देशभर में 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस मनाया जाएगा, और इस बार यह दिन और भी खास होने जा रहा है। 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ करगिल युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत के 26 साल पूरे होने पर, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय की ओर से द्रास (कारगिल) में एक विशेष “करगिल विजय दिवस पदयात्रा” का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है – देश के वीर जवानों की शहादत को याद करना, उनके साहस और बलिदान को सलाम करना, और युवा पीढ़ी में देशभक्ति की भावना को मजबूत करना।
कौन करेगा नेतृत्व?
इस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे:
- केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया
- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ
इनके साथ सेना के अधिकारी, पूर्व सैनिक, शहीद जवानों के परिवार, युवा स्वयंसेवक और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे। इस भावुक और प्रेरणादायक पदयात्रा में 1000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
कहां से कहां तक होगी यात्रा?
- यह 1.5 किलोमीटर लंबी पदयात्रा सुबह Himabass Public High School से शुरू होगी।
- यात्रा का समापन Government Higher Secondary School, Bhimbet में होगा।
- इसके बाद मंत्रीगण और 100 युवा स्वयंसेवक करगिल वॉर मेमोरियल पहुंचेंगे, जहां वे वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
महिला बाइकर्स की खास भागीदारी
इस आयोजन की एक खास बात यह भी होगी कि ‘Shakti Udgosh Foundation’ की 26 महिला बाइकरों को करगिल युद्ध स्मारक पर विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। ये महिलाएं एक लंबी दूरी की बाइक रैली पूरी कर, करगिल शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंच रही हैं। उनका यह साहसी कदम देश की बेटियों के जोश और जज़्बे को भी दर्शाता है।
पर्यावरण और देशभक्ति का अनोखा संगम
कार्यक्रम के दौरान “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया जाएगा। यह पहल न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी, बल्कि देशभक्ति को एक नया प्रतीकात्मक रूप देगी। यह सरकार के Viksit Bharat @2047 विजन का भी हिस्सा है, जो देश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और हरित बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।
युवाओं की सक्रिय भागीदारी
इस आयोजन से पहले MY Bharat (मेरा युवा भारत) संस्था ने देशभर के युवाओं को इस अभियान से जोड़ने के लिए कई रचनात्मक गतिविधियां चलाई हैं, जैसे:
- निबंध लेखन प्रतियोगिताएं
- पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिताएं
- “Yuva Samvad” यानी युवाओं के साथ संवाद
इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य था – युवाओं को करगिल युद्ध की वीरगाथाओं से रूबरू कराना, उन्हें सैनिकों के बलिदान की गहराई को समझाना और राष्ट्रनिर्माण में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी
यह पदयात्रा Viksit Bharat Padyatras अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद है – जन भागीदारी के जरिए राष्ट्रनिर्माण। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जनभागीदारी से राष्ट्रनिर्माण” के विजन को ध्यान में रखते हुए यह पहल युवाओं को जोड़ने, देश के प्रति प्रेम बढ़ाने और वीर जवानों की विरासत को सहेजने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
करगिल विजय दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि यह उन हजारों सैनिकों की बहादुरी और बलिदान की कहानी है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए। इस साल द्रास में आयोजित हो रही यह पदयात्रा हर देशवासी को यह याद दिलाएगी कि हम आज जो सांसें ले रहे हैं, वह उन शहीदों की वजह से है।