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	<title>NIAInvestigation &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
	<lastBuildDate>Wed, 19 Nov 2025 05:38:08 +0000</lastBuildDate>
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		<title>Delhi Blast: Dr. Umar Nabi कैसे बना Suicide Bomber, कैसे चला रहा था Brainwash Network — पूरी कहानी</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/delhi-blast-how-dr-umar-nabi-became-a-suicide-bomber-and-ran-a-brainwashing-network-full-story/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Nov 2025 05:38:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[AlFalahUniversity]]></category>
		<category><![CDATA[BrainwashingVideos]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[DelhiBlast]]></category>
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		<category><![CDATA[TerrorAttack]]></category>
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					<description><![CDATA[दिल्ली के लाल किले के सामने 10 नवंबर को हुए I-20 कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए। बाद में पता चला कि यह धमाका किसी एक्सिडेंट की वजह से नहीं, बल्कि एक प्लान्ड सुसाइड अटैक था, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली के लाल किले के सामने <strong>10 </strong><strong>नवंबर</strong> को हुए I-20 कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस धमाके में <strong>15 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो गई और <strong>20 </strong><strong>से ज्यादा लोग घायल</strong> हुए। बाद में पता चला कि यह धमाका किसी एक्सिडेंट की वजह से नहीं, बल्कि <strong>एक प्लान्ड सुसाइड अटैक</strong> था, जिसे अंजाम दिया था—<strong>डॉ. उमर नबी</strong> ने।</p>
<p>जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस हमले के पीछे छिपा <strong>एक बड़ा टेरर मॉड्यूल</strong> सामने आ रहा है। इस मॉड्यूल का कनेक्शन <strong>फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी</strong>, कई डॉक्टरों और देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़े लोगों से मिल रहा है।</p>
<p><strong>कैसे शुरू हुई जांच और क्या मिला</strong><strong>?</strong></p>
<p>NIA और दूसरी एजेंसियों ने बताया कि <strong>डॉ. उमर सिर्फ खुद को उड़ाने नहीं आया था</strong>, वह अपने जैसे <strong>और भी सुसाइड बॉम्बर तैयार कर रहा था</strong>। इसके लिए वह लगातार <strong>वीडियो बनाकर अलग-अलग युवाओं को भेजता</strong> था।</p>
<p>जांच में गिरफ्तार हुए लोगों के मोबाइल से कुल:</p>
<ul>
<li><strong>70 </strong><strong>से ज्यादा वीडियो</strong></li>
<li>जिनमें से <strong>12 </strong><strong>वीडियो उमर ने खुद शूट किए</strong></li>
</ul>
<p>ये वीडियो <strong>11 </strong><strong>युवाओं को भेजे गए</strong> थे। इनमें:</p>
<ul>
<li><strong>7 </strong><strong>कश्मीरी मूल</strong> के</li>
<li>सभी का लिंक <strong>अल-फलाह यूनिवर्सिटी</strong> से</li>
<li>बाकी <strong>4 </strong><strong>युवक</strong><strong>—UP, Kerala </strong><strong>और </strong><strong>Karnataka</strong> के रहने वाले मिले</li>
</ul>
<p>उमर इन वीडियो में युवाओं को समझाता था कि यह कोई “<strong>Suicide Attack</strong>” नहीं है, बल्कि “<strong>Shahadat Operation</strong>” है—यानी अपनी जान देकर ‘धर्म’ के लिए लड़ाई।</p>
<p><strong>आमिर रशीद ने दिलवाई कार</strong><strong>, </strong><strong>लेकिन खुद नहीं बनना चाहता था सुसाइड बॉम्बर</strong></p>
<p>आमिर रशीद अली नाम के युवक ने उमर को <strong>I-20 </strong><strong>कार दिलवाई</strong>, लेकिन वह खुद हमला नहीं करना चाहता था।<br />
जब उमर को यह बात पता चली तो उसने <strong>उसी को ब्रेनवॉश करने वाले वीडियो भेजने शुरू</strong> कर दिए।</p>
<p>एजेंसियों का शक है कि उमर <strong>एक पूरी फिदायीन (</strong><strong>Fidayeen) </strong><strong>टीम</strong> बना रहा था और उसका टारगेट अलग-अलग राज्यों के युवा थे।</p>
<p><strong>पुलवामा में उमर की संदिग्ध हरकतें</strong></p>
<p>धमाके से करीब <strong>दो हफ्ते पहले</strong> उमर अपने <strong>पुलवामा के कोइल गांव</strong> गया था।<br />
वह अपने भाई <strong>जहूर इलाही</strong> को एक मोबाइल फोन देकर बोला:</p>
<p>“अगर मेरे बारे में कोई खबर आए… ये फोन पानी में फेंक देना।”</p>
<p>और हुआ भी यही।<br />
9 नवंबर को उसके दोस्तों की गिरफ्तारी की खबर आई तो जहूर डर गया और उसने <strong>फोन तालाब में फेंक दिया</strong>।</p>
<p>बाद में यह फोन मिल गया—खराब था, लेकिन एजेंसियों ने इसमें से <strong>एक बड़ा वीडियो रिकवर कर लिया</strong>, जिसमें उमर खुद कह रहा था:</p>
<p>“यह suicide नहीं, martyrdom operation है।”</p>
<p><strong>धमाके से पहले </strong><strong>10 </strong><strong>दिनों तक खुद को कमरे में बंद रखा</strong></p>
<p>उमर ने नूंह की हिदायत कॉलोनी में <strong>10 </strong><strong>दिन खुद को एक कमरे में बंद रखा</strong>।</p>
<ul>
<li>वह टॉयलेट के लिए भी बाहर नहीं निकला</li>
<li>न नहाया, न कपड़े बदले</li>
<li>कमरे में ही गंदगी फैल गई</li>
<li>सिर्फ रात में थोड़ी देर खाने के लिए बाहर निकलता था</li>
</ul>
<p>जांच एजेंसियों के अनुसार यह दिखाता है कि उमर का <strong>ब्रेनवॉश </strong><strong>100% </strong><strong>हो चुका था</strong>, वह एक कट्टर सुसाइड मिशन के लिए खुद को पूरी तरह तैयार कर चुका था।</p>
<p><strong>अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर </strong><strong>ED </strong><strong>का शिकंजा</strong></p>
<p>इस केस में सबसे बड़ा नाम <strong>अल-फलाह यूनिवर्सिटी</strong><strong>, </strong><strong>फरीदाबाद</strong> का सामने आया है।</p>
<p>ED ने:</p>
<ul>
<li>दिल्ली और हरियाणा में <strong>25 </strong><strong>ठिकानों पर छापेमारी</strong> की</li>
<li>करोड़ों रुपये की <strong>फंड हेराफेरी</strong><strong>, </strong><strong>फर्जी मान्यता (</strong><strong>fake accreditation)</strong> और</li>
<li><strong>9 </strong><strong>शैल कंपनियों</strong> का नेटवर्क पकड़ा</li>
</ul>
<p>छापेमारी के बाद यूनिवर्सिटी के <strong>चेयरमैन जवाद सिद्दीकी</strong> को <strong>मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार</strong> किया गया।<br />
उनके घर से <strong>48 </strong><strong>लाख रुपये कैश</strong> भी मिला।</p>
<p>गिरफ्तार लोगों में अब तक:</p>
<ul>
<li><strong>8 </strong><strong>आरोपी</strong>, जिनमें</li>
<li><strong>5 Doctor </strong><strong>हैं</strong><br />
जो सीधे या इंडाइरेक्टली इस टेरर नेटवर्क से जुड़े पाए गए।</li>
</ul>
<p><strong>डॉ. शाहीन </strong><strong>— </strong><strong>मैडम सर्जन का रोल</strong></p>
<p>एजेंसियों ने एक और बड़ा नाम पकड़ा—<strong>डॉ. शाहीन सईद</strong>, जिसे “<strong>Madam Surgeon</strong>” कहा जाता था।<br />
उनके पास:</p>
<ul>
<li><strong>7 </strong><strong>बैंक अकाउंट</strong></li>
<li><strong>3 </strong><strong>पासपोर्ट</strong></li>
<li>और हाल ही में एक नया पासपोर्ट अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पते से बनाने की कोशिश</li>
</ul>
<p>इनका रोल इस मॉड्यूल में फाइनेंशियल और लॉजिस्टिक सपोर्ट से जुड़ा माना जा रहा है।</p>
<p><strong>जम्मू की भलवाल जेल में भी छापेमारी</strong></p>
<p>दिल्ली ब्लास्ट के बाद जम्मू की <strong>हाई सिक्योरिटी कोट भलवाल जेल</strong> में भी छापा पड़ा।<br />
शक है कि जेल के अंदर से भी कुछ कैदी <strong>आतंकी मॉड्यूल को निर्देश</strong> भेज रहे थे।<br />
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, पेपर और नंबरों का डाटा जुटाया जा रहा है।</p>
<p><strong>क्या कश्मीर में सऊदी अरब वाला मॉडल चल सकता है</strong><strong>?</strong></p>
<p>कई सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि कश्मीर में बढ़ती कट्टरपंथी सोच को रोकने के लिए <strong>सऊदी अरब का मॉडल</strong> लागू किया जा सकता है।<br />
सऊदी ने 20 साल पहले:</p>
<ul>
<li>सही इस्लामी शिक्षा</li>
<li>अच्छे धर्मगुरुओं की मदद</li>
<li>और awareness camps<br />
के जरिए कट्टरपंथ को काफी हद तक खत्म किया था।</li>
</ul>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यही तरीका कश्मीर के युवाओं को ब्रेनवॉश से बचा सकता है।</p>
<p><strong>निष्कर्ष: यह सिर्फ एक ब्लास्ट नहीं</strong><strong>, </strong><strong>एक पूरा नेटवर्क है</strong></p>
<p>दिल्ली ब्लास्ट ने यह साफ कर दिया है कि:</p>
<ul>
<li>यह हमला <strong>एक अकेले शख्स का काम नहीं था</strong></li>
<li>बल्कि <strong>White Collar Terror Network</strong> का हिस्सा था</li>
<li>जिसमें डॉक्टर, यूनिवर्सिटी, शैल कंपनियाँ और कई राज्यों के युवा जुड़े थे</li>
<li>उमर नबी सिर्फ पहला चेहरा था… वह <strong>कई और सुसाइड बॉम्बर तैयार</strong> कर रहा था</li>
</ul>
<p>जांच जारी है और एजेंसियाँ हर दिन नई कड़ियाँ जोड़ रही हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Delhi Blast: Red Fort के पास Car explosion का CCTV Footage आया सामने, ट्रैफ़ि Traffic के बिच अचानक हुआ Car में धमाका</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/delhi-blast-cctv-footage-of-car-explosion-near-red-fort-surfaces-car-explodes-suddenly-amid-traffic/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Nov 2025 09:16:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[CarExplosion]]></category>
		<category><![CDATA[CCTVFootage]]></category>
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		<category><![CDATA[IndianNews]]></category>
		<category><![CDATA[NIAInvestigation]]></category>
		<category><![CDATA[RedFort]]></category>
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					<description><![CDATA[दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए तेज कार धमाके की शुरुआत से लेकर अब तक की पूरी जानकारी सामने आ चुकी है। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मामला बेहद संवेदनशील है और जांच एनआईए (National Investigation Agency) कर रही है। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली के <strong>लाल किले</strong> के पास सोमवार शाम को हुए तेज <strong>कार धमाके</strong> की शुरुआत से लेकर अब तक की पूरी जानकारी सामने आ चुकी है। इस धमाके में <strong>12 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हुई और <strong>20 </strong><strong>से अधिक लोग घायल</strong> हुए हैं। मामला बेहद संवेदनशील है और जांच <strong>एनआईए (National Investigation Agency)</strong> कर रही है। नीचे इस घटना से जुड़ी सारी प्रमुख बातें सरल और सीधी भाषा में दी जा रही हैं—ताकि हर पाठक आसानी से समझ सके।</p>
<h2>घटना क्या हुई और कब हुई</h2>
<ul>
<li><strong>तारीख:</strong> 10 नवंबर 2025 (सोमवार)</li>
<li><strong>समय:</strong> लगभग शाम <strong>6:50:52 PM</strong> (सीसीटीवी रिकॉर्डिंग पर यही समय दिखा)</li>
<li><strong>स्थान:</strong> लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास, गेट नंबर-1 के नज़दीक, लाल किले चौराहा।</li>
<li>घटना के वक्त ट्रैफिक सिग्नल पर कई वाहन धीरे-धीरे चल रहे थे — बाइक, कार और ऑटो की लाइनें लगी हुई थीं। इसी दौरान <strong>एक आई-20 </strong><strong>कार</strong> में अचानक जोरदार धमाका हुआ और उसमें आग लग गई। फुटपाथ और आसपास के कई वाहन भी जल गए।</li>
</ul>
<h2>सीसीटीवी फुटेज</h2>
<p>बुधवार को पहली बार उस धमाके का <strong>CCTV </strong><strong>फुटेज</strong> जारी हुआ। फुटेज में साफ दिखता है कि ट्रैफिक चल रहा है और अचानक कार से तेज रोशनी/आग की लपटें उठती हैं और कैमरे की फुटेज कुछ देर के लिए अंधेरी हो जाती है। यह फुटेज घटना के समय और माहौल को स्पष्ट करता है और जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है।</p>
<h2>नुकसान और घायलों की स्थिति</h2>
<ul>
<li><strong>मृतक:</strong> 12 लोगों की मौत हुई।</li>
<li><strong>घायल:</strong> 20+ लोग घायल; इनमें से <strong>3 </strong><strong>की हालत गंभीर</strong> बताई जा रही है।</li>
<li>कई वाहन और बाइक भी धमाके की चपेट में आकर जल गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और कुछ की हालत नाज़ुक है।</li>
</ul>
<h2></h2>
<h2><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-9073" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/WhatsApp-Image-2025-11-12-at-2.38.27-PM-2-300x169.jpg" alt="" width="687" height="387" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/WhatsApp-Image-2025-11-12-at-2.38.27-PM-2-300x169.jpg 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/WhatsApp-Image-2025-11-12-at-2.38.27-PM-2-1024x576.jpg 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/WhatsApp-Image-2025-11-12-at-2.38.27-PM-2-768x432.jpg 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/WhatsApp-Image-2025-11-12-at-2.38.27-PM-2-150x84.jpg 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/WhatsApp-Image-2025-11-12-at-2.38.27-PM-2-120x68.jpg 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/WhatsApp-Image-2025-11-12-at-2.38.27-PM-2-130x73.jpg 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/WhatsApp-Image-2025-11-12-at-2.38.27-PM-2-356x200.jpg 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/11/WhatsApp-Image-2025-11-12-at-2.38.27-PM-2.jpg 1200w" sizes="(max-width: 687px) 100vw, 687px" /></h2>
<p>&nbsp;</p>
<h2>संदिग्ध और साजिश</h2>
<ul>
<li>पुलिस की शुरुआती जानकारी में कार में बैठे व्यक्ति का नाम <strong>उमर</strong> बताया जा रहा है। बताया गया है कि <strong>उमर कार में अकेला ही बैठा था</strong>, हालांकि पुलिस आयुक्त ने पहले तीन लोग होने की बात कही थी।</li>
<li>पुलिस को शक है कि यह हमला <strong>दो साल से रची जा रही साजिश</strong> का हिस्सा था। जांच में यह पता चला कि किसी नेटवर्क ने लोगों की भर्ती और फंडिंग पिछले कुछ वर्षों से की थी। यह समूह <strong>एन्क्रिप्टेड चैनलों</strong> का प्रयोग कर रहा था और कुछ कामों को धर्मार्थ या शैक्षिक आड़ में छुपाकर फंड इकट्ठा किया जा रहा था।</li>
<li>शुरुआती पड़ताल में यह भी आशंका जताई जा रही है कि <strong>उमर डर कर भागने की कोशिश में या घबराहट में विस्फोट कर बैठा</strong> — यानी फिलहाल इसे सीधे आत्मघाती हमला मानने से पहले जांच चल रही है।</li>
</ul>
<h2>विस्फोटक और फॉरेंसिक रिपोर्ट</h2>
<ul>
<li>घटनास्थल से <strong>दो तरह के विस्फोटकों के नमूने</strong> और <strong>दो कारतूस</strong> बरामद हुए हैं। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) इनकी जांच कर रही है।</li>
<li>प्रारंभिक विश्लेषण में एक नमूना <strong>अमोनियम नाइट्रेट</strong> जैसा दिख रहा है। दूसरा नमूना <strong>अमोनियम नाइट्रेट से भी ज्यादा शक्तिशाली</strong> बताया जा रहा है — पर अभी फाइनल रिपोर्ट आने पर ही सही निष्कर्ष मिल पाएगा।</li>
<li>अभी तक मौके से <strong>40 </strong><strong>से ज़्यादा सैंपल</strong> इकट्ठा किए जा चुके हैं और जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट में <strong>ईंधन तेल और डेटोनेटर</strong> के इस्तेमाल की भी आशंका है।</li>
</ul>
<h2>जांच एजेंसियाँ और कानूनी मामला</h2>
<ul>
<li>मामले की जांच फिलहाल <strong>एनआईए</strong> कर रही है। दिल्ली पुलिस ने भी तफ्तीश में सहयोग दिया है।</li>
<li>दिल्ली पुलिस ने इस घटना को <strong>यूएपीए (Unlawful Activities Prevention Act)</strong> और <strong>विस्फोटक अधिनियम</strong> की धाराओं में दर्ज कर लिया है — जो आमतौर पर आतंकी साजिश और विस्फोटक से जुड़े मामलों के लिए लागू होते हैं।</li>
<li>पुलिस ने आसपास के सभी CCTV फुटेज खंगाले हैं और उमर की <strong>कार के 11 </strong><strong>घंटे का रूट</strong> पुलिस ने ट्रेस कर लिया है। जांच में पाया गया कि उमर लगभग तीन घंटे <strong>सुनहरी मस्जिद की पार्किंग</strong> में रुका हुआ था और वहीं उसने इंटरनेट पर फरीदाबाद में साथियों की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरें देखीं।</li>
</ul>
<h2>सुरक्षा एजेंसियों का दावा और बड़ी साजिश को नाकाम करना</h2>
<ul>
<li>सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि <strong>अगर विस्फोटक का पूरा प्लान के मुताबिक इस्तेमाल हुआ होता</strong>, तो नुकसान और भी बहुत बड़ा हो सकता था।</li>
<li>उन्होंने बताया कि सतर्कता और समय-सीमित कार्रवाई की वजह से बड़ी साजिश <strong>नाकाम</strong> हुई। एनसीआर और जम्मू-कश्मीर में की गई कुछ कार्रवाइयाँ भी इस नेटवर्क से जुड़ी हुई लग रही हैं — इन सबकी गहन जांच जारी है।</li>
</ul>
<h2>पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता</h2>
<p>दिल्ली सरकार ने धमाके के पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की है:</p>
<ul>
<li><strong>मृतकों के परिजनों को ₹10,00,000</strong> (दस लाख) का अनुदान।</li>
<li><strong>अस्थायी रूप से अक्षम</strong> लोगों को ₹5,00,000।</li>
<li><strong>गंभीर रूप से घायल</strong> लोगों को ₹2,00,000।</li>
<li><strong>साधारण घायलों</strong> को ₹20,000 दी जाएगी।</li>
</ul>
<h2>अभी क्या जानना बाकी है</h2>
<ul>
<li>विस्फोटकों की फाइनल फॉरेंसिक रिपोर्ट और उनके स्रोत की पहचान अभी बाकी है।</li>
<li>नेटवर्क के और हिस्सेदारों की गिरफ्तारी और उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।</li>
<li>घटना की पूरी न्यायिक और फॉरेंसिक प्रक्रिया के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि यह पूर्वनियोजित आत्मघाती हमला था या दुर्घटनावश विस्फोट हुआ।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
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