासन गाँव-गाँव पहुँचकर राहत सामग्री बाँट रहे हैं और लोगों से अपील की जा रही है कि वे सुरक्षित स्थानों पर जाकर चढ़दी कला में रहें।