पंजाब में बाढ़ से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। कई ज़िले पानी की चपेट में आ चुके हैं, गाँव और खेत बुरी तरह प्रभावित हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि वे खुद, पूरे मंत्रिमंडल के मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के सभी विधायक अपने एक महीने की सैलरी (salary) बाढ़ राहत कार्यों के लिए दान करेंगे।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब को इस आपदा से भारी नुकसान हुआ है। “अब वक्त है कि सभी पंजाबी मिलकर एक-दूसरे का साथ दें। हमारी सरकार और प्रशासन पूरी तरह से लोगों की जान बचाने और उन्हें राहत देने के लिए कमिटेड है।”
सरकार के कदम:
- हेलीकॉप्टर से मदद: पहली बार राज्य सरकार ने पंजाब का हेलीकॉप्टर राहत कार्यों के लिए लगाया। इससे छतों और ऊँचे स्थानों पर फंसे लोगों तक खाना, पानी और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।
- कंट्रोल रूम 24×7: सरकार ने हर प्रभावित ज़िले में कंट्रोल रूम बनाए हैं, जहाँ से रेस्क्यू और राहत कार्यों की निगरानी हो रही है।
- गिरदावरी (Survey): सीएम मान ने सभी डिप्टी कमिश्नरों (DCs) को आदेश दिए हैं कि नुक़सान का पूरा सर्वे किया जाए, ताकि किसानों और लोगों को सही मुआवज़ा मिल सके।
- मुआवज़ा: सरकार ने भरोसा दिया है कि “हर नुक़सान का एक-एक पैसा लोगों को लौटाया जाएगा।”
विपक्ष का रुख:
- कांग्रेस: पंजाब कांग्रेस ने भी प्रस्ताव रखा है कि उनके सभी सांसद और विधायक एक महीने की सैलरी बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए दान करेंगे।
- शिअद (SAD): शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने सरकार पर तैयारी की कमी का आरोप लगाया और कहा कि बाँधों और नदियों की सफाई जैसे काम पहले हो जाते तो नुकसान इतना बड़ा नहीं होता। उन्होंने तुरंत राहत और मुआवज़े की मांग की है।
बाढ़ की स्थिति:
पंजाब में सतलुज, ब्यास और रावी नदियों में आई बाढ़ से गाँव, फसलें और घर डूब गए हैं। लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है। सेना, NDRF और पुलिस लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री और मंत्री खुद फील्ड में जाकर हालात का जायज़ा ले रहे हैं।
सारांश (Summary):
- CM मान, मंत्री और AAP विधायक देंगे 1 महीने की सैलरी।
- हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री और बचाव कार्य।
- कंट्रोल रूम और गिरदावरी आदेश जारी।
- हर नुक़सान का मुआवज़ा देने का आश्वासन।
- कांग्रेस और शिअद ने भी अपने-अपने स्तर पर प्रतिक्रिया दी।
यह कदम पंजाब सरकार की एक बड़ी मानवीय पहल (humanitarian step) माना जा रहा है, जिससे बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और भरोसा मिलेगा कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में पूरी तरह उनके साथ खड़ी है।