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	<title>FloodDamage &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>Punjab Flood: High Court ने Government को किसानों के लिए तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-flood-high-court-orders-government-to-take-immediate-action-for-farmers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Oct 2025 05:53:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ से हुए नुकसान के बाद काउंसिल ऑफ लॉयर्स ने जनहित याचिका (PIL) दायर की थी। यह याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में 1 अक्टूबर 2025 को सुनी गई। हाईकोर्ट ने इस सुनवाई में पंजाब सरकार और अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता द्वारा पेश किए गए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ से हुए नुकसान के बाद <strong>काउंसिल ऑफ लॉयर्स</strong> ने जनहित याचिका (PIL) दायर की थी। यह याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में <strong>1 </strong><strong>अक्टूबर 2025</strong> को सुनी गई।</p>
<p>हाईकोर्ट ने इस सुनवाई में <strong>पंजाब सरकार और अन्य संबंधित विभागों</strong> को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता द्वारा पेश किए गए सुझावों पर <strong>फौरन कार्रवाई</strong> की जाए। याचिका में सरकार से यह भी कहा गया कि हाईकोर्ट की देखरेख में एक <strong>तीन सदस्यीय SIT</strong> बनाई जाए, जिसमें <strong>कोई सेवानिवृत्त या कार्यरत हाईकोर्ट जस्टिस</strong> अध्यक्ष हों।</p>
<p>एडवोकेट <strong>वासु रंजन शांडिल्य, </strong><strong>अभिषेक मल्होत्रा और ईशान भारद्वाज</strong> ने बताया कि याचिका को <strong>डिस्पोज कर दिया गया है</strong>, लेकिन सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत कार्रवाई करें। अगर सरकार द्वारा कार्रवाई नहीं की गई तो फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।</p>
<h3><strong>याचिका में उठाए गए मुख्य बिंदु:</strong></h3>
<ol>
<li><strong>गिरदावरी रिकॉर्ड अपडेट:</strong> सरकार को भूमि रिकॉर्ड तुरंत अपडेट करना चाहिए, ताकि किसानों के नुकसान का सही आकलन किया जा सके।</li>
<li><strong>उचित मुआवजा:</strong> पंजाब राजस्व संहिता के अनुसार, किसानों को फसल के नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।</li>
<li><strong>ड्रोन सर्वेक्षण:</strong> नुकसान का और सटीक आकलन करने के लिए ड्रोन सर्वेक्षण कराया जाए।</li>
<li><strong>कर्ज माफी:</strong> बाढ़ से प्रभावित किसानों के ट्रैक्टर और किसान क्रेडिट कार्ड ऋण माफ किए जाएँ।</li>
<li><strong>शिकायत निवारण पोर्टल:</strong> किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाए।</li>
<li><strong>राहत उपाय:</strong> गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, फाजिल्का, फिरोजपुर, होशियारपुर, जालंधर और लुधियाना जैसे प्रभावित जिलों में प्रभावी राहत उपाय लागू किए जाएँ।</li>
<li><strong>कार्रवाई रिपोर्ट:</strong> पंजाब सरकार को हाईकोर्ट में अपनी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट पेश करनी चाहिए।</li>
</ol>
<h3><strong>क्यों है यह याचिका खास:</strong></h3>
<p>काउंसिल ऑफ लॉयर्स के अध्यक्ष <strong>वासु रंजन शांडिल्य</strong> ने बताया कि यह याचिका <strong>किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है</strong>, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान और निराशा के कारण आत्महत्या से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से <strong>गिरदावरी रिकॉर्ड अपडेट न करना</strong> और <strong>ठोस राहत उपाय न करना</strong> इस याचिका को दायर करने की वजह बनी।</p>
<p>शांडिल्य ने यह भी कहा कि काउंसिल ऑफ लॉयर्स <strong>निस्वार्थ भाव से</strong> किसानों की मदद के लिए यह लड़ाई जारी रखेगी और उन्हें न्याय दिलाने में हाईकोर्ट का पूरा समर्थन मिलेगा।</p>
<p>पंजाब हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि वह <strong>किसानों को समय पर राहत और मुआवजा</strong> सुनिश्चित करे। याचिकाकर्ता यह चाहते हैं कि <strong>SIT </strong><strong>के जरिए नुकसान का सही आकलन और दोषियों की पहचान</strong> की जाए। यह याचिका किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण लड़ाई बन चुकी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab की मुश्किल घड़ी: Flood Relief के नाम पर सिर्फ ₹1,600 Crore, जबकि Bihar को मिला ₹7,500 Crore</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-in-a-difficult-time-flood-relief-of-only-%e2%82%b91600-crore-while-bihar-receives-%e2%82%b97500-crore/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Sep 2025 05:03:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने राज्य के 2,305 गांवों को प्रभावित किया है। लगभग 20 लाख लोग बाढ़ से परेशान हैं और इस आपदा में 56 लोगों की मौत हो गई है। करीब 7 लाख लोग बेघर हुए हैं और 5 लाख एकड़ फसलें नष्ट हो गई हैं। इसके अलावा 3,200 सरकारी स्कूल, 19 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने राज्य के 2,305 गांवों को प्रभावित किया है। लगभग 20 लाख लोग बाढ़ से परेशान हैं और इस आपदा में 56 लोगों की मौत हो गई है। करीब 7 लाख लोग बेघर हुए हैं और 5 लाख एकड़ फसलें नष्ट हो गई हैं। इसके अलावा 3,200 सरकारी स्कूल, 19 कॉलेज, 1,400 क्लीनिक और अस्पताल, 8,500 किलोमीटर सड़कें और 2,500 पुल बाढ़ की चपेट में आ गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार कुल नुकसान लगभग ₹13,800 करोड़ है।</p>
<p>इस गंभीर संकट के बीच, केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए केवल ₹1,600 करोड़ की राहत राशि का ऐलान किया, जबकि बिहार को ₹7,500 करोड़ की मदद मिली। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने इसे असमान और बहुत कम राशि बताया। उनके अनुसार, ₹1,600 करोड़ पैकेज से प्रत्येक प्रभावित गांव को केवल ₹80 लाख ही मिलेंगे, जो पर्याप्त नहीं है।</p>
<p>मुख्यमंत्री मान ने कहा कि बाढ़ का मुद्दा कुछ विपक्षी नेता केवल राजनीतिक लाभ के लिए उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समय एकजुट होने का है, लेकिन कुछ नेताओं ने सरकार के खिलाफ आलोचना कर मीडिया की सुर्खियां बटोरी। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि मतभेद भूलकर पंजाब और इसके लोगों को बाढ़ से बाहर निकालने में मदद करें।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलने की बजाय केवल अपने पसंदीदा नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने इसे जनता के प्रति असंवेदनशील रवैया बताया।</p>
<p><strong>राज्य सरकार के प्रयास और योजनाएं</strong></p>
<ul>
<li>राज्य सरकार ने नालियों की सफाई और गाद निकालने का काम तेज किया है। पिछली सरकार ने 2066 किलोमीटर नालियों की सफाई की थी, जबकि भगवंत मान की सरकार ने तीन साल में 3,825 किलोमीटर नालियों की सफाई की।</li>
<li>भाखड़ा और पौंग बांध से गाद निकालने की मांग की जा रही है, लेकिन पिछले 70 सालों में ऐसा नहीं हुआ। इस साल घग्गर नदी में गाद निकालने के कारण बाढ़ की रिपोर्ट कम रही।</li>
<li>बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए 2 लाख क्विंटल मुफ्त गेहूं के बीज का वितरण किया गया, जिसका मूल्य ₹74 करोड़ है।</li>
<li>‘<strong>रंगला पंजाब फंड</strong>’ शुरू किया गया है, जिसमें प्रत्येक पैसे का उपयोग पारदर्शिता के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों की भलाई के लिए किया जाएगा।</li>
<li>मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वह प्रधानमंत्री के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।</li>
</ul>
<p><strong>IMD </strong><strong>और बांधों पर टिप्पणी</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने <strong>IMD</strong> की भविष्यवाणियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कई पूर्वानुमान गलत थे और उदाहरण के तौर पर एक दिन 1961 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई।<br />
पौंग बांध में 1988 की तुलना में 60.4 प्रतिशत अधिक पानी आया, जबकि रणजीत सागर बांध में 2023 के मुकाबले 65.3 प्रतिशत ज्यादा पानी आया।</p>
<p><strong>राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप</strong></p>
<ul>
<li>मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विपक्षी नेता बाढ़ का राजनीतिकरण कर रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं।</li>
<li>अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर आरोप लगाया कि वे गलत तरीकों से कमाए पैसे लोगों में बांट रहे हैं और फंड को घुमाकर दिखा रहे हैं।</li>
<li>पूर्व उपमुख्यमंत्री और अकाली दल ने राज्य के व्यापक विकास का दावा किया, लेकिन मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या उन्होंने कोटकपुरा, बहिबल कलां और अन्य जगहों पर हुई बेगुनाहों की हत्या और धार्मिक बेअदबी के मामलों को नजरअंदाज किया।</li>
</ul>
<p><strong>मुख्यमंत्री का संदेश</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-8001" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-28-at-9.33.20-AM-300x232.jpeg" alt="" width="667" height="516" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-28-at-9.33.20-AM-300x232.jpeg 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-28-at-9.33.20-AM-1024x791.jpeg 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-28-at-9.33.20-AM-259x200.jpeg 259w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-28-at-9.33.20-AM-768x593.jpeg 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-28-at-9.33.20-AM-150x116.jpeg 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-28-at-9.33.20-AM-97x75.jpeg 97w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-28-at-9.33.20-AM-116x90.jpeg 116w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-28-at-9.33.20-AM-273x211.jpeg 273w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-28-at-9.33.20-AM.jpeg 1280w" sizes="(max-width: 667px) 100vw, 667px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने हमेशा देश के संकट में ढाल का काम किया है – चाहे अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना हो, सीमाओं की रक्षा करना हो या स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देना हो। उन्होंने पंजाबियों की बहादुरी के उदाहरण जैसे सरागढ़ी की लड़ाई और लोंगोवाल की लड़ाई का जिक्र किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने सभी पंजाबियों और नेताओं से एकजुट होने की अपील की और कहा कि केंद्र सरकार से उचित राहत प्राप्त करने के लिए वे लड़ते रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार के प्रयास और समाजसेवी लोगों के समर्थन से पंजाब फिर से देश में अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>“राहत नहीं, अपमान”: Aman Arora का Modi Government पर हमला, 1600 Crore का Package बताया पंजाबियों के जख्मों पर नमक</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/not-relief-but-insult-aman-arora-slams-modi-government-calls-%e2%82%b91600-crore-package-salt-on-punjabs-wounds/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Sep 2025 07:15:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में हाल ही में आई भयंकर बाढ़ ने लाखों लोगों की जिंदगी को हिला कर रख दिया। हजारों गांव पानी में डूब गए, फसलें बर्बाद हो गईं और कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। इस तबाही से 20,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। ऐसे मुश्किल समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में हाल ही में आई <strong>भयंकर बाढ़</strong> ने लाखों लोगों की जिंदगी को हिला कर रख दिया। हजारों गांव पानी में डूब गए, फसलें बर्बाद हो गईं और कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। इस तबाही से <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान</strong> हुआ है।</p>
<p>ऐसे मुश्किल समय में प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> सोमवार को पंजाब के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का <strong>हवाई सर्वेक्षण (</strong><strong>aerial survey)</strong> किया और हालात का जायजा लिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने <strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपए का राहत पैकेज</strong> घोषित किया।</p>
<p>लेकिन यह राहत पैकेज पंजाब के लोगों को बिल्कुल भी राहत देने वाला साबित नहीं हुआ। पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे <strong>बहुत कम (निगूना)</strong> बताते हुए केंद्र सरकार पर <strong>कड़ा हमला बोला</strong> है।</p>
<p><strong>अमन अरोड़ा का गुस्सा फूटा</strong></p>
<p>पंजाब के कैबिनेट मंत्री और AAP के प्रदेश अध्यक्ष <strong>अमन अरोड़ा</strong> ने इस पैकेज को <strong>&#8220;</strong><strong>क्रूर मज़ाक&#8221;</strong> और <strong>&#8220;</strong><strong>भद्दा तमाशा&#8221;</strong> करार दिया। उन्होंने कहा,</p>
<p><em>&#8220;</em><em>जब पूरा पंजाब बाढ़ की तबाही से जूझ रहा है</em><em>, </em><em>हजारों परिवार बर्बाद हो गए हैं</em><em>, </em><em>किसान कंगाल हो गए हैं</em><em>, </em><em>ऐसे समय में सिर्फ </em><em>1600 </em><em>करोड़ देना उनके घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। यह हर उस व्यक्ति के मुँह पर थप्पड़ है</em><em>, </em><em>जिसने बाढ़ में सब कुछ खो दिया है।&#8221;</em></p>
<p>अरोड़ा ने कहा कि यह रकम पंजाब की जरूरतों के मुकाबले <strong>बहुत ही कम</strong> है और यह पंजाबियों के साथ <strong>अपमान</strong> है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि,</p>
<p><em>&#8220;</em><em>मोदी जी ने पंजाब के दर्द से मुँह मोड़ लिया।&#8221;</em></p>
<p><strong>पंजाब का नुकसान </strong><strong>– </strong><strong>आंकड़ों में तबाही</strong></p>
<p>अमन अरोड़ा ने पंजाब में हुए नुकसान के चौंकाने वाले आंकड़े भी पेश किए।</p>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>नुकसान का पहलू</strong></td>
<td><strong>आंकड़ा</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>कुल नुकसान की कीमत</td>
<td>20,000 करोड़ रुपए से अधिक</td>
</tr>
<tr>
<td>केंद्र का घोषित राहत पैकेज</td>
<td>1600 करोड़ रुपए</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित कृषि भूमि</td>
<td>4.80 लाख एकड़</td>
</tr>
<tr>
<td>झोने (धान) की प्रभावित भूमि</td>
<td>3.71 लाख एकड़</td>
</tr>
<tr>
<td>बाढ़ में मौतें</td>
<td>52 लोग</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित गांव</td>
<td>2000 से ज्यादा</td>
</tr>
<tr>
<td>सीधे प्रभावित लोग</td>
<td>4 लाख से ज्यादा</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>अरोड़ा ने कहा कि किसानों की <strong>फसलें कटाई से सिर्फ </strong><strong>15-20 </strong><strong>दिन पहले ही बर्बाद हो गईं</strong>, जिससे उनका पूरा सीजन का मेहनताना खत्म हो गया। अब किसानों के पास <strong>दुबारा बुआई का कोई मौका नहीं</strong> है।</p>
<p><em>&#8220;</em><em>हमारे किसानों ने जिन फसलों को अपने बच्चों की तरह पाल रखा था</em><em>, </em><em>वे सब कुछ पानी में बह गईं।&#8221;</em></p>
<p><strong>मान सरकार की मांग</strong></p>
<p>पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> लगातार केंद्र सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि:</p>
<ul>
<li><strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपए</strong> के रोके हुए फंड तुरंत जारी किए जाएं।</li>
<li>पंजाब को <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज</strong> दिया जाए।</li>
</ul>
<p>लेकिन अब तक केंद्र सरकार की तरफ से सिर्फ 1600 करोड़ रुपए दिए गए हैं। अरोड़ा ने इसे पंजाब के प्रति <strong>स्पष्ट अनदेखी (</strong><strong>clear ignorance)</strong> बताया।</p>
<p><strong>ऐतिहासिक योगदान पर सवाल</strong></p>
<p>अरोड़ा ने याद दिलाया कि पंजाब ने हमेशा देश के लिए सबसे आगे रहकर योगदान दिया है:</p>
<ul>
<li><strong>आज़ादी की लड़ाई</strong> में पंजाबियों का बड़ा योगदान रहा।</li>
<li>पंजाब <strong>देश का अन्न भंडार</strong> भरता रहा है।</li>
<li>पंजाब के <strong>जवान देश की सरहदों की रक्षा</strong> करते रहे हैं।</li>
</ul>
<p>उन्होंने कहा,</p>
<p><em>&#8220;</em><em>जब हमारी जमीन बाढ़ में डूबी हुई है</em><em>, </em><em>हमारे लोग दर्द और तकलीफ में हैं</em><em>, </em><em>तब केंद्र सरकार का रवैया बहुत निराशाजनक है। पंजाब की मांगों को नजरअंदाज करना</em><em>, </em><em>हमारे योगदान के प्रति कृतघ्नता (</em><em>ungratefulness) </em><em>को दर्शाता है।&#8221;</em></p>
<p><strong>पुनर्वास की सख्त जरूरत</strong></p>
<p>अरोड़ा ने कहा कि यह <strong>1988 </strong><strong>के बाद की सबसे भयानक बाढ़</strong> है।</p>
<ul>
<li>अब तक <strong>52 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।</li>
<li>लाखों लोग बेघर हो गए हैं।</li>
<li>हजारों घर, सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं।</li>
</ul>
<p>उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी तबाही के बाद <strong>वृहद राहत पैकेज (</strong><strong>large relief package)</strong> की तुरंत जरूरत है ताकि लोगों को फिर से बसाया जा सके और उनकी जिंदगी पटरी पर लौट सके।</p>
<p><em>&#8220;</em><em>केंद्र सरकार को तुरंत नुकसान का सही मूल्यांकन करना चाहिए और पंजाब के लिए एक बड़ा और व्यावहारिक पैकेज जारी करना चाहिए</em><em>,&#8221;</em><br />
अरोड़ा ने यह अपील की।</p>
<p>पंजाब आज बाढ़ के कारण एक <strong>मानव त्रासदी (</strong><strong>human tragedy)</strong> का सामना कर रहा है।<br />
जहां किसानों की मेहनत पानी में बह गई, घर तबाह हो गए और हजारों लोग बेसहारा हो गए हैं।<br />
ऐसे समय में केंद्र सरकार का सिर्फ <strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपए का पैकेज</strong> पंजाब की जनता के जख्मों को और गहरा कर रहा है।</p>
<p>अमन अरोड़ा और पंजाब सरकार ने केंद्र से <strong>तुरंत बड़ा राहत पैकेज जारी करने</strong> की मांग की है और कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह देश के अन्नदाता के साथ <strong>सबसे बड़ा अन्याय</strong> होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab की Agriculture संकट में: बाढ़ से 4 Lakh Acres जमीन डूबी, Agriculture Minister ने Centre से Financial मदद की मांग</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjabs-agriculture-in-crisis-4-lakh-acres-submerged-due-to-floods-agriculture-minister-seeks-financial-aid-from-centre/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Sep 2025 04:45:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AgricultureCrisis]]></category>
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		<category><![CDATA[FarmersRelief]]></category>
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		<category><![CDATA[RuralEconomy]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब इस समय एक बड़ी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने न सिर्फ किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, बल्कि पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 4 लाख एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई है। इस [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब इस समय एक बड़ी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने न सिर्फ किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, बल्कि पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, लगभग <strong>4 </strong><strong>लाख एकड़ कृषि भूमि</strong> पानी में डूब गई है। इस तबाही ने किसानों के साथ-साथ देश के <strong>अन्न भंडार</strong> को भी संकट में डाल दिया है।</p>
<p>राज्य के <strong>कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां</strong> ने आज केंद्रीय कृषि मंत्री <strong>शिवराज सिंह चौहान</strong> से मुलाकात कर बाढ़ से निपटने के लिए <strong>तत्काल वित्तीय राहत</strong> और एक <strong>विशेष आर्थिक पैकेज</strong> की मांग की। साथ ही, उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों को दिए जाने वाले <strong>मुआवजे</strong> को बढ़ाने की भी अपील की।</p>
<p><strong>अमृतसर</strong><strong>, </strong><strong>गुरदासपुर और कपूरथला का दौरा</strong></p>
<p>गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ मिलकर <strong>अमृतसर</strong><strong>, </strong><strong>गुरदासपुर और कपूरथला</strong> जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने प्रभावित किसानों से मुलाकात की और उनके हालात का जायजा लिया।<br />
अमृतसर के <strong>श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे</strong> पर पहुंचने पर कृषि मंत्री ने शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया।</p>
<p>दौरे के दौरान खुड्डियां ने बाढ़ से हुई तबाही का विस्तार से ब्यौरा दिया और बताया कि फसल कटाई का सीजन आने ही वाला था, ऐसे में खासतौर पर <strong>धान की फसल</strong> को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और राज्य की <strong>कृषि अर्थव्यवस्था</strong> गहरे संकट में चली गई है।</p>
<p><strong>पशुधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर</strong></p>
<p>खड्डियां ने बताया कि बाढ़ ने सिर्फ खेतों को ही नहीं, बल्कि <strong>पशुधन</strong> को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में मवेशी बह गए या बीमार हो गए हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा है, जो पहले से ही कमजोर स्थिति में है।</p>
<p>उन्होंने कहा,</p>
<p><em>&#8220;</em><em>पंजाब देश की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन इस बाढ़ ने न सिर्फ फसलों को तबाह किया है</em><em>, </em><em>बल्कि कृषि से जुड़ी बुनियादी ढांचे और ग्रामीण जीवन पर भी गहरा असर डाला है। ऐसे में राज्य को फिर से खड़ा करने के लिए केंद्र सरकार की मदद बेहद जरूरी है।&#8221;</em></p>
<p><strong>मुआवजे को </strong><strong>50,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़ करने की मांग</strong></p>
<p>वर्तमान में किसानों को फसलों के नुकसान पर <strong>6,800 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> का मुआवजा दिया जा रहा है। लेकिन किसानों का कहना है कि यह राशि उनके असली नुकसान की तुलना में बेहद कम है।<br />
इस पर खुड्डियां ने कहा कि यह मुआवजा <strong>कम से कम </strong><strong>50,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> किया जाना चाहिए ताकि किसान अपने खेतों को फिर से संभाल सकें और अगली फसल की तैयारी कर सकें।</p>
<p><strong>ग्रामीण विकास और मार्केट विकास फंड की मांग</strong></p>
<p>गुरमीत सिंह खुड्डियां ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब का <strong>ग्रामीण विकास फंड (</strong><strong>RDF)</strong> और <strong>मार्केट विकास फंड (</strong><strong>MDF)</strong> का लगभग <strong>8,000 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> रोक रखा है। उन्होंने मांग की कि इस राशि को तुरंत जारी किया जाए ताकि राज्य में राहत कार्य और पुनर्निर्माण का काम तेजी से हो सके।</p>
<p><strong>पंजाब के लिए विशेष पैकेज की जरूरत</strong></p>
<p>कृषि मंत्री ने कहा कि पंजाब की स्थिति बेहद गंभीर है और इसे सामान्य करने के लिए <strong>विशेष आर्थिक पैकेज</strong> की सख्त जरूरत है।<br />
उन्होंने यह भी बताया कि यह पैकेज न केवल फसलों और किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए जरूरी है, बल्कि <strong>कृषि बुनियादी ढांचे</strong> को दोबारा खड़ा करने और <strong>ग्रामीण अर्थव्यवस्था</strong> को संभालने के लिए भी आवश्यक है।</p>
<p><strong>देश का अन्न भंडार संकट में</strong></p>
<p>पंजाब देश का प्रमुख <strong>अन्न उत्पादक राज्य</strong> है और केंद्र के <strong>फूड पूल</strong> में सबसे ज्यादा योगदान देता है। लेकिन बाढ़ के कारण धान और अन्य फसलों की बर्बादी से देश की <strong>खाद्य सुरक्षा</strong> पर भी असर पड़ सकता है।</p>
<p>खुड्डियां ने चेतावनी दी कि अगर स्थिति को जल्द नहीं संभाला गया तो पंजाब के किसान गहरे आर्थिक संकट में चले जाएंगे, जिससे पूरे देश की खाद्य आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।<br />
पंजाब में बाढ़ की तबाही से लाखों किसान बर्बाद हो चुके हैं। राज्य सरकार ने केंद्र से तत्काल मदद की मांग की है। अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार कितनी जल्दी और कितनी मदद देती है ताकि पंजाब के किसान फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकें।</p>
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