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	<title>July9Strike &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>9 July को Bharat Bandh: क्या खुलेगा, क्या रहेगा बंद? जानिए strike का असर किस-किस पर पड़ेगा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Jul 2025 06:56:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[BankStrike]]></category>
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		<category><![CDATA[FarmersProtest]]></category>
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					<description><![CDATA[देशभर में 9 जुलाई 2025, बुधवार को एक बार फिर भारत बंद का ऐलान किया गया है। यह हड़ताल 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसानों व ग्रामीण मजदूर संगठनों के संयुक्त मंच की ओर से बुलाई गई है। बंद का मकसद केंद्र सरकार की उन नीतियों का विरोध करना है, जिन्हें यूनियन &#8220;कॉरपोरेट-परस्त, मज़दूर-विरोधी और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देशभर में 9 जुलाई 2025, बुधवार को एक बार फिर भारत बंद का ऐलान किया गया है। यह हड़ताल 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसानों व ग्रामीण मजदूर संगठनों के संयुक्त मंच की ओर से बुलाई गई है। बंद का मकसद केंद्र सरकार की उन नीतियों का विरोध करना है, जिन्हें यूनियन &#8220;कॉरपोरेट-परस्त, मज़दूर-विरोधी और किसान-विरोधी&#8221; बता रही हैं।</p>
<p>आयोजकों का दावा है कि इस बंद में <strong>25 </strong><strong>करोड़ से ज्यादा मज़दूर और कर्मचारी</strong> हिस्सा लेंगे, जिससे बैंकिंग, पोस्टल, कोयला खनन, सरकारी विभाग, परिवहन जैसे कई सेक्टरों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।</p>
<p><strong>बंद क्यों बुलाया गया है</strong><strong>?</strong></p>
<p>संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच का कहना है कि सरकार पिछले <strong>10 </strong><strong>सालों से लेबर कॉन्फ्रेंस</strong> नहीं कर रही है, <strong>चार नए लेबर कोड</strong> थोपने की कोशिश हो रही है जो यूनियनों की ताकत कमजोर कर देंगे।</p>
<p>आरोप है कि:</p>
<ul>
<li><strong>नौकरी की जगह कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को बढ़ावा</strong> दिया जा रहा है।</li>
<li>युवा बेरोजगार घूम रहे हैं लेकिन <strong>सरकारी नौकरियों में भर्ती नहीं</strong> हो रही।</li>
<li><strong>महंगाई बढ़ रही है</strong>, वेतन में बढ़ोतरी नहीं हो रही।</li>
<li>शिक्षा, स्वास्थ्य और ज़रूरी सेवाओं में <strong>सरकारी खर्च घटाया</strong> जा रहा है।</li>
<li><strong>मजदूरों के हक जैसे सामूहिक सौदेबाज़ी और हड़ताल का अधिकार छीना जा रहा है।</strong></li>
</ul>
<p><strong>कौन-कौन से संगठन भारत बंद का हिस्सा हैं</strong><strong>?</strong></p>
<p>इस बंद में जो बड़े ट्रेड यूनियन शामिल हैं, उनमें शामिल हैं:</p>
<ul>
<li>इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC)</li>
<li>ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC)</li>
<li>हिंद मजदूर सभा (HMS)</li>
<li>सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (CITU)</li>
<li>ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC)</li>
</ul>
<p>इनके साथ <strong>किसान संगठनों</strong> और <strong>ग्रामीण मजदूर यूनियनों</strong> का भी समर्थन है।</p>
<p><strong>बंद से किन सेवाओं पर पड़ेगा असर</strong><strong>?</strong></p>
<p>बंद का असर <strong>सरकारी और कुछ प्राइवेट सेक्टरों</strong> में देखने को मिल सकता है:</p>
<ul>
<li><strong>बैंकिंग सेवाएं:</strong><br />
पब्लिक सेक्टर बैंक और को-ऑपरेटिव बैंक के कर्मचारी बंद में शामिल हो सकते हैं। इसलिए <strong>ब्रांच सर्विस, </strong><strong>चेक क्लियरेंस, </strong><strong>ग्राहक सेवा</strong> जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।</li>
<li><strong>पोस्टल सर्विस:</strong><br />
पोस्ट ऑफिसों में भी कामकाज ठप रहने की संभावना है।</li>
<li><strong>कोयला खनन और फैक्ट्रियां:</strong><br />
कोल सेक्टर और स्टील कंपनियों के कर्मचारी भी बंद में शामिल हो सकते हैं।</li>
<li><strong>राज्य परिवहन सेवाएं:</strong><br />
कुछ राज्यों में <strong>बस सेवाएं</strong> प्रभावित हो सकती हैं।</li>
<li><strong>सरकारी विभाग और पब्लिक सेक्टर यूनिट्स:</strong><br />
NMDC, स्टील प्लांट्स जैसी कंपनियों के कर्मचारी बंद में भाग ले सकते हैं।</li>
</ul>
<p><strong>क्या-क्या रहेगा खुला</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li><strong>स्कूल-कॉलेज:</strong><br />
अभी तक स्कूल और कॉलेज बंद करने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। ये <strong>खुले रह सकते हैं</strong>।</li>
<li><strong>प्राइवेट ऑफिस:</strong><br />
अधिकतर प्राइवेट दफ्तर सामान्य तरीके से काम करेंगे।</li>
</ul>
<p><strong>रेलवे सेवाएं पर क्या असर होगा</strong><strong>?</strong></p>
<p>रेलवे यूनियनों ने अभी तक <strong>औपचारिक रूप से बंद में शामिल होने का ऐलान नहीं</strong> किया है, लेकिन:</p>
<ul>
<li>कई इलाकों में <strong>प्रदर्शनकारियों द्वारा रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन</strong> हो सकता है।</li>
<li>इससे कुछ जगहों पर <strong>ट्रेन लेट या कैंसिल</strong> हो सकती हैं।</li>
<li><strong>रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है।</strong></li>
</ul>
<p><strong>यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले ट्रेन की जानकारी चेक कर लें।</strong></p>
<p><strong>किसानों और ग्रामीण मजदूरों का समर्थन</strong></p>
<p><strong>संयुक्त किसान मोर्चा</strong> और <strong>कृषि मजदूर संगठनों</strong> ने भी बंद को समर्थन दिया है। गांवों से लोग <strong>बड़ी संख्या में प्रदर्शन</strong> में शामिल हो सकते हैं।</p>
<p>किसानों का आरोप है:</p>
<ul>
<li><strong>बेरोजगारी बढ़ रही है।</strong></li>
<li><strong>ज़रूरी चीज़ों की कीमतें आसमान पर</strong> हैं।</li>
<li><strong>सरकारी खर्च में कटौती</strong> से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हैं।</li>
</ul>
<p><strong>अतिरिक्त आरोप और मुद्दे</strong></p>
<ul>
<li>कुछ राज्यों में <strong>संवैधानिक संस्थाओं का गलत इस्तेमाल</strong> होने का आरोप।</li>
<li><strong>प्रदर्शन को क्रिमिनल</strong> बनाने वाले कानूनों जैसे महाराष्ट्र का पब्लिक सिक्योरिटी बिल पर आपत्ति।</li>
<li><strong>बिहार में वोटर लिस्ट से प्रवासी मजदूरों को हटाने</strong> की कोशिश का विरोध।</li>
<li>नागरिक अधिकारों पर <strong>खतरे की आशंका</strong>।</li>
</ul>
<p><strong>नतीजा: बंद का असर देशभर में दिख सकता है</strong></p>
<p>ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों का कहना है कि 9 जुलाई को होने वाला <strong>भारत बंद एकजुट विरोध का प्रतीक</strong> होगा। यह शहरी और ग्रामीण भारत की आवाज़ को एक मंच पर लाने की कोशिश है।</p>
<p><strong>लोगों से अपील की गई है कि वे समझदारी से अपनी यात्रा और ज़रूरी कामों की योजना बनाएं।</strong></p>
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