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	<title>HeavyRainAlert &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>Jammu &#038; Kashmir में मौसम का मिजाज बदलता-बदलता – 15 August तक बारिश और Humidity से रहेगी दोहरी परेशानी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Aug 2025 04:08:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[#Rain]]></category>
		<category><![CDATA[FlashFlood]]></category>
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		<category><![CDATA[Humidity]]></category>
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					<description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर में इन दिनों मौसम का उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। रविवार की सुबह हल्की बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन दिन चढ़ते ही उमस और गर्मी ने फिर से परेशान कर दिया। जम्मू में रविवार को अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से ज्यादा है। आने वाले दिनों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जम्मू-कश्मीर में इन दिनों मौसम का उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। रविवार की सुबह हल्की बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन दिन चढ़ते ही उमस और गर्मी ने फिर से परेशान कर दिया। जम्मू में रविवार को अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से ज्यादा है।</p>
<p><strong>आने वाले दिनों का हाल</strong><br />
मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर का मौसम कभी गर्म और उमस भरा तो कभी बारिश वाला रहेगा।</p>
<ul>
<li>सोमवार को जम्मू संभाग में ज्यादातर जगहों पर <strong>गर्म और उमस भरा मौसम</strong> रहेगा, हालांकि कुछ इलाकों में <strong>हल्की बारिश</strong> और कहीं-कहीं <strong>तेज बौछारें</strong> भी गिर सकती हैं।</li>
<li>12 से 15 अगस्त के बीच जम्मू संभाग के कई इलाकों में <strong>हल्की से मध्यम बारिश</strong> और <strong>गरज-चमक के साथ बरसात</strong> होने की संभावना है।</li>
<li>कुछ क्षेत्रों में <strong>भारी बारिश</strong> भी हो सकती है। वहीं, कश्मीर संभाग में भी देर रात या सुबह के समय कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।</li>
</ul>
<p><strong>चेतावनी और संभावित खतरे</strong><br />
मौसम विभाग ने 12 से 15 अगस्त तक जम्मू संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान</p>
<ul>
<li>गरज-चमक के साथ बिजली गिरने,</li>
<li>तेज हवाएं चलने,</li>
<li>अचानक बाढ़ (Flash Flood),</li>
<li>भूस्खलन,</li>
<li>मिट्टी धसकने और पत्थर गिरने<br />
जैसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा, खासकर पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में।</li>
</ul>
<p><strong>लोगों के लिए सलाह</strong></p>
<ul>
<li>मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन इलाकों में जहां भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा ज्यादा रहता है।</li>
<li>यात्रा करने से पहले मौसम का अपडेट जरूर चेक करें।</li>
<li>तेज बारिश के दौरान नदियों, नालों और भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों से दूर रहें।</li>
</ul>
<p>कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर में 15 अगस्त तक लोगों को <strong>गर्मी और उमस</strong> के साथ-साथ <strong>बारिश और मौसम संबंधी खतरे</strong>—दोनों से जूझना पड़ सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>9 दिन पहले पूरी Country में पहुंचा Monsoon, Delhi-NCR सहित Northwest India में झमाझम बारिश की उम्मीद</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/monsoon-covers-entire-country-9-days-early-heavy-rain-expected-in-delhi-ncr-and-northwest-india/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Jun 2025 05:47:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[DelhiNCRRain]]></category>
		<category><![CDATA[EarlyMonsoon]]></category>
		<category><![CDATA[HeavyRainAlert]]></category>
		<category><![CDATA[IMDUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaWeather]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon]]></category>
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		<category><![CDATA[NorthwestIndia]]></category>
		<category><![CDATA[RainySeason]]></category>
		<category><![CDATA[WeatherNews]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत में इस बार मानसून ने समय से 9 दिन पहले ही पूरे देश को कवर कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को जानकारी दी कि मानसून दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बाकी बचे हिस्सों में भी पहुंच गया है। आमतौर पर मानसून पूरे देश में 8 जुलाई तक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारत में इस बार मानसून ने समय से 9 दिन पहले ही पूरे देश को कवर कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को जानकारी दी कि मानसून दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बाकी बचे हिस्सों में भी पहुंच गया है।</p>
<p>आमतौर पर मानसून पूरे देश में 8 जुलाई तक पहुंचता है, लेकिन इस बार यह 29 जून को ही हर कोने में छा गया। ये बीते 25 सालों में केवल चौथी बार हुआ है जब दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में एक ही दिन मानसून पहुंचा हो। पिछली बार ऐसा 13 जुलाई 2021 को हुआ था, जबकि अब तक का सबसे जल्दी यह 16 जून 2013 को हुआ था—उसी दिन उत्तराखंड के केदारनाथ में बादल फटने और बाढ़ की भयानक घटना हुई थी।</p>
<p>इस साल मानसून ने 24 मई को केरल से शुरुआत की थी, जो कि सामान्य तारीख से 8 दिन पहले है। इसके बाद 37 दिनों में पूरे भारत को कवर कर लिया। आमतौर पर मानसून को पूरे देश में फैलने में करीब 38 दिन लगते हैं।</p>
<p><strong>बारिश के आंकड़े और फसल पर असर</strong></p>
<p>IMD के आंकड़ों के अनुसार, 29 जून तक देशभर में सामान्य से 8% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। खासकर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में यह बढ़ोतरी ज्यादा रही है—यहां क्रमश: 37% और 24% ज्यादा बारिश हुई है। इससे जून महीने में बोआई (sowing) के काम को बढ़ावा मिला है।</p>
<p>हालांकि पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी हिस्सों में 16.7% और 1.7% बारिश की कमी रही है, लेकिन इसका खेती के कुल रकबे (acreage) पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। कृषि मंत्रालय के अनुसार, 20 जून तक देशभर में खरीफ फसलों की बोआई 138 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई थी, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10% ज्यादा है (तब यह 125 लाख हेक्टेयर था)।</p>
<p><strong>अगले </strong><strong>7 </strong><strong>दिन भारी बारिश की संभावना</strong></p>
<p>IMD ने अगले 7 दिनों के लिए चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। यह बारिश धान (paddy), गन्ना (sugarcane), कपास (cotton) जैसी खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार में मददगार साबित हो सकती है।</p>
<p><strong>जल्दी मानसून का मतलब ज्यादा बारिश नहीं होता</strong></p>
<p>मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के जल्दी या देर से शुरू होने या पूरे देश में जल्दी या देर से पहुंचने से कुल बारिश की मात्रा या उसके वितरण (distribution) पर कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ता। लेकिन इसका असर फसलों की बोआई की टाइमिंग और सिंचाई के चक्र (irrigation cycle) पर जरूर पड़ता है। किसान मानसून की चाल देखकर ही फसलों के चुनाव और बोआई की प्लानिंग करते हैं।</p>
<p>जल्दी मानसून ने इस बार किसानों को राहत दी है और बोआई की प्रक्रिया समय से पहले शुरू हो गई है। हालांकि मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए सतर्कता जरूरी है।</p>
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