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	<title>Agriculture &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>Mann सरकार की Science-Based schemes से Stubble-Burning Pollution में 94% गिरावट — ‘Punjab Model’ को Centre ने किया Approved, अब पूरे देश में होगा लागू</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/mann-governments-science-based-initiatives-stubble-burning-pollution-drops-by-94-punjab-model-approved-by-the-centre-now-to-be-implemented-nationwide/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Dec 2025 04:59:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[CropResidueManagement]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब सरकार ने पराली जलाने की समस्या को लगभग खत्म कर देने जैसा बड़ा काम कर दिखाया है। इस बार पंजाब में पराली जलाने के मामले 94% तक कम हो गए हैं। 2016 में जहाँ 80,879 मामले दर्ज हुए थे, वहीं इस साल यानी 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 5,114 रह गई। यह पिछले [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब सरकार ने पराली जलाने की समस्या को लगभग खत्म कर देने जैसा बड़ा काम कर दिखाया है। इस बार पंजाब में पराली जलाने के मामले <strong>94% </strong><strong>तक कम</strong> हो गए हैं। 2016 में जहाँ <strong>80,879 </strong><strong>मामले</strong> दर्ज हुए थे, वहीं इस साल यानी 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ <strong>5,114 </strong><strong>रह गई</strong>। यह पिछले साल 2024 की तुलना में भी <strong>53% </strong><strong>कम</strong> है।</p>
<p>यह उपलब्धि केवल पंजाब के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत मैसेज है कि अगर सरकार और किसान मिलकर काम करें, तो बड़ी से बड़ी पर्यावरण समस्या का हल निकाला जा सकता है। यही वजह है कि केंद्रीय कृषि मंत्री <strong>शिवराज सिंह चौहान</strong> ने इस मॉडल को पूरे देश में लागू करने की घोषणा की है। इसे अब <strong>‘</strong><strong>पंजाब मॉडल</strong><strong>’</strong> कहा जा रहा है।</p>
<p><strong>सफलता का फॉर्मूला: सहयोग + विज्ञान + किसान-प्रथम सोच</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> के नेतृत्व में सरकार ने ऐसा मॉडल अपनाया जिसमें किसानों को सज़ा देने के बजाय उन्हें समाधान, मशीनरी और पूरी मदद दी गई। किसानों की जरूरतों को समझकर, जमीन पर काम करने वाले अधिकारियों और वैज्ञानिकों को साथ लेकर एक सिस्टम तैयार किया गया।</p>
<ol>
<li><strong>आधुनिक मशीनरी ने खेल बदला </strong><strong>— </strong><strong>भारी सब्सिडी से किसानों का फायदा</strong></li>
</ol>
<p>2018-19 में शुरू हुए <strong>CRM (Crop Residue Management) </strong><strong>कार्यक्रम</strong> के तहत:</p>
<ul>
<li>शुरुआत में सिर्फ <strong>25,000 </strong><strong>मशीनें</strong> थीं</li>
<li>आज (2025 तक) बढ़कर <strong>1.48 </strong><strong>लाख से ज़्यादा </strong><strong>CRM </strong><strong>मशीनें</strong> हो चुकी हैं</li>
<li>इनमें <strong>66,000 Super Seeders</strong> भी शामिल हैं</li>
</ul>
<p>सरकार ने छोटे किसानों को मशीनों पर <strong>80% </strong><strong>तक सब्सिडी</strong> दी (पहले 50% थी)। हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, मल्चर, एम.बी. हल, बेलर जैसी मशीनों ने खेत में ही पराली को मिट्टी में मिलाना आसान बना दिया। इससे किसान बिना आग लगाए गेहूँ की बुवाई कर पा रहे हैं।</p>
<p>कृषि विभाग के निदेशक <strong>जसवंत सिंह</strong> के मुताबिक, मशीनें बढ़ने के बाद ही ग्राउंड लेवल पर बड़ा बदलाव दिखना शुरू हुआ।</p>
<ol start="2">
<li><strong>एक्स-सीटू सॉल्यूशन </strong><strong>— </strong><strong>पराली से अब कमाई</strong></li>
</ol>
<p>पहले पराली किसानों के लिए बेकार थी, इसलिए आग लगा देते थे। लेकिन अब सरकार ने पराली को बेचने और उसे उद्योगों तक पहुंचाने का सिस्टम बना दिया है।</p>
<ul>
<li>बायोमास पावर प्लांट्स</li>
<li>पेपर मिल्स</li>
<li>बायो-CNG प्लांट्स</li>
<li>पैडी स्ट्रॉ पैलेट यूनिट्स</li>
</ul>
<p>ये सभी सीधे किसानों से पराली खरीद रहे हैं।</p>
<p>पिछले साल उद्योगों ने <strong>27.6 </strong><strong>लाख टन पराली</strong> खरीदी थी।<br />
इस साल यह संख्या बढ़कर <strong>75 </strong><strong>लाख टन (</strong><strong>7.50 </strong><strong>मिलियन टन)</strong> हो गई है।</p>
<p>यह सिस्टम एक तरह की <strong>Circular Economy</strong> बन गया है, जिससे किसानों को <strong>extra income</strong> भी मिल रही है।</p>
<ol start="3">
<li><strong>गाँव-गाँव जागरूकता </strong><strong>— Door-to-Door Campaign </strong><strong>ने बदल दिया माइंडसेट</strong></li>
</ol>
<p>सरकार ने सिर्फ मशीनें ही नहीं दीं—बल्कि किसानों की सोच बदलने के लिए बड़े स्तर पर campaigns चलाए।</p>
<ul>
<li>गाँव स्तर पर CRM कमेटियाँ</li>
<li>Door-to-door outreach</li>
<li>मिट्टी की सेहत पर awareness</li>
<li>स्कूल–कॉलेज की भागीदारी</li>
<li>जिला प्रशासन + पुलिस + कृषि अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई</li>
</ul>
<p>इन सब प्रयासों ने किसानों को समझाया कि पराली जलाने से मिट्टी की quality खराब होती है और long-term productivity गिरती है।</p>
<p>आज किसान खुद कह रहे हैं कि पराली जलाना उनके लिए नुकसानदायक है।</p>
<ol start="4">
<li><strong> Satellite Monitoring </strong><strong>से कड़ी नज़र</strong><strong>, </strong><strong>लेकिन दंड नहीं </strong><strong>— Support </strong><strong>पर फोकस</strong></li>
</ol>
<p>पंजाब Pollution Control Board और कृषि विभाग ने NASA और PRSC की satellite इमेजरी से लगातार निगरानी की।</p>
<p>लेकिन सरकार ने एक बात साफ रखी—<br />
<em>किसानों को डराकर नहीं</em><em>, </em><em>समझाकर समाधान देना है।</em></p>
<p>इसलिए FIR सिर्फ उन्हीं पर दर्ज हुई जो बार-बार, जानबूझकर नियम तोड़ते रहे। ऐसे मामलों की संख्या <strong>1963</strong> रही।</p>
<p>बाकियों को हर तरह की सहायता दी गई।</p>
<ol start="5">
<li><strong>सरकार की आगे की योजना </strong><strong>— </strong><strong>मिट्टी की सेहत और मशीनरी की आसान उपलब्धता</strong></li>
</ol>
<p>जसवंत सिंह ने कहा कि अब सरकार का फोकस है:</p>
<ul>
<li>मिट्टी की quality बढ़ाना</li>
<li>CRM मशीनें हर दूर-दराज गांव तक पहुँचाना</li>
<li>पराली को पूरी तरह resource में बदलना</li>
</ul>
<p>यह मॉडल अब पूरे भारत के लिए inspiration बन गया है।</p>
<p><strong>नतीजा: भारत का सबसे सफल </strong><strong>Anti-Pollution </strong><strong>मॉडल</strong></p>
<p>पंजाब सरकार ने साबित कर दिया है कि किसान जब सरकार के partner बनते हैं, तो प्रदूषण जैसी बड़ी समस्या का समाधान भी आसान हो जाता है।</p>
<p>केंद्र सरकार द्वारा इसे देश में लागू किए जाने का मतलब है कि पंजाब का यह प्रयास पूरे भारत के लिए एक बड़ा उदाहरण बन चुका है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Mann सरकार की ऐतिहासिक Achievement: 1.1 Million से ज्यादा किसानों को मिला MSP Benefit</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/historic-achievement-of-mann-government-over-1-1-million-farmers-benefit-from-msp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Nov 2025 04:16:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers]]></category>
		<category><![CDATA[FarmersWelfare]]></category>
		<category><![CDATA[MannGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[MSP]]></category>
		<category><![CDATA[MSPBenefit]]></category>
		<category><![CDATA[PaddyProcurement]]></category>
		<category><![CDATA[Patiala]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में धान की खरीद प्रक्रिया को smooth और farmers-friendly बनाने में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने कमाल कर दिया है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार की सक्रिय पहल के चलते 12 नवंबर तक 11,31,270 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल चुका है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में धान की खरीद प्रक्रिया को smooth और farmers-friendly बनाने में मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> की सरकार ने कमाल कर दिया है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार की सक्रिय पहल के चलते <strong>12 </strong><strong>नवंबर तक </strong><strong>11,31,270 </strong><strong>किसानों</strong> को <strong>न्यूनतम समर्थन मूल्य (</strong><strong>MSP)</strong> का लाभ मिल चुका है।</p>
<p>खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री <strong>लाल चंद कटारूचक</strong> के नेतृत्व में धान की खरीद, उठान और किसानों को payment की प्रक्रिया लगातार तेज़ी से चल रही है।</p>
<p>पंजाब के <strong>पटियाला जिला</strong> ने इस मामले में सबसे आगे रहने का रिकॉर्ड बनाया है। यहां अब तक <strong>96,920 </strong><strong>किसानों</strong> को MSP का फायदा मिला है।</p>
<p><strong>धान की खरीद और उठान का हाल:</strong></p>
<ul>
<li>राज्यभर की मंडियों में अब तक कुल <strong>1,54,78,162.41 </strong><strong>मीट्रिक टन</strong> धान आई।</li>
<li>इसमें से <strong>1,53,89,039.51 </strong><strong>मीट्रिक टन</strong> धान की खरीद पूरी हो चुकी है, यानी कुल फसल का लगभग <strong>99%</strong>।</li>
<li>उठान का आंकड़ा <strong>1,41,09,483.18 </strong><strong>मीट्रिक टन</strong> है, यानी खरीदी गई फसल का लगभग <strong>91%</strong> farmers के पास पहुंच चुका है।</li>
</ul>
<p>सरकार का यह प्रयास किसानों को <strong>time-bound payment </strong><strong>और </strong><strong>MSP </strong><strong>का फायदा</strong> दिलाने के लिए है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सके और वे financial stress-free रह सकें।</p>
<p>मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि उनका लक्ष्य किसानों के लिए हर साल MSP सुनिश्चित करना और मंडियों में धान की smooth खरीद प्रक्रिया बनाए रखना है।</p>
<p>यह पहल पंजाब सरकार की <strong>किसान-</strong><strong>friendly </strong><strong>और </strong><strong>progressive </strong><strong>नीतियों</strong> का एक और उदाहरण है, जिससे राज्य में खेती और किसानों की livelihood मजबूत हो रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Mann सरकार का कमाल: 150 Lakh MT से ज़्यादा धान खरीद, 11 Lakh किसानों को तेज़ भुगतान — Punjab ने बनाया Record</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/mann-governments-big-achievement-over-150-lakh-mt-paddy-procured-fast-payments-to-11-lakh-farmers-punjab-sets-a-new-record/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Nov 2025 09:23:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers]]></category>
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		<category><![CDATA[MSP]]></category>
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		<category><![CDATA[PaddySeason2025]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के किसानों के लिए यह सीज़न खुशख़बरी से भरा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में राज्य सरकार ने इस साल धान खरीद में नया इतिहास बना दिया है। बाढ़ जैसे मुश्किल हालातों के बावजूद सरकार ने 150 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद लिया है, जो अपने आप में एक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के किसानों के लिए यह सीज़न खुशख़बरी से भरा रहा है। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> की अगुवाई में राज्य सरकार ने इस साल <strong>धान खरीद में नया इतिहास</strong> बना दिया है। बाढ़ जैसे मुश्किल हालातों के बावजूद सरकार ने <strong>150 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन से अधिक धान</strong> खरीद लिया है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<h2><strong>99% </strong><strong>धान खरीद पूरी </strong><strong>— </strong><strong>मंडियों में रिकॉर्ड परफॉर्मेंस</strong></h2>
<p>10 नवंबर की शाम तक पंजाब की मंडियों में <strong>1,51,80,075.88 MT </strong><strong>धान</strong> पहुंचा था।<br />
इनमें से <strong>1,50,35,129.93 MT</strong> धान की खरीद हो चुकी है।<br />
यानी <strong>करीब 99% </strong><strong>खरीद</strong>, जो दिखाता है कि सरकार का सिस्टम कितना मजबूत और असरदार है।</p>
<h2><strong>बाढ़ के बावजूद किसानों को राहत</strong></h2>
<p>हालांकि कई जिलों में बाढ़ से फसल को नुकसान हुआ था, लेकिन सरकार ने</p>
<ul>
<li>तेज़ कार्रवाई,</li>
<li>बेहतर प्लानिंग,</li>
<li>और लगातार मॉनिटरिंग<br />
से यह सुनिश्चित किया कि किसानों को खरीद में कोई दिक्कत न आए।</li>
</ul>
<h2><strong>11 </strong><strong>लाख किसानों को एमएसपी का फायदा </strong><strong>— 48 </strong><strong>घंटे में भुगतान</strong></h2>
<p>सरकार ने धान बेचने वाले <strong>11 </strong><strong>लाख से अधिक किसानों</strong> को <strong>न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)</strong> का लाभ दिया है।<br />
सबसे बड़ी बात — किसानों को उनका पैसा <strong>खरीद के 48 </strong><strong>घंटे के अंदर</strong> सीधे बैंक खाते में भेजा गया।</p>
<p>अब तक पंजाब सरकार <strong>₹34,000 </strong><strong>करोड़ से ज़्यादा</strong> राशि किसानों को दे चुकी है।</p>
<p>इससे किसानों को<br />
अगली फसल की तैयारी<br />
कृषि खर्च पूरे करने<br />
और आर्थिक स्थिरता<br />
में बहुत मदद मिली।</p>
<h2><strong>पटियाला जिला सबसे आगे</strong></h2>
<p>किसानों को भुगतान दिलाने में <strong>पटियाला जिला टॉप</strong> पर रहा। सबसे ज्यादा किसानों को यहीं पर एमएसपी का लाभ मिला।</p>
<h2><strong>मंडियों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर</strong></h2>
<p>पंजाब सरकार ने इस साल मंडियों में</p>
<ul>
<li>डिजिटल मॉनिटरिंग,</li>
<li>तेज़ पेपरवर्क,</li>
<li>साफ-सफाई,</li>
<li>और बेहतर मैनेजमेंट<br />
जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित कीं।</li>
</ul>
<p>फ़ूड, सिविल सप्लाईज़ और कंज़्यूमर अफ़ेयर्स मंत्री <strong>लाल चंद कटारूचक</strong> ख़ुद मंडियों का दौरा कर रहे थे, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो।</p>
<h2><strong>धान की उठाई भी तेज़ </strong><strong>— 90% </strong><strong>से अधिक स्टॉक क्लियर</strong></h2>
<p>खरीदा गया करीब <strong>135 </strong><strong>लाख MT </strong><strong>से अधिक धान</strong> मंडियों से उठा लिया गया है।<br />
इससे मंडियों में भीड़ नहीं लगी और पूरे सीज़न में व्यवस्था स्मूद रही।</p>
<h2><strong>सीएम भगवंत मान का बयान</strong></h2>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा:<br />
<strong>“</strong><strong>यह सफलता किसानों, </strong><strong>अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमवर्क का नतीजा है। हमारा मकसद सिर्फ़ धान खरीदना नहीं, </strong><strong>बल्कि किसानों को सम्मान, </strong><strong>भरोसा और आत्मनिर्भरता देना है।”</strong></p>
<p>उनकी “<strong>किसान-प्रथम नीति</strong>” इस बार पूरी तरह सफल साबित हुई।</p>
<p>यह रिकॉर्ड सिर्फ़ एक सरकारी आंकड़ा नहीं है।<br />
यह दिखाता है कि जब<br />
नीयत साफ़ हो,<br />
सिस्टम मजबूत हो,<br />
और किसान-हित सबसे ऊपर रखा जाए,<br />
तो कोई भी चुनौती राज्य की प्रगति को रोक नहीं सकती।</p>
<p>पंजाब सरकार ने इस बार साबित कर दिया कि सही प्रबंधन और पारदर्शिता से कृषि तंत्र को मॉडल बनाया जा सकता है — पूरे देश के लिए एक मिसाल की तरह।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Agriculture Minister Khuddian की अपील: तरक्की और साफ हवा के लिए APP को चुनें, Crop Residue Management में किसानों और सरकार की तारीफ</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/agriculture-minister-khuddians-appeal-choose-app-for-progress-and-clean-air-praise-for-farmers-and-government-in-crop-residue-management/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Nov 2025 06:14:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[app]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[CleanAir]]></category>
		<category><![CDATA[CropResidue]]></category>
		<category><![CDATA[EnvironmentalProtection]]></category>
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		<category><![CDATA[Farmers]]></category>
		<category><![CDATA[GurmeetKhuddian]]></category>
		<category><![CDATA[ParaliManagement]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[SustainableFarming]]></category>
		<category><![CDATA[VoteForProgress]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किसानों की मेहनत और सरकार की पहल की तारीफ करते हुए कहा कि पराली जलाने की घटनाओं में 85% तक कमी आई है। उन्होंने बताया कि यह सफलता मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व और पंजाब के किसानों की मेहनत का नतीजा है। खुड्डियां ने कहा, &#8220;आज पंजाब [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के कृषि मंत्री <strong>गुरमीत सिंह खुड्डियां</strong> ने किसानों की मेहनत और सरकार की पहल की तारीफ करते हुए कहा कि पराली जलाने की घटनाओं में <strong>85% </strong><strong>तक कमी</strong> आई है। उन्होंने बताया कि यह सफलता <strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong> के नेतृत्व और पंजाब के किसानों की मेहनत का नतीजा है।</p>
<p>खुड्डियां ने कहा, &#8220;आज पंजाब के किसान सिर्फ फसलें ही नहीं उगा रहे, बल्कि समस्याओं का समाधान भी ढूंढ रहे हैं। अब किसानों की मेहनत और सरकार की योजनाओं की वजह से हम प्रदूषण को कम करने में कामयाब हुए हैं।&#8221;</p>
<p><strong>मान सरकार की उपलब्धियां:</strong></p>
<ul>
<li>अब <strong>धान की पराली</strong> थर्मल प्लांट्स में <strong>बायोमास ईंधन</strong> के रूप में इस्तेमाल हो रही है।</li>
<li>इससे न केवल <strong>हवा साफ हो रही है</strong>, बल्कि किसानों को <strong>अतिरिक्त आय</strong> भी मिल रही है।</li>
<li>सरकार ने किसानों को <strong>फसल अवशेष संभालने के लिए मशीनरी</strong>, <strong>जागरूकता अभियान</strong>, और <strong>बाजार उपलब्ध कराए</strong>।</li>
<li>इन कदमों से यह साबित हुआ कि <strong>कृषि विकास और पर्यावरण सुरक्षा</strong> एक साथ चल सकते हैं।</li>
</ul>
<p><strong>राजनीतिक अपील:</strong><br />
खुड्डियां ने तरनतारन के मतदाताओं से अपील की कि वे <strong>&#8216;</strong><strong>आप</strong><strong>&#8216; </strong><strong>पार्टी</strong> को वोट दें। उन्होंने कहा, &#8220;तरनतारन को प्रदूषण की राजनीति नहीं, बल्कि <strong>तरक्की की राजनीति</strong> चाहिए। जो वोट आप को दिया जाएगा, वह <strong>किसान</strong><strong>, </strong><strong>साफ हवा और खुशहाल पंजाब</strong> के लिए होगा।&#8221;</p>
<p><strong>सारांश:</strong><br />
पंजाब सरकार और किसानों ने मिलकर पराली जलाने की समस्या को हल किया है। अब पराली का सही इस्तेमाल हो रहा है, प्रदूषण कम हुआ है, और किसानों को आर्थिक फायदा भी मिल रहा है। साथ ही, सरकार इसे एक <strong>सकारात्मक और विकास आधारित संदेश</strong> के रूप में जनता के सामने पेश कर रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Central Government ने की Mann सरकार की सराहना, Punjab की सफ़लता, किसानों के सहयोग से Stubble Burning Incidents में 85% की ऐतिहासिक गिरावट</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/central-government-praises-mann-government-punjab-achieves-historic-85-drop-in-stubble-burning-incidents-with-farmers-cooperation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Nov 2025 05:33:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[AirQuality]]></category>
		<category><![CDATA[CAQM]]></category>
		<category><![CDATA[CleanAir]]></category>
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		<category><![CDATA[ParaliRevolution]]></category>
		<category><![CDATA[StubbleBurning]]></category>
		<category><![CDATA[SustainableFarming]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के किसान अब सिर्फ अन्न उगाने वाले नहीं रहे। अब वे पराली क्रांति (Stubble Burning Revolution) के जरिए पर्यावरण के रक्षक भी बन गए हैं। यह बदलाव इतना बड़ा है कि केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा खुद इसका अध्ययन करने और किसानों की सराहना करने राजपुरा थर्मल प्लांट पहुंचे। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के किसान अब सिर्फ अन्न उगाने वाले नहीं रहे। अब वे <strong>पराली क्रांति (Stubble Burning Revolution)</strong> के जरिए पर्यावरण के रक्षक भी बन गए हैं। यह बदलाव इतना बड़ा है कि केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष <strong>राजेश वर्मा</strong> खुद इसका अध्ययन करने और किसानों की सराहना करने <strong>राजपुरा थर्मल प्लांट</strong> पहुंचे।</p>
<p>राजेश वर्मा का कहना है कि उनका दौरा <strong>सिर्फ़ चेक करने या जुर्माना लगाने के लिए नहीं था</strong>, बल्कि यह देखने के लिए था कि कैसे पंजाब के किसान अपने खेतों की पराली जलाने की जगह <strong>सस्टेनेबल और स्मार्ट विकल्प</strong> चुन रहे हैं।</p>
<h3><strong>पराली जलाने में ऐतिहासिक कमी</strong></h3>
<p>आंकड़े बताते हैं कि पंजाब में इस मुद्दे पर बड़ा बदलाव आया है:</p>
<ul>
<li><strong>2021:</strong> 71,300 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज</li>
<li><strong>2024:</strong> घटकर 10,900 घटनाएं (लगभग 85% कमी)</li>
<li><strong>2025 (</strong><strong>अब तक):</strong> केवल 3,284 घटनाएं</li>
</ul>
<p>इस रुझान से साफ पता चलता है कि पंजाब के किसान अब अपने खेतों की पराली जलाने की बजाय इसे <strong>बायोमास ईंधन (Biomass Fuel)</strong> में बदल रहे हैं।</p>
<p>राजेश वर्मा ने कहा,</p>
<p>“धान का पुआल अब किसानों के लिए आय का स्रोत बन गया है। जो कभी कचरा माना जाता था, अब उसे थर्मल प्लांटों के लिए बायोमास में बदल दिया जा रहा है।”</p>
<h3><strong>कैसे आया यह बदलाव?</strong></h3>
<p>यह बदलाव अचानक नहीं हुआ। इसके पीछे कुछ मुख्य कदम हैं:</p>
<ol>
<li><strong>सरकारी सहयोग और निवेश</strong> – बायोमास संग्रह की इंफ्रास्ट्रक्चर में पैसा लगाया गया।</li>
<li><strong>शिक्षा और जागरूकता</strong> – किसानों को बताया गया कि पराली का वैकल्पिक इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है और इससे उन्हें <strong>आर्थिक लाभ</strong> भी होगा।</li>
<li><strong>सस्टेनेबल मॉडल</strong> – आम आदमी पार्टी की सरकार ने किसानों के साथ मिलकर समाधान तैयार किया।</li>
</ol>
<p>इस पहल का असर सिर्फ किसानों की आय तक ही सीमित नहीं है, बल्कि <strong>उत्तर भारत की वायु गुणवत्ता में सुधार</strong> भी हुआ है।</p>
<h3><strong>किसानों की नई पहचान</strong></h3>
<p>पंजाब के किसान अब केवल अन्न उगाने वाले नहीं, बल्कि <strong>समाधान पैदा करने वाले</strong> बन गए हैं। यह बदलाव उनके लिए गर्व की बात है। वे अब अपनी कृषि विरासत को बनाए रखते हुए पर्यावरण की रक्षा भी कर रहे हैं।</p>
<p>राजेश वर्मा ने जोर देकर कहा:</p>
<p>“इस साल पराली जलाने की घटनाओं में तेजी से कमी दिख रही है। यह साबित करता है कि किसान ‘पराली क्रांति’ का नेतृत्व कर रहे हैं।”</p>
<h3><strong>पड़ोसी राज्यों के साथ तुलना</strong></h3>
<p>पंजाब के उदाहरण से पड़ोसी राज्यों में अंतर साफ दिखता है। जबकि पंजाब में हवा साफ हुई है, दिल्ली में अब भी प्रदूषण की समस्या बनी हुई है। अंतर? पंजाब ने <strong>समस्या के स्रोत (Source) </strong><strong>पर कार्रवाई की</strong> और किसानों के साथ सहयोग किया, उनके खिलाफ नहीं।</p>
<h3><strong>पराली क्रांति का संदेश</strong></h3>
<ul>
<li><strong>आर्थिक लाभ:</strong> किसानों के लिए नए आय स्रोत</li>
<li><strong>पर्यावरण सुरक्षा:</strong> कम प्रदूषण और साफ हवा</li>
<li><strong>सामाजिक संदेश:</strong> किसान अब अपने खेत और पर्यावरण के संरक्षक हैं</li>
<li><strong>सकारात्मक बदलाव:</strong> कृषि समृद्धि और पर्यावरणीय जिम्मेदारी अब साथ-साथ चल सकते हैं</li>
</ul>
<p>जैसे ही दिवाली का त्योहार आया, पंजाब के किसानों ने साफ आसमान के साथ पूरे उत्तर भारत को <strong>एक उपहार</strong> दिया—यह दिखाने के लिए कि जब समुदायों को विकल्प और सपोर्ट दिया जाता है, तो वे <strong>सही रास्ता चुनते हैं</strong>।</p>
<p>पंजाब की यह कहानी <strong>परिवर्तन, </strong><strong>जिम्मेदारी और नेतृत्व</strong> की है। और इसे वे किसान लिख रहे हैं जो देश को खिलाते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab बना देश का Lychee Hub: Mann सरकार ने खोला export का रास्ता, किसानों की आमदनी 5 गुना बढ़ी</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-becomes-indias-lychee-hub-mann-government-opens-export-path-farmers-income-increases-fivefold/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Nov 2025 05:11:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[ColdChain]]></category>
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					<description><![CDATA[भगवंत मान सरकार की मेहनत और नई नीतियों के चलते पंजाब अब देश का प्रमुख लीची हब बन गया है। राज्य ने लीची उत्पादन और निर्यात में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिससे किसानों की आमदनी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। 2023-24 में पंजाब ने 71,490 मीट्रिक टन लीची का उत्पादन किया, जो पूरे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भगवंत मान सरकार की मेहनत और नई नीतियों के चलते पंजाब अब देश का प्रमुख लीची हब बन गया है। राज्य ने लीची उत्पादन और निर्यात में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिससे किसानों की आमदनी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p>2023-24 में पंजाब ने <strong>71,490 </strong><strong>मीट्रिक टन लीची</strong> का उत्पादन किया, जो पूरे भारत का 12.39% है। इस साल भी उत्पादन लगभग इसी स्तर पर बना हुआ है। पंजाब के <strong>पठानकोट</strong><strong>, </strong><strong>गुरदासपुर</strong><strong>, </strong><strong>नवांशहर</strong><strong>, </strong><strong>होशियारपुर और रोपड़</strong> जिलों में करीब <strong>3,900 </strong><strong>हेक्टेयर</strong> में लीची उगाई जा रही है, जिसमें अकेले पठानकोट में <strong>2,200 </strong><strong>हेक्टेयर</strong> शामिल हैं।</p>
<p>मान सरकार की <strong>फसल विविधीकरण नीति</strong> ने किसानों को गेहूं और धान की फसलों से निकालकर सालभर की स्थिर आमदनी का नया विकल्प दिया है।</p>
<p><strong>निर्यात में भी पंजाब आगे</strong></p>
<ul>
<li><strong>2024 </strong><strong>में पहली बार</strong> पंजाब की लीची लंदन पहुंची — सिर्फ 10 क्विंटल लीची पर किसानों को <strong>500% </strong><strong>ज्यादा दाम</strong> मिले।</li>
<li>2025 में निर्यात और बढ़ा, जब <strong>कतर और दुबई</strong> को 1.5 मीट्रिक टन लीची भेजी गई।</li>
<li>अब तक <strong>600 </strong><strong>क्विंटल निर्यात ऑर्डर</strong> मिल चुके हैं, जिनका अनुमानित मूल्य <strong>₹3–5 </strong><strong>करोड़</strong> है।</li>
<li>राज्य अब <strong>पठानकोट लीची</strong> के लिए <strong>GI </strong><strong>टैग</strong> भी दिलाने की कोशिश कर रहा है।</li>
</ul>
<p>इन पहलों से पंजाब देश का <strong>उभरता हुआ लीची निर्यात केंद्र</strong> बन गया है।</p>
<p><strong>सरकार की मदद और सब्सिडी</strong></p>
<p>पंजाब सरकार ने लीची किसानों की मदद के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं:</p>
<ul>
<li>पैकिंग बॉक्स और क्रेट्स पर <strong>50% </strong><strong>सब्सिडी</strong></li>
<li>पॉलीहाउस शीट बदलने पर <strong>₹50,000 </strong><strong>प्रति हेक्टेयर</strong> तक मदद</li>
<li>ड्रिप इरिगेशन सिस्टम पर <strong>₹10,000 </strong><strong>प्रति एकड़</strong> सहायता</li>
<li><strong>50 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश</li>
<li>पठानकोट और गुरदासपुर में पैकहाउस से किसानों की लागत <strong>40–50% </strong><strong>कम</strong> हुई</li>
<li><strong>5,000 </strong><strong>किसानों को ग्लोबलगैप ट्रेनिंग</strong></li>
<li>एपीडा की मदद से एयर कार्गो पर <strong>₹5–10 </strong><strong>प्रति किलो सब्सिडी</strong></li>
</ul>
<p>इन सब पहलों से किसानों की आमदनी <strong>20–30% </strong><strong>बढ़ी</strong> और अब निर्यात क्लस्टरों में <strong>प्रति एकड़ </strong><strong>₹2–3 </strong><strong>लाख तक की कमाई</strong> हो रही है।</p>
<p><strong>अन्य राज्यों की तुलना</strong></p>
<ul>
<li><strong>उत्तर प्रदेश:</strong> ~50,000 मीट्रिक टन उत्पादन, निर्यात 0.5 मीट्रिक टन से कम</li>
<li><strong>झारखंड:</strong> 65,500 मीट्रिक टन उत्पादन, निर्यात नगण्य</li>
<li><strong>असम:</strong> 8,500 मीट्रिक टन उत्पादन, निर्यात सिर्फ 0.1 मीट्रिक टन</li>
<li><strong>उत्तराखंड:</strong> देहरादून वैरायटी, निर्यात 0.05 मीट्रिक टन से कम</li>
<li><strong>आंध्र प्रदेश:</strong> 1,000 मीट्रिक टन उत्पादन, निर्यात शून्य</li>
</ul>
<p>इन राज्यों में निर्यात और कोल्ड चेन की कमी के कारण किसान ज्यादा लाभ नहीं कमा पा रहे। वहीं पंजाब में सब्सिडी, ट्रेनिंग और निर्यात की सुविधा ने किसानों को फायदा पहुँचाया है।</p>
<p><strong>भविष्य की दिशा</strong></p>
<p>भगवंत मान सरकार का यह अभियान पंजाब को देश का <strong>लीची हब</strong> बनाने में सफल रहा है।</p>
<ul>
<li>71,490 मीट्रिक टन उत्पादन</li>
<li>600 क्विंटल निर्यात ऑर्डर</li>
<li>500% प्रीमियम दाम</li>
</ul>
<p>जल्द ही <strong>“</strong><strong>पठानकोट लीची</strong><strong>” GI </strong><strong>टैग</strong> के साथ एक ग्लोबल ब्रांड बनेगी, जो पंजाब को फलोत्पादन में नई पहचान देगा।</p>
<p>पंजाब के किसान अब गेहूं-धान के चक्र से बाहर आकर लीची की खेती और निर्यात से <strong>सालभर स्थिर और अच्छी आमदनी</strong> कमा रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>BJP ने Punjab के किसानों को हर कदम पर किया अनदेखा : Harchand Singh Barsat</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/bjp-ignored-punjabs-farmers-at-every-step-harchand-singh-barsat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Nov 2025 03:32:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#BJP]]></category>
		<category><![CDATA[AAP']]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रदेश महासचिव और पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट ने तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में प्रचार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर किसानों के मुद्दों को लेकर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने हमेशा से पंजाब के किसानों की अनदेखी की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रदेश महासचिव और पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन <strong>स. हरचंद सिंह बरसट</strong> ने तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में प्रचार करते हुए <strong>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)</strong> पर किसानों के मुद्दों को लेकर <strong>कड़ा हमला</strong> बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने हमेशा से <strong>पंजाब के किसानों की अनदेखी</strong> की है और उनके साथ <strong>भेदभाव</strong> किया है।</p>
<p>बरसट ने कहा कि भाजपा सरकार ने पहले <strong>तीन कृषि कानून</strong> लाकर खेती को <strong>कॉरपोरेट कंपनियों के हाथों में सौंपने की कोशिश</strong> की थी। लेकिन पंजाब के किसानों के <strong>लंबे संघर्ष</strong> और जमीन पर डटे रहने की वजह से आखिरकार केंद्र सरकार को ये कानून वापस लेने पड़े।<br />
उन्होंने कहा, <em>“</em><em>इस आंदोलन में सैकड़ों किसानों ने अपनी जानें गंवाईं। देश का किसान यह बात कभी नहीं भूलेगा और समय आने पर भाजपा को इसका जवाब जरूर देगा।</em><em>”</em></p>
<p><strong>पंजाब सरकार किसानों के साथ </strong><strong>– </strong><strong>बरसट</strong></p>
<p>बरसट ने कहा कि दूसरी ओर पंजाब की <strong>आम आदमी पार्टी सरकार</strong> ने किसानों के हित में <strong>बड़े-बड़े फैसले</strong> लिए हैं।<br />
उन्होंने बताया कि इस साल बाढ़ की वजह से पंजाब के कई इलाकों में <strong>फसलों को भारी नुकसान</strong> हुआ था। इसके बावजूद <strong>केंद्र सरकार ने कोई मदद नहीं दी</strong>, जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>स. भगवंत सिंह मान</strong> ने किसानों को <strong>20,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> मुआवजा देने का फैसला लिया।<br />
यह मुआवजा <strong>पूरा देश में सबसे ज्यादा</strong> है।</p>
<p><strong>मंडियों में खरीद का सुचारू प्रबंध</strong></p>
<p>स. बरसट ने यह भी बताया कि पंजाब की सभी मंडियों में <strong>धान की खरीद आसानी से</strong> चल रही है। किसानों की फसल की खरीद के बाद <strong>भुगतान सीधे बैंक खाते में</strong> डाला जा रहा है।<br />
मंडियों में किसानों, मजदूरों और आढ़तियों के लिए <strong>पानी</strong><strong>, </strong><strong>आराम</strong><strong>, </strong><strong>ढुलाई और लिफ्टिंग</strong> सहित सभी सुविधाओं का <strong>पुख्ता इंतज़ाम</strong> किया गया है।</p>
<p><strong>तरनतारन के लोग देंगे जवाब</strong></p>
<p>बरसट ने कहा कि तरनतारन के लोग भाजपा की <strong>किसान विरोधी नीतियों</strong> और <strong>लोक विरोधी फैसलों</strong> को जानते हैं।<br />
उन्होंने लोगों से अपील की कि इस उपचुनाव में <strong>आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार स. हरमीत सिंह संधू को भारी मतों से विजयी</strong> बनाएं, ताकि तरनतारन क्षेत्र का विकास तेज़ी से आगे बढ़ सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>धान की लिफ्टिंग 10 Million Metric Ton के पार, किसानों के Accounts में पहुंचे 27,000 Crore रुपये: Lal Chand Kataruchak</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/paddy-lifting-crosses-10-million-metric-tonnes-%e2%82%b927000-crore-transferred-to-farmers-accounts-lal-chand-kataruchak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Nov 2025 05:52:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
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		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब सरकार ने इस साल धान की खरीद में नया रिकॉर्ड बना दिया है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बताया कि इस बार धान की लिफ्टिंग (उठान) का आंकड़ा 100 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है। अब तक 104 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों से उठाया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब सरकार ने इस साल धान की खरीद में नया रिकॉर्ड बना दिया है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मंत्री <strong>लाल चंद कटारूचक</strong> ने बताया कि इस बार धान की <strong>लिफ्टिंग (उठान)</strong> का आंकड़ा <strong>100 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन</strong> के पार पहुंच गया है। अब तक <strong>104 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन धान</strong> मंडियों से उठाया जा चुका है।</p>
<p>मंत्री ने कहा कि <strong>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</strong> की अगुवाई वाली सरकार के अच्छे प्रबंधन की वजह से इस बार मंडियों में धान की खरीद बिल्कुल सुचारू ढंग से हो रही है। किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आ रही और उन्हें <strong>समय पर भुगतान</strong> भी मिल रहा है।</p>
<p><strong>धान खरीद में नया रिकॉर्ड</strong></p>
<p>पंजाब की मंडियों में इस सीज़न तक <strong>127 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन</strong> से ज़्यादा धान पहुंच चुका है। इनमें से सरकारी एजेंसियों ने अब तक <strong>124 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन</strong> धान की खरीद पूरी कर ली है।<br />
कटारूचक ने बताया कि यह राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे <strong>बेहतरीन खरीद प्रक्रिया</strong> है, जहां किसानों को लाइन में लगना या मंडियों में इंतज़ार नहीं करना पड़ा।</p>
<p><strong>किसानों को मिला समय पर पैसा</strong></p>
<p>मंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि किसानों को उनकी फसल का पैसा <strong>सीधे उनके बैंक खातों में</strong> ट्रांसफर किया जा रहा है।<br />
अब तक किसानों के खातों में <strong>27,000 </strong><strong>करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि</strong> जमा की जा चुकी है। उन्होंने कहा, “पहले किसानों को अपना भुगतान पाने के लिए हफ्तों तक मंडियों में धरने देने पड़ते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं।”</p>
<p><strong>किसान हित में मान सरकार की नीतियां</strong></p>
<p>कटारूचक ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ़ निर्देश दिए हैं कि <strong>किसानों</strong><strong>, </strong><strong>आढ़तियों और मज़दूरों</strong> — किसी को भी मंडियों में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।<br />
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को <strong>बिना झंझट और बिना देरी के भुगतान</strong> देना है, ताकि मंडियों का सिस्टम और भी मज़बूत और पारदर्शी बन सके।</p>
<p><strong>किसानों से अपील</strong></p>
<p>मंत्री ने किसानों से यह भी अपील की कि वे मंडियों में <strong>पूरी तरह सूखी फसल</strong> लेकर आएं। इससे उन्हें अपनी मेहनत की पूरी कीमत मिलेगी और धान की खरीद प्रक्रिया और तेज़ी से पूरी की जा सकेगी।</p>
<p><strong>सरकार का दावा</strong></p>
<p>मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के समय मंडियां <strong>जाम</strong> हो जाती थीं, किसानों को भुगतान के लिए <strong>लंबा इंतज़ार</strong> करना पड़ता था, लेकिन अब मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि सही योजना और ईमानदार नीयत से सब कुछ समय पर किया जा सकता है।</p>
<p>पंजाब में धान की खरीद और उठान का यह रिकॉर्ड राज्य के किसानों के लिए एक <strong>सकारात्मक संदेश</strong> है। समय पर भुगतान, पारदर्शी प्रक्रिया और मंडियों में बेहतर प्रबंधन से किसानों को राहत मिली है। सरकार का दावा है कि आगे भी इसी तरह किसान-हितैषी नीतियां लागू की जाती रहेंगी, ताकि पंजाब के खेतों में मेहनत करने वाले किसान निश्चिंत होकर अपनी फसल बेच सकें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>“अपना CM – अपने खेता विच”: किसानों के खेतों तक पहुंचकर CM Bhagwant Mann ने बदली Punjab की तस्वीर</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/apna-cm-apne-kheta-vich-punjab-cm-bhagwant-mann-reaches-farmers-fields-bringing-real-change-to-the-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Nov 2025 04:34:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों पूरे राज्य में एक अलग तरह की पहल के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने किसानों से जुड़ने का एक नया तरीका शुरू किया है – “अपना CM – अपने खेता विच” यानी मुख्यमंत्री खुद खेतों में जाकर किसानों से बात करते हैं, उनकी परेशानियां सुनते हैं और मौके [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> इन दिनों पूरे राज्य में एक अलग तरह की पहल के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने किसानों से जुड़ने का एक नया तरीका शुरू किया है – <strong>“</strong><strong>अपना </strong><strong>CM – </strong><strong>अपने खेता विच</strong><strong>”</strong> यानी मुख्यमंत्री खुद खेतों में जाकर किसानों से बात करते हैं, उनकी परेशानियां सुनते हैं और मौके पर ही अफसरों को समाधान के निर्देश देते हैं।</p>
<p>यह कोई सिर्फ दिखावा या राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि असल में ज़मीन पर दिखने वाली पहल है। मुख्यमंत्री पिछले <strong>10 </strong><strong>महीनों में पंजाब के सभी </strong><strong>23 </strong><strong>ज़िलों का दौरा</strong> कर चुके हैं और <strong>3,200 </strong><strong>से ज़्यादा किसानों से सीधे बातचीत</strong> कर चुके हैं। पहले जहां शिकायतों को सुलझने में 20 से 30 दिन लग जाते थे, अब <strong>औसतन </strong><strong>48 </strong><strong>घंटे</strong> में किसानों को राहत मिल रही है।</p>
<p><strong>सरकारी गेहूं खरीद </strong><strong>– </strong><strong>तेज़ और पारदर्शी प्रक्रिया</strong></p>
<p>रबी सीजन 2025 के लिए पंजाब सरकार ने <strong>142 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन गेहूं</strong> की सरकारी खरीद का लक्ष्य रखा है। इसके लिए <strong>4,500 </strong><strong>खरीद केंद्र</strong> बनाए गए हैं।<br />
किसानों को <strong>₹2,275 </strong><strong>प्रति क्विंटल का </strong><strong>MSP (</strong><strong>न्यूनतम समर्थन मूल्य)</strong> दिया जा रहा है।</p>
<p>पहले किसानों को भुगतान पाने में कई दिन लग जाते थे, लेकिन अब <strong>Direct Benefit Transfer (DBT)</strong> के ज़रिए फसल बेचने के <strong>24 </strong><strong>से </strong><strong>36 </strong><strong>घंटे के अंदर</strong> ही पैसे उनके बैंक खाते में पहुंच रहे हैं।<br />
अब तक <strong>₹11,400 </strong><strong>करोड़ से ज़्यादा</strong> की राशि <strong>7.8 </strong><strong>लाख किसानों</strong> के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।</p>
<p><strong>पानी की बचत और सिंचाई में सुधार</strong></p>
<p>पंजाब में भूजल गिरावट और जल संकट को देखते हुए सरकार ने <strong>₹3,200 </strong><strong>करोड़ का </strong><strong>“</strong><strong>जल संरक्षण और सिंचाई आधुनिकीकरण पैकेज</strong><strong>”</strong> शुरू किया है।<br />
पिछले 15 महीनों में <strong>1,150 </strong><strong>किलोमीटर नहरों की सफाई और मरम्मत</strong> की गई है।</p>
<p>“<strong>पानी बचाओ</strong><strong>, </strong><strong>पैसा कमाओ</strong>” योजना के तहत माइक्रो-इरिगेशन (ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम) लगाने पर किसानों को <strong>90% </strong><strong>तक सब्सिडी</strong> मिल रही है।<br />
अब तक <strong>28,500 </strong><strong>किसानों</strong> ने इस सिस्टम को अपनाया है, जिससे लगभग <strong>35-45% </strong><strong>पानी की बचत</strong> हो रही है।</p>
<p><strong>हर खेत को रोशनी </strong><strong>– </strong><strong>बिजली सप्लाई में सुधार</strong></p>
<p>कृषि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को मज़बूत करने के लिए सरकार ने <strong>“</strong><strong>हर खेत को रोशनी</strong><strong>”</strong> अभियान शुरू किया है।<br />
अभी किसानों को <strong>10-11 </strong><strong>घंटे बिजली</strong> दी जा रही है, और लक्ष्य है कि <strong>दिसंबर </strong><strong>2025 </strong><strong>तक इसे </strong><strong>14-15 </strong><strong>घंटे</strong> कर दिया जाए।</p>
<p>इस काम के लिए सरकार ने <strong>₹1,650 </strong><strong>करोड़</strong> खर्च किए हैं और <strong>4,200 </strong><strong>नए ट्रांसफॉर्मर</strong> लगाए गए हैं।<br />
‘<strong>बिजली ऐप</strong>’ के ज़रिए शिकायत दर्ज करने पर औसतन <strong>6 </strong><strong>घंटे में समाधान</strong> किया जा रहा है।<br />
किसानों को मुफ्त बिजली देने के लिए राज्य सरकार हर साल <strong>₹8,200 </strong><strong>करोड़</strong> की सब्सिडी दे रही है।</p>
<p><strong>नवीन कृषि यंत्र योजना </strong><strong>– </strong><strong>खेती को आधुनिक बनाना</strong></p>
<p>सरकार की “<strong>नवीन कृषि यंत्र योजना</strong>” के तहत किसानों को आधुनिक खेती के उपकरणों पर <strong>50 </strong><strong>से </strong><strong>75% </strong><strong>तक की सब्सिडी</strong> दी जा रही है।<br />
अब तक <strong>46,000 </strong><strong>किसानों</strong> को <strong>₹820 </strong><strong>करोड़</strong> की सहायता दी जा चुकी है।</p>
<p>पराली (stubble) जलाने की समस्या कम करने के लिए सरकार ने <strong>8,500 </strong><strong>पराली प्रबंधन मशीनें</strong> किसानों को दी हैं, जिससे राज्य में पराली जलाने के मामलों में <strong>68% </strong><strong>की कमी</strong> आई है।</p>
<p>इसके अलावा, छोटे किसानों के लिए <strong>420 ‘</strong><strong>कस्टम हायरिंग सेंटर</strong><strong>’</strong> खोले गए हैं, जहां से किसान किराए पर मशीनें ले सकते हैं।</p>
<p><strong>फसल बीमा</strong><strong>, </strong><strong>राहत और कर्ज माफी</strong></p>
<p>फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को अब <strong>तेज़ राहत</strong> मिल रही है।<br />
इस साल <strong>58,000 </strong><strong>आपदा प्रभावित किसानों</strong> को <strong>₹285 </strong><strong>करोड़</strong> की राशि सिर्फ <strong>10 </strong><strong>दिनों में</strong> दी गई।</p>
<p>फसल क्षति का आकलन अब <strong>AI-</strong><strong>ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक</strong> से किया जा रहा है ताकि नुकसान का सही अंदाज़ा लगाया जा सके।</p>
<p>“<strong>पंजाब किसान समृद्धि योजना</strong>” के तहत किसानों को <strong>0 </strong><strong>से </strong><strong>2% </strong><strong>ब्याज दर</strong> पर <strong>₹5 </strong><strong>लाख तक का लोन</strong> मिल रहा है।<br />
अब तक <strong>3.1 </strong><strong>लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड (</strong><strong>KCC)</strong> जारी किए गए हैं और छोटे किसानों का <strong>₹2,100 </strong><strong>करोड़ कर्ज माफ</strong> किया गया है।</p>
<p><strong>डिजिटल इंडिया की ओर </strong><strong>– </strong><strong>किसान पोर्टल और ऐप</strong></p>
<p>पंजाब सरकार ने किसानों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म भी तैयार किए हैं।<br />
<strong>‘</strong><strong>पंजाब किसान पोर्टल</strong><strong>’</strong> और <strong>‘</strong><strong>किसान सुविधा ऐप</strong><strong>’</strong> पर अब तक <strong>4.2 </strong><strong>लाख किसान</strong> रजिस्टर्ड हैं।</p>
<p>इन प्लेटफॉर्म्स पर किसान मिट्टी की जांच, फसल सलाह, मंडी भाव, सब्सिडी और सरकारी योजनाओं की जानकारी पा सकते हैं।<br />
टोल-फ्री हेल्पलाइन पर अब तक <strong>5.2 </strong><strong>लाख कॉल</strong> आई हैं, जिनमें से <strong>94% </strong><strong>मामलों का समाधान</strong> किया गया है।</p>
<p>इसके अलावा, ज़िला स्तर पर <strong>184 ‘</strong><strong>एकीकृत किसान सेवा केंद्र</strong><strong>’</strong> खोले गए हैं, जहां किसानों को एक ही जगह सभी सेवाएं मिलती हैं।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री की जनता से जुड़ी पहल</strong></p>
<p>भगवंत मान का यह कार्यक्रम केवल सरकारी औपचारिकता नहीं है।<br />
वे हर हफ्ते <strong>4-5 </strong><strong>गांवों में खुद पहुंचते हैं</strong>, किसानों के साथ <strong>चाय पर बातचीत</strong> करते हैं, <strong>खेतों में चलते हैं</strong>, और मौके पर ही अफसरों को कार्रवाई करने के आदेश देते हैं।<br />
हर शिकायत पर <strong>48 </strong><strong>घंटे में रिपोर्ट</strong> मांगी जाती है ताकि किसानों को तुरंत राहत मिले।</p>
<p>किसान अब गर्व से कहते हैं —</p>
<p>“साडा मुख्यमंत्री साडे नाल खड़ा ऐ!”</p>
<p>“अपना CM – अपने खेता विच” ने पंजाब में शासन की परिभाषा बदल दी है।<br />
यह पहल साबित करती है कि जब सरकार किसानों की बात सुनती है, उनके पास जाती है और काम ज़मीन पर होता है, तो <strong>कृषि क्षेत्र में असली बदलाव</strong> लाना मुमकिन है।</p>
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		<title>CM Bhagwant Mann के प्रयासों से Tarn Taran में पराली जलाने के मामलों में रिकॉर्ड कमी – Harmeet Singh Sandhu</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/record-drop-in-stubble-burning-cases-in-tarn-taran-due-to-cm-bhagwant-manns-efforts-harmeet-singh-sandhu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Oct 2025 05:06:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AamAadmiParty]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[CMdiYogshala]]></category>
		<category><![CDATA[DirectSeeding]]></category>
		<category><![CDATA[EnvironmentProtection]]></category>
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		<category><![CDATA[HarmeetSinghSandhu]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
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					<description><![CDATA[‘आम आदमी पार्टी’ के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने तरनतारन जिले में किसानों, पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की नीतियों और जिला प्रशासन के प्रयासों से पराली जलाने की घटनाओं में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>‘आम आदमी पार्टी’ के उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने कहा है कि मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने तरनतारन जिले में किसानों, पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की नीतियों और जिला प्रशासन के प्रयासों से <strong>पराली जलाने की घटनाओं में रिकॉर्ड गिरावट</strong> आई है।</p>
<p><strong>पराली जलाने के मामलों में बड़ी कमी</strong></p>
<p>हरमीत सिंह संधू ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि साल <strong>2023-24 </strong><strong>में पराली जलाने के </strong><strong>2,026 </strong><strong>मामले</strong> दर्ज किए गए थे। लेकिन <strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong> की सरकार द्वारा किसानों को लगातार जागरूक करने और वैकल्पिक उपाय देने के कारण साल <strong>2024-25 </strong><strong>में यह संख्या घटकर सिर्फ </strong><strong>876 </strong><strong>रह गई</strong>।<br />
उन्होंने कहा कि यह बदलाव इस बात का सबूत है कि किसान अब पराली को जलाने के बजाय उसके सही प्रबंधन की ओर बढ़ रहे हैं।</p>
<p><strong>किसानों को दी जा रही मदद और मशीनें</strong></p>
<p>संधू ने बताया कि पंजाब सरकार किसानों को पराली संभालने के लिए जरूरी <strong>मशीनें और उपकरण</strong> उपलब्ध करा रही है।<br />
साल <strong>2025-26 </strong><strong>में जिले के किसानों को </strong><strong>807 </strong><strong>आधुनिक मशीनें</strong> दी गई हैं, जिन पर सरकार की ओर से <strong>13 </strong><strong>करोड़ रुपए की सब्सिडी</strong> जारी की गई है।<br />
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि किसान पराली को जलाने की बजाय इन मशीनों की मदद से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएं और पर्यावरण को सुरक्षित रखें।</p>
<p><strong>पानी बचाने की दिशा में कदम </strong><strong>– </strong><strong>सीधी बिजाई</strong></p>
<p>हरमीत सिंह संधू ने बताया कि <strong>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</strong> के निर्देश पर अब किसानों को <strong>धान की सीधी बिजाई (</strong><strong>Direct Seeding of Rice)</strong> के लिए प्रेरित किया जा रहा है।<br />
साल <strong>2025-26 </strong><strong>में तरनतारन जिले के </strong><strong>454 </strong><strong>किसानों</strong> ने <strong>3,919 </strong><strong>एकड़</strong> रकबे में सीधी बिजाई की है।<br />
सरकार की तरफ से इन किसानों को <strong>₹1,500 </strong><strong>प्रति एकड़</strong> की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।<br />
उन्होंने कहा कि यह तरीका <strong>पानी और मेहनत दोनों की बचत</strong> करता है और पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।</p>
<p><strong>‘</strong><strong>सीएम दी योगशाला</strong><strong>’ </strong><strong>से सेहतमंद तरनतारन</strong></p>
<p>हरमीत सिंह संधू ने कहा कि मान सरकार का फोकस सिर्फ खेती या पर्यावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की <strong>सेहत और फिटनेस</strong> पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है।<br />
उन्होंने बताया कि <strong>‘</strong><strong>सीएम दी योगशाला</strong><strong>’</strong> अभियान के तहत तरनतारन जिले में <strong>18 </strong><strong>योग अध्यापक</strong> रोजाना कक्षाएँ चला रहे हैं।<br />
इसके साथ ही <strong>58 </strong><strong>योग विद्यार्थी</strong> जो <strong>डिप्लोमा कोर्स</strong> कर रहे हैं, वे भी लोगों को योग सिखा रहे हैं।<br />
अभी जिले में <strong>कुल </strong><strong>180 </strong><strong>योग कक्षाएँ</strong> चल रही हैं, जिनका लाभ <strong>करीब </strong><strong>5000 </strong><strong>लोग</strong> रोजाना उठा रहे हैं — इनमें <strong>बच्चे</strong><strong>, </strong><strong>बुजुर्ग और नौजवान</strong> सभी शामिल हैं।</p>
<p>संधू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहे। योग से लोगों में सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिल रहा है।</p>
<p><strong>हरमीत सिंह संधू का बयान</strong></p>
<p>हरमीत सिंह संधू ने कहा,</p>
<p>“मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच साफ़ है – किसान खुशहाल हों, पर्यावरण सुरक्षित रहे और लोग स्वस्थ जीवन जिएं। तरनतारन में हुए ये बदलाव दिखाते हैं कि पंजाब सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि ‘आम आदमी पार्टी’ की सरकार जनता के हर वर्ग के लिए काम कर रही है — चाहे बात किसानों की हो, युवाओं की या बुजुर्गों की। सरकार के ये प्रयास दिखाते हैं कि पंजाब में <strong>वास्तविक बदलाव (</strong><strong>Real Change)</strong> आ रहा है।</p>
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