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	<title>PaddyProcurement &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>Mann सरकार की ऐतिहासिक Achievement: 1.1 Million से ज्यादा किसानों को मिला MSP Benefit</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/historic-achievement-of-mann-government-over-1-1-million-farmers-benefit-from-msp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Nov 2025 04:16:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में धान की खरीद प्रक्रिया को smooth और farmers-friendly बनाने में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने कमाल कर दिया है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार की सक्रिय पहल के चलते 12 नवंबर तक 11,31,270 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल चुका है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में धान की खरीद प्रक्रिया को smooth और farmers-friendly बनाने में मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> की सरकार ने कमाल कर दिया है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार की सक्रिय पहल के चलते <strong>12 </strong><strong>नवंबर तक </strong><strong>11,31,270 </strong><strong>किसानों</strong> को <strong>न्यूनतम समर्थन मूल्य (</strong><strong>MSP)</strong> का लाभ मिल चुका है।</p>
<p>खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री <strong>लाल चंद कटारूचक</strong> के नेतृत्व में धान की खरीद, उठान और किसानों को payment की प्रक्रिया लगातार तेज़ी से चल रही है।</p>
<p>पंजाब के <strong>पटियाला जिला</strong> ने इस मामले में सबसे आगे रहने का रिकॉर्ड बनाया है। यहां अब तक <strong>96,920 </strong><strong>किसानों</strong> को MSP का फायदा मिला है।</p>
<p><strong>धान की खरीद और उठान का हाल:</strong></p>
<ul>
<li>राज्यभर की मंडियों में अब तक कुल <strong>1,54,78,162.41 </strong><strong>मीट्रिक टन</strong> धान आई।</li>
<li>इसमें से <strong>1,53,89,039.51 </strong><strong>मीट्रिक टन</strong> धान की खरीद पूरी हो चुकी है, यानी कुल फसल का लगभग <strong>99%</strong>।</li>
<li>उठान का आंकड़ा <strong>1,41,09,483.18 </strong><strong>मीट्रिक टन</strong> है, यानी खरीदी गई फसल का लगभग <strong>91%</strong> farmers के पास पहुंच चुका है।</li>
</ul>
<p>सरकार का यह प्रयास किसानों को <strong>time-bound payment </strong><strong>और </strong><strong>MSP </strong><strong>का फायदा</strong> दिलाने के लिए है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सके और वे financial stress-free रह सकें।</p>
<p>मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि उनका लक्ष्य किसानों के लिए हर साल MSP सुनिश्चित करना और मंडियों में धान की smooth खरीद प्रक्रिया बनाए रखना है।</p>
<p>यह पहल पंजाब सरकार की <strong>किसान-</strong><strong>friendly </strong><strong>और </strong><strong>progressive </strong><strong>नीतियों</strong> का एक और उदाहरण है, जिससे राज्य में खेती और किसानों की livelihood मजबूत हो रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Mann सरकार का कमाल: 150 Lakh MT से ज़्यादा धान खरीद, 11 Lakh किसानों को तेज़ भुगतान — Punjab ने बनाया Record</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/mann-governments-big-achievement-over-150-lakh-mt-paddy-procured-fast-payments-to-11-lakh-farmers-punjab-sets-a-new-record/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Nov 2025 09:23:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के किसानों के लिए यह सीज़न खुशख़बरी से भरा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में राज्य सरकार ने इस साल धान खरीद में नया इतिहास बना दिया है। बाढ़ जैसे मुश्किल हालातों के बावजूद सरकार ने 150 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीद लिया है, जो अपने आप में एक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के किसानों के लिए यह सीज़न खुशख़बरी से भरा रहा है। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> की अगुवाई में राज्य सरकार ने इस साल <strong>धान खरीद में नया इतिहास</strong> बना दिया है। बाढ़ जैसे मुश्किल हालातों के बावजूद सरकार ने <strong>150 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन से अधिक धान</strong> खरीद लिया है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<h2><strong>99% </strong><strong>धान खरीद पूरी </strong><strong>— </strong><strong>मंडियों में रिकॉर्ड परफॉर्मेंस</strong></h2>
<p>10 नवंबर की शाम तक पंजाब की मंडियों में <strong>1,51,80,075.88 MT </strong><strong>धान</strong> पहुंचा था।<br />
इनमें से <strong>1,50,35,129.93 MT</strong> धान की खरीद हो चुकी है।<br />
यानी <strong>करीब 99% </strong><strong>खरीद</strong>, जो दिखाता है कि सरकार का सिस्टम कितना मजबूत और असरदार है।</p>
<h2><strong>बाढ़ के बावजूद किसानों को राहत</strong></h2>
<p>हालांकि कई जिलों में बाढ़ से फसल को नुकसान हुआ था, लेकिन सरकार ने</p>
<ul>
<li>तेज़ कार्रवाई,</li>
<li>बेहतर प्लानिंग,</li>
<li>और लगातार मॉनिटरिंग<br />
से यह सुनिश्चित किया कि किसानों को खरीद में कोई दिक्कत न आए।</li>
</ul>
<h2><strong>11 </strong><strong>लाख किसानों को एमएसपी का फायदा </strong><strong>— 48 </strong><strong>घंटे में भुगतान</strong></h2>
<p>सरकार ने धान बेचने वाले <strong>11 </strong><strong>लाख से अधिक किसानों</strong> को <strong>न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)</strong> का लाभ दिया है।<br />
सबसे बड़ी बात — किसानों को उनका पैसा <strong>खरीद के 48 </strong><strong>घंटे के अंदर</strong> सीधे बैंक खाते में भेजा गया।</p>
<p>अब तक पंजाब सरकार <strong>₹34,000 </strong><strong>करोड़ से ज़्यादा</strong> राशि किसानों को दे चुकी है।</p>
<p>इससे किसानों को<br />
अगली फसल की तैयारी<br />
कृषि खर्च पूरे करने<br />
और आर्थिक स्थिरता<br />
में बहुत मदद मिली।</p>
<h2><strong>पटियाला जिला सबसे आगे</strong></h2>
<p>किसानों को भुगतान दिलाने में <strong>पटियाला जिला टॉप</strong> पर रहा। सबसे ज्यादा किसानों को यहीं पर एमएसपी का लाभ मिला।</p>
<h2><strong>मंडियों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर</strong></h2>
<p>पंजाब सरकार ने इस साल मंडियों में</p>
<ul>
<li>डिजिटल मॉनिटरिंग,</li>
<li>तेज़ पेपरवर्क,</li>
<li>साफ-सफाई,</li>
<li>और बेहतर मैनेजमेंट<br />
जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित कीं।</li>
</ul>
<p>फ़ूड, सिविल सप्लाईज़ और कंज़्यूमर अफ़ेयर्स मंत्री <strong>लाल चंद कटारूचक</strong> ख़ुद मंडियों का दौरा कर रहे थे, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो।</p>
<h2><strong>धान की उठाई भी तेज़ </strong><strong>— 90% </strong><strong>से अधिक स्टॉक क्लियर</strong></h2>
<p>खरीदा गया करीब <strong>135 </strong><strong>लाख MT </strong><strong>से अधिक धान</strong> मंडियों से उठा लिया गया है।<br />
इससे मंडियों में भीड़ नहीं लगी और पूरे सीज़न में व्यवस्था स्मूद रही।</p>
<h2><strong>सीएम भगवंत मान का बयान</strong></h2>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा:<br />
<strong>“</strong><strong>यह सफलता किसानों, </strong><strong>अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमवर्क का नतीजा है। हमारा मकसद सिर्फ़ धान खरीदना नहीं, </strong><strong>बल्कि किसानों को सम्मान, </strong><strong>भरोसा और आत्मनिर्भरता देना है।”</strong></p>
<p>उनकी “<strong>किसान-प्रथम नीति</strong>” इस बार पूरी तरह सफल साबित हुई।</p>
<p>यह रिकॉर्ड सिर्फ़ एक सरकारी आंकड़ा नहीं है।<br />
यह दिखाता है कि जब<br />
नीयत साफ़ हो,<br />
सिस्टम मजबूत हो,<br />
और किसान-हित सबसे ऊपर रखा जाए,<br />
तो कोई भी चुनौती राज्य की प्रगति को रोक नहीं सकती।</p>
<p>पंजाब सरकार ने इस बार साबित कर दिया कि सही प्रबंधन और पारदर्शिता से कृषि तंत्र को मॉडल बनाया जा सकता है — पूरे देश के लिए एक मिसाल की तरह।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>धान की लिफ्टिंग 10 Million Metric Ton के पार, किसानों के Accounts में पहुंचे 27,000 Crore रुपये: Lal Chand Kataruchak</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/paddy-lifting-crosses-10-million-metric-tonnes-%e2%82%b927000-crore-transferred-to-farmers-accounts-lal-chand-kataruchak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Nov 2025 05:52:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब सरकार ने इस साल धान की खरीद में नया रिकॉर्ड बना दिया है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बताया कि इस बार धान की लिफ्टिंग (उठान) का आंकड़ा 100 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है। अब तक 104 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों से उठाया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब सरकार ने इस साल धान की खरीद में नया रिकॉर्ड बना दिया है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मंत्री <strong>लाल चंद कटारूचक</strong> ने बताया कि इस बार धान की <strong>लिफ्टिंग (उठान)</strong> का आंकड़ा <strong>100 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन</strong> के पार पहुंच गया है। अब तक <strong>104 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन धान</strong> मंडियों से उठाया जा चुका है।</p>
<p>मंत्री ने कहा कि <strong>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</strong> की अगुवाई वाली सरकार के अच्छे प्रबंधन की वजह से इस बार मंडियों में धान की खरीद बिल्कुल सुचारू ढंग से हो रही है। किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आ रही और उन्हें <strong>समय पर भुगतान</strong> भी मिल रहा है।</p>
<p><strong>धान खरीद में नया रिकॉर्ड</strong></p>
<p>पंजाब की मंडियों में इस सीज़न तक <strong>127 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन</strong> से ज़्यादा धान पहुंच चुका है। इनमें से सरकारी एजेंसियों ने अब तक <strong>124 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन</strong> धान की खरीद पूरी कर ली है।<br />
कटारूचक ने बताया कि यह राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे <strong>बेहतरीन खरीद प्रक्रिया</strong> है, जहां किसानों को लाइन में लगना या मंडियों में इंतज़ार नहीं करना पड़ा।</p>
<p><strong>किसानों को मिला समय पर पैसा</strong></p>
<p>मंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि किसानों को उनकी फसल का पैसा <strong>सीधे उनके बैंक खातों में</strong> ट्रांसफर किया जा रहा है।<br />
अब तक किसानों के खातों में <strong>27,000 </strong><strong>करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि</strong> जमा की जा चुकी है। उन्होंने कहा, “पहले किसानों को अपना भुगतान पाने के लिए हफ्तों तक मंडियों में धरने देने पड़ते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं।”</p>
<p><strong>किसान हित में मान सरकार की नीतियां</strong></p>
<p>कटारूचक ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ़ निर्देश दिए हैं कि <strong>किसानों</strong><strong>, </strong><strong>आढ़तियों और मज़दूरों</strong> — किसी को भी मंडियों में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।<br />
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को <strong>बिना झंझट और बिना देरी के भुगतान</strong> देना है, ताकि मंडियों का सिस्टम और भी मज़बूत और पारदर्शी बन सके।</p>
<p><strong>किसानों से अपील</strong></p>
<p>मंत्री ने किसानों से यह भी अपील की कि वे मंडियों में <strong>पूरी तरह सूखी फसल</strong> लेकर आएं। इससे उन्हें अपनी मेहनत की पूरी कीमत मिलेगी और धान की खरीद प्रक्रिया और तेज़ी से पूरी की जा सकेगी।</p>
<p><strong>सरकार का दावा</strong></p>
<p>मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के समय मंडियां <strong>जाम</strong> हो जाती थीं, किसानों को भुगतान के लिए <strong>लंबा इंतज़ार</strong> करना पड़ता था, लेकिन अब मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि सही योजना और ईमानदार नीयत से सब कुछ समय पर किया जा सकता है।</p>
<p>पंजाब में धान की खरीद और उठान का यह रिकॉर्ड राज्य के किसानों के लिए एक <strong>सकारात्मक संदेश</strong> है। समय पर भुगतान, पारदर्शी प्रक्रिया और मंडियों में बेहतर प्रबंधन से किसानों को राहत मिली है। सरकार का दावा है कि आगे भी इसी तरह किसान-हितैषी नीतियां लागू की जाती रहेंगी, ताकि पंजाब के खेतों में मेहनत करने वाले किसान निश्चिंत होकर अपनी फसल बेच सकें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Chief Minister Bhagwant Mann बोले – अब तक 61.01 lakh metric tonnes paddy खरीदा गया, किसानों को ₹13,073 crore का भुगतान</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/chief-minister-bhagwant-mann-says-61-01-lakh-metric-tonnes-of-paddy-purchased-so-far-%e2%82%b913073-crore-paid-to-farmers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Oct 2025 03:54:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
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		<category><![CDATA[CM Punjab]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की हर संभव मदद कर रही है ताकि किसी किसान को मंडियों में परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 63.49 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचा, जिनमें से 61.01 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की हर संभव मदद कर रही है ताकि किसी किसान को मंडियों में परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक <strong>63.49 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचा</strong>, जिनमें से <strong>61.01 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है।</strong> किसानों को इसके बदले अब तक <strong>₹13,073 </strong><strong>करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान</strong> किया जा चुका है।</p>
<p>मुख्यमंत्री शुक्रवार को <strong>बस्सी पठाना और मोरिंडा की अनाज मंडियों</strong> के दौरे पर थे। उन्होंने वहां धान खरीद की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की उपज का <strong>एक-एक दाना खरीदा जाए</strong> और उठान (लिफ्टिंग) समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मंडियों में व्यवस्था इस तरह की गई है कि किसानों को न तो देरी हो और न कोई परेशानी।</p>
<p><strong>बाढ़ से खराब हुई फसल</strong><strong>, </strong><strong>केंद्र से मानदंडों में ढील की मांग</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार बाढ़ के कारण पंजाब के कई इलाकों में किसानों की फसल को बहुत नुकसान हुआ है। धान में <strong>नमी की मात्रा और बदरंग दानों की संख्या बढ़ गई</strong> है। इसलिए उन्होंने <strong>केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि धान की खरीद के लिए बनाए गए सख्त मानदंडों में ढील दी जाए</strong>, ताकि किसानों की मेहनत बेकार न जाए।</p>
<p>भगवंत मान ने बताया कि उन्होंने इस बारे में पहले भी केंद्र को चिट्ठी लिखी थी और अब दोबारा आग्रह किया है कि केंद्र किसानों की इस जरूरी मांग को स्वीकार करे। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बावजूद पंजाब देश के <strong>राष्ट्रीय अन्न भंडार में करीब </strong><strong>170 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन धान का योगदान</strong> देने की उम्मीद रखता है।</p>
<p><strong>केंद्र पर सौतेले व्यवहार का आरोप</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि <strong>बाढ़ राहत के लिए घोषित </strong><strong>₹1600 </strong><strong>करोड़</strong> की राशि अभी तक पंजाब को नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी आपदा के समय भी केंद्र का यह रवैया <strong>“</strong><strong>सौतेला व्यवहार</strong><strong>”</strong> दर्शाता है।<br />
उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा से देश का <strong>“</strong><strong>अन्नदाता</strong><strong>”</strong> रहा है और देश के हर संकट में आगे रहा है, इसलिए केंद्र को भी पंजाब के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।</p>
<p><strong>सरकार की </strong><strong>5 </strong><strong>बड़ी प्राथमिकताएं</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की पांच प्रमुख प्राथमिकताएं हैं —<br />
<strong>स्वास्थ्य</strong><strong>, </strong><strong>शिक्षा</strong><strong>, </strong><strong>बिजली</strong><strong>, </strong><strong>पानी और बुनियादी ढांचा (</strong><strong>infrastructure)</strong>।<br />
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इन सभी क्षेत्रों में तेजी से सुधार ला रही है ताकि लोगों का जीवन बेहतर हो सके।</p>
<p><strong>शिक्षा में नई उड़ान</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब पहले से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>
<ul>
<li><strong>265 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Mains</strong> के लिए योग्यता हासिल की है।</li>
<li><strong>44 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Advanced</strong> पास किया है।</li>
<li><strong>848 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>NEET </strong><strong>परीक्षा</strong> के लिए क्वालिफाई किया है।</li>
</ul>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य में <strong>“School of Eminence”</strong> बनाए गए हैं, जो विद्यार्थियों को क्वालिटी एजुकेशन (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) दे रहे हैं।</p>
<p><strong>आम आदमी क्लीनिक से </strong><strong>1.75 </strong><strong>करोड़ लोगों को राहत</strong></p>
<p>भगवंत मान ने कहा कि अब तक <strong>881 </strong><strong>आम आदमी क्लीनिक</strong> खोले जा चुके हैं और जल्द ही यह संख्या <strong>1000</strong> पार कर जाएगी।<br />
इन क्लीनिकों से अब तक <strong>1.75 </strong><strong>करोड़ लोगों को मुफ्त दवाइयां और इलाज</strong> मिल चुका है।<br />
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।</p>
<p><strong>90% </strong><strong>घरों को जीरो बिजली बिल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में <strong>90 </strong><strong>प्रतिशत घरों को अब जीरो बिजली बिल</strong> मिल रहे हैं।<br />
उन्होंने कहा कि पंजाब अब देश के लिए <strong>“</strong><strong>चानन मुनारा</strong><strong>” (light house)</strong> बनकर उभर रहा है, क्योंकि बिजली क्षेत्र में जो सुधार किए गए हैं, वे दूसरे राज्यों के लिए मिसाल हैं।</p>
<p><strong>गुरु तेग बहादुर जी के </strong><strong>350</strong><strong>वें शहीदी दिवस पर विशेष समारोह</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री <strong>गुरु तेग बहादुर जी के </strong><strong>350</strong><strong>वें शहीदी दिवस</strong> के अवसर पर राज्य सरकार पूरे प्रदेश में श्रद्धा के साथ समारोह आयोजित करेगी।<br />
मुख्य कार्यक्रम <strong>श्री आनंदपुर साहिब</strong> में होगा, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे <strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू</strong> को भी औपचारिक रूप से निमंत्रण देंगे।<br />
उन्होंने कहा कि इस समारोह का उद्देश्य लोगों में <strong>धर्मनिरपेक्षता</strong><strong>, </strong><strong>मानवता और बलिदान की भावना</strong> को बढ़ावा देना है, जैसा कि नौवें गुरु ने अपने जीवन से सिखाया।</p>
<p><strong>अंत में मुख्यमंत्री ने कहा:</strong></p>
<p>“पंजाब के किसानों की मेहनत का हर दाना खरीदा जाएगा। हमारी सरकार किसानों, विद्यार्थियों और आम जनता के साथ खड़ी है। पंजाब को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाना हमारा संकल्प है।”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab Government ने किसानों को दिया तोहफा — 7,472 Crore रुपये की अदायगी, 100% धान Lifting Completed</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-government-gives-a-big-gift-to-farmers-%e2%82%b97472-crore-payment-released-100-paddy-lifting-completed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Oct 2025 04:12:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को राज्य में चल रही धान खरीद प्रक्रिया की समीक्षा की और अधिकारियों को आदेश दिए कि त्योहारी सीजन के दौरान खरीद कार्यों में किसी भी तरह की रुकावट न आए। मुख्यमंत्री ने अपने निवास पर राज्य के वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारियों और प्रशासनिक सचिवों के साथ बैठक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने शुक्रवार को राज्य में चल रही <strong>धान खरीद प्रक्रिया</strong> की समीक्षा की और अधिकारियों को आदेश दिए कि <strong>त्योहारी सीजन</strong> के दौरान खरीद कार्यों में किसी भी तरह की रुकावट न आए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने अपने निवास पर राज्य के <strong>वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारियों और प्रशासनिक सचिवों</strong> के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि <strong>इस साल आई बाढ़ से हुए नुकसान</strong> के बावजूद पंजाब एक बार फिर <strong>देश के अनाज भंडार (</strong><strong>National Food Basket)</strong> में बड़ा योगदान देने जा रहा है। पंजाब सरकार ने इस बार <strong>175 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन धान खरीदने</strong> का लक्ष्य तय किया है।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश</strong></p>
<p>भगवंत सिंह मान ने सभी अधिकारियों को कहा कि किसानों की मेहनत से उगाए गए हर एक दाने की खरीद सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि “पंजाब का किसान सालभर मेहनत करता है, इसलिए सरकार का फर्ज़ है कि उसकी फसल की खरीद बिना किसी दिक्कत के हो।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि <strong>त्योहारी सीजन में भी मंडियों में खरीद प्रक्रिया बिना रुके जारी</strong> रहनी चाहिए और <strong>अधिकारियों को नियमित निगरानी</strong> करनी होगी ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-8397" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-18-at-6.52.06-PM-300x169.jpg" alt="" width="682" height="384" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-18-at-6.52.06-PM-300x169.jpg 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-18-at-6.52.06-PM-1024x576.jpg 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-18-at-6.52.06-PM-768x432.jpg 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-18-at-6.52.06-PM-150x84.jpg 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-18-at-6.52.06-PM-120x68.jpg 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-18-at-6.52.06-PM-130x73.jpg 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-18-at-6.52.06-PM-356x200.jpg 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-18-at-6.52.06-PM.jpg 1200w" sizes="(max-width: 682px) 100vw, 682px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>अब तक का खरीद आंकड़ा</strong></p>
<p>पंजाब में इस सीजन के लिए <strong>1,822 </strong><strong>नियमित खरीद केंद्र (</strong><strong>mandis)</strong> अधिसूचित किए गए हैं। ये सभी केंद्र <strong>खाद्य</strong><strong>, </strong><strong>नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग</strong> की ओर से तय किए गए हैं।</p>
<p>शुक्रवार तक के आंकड़ों के अनुसार —</p>
<ul>
<li>राज्य की मंडियों में <strong>38.65 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन धान</strong> की आमद हो चुकी है।</li>
<li>इनमें से <strong>37.20 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन धान</strong> पहले ही खरीदा जा चुका है।</li>
<li><strong>100% </strong><strong>लिफ्टिंग (धान उठान)</strong> पूरी हो चुकी है, यानी मंडियों में पड़ा सारा खरीदा हुआ धान गोदामों में पहुंचा दिया गया है।</li>
</ul>
<p><strong>किसानों को अब तक का भुगतान</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक <strong>किसानों को </strong><strong>7,472.20 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि किसानों को उनका पैसा <strong>समय पर और बिना किसी देरी के</strong> मिले।</p>
<p><strong>किसानों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता</strong></p>
<p>भगवंत मान ने कहा कि सरकार <strong>धान के हर एक दाने की खरीद</strong> के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। वे खुद इस पूरी प्रक्रिया की <strong>व्यक्तिगत रूप से निगरानी</strong> कर रहे हैं ताकि किसी किसान को कोई परेशानी न हो।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि पंजाब सरकार ने <strong>पारदर्शी</strong><strong>, </strong><strong>तेज़ और ईमानदार खरीद प्रक्रिया</strong> के लिए कई कदम उठाए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि <strong>गांव और मंडी स्तर पर किसानों को सभी जरूरी सुविधाएं</strong> दी जाएं — जैसे कि तौल, भुगतान, लिफ्टिंग और ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था।</p>
<p><strong>बैठक में शामिल अधिकारी</strong></p>
<p>इस बैठक में <strong>मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा</strong> समेत राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>सारांश:</strong></p>
<p>पंजाब में अब तक 38.65 लाख मीट्रिक टन धान की आमद, 37.20 लाख मीट्रिक टन की खरीद।<br />
100% धान लिफ्टिंग पूरी हो चुकी है।<br />
किसानों को अब तक ₹7,472.20 करोड़ का भुगतान।<br />
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान खुद कर रहे हैं पूरी प्रक्रिया की निगरानी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab Government ने धान की निर्विघ्न खरीद के लिए किए पुख़्ता इंतज़ाम, Flood-Affected जिलों पर भी नज़र</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-government-ensures-smooth-paddy-procurement-keeps-close-watch-on-flood-affected-districts/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Aug 2025 05:55:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers]]></category>
		<category><![CDATA[FarmerSupport]]></category>
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		<category><![CDATA[Government]]></category>
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		<category><![CDATA[PaddyProcurement]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefMeasures]]></category>
		<category><![CDATA[SmoothProcurement]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब सरकार ने खरीफ सीजन में धान की एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित करने के लिए मंडियों में पूरी तैयारी शुरू कर दी है। कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि इस बार किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। मंडियों में पूरी तैयारी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब सरकार ने खरीफ सीजन में धान की एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित करने के लिए मंडियों में पूरी तैयारी शुरू कर दी है। कृषि और किसान कल्याण मंत्री <strong>गुरमीत सिंह खुड्डियां</strong> ने कहा कि इस बार किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।</p>
<p><strong>मंडियों में पूरी तैयारी</strong></p>
<p>कृषि मंत्री ने किसान भवन, चंडीगढ़ में पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन <strong>हरचंद सिंह बरसट</strong> और कृषि, खाद्य आपूर्ति व मंडी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें साफ कहा गया कि मंडियों में सफाई, शेड, पीने का पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध करवाई जा रही हैं।</p>
<p>इसके अलावा, <strong>पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी (PAU) </strong><strong>के कैलीबरेटिड नमी मीटर</strong> भी मंडियों और खरीद केंद्रों में लगाए जाएंगे, जिससे धान की नमी की माप एक जैसी हो और किसानों को रेट को लेकर कोई दिक्कत न हो।</p>
<p><strong>बाढ़ प्रभावित जिलों पर भी नज़र</strong></p>
<p>इसी बैठक के दौरान मंत्री ने <strong>मुख्य कृषि अधिकारियों (CAOs)</strong> से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति का जायज़ा भी लिया।<br />
कृषि विभाग के प्रशासनिक सचिव <strong>डॉ. बसंत गर्ग</strong> ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को हर संभव मदद दें और यह सुनिश्चित करें कि किसान मंडियों में <strong>सूखी फसल</strong> ही लेकर आएं, ताकि खरीद में किसी तरह की समस्या न हो।</p>
<p><strong>किसानों की सुविधा के लिए तैनात स्टाफ</strong></p>
<p>पंजाब मंडी बोर्ड के सचिव <strong>रामवीर</strong> ने बताया कि मंडियों में किसानों की मदद के लिए फील्ड स्टाफ तैनात कर दिया गया है। मंडियों में बिजली, शौचालय, शेड और साफ पीने के पानी जैसी सुविधाएं 24&#215;7 उपलब्ध रहेंगी।</p>
<p><strong>बारदाने की सप्लाई</strong></p>
<p>खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक <strong>वरिंदर कुमार शर्मा</strong> ने बताया कि धान की खरीद के लिए ज़रूरी <strong>5.40 </strong><strong>लाख बारदाने की गांठों में से लगभग 3.50 </strong><strong>लाख पहले ही पहुँच चुकी हैं</strong>, जबकि बाकी गांठें <strong>सितंबर के मध्य तक</strong> उपलब्ध हो जाएंगी।</p>
<p><strong>सरकार का वादा</strong></p>
<p>कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> के नेतृत्व वाली सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस खरीफ सीजन में <strong>धान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा</strong> और किसानों की मेहनत का पूरा मूल्य उन्हें समय पर मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>CM Bhagwant Mann ने Centre से मांगी मदद, कहा &#8211; &#8221; Release करें 9,000 Crore की Pending Funds, Resolve Storage Crisis&#8221;</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/cm-bhagwant-mann-seeks-centres-help-says-release-%e2%82%b99000-crore-pending-funds-resolve-storage-crisis/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Jul 2025 06:05:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AgricultureInfrastructure]]></category>
		<category><![CDATA[AgricultureNews]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[CoveredStorage]]></category>
		<category><![CDATA[FarmersIssues]]></category>
		<category><![CDATA[FCI]]></category>
		<category><![CDATA[PaddyProcurement]]></category>
		<category><![CDATA[PendingFunds]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabCM]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[RuralDevelopmentFund]]></category>
		<category><![CDATA[StorageCrisis]]></category>
		<category><![CDATA[UnionGovernment]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की और राज्य की कई अहम मांगों को लेकर बातचीत की। सीएम मान ने खासतौर पर ₹9,000 करोड़ से ज्यादा की लंबित ग्रामीण विकास फंड (RDF) और मंडी फीस की राशि को तुरंत जारी करने की मांग की। ग्रामीण विकास [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की और राज्य की कई अहम मांगों को लेकर बातचीत की। सीएम मान ने खासतौर पर <strong>₹9,000 </strong><strong>करोड़ से ज्यादा की लंबित ग्रामीण विकास फंड (RDF) </strong><strong>और मंडी फीस</strong> की राशि को तुरंत जारी करने की मांग की।</p>
<p><strong>ग्रामीण विकास पर असर</strong></p>
<p>यह मुलाकात जोशी के दिल्ली स्थित आवास पर हुई, जहां मुख्यमंत्री ने बताया कि <strong>किसान और गांवों से जुड़े कई विकास कार्य</strong> सिर्फ इस राशि के अटकने की वजह से रुक गए हैं। उन्होंने कहा कि RDF की रकम पिछले <strong>2021-22 </strong><strong>खरीफ सीजन</strong> से जारी नहीं की गई है। पंजाब सरकार ने केंद्र की गाइडलाइंस के अनुसार अपना <strong>Punjab Rural Development Act</strong> भी संशोधित कर दिया है, इसके बावजूद अभी तक <strong>₹7,737.27 </strong><strong>करोड़ RDF</strong> और <strong>₹1,836.62 </strong><strong>करोड़ मंडी फीस</strong> की बकाया राशि जारी नहीं हुई।</p>
<p>मान ने बताया कि <strong>मंडी बोर्ड और ग्रामीण विकास बोर्ड</strong> आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और लोन चुकाने में भी परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि यह फंड जल्द से जल्द जारी किए जाएं ताकि <strong>गांवों की सड़कों, </strong><strong>मंडियों में गोदामों और दूसरी मूलभूत सुविधाओं</strong> का विकास किया जा सके।</p>
<p><strong>स्टोरेज की भारी कमी</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने राज्य में <strong>चावल स्टोरेज की कमी</strong> को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि गोदामों की कमी के चलते <strong>चावल की डिलीवरी की समयसीमा 30 </strong><strong>सितंबर 2024</strong> तक बढ़ानी पड़ी, जिससे <strong>राइस मिलर्स</strong> को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा।<br />
हालांकि अब तक <strong>107 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन चावल</strong> FCI को दिया जा चुका है, लेकिन अभी भी <strong>10 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन</strong> बाकी है। जुलाई 2025 तक कम से कम <strong>15 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन चावल</strong> की मूवमेंट जरूरी है ताकि अगले सीजन की खरीद प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।</p>
<p><strong>गेहूं के गोदाम बनें चावल स्टोरेज</strong></p>
<p>स्टोरेज संकट को हल करने के लिए मान ने सुझाव दिया कि <strong>गेहूं के गोदामों को चावल स्टोरेज</strong> में बदला जाए, जिससे कम से कम <strong>7 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त जगह</strong> मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि यह तरीका पूरे देश में लागू किया जा सकता है।</p>
<p><strong>आढ़ती कमीशन में बदलाव की मांग</strong></p>
<p>सीएम ने <strong>&#8220;</strong><strong>आढ़ती&#8221; कमीशन</strong> को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने <strong>धान के लिए ₹45.88 </strong><strong>और गेहूं के लिए ₹46 </strong><strong>प्रति क्विंटल</strong> कमीशन तय किया है, जबकि पंजाब की मंडी बोर्ड की बाइलॉज के मुताबिक <strong>2.5% </strong><strong>कमीशन</strong> होना चाहिए। उन्होंने इस दर को बदलने की अपील की ताकि <strong>किसानों और आढ़तियों में असंतोष न फैले</strong>।</p>
<p><strong>धान की खरीद जल्दी शुरू करने की अपील</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने केंद्र से <strong>धान की खरीद प्रक्रिया 15 </strong><strong>दिन पहले यानी 15 </strong><strong>सितंबर से शुरू</strong> करने की मांग की, जिससे <strong>किसानों को फसल बेचने में आसानी हो</strong> और अनाज की नमी भी कम रहे।</p>
<p><strong>FCI </strong><strong>से जुड़ी अन्य मांगें</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने FCI से जुड़ी कई अन्य मुद्दे भी उठाए, जिनमें शामिल हैं:</p>
<ul>
<li><strong>46 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन गोदाम निर्माण</strong> के लिए बनी हाई लेवल कमेटी की बैठक जल्द बुलाई जाए।</li>
<li><strong>5 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन स्टोरेज की स्वीकृति</strong> तो मिल चुकी है लेकिन बाकी प्रक्रिया अटकी हुई है।</li>
<li><strong>2022-23 </strong><strong>में FRK (fortified rice) </strong><strong>की गुणवत्ता को लेकर रिजेक्ट चावल</strong> के लिए एक बार के लिए स्टोरेज चार्जेस की वापसी की मांग।</li>
<li><strong>हर साल ₹1,200 </strong><strong>करोड़ का कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) </strong><strong>गैप</strong>, जिसे PPI (Procurement Incidentals) की कमी के कारण केंद्र और FCI पूरा नहीं कर रहे।</li>
</ul>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र से स्पष्ट कहा कि अगर इन मुद्दों पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो <strong>किसानों, </strong><strong>आढ़तियों और पूरी कृषि व्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है</strong>। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र इस दिशा में जल्द जरूरी कदम उठाएगा।</p>
<p>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की और राज्य की कई अहम मांगों को लेकर बातचीत की। सीएम मान ने खासतौर पर <strong>₹9,000 </strong><strong>करोड़ से ज्यादा की लंबित ग्रामीण विकास फंड (RDF) </strong><strong>और मंडी फीस</strong> की राशि को तुरंत जारी करने की मांग की।</p>
<p><strong>ग्रामीण विकास पर असर</strong></p>
<p>यह मुलाकात जोशी के दिल्ली स्थित आवास पर हुई, जहां मुख्यमंत्री ने बताया कि <strong>किसान और गांवों से जुड़े कई विकास कार्य</strong> सिर्फ इस राशि के अटकने की वजह से रुक गए हैं। उन्होंने कहा कि RDF की रकम पिछले <strong>2021-22 </strong><strong>खरीफ सीजन</strong> से जारी नहीं की गई है। पंजाब सरकार ने केंद्र की गाइडलाइंस के अनुसार अपना <strong>Punjab Rural Development Act</strong> भी संशोधित कर दिया है, इसके बावजूद अभी तक <strong>₹7,737.27 </strong><strong>करोड़ RDF</strong> और <strong>₹1,836.62 </strong><strong>करोड़ मंडी फीस</strong> की बकाया राशि जारी नहीं हुई।</p>
<p>मान ने बताया कि <strong>मंडी बोर्ड और ग्रामीण विकास बोर्ड</strong> आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और लोन चुकाने में भी परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि यह फंड जल्द से जल्द जारी किए जाएं ताकि <strong>गांवों की सड़कों, </strong><strong>मंडियों में गोदामों और दूसरी मूलभूत सुविधाओं</strong> का विकास किया जा सके।</p>
<p><strong>स्टोरेज की भारी कमी</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने राज्य में <strong>चावल स्टोरेज की कमी</strong> को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि गोदामों की कमी के चलते <strong>चावल की डिलीवरी की समयसीमा 30 </strong><strong>सितंबर 2024</strong> तक बढ़ानी पड़ी, जिससे <strong>राइस मिलर्स</strong> को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा।<br />
हालांकि अब तक <strong>107 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन चावल</strong> FCI को दिया जा चुका है, लेकिन अभी भी <strong>10 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन</strong> बाकी है। जुलाई 2025 तक कम से कम <strong>15 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन चावल</strong> की मूवमेंट जरूरी है ताकि अगले सीजन की खरीद प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।</p>
<p><strong>गेहूं के गोदाम बनें चावल स्टोरेज</strong></p>
<p>स्टोरेज संकट को हल करने के लिए मान ने सुझाव दिया कि <strong>गेहूं के गोदामों को चावल स्टोरेज</strong> में बदला जाए, जिससे कम से कम <strong>7 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त जगह</strong> मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि यह तरीका पूरे देश में लागू किया जा सकता है।</p>
<p><strong>आढ़ती कमीशन में बदलाव की मांग</strong></p>
<p>सीएम ने <strong>&#8220;</strong><strong>आढ़ती&#8221; कमीशन</strong> को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने <strong>धान के लिए ₹45.88 </strong><strong>और गेहूं के लिए ₹46 </strong><strong>प्रति क्विंटल</strong> कमीशन तय किया है, जबकि पंजाब की मंडी बोर्ड की बाइलॉज के मुताबिक <strong>2.5% </strong><strong>कमीशन</strong> होना चाहिए। उन्होंने इस दर को बदलने की अपील की ताकि <strong>किसानों और आढ़तियों में असंतोष न फैले</strong>।</p>
<p><strong>धान की खरीद जल्दी शुरू करने की अपील</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने केंद्र से <strong>धान की खरीद प्रक्रिया 15 </strong><strong>दिन पहले यानी 15 </strong><strong>सितंबर से शुरू</strong> करने की मांग की, जिससे <strong>किसानों को फसल बेचने में आसानी हो</strong> और अनाज की नमी भी कम रहे।</p>
<p><strong>FCI </strong><strong>से जुड़ी अन्य मांगें</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने FCI से जुड़ी कई अन्य मुद्दे भी उठाए, जिनमें शामिल हैं:</p>
<ul>
<li><strong>46 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन गोदाम निर्माण</strong> के लिए बनी हाई लेवल कमेटी की बैठक जल्द बुलाई जाए।</li>
<li><strong>5 </strong><strong>लाख मीट्रिक टन स्टोरेज की स्वीकृति</strong> तो मिल चुकी है लेकिन बाकी प्रक्रिया अटकी हुई है।</li>
<li><strong>2022-23 </strong><strong>में FRK (fortified rice) </strong><strong>की गुणवत्ता को लेकर रिजेक्ट चावल</strong> के लिए एक बार के लिए स्टोरेज चार्जेस की वापसी की मांग।</li>
<li><strong>हर साल ₹1,200 </strong><strong>करोड़ का कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) </strong><strong>गैप</strong>, जिसे PPI (Procurement Incidentals) की कमी के कारण केंद्र और FCI पूरा नहीं कर रहे।</li>
</ul>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र से स्पष्ट कहा कि अगर इन मुद्दों पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो <strong>किसानों, </strong><strong>आढ़तियों और पूरी कृषि व्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है</strong>। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र इस दिशा में जल्द जरूरी कदम उठाएगा।</p>
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