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	<title>HarjotSinghBains &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>ट्राइसिटी से सटे कस्बों में 250 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण जारी, 50 नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे: हरजोत सिंह बैंस</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/construction-of-more-than-250-km-of-roads-in-towns-adjoining-tricity-continues-50-new-tubewells-will-be-installed-harjot-singh-bains/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 06:22:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[HarjotSinghBains]]></category>
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					<description><![CDATA[ट्राइसिटी से सटे कस्बों में शहरी बुनियादी ढांचे को उन्नत करने और जनहित सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने आज नगर परिषद खरड़, डेराबस्सी, जीरकपुर, नयागांव, बनूड़, कुराली और घड़ूआं के लिए विभिन्न समयबद्ध परियोजनाओं की घोषणा की। यहां म्यूनिसिपल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ट्राइसिटी से सटे कस्बों में शहरी बुनियादी ढांचे को उन्नत करने और जनहित सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने आज नगर परिषद खरड़, डेराबस्सी, जीरकपुर, नयागांव, बनूड़, कुराली और घड़ूआं के लिए विभिन्न समयबद्ध परियोजनाओं की घोषणा की। यहां म्यूनिसिपल भवन में आज कार्यकारी अधिकारियों (ई.ओज़ .) के साथ चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए स हरजोत सिंह बैंस ने अधिकारियों को समय-सीमाओं का सख्ती से पालन करने तथा सभी परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>समीक्षा बैठक के बाद स्थानीय निकाय मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सात कस्बों में इस समय 250 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है और बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण संबंधी अभियान के तहत कई प्रमुख सड़क कॉरिडोरों का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा, “खरड़, डेराबस्सी, जीरकपुर, नयागांव, बनूड़, कुराली और घड़ूआं में 250 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण चल रहा है। सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के साथ-साथ शहरों की सुंदरता बढ़ाने और निवासियों को बेहतर संपर्क सुविधा प्रदान करने के लिए प्रमुख सड़क कॉरिडोरों का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि सीवरेज की सफाई का कार्य बड़े स्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इन शहरी स्थानीय निकायों में 50 नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। इन ट्यूबवेलों में से खरड़ में 15, जीरकपुर और नयागांव में 10-10, डेराबस्सी में 5, लालड़ू में 4, बनूड़ में 3 तथा कुराली में 1 ट्यूबवेल लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सफाई सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सीवरेज की सफाई का कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>स हरजोत सिंह बैंस ने शहरी स्थानीय निकायों को लोगों की सुविधा और शहरी यातायात के लिए प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किए गए कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का कार्य अगले 15 दिनों के भीतर शुरू करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा, “बनूड़ में अस्पताल से तेपला रोड; कुराली में रेलवे रोड, मुख्य बाजार रोड और बडाली रोड; जीरकपुर में सिंहपुरा की ओर अंबाला-चंडीगढ़ रोड और हाई ग्राउंड रोड; खरड़ में अस्पताल रोड और गोपाल स्वीट्स के निकट मुख्य एयरपोर्ट रोड; डेराबस्सी में हैबतपुर रोड; नयागांव में करोरां रोड और नाडा रोड तथा लालड़ू में बनूड़ से जलालपुर रोड और आई.टी.आई. से कौलिमाजरा रोड का कार्य अगले 15 दिनों के भीतर हर हाल में शुरू हो जाना चाहिए।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जवाबदेही सुनिश्चित करने और कार्य को समय पर पूरा करने पर जोर देते हुए स्थानीय निकाय मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित रूप से उच्च स्तरीय निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम सड़क के हर किलोमीटर, हर ट्यूबवेल और हर समय-सीमा की निगरानी कर रहे हैं। पंजाब के लोग इस प्रगति के हकदार हैं। सभी चल रही परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी और अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान अस्थायी समाधानों के बजाय स्थायी और भविष्य के लिए तैयार शहरी बुनियादी ढांचा विकसित करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, “पैचवर्क का युग समाप्त हो गया है। हम भविष्य के लिए तैयार पंजाब का निर्माण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान का प्रशासनिक मॉडल पारदर्शी, समयबद्ध और बदलाव पर आधारित है।”</p>
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		<item>
		<title>हरजोत सिंह बैंस की नगर निगम अधिकारियों को हिदायत – लुधियाना शहर को 30 जून तक सड़कों के गड्ढों और मैनहोल से मुक्त बनाया जाए</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/harjot-singh-bains-instructs-municipal-corporation-officials-to-make-ludhiana-city-free-of-potholes-and-manholes-by-june-30/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 05:31:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[HarjotSinghBains]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने लुधियाना शहर को &#8220;मैनहोल और गड्ढा मुक्त&#8221; बनाने के लिए 30 जून की समय सीमा निर्धारित करते हुए सभी नगर निगम अधिकारियों को मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए &#8220;मिशन क्लीन पंजाब&#8221; के तहत प्रतिदिन सुबह 7 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने लुधियाना शहर को &#8220;मैनहोल और गड्ढा मुक्त&#8221; बनाने के लिए 30 जून की समय सीमा निर्धारित करते हुए सभी नगर निगम अधिकारियों को मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए &#8220;मिशन क्लीन पंजाब&#8221; के तहत प्रतिदिन सुबह 7 बजे से सुबह 8 बजे तक जमीनी स्तर पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>लुधियाना नगर निगम क्षेत्रों के सुबह-सुबह अचानक निरीक्षण के दौरान, स. हरजोत सिंह बैंस ने शहर से गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की सड़कों पर जमा बारिश के पानी और कूड़े का गंभीर संज्ञान लिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>तीन घंटे तक शहर का दौरा करने के बाद श्री बैंस ने कहा कि &#8220;यदि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सड़कों की सफाई नहीं करता है, तो नगर निगम यह सफाई करेगा और उन्हें बिल भेजेगा। सफाई न करने और भुगतान न करने की स्थिति में जुर्माना भी लगाया जाएगा।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नगर निगम अधिकारियों के साथ मानसून की तैयारियों की समीक्षा करते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस महीने के अंत तक सभी सीवरेज लाइनों को साफ कर दिया जाए। नगर निगम के अधिकारियों ने स्थानीय निकाय मंत्री को अवगत करवाया कि 220 किलोमीटर सीवरेज लाइनों की सफाई की जा रही है, जिसमें से 49 किलोमीटर को प्राथमिकता से साफ किया जा रहा है। इसमें से 47 प्रतिशत सीवरेज लाइनों से कीचड़ पहले ही निकाला जा चुका है और बाकी काम 30 जून तक पूरा हो जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>लुधियाना में नागरिक बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए इस समय 172 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं चल रही हैं। स्थानीय निकाय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लुधियाना में सभी गुम और खराब मैनहोल कवर बदल दिए जाएं और शहर भर में सड़कों की मरम्मत के कार्य 30 जून तक पूरे कर लिए जाएं। मानसून के दौरान नागरिक प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए, उन्होंने नगर निगम को जलभराव, सीवरेज अवरोधों और बारिश से संबंधित शिकायतों की वास्तविक समय में निगरानी के लिए 24&#215;7 &#8220;वार रूम&#8221; स्थापित करने के भी आदेश दिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>श्री बैंस ने नगर निगम को अपनी स्वयं की झाड़ियाँ काटने वाली मशीनें खरीदने, ट्रैफिक जंक्शनों को सुंदर बनाने, सड़कों के कोनों को पेंट करने, नए डस्टबिन लगाने, कचरा कॉम्पैक्टर्स के लिए नए स्थानों की पहचान करने और बंद ट्यूबवेल तथा स्ट्रीट लाइटों को पुनः कार्यशील बनाने के निर्देश दिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर विधायक रजिंदरपाल कौर छीना, मेयर इंद्रजीत कौर, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, पंजाब दलित विकास बोर्ड के चेयरमैन विजय दानव, संयुक्त कमिश्नर विनीत कुमार, अमनप्रीत सिंह व तपन भनोट, जोनल कमिश्नर नीरज जैन, गुरपाल सिंह व जसदेव सिंह सेखों, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विपल मल्होत्रा और अन्य उपस्थित थे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्कूली शिक्षा में पंजाब ने केरल को पछाड़ा, नीति आयोग की रिपोर्ट में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बना: हरजोत सिंह बैंस</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-surpasses-kerala-in-school-education-emerges-as-indias-best-performing-state-in-niti-aayog-report-harjot-singh-bains/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 05:59:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[HarjotSinghBains]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
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					<description><![CDATA[स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पंजाब को भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है। नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब ने स्कूल शिक्षा के महत्वपूर्ण बुनियादी मानकों में लंबे समय से अग्रणी रहे केरल को पीछे छोड़ दिया है। &#160; प्रणालीगत सुधारों और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पंजाब को भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है। नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब ने स्कूल शिक्षा के महत्वपूर्ण बुनियादी मानकों में लंबे समय से अग्रणी रहे केरल को पीछे छोड़ दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रणालीगत सुधारों और जमीनी स्तर पर किए गए समर्पित प्रयासों से हासिल इस उपलब्धि को “पंजाब युग” की शुरुआत बताते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “यह सम्मान हर उस माता-पिता, विद्यार्थी और शिक्षक का है जिसने सरकारी स्कूलों पर भरोसा बनाए रखा। यह उपलब्धि एक दिन में हासिल नहीं हुई, बल्कि बेहतर नीति, मजबूत इरादों और प्रभावी अमल का परिणाम है, जिससे बेहतर नतीजे सामने आए हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नीति आयोग की रिपोर्ट के विवरण साझा करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब ने तीसरी कक्षा की भाषा दक्षता में 82 प्रतिशत और गणित में 78 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जबकि केरल ने क्रमशः 75 प्रतिशत और 70 प्रतिशत अंक हासिल किए। नौवीं कक्षा के गणित में पंजाब ने 52 प्रतिशत दक्षता दर्ज की, जो केरल के 45 प्रतिशत से अधिक है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पंजाब सरकार द्वारा किए गए सुधारों के सार्थक प्रभावों को रेखांकित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मिशन समर्थ और स्कूल ऑफ एमिनेंस कार्यक्रमों के तहत कोविड महामारी के बाद किए गए सुधारों के ठोस परिणाम अब सामने आ रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने आगे कहा, “राज्य के 99.9 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में अब बिजली उपलब्ध है, 99 प्रतिशत स्कूलों में कार्यशील कंप्यूटर मौजूद हैं और 80 प्रतिशत से अधिक स्कूल स्मार्ट क्लासरूम से लैस हैं। इसके अलावा, दसवीं कक्षा के 90 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी अब ग्यारहवीं कक्षा में दाखिला ले रहे हैं। यह स्कूल छोड़ने की दर में तेजी से आई गिरावट को दर्शाता है। विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात अब 22:1 हो गया है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “नीति आयोग ने शिक्षा के क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण अंतर को कम करने तथा गांवों के विद्यार्थियों और लड़कियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की है। पंजाब द्वारा विश्व के सर्वोत्तम शैक्षिक मॉडल अपनाने से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता दर तेजी से बढ़ी है। अब तक सरकारी स्कूलों के 786 विद्यार्थियों ने जेईई मेन परीक्षा पास की है और 1,284 विद्यार्थी नीट परीक्षा में सफल हुए हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अध्यापक प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे के विस्तार के बारे में जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, “फिनलैंड और सिंगापुर में शुरू किए गए शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इससे साबित होता है कि हमारे कक्षाएं विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के योग्य हैं। पंजाब सरकार ने 13,000 शिक्षकों और स्टाफ की भर्ती की है तथा लगभग 3 लाख विद्यार्थियों के लिए इंग्लिश एज कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस खोले जा रहे हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि बेहतर नीति, स्पष्ट इरादों और प्रभावी अमल से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकती है और पंजाब के शिक्षकों ने यह साबित कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जमीनी स्तर पर किए गए शिक्षा सुधारों को अब नीति आयोग ने भी प्रमाणित कर दिया है। सरकारी स्कूलों के बच्चे अब केवल शिक्षा प्राप्त नहीं कर रहे, बल्कि देश का नेतृत्व भी कर रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Entry Tax को लेकर पंजाब-हिमाचल में बढ़ा विवाद, मामला Supreme Court तक ले जाएगी सरकार: Harjot Singh Bains</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/dispute-increases-in-punjab-himachal-regarding-entry-tax-government-will-take-the-matter-to-supreme-court-harjot-singh-bains/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 07:12:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[Public]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[EntryTaxRow]]></category>
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		<category><![CDATA[TaxIssue]]></category>
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					<description><![CDATA[एंट्री टैक्स को लेकर Punjab और Himachal Pradesh के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो मामला Supreme Court of India तक ले जाया जाएगा। पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि नेशनल हाईवे पर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="flex flex-col text-sm pb-25">
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<p data-start="559" data-end="853"><span class="BZ_Pyq_fadeIn">दरअसल, </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">हिमाचल </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">प्रदेश </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">सरकार </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">द्वारा </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">एंट्री </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">टैक्स </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">की </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">दरों </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">में </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">बढ़ोतरी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">के </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">बाद </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पंजाब </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">में </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">इसका </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">विरोध </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">तेज </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">हो </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">गया </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">है। </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">इस </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">फैसले </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">के </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">खिलाफ </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पंजाब </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">में </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">धरना-</span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">प्रदर्शन </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">भी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">शुरू </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">हो </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">चुके </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">हैं। </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">साथ </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">ही, </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पंजाब </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">विधानसभा </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">में </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">भी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">इस </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">मुद्दे </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">को </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">उठाया </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">गया </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">है </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">और </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">हिमाचल </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">द्वारा </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">लगाए </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">गए </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">टैक्स </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">को </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">वापस </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">लेने </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">की </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">मांग </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">की </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">जा </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">रही </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">है।</span></p>
<p data-start="855" data-end="1068"><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पंजाब </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">सरकार </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">इस </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">मामले </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">में </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">जवाबी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">कदम </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">उठाने </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">की </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">तैयारी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">भी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">कर </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">रही </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">है। </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">जानकारी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">के </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">मुताबिक, </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">यदि </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">हिमाचल </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">सरकार </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">अपना </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">फैसला </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">वापस </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">नहीं </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">लेती </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">है </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">तो </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पंजाब </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">भी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">हिमाचल </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">की </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">कमर्शियल </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">गाड़ियों </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पर </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">एंट्री </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">टैक्स </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">लगाने </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पर </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">विचार </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">कर </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">सकता </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">है।</span></p>
<p data-start="1070" data-end="1415" data-is-last-node="" data-is-only-node=""><span class="BZ_Pyq_fadeIn">इस </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पूरे </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">विवाद </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पर </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">बोलते </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">हुए </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">आनंदपुर </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">साहिब </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">के </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">विधायक </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">और </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">शिक्षा </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">मंत्री </span><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Harjot Singh Bains</span></span> <span class="BZ_Pyq_fadeIn">ने </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">कहा </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">कि </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">चंडीगढ़ </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">से </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">गुजरने </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">वाला </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">मार्ग </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">एक </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">नेशनल </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">हाईवे </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">है, </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">जिस </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पर </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">किसी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">भी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">राज्य </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">का </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">एकतरफा </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">अधिकार </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">नहीं </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">हो </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">सकता। </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">उन्होंने </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">कहा </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">कि </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पंजाब </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">सरकार </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">इस </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">मुद्दे </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">को </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">लेकर </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पूरी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">मजबूती </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">से </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">खड़ी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">है </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">और </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">जरूरत </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पड़ने </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">पर </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">सुप्रीम </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">कोर्ट </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">में </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">कानूनी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">लड़ाई </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">लड़ी </span><span class="BZ_Pyq_fadeIn">जाएगी।</span></p>
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		<title>&#8216;युद्ध नशों विरुद्ध&#8217;: स्कूल बनेंगे नशों के खिलाफ पहला कवच, Punjab में विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/war-against-drugs-schools-will-become-the-first-shield-against-drugs-students-will-be-made-aware-in-punjab/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Jan 2026 04:59:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#latestnews]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[HarjotSinghBains]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
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					<description><![CDATA[राज्य में चल रही ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के तहत पंजाब सरकार ने नशे की समस्या की जड़ पर प्रहार करते हुए शिक्षा और रोकथाम पर केंद्रित एक व्यापक स्कूल-आधारित एक्शन प्रोग्राम लागू करने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य संवेदनशील युवा मनों की सुरक्षा करना है। मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में [&#8230;]]]></description>
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राज्य में चल रही ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के तहत पंजाब सरकार ने नशे की समस्या की जड़ पर प्रहार करते हुए शिक्षा और रोकथाम पर केंद्रित एक व्यापक स्कूल-आधारित एक्शन प्रोग्राम लागू करने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य संवेदनशील युवा मनों की सुरक्षा करना है। मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लागू की जा रही इस पहल में स्कूलों और शिक्षकों को नशों के विरुद्ध दीर्घकालिक लड़ाई में पहली पंक्ति के सुरक्षा कवच के रूप में तैयार किया जाएगा।

 

शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं दिल्ली की शिक्षा क्रांति के प्रणेता श्री मनीष सिसोदिया के साथ, मोहाली के फेज़ 3बी1 स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के अंतर्गत चल रहे क्षमता निर्माण प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रिंसिपलों और शिक्षकों से संवाद करने पहुंचे। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की और उपस्थित शिक्षकों के साथ भविष्य की रणनीति साझा की।

 

सरकार के दृष्टिकोण के बारे में जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि जहां एक ओर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, वहीं वास्तविक और स्थायी जीत तभी संभव है जब किशोर पीढ़ी को नशों की चपेट में आने से पहले ही बचाव प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि इस निर्णायक युद्ध में शिक्षा और रोकथाम हमारे सबसे बड़े हथियार हैं। जागरूकता, नैतिकता और अनुशासन के माध्यम से युवा कोमल मनों की ऐसी बुराइयों से रक्षा करना ही पंजाब से नशों को समाप्त करने का टिकाऊ मार्ग है।

 
<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/01/10/template/image/Harjot-Singh-1767989605723.jpg" alt="Harjot Singh" /></figure>
 

&nbsp;

 

शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पंजाब भर की सीनियर सेकेंडरी (ग्यारहवीं और बारहवीं) कक्षाओं में विद्यार्थियों को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में विशेष रूप से तैयार किए गए पाठ्यक्रम के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संगठित हस्तक्षेप से विद्यार्थियों को आयु-उपयुक्त, तथ्यात्मक और नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा मिलेगी, जिससे वे सोच-समझकर जिम्मेदार निर्णय लेने में सक्षम होंगे।

 

मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आगे बताया कि पंजाब सरकार मोहाली जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रतिदिन ध्यान (मेडिटेशन) सत्र शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि स्कूल में विद्यार्थी के दिन की शुरुआत में ही लगभग 30 मिनट का ध्यान सत्र कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों का मानसिक अनुशासन, भावनात्मक संतुलन और नैतिक स्तर सुदृढ़ होगा। यह बच्चों को नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए आंतरिक शक्ति प्रदान करेगा।

 

शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर बल देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रिंसिपलों और शिक्षकों की क्षमता निर्माण प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण एक अहम शुरुआत है। हम शिक्षकों को प्रारंभिक जोखिम के संकेत पहचानने, सावधानीपूर्वक हस्तक्षेप करने और बच्चों को नशों से दूर रखने के लिए तैयार कर रहे हैं। हमारा मिशन हर बच्चे की रक्षा करना और उन्हें इस लड़ाई का अग्रदूत बनाना है।

 

मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने यह भी जानकारी दी कि प्रत्येक स्कूल में शिकायत-सह-सुझाव बॉक्स लगाया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी बिना अपनी पहचान उजागर किए अपने आसपास नशा बेचने वालों या उन्हें संरक्षण देने वाली भ्रष्ट प्रथाओं के बारे में जानकारी साझा कर सकेंगे। उन्होंने कहा, “प्राप्त प्रत्येक सूचना/शिकायत का राज्य स्तर पर विश्लेषण कर त्वरित और स्वतंत्र रूप से कार्रवाई की जाएगी, ताकि जवाबदेही और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।”

 

इस दौरान दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने एक्स (सोशल मीडिया) हैंडल पर मोहाली के स्कूल दौरे की कुछ झलकियां साझा करते हुए लिखा, “‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के फेज़-2 के तहत पंजाब सरकार राज्य भर के सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण दे रही है। यह प्रशिक्षण स्कूलों के भीतर मजबूत नशा-विरोधी वातावरण तैयार करने और हर बच्चे की सोच को इतना मजबूत करने पर केंद्रित है कि वह किसी भी दबाव, उकसावे या लालच में आए बिना नशों को स्पष्ट ‘ना’ कह सके।”

 

उन्होंने आगे लिखा, “उद्देश्य यह है कि यह मानसिक दृढ़ता उनके चरित्र का स्थायी हिस्सा बने और उनके पूरे जीवन से जुड़ी रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न जिलों में आयोजित किए जा रहे हैं, जहां मनोवैज्ञानिक और शिक्षा विशेषज्ञ प्रिंसिपलों से सीधे संवाद कर रहे हैं।”

 

मनीष सिसोदिया ने आगे कहा, “आज मुझे पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ मोहाली जिले में इस तरह के एक प्रशिक्षण सत्र में शामिल होने का अवसर मिला। यह देखकर संतोष हुआ कि सरकार केवल ‘गांव के पहरेदार’ ही नहीं, बल्कि ‘दिमाग के पहरेदार’ भी तैयार कर रही है, ताकि नशों को जड़ से समाप्त कर आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।”

 

इस संवाद के दौरान शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों पर निगरानी रखने और उन्हें सकारात्मक दिशा की ओर मार्गदर्शन देने से संबंधित कई नए सुझाव भी साझा किए गए, जिनकी हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया दोनों ने सराहना की और शिक्षकों को अपने-अपने स्कूलों में नशा-विरोधी अभियान का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया।

 

इस अवसर पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह भी उपस्थित थे। इससे पूर्व, स्कूल ऑफ एमिनेंस की छात्राओं द्वारा गिद्धा प्रस्तुत किया गया, जिसके प्रेरक बोलों के माध्यम से समाज और पंजाब को नशामुक्त रखने का सशक्त संदेश दिया गया और ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की भावना को और अधिक मजबूत किया गया।

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		<title>पंजाब में जल्द ही 3,100 खेल के मैदान होंगे क्योंकि पंजाब सरकार राज्य में स्पोर्ट्स कल्चर को बड़ा बढ़ावा दे रही है: हरजोत सिंह बैंस</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-will-soon-have-3100-playgrounds-as-punjab-government-is-giving-a-big-boost-to-sports-culture-in-the-state-harjot-singh-bains/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 Jan 2026 04:41:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#News]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[HarjotSinghBains]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
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					<description><![CDATA[Punjab News: पंजाब के एजुकेशन मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार को लुधियाना के गुरु नानक स्टेडियम में 69वें नेशनल स्कूल गेम्स का ऑफिशियली उद्घाटन किया, जिससे एक बड़े नेशनल स्पोर्टिंग इवेंट की शुरुआत हुई, जिसमें देश भर से युवा एथलीट आ रहे हैं। 6 जनवरी से 11 जनवरी तक होने वाले इन गेम्स में सभी [&#8230;]]]></description>
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<strong>Punjab News:</strong> पंजाब के एजुकेशन मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार को लुधियाना के गुरु नानक स्टेडियम में 69वें नेशनल स्कूल गेम्स का ऑफिशियली उद्घाटन किया, जिससे एक बड़े नेशनल स्पोर्टिंग इवेंट की शुरुआत हुई, जिसमें देश भर से युवा एथलीट आ रहे हैं। 6 जनवरी से 11 जनवरी तक होने वाले इन गेम्स में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खिलाड़ी, केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों और विद्या भारती स्कूलों की टीमों के साथ हिस्सा ले रहे हैं।

 
<h2 class="wp-block-heading"><strong>PAU लुधियाना और PAU, लुधियाना के ओपन एयर थिएटर में होंगे</strong></h2>
 

लोगों को संबोधित करते हुए, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “69वें नेशनल स्कूल गेम्स के दौरान, लड़कों और लड़कियों के लिए जूडो अंडर-14, लड़कियों और लड़कों के लिए ताइक्वांडो अंडर-14, लड़कों और लड़कियों के लिए गतका अंडर-19 के कॉम्पिटिशन होंगे।” उन्होंने आगे कहा कि मैच शहर भर में कई जगहों पर होंगे, उन्होंने कहा, “ये कॉम्पिटिशन BCM आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, PAU लुधियाना और PAU, लुधियाना के ओपन एयर थिएटर में होंगे।”

 

इस इवेंट को पंजाब और होस्ट शहर के लिए गर्व की बात बताते हुए, एस हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “यह पंजाब और लुधियाना के लिए बहुत गर्व की बात है कि 69वें नेशनल स्कूल गेम्स यहां हो रहे हैं। पंजाब, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, आंध्र प्रदेश और नॉर्थ ईस्ट समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 1,000 खिलाड़ी और 350 से ज़्यादा कोच आए हैं।”

 

उन्होंने कहा कि ज़िला प्रशासन ने हिस्सा लेने वालों के लिए पूरे इंतज़ाम किए थे, उन्होंने कहा, “ठंड के मौसम के बावजूद, रहने, खाने और आने-जाने के लिए काफ़ी इंतज़ाम किए गए हैं। सिक्योरिटी के लिए PCR टीमें तैनात की गई हैं और खेल के मैदानों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं।”

 

खेल के इंफ्रास्ट्रक्चर पर राज्य सरकार के फोकस के बारे में बताते हुए, शिक्षा मंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप वाली पंजाब सरकार राज्य में खेल के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। पहले फेज़ में गांवों और शहरों में 3,100 खेल के मैदानों का कंस्ट्रक्शन का काम तेज़ी से चल रहा है, जिसका मकसद यह पक्का करना है कि पंजाब के हर गांव का अपना खेल का मैदान हो।”

 
<h2 class="wp-block-heading"><strong>स्पोर्ट्स नर्सरी में बड़े पैमाने पर कोच रखे जा रहे हैं</strong></h2>
 

स्पोर्ट्स में कैपेसिटी बिल्डिंग का ज़िक्र करते हुए, मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “बॉक्सिंग, हॉकी, कबड्डी और दूसरे स्पोर्ट्स के लिए स्पोर्ट्स नर्सरी में बड़े पैमाने पर कोच रखे जा रहे हैं, और प्लेयर्स की डाइट भी बढ़ाई गई है ताकि वे ट्रेनिंग ले सकें और बेहतर परफॉर्म कर सकें।”

 

राज्य की स्पोर्ट्स पॉलिसी के बारे में बात करते हुए, शिक्षा मंत्री ने कहा, “पंजाब ने एक स्पोर्ट्स पॉलिसी बनाई है, जिसके तहत पहली बार, जब कोई प्लेयर एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप या ओलंपिक्स के लिए चुना जाता है, तो पंजाब सरकार चुने गए प्लेयर्स को एडवांस फाइनेंशियल मदद देती है। दूसरे राज्यों में मेडल जीतने के बाद ऐसे इंसेंटिव दिए जाते हैं, लेकिन पंजाब अपने प्लेयर्स को एडवांस में सपोर्ट करता है, और इस पॉलिसी के लागू होने के बाद, पंजाब के जीते हुए मेडल्स की संख्या बढ़ी है।”

 

मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आगे कहा, “पंजाब के लिए यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाबियों की कप्तानी में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम, भारतीय महिला क्रिकेट टीम और भारतीय हॉकी टीम शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। भारतीय हॉकी टीम में पंजाबी खिलाड़ियों का मजबूत प्रतिनिधित्व यह दिखाता है कि पंजाब खेल के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पुरानी पहचान को फिर से हासिल करने की ओर लगातार बढ़ रहा है।”

 

इस मौके पर MLA दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, डायरेक्टर सेकेंडरी एजुकेशन गुरिंदर सिंह सोढ़ी, मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर, जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान, जिला खेल अधिकारी कुलदीप चुघ समेत अलग-अलग विभागों के सीनियर अधिकारी मौजूद थे।

]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मान सरकार की शिक्षा क्रांति: सरकारी स्कूलों के 1700+ छात्रों को IIT, NIT और AIIMS की निःशुल्क तैयारी</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/mann-sarkars-education-revolution-free-preparation-for-iit-nit-and-aiims-to-1700-students-of-government-schools/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Jan 2026 14:06:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[HarjotSinghBains]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज यहां बताया कि पंजाब अकादमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस (पेस) कार्यक्रम के तहत आयोजित विंटर रेज़िडेंशियल कोचिंग कैंपों में पंजाब के सरकारी स्कूलों के होनहार विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली प्रशिक्षण सुविधा प्रदान की गई। इस कार्यक्रम से 1700 से अधिक विद्यार्थियों ने लाभ उठाया, जिसे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज यहां बताया कि पंजाब अकादमिक कोचिंग फॉर एक्सीलेंस (पेस) कार्यक्रम के तहत आयोजित विंटर रेज़िडेंशियल कोचिंग कैंपों में पंजाब के सरकारी स्कूलों के होनहार विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली प्रशिक्षण सुविधा प्रदान की गई। इस कार्यक्रम से 1700 से अधिक विद्यार्थियों ने लाभ उठाया, जिसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि हर विद्यार्थी को प्रतियोगी परीक्षाओं की उच्च-स्तरीय कोचिंग तक पहुंच सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>स. बैंस ने बताया कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भारत की शीर्ष पेशेवर शैक्षणिक संस्थाओं जैसे आईआईटी, एनआईटी और एम्स के लिए तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित इन कैंपों के तीन केंद्रों में कुल 1728 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें बठिंडा में 601 विद्यार्थी (359 छात्राएं, 242 छात्र), लुधियाना में 573 विद्यार्थी (327 छात्राएं, 246 छात्र) और एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में 554 विद्यार्थी (367 छात्राएं, 187 छात्र) शामिल थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके तहत सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना सभी वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा और करियर मार्गदर्शन के समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पेस विंटर कैंपों को मिला उत्साहपूर्ण प्रतिसाद हमारे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की अपार क्षमताओं को दर्शाता है। यह पहल युवाओं को सशक्त बनाती है, उनमें आत्मविश्वास पैदा करती है और किसी भी पृष्ठभूमि के योग्य विद्यार्थियों को शीर्ष संस्थानों में पढ़ने का निष्पक्ष अवसर देती है। हम ऐसा शैक्षणिक वातावरण बना रहे हैं जो उत्कृष्टता और समानता को प्राथमिकता देता है।”</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-3147" src="https://newsabhitak.in/wp-content/uploads/2026/01/hindi-news-5.jpg" alt="" width="858" height="896" /></p>
<p>शिक्षा मंत्री ने बताया कि ये शीतकालीन कैंप विभाग द्वारा चलाई जा रही व्यापक पहलों में से एक हैं, जिनमें विद्यार्थियों के चयन के लिए प्रतिस्पर्धात्मक, पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई गई। चयन प्रक्रिया में मॉक टेस्ट, अवधारणात्मक स्पष्टता, अकादमिक निरंतरता और शिक्षकों की सिफारिशों के आधार पर विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। उन्होंने आगे कहा कि समावेशी दृष्टिकोण के तहत प्रत्येक केंद्र में 20 प्रतिशत सीटें सामान्य सरकारी स्कूलों और ड्रॉप-ईयर अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रखी गईं, जिससे स्कूल ऑफ एमिनेंस और रेज़िडेंशियल स्कूलों के अलावा अन्य मेधावी विद्यार्थियों को भी इस पहल का लाभ मिल सके।</p>
<p>स. बैंस ने कहा कि इन कैंपों ने विद्यार्थियों को व्यापक शिक्षण अनुभव प्रदान किया, जहां फिजिक्सवाला, विद्या मंदिर और अवंती फेलोज़ जैसी शीर्ष कोचिंग संस्थाओं के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। पाठ्यक्रम जेईई और नीट पैटर्न के अनुरूप अवधारणात्मक स्पष्टता और उन्नत समस्या-समाधान पर केंद्रित था। इसके अतिरिक्त, दैनिक डाउट-क्लियरिंग सत्र, वन-टू-वन मेंटरिंग, स्ट्रेस मैनेजमेंट, करियर मार्गदर्शन और मनोरंजक गतिविधियों पर आधारित मॉड्यूल्स ने विद्यार्थियों की समग्र भलाई सुनिश्चित की। बेहतर और सुरक्षित आवासीय सुविधाओं ने अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान किया।</p>
<p>उन्होंने विश्वास जताया कि ये शीतकालीन रेज़िडेंशियल कोचिंग कैंप 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर महत्वपूर्ण प्रशिक्षण देकर प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाएंगे और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को अंतिम परीक्षाओं की तैयारी में सहायक सिद्ध होंगे। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष 265 सरकारी स्कूल विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स, 45 ने जेईई एडवांस्ड और 847 ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की, जिससे स्पष्ट है कि राज्य के सरकारी स्कूल अब देश के शीर्ष पेशेवर करियर पाठ्यक्रमों के लिए लॉन्चपैड के रूप में उभर रहे हैं।</p>
<p>मजबूत सरकारी प्रबंधों ने कोचिंग में गुणवत्ता और समानता सुनिश्चित की</p>
<p>पंजाब सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से “पेस” कार्यक्रम के तहत विंटर रेज़िडेंशियल कोचिंग कैंपों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रशासनिक और अकादमिक व्यवस्थाएं कीं। लुधियाना, बठिंडा और मोहाली में स्थापित तीन आवासीय केंद्रों में ये कैंप आयोजित किए गए, जिनमें मानकीकृत अकादमिक योजना, पूर्ण निगरानी और सभी केंद्रों पर एकसमान सिलेबस डिलीवरी सुनिश्चित की गई।<br />
निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रत्येक केंद्र में अन्य सरकारी स्कूलों और ड्रॉप-ईयर अभ्यर्थियों के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी गईं, ताकि स्कूल ऑफ एमिनेंस और मेरिटोरियस रेज़िडेंशियल स्कूलों के अलावा अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों को भी इस पहल का लाभ मिल सके।</p>
<p>पंजाब सरकार ने रिहायशी कैंपों में संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की थी ताकि विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए बेहतर माहौल मुहैया करवाया जा सके। विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, 24 घंटे निगरानी, चिकित्सा और काउंसलिंग सहायता जैसी संपूर्ण व्यवस्थाएं कीं, जिससे वे पूरी एकाग्रता के साथ अध्ययन कर सकें। नामी कोचिंग संस्थाओं के साथ साझेदारी के माध्यम से अकादमिक प्रशिक्षण के साथ-साथ दैनिक शंका-निवारण सत्र, संरचित मेंटरशिप, तनाव प्रबंधन और करियर मार्गदर्शन पर केंद्रित समग्र मॉड्यूल प्रदान किए गए। ये प्रबंध आईआईटी, एनआईटी, एम्स और अन्य प्रमुख संस्थानों के लिए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ तैयार करने की दिशा में पंजाब सरकार के उत्कृष्टता, समानता और विद्यार्थी कल्याण केंद्रित प्रयासों को दर्शाते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab के Government Schools में लगेंगे MiG-21 जेट, Students को मिलेगी ‘Patriotism और Technology’ की उड़ान</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/mig-21-jets-to-be-installed-in-punjabs-government-schools-students-to-get-a-boost-of-patriotism-and-technology/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Oct 2025 04:08:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[#india]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
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		<category><![CDATA[SchoolOfEminence]]></category>
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					<description><![CDATA[अब पंजाब के सरकारी स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि वहाँ देशभक्ति और टेक्नोलॉजी की प्रेरणा भी मिलेगी। राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसके तहत MiG-21 लड़ाकू विमान (fighter jet) को पंजाब के चुनिंदा “School of Eminence” में लगाया जाएगा। इस पहल की शुरुआत शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अब पंजाब के सरकारी स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि वहाँ देशभक्ति और टेक्नोलॉजी की प्रेरणा भी मिलेगी। राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसके तहत <strong>MiG-21 </strong><strong>लड़ाकू विमान (</strong><strong>fighter jet)</strong> को पंजाब के चुनिंदा <strong>“School of Eminence”</strong> में लगाया जाएगा।</p>
<p>इस पहल की शुरुआत <strong>शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस</strong> ने की है। उन्होंने भारतीय वायुसेना (IAF) के प्रमुख <strong>एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह</strong> को एक पत्र लिखकर निवेदन किया है कि <strong>रिटायर हो चुके </strong><strong>MiG-21 </strong><strong>जेट</strong> पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्रदर्शनी के लिए दिए जाएँ।</p>
<p><strong>कहाँ-कहाँ लगेंगे ये </strong><strong>MiG-21 </strong><strong>जेट</strong><strong>?</strong></p>
<p>शिक्षा मंत्री के प्रस्ताव के अनुसार, पंजाब के पाँच जिलों के स्कूलों में ये विमान लगाए जाएंगे –</p>
<ol>
<li>लुधियाना</li>
<li>अमृतसर</li>
<li>फिरोज़पुर</li>
<li>नंगल</li>
<li>खरड़</li>
</ol>
<p>इन स्कूलों को चुना गया है ताकि राज्यभर के छात्र आकर इन्हें देख सकें और देश की रक्षा तकनीक को करीब से समझ सकें।</p>
<p><strong>इस पहल का मकसद क्या है</strong><strong>?</strong></p>
<p>सरदार हरजोत सिंह बैंस का कहना है कि इस कदम का मकसद छात्रों को <strong>देशभक्ति</strong>, <strong>अनुशासन</strong>, और <strong>साहस</strong> की प्रेरणा देना है। साथ ही उन्हें <strong>रक्षा</strong><strong>, </strong><strong>इंजीनियरिंग</strong><strong>, </strong><strong>और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी</strong> जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए मोटिवेट करना है।</p>
<p>“हम सब मिलकर MiG-21 को एक ऐसी श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जो हमेशा जीवित रहे और आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति और समर्पण की भावना जगाए,” — शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस।</p>
<p><strong>MiG-21 </strong><strong>की कहानी </strong><strong>– </strong><strong>गर्व और वीरता का प्रतीक</strong></p>
<p>MiG-21 भारतीय वायुसेना का एक ऐतिहासिक और शानदार लड़ाकू विमान रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone  wp-image-8130" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-04-at-1.48.33-PM-1-300x169.jpg" alt="" width="914" height="515" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-04-at-1.48.33-PM-1-300x169.jpg 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-04-at-1.48.33-PM-1-1024x576.jpg 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-04-at-1.48.33-PM-1-768x432.jpg 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-04-at-1.48.33-PM-1-150x84.jpg 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-04-at-1.48.33-PM-1-120x68.jpg 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-04-at-1.48.33-PM-1-130x73.jpg 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-04-at-1.48.33-PM-1-356x200.jpg 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-04-at-1.48.33-PM-1.jpg 1200w" sizes="(max-width: 914px) 100vw, 914px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<ul>
<li>इसने <strong>1965 </strong><strong>की भारत-पाक जंग</strong>,</li>
<li><strong>1971 </strong><strong>की बांग्लादेश मुक्ति जंग</strong>,</li>
<li>और <strong>1999 </strong><strong>की कारगिल जंग</strong> में अहम भूमिका निभाई थी।</li>
</ul>
<p>इसे भारत के <strong>रक्षा इतिहास का शेर (</strong><strong>symbol of courage and dedication)</strong> कहा जाता है। हाल ही में भारतीय वायुसेना ने इसे <strong>औपचारिक रूप से रिटायर</strong> किया है।</p>
<p>हरजोत सिंह बैंस ने इस मौके पर भारतीय वायुसेना को बधाई देते हुए कहा कि MiG-21 जैसे विमान <strong>साहस</strong><strong>, </strong><strong>अनुशासन और देश सेवा</strong> की पहचान हैं, और इन्हें स्कूलों में प्रदर्शित करना युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा।</p>
<p><strong>School of Eminence – </strong><strong>पंजाब की शिक्षा क्रांति</strong></p>
<p>यह पहल पंजाब सरकार के <strong>“School of Eminence Mission”</strong> का हिस्सा है।<br />
मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के नेतृत्व में सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव ला रही है।<br />
इस मिशन के तहत —</p>
<ul>
<li>स्कूलों को आधुनिक तकनीक और इनोवेशन से जोड़ा जा रहा है,</li>
<li><strong>शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेनिंग</strong> दी जा रही है,</li>
<li>और छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ <strong>लीडरशिप और प्रैक्टिकल नॉलेज</strong> की शिक्षा दी जा रही है।</li>
</ul>
<p>अब MiG-21 को स्कूलों में लगाने का यह कदम इस मिशन को और आगे बढ़ाएगा, जिससे छात्रों को देश की रक्षा प्रणाली, विमानन और विज्ञान के प्रति रुचि पैदा होगी।</p>
<p><strong>लोगों की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>इस पहल की चर्चा अब पूरे राज्य में हो रही है। कई शिक्षकों और छात्रों ने कहा कि अगर स्कूल में असली लड़ाकू विमान होगा, तो बच्चों में देश के लिए कुछ बड़ा करने की भावना और भी मजबूत होगी।</p>
<p>“ये सिर्फ एक जेट नहीं, बल्कि एक सोच है — कि हमारे बच्चे भी कल के वैज्ञानिक, इंजीनियर या फौजी बन सकते हैं,” — एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने कहा।</p>
<p><strong>अंत में&#8230;</strong></p>
<p>पंजाब सरकार का यह कदम सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि <strong>नई सोच और नई शिक्षा नीति</strong> का प्रतीक है।<br />
MiG-21 जैसे विमान जब स्कूलों में लगेंगे, तो हर बच्चा यह महसूस करेगा कि —</p>
<p><strong>“</strong><strong>आसमान अब सीमा नहीं</strong><strong>, </strong><strong>बल्कि शुरुआत है।</strong><strong>”</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गली-गली में पहुंचा Sanitization Drive, Education Minister Harjot Singh Bains ने खुद संभाली कमान</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/sanitization-drive-reaches-every-street-education-minister-harjot-singh-bains-takes-charge-himself/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Sep 2025 04:34:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[AAPGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[CleanPunjab]]></category>
		<category><![CDATA[CommunitySupport]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRecovery]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
		<category><![CDATA[HarjotSinghBains]]></category>
		<category><![CDATA[PublicHealth]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFloods]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[SanitizationDrive]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने लोगों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया। कई गाँवों और शहरों में पानी भर गया, जिससे लोगों का रोज़मर्रा का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बाढ़ के कारण न सिर्फ लोगों के घरों को नुकसान हुआ, बल्कि बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया। ऐसे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में हाल ही में आई भीषण <strong>बाढ़</strong> ने लोगों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया। कई गाँवों और शहरों में पानी भर गया, जिससे लोगों का रोज़मर्रा का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बाढ़ के कारण न सिर्फ लोगों के घरों को नुकसान हुआ, बल्कि <strong>बीमारियों के फैलने का खतरा</strong> भी बढ़ गया। ऐसे मुश्किल वक्त में <strong>पंजाब सरकार</strong> ने तुरंत कदम उठाते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किए।</p>
<p>मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> के नेतृत्व में सरकार ने ये साफ कर दिया कि संकट की घड़ी में जनता को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को एक्टिव मोड पर काम करने के निर्देश दिए, ताकि ज़रूरतमंदों तक तुरंत मदद पहुंच सके।</p>
<p><strong>बाढ़ के बाद सबसे बड़ी चुनौती </strong><strong>– </strong><strong>बीमारियों को रोकना</strong></p>
<p>बाढ़ का पानी उतरने के बाद <strong>मच्छर</strong><strong>, </strong><strong>गंदगी और संक्रमित पानी</strong> के कारण बीमारियां फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बड़े पैमाने पर <strong>सफाई</strong><strong>, </strong><strong>सैनिटाइजेशन और फॉगिंग अभियान</strong> चलाया।</p>
<p>इस अभियान की शुरुआत <strong>नंगल शहर</strong> से की गई। खास बात ये रही कि इस काम में खुद पंजाब के <strong>शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस</strong> मैदान में उतरे। उन्होंने खुद गलियों में जाकर सैनिटाइज़र का छिड़काव करवाया और लोगों से सीधे बात की। इससे जनता को भरोसा मिला कि सरकार सिर्फ <strong>कागजों में काम</strong> नहीं कर रही, बल्कि <strong>जमीनी स्तर पर एक्टिव</strong> है।</p>
<p>हरजोत सिंह बैंस ने कहा,</p>
<p><em>&#8220;</em><em>सरकार का लक्ष्य है कि हर प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचे। जहाँ भी बीमारी फैलने का खतरा है</em><em>, </em><em>वहाँ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।&#8221;</em></p>
<p>उनकी ये बात केवल बयान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे <strong>जमीनी स्तर पर लागू</strong> भी किया गया। गाँवों, मोहल्लों और गली-गली तक सफाई और छिड़काव किया गया, जिससे लोगों को राहत मिली।</p>
<p><strong>पशुओं के लिए भी खास कदम</strong></p>
<p>बाढ़ का असर केवल इंसानों तक ही सीमित नहीं था। पशुओं के लिए भी यह समय बेहद मुश्किल था। इसको देखते हुए सरकार ने <strong>पशुओं के लिए विशेष टीकाकरण अभियान</strong> शुरू किया।</p>
<ul>
<li>किसानों और पशुपालकों को इससे बड़ी राहत मिली।</li>
<li>बाढ़ के कारण पशुधन पर मंडरा रहा संकट काफी हद तक टल गया।</li>
<li>इससे किसानों का <strong>भरोसा सरकार पर और मजबूत</strong> हुआ।</li>
</ul>
<p><strong>मंत्री और विधायक खुद कर रहे निगरानी</strong></p>
<p>इस पूरे अभियान की खास बात ये है कि <strong>मंत्री</strong><strong>, </strong><strong>विधायक और अफसर खुद मैदान में उतरकर निगरानी कर रहे हैं।</strong> नंगल में हरजोत सिंह बैंस का खुद गलियों में सैनिटाइजेशन करवाना इस बात का सबूत है कि सरकार दूर बैठकर केवल आदेश नहीं दे रही, बल्कि लोगों के बीच जाकर काम कर रही है।</p>
<p>लोगों ने इसे करीब से महसूस भी किया और कई जगहों पर जनता ने कहा कि <em>“</em><em>सरकार सचमुच हमारे दरवाजे तक आई है।</em><em>”</em> इससे सरकार पर लोगों का भरोसा और गहरा हुआ है।</p>
<p><strong>सरकार का संदेश </strong><strong>– </strong><strong>हर नागरिक परिवार की तरह</strong></p>
<p>इस अभियान के ज़रिए न सिर्फ दवाइयाँ और सफाई सामग्री पहुंच रही हैं, बल्कि ये संदेश भी जा रहा है कि <strong>सरकार जनता को परिवार की तरह देख रही है।</strong></p>
<p>पंजाब सरकार की यह एक्टिवनेस लोगों के लिए <strong>नई उम्मीद</strong> लेकर आई है। जब मंत्री, विधायक और सरकारी कर्मचारी खुद सेवा में जुटें, तो बदलाव सिर्फ <strong>सपना</strong> नहीं रहता, बल्कि <strong>हकीकत</strong> बन जाता है।</p>
<p>यही वजह है कि पंजाब के कई गाँवों और कस्बों में लोग अब खुलकर कह रहे हैं:</p>
<p><em>&#8220;</em><em>यह सिर्फ सरकार नहीं</em><em>, </em><em>हमारी अपनी सरकार है।&#8221;</em></p>
<p><strong>मुख्य बातें संक्षेप में:</strong></p>
<ul>
<li>बाढ़ के बाद पंजाब में राहत और बचाव कार्य तेज़ी से जारी।</li>
<li>नंगल से शुरू हुआ सफाई और सैनिटाइजेशन ड्राइव।</li>
<li>खुद शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मैदान में उतरकर निगरानी की।</li>
<li>गाँव-गाँव में फॉगिंग, सैनिटाइजेशन और सफाई का काम।</li>
<li>इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी विशेष टीकाकरण अभियान।</li>
<li>सरकार ने दिखाया कि संकट में जनता के साथ खड़े रहना ही असली सेवा है।</li>
</ul>
<p>यह पूरा अभियान दिखाता है कि पंजाब सरकार सिर्फ कागजों में काम करने वाली सरकार नहीं, बल्कि <strong>मैदान में उतरकर काम करने वाली सरकार</strong> है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab Government का “Operation Rahat” — Flood Victims और Farmers के लिए नई उम्मीद</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-governments-operation-rahat-a-new-ray-of-hope-for-flood-victims-and-farmers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Sep 2025 04:19:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[CMBhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[FarmersSupport]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार की ओर से शुरू किया गया “ऑपरेशन राहत” सचमुच बाढ़ से जूझ रहे परिवारों और किसानों के लिए सहारा बनकर उभरा है। शिक्षा मंत्री सदार हरजोत सिंह बैंस ने इस मुहिम की कमान खुद संभाली है, जिससे प्रभावित इलाकों में राहत और बहाली का काम तेजी से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार की ओर से शुरू किया गया “<strong>ऑपरेशन राहत</strong>” सचमुच बाढ़ से जूझ रहे परिवारों और किसानों के लिए सहारा बनकर उभरा है। शिक्षा मंत्री <strong>सदार हरजोत सिंह बैंस</strong> ने इस मुहिम की कमान खुद संभाली है, जिससे प्रभावित इलाकों में राहत और बहाली का काम तेजी से आगे बढ़ा है।</p>
<h3>क्या है ऑपरेशन राहत?</h3>
<ul>
<li>शिक्षा मंत्री बैंस ने अपने निजी परिवारिक कोष से <strong>₹5 </strong><strong>लाख</strong> की राशि देकर <strong>50 </strong><strong>प्रभावित घरों</strong> की मरम्मत और उनमें नई जान फूँकने का जिम्मा उठाया।</li>
<li>आनंदपुर साहिब और नंगल क्षेत्र जैसे बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित इलाकों का दौरा कर <strong>ऑपरेशन राहत</strong> की शुरुआत की।</li>
<li>मंत्री बैंस खुद, सरकारी स्कूलों में सफाई अभियान में हाथ बंटाते दिखे, जहाँ उन्होंने स्थानीय सरपंचों, युवाओं और वालंटियर्स के साथ मिलकर काम किया।</li>
<li>अभियान में <strong>डीडीटी स्प्रे</strong>, <strong>फॉगिंग</strong>, <strong>मेडिकल वेटनरी सेवाएं</strong>, सुरक्षित पानी, बिजली बहाली और सड़कों की मरम्मत जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया, ताकि बीमारियों को रोका जा सके और पशुओं की देखभाल हो सके।</li>
<li>अगले <strong>8–10 </strong><strong>दिनों</strong> के भीतर डाटा तैयार करने के बाद राहत कार्य बड़े पैमाने पर पूरे किए जाने की योजना है।</li>
<li>इसके पहले, मंत्री बैंस ने गंभीरपुर और नंगल स्थित अपने दो निजी आवास पीड़ित परिवारों के लिए खोलकर 24×7 भोजन, ठहरने और इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई।</li>
</ul>
<h3>ताज़ा अपडेट्स:</h3>
<ul>
<li><strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</strong> जल्द ही पंजाब का दौरा करेंगे, जिसमें वे बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और उम्मीद है कि राहत पैकेज की घोषणा करेंगे।</li>
<li>पंजाब सरकार ने पहली स्तर की रिपोर्ट में <strong>मुंबई ₹14,000 </strong><strong>करोड़</strong> के अनुमानित नुक़सान का आंकड़ा केंद्र को सौंपा है और तत्काल राहत की मांग की है।</li>
<li>जम्मू-कश्मीर और पंजाब में “ऑपरेशन राहत” के अंतर्गत <strong>भारतीय सेना (Western Command)</strong> ने बीते दो हफ़्तों में <strong>5,500 </strong><strong>से अधिक नागरिकों</strong> को बचाया, 27 टन से ज्यादा राहत सामग्री पहुंचाई, और <strong>300 </strong><strong>पैरामिलिट्री कर्मियों</strong> की सुरक्षा सुनिश्चित की।</li>
<li>पंजाब में अब तक <strong>46 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है, और लगभग <strong>2,000 </strong><strong>गाँव</strong> प्रभावित हुए हैं, जिसमें चार लाख से अधिक लोग जीवन को खतरे में महसूस कर रहे हैं। NDRF व SDRF की टीमों, 144 नौकाओं और हेलीकॉप्टर एवं राहत शिविरों की मदद से बचाव कार्य चल रहे हैं।</li>
<li>राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों (NATA Punjab) ने 7 सितम्बर को <strong>₹1.25 </strong><strong>लाख</strong> की अतिरिक्त राशि शिक्षा मंत्री बैंस को दी है, जिससे प्रभावित छात्रों की पढ़ाई में मदद मिलेगी।</li>
</ul>
<p><strong>ऑपरेशन राहत: एक नई उम्मीद की मिसाल</strong></p>
<p>“ऑपरेशन राहत” केवल एक सरकारी योजना नहीं है — यह संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और जनता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। हरजोत सिंह बैंस ने ज़मीनी स्तर पर काम करके साबित किया कि संकट के समय व्यक्तिगत स्तर पर भी बदलाव संभव है। इस पहल ने आनंदपुर साहिब हलके में लोगों को नई उम्मीद दी है, और यह सभी के लिए प्रेरणास्पद उदाहरण बन रहा है।</p>
<h3>सारांश:</h3>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>पहलू</strong></td>
<td><strong>विवरण</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>निजी योगदान</td>
<td>₹5 लाख (50 घरों की मरम्मत)</td>
</tr>
<tr>
<td>ज़मीनी प्रयास</td>
<td>स्कूल सफाई, डॉक्टर-फॉगिंग-डीडीटी, बिजली, सड़क, पशु देखभाल</td>
</tr>
<tr>
<td>राहत विस्तार</td>
<td>केंद्रीय दौरा, सेना के बचाव कार्य, व्यापक डेटा व मुआवज़ा योजना</td>
</tr>
<tr>
<td>शिक्षक सहयोग</td>
<td>NATA द्वारा ₹1.25 लाख की मदद</td>
</tr>
<tr>
<td>राज्य क्षति</td>
<td>₹14,000 करोड़ तक अनुमानित नुकसान, केंद्रीय राहत आग्रह</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
