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	<title>DrugAwareness &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>Modi Government का संकल्प – 2047 तक Bharat को बनाएंगे Drug-Free, Amit Shah बोले: “Drugs के खिलाफ जंग में अब और तेज़ी लानी होगी”</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Sep 2025 09:54:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[AmitShah]]></category>
		<category><![CDATA[AntiNarcotics]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत में ड्रग्स (नशीली दवाओं) का जाल खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि मोदी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि देश से ड्रग्स का खतरा पूरी तरह मिटा दिया जाए। अमित शाह ने यह बयान दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन (Second National [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारत में ड्रग्स (नशीली दवाओं) का जाल खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृहमंत्री <strong>अमित शाह</strong> ने मंगलवार को कहा कि <strong>मोदी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है</strong> कि देश से ड्रग्स का खतरा पूरी तरह मिटा दिया जाए।</p>
<p>अमित शाह ने यह बयान <strong>दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन (</strong><strong>Second National Conference)</strong> में दिया। यह सम्मेलन <strong>Anti-Narcotics Task Force (ANTF)</strong> के प्रमुख अधिकारियों के लिए <strong>Narcotics Control Bureau (NCB)</strong> द्वारा <strong>नई दिल्ली</strong> में आयोजित किया गया।</p>
<p><strong>ड्रग्स उन्मूलन पर जोर</strong></p>
<p>अमित शाह ने कहा कि अब समय आ गया है कि ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई की <strong>स्पीड और स्केल</strong>, दोनों बढ़ाए जाएं। उन्होंने साफ कहा,</p>
<p><em>&#8220;</em><em>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने </em><em>2047 </em><em>तक भारत को पूरी तरह विकसित और सुरक्षित देश बनाने का सपना देखा है। अगर हमें यह सपना साकार करना है तो हमें युवाओं को ड्रग्स से बचाना होगा और देश को ड्रग्स फ्री बनाना होगा।&#8221;</em></p>
<p>गृहमंत्री ने बताया कि दुनिया के कई हिस्सों में देखा गया है कि किसी भी देश का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि वहां <strong>ड्रग्स का खतरा</strong> कितना है। दुर्भाग्य से, भारत के आसपास <strong>दो बड़े क्षेत्र ऐसे हैं</strong> जहाँ से ड्रग्स की सबसे ज्यादा सप्लाई होती है। इसलिए भारत को अब इस खतरे के खिलाफ और ज्यादा <strong>सख्ती</strong> दिखाने की जरूरत है।</p>
<p><strong>ड्रग्स नेटवर्क को तीन हिस्सों में बांटा</strong></p>
<p>अमित शाह ने देश में ड्रग्स के जाल को तीन हिस्सों में समझाया:</p>
<ol>
<li><strong>एंट्री पॉइंट पर काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय कार्टेल</strong> – जो ड्रग्स को देश में लाते हैं।</li>
<li><strong>राज्यों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क</strong> – जो सप्लाई चेन को संभालते हैं।</li>
<li><strong>स्थानीय स्तर के छोटे डीलर</strong> – जो दुकानों, ठेलों या छोटे-छोटे ठिकानों से ड्रग्स बेचते हैं।</li>
</ol>
<p><em>&#8220;</em><em>अब समय आ गया है कि इन तीनों स्तर के कार्टेल्स पर एक साथ बड़ा प्रहार किया जाए। यह तभी संभव है जब ड्रग्स के खिलाफ काम करने वाले सभी अधिकारी मिलकर सख्त कदम उठाएं</em><em>,&#8221;</em> अमित शाह ने कहा।</p>
<p><strong>₹4,794 </strong><strong>करोड़ के ड्रग्स को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू</strong></p>
<p>इस सम्मेलन में अमित शाह ने पूरे देश में जब्त किए गए <strong>₹4,794 </strong><strong>करोड़</strong> मूल्य के ड्रग्स को <strong>डिस्ट्रॉय (नष्ट)</strong> करने की प्रक्रिया की शुरुआत की।<br />
यह कदम सरकार की तरफ से ड्रग्स को खत्म करने के संकल्प को दर्शाता है।</p>
<p><strong>NCB </strong><strong>का बड़ा प्लान </strong><strong>– </strong><strong>कई विभागों से मिलकर कार्रवाई</strong></p>
<p>NCB अब <strong>GST </strong><strong>विभाग</strong>, <strong>राज्य ड्रग कंट्रोलर</strong>, <strong>आयकर विभाग</strong> और <strong>वित्तीय संस्थाओं</strong> के साथ मिलकर काम कर रहा है।<br />
इसका मकसद यह है कि ड्रग्स की सप्लाई के साथ-साथ <strong>पैसे के लेन-देन और अवैध फाइनेंशियल नेटवर्क</strong> का भी पता लगाया जा सके।</p>
<p><strong>15 </strong><strong>सितंबर को दी थी बड़ी जानकारी</strong></p>
<p>अमित शाह ने <strong>सोमवार</strong><strong>, 15 </strong><strong>सितंबर </strong><strong>2025</strong> को भी एक बड़ा बयान दिया था।<br />
उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार सभी राज्यों की <strong>Anti-Narcotics Task Forces (ANTFs)</strong> को एक साथ मिलाकर ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत बनाएगी।<br />
उसी दिन उन्होंने <strong>NCB </strong><strong>की </strong><strong>2024 </strong><strong>की वार्षिक रिपोर्ट</strong> भी जारी की।</p>
<p><strong>युवाओं को बचाना है सबसे बड़ी प्राथमिकता</strong></p>
<p>अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि देश के <strong>युवा ही भारत की नींव</strong> हैं।</p>
<p><em>&#8220;</em><em>अगर हमारे युवा सही दिशा में रहेंगे</em><em>, </em><em>तो भारत को कोई रोक नहीं सकता। लेकिन अगर युवा ड्रग्स के जाल में फंस गए</em><em>, </em><em>तो यह हमारे सपनों के भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा होगा</em><em>,&#8221;</em> उन्होंने कहा।</p>
<p><strong>2047 </strong><strong>तक भारत को विकसित और सुरक्षित बनाने का लक्ष्य</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को पूरी तरह <strong>विकसित</strong>, <strong>मजबूत</strong>, और <strong>सुरक्षित राष्ट्र</strong> बनाने का लक्ष्य रखा है।<br />
अमित शाह ने कहा कि ड्रग्स फ्री भारत इस लक्ष्य को पाने के लिए एक <strong>जरूरी शर्त</strong> है।<br />
उन्होंने भरोसा जताया कि अगर सरकार, अधिकारी और देशवासी मिलकर काम करें, तो यह सपना जरूर साकार होगा।</p>
<p>मोदी सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ जंग को एक <strong>राष्ट्रीय अभियान</strong> का रूप दे दिया है। बड़े स्तर पर ड्रग्स को नष्ट करने से लेकर सप्लाई चेन को तोड़ने तक कई कदम उठाए जा रहे हैं। अमित शाह का साफ संदेश है – <em>“</em><em>युवा सुरक्षित होंगे</em><em>, </em><em>तभी भारत सुरक्षित होगा। और जब भारत सुरक्षित होगा</em><em>, </em><em>तभी </em><em>2047 </em><em>तक हमारा देश पूरी तरह विकसित और दुनिया में सबसे आगे होगा।</em><em>”</em></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab में नशा मुक्त भविष्य की ओर बड़ा कदम Mann Government  ने Schools में शुरू किया Anti-Drug Curriculum, 3,658 Government Schools में 8 Lakh Students होंगे लाभान्वित</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/a-big-step-towards-a-drug-free-punjab-mann-government-launches-anti-drug-curriculum-in-schools-benefiting-8-lakh-students-across-3658-government-schools/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Sep 2025 06:46:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[AntiDrugCampaign]]></category>
		<category><![CDATA[DrugAwareness]]></category>
		<category><![CDATA[DrugFreePunjab]]></category>
		<category><![CDATA[EducationForAll]]></category>
		<category><![CDATA[HealthyFuture]]></category>
		<category><![CDATA[MannGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[SchoolEducation]]></category>
		<category><![CDATA[SocialChange]]></category>
		<category><![CDATA[YouthEmpowerment]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब, जो लंबे समय से नशे की समस्या से जूझ रहा है, अब बदलाव की राह पर चल पड़ा है। कभी नशे की वजह से पंजाब का नाम बदनाम हो रहा था, परिवार टूट रहे थे और युवा बर्बाद हो रहे थे। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने यह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब, जो लंबे समय से नशे की समस्या से जूझ रहा है, अब बदलाव की राह पर चल पड़ा है। कभी नशे की वजह से पंजाब का नाम बदनाम हो रहा था, परिवार टूट रहे थे और युवा बर्बाद हो रहे थे। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> की सरकार ने यह ठान लिया है कि नशे की जड़ को सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षा और जागरूकता के जरिए खत्म किया जाएगा।</p>
<p>अब नशे के खिलाफ जंग <strong>थानों से नहीं बल्कि स्कूलों की कक्षाओं</strong> से लड़ी जाएगी। यह एक ऐसा कदम है जो न सिर्फ पंजाब बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल बन सकता है।</p>
<p><strong>स्कूलों में </strong><strong>1 </strong><strong>अगस्त से शुरू हुई खास क्लासेस</strong></p>
<p>1 अगस्त 2025 से पूरे पंजाब के <strong>सरकारी स्कूलों की </strong><strong>9</strong><strong>वीं से </strong><strong>12</strong><strong>वीं कक्षा</strong> के बच्चों के लिए <strong>वैज्ञानिक तरीके से डिज़ाइन किया गया नशा-विरोधी पाठ्यक्रम</strong> शुरू कर दिया गया है।</p>
<ul>
<li>इस कोर्स को <strong>नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. अभिजीत बनर्जी</strong> की टीम ने शिक्षा विशेषज्ञों के साथ मिलकर तैयार किया है।</li>
<li>इसका उद्देश्य बच्चों को शुरुआत से ही नशे के खतरों के बारे में जागरूक करना और उन्हें मजबूत बनाना है ताकि वे गलत रास्ते पर न जाएं।</li>
</ul>
<p><strong>मुख्य बातें:</strong></p>
<ul>
<li>यह पाठ्यक्रम हर <strong>15</strong><strong>वें दिन </strong><strong>35 </strong><strong>मिनट की क्लास</strong> के रूप में पढ़ाया जाएगा।</li>
<li>कुल <strong>27 </strong><strong>हफ्तों तक यह कोर्स चलेगा।</strong></li>
<li>राज्य के लगभग <strong>3,658 </strong><strong>सरकारी स्कूलों</strong> में इसे लागू किया जा रहा है।</li>
<li>इसे पढ़ाने के लिए <strong>6,500 </strong><strong>से ज्यादा शिक्षकों को ट्रेनिंग</strong> दी गई है।</li>
<li>लगभग <strong>8 </strong><strong>लाख बच्चे</strong> इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे।</li>
</ul>
<p><strong>बच्चों को समझाने का नया तरीका</strong></p>
<p>इस कोर्स को सिर्फ पढ़ाया ही नहीं जाएगा, बल्कि बच्चों को <strong>इंटरेक्टिव और मजेदार एक्टिविटीज़</strong> के जरिए समझाया जाएगा।</p>
<ul>
<li>उन्हें नशे के खतरों पर <strong>फिल्में दिखाई जाएंगी।</strong></li>
<li><strong>क्विज़ प्रतियोगिताएं</strong> होंगी।</li>
<li><strong>पोस्टर और वर्कशीट</strong> के जरिए बच्चों को सोचने और समझने के लिए प्रेरित किया जाएगा।</li>
<li><strong>ग्रुप एक्टिविटीज़</strong> होंगी ताकि बच्चे खुलकर अपनी बातें रख सकें।</li>
</ul>
<p>बच्चों को यह सिखाया जाएगा कि:</p>
<ol>
<li>नशे को <strong>“</strong><strong>ना</strong><strong>” </strong><strong>कैसे कहें।</strong></li>
<li><strong>Peer Pressure</strong> यानी दोस्तों के दबाव में गलत रास्ता न चुनें।</li>
<li>सही और गलत में फर्क करना सीखें।</li>
<li>जीवन में <strong>सही फैसले खुद लेना सीखें।</strong></li>
</ol>
<p>यानी यह पाठ्यक्रम सिर्फ नशे से बचाने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के <strong>Life Skills</strong> को भी बेहतर बनाने में मदद करेगा।</p>
<p><strong>पहले पायलट प्रोजेक्ट में मिले शानदार नतीजे</strong></p>
<p>इस योजना को पूरे राज्य में लागू करने से पहले इसे <strong>अमृतसर और तरनतारन के </strong><strong>78 </strong><strong>स्कूलों</strong> में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया गया।</p>
<ul>
<li>इसमें <strong>9,600 </strong><strong>छात्रों</strong> ने हिस्सा लिया।</li>
<li>नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे:
<ul>
<li><strong>90% </strong><strong>छात्रों ने माना</strong> कि एक बार नशा करने से भी इसकी लत लग सकती है।</li>
<li>पहले जहां <strong>50% </strong><strong>बच्चे सोचते थे</strong> कि सिर्फ इच्छाशक्ति से नशा छोड़ा जा सकता है, यह आंकड़ा घटकर <strong>20% </strong><strong>रह गया।</strong></li>
</ul>
</li>
</ul>
<p>इसका मतलब यह है कि <strong>सही शिक्षा बच्चों की सोच बदल सकती है।</strong> और जब सोच बदलेगी, तभी समाज बदलेगा।</p>
<p><strong>&#8216;</strong><strong>युद्ध नशियां विरुद्ध</strong><strong>&#8216; </strong><strong>अभियान </strong><strong>– </strong><strong>सप्लाई पर सख्ती</strong><strong>, </strong><strong>डिमांड पर समझदारी</strong></p>
<p>मान सरकार की नीति दो हिस्सों में बंटी है:</p>
<ol>
<li><strong>सप्लाई चेन तोड़ना:</strong> यानी नशा बेचने वालों और तस्करों पर सख्त कार्रवाई।</li>
<li><strong>डिमांड कम करना:</strong> बच्चों और युवाओं को जागरूक कर नशे की मांग को खत्म करना।</li>
</ol>
<p><strong>अभियान की शुरुआत:</strong> 1 मार्च 2025</p>
<ul>
<li>अगस्त 2025 के अंत तक पंजाब पुलिस ने <strong>28,025 </strong><strong>से ज्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार</strong> किया।</li>
<li>यह दिखाता है कि सरकार सिर्फ बातें नहीं कर रही, बल्कि <strong>ग्राउंड लेवल पर काम कर रही है।</strong></li>
</ul>
<p><strong>अभियान का सामाजिक महत्व</strong></p>
<p>यह कार्यक्रम सिर्फ एक <strong>Education Policy</strong> नहीं है, बल्कि यह <strong>Social Revolution</strong> यानी सामाजिक क्रांति है।</p>
<ul>
<li>मान सरकार का यह प्रोग्राम किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य को बचाने के लिए शुरू किया गया <strong>पवित्र मिशन</strong> है।</li>
<li>सरकार का लक्ष्य है कि पंजाब को <strong>“</strong><strong>उड़ता पंजाब</strong><strong>” </strong><strong>से </strong><strong>“</strong><strong>रंगला पंजाब</strong><strong>”</strong> बनाया जाए और उसका खोया गौरव वापस लाया जाए।</li>
</ul>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कई बार कहा है कि वह चाहते हैं कि हर माता-पिता यह गर्व से कह सकें कि उनका बच्चा नशे से सुरक्षित है — और यह भरोसा मान सरकार देगी।</p>
<p><strong>क्यों है यह पहल देश के लिए मिसाल</strong></p>
<ul>
<li>पंजाब पहला राज्य है जिसने इस तरह का <strong>वैज्ञानिक</strong><strong>, </strong><strong>व्यवस्थित और बड़े पैमाने पर नशा-विरोधी पाठ्यक्रम</strong> शुरू किया है।</li>
<li>इस मॉडल को भविष्य में <strong>अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है।</strong></li>
<li>यह पहल दिखाती है कि नशे जैसी गहरी समस्या को सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि <strong>शिक्षा और जागरूकता</strong> के जरिए खत्म किया जा सकता है।</li>
</ul>
<p>मान सरकार का यह कदम दिखाता है कि नशे से लड़ाई सिर्फ पकड़-धकड़ तक सीमित नहीं है। असली बदलाव तब आएगा जब समाज में सोच बदलेगी और युवा सही रास्ता चुनेंगे।<br />
पंजाब अब बदलाव की इस यात्रा पर निकल पड़ा है। आने वाले समय में यह पहल न सिर्फ पंजाब को नशा-मुक्त बनाएगी, बल्कि पूरे देश के लिए एक <strong>Inspiration</strong> यानी प्रेरणा बनेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>“No More Drugs, We Want Education!” – Punjab Government का बड़ा कदम, Schools में चलेगा Drug Prevention Curriculum</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/no-more-drugs-we-want-education-punjab-governments-big-move-drug-prevention-curriculum-to-be-introduced-in-schools/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 31 Jul 2025 09:42:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[AwarenessCampaign]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[DrugAwareness]]></category>
		<category><![CDATA[DrugFreeIndia]]></category>
		<category><![CDATA[DrugFreePunjab]]></category>
		<category><![CDATA[Education]]></category>
		<category><![CDATA[NoMoreDrugs]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[SchoolCurriculum]]></category>
		<category><![CDATA[YouthEmpowerment]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में नशे की लत को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने एक नया और अनोखा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया है कि 1 अगस्त से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में क्लास 9 से 12 तक के बच्चों के लिए ‘ड्रग प्रिवेंशन करिकुलम’ (Drug Prevention Curriculum) शुरू किया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में नशे की लत को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने एक नया और अनोखा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> ने ऐलान किया है कि 1 अगस्त से राज्य के <strong>सभी सरकारी स्कूलों</strong> में क्लास 9 से 12 तक के बच्चों के लिए <strong>‘</strong><strong>ड्रग प्रिवेंशन करिकुलम’ (</strong><strong>Drug Prevention Curriculum)</strong> शुरू किया जाएगा।</p>
<p><strong>क्या है ये नया करिकुलम</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li>यह कोर्स <strong>27 </strong><strong>हफ्तों</strong> तक चलेगा और इसमें <strong>15 </strong><strong>सेशन</strong> होंगे।</li>
<li>हर पंद्रह दिन में एक <strong>35 </strong><strong>मिनट की क्लास</strong> होगी।</li>
<li>बच्चों को सिखाया जाएगा कि कैसे <strong>peer pressure</strong> का सामना करें, <strong>सही फैसले</strong> लें और नशे से जुड़े खतरों को समझें।</li>
<li>पढ़ाई का तरीका भी रोचक होगा – <strong>फिल्में</strong><strong>, </strong><strong>क्विज़</strong><strong>, </strong><strong>पोस्टर</strong><strong>, </strong><strong>वर्कशीट और इंटरएक्टिव एक्टिविटीज</strong> इस्तेमाल की जाएंगी।</li>
</ul>
<p><strong>कितने स्कूल और कितने बच्चे होंगे कवर</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li>ये कोर्स <strong>3,658 </strong><strong>सरकारी स्कूलों</strong> में शुरू होगा।</li>
<li>करीब <strong>8 </strong><strong>लाख (</strong><strong>800,000)</strong> बच्चे इस प्रोग्राम का हिस्सा बनेंगे।</li>
<li><strong>6,500 </strong><strong>से ज्यादा टीचर्स</strong> को इस करिकुलम की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।</li>
</ul>
<p><strong>नतीजे क्या कह रहे हैं</strong><strong>?</strong></p>
<p>इस प्रोग्राम का पहले <strong>पायलट रन</strong> अमृतसर और तरनतारण जिले के 78 स्कूलों में किया गया था।</p>
<ul>
<li><strong>9,600 </strong><strong>स्टूडेंट्स</strong> ने हिस्सा लिया।</li>
<li><strong>90% </strong><strong>बच्चों</strong> ने माना कि “ड्रग्स सिर्फ एक बार ट्राय करने से भी लत लग सकती है।”</li>
<li>पहले जहाँ <strong>50% </strong><strong>बच्चे</strong> सोचते थे कि “सिर्फ अपनी इच्छाशक्ति से लत छुड़ाई जा सकती है”, अब ये सोच सिर्फ <strong>20% </strong><strong>बच्चों</strong> में रह गई।</li>
</ul>
<p><strong>‘War Against Drugs’ </strong><strong>कैंपेन के साथ जुड़ी पहल</strong></p>
<p>मार्च 2025 से पंजाब में <strong>‘War Against Drugs’</strong> अभियान चल रहा है।</p>
<ul>
<li>अब तक <strong>23,000 </strong><strong>से ज्यादा</strong> ड्रग तस्करों को पकड़ा गया।</li>
<li><strong>1,000 </strong><strong>किलो से ज्यादा हेरोइन</strong> बरामद हुई।</li>
<li>ड्रग्स से जुड़े लोगों की संपत्तियां भी <strong>जब्त</strong> की गईं।</li>
</ul>
<p><strong>लॉन्ग-टर्म सॉल्यूशन पर जोर</strong></p>
<p>पंजाब सरकार का कहना है कि सिर्फ <strong>कानून-व्यवस्था</strong> (law enforcement) से नशा खत्म नहीं होगा।<br />
असली हल है <strong>prevention </strong><strong>यानी रोकथाम</strong>, और इसके लिए युवाओं को बचपन से ही सही दिशा देनी होगी।<br />
यही वजह है कि ये करिकुलम पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है और हो सकता है आगे चलकर <strong>अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाएं।</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है – “ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस या कानून से नहीं जीती जाएगी। हमें अपने बच्चों को सिखाना होगा कि ज़िंदगी में सही रास्ता कौन सा है। हम चाहते हैं –</strong> <strong><em>No more drugs, we want education!</em></strong><strong>”</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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