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	<title>FloodCrisis &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>Punjab Government ने Black Marketing पर कड़ी कार्रवाई शुरू की, Minister Dhaliwal खुद पहुंचे Flood-Hit Villages में, कई Shopkeepers पर FIRs दर्ज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Sep 2025 10:09:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ के कारण कई जिलों के गांव और कस्बे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच कुछ दुकानदार और व्यापारी लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर ज़रूरी सामान महंगे दामों पर बेच रहे हैं। इसे रोकने के लिए पंजाब सरकार ने सख़्त कदम उठाते हुए जीरो [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ के कारण कई जिलों के गांव और कस्बे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच कुछ दुकानदार और व्यापारी लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर ज़रूरी सामान महंगे दामों पर बेच रहे हैं। इसे रोकने के लिए पंजाब सरकार ने सख़्त कदम उठाते हुए <em>जीरो टॉलरेंस पॉलिसी</em> लागू की है।</p>
<p>कैबिनेट मंत्री <strong>कुलदीप सिंह धालीवाल</strong> खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। शनिवार को वे <strong>अजनाला और आसपास के गांवों</strong> में पहुंचे और वहां के बाजारों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों और व्यापारियों से सीधे बात की और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी हालत में काला बाज़ारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>
<p><strong>मंत्री धालीवाल का सख्त संदेश</strong></p>
<p>भीड़भाड़ वाले बाजार में खड़े होकर मंत्री धालीवाल ने दुकानदारों से पंजाबी में कहा –</p>
<p><em>“</em><em>काला बाज़ारी से बचो। लोगों की तकलीफ न बढ़ाओ। अगर कोई मुनाफाखोरी करता पकड़ा गया तो उस पर सख़्त कानूनी कार्रवाई होगी।</em><em>”</em></p>
<p>निरीक्षण के समय <strong>पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी</strong> भी मौजूद थे। इससे दुकानदारों और व्यापारियों को साफ संदेश गया कि सरकार इस बार किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी।</p>
<p>धालीवाल ने दुकानदारों से कहा कि इस मुश्किल समय में उनका फर्ज़ है कि वे <strong>ईमानदारी से काम करें</strong> और लोगों की मदद करें, न कि उनका शोषण।</p>
<p><strong>जमाखोरी और बढ़ते दामों की शिकायतें</strong></p>
<p>किसान मज़दूर संघर्ष समिति के अध्यक्ष <strong>सरवन सिंह पंढेर</strong> ने बताया कि बाढ़ के बीच ज़रूरी सामान की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।</p>
<ul>
<li><strong>25 </strong><strong>किलो चारे का पैकेट</strong>, जिसकी सामान्य कीमत ₹550 थी, अब <strong>₹630</strong> तक बेचा जा रहा है।</li>
<li><strong>नावों की कीमतें</strong> दोगुनी और कभी-कभी तिगुनी कर दी गई हैं।
<ul>
<li>लकड़ी की नाव – पहले ₹30,000, अब ₹60,000।</li>
<li>फाइबर/रबर की नाव – पहले ₹30,000-₹40,000, अब ₹80,000।</li>
<li>ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर वही नाव <strong>₹2.5 </strong><strong>लाख</strong> तक बेची जा रही है।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>जनरेटर</strong><strong>, </strong><strong>पेट्रोल और दवाइयां</strong> तक महंगे दामों पर बेची जा रही हैं।</li>
</ul>
<p>इन बढ़ी हुई कीमतों की वजह से बाढ़ पीड़ित लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार तो राहत सामग्री तक खरीदने में असमर्थ हो गए हैं।</p>
<p><strong>सरकार का ऐक्शन प्लान</strong></p>
<p>सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है।</p>
<ul>
<li>कई दुकानदारों और व्यापारियों के <strong>लाइसेंस रद्द</strong> किए गए।</li>
<li><strong>एफआईआर दर्ज</strong> कर मुकदमे चलाए जा रहे हैं।</li>
<li>रोज़ाना <strong>छापेमारी</strong> और <strong>गुप्त जांच</strong> की जाएगी ताकि कालाबाज़ारी करने वालों को कोई मौका न मिले।</li>
<li>लोगों की शिकायतें तुरंत दर्ज करने के लिए <strong>24&#215;7 </strong><strong>हेल्पलाइन नंबर</strong> भी शुरू किया गया है।</li>
</ul>
<p>मंत्री धालीवाल ने साफ कर दिया है कि चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर वह जमाखोरी या काला बाज़ारी करते पकड़ा गया तो <strong>बख्शा नहीं जाएगा</strong>।</p>
<p><strong>जनता का भरोसा बढ़ा</strong></p>
<p>इस कार्रवाई के बाद बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग राहत महसूस कर रहे हैं।</p>
<ul>
<li>स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार है जब किसी सरकार ने केवल चेतावनी देने तक सीमित न रहते हुए <strong>तुरंत ऐक्शन</strong> लिया।</li>
<li>मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> और उनकी टीम की सराहना की जा रही है क्योंकि उन्होंने:
<ul>
<li>राहत शिविरों तक <strong>सस्ती दरों पर ज़रूरी सामान</strong> पहुंचाने की व्यवस्था की।</li>
<li>मौके पर जाकर लोगों की <strong>समस्याएं सुनीं</strong>।</li>
<li>तुरंत <strong>नीतिगत फैसले लिए</strong> और सख्त कार्रवाई शुरू की।</li>
</ul>
</li>
</ul>
<p>लोगों का कहना है कि इस कदम से उन्हें भरोसा हुआ है कि सरकार सच में जनता के साथ खड़ी है।</p>
<p><strong>भविष्य की योजना</strong></p>
<p>सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान केवल कुछ दिनों तक नहीं चलेगा, बल्कि लगातार जारी रहेगा।</p>
<ul>
<li><strong>रूटीन पेट्रोलिंग</strong> और <strong>गुप्त निरीक्षण</strong> जारी रहेंगे।</li>
<li>काला बाज़ारी रोकने के लिए गांव-गांव में अधिकारी तैनात रहेंगे।</li>
<li>हर शिकायत पर तुरंत ऐक्शन लिया जाएगा।</li>
</ul>
<p>पंजाब सरकार का यह कदम इस बात का सबूत है कि संकट के समय मुनाफाखोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।</p>
<p><em>“</em><em>अब हर दुकानदार और व्यापारी के लिए ये साफ संदेश है </em><em>–<br />
</em><em>ईमानदारी और निष्पक्षता ही सबसे जरूरी है</em><em>, </em><em>खासकर तब जब पंजाब के लोग मुसीबत में हैं।</em><em>”</em></p>
<p>इस अभियान से जहां जमाखोरी पर रोक लगने की उम्मीद है, वहीं जनता का भरोसा भी सरकार पर और मजबूत होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab में बाढ़ की मार, Centre की Relief Package पर सियासी संग्राम – PM Modi की टिप्पणी से भड़की नाराज़गी, AAP Govt ने कहा- पंजाबियों का अपमान</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-reels-under-flood-devastation-political-storm-over-centres-relief-package-pm-modis-remark-sparks-outrage-aap-govt-says-insult-to-punjabis/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Sep 2025 04:13:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP']]></category>
		<category><![CDATA[AAPvsBJP]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterManagement]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
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		<category><![CDATA[ReliefPackage]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब इन दिनों भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। लगातार बारिश और नदियों में बढ़ते पानी के कारण कई ज़िले पानी में डूब गए हैं। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं, किसानों की महीनों की मेहनत से तैयार हुई फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं और छोटे-बड़े उद्योगों पर भी इसका गहरा असर पड़ा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब इन दिनों भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। लगातार बारिश और नदियों में बढ़ते पानी के कारण कई ज़िले पानी में डूब गए हैं। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं, किसानों की महीनों की मेहनत से तैयार हुई <strong>फसलें पूरी तरह नष्ट</strong> हो गई हैं और छोटे-बड़े उद्योगों पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य को अब तक <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान</strong> हुआ है।</p>
<p>इस कठिन समय में पंजाब के लोग उम्मीद कर रहे थे कि <strong>केंद्र सरकार</strong> और <strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</strong> उनकी तकलीफ को समझेंगे और एक बड़ा राहत पैकेज देंगे, जिससे राज्य के लोगों को जल्दी से जल्दी मदद मिल सके। लेकिन प्रधानमंत्री ने अपने हालिया <strong>गुरदासपुर दौरे</strong> में जो राहत पैकेज घोषित किया, उसने राज्य की सियासत को गर्मा दिया।</p>
<p><strong>₹1,600 </strong><strong>करोड़ के राहत पैकेज पर विवाद</strong></p>
<p>गुरदासपुर दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पंजाब के लिए <strong>₹1,600 </strong><strong>करोड़ की राहत राशि</strong> की घोषणा की।<br />
लेकिन यह राशि पंजाब सरकार और स्थानीय नेताओं को बेहद <strong>कम</strong> लगी।</p>
<ul>
<li>पंजाब सरकार का कहना है कि यह मदद <strong>राज्य की असली ज़रूरत के मुकाबले बहुत छोटी</strong> है।</li>
<li>जहां <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ से ज्यादा का नुकसान</strong> हुआ है, वहां सिर्फ़ ₹1,600 करोड़ देना <strong>ऊंट के मुंह में जीरा</strong> डालने जैसा है।</li>
</ul>
<p><strong>&#8220;</strong><strong>हिंदी नहीं आती</strong><strong>?&#8221; </strong><strong>टिप्पणी ने बढ़ाया विवाद</strong></p>
<p>राहत राशि को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब एक बैठक के दौरान <strong>प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी</strong> सामने आई।</p>
<ul>
<li>आपदा प्रबंधन मंत्री <strong>हरदीप सिंह मुंडियां</strong> ने प्रधानमंत्री से कहा कि यह राशि बेहद कम है।</li>
<li>इस पर प्रधानमंत्री ने हंसते हुए कहा:</li>
</ul>
<p><em>&#8220;</em><em>हिंदी नहीं आती</em><em>? 1600 </em><em>करोड़ घोषित कर दिया।&#8221;</em></p>
<ul>
<li>इस पर मुंडियां ने जवाब दिया:</li>
</ul>
<p><em>&#8220;</em><em>हिंदी आती है</em><em>, </em><em>लेकिन पैसा कम है।&#8221;</em></p>
<p>इस घटना के बाद राज्य सरकार ने इसे <strong>पंजाबियों और पंजाबी भाषा का अपमान</strong> बताया।<br />
लोगों का कहना है कि जब राज्य के लाखों लोग बाढ़ से तबाह हैं, तब प्रधानमंत्री की यह बात <strong>संवेदनहीन और मज़ाक</strong> जैसी लगती है।</p>
<p><strong>AAP </strong><strong>सरकार का केंद्र पर बड़ा हमला</strong></p>
<p><strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर निशाना साधा।</p>
<ul>
<li><strong>प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा</strong> ने कहा:
<ul>
<li>&#8220;मोदी जी ने पंजाब के साथ बहुत बड़ा मज़ाक किया है।
<ul>
<li>20,000 करोड़ के नुकसान के बाद सिर्फ़ 1,600 करोड़ देना<br />
<strong>जख्मों पर मरहम नहीं</strong><strong>, </strong><strong>नमक छिड़कने जैसा</strong> है।&#8221;</li>
</ul>
</li>
<li>उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पंजाब के <strong>₹60,000 </strong><strong>करोड़ फंड</strong> रोक रखे हैं, जिन्हें तुरंत जारी किया जाना चाहिए।</li>
<li>अरोड़ा ने प्रधानमंत्री के दौरे को <strong>&#8220;</strong><strong>सिर्फ फोटो खिंचवाने और पॉलिटिकल स्टंट&#8221;</strong> करार दिया।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल</strong> ने इस राहत पैकेज को <strong>&#8220;</strong><strong>बड़ा मज़ाक&#8221;</strong> कहा।</li>
<li><strong>वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा</strong> ने तीखा बयान देते हुए कहा:
<ul>
<li>&#8220;30 दिन बाद मोदी जी को पंजाब की याद आई और ₹1,600 करोड़ देकर<br />
<strong>ऊंट के मुंह में जीरा</strong> डाल दिया।&#8221;</li>
</ul>
</li>
</ul>
<p><strong>भाजपा नेता भी हुए नाराज़</strong></p>
<p>विवाद इतना बढ़ा कि <strong>भाजपा के अपने नेता रवनीत बिट्टू</strong> को भी मानना पड़ा कि प्रधानमंत्री की &#8220;हिंदी नहीं आती?&#8221; वाली टिप्पणी से <strong>पंजाबी भाषा का अपमान</strong> हुआ है।</p>
<ul>
<li>हालांकि बिट्टू ने बाद में सफाई देने की कोशिश की,</li>
<li>लेकिन पंजाब के लोग इस बयान को लेकर <strong>भारी नाराज़गी</strong> जाहिर कर रहे हैं।</li>
</ul>
<p><strong>AAP </strong><strong>सरकार की दोबारा मांग </strong><strong>– </strong><strong>बड़ा पैकेज और रोके गए फंड जारी हों</strong></p>
<p>पंजाब सरकार ने केंद्र से दोबारा अपील की है कि:</p>
<ol>
<li>बाढ़ से हुए <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए से अधिक नुकसान</strong> की भरपाई के लिए <strong>बड़ा राहत पैकेज</strong> जारी किया जाए।</li>
<li>पंजाब के <strong>रोके गए </strong><strong>₹60,000 </strong><strong>करोड़ फंड</strong> तुरंत जारी किए जाएं।</li>
</ol>
<p>AAP सरकार का कहना है कि पंजाब ने हमेशा <strong>देश के लिए बलिदान</strong> दिया है।</p>
<ul>
<li>आज़ादी की लड़ाई से लेकर</li>
<li>देश को <strong>अनाज का भंडार</strong> बनाने तक पंजाब का योगदान सबसे आगे रहा है।</li>
</ul>
<p><strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong> की सरकार का वादा है कि चाहे केंद्र सरकार ने मदद की हो या नहीं,</p>
<ul>
<li>पंजाब सरकार हर <strong>बाढ़ प्रभावित परिवार</strong> का सहारा बनेगी,</li>
<li>किसानों का हौसला बढ़ाएगी</li>
<li>और पंजाबियों की <strong>इज़्ज़त की रक्षा</strong> करेगी।</li>
</ul>
<p><strong>फाज़िल्का और अन्य ज़िलों में राहत कार्य</strong></p>
<ul>
<li>फाज़िल्का, कपूरथला, होशियारपुर और कई ज़िलों में बाढ़ ने सबसे ज्यादा नुकसान किया।</li>
<li>सिर्फ <strong>फाज़िल्का ज़िले</strong> में ही <strong>12 </strong><strong>गाँव और </strong><strong>20 </strong><strong>पंचायतें</strong> पूरी तरह डूब गईं।</li>
<li>अब तक <strong>3,800 </strong><strong>परिवारों</strong> तक राहत सामग्री पहुँचाई जा चुकी है।</li>
<li><strong>8 </strong><strong>मोबाइल मेडिकल टीमें</strong> लगातार गाँव-गाँव जाकर मरीजों का इलाज कर रही हैं।</li>
<li>इसके अलावा <strong>26 </strong><strong>अतिरिक्त मेडिकल टीमें</strong> राहत कैंपों में तैनात हैं।</li>
<li>कई मुश्किल हालात में <strong>4 </strong><strong>महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी</strong> भी करवाई गई।</li>
</ul>
<p><strong>मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद</strong> खुद प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों को राहत सामग्री बाँट रहे हैं और युवाओं को राहत कार्य में शामिल कर रहे हैं।<br />
उनकी अगुवाई में राशन, दवाइयाँ और जरूरी सामान लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।</p>
<p>पंजाब में बाढ़ से लाखों लोगों की ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई है।</p>
<ul>
<li>केंद्र सरकार और पंजाब सरकार के बीच <strong>राहत राशि को लेकर खींचतान</strong> जारी है।</li>
<li>प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद को और भड़का दिया है।</li>
<li>अब पंजाब के लोग यह देख रहे हैं कि क्या केंद्र सरकार राज्य के लिए<br />
<strong>अतिरिक्त राहत पैकेज</strong> जारी करेगी या नहीं।</li>
</ul>
<p>इस बीच, राज्य सरकार और समाजसेवी संगठन लगातार बाढ़ पीड़ितों तक मदद पहुंचाने में जुटे हुए हैं,<br />
ताकि पंजाब धीरे-धीरे इस आपदा से उबर सके और लोग फिर से सामान्य जीवन जी सकें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Flood Crisis पर Critical Meeting: CM Bhagwant Mann Hospital से ही लेंगे Cabinet Meeting, Farmers को रेत बेचने की इजाजत पर होगा फैसला</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/critical-meeting-on-flood-crisis-cm-bhagwant-mann-to-attend-cabinet-meeting-from-hospital-decision-on-allowing-farmers-to-sell-sand-likely/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Sep 2025 08:25:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
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		<category><![CDATA[ChandigarhNews]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। हजारों लोग प्रभावित हैं, खेत-खलिहान बर्बाद हो चुके हैं और किसानों के सामने दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार, 8 सितंबर को दोपहर 12 बजे कैबिनेट मीटिंग बुलाई है। खास बात यह है कि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। हजारों लोग प्रभावित हैं, खेत-खलिहान बर्बाद हो चुके हैं और किसानों के सामने दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार, 8 सितंबर को दोपहर 12 बजे कैबिनेट मीटिंग बुलाई है। खास बात यह है कि सीएम खुद अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद इस मीटिंग में <strong>वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग</strong> के जरिए शामिल होंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री मान फिलहाल मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। शुक्रवार शाम को उन्हें <strong>बेहद थकान (</strong><strong>exhaustion)</strong> और <strong>हार्ट रेट कम होने</strong> की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है। इसी कारण शुक्रवार शाम को होने वाली पिछली कैबिनेट मीटिंग कैंसिल कर दी गई थी। लेकिन बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए सीएम ने अस्पताल से ही मीटिंग करने का फैसला लिया।</p>
<p><strong>बाढ़ की स्थिति बेहद खराब</strong></p>
<p>पंजाब के कई जिलों में बाढ़ से हालात बिगड़ चुके हैं।</p>
<ul>
<li>अब तक <strong>46 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।</li>
<li><strong>22,854 </strong><strong>लोग सुरक्षित स्थानों</strong> पर पहुंचाए गए हैं।</li>
<li>करीब <strong>1.74 </strong><strong>लाख हेक्टेयर कृषि भूमि</strong> बर्बाद हो गई है।</li>
<li>कई गांवों में खेतों में रेत और गाद की मोटी परत जम गई है।</li>
</ul>
<p>सरकारी और स्थानीय प्रशासन लगातार <strong>राहत और बचाव कार्य (</strong><strong>relief &amp; rescue operations)</strong> चला रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी सामान पहुंचाने में लगी हुई हैं।</p>
<p><strong>मीटिंग का मुख्य एजेंडा</strong></p>
<p>इस कैबिनेट मीटिंग में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें मुख्य फोकस बाढ़ राहत और किसानों की समस्याओं पर रहेगा।</p>
<ol>
<li><strong>राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा</strong> – बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब तक हुए रेस्क्यू ऑपरेशन की रिपोर्ट पेश होगी।</li>
<li><strong>फसलों और जमीन के नुकसान का आंकलन</strong> – यह तय किया जाएगा कि किसानों को कैसे मुआवजा दिया जाएगा।</li>
<li><strong>रेत पॉलिसी पर बड़ा फैसला</strong> –
<ul>
<li>बाढ़ के बाद खेतों में भारी मात्रा में रेत जमा हो गई है।</li>
<li>किसान चाहते हैं कि उन्हें अपने खेतों की रेत निकालकर बेचने की इजाजत दी जाए।</li>
<li>यह नीति किसानों के लिए राहत का बड़ा कदम हो सकती है।</li>
<li>इसे <em>“</em><em>जिसका खेत</em><em>, </em><em>उसकी रेत पॉलिसी</em><em>”</em> कहा जा सकता है।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>भविष्य की तैयारी</strong> – आने वाले समय में बाढ़ जैसी आपदाओं से बचाव के लिए प्लान तैयार करना।</li>
</ol>
<p><strong>सीएम अस्पताल से ही लेंगे फैसले</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-7698" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-08-at-1.36.43-PM-300x169.webp" alt="" width="679" height="382" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-08-at-1.36.43-PM-300x169.webp 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-08-at-1.36.43-PM-1024x576.webp 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-08-at-1.36.43-PM-768x432.webp 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-08-at-1.36.43-PM-150x84.webp 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-08-at-1.36.43-PM-120x68.webp 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-08-at-1.36.43-PM-130x73.webp 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-08-at-1.36.43-PM-356x200.webp 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-08-at-1.36.43-PM.webp 1200w" sizes="(max-width: 679px) 100vw, 679px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सीएम भगवंत मान की तबीयत ठीक नहीं होने के बावजूद उन्होंने यह मीटिंग बुलाने का फैसला किया। वह <strong>अस्पताल के बेड से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग</strong> के जरिए इस मीटिंग में शामिल होंगे। यह दिखाता है कि वह मौजूदा हालात को लेकर कितने गंभीर हैं।</p>
<p><strong>किसानों के लिए राहत की उम्मीद</strong></p>
<p>पंजाब में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है।</p>
<ul>
<li>बाढ़ का पानी उतरने के बाद खेतों में मोटी परत में रेत और गाद जमा हो गई है।</li>
<li>किसान चाहते हैं कि उन्हें यह रेत हटाने और बेचने की अनुमति मिले ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।</li>
<li>सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है।</li>
</ul>
<p>यदि इस पॉलिसी को मंजूरी मिलती है, तो किसानों को दोहरा फायदा होगा —</p>
<ol>
<li>उनके खेत साफ होंगे और खेती फिर से शुरू हो सकेगी।</li>
<li>रेत बेचकर उन्हें आर्थिक मदद मिलेगी।</li>
</ol>
<p>सोमवार की कैबिनेट मीटिंग पंजाब के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।</p>
<ul>
<li>इसमें बाढ़ राहत कार्यों की पूरी समीक्षा होगी।</li>
<li>किसानों को खेत की रेत बेचने की अनुमति देने पर बड़ा फैसला हो सकता है।</li>
<li>सीएम भगवंत मान अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद राज्य की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।</li>
</ul>
<p>यह मीटिंग राज्य में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत और भविष्य की योजनाओं की दिशा तय करेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>देशभर में Monsoon का कहर: Himachal में 350+ मौतें, Punjab- Bihar-Uttarakhand में बाढ़ का संकट</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/monsoon-havoc-across-india-350-dead-in-himachal-flood-crisis-in-punjab-bihar-and-uttarakhand/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Sep 2025 07:30:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[BiharRain]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[EmergencyResponse]]></category>
		<category><![CDATA[FloodCrisis]]></category>
		<category><![CDATA[HeavyRain]]></category>
		<category><![CDATA[HimachalPradesh]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaFloods]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon2025]]></category>
		<category><![CDATA[NaturalDisaster]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFloods]]></category>
		<category><![CDATA[RainAlert]]></category>
		<category><![CDATA[UttarakhandFloods]]></category>
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					<description><![CDATA[देश के कई राज्यों में इस मानसून का मौसम बेहद गंभीर स्थिति बना रहा है। भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हिमाचल प्रदेश में तबाही इस मानसून सीजन (24 जुलाई – 7 अगस्त) में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देश के कई राज्यों में इस मानसून का मौसम बेहद गंभीर स्थिति बना रहा है। भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।</p>
<h2><strong>हिमाचल प्रदेश में तबाही</strong></h2>
<p>इस मानसून सीजन (24 जुलाई – 7 अगस्त) में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से अब तक <strong>366 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है। राज्य सरकार का अनुमान है कि संपत्ति और फसल का <strong>कुल नुकसान ₹4 </strong><strong>लाख करोड़</strong> से ज्यादा हुआ है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone  wp-image-7683" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/28e38f82-d186-409d-b1f2-1d14d244a01f1757209325778-_1757212246-300x169.jpg" alt="" width="623" height="351" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/28e38f82-d186-409d-b1f2-1d14d244a01f1757209325778-_1757212246-300x169.jpg 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/28e38f82-d186-409d-b1f2-1d14d244a01f1757209325778-_1757212246-1024x576.jpg 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/28e38f82-d186-409d-b1f2-1d14d244a01f1757209325778-_1757212246-768x432.jpg 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/28e38f82-d186-409d-b1f2-1d14d244a01f1757209325778-_1757212246-150x84.jpg 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/28e38f82-d186-409d-b1f2-1d14d244a01f1757209325778-_1757212246-120x68.jpg 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/28e38f82-d186-409d-b1f2-1d14d244a01f1757209325778-_1757212246-130x73.jpg 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/28e38f82-d186-409d-b1f2-1d14d244a01f1757209325778-_1757212246-356x200.jpg 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/28e38f82-d186-409d-b1f2-1d14d244a01f1757209325778-_1757212246.jpg 1200w" sizes="(max-width: 623px) 100vw, 623px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<ul>
<li>शिमला में 116% और कुल्लू में 113% बारिश हुई, जो सामान्य से दोगुनी है।</li>
<li>शिमला-ठियोग-रोहड़ू NH-705 पिछले दो दिनों से बंद है, करीब 400 वाहन फंसे हैं, जिनमें से कई सेब से लदे ट्रक हैं।</li>
<li>सिरमौर के नौहराधार में एक पूरा पहाड़ नदी में गिरा, हालांकि कोई बस्ती प्रभावित नहीं हुई।</li>
</ul>
<h2><strong>पंजाब में बाढ़ का असर</strong></h2>
<p>पंजाब के <strong>23 </strong><strong>जिले बाढ़ से प्रभावित</strong> हैं। कुल 1996 गांवों में पानी भर गया है।</p>
<ul>
<li>प्रभावित आबादी: <strong>3,87,013 </strong><strong>से ज्यादा लोग</strong>।</li>
<li>मौतें: अब तक <strong>46 </strong><strong>लोग</strong> बाढ़ की वजह से मरे।</li>
<li>सुरक्षित निकाले गए: <strong>21,854 </strong><strong>लोग</strong>।</li>
<li>राहत शिविर: 219 सक्रिय, 7,377 लोग रह रहे।</li>
<li>फसल प्रभावित: <strong>1,74,454 </strong><strong>हेक्टेयर</strong>, सबसे ज्यादा नुकसान गुरदासपुर में।</li>
<li>लुधियाना का ससराली बांध खतरे में है, रिंग बांध कटने लगा।</li>
<li>भाखड़ा का जलस्तर गिरा, अगले 3 दिन बारिश का कोई अलर्ट नहीं।</li>
</ul>
<h2><strong>उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश-बाढ़</strong></h2>
<ul>
<li>उत्तरकाशी के नौगांव में शनिवार को <strong>बादल फटा</strong>, सड़क और घरों में पानी और मलबा घुस गया। कई वाहन बह गए।</li>
<li>मथुरा में यमुना नदी शहर से 1 किमी दूर, आश्रमों में 5 फीट तक पानी भरा। वृंदावन परिक्रमा मार्ग भी डूबा।</li>
</ul>
<h2><strong>राजस्थान और गुजरात</strong></h2>
<p>&nbsp;</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone  wp-image-7684" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/comp-192_1757177474-300x169.jpg" alt="" width="667" height="376" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/comp-192_1757177474-300x169.jpg 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/comp-192_1757177474-1024x576.jpg 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/comp-192_1757177474-768x432.jpg 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/comp-192_1757177474-150x84.jpg 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/comp-192_1757177474-120x68.jpg 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/comp-192_1757177474-130x73.jpg 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/comp-192_1757177474-356x200.jpg 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/comp-192_1757177474.jpg 1200w" sizes="(max-width: 667px) 100vw, 667px" /></p>
<ul>
<li>राजस्थान के राजसमंद में तेज बारिश के कारण NH-162 का आधा हिस्सा बह गया।</li>
<li>उदयपुर में सेना ने ड्रोन का इस्तेमाल कर बाढ़ में फंसे युवक को सुरक्षित निकाला।</li>
<li>चित्तौड़गढ़ में राणा प्रताप सागर बांध के 2 गेट खोलकर पानी छोड़ा।</li>
<li>गुजरात में 7 जिलों में <strong>रेड अलर्ट</strong>, 18 जिलों में <strong>ओरेंज अलर्ट</strong>।</li>
<li>NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट पर। साबरकांठा में 9 लोगों को बचाया गया।</li>
</ul>
<h2><strong>हरियाणा और दिल्ली</strong></h2>
<p>&nbsp;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-7685" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/11757165569_1757206932-300x169.jpg" alt="" width="785" height="442" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/11757165569_1757206932-300x169.jpg 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/11757165569_1757206932-1024x576.jpg 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/11757165569_1757206932-768x432.jpg 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/11757165569_1757206932-150x84.jpg 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/11757165569_1757206932-120x68.jpg 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/11757165569_1757206932-130x73.jpg 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/11757165569_1757206932-356x200.jpg 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/11757165569_1757206932.jpg 1200w" sizes="auto, (max-width: 785px) 100vw, 785px" /></p>
<ul>
<li>बहादुरगढ़ में 2 फीट पानी, गलियों में मछलियां तैर रही।</li>
<li>सिरसा में घग्गर का बांध टूट गया।</li>
<li>दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही, कई निचले इलाके बाढ़ से प्रभावित। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।</li>
</ul>
<h2><strong>मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़</strong></h2>
<ul>
<li>इंदौर में अब तक 4mm बारिश, जिले में औसत 38 इंच।</li>
<li>पूरे मध्य प्रदेश में सामान्य से 111% बारिश हुई।</li>
<li>छत्तीसगढ़ में मानसून का 86% कोटा पूरा, अब तक 9mm बारिश।</li>
</ul>
<h2><strong>जम्मू-कश्मीर</strong></h2>
<ul>
<li>कटरा में वैष्णो देवी यात्रा लगातार 13वें दिन स्थगित।</li>
<li>अर्धकुवारी लैंडस्लाइड में 34 लोगों की मौत।</li>
<li>कटरा-संगलदान के बीच फ्लड स्पेशल ट्रेन सेवा 8–12 सितंबर तक।</li>
</ul>
<h3><strong>मौसम विभाग की चेतावनी</strong></h3>
<ul>
<li>महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में <strong>रेड अलर्ट</strong>, गोवा में <strong>ऑरेंज</strong>, 20 राज्यों में <strong>यलो अलर्ट</strong>।</li>
<li>NDRF और SDRF की टीमें पूरे देश में अलर्ट पर।</li>
</ul>
<p>देशभर में मानसून का असर अब भी जारी है। हिमाचल और पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बारिश और बाढ़ ने फसल, संपत्ति और लोगों की जिंदगी पर बड़ा असर डाला है। प्रशासन, NDRF, SDRF और सेना राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab में तबाही मचाने वाली बाढ़ पर Government का त्वरित एक्शन, Centre से मदद की गुहार: Finance Minister Harpal Singh Cheema</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-government-takes-swift-action-amid-devastating-floods-urges-centre-for-immediate-assistance-finance-minister-harpal-singh-cheema/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Sep 2025 04:04:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AgricultureLoss]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterManagement]]></category>
		<category><![CDATA[EmergencyResponse]]></category>
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		<category><![CDATA[GovernmentAction]]></category>
		<category><![CDATA[HarpalSinghCheema]]></category>
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		<category><![CDATA[ReliefOperations]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में आई भयावह बाढ़ ने राज्य में चारों तरफ तबाही मचा दी है। लगातार हो रही भारी बारिश और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों से पानी आने के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि यह बाढ़ पिछले 50 सालों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में आई भयावह बाढ़ ने राज्य में चारों तरफ तबाही मचा दी है। लगातार हो रही भारी बारिश और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों से पानी आने के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। पंजाब के वित्त मंत्री <strong>एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा</strong> ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि यह बाढ़ पिछले <strong>50 </strong><strong>सालों में सबसे भयानक</strong> है। उन्होंने बताया कि अब तक <strong>2,000 </strong><strong>गांव</strong> पूरी तरह प्रभावित हुए हैं और <strong>4 </strong><strong>लाख से ज्यादा लोग</strong> इसकी चपेट में आए हैं।</p>
<p>बाढ़ की वजह से <strong>14 </strong><strong>जिलों</strong> में अब तक <strong>43 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है। वहीं, राज्य की रीढ़ माने जाने वाले <strong>कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान</strong> हुआ है। <strong>18 </strong><strong>जिलों में करीब </strong><strong>1.72 </strong><strong>लाख हेक्टेयर कृषि भूमि</strong> पानी में डूब गई है। इसके अलावा, हजारों <strong>घर</strong>, <strong>पशु</strong>, और <strong>सार्वजनिक ढांचा (</strong><strong>public infrastructure)</strong> जैसे सड़कें और पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। <strong>घग्गर नदी</strong> का जल स्तर <strong>750 </strong><strong>फीट</strong> के खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं।</p>
<p><strong>बाढ़ राहत में पंजाब सरकार की त्वरित कार्रवाई</strong></p>
<p>हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार ने <strong>तुरंत और सहानुभूति के साथ</strong> बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए कदम उठाए हैं।</p>
<ul>
<li>अब तक <strong>22,000 </strong><strong>से अधिक लोगों</strong> को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।</li>
<li>राज्यभर में <strong>200 </strong><strong>राहत शिविर</strong> बनाए गए हैं, जहां <strong>7,000 </strong><strong>से ज्यादा लोग</strong> रह रहे हैं और उन्हें भोजन व चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।</li>
<li><strong>24 </strong><strong>एनडीआरएफ (</strong><strong>NDRF)</strong> और <strong>2 </strong><strong>एसडीआरएफ (</strong><strong>SDRF)</strong> टीमें बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।</li>
<li>राहत कार्यों के लिए <strong>144 </strong><strong>नावें</strong> और <strong>1 </strong><strong>सरकारी हेलीकॉप्टर</strong> तैनात किया गया है।</li>
</ul>
<p>उन्होंने कहा कि <strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong>, कैबिनेट मंत्री, आम आदमी पार्टी के सांसद, विधायक और वरिष्ठ कार्यकर्ता <strong>जमीनी स्तर पर खुद राहत कार्यों में जुटे हुए हैं</strong>। सरकारी विभाग, ग्राम पंचायतें और <strong>NGOs</strong> मिलकर प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।</p>
<p><strong>राहत के लिए फंड और योगदान</strong></p>
<ul>
<li><strong>राजस्व विभाग</strong> ने राहत कार्यों के लिए <strong>71 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> जारी किए हैं।</li>
<li><strong>मुख्यमंत्री राहत कोष</strong> में <strong>पूरी कैबिनेट और सभी विधायकों ने एक महीने का वेतन</strong> दान किया है।</li>
<li>पंजाब के <strong>लोकसभा और राज्यसभा सांसद</strong> अपने सांसद निधि (MP Fund) से अधिकतम राशि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दे रहे हैं।</li>
<li><strong>आबकारी और कराधान विभाग</strong> ने भी <strong>50 </strong><strong>लाख रुपये</strong> का योगदान किया है।</li>
</ul>
<p><strong>केंद्र सरकार से </strong><strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये की मांग</strong></p>
<p>चीमा ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ के मद्देनजर केंद्र सरकार से तुरंत मदद की गुहार लगाई है।</p>
<ul>
<li><strong>31 </strong><strong>अगस्त</strong> को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पंजाब के <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये बकाया</strong> तुरंत जारी करने की मांग की थी।</li>
<li>यह राशि <strong>GST </strong><strong>मुआवजा</strong>, <strong>RDF </strong><strong>और </strong><strong>MDF </strong><strong>फंड</strong>, और <strong>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (</strong><strong>PMGSY)</strong> से जुड़ी है।</li>
<li>मुख्यमंत्री ने <strong>SDRF </strong><strong>और </strong><strong>NDRF </strong><strong>के नियमों में संशोधन</strong> करने की भी मांग की, ताकि बाढ़ पीड़ितों को <strong>उचित मुआवजा</strong> मिल सके।</li>
</ul>
<p><strong>केंद्र सरकार पर आरोप और आलोचना</strong></p>
<p>हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई और कई गंभीर आरोप लगाए:</p>
<ul>
<li><strong>प्रधानमंत्री की चुप्पी:</strong>
<ul>
<li>मुख्यमंत्री के पत्र को <strong>25 </strong><strong>दिन बीत जाने के बाद भी</strong> कोई जवाब नहीं मिला है।</li>
<li>इसे <strong>बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनहीन</strong> करार दिया।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>अफगानिस्तान को मदद</strong><strong>, </strong><strong>पंजाब को नहीं:</strong>
<ul>
<li>चीमा ने सवाल उठाया कि <strong>तालिबान-शासित अफगानिस्तान</strong> को भूकंप राहत के लिए सहायता भेजी जा सकती है,<br />
लेकिन अपने ही देश के पंजाब को <strong>उसी संवेदना के साथ मदद क्यों नहीं दी जा रही</strong>।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>फोटो खिंचवाने के दौरे:</strong>
<ul>
<li>केंद्रीय मंत्री और टीमें पंजाब आती हैं, <strong>फोटो खिंचवाती हैं</strong>,<br />
लेकिन <strong>कोई राहत पैकेज या आर्थिक सहायता घोषित नहीं करतीं</strong>।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>अवैध खनन का मुद्दा:</strong>
<ul>
<li>केंद्र सरकार का यह दावा <strong>ग़लत और राजनीति से प्रेरित</strong> है कि पंजाब में बाढ़ <strong>अवैध खनन</strong> की वजह से आई।</li>
<li>चीमा ने कहा कि अगर ऐसा है, तो फिर केंद्र अन्य राज्यों में आई बाढ़ के कारण क्यों नहीं बताता।</li>
</ul>
</li>
</ul>
<p><strong>केंद्र पर संकीर्ण राजनीति का आरोप</strong></p>
<p>चीमा ने कहा कि पंजाब ने देश के <strong>विकास और सुरक्षा</strong> के लिए हमेशा बलिदान दिया है, लेकिन<br />
आज जब राज्य <strong>तबाही की घड़ी में खड़ा है</strong>, केंद्र मदद करने के बजाय<br />
<strong>राजनीतिक खेल खेल रहा है</strong>।</p>
<p>उन्होंने साफ कहा कि यह समय राजनीति का नहीं बल्कि <strong>मिलकर काम करने का है</strong>,<br />
ताकि बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाई जा सके।</p>
<p><strong>जल्द होगी अंतिम रिपोर्ट</strong></p>
<ul>
<li>उन्होंने बताया कि अब तक केंद्र सरकार ने राज्य से <strong>कोई डेटा नहीं मांगा</strong> है।</li>
<li>राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है, लेकिन<br />
<strong>अंतिम नुकसान का आकलन</strong> तब ही हो पाएगा <strong>जब पानी पूरी तरह घट जाएगा</strong>।</li>
</ul>
<p><strong>वित्त मंत्री की अपील</strong></p>
<p>प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार से<br />
<strong>तुरंत कदम उठाने की अपील</strong> की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि केंद्र को चाहिए कि वह:</p>
<ol>
<li>पंजाब के <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये बकाया</strong> तुरंत जारी करे।</li>
<li>बाढ़ राहत कार्यों के लिए <strong>राहत सामग्री और वित्तीय सहायता</strong> तुरंत भेजे।</li>
<li>पंजाब के लोगों को इस <strong>संवेदनशील समय में निराश न करे</strong>।</li>
</ol>
<p>यह बाढ़ न केवल पंजाब के लिए बल्कि देश के लिए भी <strong>चिंता का विषय</strong> है।<br />
राज्य सरकार ने राहत कार्यों में पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन<br />
<strong>केंद्र की सक्रिय भागीदारी और सहयोग के बिना</strong> इस संकट से<br />
पूरी तरह बाहर निकलना मुश्किल होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab में बाढ़ का कहर: गांव डूबे, फसलें बर्बाद, Governor Gulab Chand Kataria ने किया दौरा, जानिए बड़ी Announcement</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-flood-crisis-villages-submerged-crops-destroyed-governor-gulab-chand-kataria-visits-affected-areas-know-his-big-announcement/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Sep 2025 05:30:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[CropsDestroyed]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[EmergencyResponse]]></category>
		<category><![CDATA[FloodCrisis]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
		<category><![CDATA[GovernorVisit]]></category>
		<category><![CDATA[NatureDisaster]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFloods]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefOperations]]></category>
		<category><![CDATA[StaySafe]]></category>
		<category><![CDATA[VillagesSubmerged]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब इस वक्त भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि हजारों लोग अपने घरों को छोड़ने को मजबूर हो गए हैं और लाखों हेक्टेयर खेत पानी में डूब चुके हैं। बारिश और बाढ़ ने पूरे राज्य में तबाही मचा दी है। सबसे ज्यादा असर गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और फिरोजपुर जिलों में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब इस वक्त भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि हजारों लोग अपने घरों को छोड़ने को मजबूर हो गए हैं और लाखों हेक्टेयर खेत पानी में डूब चुके हैं। बारिश और बाढ़ ने पूरे राज्य में तबाही मचा दी है। सबसे ज्यादा असर <strong>गुरदासपुर</strong><strong>, </strong><strong>अमृतसर</strong><strong>, </strong><strong>तरनतारन और फिरोजपुर</strong> जिलों में देखने को मिल रहा है।</p>
<p>अगस्त से शुरू हुई भारी बारिश ने <strong>पिछले </strong><strong>25 </strong><strong>सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया</strong> है। बाढ़ की ये स्थिति इतनी खतरनाक है कि इसे <strong>1988 </strong><strong>की ऐतिहासिक बाढ़</strong> से भी ज्यादा विनाशकारी बताया जा रहा है। 1988 में करीब <strong>75% </strong><strong>फसलें बर्बाद</strong> हो गई थीं और अब हालात उससे भी गंभीर नजर आ रहे हैं।</p>
<p><strong>गांव के गांव जलमग्न</strong><strong>, </strong><strong>लोगों की जिंदगी संकट में</strong></p>
<ul>
<li>इस बाढ़ में अब तक <strong>1,000 </strong><strong>से ज्यादा गांव डूब चुके हैं।</strong></li>
<li><strong>61,000 </strong><strong>हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि</strong> पूरी तरह पानी में समा गई है।</li>
<li><strong>गुरदासपुर जिला</strong> सबसे ज्यादा प्रभावित है।</li>
<li>कई गांवों में हालात इतने खराब हैं कि लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।</li>
<li><strong>सड़कें पानी में डूब जाने के कारण गाड़ियां नहीं चल पा रहीं</strong>, जिससे राहत सामग्री पहुंचाना बेहद मुश्किल हो गया है।</li>
<li><strong>अजनाला (अमृतसर)</strong> में सक्की नाले में फंसे लोगों को <strong>नावों के जरिए बचाया जा रहा है</strong>।</li>
</ul>
<p>लोग पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं। कुछ जगहों पर तो हालात इतने खतरनाक हैं कि बोट ही लोगों के आने-जाने का एकमात्र साधन बन गई है।</p>
<p><strong>गवर्नर गुलाब चंद कटारिया का बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा</strong></p>
<p>बढ़ते संकट को देखते हुए पंजाब के <strong>गवर्नर गुलाब चंद कटारिया</strong> ने आज बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।</p>
<ul>
<li>उन्होंने <strong>राहत कैंप और हुसैनीवाला हेड</strong> का निरीक्षण किया।</li>
<li>गवर्नर ने राहत कैंपों में मौजूद लोगों से <strong>सीधे मुलाकात कर उनकी परेशानियां सुनीं</strong>।</li>
<li>प्रभावित लोगों ने बताया कि <strong>कच्ची जमीन होने के कारण उन्हें मुआवजा नहीं मिल पा रहा</strong>, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।</li>
</ul>
<p>इस पर गवर्नर ने कहा कि वह इस मुद्दे को <strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने उठाएंगे</strong> ताकि हर प्रभावित परिवार को उचित मदद मिल सके।</p>
<p><strong>गवर्नर का बड़ा बयान</strong></p>
<p>गवर्नर ने दौरे के दौरान कहा कि जब भी <strong>डैम से पानी छोड़ा जाए</strong>, तो प्रशासन को इसकी <strong>तुरंत सूचना देनी चाहिए</strong>, ताकि प्रभावित इलाकों के लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर निकाला जा सके।<br />
उन्होंने भरोसा दिलाया कि:</p>
<ul>
<li>वह <strong>मुख्यमंत्री से बात करेंगे</strong> ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।</li>
<li>उनकी <strong>ग्रह मंत्री से भी बात हुई है</strong>, जिन्होंने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।</li>
<li>कच्ची जमीन वालों को भी <strong>मुआवजा देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।</strong></li>
</ul>
<p><strong>राहत और बचाव अभियान में तेजी</strong></p>
<p>पंजाब सरकार, केंद्र सरकार और प्रशासनिक टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।</p>
<ul>
<li><strong>NDRF, SDRF </strong><strong>और सेना की टीमें</strong> प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।</li>
<li>174 से ज्यादा राहत कैंप चल रहे हैं, जहां लोगों को <strong>रहने</strong><strong>, </strong><strong>खाने और स्वास्थ्य सेवाओं</strong> की सुविधा दी जा रही है।</li>
<li>अब तक <strong>20,000 </strong><strong>से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।</strong></li>
<li>करीब <strong>5,167 </strong><strong>लोग इन राहत कैंपों में शरण लिए हुए हैं।</strong></li>
</ul>
<p><strong>पंजाब सरकार का कदम </strong><strong>– 71 </strong><strong>करोड़ रुपये की मदद जारी</strong></p>
<p>बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए पंजाब सरकार ने <strong>71 </strong><strong>करोड़ रुपये की राशि जारी की है।</strong></p>
<ul>
<li>पहले चरण में <strong>35.50 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> जारी किए गए थे।</li>
<li>अब <strong>अतिरिक्त </strong><strong>35.50 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> और दिए गए हैं।</li>
<li>यह राशि उन 12 जिलों को दी जाएगी, जो बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।</li>
<li>सरकार का कहना है कि यह पैसा <strong>तुरंत राहत और पुनर्वास कार्यों में लगाया जाएगा।</strong></li>
</ul>
<p><strong>लोगों की उम्मीदें और प्रशासन की चुनौती</strong></p>
<p>बाढ़ प्रभावित लोग अब सरकार और प्रशासन की मदद पर ही निर्भर हैं।</p>
<ul>
<li>कई गांवों में <strong>बिजली और पीने के पानी की सप्लाई ठप</strong> हो गई है।</li>
<li>बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।</li>
<li>किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं क्योंकि उनकी <strong>पूरी फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई</strong> है।</li>
</ul>
<p>गवर्नर गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच होने वाली बातचीत से लोगों को राहत की उम्मीद है। अब देखना यह होगा कि सरकार किस तरह जल्द से जल्द बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा और मदद पहुंचाती है।<br />
पंजाब की मौजूदा स्थिति बेहद गंभीर है। भारी बारिश और बाढ़ ने राज्य की तस्वीर ही बदल दी है। सरकार और प्रशासन पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी भी हजारों लोग राहत की आस लगाए हुए हैं। आने वाले दिनों में मौसम और राहत कार्यों की गति ही यह तय करेगी कि पंजाब कितनी जल्दी इस त्रासदी से उबर पाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Centre की Negligence से और बिगड़ी Punjab की बाढ़ की स्थिति: Water Resources Minister Barinder Kumar Goyal</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-flood-crisis-worsened-by-centres-negligence-water-resources-minister-barinder-kumar-goyal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 Aug 2025 05:23:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BarinderKumarGoyal]]></category>
		<category><![CDATA[BhakraBeasBoard]]></category>
		<category><![CDATA[CentralGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterManagement]]></category>
		<category><![CDATA[FloodCrisis]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
		<category><![CDATA[Negligence]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFlood]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[RescueOperations]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इस साल आई बाढ़ पिछले 37 सालों में सबसे भयानक रही है और इसे और भी गंभीर बनाने की ज़िम्मेदारी भारत सरकार और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) पर जाती है। गोयल ने कहा कि अगर BBMB [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इस साल आई बाढ़ पिछले 37 सालों में सबसे भयानक रही है और इसे और भी गंभीर बनाने की ज़िम्मेदारी भारत सरकार और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) पर जाती है।</p>
<p>गोयल ने कहा कि अगर BBMB ने जून में समय रहते बांधों से ज़रूरी पानी छोड़ दिया होता, तो बाढ़ का असर काफी कम किया जा सकता था। उन्होंने दुख जताया कि पंजाब की इतनी बड़ी आबादी बाढ़ से प्रभावित होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न तो अब तक कोई सहायता दी और न ही इस स्थिति पर एक शब्द बोला।</p>
<p>मंत्री ने हरियाणा सरकार के रवैये पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक तरफ हरियाणा मदद का पत्र भेजता है और दूसरी तरफ अपने हिस्से का पानी 7,900 क्यूसेक से घटाकर 6,250 क्यूसेक कर देता है ताकि खुद को बाढ़ से बचा सके। “दरअसल हरियाणा ने पंजाब को उसकी किस्मत पर छोड़ दिया है,” गोयल ने कहा।</p>
<p>उन्होंने आगे बताया कि निजी कंपनी <em>लेवल 19 </em><em>बिज़ प्राइवेट लिमिटेड</em> ने माधोपुर हेडवर्क्स के गेटों की क्षमता का गलत आकलन किया। कंपनी ने दावा किया था कि गेट 6.25 लाख क्यूसेक पानी संभाल सकते हैं, लेकिन हकीकत में वे आधा पानी भी झेल नहीं पाए और टूट गए। इससे न सिर्फ़ बाढ़ और बढ़ गई बल्कि विभाग के एक कर्मचारी की मौत भी हो गई। इस मामले में कंपनी को नोटिस भेजा गया है और कार्रवाई शुरू हो चुकी है।</p>
<p>गोयल ने कहा कि पंजाब को इस बार की बाढ़ ने 1988 की बाढ़ से भी ज्यादा तबाह किया। उस वक्त रावी नदी में 11.20 लाख क्यूसेक पानी था, जबकि इस बार यह आंकड़ा 14.11 लाख क्यूसेक तक पहुँच गया। इसमें हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के खड्डों-नालों से आया अतिरिक्त पानी भी शामिल रहा, जिसने रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के ज़रिए सात ज़िलों को डुबो दिया। इसका सीधा असर किसानों की खड़ी फसलों, पशुओं और घरों पर पड़ा।</p>
<h3>राहत और बचाव कार्य</h3>
<p>मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए। अब तक 11,330 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर 87 राहत कैंपों में शिफ्ट किया गया है, जहाँ उन्हें खाना, दवाइयाँ और रहने की सुविधा दी गई है। NDRF, SDRF और सेना की मदद से 110 लोगों को एयरलिफ्ट भी किया गया।</p>
<p>पशुओं के लिए भी सरकार ने विशेष इंतज़ाम किए। फ़िरोज़पुर और फ़ाज़िल्का में उन्हें मार्केट कमेटी शेड्स और राहत आश्रयों में रखा गया है, जहाँ चारे का पूरा इंतज़ाम है। गोयल ने कहा – “इंसान तो मदद मांग सकते हैं, लेकिन जानवर नहीं। इसलिए हमने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी पशु उपेक्षित न रहे।”</p>
<h3>विपक्ष को संदेश</h3>
<p>विपक्ष के आरोपों पर मंत्री ने कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है बल्कि सबको मिलकर पंजाब की मदद करनी चाहिए। उन्होंने ज़ोर दिया कि राज्यों को नुकसान का आकलन और राहत फंड बाँटने का अधिकार मिलना चाहिए क्योंकि असली स्थिति की जानकारी राज्यों को ही होती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab में बाढ़ का कहर: CM Bhagwant Mann पहुंचे Sultanpur Lodhi, Relief Operations का लिया जायजा</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/flood-crisis-in-punjab-cm-bhagwant-mann-visits-sultanpur-lodhi-reviews-relief-operations/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 Aug 2025 06:37:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BeasRiver]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[EmergencyRelief]]></category>
		<category><![CDATA[FloodCrisis]]></category>
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		<category><![CDATA[FloodRescue]]></category>
		<category><![CDATA[GovernmentAction]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
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		<category><![CDATA[ReliefOperations]]></category>
		<category><![CDATA[SultanpurLodhi]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब इस समय बाढ़ के संकट से जूझ रहा है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में तबाही मचा दी है। खासकर कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। यहां ब्यास नदी का पानी दर्जनों गांवों में घुस गया है। खेत डूब चुके हैं, फसलें [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब इस समय बाढ़ के संकट से जूझ रहा है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में तबाही मचा दी है। खासकर कपूरथला जिले के <strong>सुल्तानपुर लोधी</strong> क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। यहां <strong>ब्यास नदी</strong> का पानी दर्जनों गांवों में घुस गया है। खेत डूब चुके हैं, फसलें बर्बाद हो चुकी हैं और लोग अपने घरों से बेघर होकर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री मान का दौरा</strong></p>
<p>इस मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> खुद सुल्तानपुर लोधी पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का जमीनी जायजा लिया। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की प्रगति देखी और प्रशासन को ज़रूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि <strong>लोगों का हर नुक़सान सरकार पूरा करेगी</strong><strong>, </strong><strong>चाहे वह फसल का हो</strong><strong>, </strong><strong>मकान का या किसी और तरह का।</strong></p>
<p>सरकार ने आठ कैबिनेट मंत्रियों को अलग-अलग प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की निगरानी का जिम्मा सौंपा है।</p>
<p><strong>हालात और नुकसान</strong></p>
<ul>
<li>अब तक सुल्तानपुर लोधी के <strong>22 </strong><strong>गांव</strong> बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं।</li>
<li>धान समेत दूसरी फसलें <strong>25–30 </strong><strong>हज़ार एकड़</strong> तक डूब चुकी हैं।</li>
<li>कई घरों में पानी भर गया है, लोग अपनी जान बचाने के लिए स्कूलों और राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं।</li>
<li>खेतों के साथ-साथ <strong>पशुधन</strong> को भी बड़ा नुकसान हुआ है।</li>
</ul>
<p><strong>राहत और बचाव कार्य</strong></p>
<ul>
<li><strong>SDRF (State Disaster Response Force)</strong> की टीमें लगातार गांवों में तैनात हैं। नावों और मोटरबोट की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।</li>
<li>प्रभावित गांवों में राशन, पीने का पानी और पशुओं के लिए चारा पहुंचाया जा रहा है।</li>
<li>सुल्तानपुर लोधी के <strong>सरकारी स्कूल लाख वरहियां</strong> में राहत केंद्र बनाया गया है।</li>
<li>समाजसेवी संत <strong>बलबीर सिंह सीचेवाल</strong> और उनकी टीम भी बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटी हुई है।</li>
</ul>
<p><strong>सरकार की घोषणाएं और कदम</strong></p>
<ul>
<li>मुख्यमंत्री ने <strong>विशेष गिर्दावरी (</strong><strong>Special Girdawari)</strong> का आदेश दिया है, ताकि किसानों के फसल नुकसान का सही आकलन किया जा सके और उन्हें जल्द मुआवजा दिया जा सके।</li>
<li>कपूरथला जिले के लिए सरकार ने <strong>2 </strong><strong>करोड़ रुपये की आपात राहत राशि</strong> जारी कर दी है।</li>
<li>अब तक पंजाब सरकार ने <strong>276 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> की राशि बाढ़ रोकथाम और ढांचागत सुधार पर खर्च की है।</li>
<li>नदी किनारे बने <strong>धुसी बुंध</strong> जैसे महत्वपूर्ण तटबंधों को मजबूत किया जा रहा है।</li>
<li>राहत शिविरों में स्वास्थ्य सेवाएं, मच्छर रोधी छिड़काव (fogging), पशु चिकित्सकों की ड्यूटी और दवाइयों की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।</li>
</ul>
<p><strong>लोगों के लिए संदेश</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि <strong>बाढ़ पीड़ितों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।</strong> सरकार हर परिवार तक राहत सामग्री पहुंचाने और हर नुकसान की भरपाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p>कुल मिलाकर, पंजाब सरकार और प्रशासन इस बाढ़ संकट से निपटने के लिए <strong>war footing</strong> पर काम कर रहे हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती है कि प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित रखा जाए और उनके नुकसान का जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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