Punjab CM Bhagwant Mann पहुंचे Tamil Nadu – ‘Chief Minister’s Breakfast Scheme’ के कार्यक्रम में बने Chief Guest

चेन्नई में 26 अगस्त 2025 को एक ऐतिहासिक मौका देखने को मिला, जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान तमिलनाडु सरकार की मुख्यमंत्री नाश्ता योजना के विस्तार समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।

20 लाख से ज्यादा बच्चों को मिलेगा फायदा

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस योजना का विस्तार करते हुए घोषणा की कि अब यह योजना पूरे राज्य के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक स्कूलों में लागू होगी। इसके तहत 20.59 लाख छात्रों को रोज़ नाश्ता मिलेगा। स्टालिन ने कहा कि बच्चों को भूख से मुक्त कर शिक्षा की ओर प्रेरित करना ही इस योजना का मकसद है। उन्होंने इसे कल्याणकारी नीतियों का अहम हिस्सा बताया।

CM भगवंत मान ने दी बधाई

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कार्यक्रम में कहा कि उनके लिए यह बहुत सम्मान और खुशी की बात है कि उन्हें तमिलनाडु सरकार ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुख्य अतिथि बनाया।
उन्होंने कहा –

  • “भारत की असली ताकत उसकी विविधता में एकता है। जैसे अलग-अलग रंगों के फूलों से बना गुलदस्ता सुंदर लगता है, वैसे ही अलग-अलग संस्कृति और परंपराओं से सजा हमारा देश भी खूबसूरत और मज़बूत बनता है।”
  • मान ने कहा कि पंजाब और तमिलनाडु दोनों की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और आपसी भाईचारा दोनों राज्यों को जोड़ता है।
  • उन्होंने तमिलनाडु सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब सरकार भी देशभर में लागू हो रही इस तरह की लोक-कल्याणकारी योजनाओं से सीखने और उन्हें अपनाने के लिए तैयार है।

पंजाब सरकार की पहलें भी गिनाईं

पत्रकारों से बातचीत में मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, बुनियादी ढांचा और लोक-कल्याण से जुड़े क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को राजनीति के केंद्र में लाने का श्रेय आम आदमी पार्टी को जाता है।

बच्चों को खुद परोसा नाश्ता

इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मिलकर बच्चों को नाश्ता परोसा। यह पल वहां मौजूद सभी लोगों के लिए बेहद भावुक और यादगार बन गया।

 

 

दौरे से मजबूत होंगे रिश्ते

सीएम मान ने उम्मीद जताई कि यह ऐतिहासिक दौरा पंजाब और तमिलनाडु के रिश्तों को और मज़बूत करेगा और दोनों राज्यों के लिए प्रगति व समृद्धि के नए रास्ते खोलेगा।

कुल मिलाकर, यह दौरा सिर्फ एक योजना के विस्तार तक सीमित नहीं रहा बल्कि दो राज्यों के बीच आपसी भाईचारे, सीख और सहयोग की नई मिसाल पेश कर गया।