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	<title>IndianFarmers &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>Chief Minister Bhagwant Mann बोले – अब तक 61.01 lakh metric tonnes paddy खरीदा गया, किसानों को ₹13,073 crore का भुगतान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Oct 2025 03:54:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[CM Punjab]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की हर संभव मदद कर रही है ताकि किसी किसान को मंडियों में परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 63.49 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचा, जिनमें से 61.01 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की हर संभव मदद कर रही है ताकि किसी किसान को मंडियों में परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक <strong>63.49 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचा</strong>, जिनमें से <strong>61.01 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है।</strong> किसानों को इसके बदले अब तक <strong>₹13,073 </strong><strong>करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान</strong> किया जा चुका है।</p>
<p>मुख्यमंत्री शुक्रवार को <strong>बस्सी पठाना और मोरिंडा की अनाज मंडियों</strong> के दौरे पर थे। उन्होंने वहां धान खरीद की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की उपज का <strong>एक-एक दाना खरीदा जाए</strong> और उठान (लिफ्टिंग) समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मंडियों में व्यवस्था इस तरह की गई है कि किसानों को न तो देरी हो और न कोई परेशानी।</p>
<p><strong>बाढ़ से खराब हुई फसल</strong><strong>, </strong><strong>केंद्र से मानदंडों में ढील की मांग</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार बाढ़ के कारण पंजाब के कई इलाकों में किसानों की फसल को बहुत नुकसान हुआ है। धान में <strong>नमी की मात्रा और बदरंग दानों की संख्या बढ़ गई</strong> है। इसलिए उन्होंने <strong>केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि धान की खरीद के लिए बनाए गए सख्त मानदंडों में ढील दी जाए</strong>, ताकि किसानों की मेहनत बेकार न जाए।</p>
<p>भगवंत मान ने बताया कि उन्होंने इस बारे में पहले भी केंद्र को चिट्ठी लिखी थी और अब दोबारा आग्रह किया है कि केंद्र किसानों की इस जरूरी मांग को स्वीकार करे। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बावजूद पंजाब देश के <strong>राष्ट्रीय अन्न भंडार में करीब </strong><strong>170 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन धान का योगदान</strong> देने की उम्मीद रखता है।</p>
<p><strong>केंद्र पर सौतेले व्यवहार का आरोप</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि <strong>बाढ़ राहत के लिए घोषित </strong><strong>₹1600 </strong><strong>करोड़</strong> की राशि अभी तक पंजाब को नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी आपदा के समय भी केंद्र का यह रवैया <strong>“</strong><strong>सौतेला व्यवहार</strong><strong>”</strong> दर्शाता है।<br />
उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा से देश का <strong>“</strong><strong>अन्नदाता</strong><strong>”</strong> रहा है और देश के हर संकट में आगे रहा है, इसलिए केंद्र को भी पंजाब के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।</p>
<p><strong>सरकार की </strong><strong>5 </strong><strong>बड़ी प्राथमिकताएं</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की पांच प्रमुख प्राथमिकताएं हैं —<br />
<strong>स्वास्थ्य</strong><strong>, </strong><strong>शिक्षा</strong><strong>, </strong><strong>बिजली</strong><strong>, </strong><strong>पानी और बुनियादी ढांचा (</strong><strong>infrastructure)</strong>।<br />
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इन सभी क्षेत्रों में तेजी से सुधार ला रही है ताकि लोगों का जीवन बेहतर हो सके।</p>
<p><strong>शिक्षा में नई उड़ान</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब पहले से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>
<ul>
<li><strong>265 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Mains</strong> के लिए योग्यता हासिल की है।</li>
<li><strong>44 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Advanced</strong> पास किया है।</li>
<li><strong>848 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>NEET </strong><strong>परीक्षा</strong> के लिए क्वालिफाई किया है।</li>
</ul>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य में <strong>“School of Eminence”</strong> बनाए गए हैं, जो विद्यार्थियों को क्वालिटी एजुकेशन (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) दे रहे हैं।</p>
<p><strong>आम आदमी क्लीनिक से </strong><strong>1.75 </strong><strong>करोड़ लोगों को राहत</strong></p>
<p>भगवंत मान ने कहा कि अब तक <strong>881 </strong><strong>आम आदमी क्लीनिक</strong> खोले जा चुके हैं और जल्द ही यह संख्या <strong>1000</strong> पार कर जाएगी।<br />
इन क्लीनिकों से अब तक <strong>1.75 </strong><strong>करोड़ लोगों को मुफ्त दवाइयां और इलाज</strong> मिल चुका है।<br />
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।</p>
<p><strong>90% </strong><strong>घरों को जीरो बिजली बिल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में <strong>90 </strong><strong>प्रतिशत घरों को अब जीरो बिजली बिल</strong> मिल रहे हैं।<br />
उन्होंने कहा कि पंजाब अब देश के लिए <strong>“</strong><strong>चानन मुनारा</strong><strong>” (light house)</strong> बनकर उभर रहा है, क्योंकि बिजली क्षेत्र में जो सुधार किए गए हैं, वे दूसरे राज्यों के लिए मिसाल हैं।</p>
<p><strong>गुरु तेग बहादुर जी के </strong><strong>350</strong><strong>वें शहीदी दिवस पर विशेष समारोह</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री <strong>गुरु तेग बहादुर जी के </strong><strong>350</strong><strong>वें शहीदी दिवस</strong> के अवसर पर राज्य सरकार पूरे प्रदेश में श्रद्धा के साथ समारोह आयोजित करेगी।<br />
मुख्य कार्यक्रम <strong>श्री आनंदपुर साहिब</strong> में होगा, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे <strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू</strong> को भी औपचारिक रूप से निमंत्रण देंगे।<br />
उन्होंने कहा कि इस समारोह का उद्देश्य लोगों में <strong>धर्मनिरपेक्षता</strong><strong>, </strong><strong>मानवता और बलिदान की भावना</strong> को बढ़ावा देना है, जैसा कि नौवें गुरु ने अपने जीवन से सिखाया।</p>
<p><strong>अंत में मुख्यमंत्री ने कहा:</strong></p>
<p>“पंजाब के किसानों की मेहनत का हर दाना खरीदा जाएगा। हमारी सरकार किसानों, विद्यार्थियों और आम जनता के साथ खड़ी है। पंजाब को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाना हमारा संकल्प है।”</p>
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			</item>
		<item>
		<title>Punjab में बाढ़ पीड़ित Farmers के लिए बड़ी राहत, Mann Government देगी 20,000 रुपये Per Acre Compensation</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/big-relief-for-flood-hit-farmers-in-punjab-mann-government-to-provide-%e2%82%b920000-per-acre-compensation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Sep 2025 04:21:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AgricultureSupport]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[CropLossRelief]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterRelief]]></category>
		<category><![CDATA[FarmerFirst]]></category>
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		<category><![CDATA[RuralDevelopment]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कई दिनों से हो रही भारी बारिश और नदियों में बढ़े जलस्तर के कारण खेत पानी में डूब गए हैं। हजारों एकड़ फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है और कई किसानों के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। ऐसे कठिन समय में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने किसानों की <strong>कमर तोड़ दी</strong> है। कई दिनों से हो रही भारी बारिश और नदियों में बढ़े जलस्तर के कारण खेत पानी में डूब गए हैं। हजारों एकड़ फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है और कई किसानों के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। ऐसे कठिन समय में पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने किसानों को राहत देने के लिए <strong>ऐतिहासिक कदम</strong> उठाया है।</p>
<p>सीएम मान ने घोषणा की कि जिन किसानों की फसल बाढ़ में बर्बाद हो गई है, उन्हें सरकार <strong>20,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> की दर से मुआवजा देगी। इतना ही नहीं, बाढ़ में <strong>जान गंवाने वाले परिवारों</strong> को <strong>4 </strong><strong>लाख रुपये</strong> की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। इसके अलावा, जिन खेतों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद <strong>रेत जम गई है</strong>, किसानों को उसे <strong>बेचने की अनुमति</strong> दी जाएगी। इससे उन्हें तुरंत नकदी मिलेगी और अगली फसल की बुवाई में मदद मिलेगी।</p>
<p><strong>बाढ़ का कहर: किसानों की हालत बेहद खराब</strong></p>
<p>इस बार की बाढ़ ने पंजाब के कई जिलों में <strong>भयावह स्थिति</strong> पैदा कर दी।</p>
<ul>
<li>सतलुज, ब्यास और अन्य नदियां <strong>उफान पर</strong> रहीं।</li>
<li>हजारों एकड़ की <strong>धान</strong><strong>, </strong><strong>मक्का</strong><strong>, </strong><strong>गन्ना और सब्जियों की फसल</strong> पूरी तरह नष्ट हो गई।</li>
<li>कई किसानों के घर और खलिहान <strong>पानी में बह गए या ढह गए</strong>।</li>
<li>खेतों में पानी उतरने के बाद मोटी परत में <strong>रेत और गाद</strong> जम गई है, जिससे खेती करना और भी मुश्किल हो गया है।</li>
</ul>
<p>किसानों का कहना है कि उनकी सालभर की मेहनत और लागत एक झटके में <strong>पानी में बह गई</strong>, जिससे वे कर्ज और आर्थिक तंगी के भारी बोझ तले दब गए हैं।</p>
<p><strong>देश में सबसे ज्यादा मुआवजा देगी पंजाब सरकार</strong></p>
<p>पंजाब सरकार का यह फैसला देश के अन्य राज्यों की तुलना में <strong>सबसे बड़ा और साहसिक कदम</strong> है।</p>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>राज्य</strong></td>
<td><strong>मुआवजा राशि (प्रति एकड़)</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>पंजाब</strong></td>
<td><strong>20,000 </strong><strong>रुपये</strong></td>
</tr>
<tr>
<td>हरियाणा</td>
<td>15,000 रुपये</td>
</tr>
<tr>
<td>गुजरात</td>
<td>8,900 रुपये</td>
</tr>
<tr>
<td>मध्य प्रदेश</td>
<td>12,950 रुपये</td>
</tr>
<tr>
<td>उत्तर प्रदेश</td>
<td>5,000 &#8211; 7,000 रुपये</td>
</tr>
<tr>
<td>राजस्थान</td>
<td>5,000 &#8211; 7,000 रुपये</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>इस तालिका से स्पष्ट है कि पंजाब सरकार ने किसानों के लिए सबसे अधिक मुआवजा तय किया है। यह फैसला किसानों की मेहनत और उनकी तकलीफ को समझते हुए लिया गया है।</p>
<p>सीएम भगवंत मान ने कहा,</p>
<p><em>&#8220;</em><em>अगर किसान डूबेगा</em><em>, </em><em>तो पूरी अर्थव्यवस्था डूब जाएगी। इसलिए सबसे पहले किसान को संभालना ज़रूरी है।&#8221;</em></p>
<p><strong>रेत बेचने की अनुमति: किसानों के लिए तुरंत राहत</strong></p>
<p>बाढ़ का पानी उतरने के बाद कई खेतों में मोटी परत में <strong>रेत और गाद</strong> जमा हो गई है।</p>
<ul>
<li>ऐसी जमीन पर दोबारा खेती करना <strong>काफी मुश्किल</strong> हो जाता है।</li>
<li>इस समस्या को देखते हुए सरकार ने किसानों को <strong>खेतों में जमी रेत बेचने की अनुमति</strong> दी है।</li>
<li>इससे किसानों को तुरंत <strong>नकद राशि</strong> मिल सकेगी।</li>
<li>यह पैसा खेतों की सफाई और अगली फसल की तैयारी में इस्तेमाल किया जा सकेगा।</li>
</ul>
<p>यह फैसला न केवल किसानों की आर्थिक दिक्कत को कम करेगा बल्कि उनके खेतों को <strong>खेत योग्य</strong> बनाने में भी मदद करेगा।</p>
<p><strong>मृतकों के परिजनों को </strong><strong>4 </strong><strong>लाख रुपये</strong></p>
<p>इस बाढ़ में कई लोगों ने अपनी <strong>जान गंवाई</strong> है।</p>
<ul>
<li>मान सरकार ने ऐसे परिवारों को <strong>4 </strong><strong>लाख रुपये की सहायता राशि</strong> देने की घोषणा की है।</li>
<li>यह मदद तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि परिवार को राहत मिले और वे अपनी ज़रूरी जरूरतें पूरी कर सकें।</li>
</ul>
<p><strong>सरकार का संकल्प: किसान है पंजाब की ताकत</strong></p>
<p>सीएम मान ने साफ किया कि पंजाब का किसान सिर्फ <strong>वोटर नहीं</strong>, बल्कि <strong>राज्य की असली ताकत</strong> है।</p>
<ul>
<li>संकट के समय सरकार किसानों को <strong>कभी अकेला नहीं छोड़ेगी</strong>।</li>
<li>यह मुआवजा केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि किसानों के प्रति सरकार की <strong>जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का संदेश</strong> है।</li>
<li>यह कदम किसानों में भरोसा और आत्मविश्वास जगाने का प्रयास है कि सरकार हर हाल में उनके साथ है।</li>
</ul>
<p>सीएम मान ने कहा कि यह राहत योजना <strong>कागजों तक सीमित नहीं</strong> रहेगी, बल्कि पूरी पारदर्शिता के साथ किसानों तक पहुंचेगी।</p>
<p><strong>किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण</strong></p>
<p>इस घोषणा ने बाढ़ से तबाह हुए किसानों में <strong>नई उम्मीद</strong> जगाई है।</p>
<ul>
<li>मुआवजा राशि से किसान अपने <strong>खेतों को दोबारा तैयार</strong> कर पाएंगे।</li>
<li>घरों की मरम्मत और <strong>अगली फसल की बुवाई</strong> के लिए मदद मिलेगी।</li>
<li>खेतों में जमी रेत बेचकर किसान तुरंत पैसा कमा सकेंगे।</li>
</ul>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला न केवल आर्थिक मदद देगा, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी देगा कि उनकी तकलीफ को सरकार ने समझा है।</p>
<p><strong>मुख्य बिंदु संक्षेप में:</strong></p>
<ul>
<li><strong>20,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> मुआवजा बाढ़ में फसल गंवाने वाले किसानों के लिए।</li>
<li>बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को <strong>4 </strong><strong>लाख रुपये</strong> की सहायता राशि।</li>
<li>खेतों में जमी <strong>रेत बेचने की अनुमति</strong>, ताकि किसान तुरंत नकदी जुटा सकें।</li>
<li>मुआवजा राशि <strong>देशभर में सबसे अधिक</strong>।</li>
<li>पंजाब सरकार का संदेश – किसान पंजाब की <strong>रीढ़ की हड्डी</strong> हैं और उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।</li>
</ul>
<p>यह फैसला पंजाब सरकार की <strong>संवेदनशीलता और दूरदर्शिता</strong> को दर्शाता है। जब पूरा राज्य बाढ़ की मार झेल रहा है, तब यह राहत योजना किसानों के लिए एक <strong>नई शुरुआत</strong> और <strong>भरोसे का प्रतीक</strong> है।<br />
किसान की जीत ही पंजाब की जीत है, और मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह हर मुश्किल वक्त में किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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