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	<title>GovernmentSchools &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>Punjab में बदला सरकारी स्कूलों का समय, 1 March से लागू होगा नया Schedule</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/timings-of-government-schools-changed-in-punjab-new-schedule-will-be-implemented-from-march-1/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 07:19:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[EducationDepartment]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब सरकार ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के समय में अहम बदलाव करने का फैसला लिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार यह नया समय 1 मार्च 2026 से लागू होगा और 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय मौजूदा मौसम परिस्थितियों, विद्यार्थियों की सुविधा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="77" data-end="437">पंजाब सरकार ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के समय में अहम बदलाव करने का फैसला लिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार यह नया समय 1 मार्च 2026 से लागू होगा और 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय मौजूदा मौसम परिस्थितियों, विद्यार्थियों की सुविधा और शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से लिया गया है।</p>
<p data-start="439" data-end="758">नए निर्देशों के तहत राज्य के सभी <strong data-start="472" data-end="490">प्राथमिक स्कूल</strong> सुबह <strong data-start="496" data-end="526">8:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे</strong> तक संचालित किए जाएंगे। वहीं <strong data-start="555" data-end="596">मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों</strong> का समय सुबह <strong data-start="609" data-end="639">8:30 बजे से दोपहर 2:50 बजे</strong> तक निर्धारित किया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूलों को इस समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करना होगा।</p>
<p data-start="760" data-end="1121">विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे नए समय को तुरंत प्रभाव से लागू करें और इसकी निगरानी भी सुनिश्चित करें। आदेश में कहा गया है कि समय की पालना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्कूल द्वारा निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<p data-start="1123" data-end="1355">सरकार का मानना है कि एक समान समय-सारिणी लागू होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई में नियमितता आएगी और शिक्षकों के कार्य में भी सुव्यवस्था बनी रहेगी। साथ ही अभिभावकों को भी अपने बच्चों की दिनचर्या को नए समय के अनुसार समायोजित करना होगा।</p>
<p data-start="1357" data-end="1588" data-is-last-node="" data-is-only-node="">शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि मार्च महीने के दौरान परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी समय में बदलाव किया जा सकता है। फिलहाल 1 मार्च से 31 मार्च 2026 तक सभी सरकारी स्कूलों में यही नया शेड्यूल लागू रहेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Mann सरकार ने पूरा किया बड़ा वादा! Phagwara को मिला करोड़ों की लागत का World-Class ‘School of Eminence’</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/mann-government-fulfills-a-major-promise-phagwara-gets-a-world-class-school-of-eminence-built-at-a-cost-of-crores/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Dec 2025 04:13:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#latestnews]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Development]]></category>
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		<category><![CDATA[EducationReform]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई कहानी लिखी जा रही है, और उसका सबसे बड़ा और चमकदार उदाहरण है—फगवाड़ा का सरकारी ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’। यह वही स्कूल है जो सालों तक टूटा-फूटा रहा, जिसे लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते थे। लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने इसे पूरी तरह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई कहानी लिखी जा रही है, और उसका सबसे बड़ा और चमकदार उदाहरण है—<strong>फगवाड़ा का सरकारी </strong><strong>‘</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong><strong>’</strong>। यह वही स्कूल है जो सालों तक टूटा-फूटा रहा, जिसे लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते थे। लेकिन मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के नेतृत्व में सरकार ने इसे पूरी तरह बदल दिया।<br />
आज यही स्कूल करोड़ों रुपये की लागत से एक <strong>वर्ल्ड-क्लास मॉडर्न स्कूल</strong> बन चुका है।</p>
<h3><strong>Old to Outstanding – </strong><strong>छात्रों ने खुद दिया नया नाम</strong></h3>
<p>फगवाड़ा सरकारी स्कूल में हुए बदलाव इतने बड़े हैं कि छात्रों ने इसे खुद “<strong>Old to Outstanding</strong>” नाम दे दिया। पहले जहां बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते थे, अब वे वही स्कूल छोड़कर इस सरकारी स्कूल में दाखिला ले रहे हैं।<br />
उनका कहना है कि, <em>“</em><em>इतनी अच्छी सुविधाएँ हमें कहीं और नहीं मिल रहीं।”</em></p>
<p>यह साबित करता है कि मान सरकार सिर्फ वादे नहीं कर रही, बल्कि जमीन पर काम कर रही है।</p>
<h2><strong>फ्री में प्राइवेट जैसी शिक्षा </strong><strong>– </strong><strong>बड़ा कदम</strong></h2>
<p>फगवाड़ा स्कूल ऑफ एमिनेंस में बच्चों के लिए अब वे सभी सुविधाएँ हैं जो पहले सिर्फ महंगे प्राइवेट स्कूलों में मिलती थीं—वो भी <strong>पूरी तरह मुफ्त</strong>।<br />
सरकार का पूरा मकसद है कि गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को भी वही क्वालिटी मिले जो बड़े स्कूल देते हैं।</p>
<h2><strong>स्कूल के अंदर की हाई-टेक सुविधाएँ</strong></h2>
<p>यह स्कूल अब पूरी तरह मॉडर्न रूप में बदल चुका है। यहाँ मिल रही सुविधाएँ:</p>
<ul>
<li>हाई-टेक स्मार्ट क्लासरूम</li>
<li>एडवांस साइंस लेबोरेटरी</li>
<li>साफ-सुथरी और आधुनिक लाइब्रेरी</li>
<li>स्टाफ रूम</li>
<li>बड़ा मल्टीपर्पज़ हॉल</li>
<li>सुरक्षित कैंपस में सिक्योरिटी गार्ड</li>
<li>लड़कियों और लड़कों के लिए अलग साफ टॉयलेट</li>
<li>दूर-दराज़ के बच्चों के लिए <strong>स्कूल बस सेवा</strong></li>
</ul>
<p>यह बदलाव किसी क्रांति से कम नहीं।</p>
<h2><strong>JEE </strong><strong>और </strong><strong>NEET </strong><strong>की मुफ्त कोचिंग</strong></h2>
<p>इस स्कूल में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए भी तैयारी होती है।<br />
यहाँ <strong>JEE, NEET</strong> जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की <em>फ्री कोचिंग</em> दी जा रही है, जो प्राइवेट में बेहद महंगी होती है।</p>
<p>इससे गरीब परिवारों के बच्चे भी बड़े सपने पूरे कर सकते हैं।</p>
<h2><strong>खेलों में भी नया इतिहास</strong></h2>
<p>स्कूल में एक <strong>अत्याधुनिक एस्ट्रोटर्फ फुटबॉल ग्राउंड</strong> बनाया जा रहा है।<br />
यहाँ के छात्रों ने खेलों में अपनी पहचान भी बनाई है—<br />
राज्य स्तरीय <strong>बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मेडल</strong> जीतकर बच्चों ने साबित कर दिया कि उन्हें मौका मिले तो वे कुछ भी कर सकते हैं।</p>
<h2><strong>पंजाब सरकार की ओर से </strong><strong>‘</strong><strong>सबसे अच्छा स्कूल</strong><strong>’ </strong><strong>का खिताब</strong></h2>
<p>इन्फ्रास्ट्रक्चर, पढ़ाई और खेल—तीनों में बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से फगवाड़ा स्कूल ऑफ एमिनेंस को पंजाब सरकार ने <strong>स्टेट का बेस्ट स्कूल</strong> घोषित किया है।</p>
<h2><strong>पूरे पंजाब में शिक्षा क्रांति </strong><strong>– 118 </strong><strong>स्कूल बदले</strong></h2>
<p>फगवाड़ा की यह सफलता सिर्फ एक स्कूल तक सीमित नहीं है।<br />
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने पूरे पंजाब में <strong>118 </strong><strong>सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को </strong><strong>‘</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong><strong>’</strong> में बदल दिया है।</p>
<p>इसका मतलब है कि पंजाब में सरकारी शिक्षा अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है।</p>
<h2><strong>सोशल मीडिया पर वायरल</strong><strong>—</strong><strong>लोग कह रहे </strong><strong>“</strong><strong>ये है नया पंजाब</strong><strong>”</strong></h2>
<p>फगवाड़ा स्कूल की नई तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं।<br />
लोग इसे<br />
<strong>“</strong><strong>बदलते पंजाब की असली तस्वीर</strong><strong>”</strong><br />
कहकर इसकी तारीफ कर रहे हैं।</p>
<p>यह सिर्फ एक स्कूल नहीं—यह एक संदेश है कि अगर सरकार ठान ले तो सरकारी स्कूल भी दुनिया के किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं हो सकते।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>APP सरकार की Education Reforms का बड़ा असर: Government School के 1187 से ज़्यादा Students NEET/JEE में सफल: Harmeet Sandhu</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/big-impact-of-aap-governments-education-reforms-over-1187-government-school-students-clear-neet-jee-harmeet-sandhu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Nov 2025 10:29:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAPGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[EducationReform]]></category>
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		<category><![CDATA[SchoolOfEminence]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा की गई शिक्षा सुधार की कोशिशें अब सीधे नतीजों में दिखाई देने लगी हैं। AAP उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू ने दावा किया है कि सरकारी स्कूलों के 1187 से ज़्यादा विद्यार्थियों ने इस साल NEET और JEE जैसी बड़ी परीक्षाएँ पास की हैं। यह वही परीक्षाएँ हैं [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा की गई शिक्षा सुधार की कोशिशें अब सीधे नतीजों में दिखाई देने लगी हैं। AAP उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने दावा किया है कि <strong>सरकारी स्कूलों के </strong><strong>1187 </strong><strong>से ज़्यादा विद्यार्थियों ने इस साल </strong><strong>NEET </strong><strong>और </strong><strong>JEE </strong><strong>जैसी बड़ी परीक्षाएँ पास की हैं</strong>। यह वही परीक्षाएँ हैं जिनको crack करने के लिए आमतौर पर लोग महंगी कोचिंग पर लाखों रुपये खर्च करते हैं।</p>
<p>हरमीत संधू ने कहा कि मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> की सरकार का मकसद सिर्फ़ डिग्रियाँ बांटना नहीं, बल्कि युवाओं को ऐसा योग्य बनाना है कि वे <strong>“</strong><strong>नौकरी मांगने वाले नहीं</strong><strong>, </strong><strong>नौकरी देने वाले</strong><strong>”</strong> बनें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ एक नारा नहीं है, बल्कि यह बदलाव अब ज़मीनी स्तर पर नज़र आने लगा है।</p>
<p><strong>पिछली सरकारों पर आरोप: शिक्षा को कारोबार बना दिया गया</strong></p>
<p>संधू ने बताया कि पिछली सरकारों — अकाली-भाजपा और कांग्रेस — ने सरकारी शिक्षा को <strong>नज़रअंदाज़ कर दिया</strong>।<br />
सरकारी स्कूलों की हालत खराब हो गई और लोगों का भरोसा टूट गया।</p>
<p>उन्होंने कहा, <em>“</em><em>पहले शिक्षा को व्यापार बना दिया गया था। आम परिवारों के बच्चों के लिए अच्छी पढ़ाई एक सपने की तरह हो गई थी।</em><em>”</em></p>
<p><strong>‘School of Eminence’ </strong><strong>ने बदली तस्वीर</strong></p>
<p>AAP सरकार ने इस स्थिति को सुधारने के लिए <strong>₹231.74 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> की बड़ी राशि खर्च करके <strong>School of Eminence</strong> की शुरुआत की। इन स्कूलों में:</p>
<ul>
<li>आधुनिक क्लासरूम</li>
<li>NEET, JEE, CLAT, NIFT, रक्षा सेवाओं की <strong>स्पेशल कोचिंग</strong></li>
<li><strong>मुफ़्त वर्दी</strong></li>
<li><strong>मुफ़्त बस सुविधा</strong></li>
<li>खासकर <strong>लड़कियों को सुरक्षित और बराबर अवसर</strong></li>
</ul>
<p>जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं।</p>
<p>इसका सीधा असर यह हुआ कि आज <strong>सरकारी स्कूलों के बच्चे भी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्राइवेट स्कूलों का मुकाबला कर रहे हैं और बेहतर परिणाम ला रहे हैं।</strong></p>
<p><strong>सफलता के आंकड़े</strong></p>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>परीक्षा</strong></td>
<td><strong>सफल विद्यार्थी (सरकारी स्कूल)</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>JEE Mains</strong></td>
<td>265 विद्यार्थी</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>JEE Advanced</strong></td>
<td>74 विद्यार्थी</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>NEET</strong></td>
<td>848 विद्यार्थी</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><em>(</em><em>कुल सफलता: </em><em>1187+ </em><em>विद्यार्थी)</em></p>
<p>यह आँकड़े साबित करते हैं कि सरकारी स्कूलों में हुई सुधार सिर्फ़ कागज़ों पर नहीं, बल्कि बच्चों की उपलब्धियों में दिख रहा है।</p>
<p><strong>&#8216;School Mentorship Program&#8217; </strong><strong>ने बदली सोच</strong></p>
<p>संधू ने बताया कि राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ अब सीधे सरकारी स्कूलों के छात्रों को <strong>मार्गदर्शन (</strong><strong>Guidance)</strong> देते हैं।<br />
इससे बच्चों में:</p>
<ul>
<li>आत्मविश्वास बढ़ रहा है</li>
<li>करियर की सही दिशा मिल रही है</li>
<li>लीडरशिप और उद्यमिता (Entrepreneurship) की समझ विकसित हो रही है</li>
</ul>
<p>उन्होंने कहा, <em>“</em><em>हम अपने बच्चों को सिर्फ नौकरी नहीं दिलवा रहे</em><em>, </em><em>बल्कि ऐसा माहौल बना रहे हैं जहां हमारे नौजवान खुद कंपनियाँ खोलकर दूसरे लोगों को रोजगार देंगे।</em><em>”</em></p>
<p>संधू ने कहा कि यह बदलाव पंजाब के भविष्य को मजबूत कर रहा है।<br />
<em>“</em><em>शिक्षा ही असली सशक्तिकरण है। और आज पंजाब का बच्चा यह साबित कर रहा है कि अगर सही अवसर मिले तो वह किसी भी मंच पर चमक सकता है।</em><em>”</em></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हर बच्चे का ‘Runway of Dreams’ बने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’: CM Bhagwant Mann का शिक्षा में Revolutionary कदम</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/every-childs-runway-of-dreams-cm-bhagwant-manns-revolutionary-step-in-education/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Oct 2025 04:49:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में अब सरकारी स्कूलों का चेहरा और भविष्य दोनों बदल रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सोच है साफ — “हर बच्चे को अच्छा स्कूल, बेहतर सुविधा और बड़ा सपना मिलना चाहिए, चाहे वो किसी भी घर से क्यों न आता हो।” इसी सोच ने जन्म दिया है ‘School of Eminence’ (स्कूल ऑफ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में अब सरकारी स्कूलों का चेहरा और भविष्य दोनों बदल रहा है। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> की सोच है साफ — <em>“</em><em>हर बच्चे को अच्छा स्कूल</em><em>, </em><em>बेहतर सुविधा और बड़ा सपना मिलना चाहिए</em><em>, </em><em>चाहे वो किसी भी घर से क्यों न आता हो।</em><em>”</em><br />
इसी सोच ने जन्म दिया है <strong>‘School of Eminence’ (</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस)</strong> जैसी ऐतिहासिक योजना को, जिसने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में नई क्रांति ला दी है।</p>
<p><strong>सरकारी स्कूलों में आया बड़ा बदलाव</strong></p>
<p>पहले जहाँ सरकारी स्कूलों को लेकर लोगों में निराशा थी, वहीं अब वही स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस हो चुके हैं। पंजाब सरकार ने अब तक <strong>₹231.74 </strong><strong>करोड़</strong> खर्च कर <strong>118 </strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong> तैयार किए हैं।<br />
इन स्कूलों में न सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दिया जा रहा है, बल्कि बच्चों को हर उस मौके से जोड़ा जा रहा है, जो अब तक केवल महंगे प्राइवेट स्कूलों तक सीमित थे।</p>
<p><strong>लड़कियों के लिए फ्री बस और यूनिफॉर्म की सुविधा</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री मान की सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा, खासकर बेटियाँ, पैसों या दूरी की वजह से पढ़ाई से वंचित न रहें।<br />
सभी विद्यार्थियों को <strong>मुफ्त यूनिफॉर्म</strong> दी जा रही है।<br />
<strong>लड़कियों के लिए फ्री बस सर्विस</strong> शुरू की गई है, ताकि वो बिना किसी डर या परेशानी के स्कूल पहुँच सकें।</p>
<p><strong>NEET, JEE </strong><strong>और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग</strong></p>
<p>अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी <strong>NEET, JEE</strong> और <strong>आर्मी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं</strong> की तैयारी मुफ्त में कर रहे हैं।<br />
पहले जिन कोचिंग क्लासेस की फीस लाखों रुपये होती थी, वो अब सरकार बच्चों तक बिना किसी खर्च के पहुँचा रही है।</p>
<p><strong>रिकॉर्ड तोड़ सफलता</strong></p>
<p>इन सभी प्रयासों का असर अब नतीजों में दिख रहा है —</p>
<ul>
<li><strong>265 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Mains </strong><strong>क्वालीफाई</strong> किया है</li>
<li><strong>44 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Advanced </strong><strong>पास</strong> किया</li>
<li>और <strong>848 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>NEET</strong> जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की</li>
</ul>
<p>यह आंकड़े बताते हैं कि सरकारी स्कूलों के बच्चे किसी से कम नहीं हैं, बस उन्हें सही मौका और सही दिशा चाहिए।</p>
<p><strong>माता-पिता की भागीदारी भी बढ़ी</strong></p>
<p>सरकार ने शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया है।<br />
<strong>Parent-Teacher Meetings (PTM)</strong> में अब तक <strong>25 </strong><strong>लाख से ज्यादा माता-पिता</strong> शामिल हो चुके हैं।<br />
इसके अलावा <strong>‘School Mentorship Program’</strong> के तहत वरिष्ठ अधिकारी खुद स्कूलों का दौरा करते हैं और बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं।</p>
<p><strong>‘</strong><strong>आधुनिक युग के मंदिर</strong><strong>’ </strong><strong>कहे जाने वाले स्कूल</strong></p>
<p>सीएम मान इन स्कूलों को <strong>“</strong><strong>आधुनिक युग के मंदिर</strong><strong>”</strong> कहते हैं।<br />
उनका मानना है —</p>
<p>“जिस तरह हवाई जहाज को उड़ान के लिए रनवे की जरूरत होती है, उसी तरह हमारे बच्चों को ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसा रनवे चाहिए, जहाँ से वो अपने सपनों को आसमान तक पहुँचा सकें।”</p>
<p><strong>लक्ष्य: हर बच्चे तक पहुँचे बेहतर शिक्षा</strong></p>
<p>‘School of Eminence’ योजना का मकसद है कि पंजाब का कोई भी बच्चा, चाहे वह गरीब परिवार से हो या अमीर से, शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।<br />
इन स्कूलों ने सरकारी शिक्षा पर लोगों का भरोसा वापस लाया है।<br />
अब हालात यह हैं कि <strong>निजी स्कूलों के बच्चे भी </strong><strong>‘</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong><strong>’ </strong><strong>में एडमिशन लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं।</strong></p>
<p><strong>नया पंजाब</strong><strong>, </strong><strong>नई सोच</strong></p>
<p>सीएम भगवंत मान का सपना है कि पंजाब का हर बच्चा <em>“</em><em>नौकरी ढूँढने वाला नहीं</em><em>, </em><em>बल्कि रोजगार देने वाला बने।</em><em>”</em><br />
‘School of Eminence’ उसी सपने की शुरुआत है — एक ऐसा पंजाब जहाँ शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार बने और हर बच्चा अपने सपनों की उड़ान भर सके।</p>
<p><strong>पंजाब की धरती पर अब नई कहानी लिखी जा रही है </strong><strong>— </strong><strong>जहाँ सरकारी स्कूल ही बच्चों के सपनों का असली रनवे बन रहे हैं।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab Government ने 115 Government Schools का नाम बदला, अब Freedom Fighters और Athletes के नाम पर होंगे School</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-government-renames-115-government-schools-now-to-bear-names-of-freedom-fighters-and-athletes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Jul 2025 05:17:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Athletes]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[EducationNews]]></category>
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		<category><![CDATA[Martyrs]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[SchoolRenaming]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब सरकार ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए राज्य के 115 सरकारी स्कूलों के नाम बदल दिए हैं। ये नाम अब पंजाब के क्रांतिकारियों, शहीदों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध खिलाड़ियों के नाम पर रखे गए हैं। इस फैसले का मकसद आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देना है, ताकि बच्चे इन महान व्यक्तियों के बलिदान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब सरकार ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए राज्य के 115 सरकारी स्कूलों के नाम बदल दिए हैं। ये नाम अब पंजाब के क्रांतिकारियों, शहीदों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध खिलाड़ियों के नाम पर रखे गए हैं। इस फैसले का मकसद आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देना है, ताकि बच्चे इन महान व्यक्तियों के बलिदान और उपलब्धियों से कुछ सीख सकें।</p>
<p><strong>स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस</strong> ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में 25 स्कूलों के नाम <strong>18 </strong><strong>जुलाई को</strong> ही स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के नाम पर रख दिए गए थे। वहीं, मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> ने रविवार को ऐलान किया कि <strong>जालंधर जिले के ब्यास गांव</strong> में स्थित एक स्कूल का नाम अब <strong>दिग्गज मैराथन धावक फौजा सिंह</strong> के नाम पर होगा।</p>
<p>मंत्री बैंस ने कहा कि, “हमने जो 115 स्कूलों का नाम बदला है, उनमें <strong>ग़दर आंदोलन से जुड़े नायकों</strong>, <strong>शहीदों</strong>, और <strong>पंजाब की प्रसिद्ध हस्तियों</strong> को सम्मानित किया गया है। स्कूलों का नाम बदलकर हम बच्चों को इन महापुरुषों की कहानियों और बलिदानों से जोड़ना चाहते हैं, ताकि वे भी समाज के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा ले सकें।”</p>
<p><strong>पिछले साल (</strong><strong>2023)</strong> भी आम आदमी पार्टी की सरकार ने <strong>खटकर कलां</strong> स्थित सरकारी हाई स्कूल का नाम बदलकर <strong>&#8216;</strong><strong>शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह गवर्नमेंट हाई स्कूल</strong><strong>&#8216;</strong> रखा था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है।</p>
<p>इसके अलावा, ड्रग्स के खिलाफ चल रहे अभियान <strong>‘</strong><strong>युद्ध नशों विरुद्ध’</strong> को लेकर जब मीडिया ने सवाल किया तो बैंस ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग और विशेषज्ञ मिलकर एक <strong>नया पाठ्यक्रम (</strong><strong>curriculum)</strong> तैयार कर रहे हैं। इसका मकसद बच्चों को कम उम्र से ही <strong>नशे के दुष्प्रभावों</strong> के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने कहा,</p>
<p>“हम चाहते हैं कि नशा विरोधी शिक्षा स्कूली स्तर से ही शुरू हो ताकि भविष्य में एक <strong>स्वस्थ और जिम्मेदार समाज</strong> तैयार किया जा सके।”</p>
<p><strong>मुख्य बातें:</strong></p>
<ul>
<li>अब तक <strong>115 </strong><strong>सरकारी स्कूलों</strong> के नाम बदले जा चुके हैं।</li>
<li>इनमें से <strong>25 </strong><strong>स्कूलों</strong> के नाम 18 जुलाई को बदले गए।</li>
<li>ब्यास (जालंधर) के एक स्कूल का नाम <strong>फौजा सिंह</strong> के नाम पर होगा।</li>
<li>पहले भी खटकर कलां स्कूल का नाम <strong>भगत सिंह</strong> के नाम पर रखा जा चुका है।</li>
<li>बच्चों को <strong>प्रेरित करने और नशे से दूर रखने</strong> के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार हो रहा है।</li>
</ul>
<p>पंजाब सरकार का यह कदम न केवल बच्चों में देशभक्ति और प्रेरणा का संचार करेगा, बल्कि राज्य की गौरवशाली विरासत को भी जीवित रखेगा। वहीं, नशे के खिलाफ शिक्षा की यह पहल आने वाले समय में पंजाब को एक सकारात्मक दिशा में ले जा सकती है।</p>
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