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	<title>FarmerRights &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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		<title>Punjab Government किसानों से करेगी बात, Land Pooling Policy पर उठाएगी अगला कदम – CM Bhagwant Mann का ऐलान</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-government-to-engage-with-farmers-take-next-steps-on-land-pooling-policy-cm-bhagwant-mann-announces/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 Aug 2025 05:18:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पंजाब में चल रहे किसानों के विरोध और विपक्षी दलों की तीखी आलोचना के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को साफ कहा कि उनकी सरकार किसानों और आम लोगों से खुलकर बात करेगी और उनकी राय के मुताबिक ही आगे कदम उठाएगी। चमकौर साहिब (रूपनगर) के गुरुद्वारा कटालगढ़ साहिब में अपनी पत्नी और बेटी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में चल रहे किसानों के विरोध और विपक्षी दलों की तीखी आलोचना के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को साफ कहा कि उनकी सरकार किसानों और आम लोगों से खुलकर बात करेगी और उनकी राय के मुताबिक ही आगे कदम उठाएगी।</p>
<p>चमकौर साहिब (रूपनगर) के गुरुद्वारा कटालगढ़ साहिब में अपनी पत्नी और बेटी के साथ अरदास करने पहुंचे मान ने मीडिया से बातचीत में कहा – <em>“</em><em>ये तानाशाही नहीं है। हम वही करेंगे जो लोग और किसान चाहते हैं।”</em></p>
<p><strong>क्या है मामला</strong><strong>?</strong></p>
<p>पंजाब कैबिनेट ने 2 जून को <strong>लैंड पूलिंग पॉलिसी</strong> को मंजूरी दी थी। इसके तहत राज्य सरकार 21 शहरों और कस्बों में करीब <strong>65,533 </strong><strong>एकड़ जमीन</strong> अधिग्रहित करके इंडस्ट्रियल और रेसिडेंशियल ज़ोन बनाने की योजना बना रही है। इसे 1966 के बाद से पंजाब सरकार द्वारा जमीन का सबसे बड़ा अधिग्रहण माना जा रहा है।</p>
<p>लेकिन, योजना के लॉन्च होने के बाद से अब तक सिर्फ <strong>115 </strong><strong>ज़मीन मालिक</strong> (लुधियाना से 15 और मोहाली से लगभग 100) ही इस स्कीम को अपनाने आगे आए हैं। स्कीम 30 सितंबर तक खुली है।</p>
<p><strong>विरोध क्यों हो रहा है</strong><strong>?</strong></p>
<p>किसान संगठन और विपक्षी दल – कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (SAD) और बीजेपी – इस पॉलिसी को <em>“</em><em>किसान विरोधी और अव्यवहारिक”</em> बता रहे हैं। इतना ही नहीं, इसे <strong>पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट</strong> में भी चुनौती दी गई है।</p>
<p>किसानों का कहना है कि यह पॉलिसी कहीं न कहीं 2020 में केंद्र सरकार की ओर से लाई गई तीन <strong>कृषि कानूनों</strong> जैसी है, जिन्हें सालभर के संघर्ष के बाद रद्द करना पड़ा था।</p>
<p><strong>सरकार ने क्या बदलाव किए</strong><strong>?</strong></p>
<p>विरोध को देखते हुए AAP सरकार ने <strong>22 </strong><strong>जुलाई</strong> को लैंड पूलिंग पॉलिसी में बदलाव का ऐलान किया।</p>
<ul>
<li>जो किसान लैंड पूलिंग अपनाएंगे, उन्हें जमीन विकसित होने तक <strong>₹1 </strong><strong>लाख सालाना जीविका भत्ता (</strong><strong>Livelihood Allowance)</strong> मिलेगा। यह राशि पहले की सरकारों के ₹20,000 से <strong>पांच गुना ज्यादा</strong> है।</li>
<li>हर <strong>1 </strong><strong>कनाल जमीन</strong> के बदले किसानों को <strong>125 </strong><strong>गज रेसिडेंशियल प्लॉट</strong> और <strong>25 </strong><strong>गज कमर्शियल प्लॉट</strong> मिलेगा।</li>
<li>किसानों को जमीन की <strong>खरीद-फरोख्त पर कोई रोक नहीं</strong> होगी। वे किसी भी समय अपनी जमीन बेच या खरीद सकेंगे।</li>
</ul>
<p>इसके बावजूद किसानों ने इन बदलावों को लेकर असंतोष जताया है और कहा कि पॉलिसी में उनकी राय को गंभीरता से शामिल किया जाए।</p>
<p><strong>CM </strong><strong>मान का नया ऐलान – “हम संवाद करेंगे”</strong></p>
<p>मौजूदा विरोध को शांत करने के लिए CM मान ने पहली बार नरम रुख दिखाते हुए कहा कि अब सरकार खुद किसानों और लोगों के पास जाएगी।<br />
उन्होंने कहा – <em>“</em><em>आने वाले दिनों में हम किसानों और आम लोगों से मीटिंग करेंगे। जो भी किसान कहेंगे</em><em>, </em><em>वही करेंगे। हम तानाशाह नहीं हैं।”</em></p>
<p><strong>क्यों ज़रूरी है यह बातचीत</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li>किसानों के विरोध के कारण पॉलिसी पर अमल अटक गया है।</li>
<li>विपक्ष इस मुद्दे को बड़ा राजनीतिक हथियार बना रहा है।</li>
<li>हाई कोर्ट में केस लंबित होने से कानूनी पेंच भी खिंच सकते हैं।</li>
</ul>
<p>पंजाब की यह <strong>लैंड पूलिंग पॉलिसी</strong> राज्य के विकास के लिए अहम प्रोजेक्ट माना जा रहा है, लेकिन किसानों के गुस्से और विपक्ष की आपत्तियों ने इसे घेर लिया है। अब देखना होगा कि CM मान का यह ‘संवाद’ वाला कदम माहौल को शांत करता है या विरोध और तेज़ होता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab की Land Pooling Policy पर बवाल: Ludhiana के AAP Leader ने दिया Resign, Farmers का गुस्सा उफान पर</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/uproar-over-punjabs-land-pooling-policy-aap-leader-from-ludhiana-resigns-farmers-anger-on-the-rise/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Jul 2025 05:27:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#latestnews]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब सरकार की ज़मीन पूलिंग पॉलिसी (Land Pooling Policy) को लेकर चल रहा विवाद अब और गहराता जा रहा है। सोमवार को लुधियाना के जोधन ब्लॉक अध्यक्ष तपिंदर सिंह ग्रेवाल ने आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफ़ा देकर इस पॉलिसी का खुलकर विरोध किया। उन्होंने इसे “एंटी-फार्मर” (किसान विरोधी) क़रार दिया। AAP MP का पोस्ट, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब सरकार की ज़मीन पूलिंग पॉलिसी (Land Pooling Policy) को लेकर चल रहा विवाद अब और गहराता जा रहा है। सोमवार को लुधियाना के जोधन ब्लॉक अध्यक्ष <strong>तपिंदर सिंह ग्रेवाल</strong> ने आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफ़ा देकर इस पॉलिसी का खुलकर विरोध किया। उन्होंने इसे “एंटी-फार्मर” (किसान विरोधी) क़रार दिया।</p>
<p><strong>AAP MP </strong><strong>का पोस्ट</strong><strong>, </strong><strong>फिर डिलीट – पार्टी में हलचल</strong></p>
<p>इससे एक दिन पहले, <strong>आनंदपुर साहिब से </strong><strong>AAP </strong><strong>सांसद मलविंदर सिंह कांग</strong> ने X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर सरकार को सलाह दी थी कि इस पॉलिसी को लागू करने से पहले किसानों का भरोसा जीतना ज़रूरी है। उन्होंने कहा था कि किसानों की आपत्तियों को “इम्पैथी और डायलॉग” के साथ सुलझाना चाहिए।<br />
लेकिन कांग ने बाद में अपना पोस्ट डिलीट कर दिया। इस कदम से वही किसान नेता नाराज़ हो गए, जो उनके स्टैंड की तारीफ़ कर रहे थे। पार्टी के अंदर भी ये पोस्ट चर्चा का मुद्दा बन गया, हालांकि AAP नेताओं ने इसे “इमोशनल आउटबर्स्ट” बताया।</p>
<p><strong>65,533 </strong><strong>एकड़ ज़मीन पर सवाल – पुराने प्रोजेक्ट्स का क्या</strong><strong>?</strong></p>
<p>पंजाब सरकार ज़मीन पूलिंग पॉलिसी के तहत <strong>65,533 </strong><strong>एकड़ ज़मीन</strong> अधिग्रहित करना चाहती है। लेकिन किसानों ने सवाल उठाया कि जब पहले से ली गई हज़ारों एकड़ ज़मीन पर बने प्रोजेक्ट्स की प्रॉपर्टीज़ बिक ही नहीं रहीं, तो नई ज़मीन लेने की क्या ज़रूरत है?</p>
<ul>
<li><strong>27,111 </strong><strong>प्रॉपर्टीज़ (रिहायशी</strong><strong>, </strong><strong>कमर्शियल और इंडस्ट्रियल)</strong> अभी तक बिक नहीं पाई हैं।</li>
<li>सबसे ज़्यादा 10,620 प्रॉपर्टीज़ <strong>GMADA</strong> के अंतर्गत हैं।</li>
<li>पंजाब मंडी बोर्ड की लगभग 10,000 प्रॉपर्टीज़ भी अनबिकी पड़ी हैं।</li>
</ul>
<p><strong>किसान मज़दूर मोर्चा</strong> के नेता <strong>सरवन सिंह पंधेर</strong> ने कहा – <em>“</em><em>जब पहले के प्रोजेक्ट्स की ज़मीन इस्तेमाल ही नहीं हो रही</em><em>, </em><em>तो </em><em>65,000 </em><em>एकड़ उपजाऊ ज़मीन लेने का क्या मतलब</em><em>?”</em></p>
<p><strong>AAP </strong><strong>का जवाब – ‘पॉलिसी वॉलंटरी है</strong><strong>, </strong><strong>कोई ज़बरदस्ती नहीं’</strong></p>
<p>AAP के जनरल सेक्रेटरी <strong>दीपक बाली</strong> ने कहा कि विरोधियों की तरफ़ से किसानों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा – <em>“</em><em>ज़मीन पूलिंग पॉलिसी पूरी तरह वॉलंटरी (स्वेच्छा से) है। बिल्डर्स पिछले </em><em>10 </em><em>सालों में </em><em>29,000 </em><em>एकड़ ज़मीन पर कॉलोनियां बना चुके हैं</em><em>, </em><em>वो भी ज्यादातर अवैध। अब जब सरकार सही कीमत और अफोर्डेबल हाउसिंग देने की कोशिश कर रही है</em><em>, </em><em>बिल्डर्स को दिक्कत हो रही है।”</em></p>
<p><strong>शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस</strong> ने भी यही बात दोहराई – <em>“</em><em>किसी से ज़बरदस्ती ज़मीन नहीं ली जाएगी। विपक्ष किसान भाइयों को गुमराह कर रहा है।”</em></p>
<p><strong>गाँवों में बोर्ड – ‘</strong><strong>AAP </strong><strong>नेताओं की एंट्री बंद’</strong></p>
<p>जिन गाँवों में सरकार ज़मीन लेना चाहती है, वहाँ की <strong>पंचायतों ने प्रस्ताव पास कर दिए</strong> हैं। कुछ गाँवों में तो बोर्ड लग गए हैं – <em>“AAP </em><em>नेताओं और ज़मीन अधिग्रहण अधिकारियों का प्रवेश वर्जित है।”</em></p>
<p><strong>किसान संगठनों का प्रदर्शन और ‘ट्रैक्टर रैली’ की तैयारी</strong></p>
<ul>
<li>सोमवार को <strong>किसान मज़दूर मोर्चा</strong> ने पूरे पंजाब में प्रदर्शन किए।</li>
<li>हर ज़िले (सिवाय बठिंडा और रोपड़) के डिप्टी कमिश्नरों को मेमोरेंडम सौंपे गए।</li>
<li>मोहाली में <strong>शिअरोमणि अकाली दल (</strong><strong>SAD)</strong> ने GMADA ऑफिस के बाहर धरना दिया।</li>
</ul>
<p>अब सबकी नज़रें <strong>संयुक्त किसान मोर्चा (</strong><strong>SKM)</strong> की <strong>“</strong><strong>ट्रैक्टर रैली”</strong> पर टिकी हैं, जो मंगलवार को होगी। इसे सभी विपक्षी पार्टियों का समर्थन मिला है।</p>
<p><strong>नतीजा क्या निकलेगा</strong><strong>?</strong></p>
<p>AAP नेता दावा कर रहे हैं कि ये पॉलिसी किसानों के हित में है और बिल्डर्स की मनमानी रोकने के लिए है। दूसरी ओर किसान संगठन कह रहे हैं कि सरकार किसानों की ज़मीन छीनने की कोशिश कर रही है।<br />
अब सवाल ये है कि क्या सरकार किसानों का भरोसा जीत पाएगी या विरोध और तेज़ होगा – ये आने वाला समय बताएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8220;किसानों का पैसा लूटकर बना रहे महल, अब जनता सबक सिखाएगी&#8221; – Gujarat में Arvind Kejriwal का BJP पर बड़ा हमला</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/looting-farmers-money-to-build-palaces-people-will-teach-a-lesson-now-arvind-kejriwals-big-attack-on-bjp-in-gujarat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Jul 2025 10:56:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[AAPvsBJP]]></category>
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					<description><![CDATA[गुजरात के अरावली जिले के मोडासा में आयोजित किसान महासभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि “बीजेपी गरीब दूध उत्पादक किसानों का पैसा लूटकर अपने लिए ऐशो-आराम के महल बना रही है।” साथ ही उन्होंने मांग की कि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>गुजरात के अरावली जिले के मोडासा में आयोजित किसान महासभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री <strong>अरविंद केजरीवाल</strong> ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि “बीजेपी गरीब <strong>दूध उत्पादक किसानों का पैसा लूटकर</strong> अपने लिए <strong>ऐशो-आराम के महल</strong> बना रही है।” साथ ही उन्होंने मांग की कि <strong>साबर डेयरी प्रदर्शन</strong> के दौरान मारे गए <strong>किसान अशोक चौधरी</strong> के परिवार को <strong>राज्य सरकार और साबर डेयरी</strong> की तरफ से <strong>एक-एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा</strong> दिया जाए।</p>
<p><strong>अशोक चौधरी की मौत से भड़का मामला</strong></p>
<p>मामला 14 जुलाई का है, जब गुजरात के <strong>हिम्मतनगर स्थित साबर डेयरी</strong> पर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इस दौरान <strong>इदर तालुका के जिंजवा गांव</strong> के 42 वर्षीय किसान <strong>अशोक चौधरी</strong> की मौत हो गई। किसानों की मांग थी कि डेयरी प्रॉफिट का सही हिस्सा उन्हें मिले। केजरीवाल ने इसे सरकार की “क्रूरता और भ्रष्टाचार” बताया।</p>
<p><strong>“AAP </strong><strong>किसानों के साथ खड़ी है”</strong></p>
<p>केजरीवाल ने कहा,</p>
<p>“अगर अगली बार किसी किसान पर गोली चलाई जाएगी, तो वो गोली पहले <strong>अरविंद केजरीवाल के सीने से</strong> होकर जाएगी। AAP पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि <strong>बीजेपी सरकार ने पिछले </strong><strong>5 </strong><strong>सालों में </strong><strong>16% </strong><strong>से </strong><strong>18% </strong><strong>तक प्रॉफिट घोषित किया</strong>, लेकिन इस साल अचानक इसे <strong>9.5%</strong> बता दिया गया है। “बाकी का पैसा कहां गया? ये पैसा या तो <strong>स्विस बैंक</strong> में गया है या फिर इससे बीजेपी के नेता <strong>महल</strong><strong>, </strong><strong>हेलिकॉप्टर</strong><strong>, </strong><strong>कारें और प्राइवेट जेट</strong> खरीद रहे हैं,” – केजरीवाल ने आरोप लगाया।</p>
<p><strong>“</strong><strong>झूठे ऐलान कर रही है सरकार”</strong></p>
<p>केजरीवाल ने दावा किया कि <strong>18 </strong><strong>जुलाई</strong> को जब AAP के नेता <strong>इसुदान गढ़वी</strong> ने ऐलान किया कि केजरीवाल और पंजाब CM <strong>भगवंत मान</strong> 23 जुलाई को गुजरात आएंगे, उसी दिन सरकार ने <strong>17.5% </strong><strong>प्रॉफिट देने की घोषणा कर दी</strong>, लेकिन वास्तव में कुछ भी नहीं दिया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इसुदान गढ़वी <strong>अशोक चौधरी के घर</strong> मिलने गए थे, जो बेहद गरीब परिवार था और <strong>घर की छत तक नहीं थी</strong>। “सरकार ऐसे लोगों का पैसा लूटकर महल बना रही है। इन्हें पाप लगेगा और ये नरक में जाएंगे,” – केजरीवाल ने तीखे शब्दों में कहा।</p>
<p><strong>“30 </strong><strong>साल की सत्ता से बढ़ा घमंड”</strong></p>
<p>केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में बीजेपी को 30 साल से सत्ता में बने रहने का <strong>घमंड</strong> हो गया है। “उन्हें लगता है कि <strong>वोटर कहीं नहीं जाएंगे</strong>, लेकिन अब लोग बदलाव चाहते हैं।”</p>
<p><strong>भगवंत मान ने भी साधा निशाना</strong></p>
<p>पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> ने भी मंच से बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि</p>
<p>“CR पाटिल एक तरफ तो <strong>पानी को लेकर पंजाब और हरियाणा</strong> की लड़ाई में mediator बनते हैं और दूसरी तरफ <strong>गुजरात की दूध यूनियनों की लड़ाई</strong> में भी घुसे हुए हैं। यहां तो हालत ये है कि <strong>दूध में पानी नहीं</strong>, बल्कि <strong>पानी में दूध</strong> मिलाया जा रहा है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि बीजेपी जहां भी जाती है, अपने साथ <strong>अडानी</strong> और एक बड़ा &#8220;गैंग&#8221; भी ले जाती है। “अब लूट ज्यादा दिन नहीं चलेगी। लोगों के हाथ में अब नया बटन है – <strong>झाड़ू वाला बटन</strong>। पहले ये सिर्फ <strong>घर और ऑफिस की सफाई</strong> के लिए होता था, अब इससे <strong>देश की राजनीति और सिस्टम</strong> की सफाई होगी,” – मान ने कहा।</p>
<p><strong>मुख्य बातें संक्षेप में:</strong></p>
<ul>
<li>केजरीवाल का आरोप – किसानों का पैसा लूटकर बीजेपी बना रही ऐशो-आराम के महल</li>
<li>मांग – अशोक चौधरी के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा दे राज्य सरकार और साबर डेयरी</li>
<li>भगवंत मान ने भी किया हमला – “दूध में मिलाया जा रहा पानी, अब झाड़ू करेगा सफाई”</li>
<li>AAP ने कहा – सरकार झूठे वादे कर रही, किसान अब जागरूक हैं</li>
<li>30 साल की सत्ता ने बीजेपी को दिया घमंड – केजरीवाल</li>
</ul>
<p><strong>ये मामला क्यों अहम है</strong><strong>?</strong></p>
<p>यह मामला सिर्फ एक किसान की मौत का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल उठाने वाला है। <strong>किसानों की आमदनी</strong><strong>, </strong><strong>सरकारी डेयरी के मुनाफे</strong><strong>, </strong><strong>सरकार की जवाबदेही</strong> – इन सब मुद्दों पर यह बहस छिड़ चुकी है। आने वाले चुनावों में यह मुद्दा अहम बन सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Gujarat में किसानों की लड़ाई पर ‘AAP’ का बड़ा हमला: Kejriwal और Bhagwant Mann ने Modasa Mahapanchayat में BJP Government को घेरा</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/aaps-big-attack-on-farmers-struggle-in-gujarat-kejriwal-and-bhagwant-mann-slam-bjp-government-at-modasa-mahapanchayat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Jul 2025 05:11:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[AAP2025]]></category>
		<category><![CDATA[AAPinGujarat]]></category>
		<category><![CDATA[ArvindKejriwal]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
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		<category><![CDATA[GujaratPolitics]]></category>
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		<category><![CDATA[ModasaMahapanchayat]]></category>
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					<description><![CDATA[गुजरात के मोडासा में आयोजित किसान-पशुपालक महापंचायत में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। इस महापंचायत में किसानों और पशुपालकों की समस्याओं पर खुलकर बात हुई और भाजपा सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए गए। ‘गुजरात में अमीरों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>गुजरात के मोडासा में आयोजित किसान-पशुपालक महापंचायत में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। इस महापंचायत में किसानों और पशुपालकों की समस्याओं पर खुलकर बात हुई और भाजपा सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए गए।</p>
<p><strong>‘</strong><strong>गुजरात में अमीरों की सरकार</strong><strong>, </strong><strong>गरीबों पर लाठियां बरसाई जाती हैं’ – केजरीवाल</strong></p>
<p>अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में भाजपा की सरकार पूरी तरह से अमीरों के लिए काम कर रही है, जबकि गरीब किसान और पशुपालक सड़कों पर लाठियां खा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री खुद विदेश जाकर अडानी जैसे उद्योगपतियों को ठेके दिलवाते हैं, लेकिन गुजरात में जब किसान अपना हक मांगता है तो उस पर लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ी जाती है।</p>
<p>उन्होंने यह भी बताया कि <strong>साबर डेयरी पर हुए लाठीचार्ज</strong> में एक पशुपालक <strong>अशोक चौधरी की मौत</strong> हो गई, लेकिन अब तक उनके परिवार को भाजपा सरकार ने एक रुपये का मुआवजा नहीं दिया है। केजरीवाल ने मांग की कि अशोक चौधरी के परिवार को गुजरात सरकार और डेयरी की तरफ से <strong>1-1 </strong><strong>करोड़ रुपये का मुआवजा</strong> दिया जाए।</p>
<p><strong>‘</strong><strong>बोनस देने की बजाय सिर्फ झूठे ऐलान’ – केजरीवाल</strong></p>
<p>केजरीवाल ने कहा कि पहले हर साल जून में पशुपालकों को बोनस मिलता था। इस बार सरकार ने 9.5% मुनाफे की घोषणा तो की, लेकिन पैसे नहीं दिए। इसके विरोध में जब पशुपालक इकट्ठा हुए, तो उन पर लाठीचार्ज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि जब 23 जुलाई को ‘आप’ नेताओं का दौरा तय हुआ, तब गुजरात सरकार ने आनन-फानन में 17.5% बोनस की घोषणा कर दी, लेकिन आज तक किसानों को वो पैसा नहीं मिला।</p>
<p>“पिछले 5 साल से किसानों को 16-18% बोनस मिलता था, इस बार सिर्फ 9.5% क्यों? क्या ये पैसा चुनावी रैलियों में खर्च हो रहा है?” – केजरीवाल</p>
<p><strong>‘</strong><strong>गुजरात में सहकारी संस्थाएं अब भाजपा का पैसा छापने का जरिया’ – केजरीवाल</strong></p>
<p>केजरीवाल ने सहकारी डेयरियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि फैट मापने वाली मशीनों में गड़बड़ी कर किसानों को कम पैसा दिया जाता है। यह सारा सिस्टम भाजपा के नियंत्रण में है और अरबों रुपये की लूट हो रही है।</p>
<p>“यह सिर्फ दूध का मामला नहीं है, ये सम्मान, इंसाफ और हक की लड़ाई है” – केजरीवाल</p>
<p><strong>‘</strong><strong>पंजाब में किसानों को मिल रही सुविधाएं</strong><strong>, </strong><strong>वही मॉडल लाएंगे गुजरात में’ – भगवंत मान</strong></p>
<p>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में जब AAP की सरकार आई थी तो सिर्फ 20% खेतों में सिंचाई होती थी, अब 60% खेतों तक पानी पहुंच चुका है और अगले एक साल में ये आंकड़ा 90% तक पहुंच जाएगा। पंजाब में किसानों को फ्री बिजली मिल रही है और दिन में लगातार 8 घंटे सप्लाई दी जाती है।</p>
<p>भगवंत मान ने गुजरात सरकार पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि साबर डेयरी में विरोध के बाद न सिर्फ लाठीचार्ज हुआ, बल्कि <strong>82 </strong><strong>किसानों पर </strong><strong>FIR </strong><strong>दर्ज कर दी गई</strong>, ताकि उन्हें डराया जा सके।</p>
<p>“अगर कांग्रेस सही मायनों में विपक्ष होती तो आज हमें दिल्ली और पंजाब से गुजरात नहीं आना पड़ता” – भगवंत मान</p>
<p><strong>‘</strong><strong>अब बदलाव का वक्त है</strong><strong>, </strong><strong>गुजरात में आप लाएगी किसान क्रांति’</strong></p>
<p>दोनों नेताओं ने कहा कि अब गुजरात में बदलाव का वक्त आ गया है। केजरीवाल ने कहा कि जैसे 1987 में कांग्रेस ने किसानों पर गोली चलाई और सत्ता से बाहर हो गई, वैसे ही भाजपा को भी अब जनता सत्ता से बाहर करेगी। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों को एक ही थाली के चट्टे-बट्टे बताते हुए कहा कि अब AAP एक मजबूत विकल्प है।</p>
<p>“गुजरात में भाजपा नहीं, भाजपा-कांग्रेस की मिलीभगत वाली सरकार है। अब आप सच्चा विपक्ष बनकर किसानों की आवाज बनेगी।” – केजरीवाल</p>
<p><strong>‘</strong><strong>शादी के घोड़े बनाम रेस के घोड़े’</strong></p>
<p>केजरीवाल ने राहुल गांधी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस वाले सिर्फ शादी के घोड़े हैं, जो सिर्फ शोभा के लिए होते हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता रेस के घोड़े हैं – लड़ने वाले, दौड़ने वाले और बदलाव लाने वाले।</p>
<p>“हमें जेल में डालोगे तो भी हम नहीं डरेंगे, हम भगत सिंह के चेले हैं” – केजरीवाल</p>
<p><strong>किसानों की लड़ाई अब सड़कों से विधानसभाओं तक</strong></p>
<p>इस महापंचायत में ‘आप’ ने साफ कर दिया कि गुजरात के किसानों और पशुपालकों की लड़ाई अब केवल बोनस या दूध के रेट की नहीं, बल्कि उनके <strong>सम्मान</strong><strong>, </strong><strong>हक और भविष्य</strong> की है। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने वादा किया कि वे गुजरात के किसानों के साथ हर मोर्चे पर खड़े रहेंगे और <strong>आगामी विधानसभा चुनाव में </strong><strong>AAP </strong><strong>सरकार बनाकर किसानों के पक्ष में नीतियां लागू करेंगे।</strong></p>
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		<title>AAP Government ने बदलेगी Land Pooling Policy: Mohali MLA Kulwant Singh ने दिया भरोसा, किसानों को नहीं होने देंगे नुकसान</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/aap-government-to-revise-land-pooling-policy-mohali-mla-kulwant-singh-assures-farmers-will-not-suffer/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 21 Jul 2025 07:13:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP']]></category>
		<category><![CDATA[AAPGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[DevelopmentPolicy]]></category>
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		<category><![CDATA[KulwantSingh]]></category>
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		<category><![CDATA[MohaliNews]]></category>
		<category><![CDATA[NoLandLoss]]></category>
		<category><![CDATA[PolicyReform]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[RuralDevelopment]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि ये नीति उनकी सहमति के बिना लागू की गई और इसमें उन्हें उचित मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है। इसी को लेकर मोहाली से AAP विधायक कुलवंत सिंह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की <strong>लैंड पूलिंग पॉलिसी</strong> को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि ये नीति उनकी सहमति के बिना लागू की गई और इसमें उन्हें <strong>उचित मुआवजा</strong> भी नहीं दिया जा रहा है। इसी को लेकर मोहाली से AAP विधायक <strong>कुलवंत सिंह</strong> ने शनिवार को बड़ा बयान दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार अब इस नीति में बदलाव करने जा रही है ताकि <strong>किसानों और गांववासियों को राहत</strong> दी जा सके। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि कोई भी किसान या जमीन मालिक इस नीति की वजह से नुकसान नहीं उठाएगा।</p>
<p><strong>&#8220;</strong><strong>नीति में होगा संशोधन</strong><strong>, </strong><strong>किसानों की राय को मिलेगा महत्व&#8221;</strong></p>
<p>फेज 11 में आयोजित <strong>‘</strong><strong>युद्ध नशे के विरुद्ध’</strong> अभियान के तहत एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कुलवंत सिंह ने कहा,</p>
<p>&#8220;नई लैंड पूलिंग पॉलिसी से किसानों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। सरकार उनकी भावनाओं का सम्मान करती है। जल्द ही मौजूदा नीति में संशोधन किया जाएगा और इसे पहले वाली नीति की तर्ज पर बनाया जाएगा।&#8221;</p>
<p>उन्होंने कहा कि अब विकास परियोजनाओं के लिए <strong>पंचायतों</strong><strong>, </strong><strong>किसान संगठनों और गांव की जनता की राय</strong> को दोबारा से अहमियत दी जाएगी।</p>
<p><strong>&#8220;</strong><strong>अफवाहों से बचें</strong><strong>, </strong><strong>सरकार आपके साथ है&#8221;</strong></p>
<p>विधायक कुलवंत सिंह ने ग्रामीण इलाकों के लोगों से कहा कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकार पर भरोसा रखें।</p>
<p>“हमारा मकसद है कि पूरे राज्य का संतुलित विकास हो और किसानों के अधिकारों की रक्षा की जाए।”</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान का भी बयान</strong></p>
<p>इससे पहले मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> ने भी मीडिया से बातचीत में साफ किया था कि <strong>लैंड पूलिंग पूरी तरह से स्वैच्छिक (</strong><strong>voluntary)</strong> होगी। उन्होंने कहा था,</p>
<p>“इस योजना से लोग कानूनी कॉलोनियों में घर बना सकेंगे और अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगेगी। मेरा खुद का घर संगरूर में एक अवैध कॉलोनी में है। आप लोग भी अपने घर चेक करें।”</p>
<p><strong>विरोध में </strong><strong>BJP </strong><strong>और प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>वहीं, <strong>BJP </strong><strong>नेता तरुण चुघ</strong> ने इस पॉलिसी को लेकर AAP सरकार पर निशाना साधा और इसे <strong>&#8220;</strong><strong>किसानों की जमीन लूटने की स्कीम&#8221;</strong> बताया। उन्होंने कहा,</p>
<p>&#8220;ये कोई पूलिंग नहीं, सीधा लूट है। भाजपा इसका पूरी ताकत से विरोध करेगी। मान सरकार सिर्फ कठपुतली है, असली फैसले दिल्ली से अरविंद केजरीवाल ले रहे हैं।&#8221;</p>
<p><strong>AAP </strong><strong>की सफाई</strong></p>
<p>AAP नेता और पंजाब के वित्त मंत्री <strong>हरपाल सिंह चीमा</strong> ने कहा कि यह योजना पूरी तरह <strong>किसान-हितैषी</strong> है और <strong>आपसी सहमति (</strong><strong>mutual consent)</strong> पर आधारित है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि</p>
<p>&#8220;किसी किसान की एक इंच जमीन भी जबरदस्ती नहीं ली जाएगी।&#8221;</p>
<p>पूर्व दिल्ली मंत्री और पार्टी के पंजाब प्रभारी <strong>सत्येंद्र जैन</strong> ने भी AAP विधायकों से अपील की थी कि वे जनता के बीच जाकर इस नीति की सही जानकारी दें और <strong>भ्रम दूर करें</strong>।<br />
AAP सरकार ने किसानों की चिंताओं को गंभीरता से लिया है और जल्द ही <strong>नई लैंड पूलिंग पॉलिसी</strong> में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि वह किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</p>
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