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	<title>DroupadiMurmu &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>India के 53वें Chief Justice बने Justice Surya Kant, राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने दिलाई शपथ</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/justice-surya-kant-becomes-the-53rd-chief-justice-of-india-sworn-in-by-president-droupadi-murmu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Nov 2025 08:43:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[53rdCJI]]></category>
		<category><![CDATA[ChiefJusticeOfIndia]]></category>
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		<category><![CDATA[IndiaNews]]></category>
		<category><![CDATA[Judiciary]]></category>
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					<description><![CDATA[जस्टिस सूर्या कांत ने आज (सोमवार) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साम्हणे राष्ट्रपति भवन में शपथ ली और भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में पद ग्रहण किया। उनकी नियुक्ति उससे पहले ही 30 अक्टूबर को घोषणा की गई थी। वे वर्तमान CJI B. R. गवई की जगह ले रहे हैं, जो 23 नवंबर, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जस्टिस <strong>सूर्या कांत</strong> ने आज (सोमवार) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साम्हणे राष्ट्रपति भवन में शपथ ली और भारत के <strong>53</strong><strong>वें मुख्य न्यायाधीश</strong> (CJI) के रूप में पद ग्रहण किया।</p>
<p>उनकी नियुक्ति उससे पहले ही 30 अक्टूबर को घोषणा की गई थी। वे वर्तमान CJI <strong>B. R. </strong><strong>गवई</strong> की जगह ले रहे हैं, जो 23 नवंबर, 2025 को सेवानिवृत्त हुए।</p>
<p><strong>उनका प्रोफाइल </strong><strong>— </strong><strong>सरल भाषा में</strong></p>
<ul>
<li><strong>जन्म और शिक्षा</strong>: जस्टिस कांत का जन्म 10 फरवरी, 1962 को हरियाणा के हिसार जिले में हुआ था।</li>
<li><strong>कानूनी करियर</strong>: उन्होंने 1984 में लॉ की पढ़ाई पूरी की और उसी वर्ष हिसार जिला न्यायालय में वकील के रूप में काम करना शुरू किया। बाद में वह पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने गए।</li>
<li><strong>उच्च न्यायालय अनुभव</strong>: उन्हें हरियाणा की वकालत में उल्लेखनीय अनुभव के बाद हरियाणा का एडवोकेट जनरल भी बनाया गया था। इसके बाद वे पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के जज बने और फिर हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) बने।</li>
<li><strong>शिक्षा आगे</strong>: उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से लॉ में मास्टर डिग्री भी ली और کلاس में टॉप किया (first class first)।</li>
<li><strong>उच्चतम अदालत</strong>: मई 2019 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया था।</li>
</ul>
<p><strong>सीजेआई के रूप में उनका कार्यकाल</strong></p>
<ul>
<li>उन्हें लगभग <strong>15 </strong><strong>महीने</strong> (लगभग डेढ़ साल) के लिए नियुक्त किया गया है।</li>
<li>वे <strong>9 </strong><strong>फरवरी</strong><strong>, 2027</strong> को रिटायर होंगे, क्योंकि उस दिन उनकी उम्र 65 साल पूरी हो जाएगी।</li>
</ul>
<p><strong>महत्वपूर्ण फैसले और उनका दृष्टिकोण</strong></p>
<p>जस्टिस सूर्या कांत सुप्रीम कोर्ट में कई बड़े और संवेदनशील मामलों में सक्रिय रहे हैं। उनके जजमेंट्स ने लोगों के अधिकार, लोकतंत्र और संविधान की अहमियत को दर्शाया है। कुछ मुख्य मुद्दे ये हैं:</p>
<ol>
<li><strong>Article 370</strong>: वे उस बेंच का हिस्सा रहे जिसने जम्मू-और-कश्मीर की स्पेशल स्टेटस (अनुच्छेद 370) के हटाने को संविधान के दायरे में माना।</li>
<li><strong>सेडिशन (राजद्रोह) कानून</strong>: वे उस बेंच में थे, जिसने ब्रिटिश जमाने के &#8220;सेडिशन लॉ&#8221; (IPC की धारा 124A) पर कहा कि नए FIR दर्ज न किए जाएं, जब तक कानून की समीक्षा न हो।</li>
<li><strong>पेगासस स्पाइवेयर केस</strong>: उन्होंने कहा कि “नए सुरक्षा नाम पर राज्य को पूरी छूट नहीं मिल सकती” — कोर्ट ने साइबर एक्सपर्ट्स की एक कमिटी बनाने का निर्देश दिया।</li>
<li><strong>मतदाता सूची (</strong><strong>Electoral Rolls)</strong>: उन्होंने चुनाव आयोग से कहा कि बिहार में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 65 लाख वोटर्स को क्यों हटाया गया, इसकी जानकारी देनी चाहिए।</li>
<li><strong>जेंडर और समानता</strong>: उन्होंने एक महिला सरपंच को वापस पद पर लाने का फैसला दिया और कोर्ट बार एसोसिएशनों (SCBA समेत) में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने की मांग की।</li>
<li><strong>सेनानियों की पेंशन (</strong><strong>One Rank, One Pension)</strong>: उन्होंने इस स्कीम को संवैधानिक मान्यता दी।</li>
<li><strong>राजनैतिक शक्ति-संतुलन (</strong><strong>Governor </strong><strong>और राष्ट्रपति से जुड़ा)</strong>: वे उस संविधान बेंच में शामिल थे, जिसने गर्वनर और राष्ट्रपति के अधिकारों की सीमा पर विचार किया — यह फैसला पूरे देश में राज्यों और केंद्र के बीच संतुलन बनाए रखने के लिहाज से अहम हो सकता है।</li>
</ol>
<p><strong>शपथ ग्रहण समारोह और राजनीतिक महत्व</strong></p>
<ul>
<li>शपथ ग्रहण में <strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू</strong> ने उन्हें पद-शपथ दिलाई।</li>
<li>इस समारोह में कांग्रेस की बड़ी शख्सियतें भी मौजूद रहीं — जैसे प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong>, उपराष्ट्रपति <strong>सी.पी. राधाकृष्णन</strong>, गृह मंत्री <strong>अमित शाह</strong>, रक्षा मंत्री <strong>राजनाथ सिंह</strong>, लोकसभा स्पीकर <strong>ओम बिड़ला</strong> आदि।</li>
<li>उनकी नियुक्ति “सीन्योरिटी” के नियमों का पालन करते हुए हुई है — यानि सुप्रीम कोर्ट का सबसे वरिष्ठ और योग्य जज उन्हें आगे लाया गया है।</li>
</ul>
<p><strong>उनका व्यक्तित्व और दर्शन</strong></p>
<ul>
<li>जस्टिस कांत को इंसानियत, ईमानदारी और संवैधानिक मूल्यों पर भरोसा करने वाला जज माना जाता है।</li>
<li>उन्होंने पहले कहा है कि वकीलों को “हमें हमेशा सीखते रहना चाहिए” — उनका मानना है कि कानून सिर्फ एक पेशा नहीं है, बल्कि कमजोरों की आवाज़ उठाने का ज़रिया है।</li>
<li>इसके अलावा, वे न्यायपालिका में सुधार चाहते हैं — जैसे डिजिटल प्रक्रिया, पारदर्शिता और बुनियादी स्तर पर अधिक सुगमता (जजिंग इनफ्रास्ट्रक्चर) लाना।</li>
</ul>
<p>जस्टिस सूर्या कांत की नियुक्ति भारत के न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनके नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट को अगले डेढ़ सालों में संवैधानिक और सामाजिक मामलों में निर्णायक भूमिका निभानी पड़ सकती है। उनका अनुभव, संतुलित दृष्टिकोण और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता यह संकेत देती है कि वे न्यायपालिका को मजबूत और विश्वसनीय बनाए रखने की दिशा में काम करेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Chandigarh से शुरू हुआ ‘One Nation–One Election’ campaign अब Rashtrapati Bhavan तक पहुँचा</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/one-nation-one-election-campaign-that-started-from-chandigarh-now-reaches-rashtrapati-bhavan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 Aug 2025 06:17:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[Campaign]]></category>
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		<category><![CDATA[DroupadiMurmu]]></category>
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					<description><![CDATA[चंडीगढ़ के युवा सामाजिक कार्यकर्ता और राष्ट्रीय युवा पुरस्कार तथा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित रोहित कुमार इन दिनों देशभर में “एक देश – एक चुनाव” (One Nation – One Election) के समर्थन में बड़ा अभियान चला रहे हैं। उनके नेतृत्व में बना “संविधान सपोर्ट ग्रुप” इस मुहिम को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रहा है। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>चंडीगढ़ के युवा सामाजिक कार्यकर्ता और <strong>राष्ट्रीय युवा पुरस्कार</strong> तथा <strong>राष्ट्रपति पुरस्कार</strong> से सम्मानित रोहित कुमार इन दिनों देशभर में <em>“</em><em>एक देश – </em><em>एक चुनाव”</em> (One Nation – One Election) के समर्थन में बड़ा अभियान चला रहे हैं। उनके नेतृत्व में बना <strong>“</strong><strong>संविधान सपोर्ट ग्रुप”</strong> इस मुहिम को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रहा है।</p>
<h3>राष्ट्रपति से मुलाकात</h3>
<p>अभियान के <strong>तीसरे चरण</strong> में रोहित कुमार ने अपनी टीम के साथ राष्ट्रपति <strong>द्रौपदी मुर्मू</strong> से मुलाकात की। इस दौरान रोहित ने उन्हें भगवान गणेश की मूर्ति भेंट की और अभियान की पूरी जानकारी दी। रोहित ने राष्ट्रपति को बताया कि देशभर के <strong>112 </strong><strong>राष्ट्रीय युवा पुरस्कार और राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता युवाओं</strong> ने <em>एक देश – </em><em>एक चुनाव</em> लागू करने के समर्थन में हस्ताक्षर किए हुए पत्र तैयार किए हैं।</p>
<p>राष्ट्रपति ने रोहित के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा –<br />
<em>“</em><em>आप युवा हमारे देश की रीढ़ हैं। आपके ऐसे प्रयास दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।”</em></p>
<h3>लोकसभा अध्यक्ष से भी मिले</h3>
<p>राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद रोहित कुमार और उनकी टीम ने <strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला</strong> से भी संसद भवन में मुलाकात की और समर्थन पत्र सौंपे। इस दौरान रोहित ने अभियान के फायदे गिनाते हुए कहा कि अगर देशभर में एक साथ चुनाव होंगे तो समय और धन दोनों की बचत होगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-7394" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-11.35.39-AM-300x169.webp" alt="" width="838" height="472" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-11.35.39-AM-300x169.webp 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-11.35.39-AM-1024x576.webp 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-11.35.39-AM-768x432.webp 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-11.35.39-AM-150x84.webp 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-11.35.39-AM-120x68.webp 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-11.35.39-AM-130x73.webp 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-11.35.39-AM-356x200.webp 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-11.35.39-AM.webp 1200w" sizes="(max-width: 838px) 100vw, 838px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस पर ओम बिड़ला ने भी सहमति जताते हुए कहा –<br />
<em>“</em><em>एक साथ चुनाव होने से विकास कार्य तेज होंगे और सरकार युवाओं, </em><em>शिक्षा, </em><em>रोजगार, </em><em>स्वास्थ्य, </em><em>पर्यावरण और बुनियादी ढांचे पर ज्यादा ध्यान दे सकेगी।”</em></p>
<h3>अभियान का अब तक का सफर</h3>
<p>इस अभियान की शुरुआत चंडीगढ़ से हुई थी और अब यह राष्ट्रपति भवन तक पहुँच चुकी है।</p>
<ul>
<li><strong>पहला चरण:</strong> रोहित और उनकी टीम ने देशभर में जाकर <strong>170 </strong><strong>से ज्यादा सांसदों</strong> से मुलाकात कर उनका समर्थन हासिल किया।</li>
<li><strong>दूसरा चरण (26 </strong><strong>मार्च 2025):</strong> दिल्ली के <strong>जंतर-मंतर</strong> पर एक हजार से ज्यादा युवाओं के साथ शांतिपूर्ण धरना और प्रतीकात्मक भूख हड़ताल की गई।</li>
<li><strong>27 </strong><strong>मार्च 2025:</strong> संसद तक मार्च निकाला गया, जिसमें <strong>800 </strong><strong>से ज्यादा युवा</strong> शामिल हुए।</li>
<li><strong>तीसरा चरण:</strong> राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर समर्थन पत्र सौंपना।</li>
</ul>
<h3>रोहित कुमार की उपलब्धियां</h3>
<p>रोहित कुमार पिछले कई वर्षों से <strong>युवा सशक्तिकरण, </strong><strong>पर्यावरण संरक्षण, </strong><strong>पशु कल्याण और सामाजिक विकास</strong> जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। उन्हें अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड मिल चुके हैं –</p>
<ul>
<li><strong>राष्ट्रीय युवा पुरस्कार 2024</strong></li>
<li><strong>राष्ट्रपति पुरस्कार</strong></li>
<li><strong>BRICS </strong><strong>और SCO </strong><strong>यंग लीडर अवॉर्ड 2023</strong></li>
<li><strong>We Are Together International Award 2022</strong></li>
</ul>
<p>रोहित का मानना है कि युवाओं को सिर्फ सरकार पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद आगे आकर बदलाव की शुरुआत करनी चाहिए।</p>
<h3>अभियान का मकसद</h3>
<p>इस पूरे अभियान का लक्ष्य है लोगों को <em>One Nation – One Election</em> के फायदे समझाना और इसे लागू करने के लिए जनता से समर्थन जुटाना। रोहित और उनकी टीम का कहना है कि इससे देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और भी मजबूत होगी और बार-बार होने वाले चुनावों में लगने वाले करोड़ों रुपये और समय की बचत होगी।</p>
<p>कुल मिलाकर, चंडीगढ़ से शुरू हुई यह पहल अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है। राष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और कई सांसदों का समर्थन मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि <em>“</em><em>एक देश </em><em>– </em><em>एक चुनाव</em><em>”</em> का सपना अब धीरे-धीरे हकीकत के करीब पहुँच सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Independence Day की पूर्व संध्या पर आज Nation को संबोधित करेंगी President Droupadi Murmu, Multiple Languages में होगा Broadcast</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/on-the-eve-of-independence-day-president-droupadi-murmu-to-address-the-nation-broadcast-to-be-in-multiple-languages/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Aug 2025 06:38:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[देश में 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। इस खास मौके से एक दिन पहले यानी गुरुवार को, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शाम 7 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगी। यह संबोधन आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय नेटवर्क पर सुना जा सकेगा और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर देखा जा सकेगा। पहले इसका हिंदी संस्करण [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देश में 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। इस खास मौके से एक दिन पहले यानी गुरुवार को, राष्ट्रपति <strong>द्रौपदी मुर्मु</strong> शाम <strong>7 बजे</strong> राष्ट्र को संबोधित करेंगी। यह संबोधन आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय नेटवर्क पर सुना जा सकेगा और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर देखा जा सकेगा। पहले इसका <strong>हिंदी संस्करण</strong> प्रसारित होगा और उसके बाद <strong>अंग्रेजी संस्करण</strong> दिखाया जाएगा।</p>
<p><strong>कई भाषाओं में मिलेगा संदेश</strong><br />
राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों पर यह भाषण <strong>क्षेत्रीय भाषाओं</strong> में भी प्रसारित किया जाएगा, ताकि देश के कोने-कोने में लोग इसे अपनी भाषा में सुन और समझ सकें। आकाशवाणी भी अपने संबंधित क्षेत्रीय नेटवर्क पर <strong>रात </strong><strong>9:30 बजे</strong> इसका क्षेत्रीय भाषा संस्करण प्रसारित करेगा।</p>
<p><strong>अगले दिन पीएम मोदी का लाल किले से संबोधन</strong><br />
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुक्रवार सुबह, प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> लाल किले की प्राचीर से देश को अपना पारंपरिक संबोधन देंगे। इस दौरान ध्वजारोहण समारोह होगा, जिसे देशभर में लाइव देखा जाएगा। पीएम मोदी का यह भाषण हर साल की तरह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहता है।</p>
<p><strong>स्वतंत्रता दिवस का महत्व</strong><br />
भारत हर साल 15 अगस्त को <strong>स्वतंत्रता दिवस</strong> के रूप में मनाता है। यह दिन हमें 1947 में ब्रिटिश शासन से मिली आज़ादी की याद दिलाता है। यह सिर्फ एक छुट्टी का दिन नहीं, बल्कि देश की <strong>एकता</strong><strong>, त्याग और बलिदान</strong> का प्रतीक है। इस अवसर पर पूरे देश में ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, परेड और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के आयोजन होते हैं।</p>
<p>आज का राष्ट्रपति का भाषण और कल प्रधानमंत्री का संबोधन, दोनों ही देश के लिए अहम संदेश लेकर आएंगे, जो आने वाले साल के विज़न और चुनौतियों पर रोशनी डालेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>President Droupadi Murmu का दो दिवसीय UP दौरा: Bareilly से Gorakhpur तक Educational Institutions का Honour और Development की नई शुरुआत</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/president-droupadi-murmus-two-day-visit-to-up-honouring-educational-institutions-and-ushering-in-a-new-era-of-development-from-bareilly-to-gorakhpur/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Jun 2025 05:58:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[AIIMSGorakhpur]]></category>
		<category><![CDATA[AyushUniversity]]></category>
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		<category><![CDATA[UPVisit]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान वह प्रदेश के दो बड़े शैक्षणिक संस्थानों – बरेली के इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IVRI) और AIIMS गोरखपुर के दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि बनेंगी। इसके अलावा वह महायोगी गुरु गोरक्षनाथ आयुष विश्वविद्यालय और महायोगी गोरक्षनाथ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारत की राष्ट्रपति <strong>द्रौपदी मुर्मू</strong> आज से उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान वह प्रदेश के दो बड़े शैक्षणिक संस्थानों – बरेली के <strong>इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (</strong><strong>IVRI)</strong> और <strong>AIIMS </strong><strong>गोरखपुर</strong> के दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि बनेंगी। इसके अलावा वह <strong>महायोगी गुरु गोरक्षनाथ आयुष विश्वविद्यालय</strong> और <strong>महायोगी गोरक्षनाथ यूनिवर्सिटी</strong> के नए भवनों का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगी।</p>
<p><strong>बरेली में </strong><strong>IVRI </strong><strong>का </strong><strong>11</strong><strong>वां दीक्षांत समारोह</strong></p>
<p>राष्ट्रपति मुर्मू ने आज बरेली में स्थित इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IVRI) के 11वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। इस मौके पर <strong>उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल</strong>, <strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ</strong>, और <strong>कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान</strong> भी मौजूद रहे।<br />
राष्ट्रपति ने यहां टॉप करने वाले छात्रों को मेडल्स और डिग्री सौंपी और कहा कि देश को अपने रिसर्चर्स और वैज्ञानिकों पर गर्व है।</p>
<p>सुरक्षा के लिहाज से पूरे कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा – 5 एसपी, 9 एएसपी, 250 से ज्यादा एसआई, 300 महिला पुलिसकर्मी और PAC की 4 कंपनियां।</p>
<p><strong>AIIMS </strong><strong>गोरखपुर का पहला दीक्षांत समारोह</strong></p>
<p>बरेली से गोरखपुर पहुंचकर राष्ट्रपति मुर्मू ने <strong>AIIMS </strong><strong>गोरखपुर</strong> के पहले दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने MBBS पास करने वाले छात्रों को बधाई दी और उन्हें समाज की सेवा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में भी राज्यपाल और मुख्यमंत्री मौजूद थे।</p>
<p>AIIMS प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए OPD को एक दिन के लिए बंद रखा। पूरे शहर में ट्रैफिक रूट डायवर्ट किया गया था। राष्ट्रपति ने कार्यक्रम के बाद <strong>गोरखनाथ मंदिर</strong> जाकर दर्शन भी किए।</p>
<p><strong>1 </strong><strong>जुलाई को गोरखपुर में विकास कार्यक्रमों की शुरुआत</strong></p>
<p>अपने दौरे के दूसरे दिन यानी 1 जुलाई को राष्ट्रपति मुर्मू <strong>भटहट के पिपरी गांव</strong> में उत्तर प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय – <strong>महायोगी गुरु गोरक्षनाथ आयुष विश्वविद्यालय</strong> – का उद्घाटन करेंगी। इसके बाद वे <strong>महायोगी गोरक्षनाथ यूनिवर्सिटी (</strong><strong>Sonbarsa)</strong> जाएंगी, जहां वह नए अकैडमिक ब्लॉक, ऑडिटोरियम और पंचकर्म केंद्र का उद्घाटन करेंगी और एक <strong>बालिका छात्रावास की नींव</strong> भी रखेंगी।</p>
<p>इन कार्यक्रमों के बीच राष्ट्रपति का फिर से <strong>गोरखनाथ मंदिर</strong> जाने का भी कार्यक्रम तय किया गया है।</p>
<p><strong>सुरक्षा व्यवस्था और खास बातें</strong></p>
<ul>
<li>राष्ट्रपति के पूरे दौरे को लेकर गोरखपुर और बरेली में हाई अलर्ट जारी किया गया।</li>
<li>राष्ट्रपति का कुल 129 किलोमीटर का रोड ट्रैवल प्लान किया गया है, जो किसी भी राष्ट्रपति का इस क्षेत्र में अब तक का सबसे लंबा यात्रा रूट माना जा रहा है।</li>
<li>यात्रा से ठीक पहले <strong>गोरखपुर एयरपोर्ट और </strong><strong>14 </strong><strong>अन्य एयरपोर्ट्स को बम धमकी वाला ईमेल</strong> भी मिला, जिसे बाद में फर्जी बताया गया।</li>
</ul>
<p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति – तीनों क्षेत्रों के लिए अहम माना जा रहा है। छात्रों को सम्मान देना, नए विश्वविद्यालयों का उद्घाटन करना और योग व आयुष को बढ़ावा देना – इन सबके जरिए वह समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने का संदेश दे रही हैं।</p>
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