पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को संगरूर दौरे पर कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर बादल और कांग्रेस नेताओं पर जमकर तंज किए। उनकी बातों को सरल और आम भाषा में समझिए:
कुछ बोल तो खुलकर…
- मानजी ने पूछा कि सुखबीर बादल कहते हैं कि “सड़कों पर जो भी कुछ दिखता है, सब उन्होंने करवाया है” – लेकिन फिर वोट क्यों नहीं मिले?
- उन्होंने कहा कि कॉलेज, स्कूल, university—कुछ भी साफ दिखा? सड़कों पर जितनी बसें दिखती हैं, वह सब बेदाख़िली बादलों की हैं।
- ढाबे, हवेलियां, रॉमेंट्स—सब बादल साहब की हैं। Asli विकास तो दिखाओ!
- अदालतों में रिश्वत खत्म नहीं हुई, बच्चों को नशे में डुबा दिया गया—यह सब बादलों की सरकार का नतीजा था।
कांग्रेस पर भी तरंग
- मानजी ने कह दिया कि कांग्रेस में ‘कुर्सी की जंग’ है—किसी ने किसी को ज्वाइन करवाया, पर पंजाब की बात भूल गए!
- चन्नी, बाजवा, खैहरा, बिट्टू, कप्तान—सबके-अपने हित दिखाए गए, पर पंजाब को कोई नजर ही नहीं आया।
अपनापन और अनुभव की बात
- मानजी ने मज़ाक में कहा कि वह अच्छा कलाकार थे—1–1.5 घंटे के शो के लिए लाखों लेते थे। लेकिन अब ‘साइकिल चलाने की तरह’—धीरे-धीरे नियंत्रण मिल रहा है, फिर सब समझ आता है।
- उन्होंने अपने अनुभव को ज्यादा अहम बताया—”मुझे लोगों के ढाबों पर हिस्सा उगाही का experience नहीं, बल्कि लोगों के सुख-दुख देखने का experience है।”
अकाली दल की सौ-साल की ‘लीज़’ खत्म?
- उन्होंने कहा कि जिस अकाली दल की शुरुआत 1920 में हुई और जिसे वह ‘100 साल की लीज’ कहते थे, वह अब 2019 में खत्म हो गई।
- सुखबीर बादल माफी मांग रहे हैं और “सभी इकट्ठे हो जाओ” की बात कर रहे हैं—लेकिन पार्टी में टूटते धड़े धीरे-धीरे बिखर रहे हैं।
पृष्ठभूमि की बातें – सन्दर्भ की जानकारी
- हमले की घटना पर प्रतिक्रिया: दिसंबर 2024 में सुखबीर सिंह बादल पर स्वर्ण मंदिर के बाहर गोली चलाई गई थी। उस समय CM मान ने पुलिस की तेज़ कार्रवाई की प्रशंसा की और हमलावर की गिरफ्तारी का आदेश दिया था।
- नशा समस्या पर हमला: मानजी ने आरोप लगाया कि 2009 में पंजाब में केवल 1,000 नशेड़ी थे, लेकिन 2015 में यह संख्या बढ़कर 20 लाख हो गई—और इसका जिम्मेदार पिछली सरकारें थीं।
- सार्वजनिक विकास पर जोर: 11 अगस्त को संगरूर में उन्होंने मिड-डे स्कूलों, नर्सिंग स्कूल और 12 कैंसर स्क्रीनिंग बसों का उद्घाटन किया, जो ‘वर्ल्ड कैंसर केयर’ के सहयोग से गांव-गांव की कैंसर जागरूकता बढ़ाएंगी।
- अकाली दल में आ रही खींच-तान: एक नए फ्रेशन SAD गुट ने अमृतसर में अपने अध्यक्ष के चुनाव की घोषणा की—यह एक बड़ी पार्टी के अंदर विवाद की निशानी है।
CM भगवंत मान ने साफ शब्दों में यह संदेश दिया कि:
- विकास से भूले नेता अब नहीं चलेगा,
- अकाली दल का व्यवसाय-जिंदगी के पीछे छिपा सच सामने आया है,
- और कांग्रेस के नेता वफादारियों के खेल में पंजाब को भूल गए हैं।
साधारण भाषा में कहें, तो मानजी ने कहा: “कुर्सी की लड़ाई ख़तम करो, असली मुद्दों पर काम करो।”