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	<title>ParliamentDebate &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>क्या अब Pan-Tobacco बेचने वाले करेंगे देश की सुरक्षा? Malvinder Singh Kang का BJP पर तंज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Dec 2025 05:25:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और श्री आनंदपुर साहिब से सांसद मलविंदर सिंह कंग ने संसद में केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने संसद में चर्चा के दौरान “हेल्थ सिक्योरिटी और नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025” पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पान मसाला और तंबाकू जैसी हानिकारक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और श्री आनंदपुर साहिब से सांसद <strong>मलविंदर सिंह कंग</strong> ने संसद में केंद्र की <strong>भाजपा सरकार</strong> पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने संसद में चर्चा के दौरान <strong>“</strong><strong>हेल्थ सिक्योरिटी और नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025”</strong> पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पान मसाला और तंबाकू जैसी हानिकारक चीजों को <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा</strong> से जोड़कर एक मजाक कर रही है।</p>
<p>कंग ने तंज कसते हुए कहा, &#8220;अब तक हम सोचते थे कि देश की सुरक्षा हमारी बहादुर फौज करती है, लेकिन इस बिल के बाद पान और तंबाकू बेचने वाले कहेंगे कि हम ही देश की सुरक्षा कर रहे हैं।&#8221;</p>
<h3>फौज के शौर्य का अपमान</h3>
<p>सांसद कंग ने कहा कि यह बिल <strong>हास्यास्पद और विरोधाभासी</strong> है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा हमारी <strong>ग्रेट इंडियन आर्मी</strong> करती है, लेकिन सरकार इस बिल के ज़रिए यह संदेश दे रही है कि जो पान-मसाले पर टैक्स देता है, वह देश को सुरक्षित कर रहा है।</p>
<p>कंग ने कहा, &#8220;कल को पान की दुकान वाला कहेगा – मैं टैक्स दे रहा हूँ, इसलिए बॉर्डर सुरक्षित है। हेल्थ सुरक्षा अच्छे खेल, सही डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल से आती है, न कि तंबाकू से।&#8221; उन्होंने सिख धर्म का हवाला देते हुए कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का घोड़ा भी तंबाकू के खेत के पास रुक गया था।</p>
<h3>गुजरात और पंजाब के मुद्दे</h3>
<p>कंग ने <strong>गुजरात के मुंद्रा पोर्ट</strong> और पंजाब के बॉर्डर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुंद्रा पोर्ट से बड़ी मात्रा में नशे की खेप पकड़ी जाती है, लेकिन सरकार बड़े अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही। पंजाब-बॉर्डर पर उन्होंने पूछा कि क्या इस सेस से इकट्ठा पैसा सीमा सुरक्षा में खर्च होगा।</p>
<p>कंग ने बिल के उस क्लॉज पर भी आपत्ति जताई जिसमें कहा गया है कि कीमतों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। उनका कहना था कि क्या सरकार चाहती है कि लोग <strong>सस्ता नशा</strong> करें और पान मसाले का कारोबार बढ़े?</p>
<h3>राज्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर</h3>
<p>सांसद कंग ने यह भी कहा कि सरकार <strong>जीएसटी और अन्य माध्यमों से टैक्स का केंद्रीकरण</strong> कर रही है। उन्होंने मांग की कि इस सेस से इकट्ठा हुए पैसे में राज्यों का हिस्सा साफ-साफ बताया जाए।</p>
<p>कंग ने नसीहत दी कि अगर सरकार सच में <strong>हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी</strong> चाहती है तो उसे पान-मसाले और तंबाकू को बढ़ावा देने की बजाय <strong>स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर</strong>, <strong>सही खानपान</strong>, और <strong>स्वस्थ जीवनशैली</strong> पर ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>मलविंदर सिंह कंग ने सरकार को चेतावनी दी कि यह बिल <strong>फौज की इज्जत और देश की सुरक्षा</strong> का मजाक है। उन्होंने कहा कि इस बिल पर <strong>पुनर्विचार</strong> करना जरूरी है और देश की सुरक्षा और स्वास्थ्य के असली उपायों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।</p>
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		<title>Bharat ने Pakistan से War क्यों नहीं किया? Amit Shah का Responds</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/why-didnt-india-go-to-war-with-pakistan-amit-shah-responds/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Jul 2025 05:48:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[संसद में चल रही बहस के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को विपक्ष के सवालों का करारा जवाब दिया। बहस का मुद्दा था – पहलगाम आतंकी हमला और उसके जवाब में हुआ ऑपरेशन सिंदूर। विपक्ष ने सवाल उठाया कि इतने बड़े हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से युद्ध क्यों नहीं किया? अमित शाह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>संसद में चल रही बहस के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को विपक्ष के सवालों का करारा जवाब दिया। बहस का मुद्दा था – पहलगाम आतंकी हमला और उसके जवाब में हुआ ऑपरेशन सिंदूर। विपक्ष ने सवाल उठाया कि इतने बड़े हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से युद्ध क्यों नहीं किया?</p>
<p>अमित शाह ने सीधे विपक्ष पर हमला बोला और कहा कि कांग्रेस के इतिहास की गलतियों की वजह से आज ये हालात बने। शाह ने कहा,</p>
<p>“कल ये पूछ रहे थे युद्ध क्यों नहीं हुआ। आज पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) मौजूद है तो उसकी वजह सिर्फ जवाहरलाल नेहरू हैं।”</p>
<p>नेहरू पर निशाना</p>
<p>अमित शाह ने कहा कि 1960 में हुआ इंडस वॉटर ट्रीटी (Indus Waters Treaty) कांग्रेस सरकार की बड़ी गलती थी, जिसमें भारत ने अपनी 80% नदी का पानी पाकिस्तान को दे दिया। उन्होंने 1971 के शिमला समझौते पर भी सवाल उठाया और कहा कि उस वक्त कांग्रेस PoK को भूल गई।</p>
<p>शाह ने आगे कहा कि भारत के आज UN Security Council में स्थायी सदस्य न होने की भी जिम्मेदारी नेहरू की है।</p>
<p>“आज चीन UNSC में है और भारत नहीं। मोदी जी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि भारत को उसकी जगह मिले, लेकिन नेहरू की ऐतिहासिक गलतियों ने ये मौका छीन लिया।”</p>
<p>राहुल गांधी पर सीधा हमला</p>
<p>गृहमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा,</p>
<p>“जब हमारे जवान डोकलाम में चीन के सामने डटे हुए थे, तब राहुल गांधी चीनी एंबेसेडर से मुलाकात कर रहे थे। ये चीन प्रेम नेहरू से लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी तक चला आ रहा है।”</p>
<p>चिदंबरम पर पाकिस्तान को बचाने का आरोप</p>
<p>अमित शाह ने पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर भी बड़ा आरोप लगाया कि वो पाकिस्तान का बचाव कर रहे हैं।</p>
<p>“वो सबूत मांग रहे थे कि आतंकी पाकिस्तानी हैं। पाकिस्तान को क्लीन चिट देकर उन्हें क्या फायदा होने वाला है?”</p>
<p>पाकिस्तानी कनेक्शन के सबूत पेश किए</p>
<p>शाह ने कहा कि पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकी पाकिस्तानी थे।</p>
<p>“उनके पास वोटर आईडी नंबर मिले। उनके पास से जो चॉकलेट मिलीं, वो पाकिस्तान में बनी थीं। क्या ये सबूत काफी नहीं हैं?”</p>
<p>उन्होंने ये भी कहा कि अगर ये आतंकी पाकिस्तानी नहीं थे, तो हमने पाकिस्तान के आतंकी कैंप पर हमला क्यों किया?</p>
<p>संदेश साफ – पाकिस्तान को बख्शा नहीं जाएगा</p>
<p>अमित शाह ने साफ कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमले का जवाब दे दिया है, और पाकिस्तान की धरती पर बैठे आतंकियों को निशाना बनाया गया है।</p>
<p>अंत में उन्होंने कहा –</p>
<p>“चिदंबरम हमसे सवाल नहीं पूछ रहे, वो पाकिस्तान का बचाव कर रहे हैं। देश की जनता सब देख रही है।”</p>
<p>संसद में शाह के भाषण के दौरान भाजपा सांसदों ने तालियां बजाकर उनका समर्थन किया।</p>
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		<item>
		<title>Operation Sindoor पर Parliament में होगी 25 घंटे की बड़ी Debate: Government पूरी तैयारी में, Trump के &#8216;Ceasefire&#8217; दावे पर उठे सवाल</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/25-hour-mega-debate-on-operation-sindoor-in-parliament-government-fully-prepared-questions-raised-over-trumps-ceasefire-claim/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Jul 2025 05:36:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[संसद के मानसून सत्र में 29 जुलाई को &#8216;ऑपरेशन सिंदूर&#8216; पर बड़ी बहस होने जा रही है, जो राजनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों लिहाज़ से बेहद अहम मानी जा रही है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार ने लोकसभा में 16 घंटे और राज्यसभा में 9 घंटे की चर्चा के लिए समय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>संसद के मानसून सत्र में 29 जुलाई को <strong>&#8216;</strong><strong>ऑपरेशन सिंदूर</strong><strong>&#8216;</strong> पर बड़ी बहस होने जा रही है, जो राजनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों लिहाज़ से बेहद अहम मानी जा रही है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार ने <strong>लोकसभा में </strong><strong>16 </strong><strong>घंटे और राज्यसभा में </strong><strong>9 </strong><strong>घंटे</strong> की चर्चा के लिए समय तय किया है, जिसे बाद में <strong>राज्यसभा में भी </strong><strong>16 </strong><strong>घंटे तक</strong> बढ़ा दिया गया।</p>
<p>इस चर्चा में <strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</strong>, <strong>गृह मंत्री अमित शाह</strong> और <strong>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह</strong> के बोलने की उम्मीद है, जबकि विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है।</p>
<p><strong>बहस क्यों ज़रूरी हो गई</strong><strong>?</strong></p>
<p>इस बहस की मांग तब से ज़ोर पकड़ रही है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति <strong>डोनाल्ड ट्रंप</strong> ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच <strong>&#8220;</strong><strong>सीजफायर करवाई थी&#8221;</strong>, यानी युद्ध रोकवाया था। ट्रंप ये बात अब तक <strong>25 </strong><strong>बार दोहरा चुके हैं</strong>, जिससे भारत की विदेश नीति और संप्रभुता पर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p><strong>विपक्ष</strong> का कहना है कि अगर ट्रंप की बात सही है, तो क्या भारत ने किसी विदेशी नेता की मदद से युद्ध टालने की अनुमति दी?<br />
<strong>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे</strong> ने इसे भारत के लिए &#8220;शर्मनाक&#8221; बताया और कहा कि प्रधानमंत्री को खुद संसद में जवाब देना चाहिए।<br />
<strong>राहुल गांधी</strong> ने कहा – &#8220;दाल में कुछ काला है&#8221; और इस पर खुलकर बहस होनी चाहिए।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री का जवाब क्या होगा</strong><strong>?</strong></p>
<p>सरकार ने संकेत दिए हैं कि प्रधानमंत्री <strong>मोदी खुद संसद में जवाब देंगे</strong> और यह साफ करेंगे कि <strong>कोई भी मध्यस्थता नहीं हुई थी</strong>।<br />
विदेश मंत्रालय पहले ही साफ कर चुका है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो भी सीजफायर हुआ, वह <strong>आपसी समझौते</strong> के तहत हुआ था, न कि ट्रंप की वजह से।</p>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमला</strong></p>
<p>इस बहस में <strong>22 </strong><strong>अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम</strong> में हुए <strong>आतंकी हमले</strong> का मुद्दा भी शामिल किया गया है, जिसमें <strong>26 </strong><strong>हिंदू श्रद्धालुओं की जान गई थी</strong>। विपक्ष पूछ रहा है कि अब तक हमले के जिम्मेदार आतंकियों को पकड़ा क्यों नहीं गया?<br />
सरकार की तरफ से कहा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर इसी के जवाब में चलाया गया, लेकिन अब तक इसके पूरे ब्योरे सामने नहीं आए हैं।</p>
<p><strong>बिहार में </strong><strong>SIR </strong><strong>यानी </strong><strong>Special Intensive Revision</strong></p>
<p>चर्चा के दौरान बिहार में चल रही <strong>वोटर लिस्ट की स्पेशल रिवीजन (</strong><strong>SIR)</strong> का मुद्दा भी उठेगा। विपक्ष का आरोप है कि इसमें गड़बड़ियां हो रही हैं, जबकि सरकार कह रही है कि यह नियमित प्रक्रिया है।</p>
<p><strong>अब आगे क्या</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li>बहस <strong>28 </strong><strong>जुलाई को लोकसभा</strong> में शुरू होगी और <strong>29 </strong><strong>जुलाई को राज्यसभा</strong> में जारी रहेगी।</li>
<li>यह बहस संसद के इतिहास की <strong>सबसे लंबी चर्चाओं में से एक</strong> हो सकती है, जिसमें सुरक्षा, विदेश नीति और राजनीति—तीनों पहलुओं पर बात होगी।</li>
<li>इसमें इस बात पर भी चर्चा होगी कि क्या <strong>सरकार जनता और संसद को ऑपरेशन सिंदूर के सभी तथ्यों से अवगत करा रही है या नहीं।</strong></li>
</ul>
<p><strong>लोगों के लिए क्यों ज़रूरी है जानना</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li>क्योंकि ये बहस सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि <strong>देश की सुरक्षा</strong>, <strong>हमारे पड़ोसी देशों से रिश्ते</strong>, और <strong>भारत की विदेश नीति</strong> की साख से जुड़ी है।</li>
<li>अगर किसी विदेशी नेता ने हमारे देश की ओर से बिना जानकारी के कुछ तय किया, तो यह <strong>संप्रभुता पर सीधा हमला</strong> माना जाएगा।</li>
</ul>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर</strong> और <strong>ट्रंप के दावे</strong> ने संसद का तापमान बढ़ा दिया है। अब देखना ये है कि इस बहस में सरकार कितनी पारदर्शिता दिखाती है और विपक्ष इसे किस हद तक मुद्दा बनाता है। संसद में होने वाली ये 25 घंटे की बहस न सिर्फ सांसदों के लिए, बल्कि हर आम नागरिक के लिए भी अहम होगी।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>Pahalgam Terror Attack और Operation Sindoor पर अगले हफ्ते 16 घंटे की Debate को Govt की मंजूरी, Opposition की नाराज़गी बरकरार</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/govt-approves-16-hour-debate-on-pahalgam-terror-attack-and-operation-sindoor-next-week-opposition-remains-unyielding/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Jul 2025 03:02:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन सोमवार 21 जुलाई को विपक्षी पार्टियों के जोरदार हंगामे और बहस की मांग के बाद केंद्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर अगले हफ्ते लोकसभा में 16 घंटे की बहस को मंजूरी दे दी है। यह फैसला लोकसभा के बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन सोमवार 21 जुलाई को विपक्षी पार्टियों के जोरदार हंगामे और बहस की मांग के बाद केंद्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर अगले हफ्ते लोकसभा में 16 घंटे की बहस को मंजूरी दे दी है। यह फैसला लोकसभा के बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने की।</p>
<p>यह बहस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 26 जुलाई को ब्रिटेन और मालदीव दौरे से लौटने के बाद करवाई जाएगी। फिलहाल पीएम 23 जुलाई से 26 जुलाई तक दो देशों के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे।</p>
<p><strong>क्या है मामला</strong><strong>?</strong></p>
<p>22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल <strong>पहलगाम में हुए आतंकी हमले में </strong><strong>26 </strong><strong>पर्यटकों की जान गई थी</strong>, जिनमें एक नेपाल का नागरिक भी शामिल था। इस हमले के बाद भारत ने <strong>&#8216;</strong><strong>ऑपरेशन सिंदूर</strong><strong>&#8216;</strong> के तहत सैन्य कार्रवाई की थी, जिसे लेकर देशभर में चर्चा रही। विपक्ष इसी मुद्दे पर संसद में तुरंत बहस और प्रधानमंत्री से जवाब की मांग कर रहा था।</p>
<p><strong>लोकसभा में हंगामा और विपक्ष की मांग</strong></p>
<p>सोमवार को मानसून सत्र की शुरुआत होते ही <strong>कांग्रेस</strong><strong>, </strong><strong>वाम दल</strong><strong>, </strong><strong>समाजवादी पार्टी और अन्य इंडिया गठबंधन की पार्टियों के सांसदों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया</strong>। सांसद नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए और बहस की तत्काल शुरुआत व प्रधानमंत्री की मौजूदगी की मांग करने लगे। इससे लोकसभा की कार्यवाही दिनभर में <strong>चार बार स्थगित</strong> करनी पड़ी।</p>
<p><strong>सरकार ने बहस को लेकर क्या कहा</strong><strong>?</strong></p>
<p>BAC की बैठक में सरकार ने यह स्पष्ट किया कि बहस अगले हफ्ते करवाई जाएगी और इसके लिए <strong>16 </strong><strong>घंटे का समय तय किया गया है</strong>। सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि चर्चा के दौरान पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर और उससे जुड़े कूटनीतिक मामलों पर भी बात होगी।</p>
<p><strong>बहस के नियमों को लेकर विवाद</strong></p>
<p>विपक्ष चाहता है कि बहस <strong>Rule 184 (</strong><strong>लोकसभा) और </strong><strong>Rule 167 (</strong><strong>राज्यसभा)</strong> के तहत हो, जिससे वोटिंग और चर्चा खत्म होने पर जवाब देने का अधिकार मिले। जबकि सरकार अकसर <strong>Rule 193 </strong><strong>और </strong><strong>Rule 176</strong> के तहत चर्चा करवाती है, जिसमें केवल सामान्य बहस होती है और वोटिंग नहीं होती। कांग्रेस का कहना है कि <strong>2009 </strong><strong>के बाद पहली बार सरकार ने वोटिंग वाले नियम के तहत बहस की सहमति दी है</strong>, अगर ऐसा होता है।</p>
<p>हालांकि, <strong>सरकार की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बहस किस नियम के तहत करवाई जाएगी</strong>। राज्यसभा की BAC की बैठक मंगलवार को होगी, जहां चर्चा की अवधि पर फैसला लिया जाएगा।</p>
<p><strong>राज्यसभा में भी वॉकआउट</strong></p>
<p>राज्यसभा में विपक्ष के नेता <strong>मल्लिकार्जुन खड़गे</strong> की अगुवाई में वॉकआउट हुआ। उन्होंने भी पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर तत्काल बहस की मांग की थी। कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई, रणदीप सुरजेवाला और नसीर हुसैन ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर बहस कराने की मांग को लेकर नोटिस दिया था।</p>
<p>गौरव गोगोई ने बाद में कहा कि सरकार BAC की बैठक में जो लिखित एजेंडा लाई, उसमें कहीं भी <strong>पहलगाम या ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र नहीं था</strong>।</p>
<p><strong>विपक्ष ने और क्या मांगे रखीं</strong><strong>?</strong></p>
<p>विपक्ष सिर्फ पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर पर ही नहीं, बल्कि <strong>बिहार में चल रही स्पेशल इलेक्टोरल रोल रिवीजन (</strong><strong>SIR)</strong> और <strong>मणिपुर की स्थिति</strong> पर भी अलग-अलग बहस की मांग कर रहा है। इसके साथ ही विपक्ष ने <strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान सीज़फायर पर दिए गए बयानों</strong> पर भी प्रधानमंत्री से जवाब मांगा है।</p>
<p><strong>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह</strong>, जो लोकसभा में डिप्टी लीडर हैं, उन्होंने अपील की कि “सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, जिसे स्पीकर मंजूरी देंगे”, लेकिन विपक्ष शांत नहीं हुआ।</p>
<p><strong>आगे क्या</strong><strong>?</strong></p>
<p>सूत्रों का कहना है कि जब तक पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर पर बहस नहीं होती, विपक्ष सदन नहीं चलने देगा। सभी की नजरें अब अगले हफ्ते तय की गई <strong>16 </strong><strong>घंटे की बहस</strong> पर टिकी हैं। देखना होगा कि सरकार किस नियम के तहत चर्चा कराती है और प्रधानमंत्री सदन में खुद जवाब देने आते हैं या नहीं।</p>
<p><strong>यह मुद्दा न सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है</strong><strong>, </strong><strong>बल्कि संसद के कामकाज और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिहाज़ से भी अहम है।</strong> विपक्ष इसे जवाबदेही से जोड़कर देख रहा है, वहीं सरकार चर्चा के लिए तैयार तो है, लेकिन नियमों को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>Monsoon Session 2025: संसद का सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त तक, ‘Operation Sindoor’ समेत कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/monsoon-session-2025-parliament-to-convene-from-july-21-to-august-12-key-issues-including-operation-sindoor-to-be-discussed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Jun 2025 05:17:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[IndianPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[MonsoonSession2025]]></category>
		<category><![CDATA[ParliamentDebate]]></category>
		<category><![CDATA[ParliamentSession]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalNews]]></category>
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					<description><![CDATA[संसद का मानसून सत्र 2025 इस बार 21 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा, जिसकी जानकारी बुधवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने दी। इस बार का सत्र कुल 23 दिनों का होगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और कुछ जरूरी विधेयक (Bills) पेश किए जा सकते हैं। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>संसद का <strong>मानसून सत्र </strong><strong>2025</strong> इस बार <strong>21 </strong><strong>जुलाई से शुरू होकर </strong><strong>12 </strong><strong>अगस्त तक चलेगा</strong>, जिसकी जानकारी बुधवार को <strong>केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू</strong> ने दी। इस बार का सत्र कुल <strong>23 </strong><strong>दिनों</strong> का होगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और कुछ जरूरी विधेयक (Bills) पेश किए जा सकते हैं।</p>
<p>इस सत्र में <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा</strong>, <strong>अर्थव्यवस्था</strong>, और हाल में शुरू किए गए <strong>&#8216;</strong><strong>ऑपरेशन सिंदूर</strong><strong>&#8216;</strong> जैसे मामलों पर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही कुछ नए कानूनों को पास कराने की कोशिश भी की जाएगी।</p>
<p><strong>सरकार ने दी जानकारी</strong></p>
<p>यह तारीखें <strong>कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स</strong> की बैठक में तय की गईं, जिसकी अध्यक्षता <strong>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह</strong> ने की। मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि सरकार की योजना है कि सत्र के दौरान सभी जरूरी विषयों को लेकर <strong>समावेशी और रचनात्मक चर्चा</strong> की जाए।</p>
<p>उन्होंने कहा, “हर सत्र खास होता है। इस बार भी हम सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भी एजेंडे में शामिल है।”</p>
<p><strong>विपक्ष की मांग और सरकार का रुख</strong></p>
<p>कई <strong>विपक्षी दलों</strong> ने सरकार से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर अलग से <strong>विशेष सत्र (</strong><strong>Special Session)</strong> बुलाने की मांग की थी। लेकिन रिजिजू ने साफ किया कि इस मुद्दे पर संसद के मौजूदा नियमों के तहत इसी मानसून सत्र में चर्चा हो सकती है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “हमने विपक्ष से बातचीत की है और हमें उम्मीद है कि इस बार सभी दल मिलकर संसद की कार्यवाही को बेहतर बनाएंगे। सरकार चाहती है कि हर पक्ष को साथ लेकर चलें।”</p>
<p><strong>अब तक क्या हुआ है</strong><strong>?</strong></p>
<p>साल 2025 में यह <strong>दूसरा संसद सत्र</strong> होगा। इससे पहले <strong>बजट सत्र</strong> 31 जनवरी से 4 अप्रैल तक चला था, जिसमें वित्त मंत्री ने बजट पेश किया था और कई आर्थिक मसलों पर चर्चा हुई थी।</p>
<p><strong>किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li><strong>ऑपरेशन सिंदूर</strong>: भारत सरकार द्वारा चलाया गया एक अहम मिशन, जिसे लेकर देश और विदेशों में चर्चा हो रही है।</li>
<li><strong>राष्ट्रीय सुरक्षा</strong> और बॉर्डर से जुड़े मसले।</li>
<li><strong>अर्थव्यवस्था</strong>, <strong>बेरोजगारी</strong>, और <strong>महंगाई</strong> जैसे जनसरोकार के मुद्दे।</li>
<li><strong>महत्वपूर्ण विधेयक</strong>, जैसे डिजिटल कानून, शिक्षा या स्वास्थ्य से जुड़े कानून।</li>
<li>विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सामाजिक, राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय मुद्दे।</li>
</ul>
<p>इस बार का मानसून सत्र काफी अहम माना जा रहा है। सरकार और विपक्ष, दोनों के पास अपने-अपने मुद्दे हैं, जिन पर बहस होगी। अब देखना यह होगा कि संसद में चर्चा का माहौल सकारात्मक रहता है या हंगामेदार।</p>
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