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	<title>ChandigarhIssue &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>Punjab में गरमाया Chandigarh विवाद: Harpal Singh Cheema की BJP पर कड़ी निंदा, दो मोर्चों पर संघर्ष की तैयारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Nov 2025 05:42:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#BJP]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह चंडीगढ़ को पंजाब से छीनने की साजिश रच रही है। उन्होंने यह दावा किया कि चंडीगढ़ सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि पंजाब की जमीन है, जिसे पहले पंजाब के 24 गाँवों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता <strong>हरपाल सिंह चीमा</strong> ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह <strong>चंडीगढ़</strong> को पंजाब से <strong>छीनने की साजिश</strong> रच रही है। उन्होंने यह दावा किया कि चंडीगढ़ सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि पंजाब की जमीन है, जिसे पहले पंजाब के 24 गाँवों को उजाड़कर बसाया गया था।</p>
<p><strong>दो मोर्चों पर लड़ाई की रणनीति</strong></p>
<p>चीमा ने स्पष्ट किया है कि AAP पंजाब सरकार इस जंग को <strong>दो मोर्चों</strong> पर लड़ेगी:</p>
<ol>
<li><strong>कानूनी मोर्चा</strong> — मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार कोर्ट के रास्ते अपना हक वापस हासिल करने की पूरी तैयारी में है।</li>
<li><strong>जन संघर्ष मोर्चा</strong> — सिर्फ कोर्ट ही नहीं, आम आदमी पार्टी पूरे पंजाब के करीब <strong>3 </strong><strong>करोड़ लोगों</strong> को साथ लेकर <strong>सड़क से संसद तक</strong> प्रदर्शन करेगी। उनका कहना है कि जनता मिलकर अपनी आवाज बुलंद करेगी ताकि केंद्र सरकार की इस नापाक योजना को रुकाया जा सके।</li>
</ol>
<p><strong>बीजेपी पर तीखे आरोप</strong></p>
<ul>
<li>हरपाल चीमा ने भाजपा की कार्रवाइयों की निंदा करते हुए कहा कि वह <strong>“</strong><strong>हिटलर की सोच</strong><strong>”</strong> अपनाते हुए देश के लोकतांत्रिक और संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचा रही है।</li>
<li>उनका कहना है कि ये कदम सिर्फ राजनैतिक नहीं, भावना-आधारित भी हैं — क्योंकि जब देश गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी याद कर रहा है, तब ही भाजपा ऐसी साजिश रच रही है, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।</li>
</ul>
<p><strong>पंजाब-विरोधी एजेंडा </strong><strong>— </strong><strong>भाजपा की पुरानी लड़ाइयाँ</strong></p>
<p>चीमा ने भाजपा पर पहले से ही पंजाब के खिलाफ जिंदगी भर चली आ रही नीति का आरोप लगाया है:</p>
<ul>
<li>तीन कृषि कानून, जो पंजाब के किसानों के लिए हानिकारक माने जाते हैं।</li>
<li><strong>भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (</strong><strong>BBMB)</strong> के जरिए पंजाब के जल अधिकारों की अनदेखी।</li>
<li>पंजाब यूनिवर्सिटी की <strong>सीनेट पर कब्ज़ा</strong> करने की कोशिश, जिसका असर लगभग 200 कॉलेजों की पढ़ाई-लाइफ पर पड़ सकता था।</li>
<li>और अब ये नई “साजिश” — चंडीगढ़ को केन्द्र शासित प्रदेश में बदलने की योजना।</li>
</ul>
<p><strong>संविधान संशोधन पर चिंता</strong></p>
<p>चीमा ने उस प्रस्तावित <strong>131</strong><strong>वें संविधान संशोधन बिल</strong> पर भी आपत्ति जताई है, जिसे दिल्ली की सरकार लाना चाहती है। यदि यह बिल पास हो गया, तो चंडीगढ़ को <strong>धारा </strong><strong>240</strong> के दायरे में लाया जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि <strong>राष्ट्रपति को सीधे चंडीगढ़ के लिए कानून बनाने का अधिकार</strong> मिल जाएगा — और इससे पंजाब की वैधानिक और संवैधानिक शक्तियाँ कमजोर पड़ेंगी। चीमा इसे पंजाब के इतिहास और अधिकारों पर सीधा हमला मानते हैं।</p>
<p><strong>पंजाब की जनता के नाम संदेश</strong></p>
<p>हरपाल सिंह चीमा ने अपनी पार्टी और राज्य सरकार की तरफ से संदेश दिया है कि <strong>AAP </strong><strong>सरकार अकेले नहीं खड़ी है</strong>, बल्कि पंजाब की ज़ुबान बनेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने पहले भी भाजपा की चालों को नाकाम किया है और आगे भी करेगी। उन्होंने भरोसा व्यक्त किया कि जब जनता और सरकार साथ होंगी, तो किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।</p>
<p><strong>क्यों यह विवाद अहम है</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li><strong>संघीयता का सवाल</strong>: अगर चंडीगढ़ को सीधा केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया, तो यह राज्य-केंद्र संबंधों में बड़ी मार है।</li>
<li><strong>संवैधानिक अधिकारों की रक्षा</strong>: पंजाब के लोगों का मानना है कि उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमला हो रहा है।</li>
<li><strong>जनता समर्थन</strong>: AAP की योजना यह दिखाती है कि इस मुद्दे को सिर्फ कोर्ट तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि जनता को जमकर जोड़कर राजनीतिक दबाव भी बनाया जाएगा।</li>
</ul>
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		<title>Punjab से Chandigarh छीनने के central government के नापाक मंसूबों को सफल नहीं होने देंगे — Chief Minister</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/we-will-not-allow-the-central-governments-malicious-attempts-to-snatch-chandigarh-from-punjab-to-succeed-chief-minister/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Nov 2025 05:27:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[CentralGovernment]]></category>
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		<category><![CDATA[NDAGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabRights]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार की उस योजना का जोरदार विरोध किया है, जिसके मुताबिक संविधान की धारा 240 में बदलाव करके चंडीगढ़ को अन्य केंद्र शासित प्रदेशों की तरह बनाया जा सके। मान ने कहा कि यह कदम पंजाब से उसकी राजधानी — चंडीगढ़ — छीनने की कोशिश है, और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने केंद्र सरकार की उस योजना का जोरदार विरोध किया है, जिसके मुताबिक <strong>संविधान की धारा </strong><strong>240</strong> में बदलाव करके चंडीगढ़ को अन्य केंद्र शासित प्रदेशों की तरह बनाया जा सके। मान ने कहा कि यह कदम पंजाब से उसकी राजधानी — चंडीगढ़ — छीनने की कोशिश है, और वे इसे किसी भी हालत में सफल नहीं होने देंगे।</p>
<p><strong>केंद्र का प्रस्ताव </strong><strong>— </strong><strong>क्या है मुद्दा</strong><strong>?</strong></p>
<p>केंद्र सरकार की योजना है कि संसदीय सत्र में <strong>धारा </strong><strong>240 </strong><strong>में संशोधन</strong> किया जाए ताकि चंडीगढ़ को अन्य यूटी (केंद्र शासित प्रदेशों) की तरह घोषित किया जा सके। इस कदम से चंडीगढ़ पर पंजाब की पहुँच कमजोर हो सकती है, क्योंकि वह अब “पंजाब की राजधानी” के बजाय एक केन्द्रशासित क्षेत्र बन सकता है।</p>
<p>मुख्यमंत्री मान ने इस प्रस्ताव को <strong>भ्रष्ट और अन्यायपूर्ण</strong> करार दिया। उनका कहना है कि पंजाब को उसकी राजधानी से वंचित करना “धक्केशाही” है, और यह फैसला पंजाबियों के अधिकारों के खिलाफ है।</p>
<p><strong>पंजाब का इतिहास और पृष्ठभूमि</strong></p>
<ul>
<li>1966 में पंजाब के विभाजन के बाद, चंडीगढ़ को अस्थायी रूप से केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था।</li>
<li>उस समय यह कहा गया था कि एक दिन चंडीगढ़ को पंजाब को वापस दिया जाएगा।</li>
<li>लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ है, जिससे पंजाब में असंतोष बना हुआ है।</li>
<li>मान ने याद दिलाया कि देश में यह दुर्लभ मामला है जहाँ एक राज्य को उसकी राजधानी से वंचित किया गया हो।</li>
</ul>
<p><strong>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के बयान </strong><strong>— </strong><strong>क्या कहा उन्होंने</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li>उन्होंने एक बयान में कहा कि <strong>चंडीगढ़ पंजाब का </strong><strong>“</strong><strong>अविभाज्य हिस्सा</strong><strong>” </strong><strong>है</strong> — “था है, है और हमेशा रहेगा।”</li>
<li>मान ने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार के <strong>नापाक मंसूबे</strong> कभी सफल नहीं होंगे।</li>
<li>उन्होंने कहा, “हम यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे कि हमारी राजधानी हमारी पहुँच से बाहर हो जाए।”</li>
<li>मुख्यमंत्री का कहना है कि यह प्रस्ताव पंजाब के साथ <strong>अत्याचार की तरह</strong> है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।</li>
<li>उन्होंने यह भी कहा कि <strong>पंजाब लंबे समय से केंद्र की दखलंदाजी का शिकार रहा है</strong> और अब मोदी सरकार ऐसी योजना लाकर पंजाबियों की भावनाओं पर नमक छिड़क रही है।</li>
</ul>
<p><strong>संवैधानिक और कानूनी नजरिया</strong></p>
<p>धारा 240 भारतीय संविधान की वह व्यवस्था है जो केंद्र सरकार को कुछ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए “नियम” (regulations) बनाने का अधिकार देती है। मान के मुताबिक, इस अधिकार का दुरुपयोग कर चंडीगढ़ को पंजाब से अलग किया जा सकता है, जिससे राज्य का राजनीतिक और ऐतिहासिक अधिकार खतरे में पड़ सकता है।</p>
<p>मुख्यमंत्री का तर्क है कि पंजाब को अपनी राजधानी का पूर्ण अधिकार होना चाहिए — जैसे अन्य राज्यों को उनकी राजधानी होती है — लेकिन यह अधिकार अब चंडीगढ़ के मामले में ठेठ “राजनीतिक पाला बदलने” जैसा हो सकता है।</p>
<p><strong>विवाद का राष्ट्रीय महत्व</strong></p>
<p>यह सिर्फ पंजाब-चंडीगढ़ का सवाल नहीं है। इस मुद्दे में <strong>संविधान</strong><strong>, </strong><strong>राज्यों के अधिकार</strong><strong>, </strong><strong>केन्द्र-राज्य संबंध और लैंगिक आधार पर राज्य पुनर्गठन</strong> जैसे बड़े रूपक शामिल हैं। मुख्यमंत्री मान के अनुसार, यदि यह प्रस्ताव पास हो गया, तो यह सिर्फ पंजाब को ही प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि पूरे देश में “राज्य की राजधानी” के अधिकार को लेकर एक खतरनाक नजीर बनेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री मान ने साफ कहा है कि पंजाब सरकार इस प्रस्ताव के खिलाफ <strong>सख्त लड़ाई लड़ने को तैयार है</strong>। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि पंजाब इस मुद्दे को संसद में, सड़क पर और जनता के बीच उठाएगा।</p>
<p>यदि केंद्र अपनी योजना पर कायम रहता है, तो पंजाब और केंद्र सरकार के बीच तनाव गहराने की पूरी संभावना है।</p>
<p>पंजाब सरकार का कहना है: “चंडीगढ़ वापस हमारी ही होगी” — और वे यह दावा सिर्फ भावना नहीं, बल्कि संवैधानिक और ऐतिहासिक आधार पर कर रहे हैं।</p>
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