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	<title>AirIndiaCrash &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>&#8220;अगर रतन टाटा जिंदा होते तो&#8230;&#8221; – Ahmedabad Plane Crash के 2 महीने बाद भी Compensation न मिलने पर पीड़ित परिवारों का दर्द</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Aug 2025 04:26:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[12 जून 2025 को गुजरात के अहमदाबाद में हुआ एअर इंडिया फ्लाइट AI-171 का भीषण हादसा आज भी लोगों की आंखों में ताज़ा है। इस हादसे में 12 क्रू मेंबर समेत 241 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि ज़मीन पर भी कई लोग इसकी चपेट में आ गए। कुल मिलाकर मृतकों का आंकड़ा 260 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>12 जून 2025 को गुजरात के अहमदाबाद में हुआ एअर इंडिया फ्लाइट AI-171 का भीषण हादसा आज भी लोगों की आंखों में ताज़ा है। इस हादसे में 12 क्रू मेंबर समेत 241 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि ज़मीन पर भी कई लोग इसकी चपेट में आ गए। कुल मिलाकर मृतकों का आंकड़ा 260 तक पहुंच गया। हादसे के वक्त विमान ने अहमदाबाद से लंदन गेटविक के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के कुछ ही देर बाद दोनों इंजन बंद हो गए और प्लेन बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराकर आग के गोले में बदल गया। पूरे शहर में चीख-पुकार मच गई। उस दिन का मंजर कोई नहीं भूल सकता।</p>
<p><strong>एकमात्र ज़िंदा बचने वाला यात्री</strong></p>
<p>इस भीषण हादसे में चमत्कारिक रूप से सिर्फ एक यात्री – ब्रिटेन के नागरिक विश्वाश कुमार रमेश – जिंदा बचे, जो खुद मलबे से निकल आए। बाकी सबने अपनी जान गंवा दी।</p>
<p><strong>जांच में अब तक क्या सामने आया</strong><strong>?</strong></p>
<p>सरकार की ओर से जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया कि इंजन &#8220;कट-ऑफ&#8221; पोजीशन में चले गए थे, लेकिन इसके पीछे का कारण—तकनीकी खराबी, मानव त्रुटि या डिजाइन दोष—अभी साफ नहीं है। जांच में भारत के साथ यूके की AAIB और अमेरिका की NTSB जैसी एजेंसियां भी शामिल हैं। हादसे के सही कारणों का खुलासा अभी बाकी है।</p>
<p><strong>मुआवजे का वादा और हकीकत</strong></p>
<p>हादसे के बाद एयर इंडिया ने मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का एलान किया था। इसके साथ ही 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा भी घोषित किया गया, ताकि परिवारों को तुरंत आर्थिक मदद मिल सके।</p>
<ul>
<li>26 जुलाई तक 147 परिवारों को 25 लाख रुपये की राशि मिल चुकी है।</li>
<li>52 और परिवारों के दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया में हैं।</li>
<li>166 परिवारों को अब तक अंतरिम भुगतान हो चुका है, लेकिन वादा किए गए 1 करोड़ रुपये का मुआवजा अभी तक किसी को नहीं मिला।</li>
</ul>
<p>टाटा समूह ने इस हादसे के पीड़ितों के लिए <strong>500 </strong><strong>करोड़ रुपये का ‘AI-171 </strong><strong>मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट’</strong> भी बनाया है, जिसका उद्देश्य केवल मुआवजा देना ही नहीं बल्कि परिवारों की लंबे समय तक मदद करना, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और पुनर्वास कार्य करना है।</p>
<p><strong>&#8220;</strong><strong>अगर रतन टाटा होते तो</strong><strong>…&#8221;</strong></p>
<p>करीब 65 पीड़ित परिवारों का केस लड़ रहे अमेरिकी वकील माइक एंड्रयूज का कहना है कि अगर टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा आज ज़िंदा होते तो मुआवजे में इतनी देरी नहीं होती। उन्होंने कहा—&#8221;रतन टाटा पीड़ितों को कभी इंतजार नहीं कराते थे, वो तुरंत मदद करते थे।&#8221;<br />
एंड्रयूज ने एक पीड़ित मां का जिक्र करते हुए कहा—&#8221;एक बुजुर्ग मां अपने बेटे पर निर्भर थी, लेकिन इस हादसे में उसने अपना सहारा खो दिया। आज वो बिस्तर पर है और उसे कोई मुआवजा नहीं मिला। ऐसे में वो क्या करे?&#8221;</p>
<p><strong>कानूनी लड़ाई और आगे की राह</strong></p>
<p>माइक एंड्रयूज और उनकी टीम इस मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी विकल्प तलाश रही है, जिसमें विमान निर्माता बोइंग के खिलाफ अमेरिकी अदालत में केस करने की संभावना भी है। उन्होंने कहा कि हादसे से जुड़े सभी डेटा और सबूत सामने लाना ज़रूरी है, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।</p>
<p>हादसे को दो महीने से ज्यादा वक्त हो गया है, लेकिन कई परिवार अब भी न्याय और वादे के पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं। मुआवजे की देरी और जांच की लंबी प्रक्रिया पीड़ितों के जख्मों को और गहरा कर रही है। सवाल साफ है—क्या ये इंतजार जल्द खत्म होगा, या फिर पीड़ितों को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी?</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Air India AI-171 Plane Crash: Investigation Report पर उठे गंभीर सवाल</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/air-india-ai-171-plane-crash-serious-questions-raised-over-investigation-report/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Jul 2025 05:06:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[AI171Investigation]]></category>
		<category><![CDATA[AirIndiaCrash]]></category>
		<category><![CDATA[BoeingControversy]]></category>
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		<category><![CDATA[PlaneCrashInquiry]]></category>
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					<description><![CDATA[12 जून को हुए एयर इंडिया के विमान AI-171 हादसे की जांच रिपोर्ट अब विवादों में घिर गई है। इस रिपोर्ट को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं – सबसे बड़ा सवाल ये है कि रिपोर्ट बिना किसी आधिकारिक हस्ताक्षर के मीडिया में कैसे लीक हो गई? और क्या इसमें सिर्फ पायलट्स को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>12 जून को हुए एयर इंडिया के विमान AI-171 हादसे की जांच रिपोर्ट अब विवादों में घिर गई है। इस रिपोर्ट को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं – सबसे बड़ा सवाल ये है कि <strong>रिपोर्ट बिना किसी आधिकारिक हस्ताक्षर के मीडिया में कैसे लीक हो गई</strong><strong>?</strong> और क्या <strong>इसमें सिर्फ पायलट्स को दोषी ठहराकर विदेशी कंपनी बोइंग को बचाने की कोशिश की जा रही है</strong><strong>?</strong></p>
<p><strong>क्या था हादसा</strong><strong>?</strong></p>
<p>AI-171 फ्लाइट एयर इंडिया की एक इंटरनेशनल उड़ान थी, जो उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद <strong>क्रैश</strong> हो गई। हादसा इतना भीषण था कि <strong>240 </strong><strong>से ज़्यादा यात्रियों की मौत</strong> हो गई। विमान में लगभग 300 लोग सवार थे।</p>
<p>बाद में सामने आया कि <strong>टेकऑफ के कुछ सेकेंड बाद ही विमान के दोनों इंजन बंद हो गए थे।</strong> इस वजह से प्लेन सीधे नीचे गिर गया।</p>
<p><strong>लीक हुई जांच रिपोर्ट </strong><strong>– </strong><strong>बिना हस्ताक्षर के</strong></p>
<p>12 जून को हादसे की <strong>15 </strong><strong>पन्नों की जांच रिपोर्ट</strong> मीडिया में सामने आई। लेकिन हैरानी की बात ये थी कि <strong>इस रिपोर्ट पर किसी अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे।</strong> यानी यह रिपोर्ट <strong>ऑफिशियली जारी नहीं की गई थी</strong>, बल्कि लीक की गई थी।</p>
<p>इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि:</p>
<ul>
<li><strong>इंजन फ्यूल स्विच &#8220;कटऑफ&#8221; पोजीशन में थे</strong>, यानी बंद थे।</li>
<li>इसका मतलब ये बताया गया कि <strong>पायलट्स की गलती से हादसा हुआ।</strong></li>
</ul>
<p><strong>पायलट्स एसोसिएशन ने उठाई आपत्ति</strong></p>
<p>Airline Pilots Association of India (ALPA-I) ने इस रिपोर्ट को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि:</p>
<p>“ये जांच एकतरफा है। बिना पूरी सच्चाई जाने पायलट्स को दोषी ठहराया जा रहा है। ये रिपोर्ट न तो पारदर्शी है और न ही निष्पक्ष।”</p>
<p>ALPA-I का कहना है कि रिपोर्ट में <strong>तकनीकी खामियों या डिजाइन फेलियर</strong> की जांच नहीं की गई, और <strong>बोइंग जैसी बड़ी कंपनी को क्लीन चिट देने की कोशिश की जा रही है।</strong></p>
<p><strong>बोइंग को लेकर क्यों उठ रहे सवाल</strong><strong>?</strong></p>
<p>AI-171 हादसे में इस्तेमाल हुआ विमान था <strong>Boeing 787 Dreamliner</strong>, जिसे अमेरिका की मशहूर विमान निर्माता कंपनी बोइंग बनाती है।<br />
रिपोर्ट में <strong>बोइंग की किसी भी गलती या तकनीकी कमी की बात नहीं की गई</strong>, जिससे ये शक और भी गहरा गया है कि कहीं <strong>बोइंग को जानबूझकर बचाया तो नहीं जा रहा</strong>?</p>
<p>विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि:</p>
<ul>
<li>फ्यूल स्विच जैसी चीज़ें <strong>इतनी आसानी से खुद से कटऑफ पोजीशन में नहीं जातीं।</strong></li>
<li>ऐसे में केवल पायलट्स को दोष देना <strong>जल्दबाज़ी भरा फैसला हो सकता है।</strong></li>
</ul>
<p><strong>मोदी सरकार पर भी उठे सवाल</strong></p>
<p>रिपोर्ट के लीक होने के बाद अब <strong>मोदी सरकार की भूमिका</strong> पर भी सवाल उठने लगे हैं।<br />
<strong>विपक्षी पार्टियों और कई सामाजिक संगठनों</strong> ने पूछा है:</p>
<ul>
<li>सरकार ने इस रिपोर्ट को बिना साइन किए मीडिया में क्यों लीक होने दिया?</li>
<li>क्या <strong>भारतीयों की जान की कीमत पर विदेशी कंपनियों को बचाया जा रहा है</strong><strong>?</strong></li>
<li>अगर बोइंग की गलती है तो क्या <strong>सिर्फ पायलट्स पर इल्ज़ाम डालकर कंपनी को बचाया जा रहा है</strong><strong>?</strong></li>
</ul>
<p><strong>कुछ अहम सवाल जो अब देश पूछ रहा है:</strong></p>
<ol>
<li>रिपोर्ट बिना साइन के बाहर कैसे आई?</li>
<li>क्या हादसे के पीछे टेक्निकल फेलियर था, या सिर्फ मानवीय गलती?</li>
<li>बोइंग की भूमिका की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं हो रही?</li>
<li>क्या सरकार विदेशी कंपनियों के दबाव में है?</li>
<li>क्या मृतकों के परिवारों को कभी इंसाफ मिल पाएगा?</li>
</ol>
<p>AI-171 विमान हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं था – यह <strong>देश की एविएशन सुरक्षा</strong><strong>, </strong><strong>पारदर्शिता और जवाबदेही पर एक बड़ा सवाल</strong> है।<br />
जहां एक तरफ 240 से ज़्यादा मासूम लोगों की जान गई, वहीं दूसरी ओर <strong>सच को छुपाने और दोषियों को बचाने की कोशिशें नजर आ रही हैं।</strong></p>
<p>देश उम्मीद करता है कि <strong>सरकार निष्पक्ष जांच करवाएगी</strong>, दोषी चाहे कोई भी हो – <strong>पायलट</strong><strong>, </strong><strong>कंपनी या कोई और</strong>, सबको जवाब देना होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Air India Plane Crash: आखिर क्यों Cutoff Position में थे Fuel Switche?</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/air-india-plane-crash-why-were-the-fuel-switches-in-cutoff-position/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Jul 2025 04:48:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[AircraftAccident]]></category>
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					<description><![CDATA[एयर इंडिया फ्लाइट 171 की दुखद दुर्घटना की जांच में एक बड़ा सवाल सामने आया है: टेकऑफ के दौरान दोनों इंजन अचानक बंद क्यों हो गए? प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इसका कारण था — कॉकपिट में लगे फ्यूल स्विचेज का &#8220;RUN&#8221; से &#8220;CUTOFF&#8221; पोजीशन में जाना। यह इतना गंभीर मामला है कि सिर्फ एक सेकंड [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>एयर इंडिया फ्लाइट 171 की दुखद दुर्घटना की जांच में एक बड़ा सवाल सामने आया है: टेकऑफ के दौरान दोनों इंजन अचानक बंद क्यों हो गए? प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इसका कारण था — कॉकपिट में लगे <strong>फ्यूल स्विचेज</strong> का &#8220;RUN&#8221; से &#8220;CUTOFF&#8221; पोजीशन में जाना। यह इतना गंभीर मामला है कि सिर्फ एक सेकंड में दोनों इंजन बंद हो गए और 260 लोगों की जान चली गई।</p>
<p><strong>क्या होते हैं फ्यूल स्विच और इनका काम क्या है</strong><strong>?</strong></p>
<p><strong>फ्यूल स्विच</strong> विमान के इंजन में ईंधन की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं। ये स्विच कॉकपिट के सेंटर कंसोल में थ्रॉटल लीवर के ठीक नीचे लगे होते हैं। इन्हें ऐसे डिजाइन किया गया है कि कोई पायलट गलती से भी इन्हें टच न कर सके। इनके दोनों तरफ फिजिकल ब्रैकेट्स और एक स्प्रिंग-लोडेड मैकेनिज्म होता है, जिसे ऊपर खींचे बिना स्विच हिल ही नहीं सकते।</p>
<p>एक एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट <strong>जॉन कॉक्स</strong> के मुताबिक, &#8220;आप इन स्विच को यूं ही हल्के में नहीं हिला सकते। इन्हें खासतौर पर गलत तरीके से चलने से रोकने के लिए डिजाइन किया गया है।&#8221;</p>
<p><strong>तो फिर ऐसा हुआ कैसे</strong><strong>?</strong></p>
<p>प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि <strong>दोनों स्विच एक ही सेकंड में &#8220;</strong><strong>RUN&#8221; </strong><strong>से &#8220;</strong><strong>CUTOFF&#8221; </strong><strong>में चले गए</strong>, जिससे दोनों इंजन को अचानक फ्यूल मिलना बंद हो गया और वे बंद हो गए। हादसे के बाद ये भी पता चला कि यह एयरक्राफ्ट <strong>Honeywell </strong><strong>कंपनी के पार्ट नंबर </strong><strong>4TL837-3D</strong> वाले स्विच इस्तेमाल कर रहा था।</p>
<p><strong>पहले से था अलर्ट</strong><strong>, </strong><strong>लेकिन अनदेखी हुई</strong></p>
<p><strong>2018 </strong><strong>में </strong><strong>FAA (Federal Aviation Administration)</strong> ने एक सलाह जारी की थी कि कुछ <strong>Boeing 787</strong> एयरक्राफ्ट्स में लगे फ्यूल स्विच में लॉकिंग मैकेनिज्म पूरी तरह से काम नहीं कर रहे हो सकते हैं। लेकिन यह सिर्फ एक सलाह (advisory) थी, अनिवार्य आदेश (mandatory) नहीं। इसलिए एयर इंडिया ने इस चेकअप को जरूरी नहीं समझा और <strong>फ्यूल स्विच की जांच नहीं करवाई</strong>।</p>
<p>FAA ने इसे इतना गंभीर नहीं माना कि इसके लिए &#8220;एयरवर्थीनेस डायरेक्टिव&#8221; (AD) जारी किया जाए, जिससे यह चेकअप जरूरी बन जाता।</p>
<p><strong>&#8220;CUTOFF&#8221; </strong><strong>पोजीशन में जाने के क्या असर होते हैं</strong><strong>?</strong></p>
<p>जब फ्यूल स्विच &#8220;CUTOFF&#8221; में जाते हैं, तो इंजन को फ्यूल मिलना <strong>तुरंत बंद</strong> हो जाता है। इससे इंजन बंद हो जाता है और उससे जुड़ी <strong>बिजली सप्लाई</strong><strong>, </strong><strong>एयरक्राफ्ट सिस्टम और डिस्प्ले</strong> भी बंद हो जाते हैं। ऐसा सिर्फ इमरजेंसी में किया जाता है, जैसे कि इंजन में आग लगने पर या इंजन को दोबारा स्टार्ट करने के लिए।</p>
<p>इस हादसे में जैसे ही दोनों इंजन बंद हुए, क्रू ने स्विच को फिर से &#8220;RUN&#8221; में करने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। <strong>सिर्फ </strong><strong>32 </strong><strong>सेकंड में प्लेन जमीन से टकरा गया</strong>। इतने कम समय और ऊंचाई में इंजन को दोबारा चालू करना नामुमकिन था।</p>
<p><strong>अब तक क्या एक्शन लिया गया है</strong><strong>?</strong></p>
<p><strong>Boeing </strong><strong>और </strong><strong>General Electric</strong> (जो इंजन बनाती है) ने अब तक कोई नई चेतावनी या सेफ्टी बुलेटिन जारी नहीं किया है। जांच एजेंसी AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) ने भी कहा है कि बाकी विमानों पर कोई तुरंत जांच जरूरी नहीं है। यह पहली बार है कि इतने <strong>सुरक्षित माने जाने वाले </strong><strong>Boeing 787</strong> विमान में कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हुआ है। दुनिया भर में 1,100 से ज्यादा 787 विमान उड़ान भर रहे हैं।</p>
<p>इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि सलाह को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। इतनी <strong>एडवांस टेक्नोलॉजी</strong> और सेफ्टी फीचर्स होने के बावजूद, अगर कुछ छोटी चीजें समय पर चेक न हों तो वह एक <strong>बड़ी त्रासदी</strong> में बदल सकती हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Air India का Plane Ahmedabad में हादसे का शिकार – अब तक की पूरी जानकारी</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/air-india-plane-crashes-in-ahmedabad-all-details-so-far/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Jun 2025 06:56:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[AhmedabadPlaneCrash]]></category>
		<category><![CDATA[AirIndiaCrash]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
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					<description><![CDATA[देश ने एक बेहद दर्दनाक हादसा देखा जब अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 क्रैश हो गई। ये फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन गेटविक जा रही थी। हादसा इतना भयानक था कि 241 लोगों की जान चली गई, जिनमें यात्री और क्रू मेंबर्स शामिल हैं। साथ ही, 28 लोग जो ज़मीन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देश ने एक बेहद दर्दनाक हादसा देखा जब अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही एयर इंडिया की फ्लाइट <strong>AI-171</strong> क्रैश हो गई। ये फ्लाइट अहमदाबाद से <strong>लंदन गेटविक</strong> जा रही थी। हादसा इतना भयानक था कि <strong>241 </strong><strong>लोगों की जान चली गई</strong>, जिनमें यात्री और क्रू मेंबर्स शामिल हैं। साथ ही, <strong>28 </strong><strong>लोग जो ज़मीन पर मौजूद थे</strong>, उनकी भी जान चली गई।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, प्लेन ने दोपहर <strong>1:38 </strong><strong>बजे</strong> अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी। लेकिन उड़ान भरने के <strong>सिर्फ़ </strong><strong>30 </strong><strong>सेकेंड बाद</strong>, यानी लगभग <strong>625 </strong><strong>फीट</strong> की ऊंचाई पर पहुंचते ही, पायलट ने “<strong>Mayday-Mayday</strong>” कॉल दी। इसके तुरंत बाद प्लेन पास ही स्थित <strong>B.J. </strong><strong>मेडिकल कॉलेज हॉस्टल</strong> से टकरा गया।</p>
<p>हादसे के वक्त प्लेन में <strong>230 </strong><strong>यात्री</strong> और <strong>12 </strong><strong>क्रू मेंबर</strong>, यानी कुल <strong>242 </strong><strong>लोग सवार</strong> थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-6367" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/अहमदाबाद-प्लेन-क्रैश-और-इनसेट-में-बोइंग-787-8-ड्रीलाइनर-विमान-1-300x169.webp" alt="" width="689" height="388" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/अहमदाबाद-प्लेन-क्रैश-और-इनसेट-में-बोइंग-787-8-ड्रीलाइनर-विमान-1-300x169.webp 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/अहमदाबाद-प्लेन-क्रैश-और-इनसेट-में-बोइंग-787-8-ड्रीलाइनर-विमान-1-768x432.webp 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/अहमदाबाद-प्लेन-क्रैश-और-इनसेट-में-बोइंग-787-8-ड्रीलाइनर-विमान-1-150x84.webp 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/अहमदाबाद-प्लेन-क्रैश-और-इनसेट-में-बोइंग-787-8-ड्रीलाइनर-विमान-1-120x68.webp 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/अहमदाबाद-प्लेन-क्रैश-और-इनसेट-में-बोइंग-787-8-ड्रीलाइनर-विमान-1-130x73.webp 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/अहमदाबाद-प्लेन-क्रैश-और-इनसेट-में-बोइंग-787-8-ड्रीलाइनर-विमान-1-356x200.webp 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/अहमदाबाद-प्लेन-क्रैश-और-इनसेट-में-बोइंग-787-8-ड्रीलाइनर-विमान-1.webp 800w" sizes="(max-width: 689px) 100vw, 689px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस भयानक हादसे में सिर्फ़ <strong>एक शख्स जिंदा बच पाया</strong> है – <strong>40 </strong><strong>वर्षीय विश्वाश कुमार रमेश</strong>, जो ब्रिटेन के रहने वाले हैं लेकिन भारतीय मूल के हैं। वो प्लेन की <strong>seat number 11A</strong> पर बैठे थे। जैसे ही प्लेन क्रैश हुआ, उन्होंने किसी तरह इमरजेंसी एग्ज़िट से बाहर निकलकर जान बचाई। फिलहाल उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है, उन्हें सीने, आंखों और पैरों में चोट आई है।</p>
<p>प्लेन जिस हॉस्टल से टकराया, वहां मेडिकल के छात्र, डॉक्टर और स्टाफ रहते थे। इस वजह से ज़मीन पर भी कई लोगों की जान गई और कई घायल हुए हैं। अब तक कम से कम <strong>28 </strong><strong>लोग ज़मीन पर मारे गए</strong> हैं।</p>
<p>जैसे ही हादसे की खबर मिली, <strong>NDRF, </strong><strong>फायर ब्रिगेड</strong><strong>, </strong><strong>आर्मी</strong>, और <strong>एम्बुलेंस</strong> की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग बुझाने और लोगों को निकालने का काम शुरू हुआ। प्लेन का <strong>black box</strong> भी मिल गया है, जिससे हादसे की असली वजह पता चलने में मदद मिलेगी।</p>
<p>भारत की <strong>Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB)</strong> के साथ-साथ <strong>अमेरिका की </strong><strong>NTSB </strong><strong>टीम</strong> भी जांच में शामिल है। <strong>Boeing </strong><strong>कंपनी</strong> और <strong>Air India</strong> भी पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर यह माना जा रहा है कि प्लेन के <strong>दोनों इंजन में एक साथ खराबी</strong> या <strong>bird strike</strong> हुआ हो सकता है, लेकिन अभी तक कोई पक्की जानकारी सामने नहीं आई है।</p>
<p>प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> खुद मौके पर पहुंचे और इसे &#8220;बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना&#8221; बताया। उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों के लिए गहरी संवेदना जताई।<br />
<strong>एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू</strong> ने कहा कि हादसे की निष्पक्ष और गहराई से जांच होगी और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>अब सबकी नजरें <strong>Black Box</strong> की रिपोर्ट पर टिकी हैं। इससे यह साफ़ हो पाएगा कि हादसा <strong>तकनीकी खराबी</strong> की वजह से हुआ या <strong>मानव भूल</strong> की वजह से। इसके साथ ही उड़ान से जुड़े सभी डेटा जैसे कि प्लेन की स्पीड, इंजन की स्थिति, और पायलट की बातचीत को जांचा जाएगा।</p>
<p><strong>अब तक का सार</strong></p>
<ul>
<li><strong>प्लेन</strong>: Air India Flight AI-171 (Boeing 787 Dreamliner)</li>
<li><strong>टेक-ऑफ टाइम</strong>: दोपहर 1:38 बजे</li>
<li><strong>मंज़िल</strong>: London Gatwick</li>
<li><strong>सवार लोग</strong>: 242 (230 यात्री + 12 क्रू)</li>
<li><strong>मृतक</strong>: 241 (सिर्फ 1 जिंदा)</li>
<li><strong>ज़मीन पर मौतें</strong>: 28</li>
<li><strong>हॉस्पिटल में भर्ती</strong>: कई लोग घायल</li>
<li><strong>Black Box </strong><strong>मिला</strong>: हां</li>
<li><strong>जांच कर रही एजेंसियां</strong>: AAIB (India), NTSB (USA), Boeing</li>
</ul>
<p>यह भारत के इतिहास का <strong>सबसे बड़ा हवाई हादसा</strong> बन चुका है। पूरे देश में दुख और शोक का माहौल है। लोग सोशल मीडिया पर #PrayForAI171 और #AirIndiaCrash के साथ संवेदनाएं जता रहे हैं।</p>
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