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	<title>Leadership &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>Punjab’s Women DCs आगे बढ़कर कर रही है नेतृत्व: जानिए कैसे APP की Transparency Revolution ला रही है महिलाओं को Government Service में और आगे</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjabs-women-dcs-leading-the-way-how-aaps-transparency-revolution-is-empowering-women-in-government-service/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Nov 2025 07:06:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी अब भी काफी कम है। आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में महिलाओं का सरकारी कार्यबल सिर्फ 15-18% है, और ज़िला स्तर के प्रशासनिक पदों पर यह संख्या और भी कम है। पूरे भारत में भी सिविल सेवाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 11-13% ही है। इस लैंगिक अंतर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी अब भी काफी कम है। आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में महिलाओं का सरकारी कार्यबल सिर्फ <strong>15-18%</strong> है, और ज़िला स्तर के प्रशासनिक पदों पर यह संख्या और भी कम है। पूरे भारत में भी सिविल सेवाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग <strong>11-13%</strong> ही है।</p>
<p>इस लैंगिक अंतर को देखते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने कई नई पहल शुरू की हैं। इन पहलों का उद्देश्य है महिलाओं, खासकर गांव की महिलाओं, को प्रशासनिक करियर बनाने के लिए प्रेरित और सशक्त बनाना। इसके लिए सरकार ने पारदर्शिता और डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए सरकारी कामकाज को लोगों के लिए आसान और स्पष्ट बना दिया है।</p>
<p><strong>महिला </strong><strong>DC </strong><strong>का नेतृत्व और उनके काम</strong></p>
<p>पंजाब में अब कई जिलों की कमान महिलाओं के हाथ में है। ये महिलाएं न सिर्फ पद पर हैं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर शासन को बेहतर और पारदर्शी बनाने में भी लगी हैं।</p>
<ol>
<li><strong>अमृतसर </strong><strong>– DC </strong><strong>साक्षी साहनी</strong>
<ul>
<li>साक्षी साहनी ने डिजिटल शासन अभियानों के जरिए <strong>राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता</strong> लाई है।</li>
<li>भूमि दस्तावेज अब आम लोगों, खासकर महिला संपत्ति मालिकों के लिए बिना किसी बिचौलिए के उपलब्ध हैं।</li>
<li>सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुधारकर यह सुनिश्चित किया कि लाभ सही लोगों तक पहुंचे।</li>
<li>महिला और बाल विकास कार्यक्रमों की निगरानी कर दूरदराज के गांवों तक योजनाओं को पहुँचाया।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>होशियारपुर </strong><strong>– DC </strong><strong>कोमलप्रीत कौर</strong>
<ul>
<li>ग्रामीण विकास और कृषि पर ध्यान देते हुए लंबे समय से लंबित इन्फ्रास्ट्रक्चर समस्याओं को हल किया।</li>
<li>पंचायतों के साथ मिलकर योजनाओं में पारदर्शिता लागू की और <strong>digital platform</strong> पर प्रोजेक्ट अपडेट साझा किए।</li>
<li>इससे भ्रष्टाचार कम हुआ और महिलाओं को स्थानीय शासन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>मोहाली </strong><strong>– DC </strong><strong>कोमल मित्तल</strong>
<ul>
<li>तकनीकी दृष्टिकोण अपनाकर सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और आसानी से उपलब्ध कराया।</li>
<li>सरकारी कार्यालयों में बार-बार जाने की जरूरत कम की, जिससे कामकाजी महिलाओं और गांव की महिलाओं के लिए सुविधा बढ़ी।</li>
<li>महिला सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित की।</li>
</ul>
</li>
</ol>
<p><strong>आपातकाल और संकट प्रबंधन में नेतृत्व</strong></p>
<p>इस मानसून में पंजाब में बाढ़ आई, जिसमें इन महिला DC ने उत्कृष्ट नेतृत्व दिखाया:</p>
<ul>
<li><strong>साक्षी साहनी (अमृतसर)</strong> – 24 घंटे राहत अभियानों का समन्वय, निकासी की निगरानी और राहत शिविरों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित।</li>
<li><strong>होशियारपुर में आशिका जैन</strong> – स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर फसल क्षति रोकने और प्रभावित किसानों को तुरंत सहायता प्रदान की।</li>
<li><strong>कोमल मित्तल (मोहाली)</strong> – निवारक उपाय और रियल टाइम निगरानी प्रणाली के जरिए बाढ़ के प्रभाव को कम किया।</li>
</ul>
<p>इन महिलाओं ने संकट के समय शांत और निर्णायक नेतृत्व दिखाकर प्रशासन में मिसाल कायम की।</p>
<p><strong>पारदर्शिता और लोगों की भागीदारी</strong></p>
<p>पंजाब सरकार ने जनता के लिए शासन को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं:</p>
<ul>
<li><strong>जनता दरबार (</strong><strong>Public Hearings)</strong> – गांव की महिलाएं और नागरिक सीधे अपने मुद्दे अधिकारियों को बता सकते हैं।</li>
<li><strong>ऑनलाइन शिकायत निवारण (</strong><strong>Online Complaint Redressal)</strong> – सरकारी कामकाज अब रहस्यमय नहीं, बल्कि स्पष्ट और जवाबदेह हो गया है।</li>
<li><strong>सोशल मीडिया अपडेट</strong> – प्रशासन की गतिविधियों को आम लोगों तक पहुँचाना।</li>
</ul>
<p>इससे लोगों को यह भरोसा मिला कि सरकारी कार्यालय सुरक्षित और सम्मानजनक हैं, और केवल कनेक्शन नहीं, बल्कि योग्यता मायने रखती है।</p>
<p><strong>सामाजिक असर और महिलाओं को सशक्त बनाना</strong></p>
<p>महिला DC के नेतृत्व ने ग्रामीण और युवा महिलाओं को प्रेरित किया है कि सरकारी सेवा एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर विकल्प हो सकता है। पंजाब सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि महिला अधिकारी सिर्फ नाममात्र की न हों, बल्कि उन्हें <strong>पूर्ण अधिकार और जिम्मेदारी</strong> के साथ काम करने दिया जाए।</p>
<p>इन महिला अधिकारियों की सफलता की कहानियाँ भविष्य की महिला सिविल सेवकों के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। यह दिखाती है कि जब अवसर और समर्थन मिलता है, तो महिलाएँ केवल प्रशासन में भाग नहीं लेती, बल्कि उसमें <strong>excellent leadership</strong> भी दिखाती हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Nepal में सियासी भूचाल: Sushila Karki बनीं पहली Female Prime Minister, GenZ Protests के बाद KP Oli का Resigns, March में होंगे Elections</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/political-upheaval-in-nepal-sushila-karki-becomes-first-female-prime-minister-after-gen-z-protests-kp-oli-resigns-elections-scheduled-for-march/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Sep 2025 07:16:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[FemalePrimeMinister]]></category>
		<category><![CDATA[GenZProtests]]></category>
		<category><![CDATA[InterimGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[Kathmandu]]></category>
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		<category><![CDATA[SushilaKarki]]></category>
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					<description><![CDATA[नेपाल इन दिनों बड़े राजनीतिक बदलावों से गुजर रहा है। पिछले हफ्ते सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुए Gen Z प्रोटेस्ट्स ने पूरे देश की राजनीति को हिला कर रख दिया। इन प्रदर्शनों में हिंसा के चलते 51 लोगों की मौत हो गई और 1,300 से ज्यादा लोग घायल हुए। हालात बेकाबू होने पर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नेपाल इन दिनों बड़े राजनीतिक बदलावों से गुजर रहा है। पिछले हफ्ते सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुए <strong>Gen Z </strong><strong>प्रोटेस्ट्स</strong> ने पूरे देश की राजनीति को हिला कर रख दिया। इन प्रदर्शनों में हिंसा के चलते <strong>51 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो गई और <strong>1,300 </strong><strong>से ज्यादा लोग घायल</strong> हुए। हालात बेकाबू होने पर आखिरकार <strong>प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली</strong> को <strong>9 </strong><strong>सितंबर</strong> को इस्तीफा देना पड़ा।</p>
<p>शुक्रवार (<strong>12 </strong><strong>सितंबर</strong>) को नेपाल की सियासत में ऐतिहासिक कदम उठाया गया जब <strong>पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की (</strong><strong>73)</strong> ने <strong>नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री</strong> के रूप में शपथ ली। वे एक <strong>इंटरिम गवर्नमेंट (अंतरिम सरकार)</strong> की कमान संभालेंगी, जिसका मुख्य काम <strong>6 </strong><strong>महीने के भीतर चुनाव कराना</strong> होगा।</p>
<p><strong>कैसे बनीं सुशीला कार्की अंतरिम प्रधानमंत्री</strong></p>
<p>सुशीला कार्की का नाम युवाओं और जनता की तरफ से सुझाया गया, क्योंकि उन्हें <strong>ईमानदार और गैर-राजनीतिक चेहरा</strong> माना जाता है।<br />
राष्ट्रपति <strong>राम चंद्र पौडेल</strong>, <strong>नेपाल आर्मी चीफ जनरल अशोक राज सिग्देल</strong> और <strong>Gen Z </strong><strong>आंदोलन के नेताओं</strong> के बीच कई दौर की बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया।</p>
<ul>
<li>राष्ट्रपति पौडेल ने संसद को भंग कर <strong>5 </strong><strong>मार्च </strong><strong>2026</strong> को <strong>नए चुनाव कराने</strong> का ऐलान किया।</li>
<li>शपथ ग्रहण कार्यक्रम <strong>राष्ट्रपति भवन</strong><strong>, </strong><strong>शीतल निवास</strong> में हुआ, जिसे लाइव टेलीविजन पर दिखाया गया।</li>
</ul>
<p><strong>सुशीला कार्की का सफर </strong><strong>– </strong><strong>गांव की बेटी से देश की प्रधानमंत्री तक</strong></p>
<ul>
<li><strong>जन्म और पढ़ाई:</strong>
<ul>
<li>1952 में नेपाल के पूर्वी हिस्से के एक किसान परिवार में जन्म।</li>
<li><strong>BA (1972)</strong> – महेंद्र मोरंग कैंपस, नेपाल</li>
<li><strong>MA (Political Science) (1975)</strong> – बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU), वाराणसी, भारत</li>
<li><strong>LLB (1978)</strong> – त्रिभुवन यूनिवर्सिटी, काठमांडू</li>
</ul>
</li>
<li><strong>करियर की शुरुआत:</strong>
<ul>
<li>1979 से बिराटनगर में वकालत शुरू की।</li>
<li>1985 में महेंद्र मल्टिपल कैंपस, धरान में असिस्टेंट टीचर रहीं।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>न्यायपालिका में योगदान:</strong>
<ul>
<li>2009 में सुप्रीम कोर्ट में अस्थायी जज बनीं।</li>
<li>2010 में स्थायी जज बनीं।</li>
<li><strong>2016 </strong><strong>में पहली महिला चीफ जस्टिस</strong> बनीं।</li>
<li>भ्रष्टाचार के खिलाफ कई सख्त फैसले सुनाए।</li>
<li>2017 में उन पर <strong>इम्पीचमेंट मोशन (महाभियोग)</strong> लाया गया, लेकिन जनता के जबरदस्त समर्थन और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह हट गया।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>महत्वपूर्ण केस:</strong>
<ul>
<li>इंफॉर्मेशन और कम्युनिकेशन मिनिस्टर <strong>जय प्रकाश प्रसाद गुप्ता</strong> को भ्रष्टाचार केस में दोषी करार दिया।</li>
</ul>
</li>
</ul>
<p><strong>भारत से जुड़ाव: </strong><strong>BHU </strong><strong>में पढ़ाई और हाइजैकिंग कनेक्शन</strong></p>
<p>सुशीला कार्की का भारत से गहरा रिश्ता है।</p>
<ul>
<li>BHU में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात <strong>दुर्गा प्रसाद सुवेदी</strong> से हुई, जो बाद में उनके पति बने।</li>
<li>सुवेदी 1973 में <strong>नेपाल एयरलाइंस के हाइजैकिंग</strong> केस में शामिल थे।
<ul>
<li>इस विमान में करीब <strong>40 </strong><strong>लाख नेपाली रुपए</strong> (उस समय लगभग $400,000) थे, जो <strong>नेपाल स्टेट बैंक</strong> के थे।</li>
<li>यह प्लेन बिहार के <strong>फोर्ब्सगंज</strong> में उतारा गया।</li>
<li>यह पैसा नेपाल में <strong>राजशाही के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष</strong> के लिए हथियार खरीदने में इस्तेमाल हुआ।</li>
<li>सुवेदी और अन्य साथियों को भारत में गिरफ्तार कर 2 साल जेल में रखा गया, बाद में वे नेपाल लौट आए।</li>
</ul>
</li>
</ul>
<p><strong>Gen Z </strong><strong>आंदोलन </strong><strong>– </strong><strong>क्यों भड़की हिंसा</strong></p>
<ul>
<li>ओली सरकार ने <strong>सोशल मीडिया पर बैन</strong> लगा दिया था।</li>
<li>यह फैसला <strong>आवाज दबाने की कोशिश</strong> माना गया और इसका सीधा असर युवाओं पर पड़ा।</li>
<li>इसके बाद <strong>Gen Z</strong> यानी युवा पीढ़ी ने पूरे देश में आंदोलन शुरू कर दिया।</li>
<li>आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच <strong>भयंकर हिंसा</strong> हुई।
<ul>
<li>51 लोगों की मौत हुई।</li>
<li>1,300 से ज्यादा घायल हुए।</li>
<li>मारे गए लोगों में <strong>21 </strong><strong>प्रदर्शनकारी</strong><strong>, 9 </strong><strong>कैदी</strong><strong>, 3 </strong><strong>पुलिसकर्मी और </strong><strong>18 </strong><strong>अन्य लोग</strong> शामिल थे।</li>
</ul>
</li>
</ul>
<p><strong>काठमांडू मेयर बालन शाह</strong> ने प्रदर्शनकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि &#8220;Gen Z ने देश में बदलाव लाने के लिए जो कुर्बानी दी है, वह हमेशा याद रखी जाएगी।&#8221;</p>
<p><strong>हालात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं</strong></p>
<ul>
<li>शनिवार (<strong>13 </strong><strong>सितंबर</strong>) को सरकार ने <strong>कर्फ्यू और सभी प्रतिबंध हटाने</strong> का फैसला किया।</li>
<li>दुकानें, बाजार और मॉल फिर से खुल गए हैं।</li>
<li>सड़कों पर ट्रैफिक धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।</li>
<li>अब पुलिस <strong>राइफल्स की जगह सिर्फ डंडे</strong> लेकर तैनात है, ताकि हिंसा न बढ़े।</li>
</ul>
<p><strong>भारत और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया</strong></p>
<ul>
<li><strong>PM </strong><strong>नरेंद्र मोदी</strong> ने सुशीला कार्की को बधाई देते हुए कहा कि <em>&#8220;</em><em>भारत नेपाल की शांति और तरक्की के लिए हमेशा साथ रहेगा।&#8221;</em></li>
<li><strong>भारत के विदेश मंत्रालय (</strong><strong>MEA)</strong> ने भी बयान जारी कर कहा कि भारत <strong>नेपाल के साथ मिलकर स्थिरता और विकास के लिए काम करता रहेगा।</strong></li>
</ul>
<p><strong>आगे क्या होगा</strong></p>
<ul>
<li>नेपाल में <strong>अगले </strong><strong>6 </strong><strong>महीने में चुनाव कराए जाएंगे</strong>।</li>
<li>अंतरिम सरकार का फोकस <strong>शांति</strong><strong>, </strong><strong>स्थिरता और पारदर्शी चुनाव</strong> पर होगा।</li>
<li>सुशीला कार्की की ईमानदार छवि और न्यायिक अनुभव से जनता को नई उम्मीद मिली है।</li>
</ul>
<p>नेपाल में यह बदलाव <strong>युवा शक्ति और जनता की ताकत</strong> का नतीजा है।<br />
सुशीला कार्की का प्रधानमंत्री बनना न सिर्फ <strong>महिला सशक्तिकरण</strong> की मिसाल है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि <strong>लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे ऊपर है</strong>।<br />
आने वाले 6 महीने नेपाल के लिए बेहद अहम होंगे, जो तय करेंगे कि देश <strong>शांति और विकास की राह</strong> पर आगे बढ़ेगा या फिर सियासी अस्थिरता जारी रहेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Parliament में Rahul Gandhi को लेकर Rijiju का बड़ा हमला, बोले- Congress MPs खुद हो जाते हैं Uncomfortable</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/big-attack-on-rahul-gandhi-in-parliament-rijiju-says-congress-mps-themselves-become-uncomfortable/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 Aug 2025 04:36:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
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					<description><![CDATA[संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने शनिवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी संसद में बोलते हैं, तो खुद कांग्रेस के सांसद &#8220;uncomfortable&#8221; हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि कहीं वह “अनाप-शनाप” बातें न कह दें [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>संसदीय कार्य मंत्री <strong>किरन रिजिजू</strong> ने शनिवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता <strong>राहुल गांधी</strong> पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी संसद में बोलते हैं, तो खुद कांग्रेस के सांसद <em>&#8220;uncomfortable&#8221;</em> हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि कहीं वह <em>“</em><em>अनाप-शनाप”</em> बातें न कह दें और पार्टी को उसका खामियाज़ा न भुगतना पड़े।</p>
<h3>राहुल गांधी अपनी पार्टी की भी नहीं सुनते: रिजिजू</h3>
<p>एजेंसी <strong>ANI</strong> को दिए इंटरव्यू में रिजिजू ने कहा,<br />
<em>&#8220;</em><em>राहुल गांधी कुछ बोलते हैं तो उनके MPs </em><em>घबरा जाते हैं। उन्हें डर होता है कि वो कुछ ऐसा न बोल दें जिससे पार्टी को नुकसान उठाना पड़े। वह अपने लोगों की भी नहीं सुनते।&#8221;</em></p>
<p>रिजिजू ने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी राहुल गांधी को <em>“</em><em>चौकीदार चोर है”</em> वाले बयान पर फटकार लगाई थी। इसके अलावा राफेल डील और <em>चीन ने जमीन कब्जा ली</em> जैसे बयानों पर भी राहुल गांधी को आलोचना का सामना करना पड़ा।</p>
<h3>&#8220;अगर राहुल नहीं बोल पाते, तो दूसरों को क्यों रोका जाता है?&#8221;</h3>
<p>रिजिजू ने कहा कि कई कांग्रेस नेता योग्य और जानकार हैं, लेकिन उन्हें बोलने का मौका ही नहीं मिलता।<br />
<em>&#8220;</em><em>अगर राहुल गांधी को बोलना नहीं आता, </em><em>तो इसका मतलब ये नहीं कि दूसरे कांग्रेस MPs </em><em>को भी रोक दिया जाए।&#8221;</em><br />
उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह संसद की चर्चाओं में हिस्सा लें, ताकि जनता के मुद्दे उठाए जा सकें।</p>
<h3>संसद सत्र में हंगामे से कामकाज ठप</h3>
<p>इस बार का <strong>मानसून सत्र</strong> भारी हंगामे और स्थगन की वजह से लगभग ठप रहा।</p>
<ul>
<li><strong>लोकसभा</strong> की उत्पादकता सिर्फ <strong>31%</strong> रही।</li>
<li><strong>राज्यसभा</strong> की उत्पादकता <strong>39%</strong> रही।</li>
<li>लोकसभा में 120 घंटे उपलब्ध थे, लेकिन चर्चा केवल 37 घंटे चली।</li>
<li>राज्यसभा में 41 घंटे 15 मिनट ही चर्चा हो सकी।</li>
</ul>
<p>हालांकि हंगामे के बीच संसद ने <strong>15 </strong><strong>अहम बिल पारित किए</strong>।</p>
<h3>संविधान संशोधन बिल पर बड़ी घोषणा</h3>
<p>सत्र के दौरान सरकार ने एक <strong>संविधान संशोधन बिल</strong> पेश किया। इसके अनुसार –</p>
<ul>
<li>अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई भी मंत्री किसी <strong>गंभीर आपराधिक मामले</strong> में गिरफ्तार होकर जेल जाता है, तो उसे तुरंत पद छोड़ना होगा।</li>
<li>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कहा कि उन्हें इस कानून से <strong>कोई छूट नहीं चाहिए</strong>।<br />
<em>&#8220;PM </em><em>भी देश का नागरिक है, </em><em>अगर गुनाह करेगा तो जेल जाएगा और पद छोड़ना पड़ेगा।&#8221;</em></li>
</ul>
<p>रिजिजू ने कहा कि यह बिल विपक्ष को भी समर्थन करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने सिर्फ हंगामा किया।</p>
<h3>सत्र सरकार के लिए सफल, विपक्ष के लिए असफल</h3>
<p>रिजिजू के मुताबिक,<br />
<em>&#8220;</em><em>संसद का मानसून सत्र राष्ट्र के नजरिये से सफल रहा, </em><em>लेकिन विपक्ष के नजरिये से पूरी तरह नाकाम रहा। विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा है।&#8221;</em></p>
<p>इस पूरे विवाद ने एक बार फिर राहुल गांधी की संसद में भूमिका और कांग्रेस की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab में Flood Situation: Mann Government का Action Plan, 8 Cabinet Ministers Field पर उतरे</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/flood-situation-in-punjab-mann-governments-action-plan-8-cabinet-ministers-deployed-in-the-field/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Aug 2025 11:06:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[ActionPlan]]></category>
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		<category><![CDATA[DisasterManagement]]></category>
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		<category><![CDATA[SpecialSurvey]]></category>
		<category><![CDATA[Trust]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में बाढ़ से बिगड़े हालातों के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में दिख रही है। जहां कई बार संकट के समय सरकारें सिर्फ बैठकों तक सीमित रह जाती हैं, वहीं मान सरकार ने तुरंत ज़मीनी स्तर पर कदम उठाए हैं। सबसे पहले सरकार ने 2 करोड़ रुपये की राहत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में बाढ़ से बिगड़े हालातों के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में दिख रही है। जहां कई बार संकट के समय सरकारें सिर्फ बैठकों तक सीमित रह जाती हैं, वहीं मान सरकार ने तुरंत ज़मीनी स्तर पर कदम उठाए हैं।</p>
<p>सबसे पहले सरकार ने <strong>2 </strong><strong>करोड़ रुपये की राहत राशि</strong> जारी की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने <strong>8 </strong><strong>कैबिनेट मंत्रियों को सीधे फील्ड पर भेज दिया</strong>, ताकि वो खुद हालात का जायज़ा लें, लोगों की समस्याएं सुनें और तुरंत मदद सुनिश्चित करें। इतना ही नहीं, किसानों और प्रभावित परिवारों को सही मुआवज़ा देने के लिए <strong>स्पेशल गिरदावरी</strong> के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।</p>
<p><strong>बाढ़ रोकथाम के लिए बनी योजनाएं हुईं कामयाब</strong></p>
<p>पिछले तीन सालों में पंजाब सरकार ने <strong>276 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> खर्च कर बाढ़ से बचाव का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया था। आज उसका असर साफ़ देखने को मिला।</p>
<ul>
<li>कई जगहों पर बांध और नहरों की मज़बूती से हालात काबू में रहे।</li>
<li>सरकार ने दिखा दिया कि आपदा प्रबंधन सिर्फ राहत तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि <strong>पहले से तैयारी और रोकथाम</strong> भी उतनी ही ज़रूरी है।</li>
</ul>
<p><strong>मंत्री खुद पहुंचे ज़मीन पर</strong></p>
<ul>
<li><strong>तरनतारन और फिरोजपुर</strong>: जल संसाधन मंत्री <strong>बरिंदर कुमार गोयल</strong> और मंत्री <strong>लालजीत सिंह भुल्लर</strong> सतलुज किनारे <strong>धुस्सी बांध</strong> का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और तुरंत राहत पहुंचाने के आदेश दिए।</li>
<li><strong>सुल्तानपुर लोधी</strong>: मंत्री <strong>हरदीप सिंह मुंडिया</strong> खुद हालात देखने पहुंचे।</li>
<li><strong>कपूरथला</strong>: स्वास्थ्य मंत्री <strong>डॉ. बलबीर सिंह</strong> ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की।</li>
</ul>
<p>इन दौरों से लोगों को यह भरोसा मिला कि सरकार उनके साथ खड़ी है और सिर्फ कागज़ी काम नहीं कर रही।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-7465" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-23-at-14.56.08_ddedc215-1-300x169.webp" alt="" width="627" height="353" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-23-at-14.56.08_ddedc215-1-300x169.webp 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-23-at-14.56.08_ddedc215-1-1024x576.webp 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-23-at-14.56.08_ddedc215-1-768x432.webp 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-23-at-14.56.08_ddedc215-1-150x84.webp 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-23-at-14.56.08_ddedc215-1-120x68.webp 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-23-at-14.56.08_ddedc215-1-130x73.webp 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-23-at-14.56.08_ddedc215-1-356x200.webp 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-23-at-14.56.08_ddedc215-1.webp 1200w" sizes="(max-width: 627px) 100vw, 627px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>सरकार का मानवीय चेहरा</strong></p>
<p>मान सरकार ने इस संकट में यह दिखाया कि उनकी नीति सिर्फ प्रशासनिक कामकाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह <strong>मानवीय दृष्टिकोण</strong> से काम कर रही है।</p>
<ul>
<li>यह सरकार <strong>कैमरों के सामने राहत बांटने</strong> वाली नहीं है।</li>
<li>बल्कि, बिना प्रचार-प्रसार के <strong>लोगों के बीच जाकर असली मदद</strong> कर रही है।<br />
यही बात उसे पिछली सरकारों से अलग बनाती है</li>
</ul>
<p><strong>विपक्ष पर निशाना</strong><strong>, </strong><strong>जनता का भरोसा</strong></p>
<p>जहां विपक्ष बयानों तक सीमित है, वहीं मान सरकार ने काम से यह साबित कर दिया कि <em>जनसेवा सिर्फ नारे से नहीं</em><em>, </em><em>बल्कि एक्शन से होती है।</em><br />
आज लोग खुद कह रहे हैं—</p>
<p>&#8220;सरकार वही होती है, जो संकट में सबसे आगे खड़ी मिले।&#8221;</p>
<p>मान सरकार ने राहत और मुआवज़ा देने के साथ-साथ लोगों के दिलों में भरोसे की एक नई इमारत बनाई है। यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि <strong>मानवीय नेतृत्व</strong> का उदाहरण है।</p>
<p>पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों में आज यह साफ़ महसूस हो रहा है कि सरकार ज़मीन पर मौजूद है। चाहे राहत राशि हो, स्पेशल गिरदावरी, या मंत्रियों की मौजूदगी—हर कदम से लोगों को यह विश्वास मिल रहा है कि उनका दुख-दर्द सरकार भी अपना मान रही है। यही वजह है कि आज पंजाब के लोग कह रहे हैं—<br />
<strong>&#8220;</strong><strong>ऐसी सरकार होना गर्व की बात है।&#8221;</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>CM Bhagwant Mann का Fatehgarh Sahib दौरा: 500 महिला Panch-Sarpanches हुईं Maharashtra रवाना, Panchayat Houses का Inauguration</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/cm-bhagwant-manns-fatehgarh-sahib-visit-500-women-panch-sarpanches-sent-to-maharashtra-inauguration-of-panchayat-houses/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Aug 2025 09:40:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[CorruptionFreePunjab]]></category>
		<category><![CDATA[FatehgarhSahib]]></category>
		<category><![CDATA[HazurSahib]]></category>
		<category><![CDATA[HistoricDay]]></category>
		<category><![CDATA[Leadership]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[Panchayat]]></category>
		<category><![CDATA[RuralDevelopment]]></category>
		<category><![CDATA[Sirhind]]></category>
		<category><![CDATA[VillageDevelopment]]></category>
		<category><![CDATA[WomenEmpowerment]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर फतेहगढ़ साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सुबह करीब 11 बजे सीएम मान सरहिंद रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां मौजूद यात्रियों से मुलाकात की। उनका दिन गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेककर शुरू हुआ, जहां उन्होंने अरदास [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर फतेहगढ़ साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सुबह करीब 11 बजे सीएम मान सरहिंद रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां मौजूद यात्रियों से मुलाकात की। उनका दिन गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेककर शुरू हुआ, जहां उन्होंने अरदास की और पंजाब की खुशहाली की कामना की।</p>
<p>इसके बाद मुख्यमंत्री मान सरहिंद रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां से उन्होंने 500 महिला पंचों और सरपंचों को लेकर महाराष्ट्र रवाना होने वाली एक स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। ये सभी महिला प्रतिनिधि सबसे पहले सचखंड तख्त श्री हजूर साहिब (नांदेड़, महाराष्ट्र) में माथा टेकेंगी, उसके बाद महाराष्ट्र में उन्हें विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग पंचायत की जिम्मेदारियां, प्रशासनिक कार्यों को सही तरीके से संभालना और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित होगी।</p>
<p>सीएम मान ने बताया कि कुल तीन स्पेशल ट्रेनें बुक की गई हैं, जिनके जरिए अलग-अलग बैच में महिला पंच-सरपंचों को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा, <em>“</em><em>आज पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। यह यात्रा न केवल धार्मिक अनुभव देगी बल्कि हमारी महिला प्रतिनिधियों को और सशक्त बनाएगी।”</em></p>
<p>मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, <em>“</em><em>हम असली आज़ादी उस दिन मनाएंगे, </em><em>जब तहसीलों में बिना रिश्वत रजिस्ट्री और इंतकाल होंगे और थानों में बिना रिश्वत गरीबों की सुनवाई होगी। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और सिस्टम को काफी हद तक ठीक किया गया है।”</em></p>
<p>युवाओं और राज्य में अमन-शांति के मुद्दे पर मान ने सख्त लहजे में कहा कि पंजाब की जवानी को बर्बाद करने वालों और शांति भंग करने वालों पर कोई रहम नहीं किया जाएगा। अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, <em>“</em><em>लोग उन्हें कान में कह रहे हैं कि अब बाहर न आ जाएं। मामला कानून का है, </em><em>हम सबूत देंगे, </em><em>वकील बड़े भेजेंगे, </em><em>बाकी काम अदालत करेगी।”</em></p>
<p>सरहिंद में संगियाना पैलेस में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में भी सीएम मान ने शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने 500 नए पंचायत घरों और सेवा केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन और शिलान्यास किया। मान ने कहा कि यह कदम ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और गांवों में लोगों को बेहतर सुविधाएं देने में अहम साबित होगा।</p>
<p>विधायक लखबीर सिंह राय ने बताया कि यह पहल महिला पंचों और सरपंचों के लिए एक बड़ा अवसर है, जिससे वे धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक रूप से मजबूत होंगी। पूरे कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और सारी तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं।</p>
<p>यह दौरा न केवल विकास परियोजनाओं की शुरुआत का गवाह बना, बल्कि पंजाब में महिला नेतृत्व को नई दिशा देने का भी संकेत है। मुख्यमंत्री के इस कदम को गांव-गांव तक बदलाव और सशक्तिकरण का संदेश माना जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab CM Bhagwant Mann ने साधा Akali Dal और Congress पर निशाना, Development की राह में लगा दी सीख</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-cm-bhagwant-mann-targets-akali-dal-and-congress-gives-a-lesson-on-the-path-of-development/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Aug 2025 09:15:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[AkaliDal]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[CM]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[Development]]></category>
		<category><![CDATA[Leadership]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalNews]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[Sangrur]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को संगरूर दौरे पर कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर बादल और कांग्रेस नेताओं पर जमकर तंज किए। उनकी बातों को सरल और आम भाषा में समझिए: कुछ बोल तो खुलकर&#8230; मानजी ने पूछा कि सुखबीर बादल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> शुक्रवार को संगरूर दौरे पर कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष <strong>सुखबीर बादल</strong> और कांग्रेस नेताओं पर जमकर तंज किए। उनकी बातों को सरल और आम भाषा में समझिए:</p>
<p><strong>कुछ बोल तो खुलकर&#8230;</strong></p>
<ul>
<li>मानजी ने पूछा कि सुखबीर बादल कहते हैं कि “सड़कों पर जो भी कुछ दिखता है, सब उन्होंने करवाया है” – लेकिन फिर वोट क्यों नहीं मिले?</li>
<li>उन्होंने कहा कि कॉलेज, स्कूल, university—कुछ भी साफ दिखा? सड़कों पर जितनी बसें दिखती हैं, वह सब बेदाख़िली बादलों की हैं।</li>
<li>ढाबे, हवेलियां, रॉमेंट्स—सब बादल साहब की हैं। Asli विकास तो दिखाओ!</li>
<li>अदालतों में रिश्वत खत्म नहीं हुई, बच्चों को <strong>नशे</strong> में डुबा दिया गया—यह सब बादलों की सरकार का नतीजा था।</li>
</ul>
<p><strong>कांग्रेस पर भी तरंग</strong></p>
<ul>
<li>मानजी ने कह दिया कि कांग्रेस में &#8216;कुर्सी की जंग&#8217; है—किसी ने किसी को ज्वाइन करवाया, पर पंजाब की बात भूल गए!</li>
<li>चन्नी, बाजवा, खैहरा, बिट्टू, कप्तान—सबके-अपने हित दिखाए गए, पर पंजाब को कोई नजर ही नहीं आया।</li>
</ul>
<p><strong>अपनापन और अनुभव की बात</strong></p>
<ul>
<li>मानजी ने मज़ाक में कहा कि वह अच्छा कलाकार थे—1–1.5 घंटे के शो के लिए लाखों लेते थे। लेकिन अब &#8216;साइकिल चलाने की तरह&#8217;—धीरे-धीरे नियंत्रण मिल रहा है, फिर सब समझ आता है।</li>
<li>उन्होंने अपने अनुभव को ज्यादा अहम बताया—&#8221;मुझे लोगों के ढाबों पर हिस्सा उगाही का experience नहीं, बल्कि लोगों के सुख-दुख देखने का experience है।&#8221;</li>
</ul>
<p><strong>अकाली दल की सौ-साल की </strong><strong>‘</strong><strong>लीज़</strong><strong>’ </strong><strong>खत्म</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li>उन्होंने कहा कि जिस अकाली दल की शुरुआत 1920 में हुई और जिसे वह ‘100 साल की लीज’ कहते थे, वह अब 2019 में खत्म हो गई।</li>
<li>सुखबीर बादल माफी मांग रहे हैं और “सभी इकट्ठे हो जाओ” की बात कर रहे हैं—लेकिन पार्टी में टूटते धड़े धीरे-धीरे बिखर रहे हैं।</li>
</ul>
<p><strong>पृष्ठभूमि की बातें &#8211; सन्दर्भ की जानकारी</strong></p>
<ul>
<li><strong>हमले की घटना पर प्रतिक्रिया:</strong> दिसंबर 2024 में सुखबीर सिंह बादल पर स्वर्ण मंदिर के बाहर गोली चलाई गई थी। उस समय CM मान ने पुलिस की तेज़ कार्रवाई की प्रशंसा की और हमलावर की गिरफ्तारी का आदेश दिया था।</li>
<li><strong>नशा समस्या पर हमला:</strong> मानजी ने आरोप लगाया कि 2009 में पंजाब में केवल 1,000 नशेड़ी थे, लेकिन 2015 में यह संख्या बढ़कर 20 लाख हो गई—और इसका जिम्मेदार पिछली सरकारें थीं।</li>
<li><strong>सार्वजनिक विकास पर जोर:</strong> 11 अगस्त को संगरूर में उन्होंने मिड-डे स्कूलों, नर्सिंग स्कूल और 12 कैंसर स्क्रीनिंग बसों का उद्घाटन किया, जो ‘वर्ल्ड कैंसर केयर’ के सहयोग से गांव-गांव की कैंसर जागरूकता बढ़ाएंगी।</li>
<li><strong>अकाली दल में आ रही खींच-तान:</strong> एक नए फ्रेशन SAD गुट ने अमृतसर में अपने अध्यक्ष के चुनाव की घोषणा की—यह एक बड़ी पार्टी के अंदर विवाद की निशानी है।</li>
</ul>
<p>&nbsp;</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone  wp-image-7321" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-12-at-1.53.15-PM-300x169.webp" alt="" width="941" height="530" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-12-at-1.53.15-PM-300x169.webp 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-12-at-1.53.15-PM-1024x576.webp 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-12-at-1.53.15-PM-768x432.webp 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-12-at-1.53.15-PM-150x84.webp 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-12-at-1.53.15-PM-120x68.webp 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-12-at-1.53.15-PM-130x73.webp 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-12-at-1.53.15-PM-356x200.webp 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-12-at-1.53.15-PM.webp 1200w" sizes="(max-width: 941px) 100vw, 941px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>CM भगवंत मान ने साफ शब्दों में यह संदेश दिया कि:</p>
<ul>
<li><strong>विकास से भूले नेता</strong> अब नहीं चलेगा,</li>
<li>अकाली दल का <strong>व्यवसाय-जिंदगी के पीछे छिपा सच</strong> सामने आया है,</li>
<li>और कांग्रेस के नेता <strong>वफादारियों के खेल में पंजाब को भूल गए हैं</strong>।</li>
</ul>
<p>साधारण भाषा में कहें, तो मानजी ने कहा: “कुर्सी की लड़ाई ख़तम करो, असली मुद्दों पर काम करो।”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab के CM Bhagwant Mann ने किए बड़े पैमाने पर Appointments – कई Welfare Boards और Corporations को मिले नए Chairpersons</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-cm-bhagwant-mann-makes-major-appointments-several-welfare-boards-and-corporations-get-new-chairpersons/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 Aug 2025 06:09:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Appointments]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[Chairperson]]></category>
		<category><![CDATA[Corporation]]></category>
		<category><![CDATA[Development]]></category>
		<category><![CDATA[Government]]></category>
		<category><![CDATA[Leadership]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[WelfareBoard]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को राज्य के अलग-अलग वेलफेयर बोर्ड्स, कॉर्पोरेशन्स और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट्स के लिए चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन और मेंबर्स की नियुक्ति कर दी है। इस लिस्ट में ज़्यादातर लोग आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए हैं। मान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर इन नियुक्तियों का ऐलान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को राज्य के अलग-अलग <strong>वेलफेयर बोर्ड्स</strong><strong>, </strong><strong>कॉर्पोरेशन्स और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट्स</strong> के लिए चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन और मेंबर्स की नियुक्ति कर दी है। इस लिस्ट में ज़्यादातर लोग <strong>आम आदमी पार्टी</strong> से जुड़े हुए हैं।</p>
<p>मान ने अपने <strong>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म </strong><strong>X</strong> (पहले ट्विटर) पर इन नियुक्तियों का ऐलान किया और इसके साथ ही ऑर्डर्स की कॉपी भी शेयर की। उन्होंने कहा कि इन पदों पर बैठे लोग समाज के अलग-अलग वर्गों के लिए काम करेंगे और राज्य के विकास में योगदान देंगे।</p>
<p><strong>नए चेयरपर्सन और उनके बोर्ड/कॉर्पोरेशन</strong></p>
<ul>
<li><strong>पंकज शारदा</strong> – ब्राह्मण वेलफेयर बोर्ड</li>
<li><strong>विजय दनाव</strong> – दलित विकास बोर्ड</li>
<li><strong>स्वर्ण सलारिया</strong> – राजपूत वेलफेयर बोर्ड</li>
<li><strong>राम कुमार मुकरी</strong> – सैनी वेलफेयर बोर्ड</li>
<li><strong>बारी सलमानी</strong> – पंजाब स्टेट मुस्लिम वेलफेयर बोर्ड</li>
<li><strong>राजू कनोजिया</strong> – कनोजिया वेलफेयर बोर्ड</li>
<li><strong>डेनियल मसीह</strong> – मसीह वेलफेयर बोर्ड</li>
<li><strong>बरखाराम</strong> – विमुक्तजाती वेलफेयर बोर्ड</li>
<li><strong>बल कृष्ण फौजी</strong> – प्रजापत समाज वेलफेयर बोर्ड</li>
<li><strong>अश्विनी अग्रवाल</strong> – अग्रवाल वेलफेयर बोर्ड</li>
<li><strong>ब्रिगेडियर राजकुमार (रिटायर्ड)</strong> – गुज्जर वेलफेयर बोर्ड</li>
<li><strong>केशव वर्मा</strong> – स्वर्णकार वेलफेयर बोर्ड</li>
<li><strong>मेखन लाल पल्लन</strong> – सैण समाज वेलफेयर बोर्ड</li>
<li><strong>सतपाल सिंह सोखी</strong> – रामगढ़िया वेलफेयर बोर्ड</li>
</ul>
<p><strong>अन्य अहम नियुक्तियां</strong></p>
<ul>
<li><strong>बलजिंदर ढिल्लों</strong> – पंजाब एग्रो फूडग्रेन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरपर्सन</li>
<li><strong>सिम्मी चोपड़ा</strong> – पंजाब स्टेट सोशल वेलफेयर बोर्ड की चेयरपर्सन</li>
<li><strong>मंजीत सिंह घुम्मन</strong> – पंजाब एक्स-सर्विसमेन कॉर्पोरेशन के चेयरपर्सन</li>
</ul>
<p><strong>CM </strong><strong>का संदेश</strong></p>
<p>सीएम भगवंत मान ने सभी नए नियुक्त पदाधिकारियों को <strong>शुभकामनाएं</strong> दीं और उम्मीद जताई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मेहनत से काम करेंगे, जिससे समाज के हर वर्ग का विकास हो सके। उन्होंने कहा कि ये नियुक्तियां राज्य में <strong>समानता</strong><strong>, </strong><strong>समाजिक कल्याण और विकास की दिशा में एक कदम</strong> हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab: Drug के मुद्दे पर Majithia की गिरफ्तारी को लेकर Mann ने Captain को घेरा</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-mann-slams-captain-over-majithias-arrest-on-drug-issue/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Jul 2025 05:26:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#BJP]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[AAP']]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[BikramSinghMajithia]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[CaptainAmarinderSingh]]></category>
		<category><![CDATA[DrugIssue]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[SAD]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच शब्दों की जंग तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आम [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच शब्दों की जंग तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है।</p>
<p>दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर आरोप लगाया था कि मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई ‘targeted harassment’ (टारगेट करके परेशान करने) की मिसाल है। उन्होंने कहा था कि “AAP सरकार को लगता है कि सस्ती सनसनी, राजनीतिक बदले की भावना और दमन ही शासन करने के तरीके हैं।”</p>
<p>कैप्टन यहीं नहीं रुके। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “पंजाब में लोकतंत्र पर ऐसा हमला पहले कभी नहीं देखा गया। आलोचकों को घरों में नजरबंद किया जा रहा है, झूठे केस लगाए जा रहे हैं और आवाज़ दबाई जा रही है। मजीठिया के खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक प्रताड़ना का एक चौंकाने वाला उदाहरण है। बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को कुचला जा रहा है, असहमति को दबाया जा रहा है और पंजाब को दिल्ली से माफिया स्टाइल में कंट्रोल किया जा रहा है।”</p>
<p><strong>मान का करारा पलटवार</strong></p>
<p>कैप्टन के इन आरोपों पर सीएम भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पहले ट्विटर) पर जवाब देते हुए कहा –<br />
“कैप्टन साहिब, आज आपको नशा तस्करों के human rights की चिंता हो रही है। आपने 2017 के चुनाव में चार हफ्तों में नशा खत्म करने का वादा किया था, लेकिन नतीजा क्या निकला? आज पंजाब को समझ आ गया कि आप सब ‘double-faced’ (दोगले) हो, लेकिन ये कड़वी सच्चाई देर से सामने आई।”</p>
<p>मान ने बीजेपी नेता कैप्टन अमरिंदर पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी भी आपके इस बयान को ‘personal’ (निजी राय) बताकर पल्ला झाड़ लेगी। उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी को चुनौती दी कि वे साफ करें कि उनका नशे के मुद्दे पर असली स्टैंड क्या है।</p>
<p><strong>अन्य नेताओं पर भी निशाना</strong></p>
<p>सीएम मान ने सिर्फ कैप्टन पर ही नहीं, बल्कि कई अन्य नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, रवनीत बिट्टू, प्रताप सिंह बाजवा और सुखपाल सिंह खैहरा जैसे नेता भी एक नशा तस्कर के खिलाफ कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। इससे साफ है कि ये सभी नेता नशा तस्करों के साथ मिले हुए हैं।”</p>
<p><strong>मजीठिया की गिरफ्तारी और केस की स्थिति</strong></p>
<p>25 जून को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) ने बिक्रम सिंह मजीठिया को disproportionate assets (जायदाद से जुड़े अनियमित मामलों) में गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उन्हें 2 अगस्त तक judicial custody (न्यायिक हिरासत) में भेज दिया है।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li><strong>कैप्टन अमरिंदर सिंह का आरोप:</strong> AAP सरकार बदले की राजनीति कर रही है, विरोध को दबाया जा रहा है और लोकतंत्र पर हमला हो रहा है।</li>
<li><strong>भगवंत मान का जवाब:</strong> कैप्टन को अचानक नशा तस्करों के human rights की चिंता क्यों हो गई? जो वादा 2017 में किया था वो क्यों नहीं निभाया?</li>
<li><strong>कांग्रेस-बीजेपी पर सवाल:</strong> मान ने दोनों पार्टियों को चुनौती दी कि नशे के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें।</li>
<li><strong>अन्य नेताओं को घेरा:</strong> मान ने चन्नी, बाजवा, बिट्टू और खैहरा पर नशा तस्करों के साथ ‘हाथ मिलाने’ का आरोप लगाया।</li>
</ul>
<p>इस पूरे विवाद ने पंजाब की सियासत में नया तूफान खड़ा कर दिया है। अब सबकी निगाहें 2 अगस्त पर हैं, जब मजीठिया की न्यायिक हिरासत खत्म होगी और कोर्ट में अगली सुनवाई होगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Ludhiana Municipal Corporation में Mayor- Deputy Mayors के बीच टकराव, AAP MLAs ने बुलाई Urgent Meeting</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/clash-between-mayor-and-deputy-mayors-in-ludhiana-municipal-corporation-aap-mlas-call-urgent-meeting/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Jul 2025 11:45:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP']]></category>
		<category><![CDATA[CityAdministration]]></category>
		<category><![CDATA[DeputyMayor]]></category>
		<category><![CDATA[Dispute]]></category>
		<category><![CDATA[Government]]></category>
		<category><![CDATA[Leadership]]></category>
		<category><![CDATA[Ludhiana]]></category>
		<category><![CDATA[Mayor]]></category>
		<category><![CDATA[Meeting]]></category>
		<category><![CDATA[MunicipalCorporation]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[PublicInterest]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
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					<description><![CDATA[लुधियाना नगर निगम में शुक्रवार को होने वाली एफएंडसीसी (Finance and Contract Committee) की बैठक मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर और सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर के बीच हुई बहसबाजी की वजह से टल गई। बैठक के दौरान माहौल इतना गरमा गया कि राकेश पराशर और डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर नाराज़ होकर मीटिंग बीच में ही [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>लुधियाना नगर निगम में शुक्रवार को होने वाली एफएंडसीसी (Finance and Contract Committee) की बैठक मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर और सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर के बीच हुई बहसबाजी की वजह से टल गई। बैठक के दौरान माहौल इतना गरमा गया कि राकेश पराशर और डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर नाराज़ होकर मीटिंग बीच में ही छोड़कर चले गए।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में 400 से ज्यादा अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी। लेकिन मेयर और डिप्टी मेयरों के बीच बढ़ते मतभेद के कारण सारे एजेंडे फिलहाल अधर में लटक गए हैं। डिप्टी मेयरों का आरोप है कि मेयर ने टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी गंभीर शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया, जिससे निगम के प्रशासनिक कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।</p>
<p><strong>AAP </strong><strong>विधायकों की बैठक बुली</strong></p>
<p>मामला तूल पकड़ता देख, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर ने बताया कि <strong>आज आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों की बैठक बुलाई गई है।</strong><br />
उन्होंने कहा, <em>“</em><em>हम इस बैठक में टेंडर और अन्य मामलों में निगम अधिकारियों की लापरवाही पर चर्चा करेंगे। टेंडर से जुड़ी शिकायतें निगम कमिश्नर आदित्य को देने के बावजूद कोई हल नहीं निकला और मेयर ने भी एफएंडसीसी की बैठक में इसे उठाने की बजाय नजरअंदाज कर दिया। ये सही नहीं है।”</em></p>
<p>पराशर ने आगे कहा कि पार्टी हमेशा जनता के हित में काम करती है और अगर किसी टेंडर में गड़बड़ी की आशंका है, तो उसकी जांच होना जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि <strong>“</strong><strong>निगम के पैसे की बर्बादी नहीं होने देंगे और पार्टी लीडरशिप में जो गेप बना है, </strong><strong>उसे जल्द दूर किया जाएगा।”</strong></p>
<p><strong>प्रिंस जौहर ने पराशर का दिया समर्थन</strong></p>
<p>डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर ने भी राकेश पराशर के स्टैंड को पूरा समर्थन दिया। उन्होंने कहा, <em>“</em><em>राकेश पराशर को निगम के काम का 30 </em><em>साल का अनुभव है। उन्होंने अगर टेंडर पर सवाल उठाए हैं, </em><em>तो जरूर कोई वजह होगी। मीटिंग में जाने का मतलब तभी है जब लोकहित में सही फैसले लिए जाएं और लोगों की समस्याओं का समाधान हो।”</em></p>
<p><strong>क्या है विवाद की जड़</strong><strong>?</strong></p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, विवाद की जड़ निगम की टेंडर प्रक्रिया और उस पर कार्रवाई न होने को लेकर है। डिप्टी मेयरों का कहना है कि मेयर ने कई शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया, वहीं मेयर की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।</p>
<p><strong>आगे क्या</strong><strong>?</strong></p>
<p>अब AAP विधायकों की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होगी और तय किया जाएगा कि निगम में कामकाज को सही दिशा में कैसे आगे बढ़ाया जाए। फिलहाल, 400 से ज्यादा मुद्दे जो एफएंडसीसी की बैठक में पास होने थे, टकराव की वजह से लटक गए हैं।</p>
<p>यह साफ है कि <strong>मेयर और डिप्टी मेयर के बीच का यह विवाद न केवल निगम की कार्यशैली पर असर डाल रहा है, </strong><strong>बल्कि जनता के काम भी रुक रहे हैं।</strong></p>
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			</item>
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