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	<title>PoliticalDebate &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>Neel Garg का Jakhar पर पलटवार: “Ansari को Punjab में कौन लाया था?”</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/neel-garg-hits-back-at-jakhar-who-brought-ansari-to-punjab/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Dec 2025 04:59:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता नील गर्ग ने पंजाब में बढ़ते अपराध को लेकर विरोधी दलों के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस केवल राजनीतिक फायदे के लिए झूठे तथ्यों के आधार पर पंजाब को बदनाम कर रहे हैं। नील गर्ग ने एनसीआरबी (National Crime [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता <strong>नील गर्ग</strong> ने पंजाब में बढ़ते अपराध को लेकर विरोधी दलों के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस केवल <strong>राजनीतिक फायदे</strong> के लिए झूठे तथ्यों के आधार पर पंजाब को बदनाम कर रहे हैं।</p>
<p>नील गर्ग ने <strong>एनसीआरबी (National Crime Records Bureau)</strong> के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब आज <strong>देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में दूसरे नंबर पर</strong> है। उन्होंने सवाल किया कि अगर सच की बात करें तो देश में सबसे ज्यादा अपराध वाले 10 राज्यों में से <strong>8 </strong><strong>भाजपा शासित और 2 </strong><strong>कांग्रेस शासित</strong> हैं।</p>
<p>उन्होंने पॉक्सो मामलों का भी जिक्र किया और कहा कि हाल ही में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक <strong>सबसे ज्यादा पॉक्सो केस यूपी, </strong><strong>महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश</strong> में हैं। ऐसे में सिर्फ पंजाब पर सवाल उठाना गलत है।</p>
<p>नील गर्ग ने सीधे तौर पर <strong>सुनील जाखड़</strong> से सवाल किया कि जब आप कांग्रेस के अध्यक्ष थे और पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी, तो <strong>अंसारी को पंजाब में कौन लाया था?</strong> उन्होंने कहा कि उस समय जाखड़ ने एक शब्द भी नहीं कहा, लेकिन अब पंजाब को बदनाम करने में लगे हुए हैं।</p>
<p>नील गर्ग ने आगे कहा कि जिस डाटा की बात की जा रही है, वह <strong>केंद्रीय एजेंसी एनसीआरबी</strong> द्वारा तैयार किया गया है, न कि पंजाब सरकार या AAP द्वारा। वही रिपोर्ट बताती है कि पंजाब देश के सुरक्षित राज्यों में दूसरे नंबर पर आता है।</p>
<p>उन्होंने जाखड़ से अपील की कि सिर्फ <strong>राजनीतिक फायदा उठाने के लिए पंजाब को बदनाम मत करो</strong> और कम से कम <strong>सच बोलने की हिम्मत</strong> रखो।</p>
<p>नील गर्ग का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल पंजाब में बढ़ते अपराध की खबरों को लेकर राज्य की छवि को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। नील गर्ग ने साफ किया कि <strong>पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति अन्य बड़े राज्यों के मुकाबले बेहतर है</strong> और जनता को सच्चाई जानने का पूरा हक है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>Congress का election boycott महज़ बहाना, जनता का सामना करने से डर रही है party: Kuldeep Dhaliwal</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/congresss-election-boycott-is-just-an-excuse-the-party-is-afraid-to-face-the-public-kuldeep-dhaliwal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Dec 2025 04:50:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[AAP ने कहा – कांग्रेस ने 75 साल में धक्केशाही और विश्वासघात का इतिहास लिखा, अब नैतिकता न सिखाए &#160; पंजाब में जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों को लेकर राजनीति तेज़ है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3><strong>AAP </strong><strong>ने कहा </strong><strong>– </strong><strong>कांग्रेस ने </strong><strong>75 </strong><strong>साल में धक्केशाही और विश्वासघात का इतिहास लिखा</strong><strong>, </strong><strong>अब नैतिकता न सिखाए</strong></h3>
<p>&nbsp;</p>
<p>पंजाब में जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों को लेकर राजनीति तेज़ है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक <strong>कुलदीप सिंह धालीवाल</strong> ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस का चुनाव बहिष्कार करने का फैसला सिर्फ “बहाना” है, क्योंकि पार्टी जनता के सामने आने से घबरा रही है।</p>
<p>धालीवाल ने कहा कि अगर पंजाब की राजनीति में किसी ने <em>धक्केशाही</em> और <em>विश्वासघात</em> का इतिहास लिखा है, तो वह कांग्रेस है। आज वही पार्टी “नैतिकता” का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रही है, जो अपने 75 साल के “काले इतिहास” को छिपा नहीं सकती।</p>
<h2><strong>AAP </strong><strong>की चुनौती </strong><strong>– </strong><strong>एक सबूत तो दिखाओ!</strong></h2>
<p>धालीवाल ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि अमृतसर देहाती, जंडियाला, बाबा बकाला, मजीठा, अटारी या अजनाला – किसी भी इलाके में अगर एक भी धक्केशाही की घटना हुई है तो कांग्रेस सामने सबूत पेश करे।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि असल में AAP उम्मीदवार <strong>लखविंदर सिंह खुद कांग्रेसियों की गुंडागर्दी का शिकार</strong> हुए और अस्पताल में भर्ती हैं। इसके बाद भी कांग्रेस खुद को पीड़ित बताने की कोशिश कर रही है।</p>
<h2><strong>कांग्रेस क्यों बोली कि चुनाव नहीं लड़ेंगे</strong><strong>?</strong></h2>
<p>कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि चुनावों में AAP सरकार की ओर से “धक्केशाही” हो रही है, कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और डराने-धमकाने की घटनाएँ सामने आ रही हैं।</p>
<p>इसी वजह से पार्टी ने <strong>तीन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव बहिष्कार</strong> का ऐलान किया।</p>
<p>कांग्रेस नेताओं का यह भी आरोप है कि AAP सरकार चुनाव प्रक्रिया में दखल दे रही है और विपक्ष को नामांकन भरने से रोका जा रहा है।</p>
<p>लेकिन AAP ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है और कहा कि कांग्रेस अपनी हार पहले ही मान चुकी है, इसलिए इसे “गुंडागर्दी” का मुद्दा बनाकर भागने की कोशिश कर रही है।</p>
<h2><strong>कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई भी बनी कारण: धालीवाल</strong></h2>
<p>AAP नेता धालीवाल ने कांग्रेस की <em>अंदरूनी कलह, </em><em>गुटबाजी और टिकटों की खरीद-फरोख्त</em> को उसकी बर्बादी का असली कारण बताया।</p>
<p>उन्होंने नवजोत कौर सिद्धू के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि <strong>पंजाब में सीएम चेहरा बनने के लिए </strong><strong>500 </strong><strong>करोड़ रुपये चाहिए</strong> – धालीवाल ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की असलियत उजागर करता है।</p>
<p>उनका कहना है कि “कांग्रेस में पाँच-पाँच मुख्यमंत्री घूम रहे हैं”, इसलिए पार्टी बिखर चुकी है और कार्यकर्ता भी साथ खड़े होने को तैयार नहीं।</p>
<h2><strong>कांग्रेस का </strong><strong>75 </strong><strong>साल का </strong><strong>‘</strong><strong>काला इतिहास</strong><strong>’: AAP </strong><strong>का हमला</strong></h2>
<p>धालीवाल ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब के लोग अभी भी याद रखते हैं—</p>
<ul>
<li>फर्जी पुलिस मुठभेड़</li>
<li>गुरु घर पर हमला</li>
<li>1984 में दिल्ली में सिखों को ज़िंदा जलाया जाना</li>
</ul>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसे “काले इतिहास” वाली पार्टी पंजाबियों को नैतिकता नहीं सिखा सकती।</p>
<h2><strong>अकाली दल पर भी निशाना</strong></h2>
<p>धालीवाल ने शिरोमणि अकाली दल पर भी हमला करते हुए कहा कि SAD <strong>SGPC </strong><strong>कर्मचारियों और उनके परिवारों को टिकट बांटकर संस्था का दुरुपयोग</strong> कर रहा है।</p>
<h2><strong>AAP </strong><strong>का दावा </strong><strong>– </strong><strong>लोग हमारे साथ हैं</strong></h2>
<p>AAP नेता का कहना है कि उनकी पार्टी सिर्फ और सिर्फ “विकास, ईमानदारी और सच्चाई” की राजनीति करती है, और पंजाब के लोग इस मॉडल पर भरोसा कर रहे हैं।</p>
<p>चुनावों को लेकर पंजाब की राजनीति गरमाई हुई है।</p>
<ul>
<li><strong>कांग्रेस</strong> AAP पर चुनावों में धक्केशाही और डराने-धमकाने के आरोप लगा रही है।</li>
<li><strong>AAP</strong> यह आरोप कांग्रेस की “हार का डर” बता रही है और कांग्रेस के 75 साल के इतिहास, भ्रष्टाचार और गुटबाजी को जिम्मेदार ठहरा रही है।</li>
</ul>
<p>कुल मिलाकर मुकाबला सिर्फ चुनावों का नहीं, बल्कि दोनों पार्टियों की <strong>विश्वसनीयता और राजनीतिक नैरेटिव</strong> का भी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्या Central Government Punjab के साथ कर रही है Discrimination? Bihar-Gujarat को तुरंत Funds लेकिन Punjab को सिर्फ़1600 Crore के वादे पर अब तक चुप्पी</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/is-the-central-government-discriminating-against-punjab-bihar-and-gujarat-get-immediate-funds-but-punjab-still-waits-for-the-promised-%e2%82%b91600-crore/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Dec 2025 05:34:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[2025 की भयानक बाढ़ ने पंजाब को पूरी तरह झकझोर दिया था। खेत, घर, सड़कें—सब पानी में समा गए। लाखों एकड़ फसल बर्बाद हुई, सैकड़ों गांव डूब गए और हजारों परिवार बेघर हो गए। हालात इतने खराब थे कि लोगों को घर छोड़कर राहत कैंपों में रहना पड़ा। किसानों ने अपनी सालभर की मेहनत को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>2025 की भयानक बाढ़ ने पंजाब को पूरी तरह झकझोर दिया था। खेत, घर, सड़कें—सब पानी में समा गए। लाखों एकड़ फसल बर्बाद हुई, सैकड़ों गांव डूब गए और हजारों परिवार बेघर हो गए। हालात इतने खराब थे कि लोगों को घर छोड़कर राहत कैंपों में रहना पड़ा। किसानों ने अपनी सालभर की मेहनत को पानी में बहते देखा, और छोटे दुकानदारों से लेकर मजदूरों तक, हर किसी की जिंदगी ठहर गई।</p>
<p>इसी मुश्किल समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब आए थे। उन्होंने हवाई सर्वे किया और मीडिया के सामने बड़ा ऐलान किया—<strong>पंजाब को बाढ़ राहत के लिए </strong><strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपये की विशेष सहायता (</strong><strong>special financial package) </strong><strong>दी जाएगी</strong>। उस समय पंजाब के लोगों ने सोचा था कि अब मदद जरूर मिलेगी।</p>
<p>लेकिन आज, महीनों बीत जाने के बाद भी, <strong>उस </strong><strong>1600 </strong><strong>करोड़ में से एक भी रुपया पंजाब के खाते में नहीं आया है</strong>।<br />
न कोई आधिकारिक पत्र,<br />
न कोई फंड रिलीज,<br />
न कोई किस्त—एक पैसा भी नहीं।</p>
<p>पंजाब सरकार के मुताबिक मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कई बार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को चिट्ठियाँ लिखीं। कई बार reminder भेजे गए। लेकिन हर बार एक ही जवाब मिला—<br />
<strong>“</strong><strong>विचार किया जा रहा है</strong><strong>”</strong>,<br />
<strong>“</strong><strong>प्रक्रिया चल रही है</strong><strong>”</strong>।<br />
लेकिन यह “प्रक्रिया” आज तक पूरी नहीं हुई।</p>
<p>उधर दूसरी तरफ, जब बिहार, असम या गुजरात में बाढ़ आती है, तो केंद्र सरकार फौरन पैकेज घोषित करती है और तुरंत पैसा भी ट्रांसफर कर देती है। खासकर उन राज्यों में जहां भाजपा की सरकार है, वहां राहत राशि कई बार दोगुनी-तिगुनी तक बढ़ा दी जाती है।<br />
इसी बात से दबे शब्दों में नहीं, बल्कि खुलकर आरोप लगाए जा रहे हैं कि <strong>पंजाब को इसलिए नजरअंदाज किया जा रहा है क्योंकि यहां </strong><strong>Aam Aadmi Party </strong><strong>की सरकार है</strong>।</p>
<p>केंद्र सरकार के कुछ मंत्री कभी कहते हैं कि 411 करोड़ दे दिए, कभी 480 करोड़, तो कभी 800 करोड़ भेजने का दावा करते हैं। लेकिन पंजाब सरकार और RTI रिकॉर्ड के अनुसार, <strong>राज्य के खजाने में आज तक एक भी रुपया नहीं आया</strong>।<br />
ऐसे में लोग इसे “press statements का खेल” और “राहत राशि का सिर्फ़ कागज़ी दावा” बता रहे हैं।</p>
<p>पंजाब के लोग इसे सिर्फ़ financial issue नहीं बल्कि <strong>regional discrimination</strong> यानी क्षेत्रीय भेदभाव बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह राजनीतिक बदले की भावना है—क्योंकि पंजाब बार-बार अपनी बात रख रहा है, सहायता मांग रहा है, मगर केंद्र सरकार चुप्पी साधे हुए है।</p>
<p>यह वही पंजाब है जिसने</p>
<ul>
<li>देश को अनाज दिया,</li>
<li>सीमाओं की रक्षा की,</li>
<li>सबसे ज़्यादा जवान दिए,</li>
<li>और हमेशा देश के साथ खड़ा रहा।</li>
</ul>
<p>लेकिन अब जब पंजाब खुद संकट में है, तो लोग महसूस कर रहे हैं कि उसे उसके हक की राहत राशि नहीं मिल रही। पंजाब के किसान, मजदूर, दुकानदार और आम परिवार अब भी बाढ़ की चोट से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकारों की राजनीति उनके जख्म और गहरे कर रही है।</p>
<p>पंजाब के राजनीतिक हलकों में एक ही सवाल उठ रहा है—<br />
<strong>क्या केंद्र सरकार पंजाब को सज़ा दे रही है</strong><strong>?</strong><br />
और यह सवाल अब आम जनता के बीच भी चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव दूर नहीं हैं। पंजाब के लोग सब देख और समझ रहे हैं। उनका कहना है कि <strong>पंजाब माफ नहीं करता</strong><strong>… </strong><strong>पंजाब याद रखता है।</strong></p>
<p>आने वाले चुनावों में यह मुद्दा कितना बड़ा रूप लेगा, यह आने वाला समय बताएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Raja Warring की टिप्पणी पर Harbhajan Singh E.T.O. का हमला, कहा – यह Manuist और दलित-विरोधी सोच है</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/harbhajan-singh-e-t-o-attacks-raja-warrings-remark-says-this-reflects-a-manuist-and-anti-dalit-mindset/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Nov 2025 16:23:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[Ambedkar]]></category>
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					<description><![CDATA[देश के पूर्व गृह मंत्री स्वर्गीय सरदार बूटा सिंह के बारे में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग द्वारा की गई टिप्पणी ने राजनीति में बहस छेड़ दी है। राजा वड़िंग ने एक वीडियो में बूटा सिंह को “पठे पाऊण वाला” कहकर संबोधित किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री सरदार हरभजन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देश के पूर्व गृह मंत्री <strong>स्वर्गीय</strong> <strong>सरदार</strong> <strong>बूटा</strong> <strong>सिंह</strong> के बारे में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष <strong>अमरिंदर</strong> <strong>सिंह</strong> <strong>राजा</strong> <strong>वड़िंग</strong> द्वारा की गई टिप्पणी ने राजनीति में बहस छेड़ दी है। राजा वड़िंग ने एक वीडियो में बूटा सिंह को <strong>“</strong><strong>पठे</strong> <strong>पाऊण</strong> <strong>वाला</strong><strong>”</strong> कहकर संबोधित किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए <strong>कैबिनेट</strong> <strong>मंत्री</strong> <strong>सरदार</strong> <strong>हरभजन</strong> <strong>सिंह</strong> <strong>ई</strong><strong>.</strong><strong>टी</strong><strong>.</strong><strong>ओ</strong><strong>.</strong> ने कहा कि यह बयान राजा वड़िंग की <strong>मनुवादी</strong> <strong>और</strong> <strong>दलित</strong><strong>&#8211;</strong><strong>विरोधी</strong> <strong>मानसिकता</strong> को उजागर करता है।</p>
<p>हरभजन सिंह ने कहा कि जिस व्यक्ति को राजा वड़िंग ने नीचा दिखाया, वह बी.ए. ऑनर्स, एम.ए., और पी.एच.डी. की डिग्रियों के साथ-साथ पत्रकारिता समेत कई क्षेत्रों में काम कर चुके थे। उन्होंने सिर्फ 25 साल की उम्र में 1962 में संसद का सदस्य बनने का गौरव हासिल किया।</p>
<p>हरभजन सिंह ने कहा कि राजा वड़िंग की यह <strong>रंग</strong><strong>&#8211;</strong><strong>आधारित</strong> <strong>टिप्पणी</strong> सीधे तौर पर संविधान का उल्लंघन है और यह दिखाता है कि कांग्रेस पार्टी के नेता अब भी अनुसूचित जातियों के प्रति सही दृष्टिकोण नहीं रखते।</p>
<p>कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि <strong>कांग्रेस</strong> <strong>पार्टी</strong> <strong>शुरू</strong> <strong>से</strong> <strong>ही</strong> <strong>दलित</strong> <strong>विरोधी</strong> <strong>रही</strong> <strong>है</strong>। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने हमेशा डॉ. भीमराव अंबेडकर का विरोध किया और विधानसभा में विपक्ष के नेता <strong>प्रताप</strong> <strong>सिंह</strong> <strong>बाजवा</strong> ने भी एक दलित विधायक को नीचा दिखाते हुए कहा था, “यह किस तरह का मटेरियल विधानसभा में आ गया है।”</p>
<p>हरभजन सिंह ने कहा कि भारत का अनुसूचित जाति समाज हमेशा <strong>डॉ</strong><strong>. </strong><strong>भीमराव</strong> <strong>अंबेडकर</strong> <strong>का</strong> <strong>ऋणी</strong> <strong>रहेगा</strong>, जिन्होंने संविधान के माध्यम से सभी को समानता का अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा संविधान नहीं होता, तो राजा वड़िंग जैसे नेता दलितों को ऊपर उठने का मौका कभी नहीं देते।</p>
<p>इस बयान के साथ ही राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं की <strong>दलित</strong> <strong>विरोधी</strong> <strong>मानसिकता</strong> अब भी साफ नजर आती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>“राहत नहीं, अपमान”: Aman Arora का Modi Government पर हमला, 1600 Crore का Package बताया पंजाबियों के जख्मों पर नमक</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/not-relief-but-insult-aman-arora-slams-modi-government-calls-%e2%82%b91600-crore-package-salt-on-punjabs-wounds/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Sep 2025 07:15:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में हाल ही में आई भयंकर बाढ़ ने लाखों लोगों की जिंदगी को हिला कर रख दिया। हजारों गांव पानी में डूब गए, फसलें बर्बाद हो गईं और कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। इस तबाही से 20,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। ऐसे मुश्किल समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में हाल ही में आई <strong>भयंकर बाढ़</strong> ने लाखों लोगों की जिंदगी को हिला कर रख दिया। हजारों गांव पानी में डूब गए, फसलें बर्बाद हो गईं और कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। इस तबाही से <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान</strong> हुआ है।</p>
<p>ऐसे मुश्किल समय में प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> सोमवार को पंजाब के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का <strong>हवाई सर्वेक्षण (</strong><strong>aerial survey)</strong> किया और हालात का जायजा लिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने <strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपए का राहत पैकेज</strong> घोषित किया।</p>
<p>लेकिन यह राहत पैकेज पंजाब के लोगों को बिल्कुल भी राहत देने वाला साबित नहीं हुआ। पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे <strong>बहुत कम (निगूना)</strong> बताते हुए केंद्र सरकार पर <strong>कड़ा हमला बोला</strong> है।</p>
<p><strong>अमन अरोड़ा का गुस्सा फूटा</strong></p>
<p>पंजाब के कैबिनेट मंत्री और AAP के प्रदेश अध्यक्ष <strong>अमन अरोड़ा</strong> ने इस पैकेज को <strong>&#8220;</strong><strong>क्रूर मज़ाक&#8221;</strong> और <strong>&#8220;</strong><strong>भद्दा तमाशा&#8221;</strong> करार दिया। उन्होंने कहा,</p>
<p><em>&#8220;</em><em>जब पूरा पंजाब बाढ़ की तबाही से जूझ रहा है</em><em>, </em><em>हजारों परिवार बर्बाद हो गए हैं</em><em>, </em><em>किसान कंगाल हो गए हैं</em><em>, </em><em>ऐसे समय में सिर्फ </em><em>1600 </em><em>करोड़ देना उनके घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। यह हर उस व्यक्ति के मुँह पर थप्पड़ है</em><em>, </em><em>जिसने बाढ़ में सब कुछ खो दिया है।&#8221;</em></p>
<p>अरोड़ा ने कहा कि यह रकम पंजाब की जरूरतों के मुकाबले <strong>बहुत ही कम</strong> है और यह पंजाबियों के साथ <strong>अपमान</strong> है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि,</p>
<p><em>&#8220;</em><em>मोदी जी ने पंजाब के दर्द से मुँह मोड़ लिया।&#8221;</em></p>
<p><strong>पंजाब का नुकसान </strong><strong>– </strong><strong>आंकड़ों में तबाही</strong></p>
<p>अमन अरोड़ा ने पंजाब में हुए नुकसान के चौंकाने वाले आंकड़े भी पेश किए।</p>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>नुकसान का पहलू</strong></td>
<td><strong>आंकड़ा</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>कुल नुकसान की कीमत</td>
<td>20,000 करोड़ रुपए से अधिक</td>
</tr>
<tr>
<td>केंद्र का घोषित राहत पैकेज</td>
<td>1600 करोड़ रुपए</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित कृषि भूमि</td>
<td>4.80 लाख एकड़</td>
</tr>
<tr>
<td>झोने (धान) की प्रभावित भूमि</td>
<td>3.71 लाख एकड़</td>
</tr>
<tr>
<td>बाढ़ में मौतें</td>
<td>52 लोग</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित गांव</td>
<td>2000 से ज्यादा</td>
</tr>
<tr>
<td>सीधे प्रभावित लोग</td>
<td>4 लाख से ज्यादा</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>अरोड़ा ने कहा कि किसानों की <strong>फसलें कटाई से सिर्फ </strong><strong>15-20 </strong><strong>दिन पहले ही बर्बाद हो गईं</strong>, जिससे उनका पूरा सीजन का मेहनताना खत्म हो गया। अब किसानों के पास <strong>दुबारा बुआई का कोई मौका नहीं</strong> है।</p>
<p><em>&#8220;</em><em>हमारे किसानों ने जिन फसलों को अपने बच्चों की तरह पाल रखा था</em><em>, </em><em>वे सब कुछ पानी में बह गईं।&#8221;</em></p>
<p><strong>मान सरकार की मांग</strong></p>
<p>पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> लगातार केंद्र सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि:</p>
<ul>
<li><strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपए</strong> के रोके हुए फंड तुरंत जारी किए जाएं।</li>
<li>पंजाब को <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज</strong> दिया जाए।</li>
</ul>
<p>लेकिन अब तक केंद्र सरकार की तरफ से सिर्फ 1600 करोड़ रुपए दिए गए हैं। अरोड़ा ने इसे पंजाब के प्रति <strong>स्पष्ट अनदेखी (</strong><strong>clear ignorance)</strong> बताया।</p>
<p><strong>ऐतिहासिक योगदान पर सवाल</strong></p>
<p>अरोड़ा ने याद दिलाया कि पंजाब ने हमेशा देश के लिए सबसे आगे रहकर योगदान दिया है:</p>
<ul>
<li><strong>आज़ादी की लड़ाई</strong> में पंजाबियों का बड़ा योगदान रहा।</li>
<li>पंजाब <strong>देश का अन्न भंडार</strong> भरता रहा है।</li>
<li>पंजाब के <strong>जवान देश की सरहदों की रक्षा</strong> करते रहे हैं।</li>
</ul>
<p>उन्होंने कहा,</p>
<p><em>&#8220;</em><em>जब हमारी जमीन बाढ़ में डूबी हुई है</em><em>, </em><em>हमारे लोग दर्द और तकलीफ में हैं</em><em>, </em><em>तब केंद्र सरकार का रवैया बहुत निराशाजनक है। पंजाब की मांगों को नजरअंदाज करना</em><em>, </em><em>हमारे योगदान के प्रति कृतघ्नता (</em><em>ungratefulness) </em><em>को दर्शाता है।&#8221;</em></p>
<p><strong>पुनर्वास की सख्त जरूरत</strong></p>
<p>अरोड़ा ने कहा कि यह <strong>1988 </strong><strong>के बाद की सबसे भयानक बाढ़</strong> है।</p>
<ul>
<li>अब तक <strong>52 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।</li>
<li>लाखों लोग बेघर हो गए हैं।</li>
<li>हजारों घर, सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं।</li>
</ul>
<p>उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी तबाही के बाद <strong>वृहद राहत पैकेज (</strong><strong>large relief package)</strong> की तुरंत जरूरत है ताकि लोगों को फिर से बसाया जा सके और उनकी जिंदगी पटरी पर लौट सके।</p>
<p><em>&#8220;</em><em>केंद्र सरकार को तुरंत नुकसान का सही मूल्यांकन करना चाहिए और पंजाब के लिए एक बड़ा और व्यावहारिक पैकेज जारी करना चाहिए</em><em>,&#8221;</em><br />
अरोड़ा ने यह अपील की।</p>
<p>पंजाब आज बाढ़ के कारण एक <strong>मानव त्रासदी (</strong><strong>human tragedy)</strong> का सामना कर रहा है।<br />
जहां किसानों की मेहनत पानी में बह गई, घर तबाह हो गए और हजारों लोग बेसहारा हो गए हैं।<br />
ऐसे समय में केंद्र सरकार का सिर्फ <strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपए का पैकेज</strong> पंजाब की जनता के जख्मों को और गहरा कर रहा है।</p>
<p>अमन अरोड़ा और पंजाब सरकार ने केंद्र से <strong>तुरंत बड़ा राहत पैकेज जारी करने</strong> की मांग की है और कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह देश के अन्नदाता के साथ <strong>सबसे बड़ा अन्याय</strong> होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Rahul Gandhi के ‘Vote Theft’ Allegations पर Election Commission का करारा जवाब – कहा, बिना Proof हटाया नहीं जा सकता किसी का नाम</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/election-commission-hits-back-at-rahul-gandhis-vote-theft-allegations-says-no-name-can-be-removed-without-proof/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Aug 2025 06:47:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
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					<description><![CDATA[कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर चुनाव आयोग ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। आयोग ने साफ कहा है कि मतदाता सूची (Voter List) को लेकर किए जा रहे दावे गलत और भ्रामक हैं। किसी भी मतदाता का नाम बिना कानूनी प्रक्रिया और ठोस सबूत के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर चुनाव आयोग ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। आयोग ने साफ कहा है कि मतदाता सूची (Voter List) को लेकर किए जा रहे दावे <strong>गलत और भ्रामक</strong> हैं। किसी भी मतदाता का नाम बिना कानूनी प्रक्रिया और ठोस सबूत के सूची से नहीं हटाया जा सकता।</p>
<p><strong>राहुल गांधी का आरोप</strong></p>
<p>राहुल गांधी ने हाल ही में एक अभियान शुरू किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कई निर्वाचन क्षेत्रों में <strong>फर्जी और डुप्लिकेट वोटरों के नाम जोड़े गए</strong> हैं, ताकि चुनाव नतीजों को प्रभावित किया जा सके।<br />
उन्होंने इसे <strong>“One Person, One Vote”</strong> जैसे लोकतांत्रिक सिद्धांत पर सीधा हमला बताया।</p>
<p>कांग्रेस का दावा है कि उनके विश्लेषण के मुताबिक, जो सार्वजनिक डेटा पर आधारित है, <strong>कर्नाटक के महादेवपुरा</strong> जैसे इलाकों में मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं। पार्टी ने यह भी मांग की है कि चुनाव आयोग <strong>डिजिटल फॉर्मेट में वोटर लिस्ट</strong> जारी करे, ताकि आम नागरिक और राजनीतिक दल उसका <strong>स्वतंत्र ऑडिट</strong> कर सकें।</p>
<p><strong>चुनाव आयोग का जवाब</strong></p>
<p>चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वोटर लिस्ट <strong>पूरी तरह कानून के अनुसार</strong> बनाई जाती है।</p>
<ul>
<li>किसी नाम को हटाने, जोड़ने या सुधारने की प्रक्रिया <strong>Voter Registration Rules, 1960</strong> के तहत होती है।</li>
<li>सिर्फ मीडिया रिपोर्ट या इंटरनेट पोस्ट देखकर बड़े पैमाने पर नाम नहीं हटाए जा सकते।</li>
<li>यदि कोई मानता है कि किसी का नाम गलत तरीके से शामिल हुआ है, तो उसे <strong>शपथपत्र और पुख्ता सबूत</strong> देना जरूरी है (नियम 20(3)(B) के तहत)।</li>
</ul>
<p>आयोग ने चेतावनी दी कि बिना सबूत के आरोप लगाने से हजारों सही मतदाताओं का नाम खतरे में पड़ सकता है और यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए हानिकारक है।</p>
<p><strong>राहुल गांधी को </strong><strong>EC की चुनौती</strong></p>
<p>चुनाव आयोग ने कहा कि जो भी लोग या पार्टियां सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगा रहे हैं, वे अपने <strong>दस्तावेज़ी सबूत और हस्ताक्षरित घोषणा पत्र</strong> के साथ शिकायत दर्ज कराएं।<br />
आयोग ने जोर देकर कहा – <em>“हम हर योग्य मतदाता के साथ थे, हैं और हमेशा रहेंगे।”</em></p>
<p><strong>EC ने रखे आंकड़े</strong></p>
<p>आयोग ने ताजा आंकड़े भी जारी किए:</p>
<ul>
<li><strong>बिहार में स्पेशल रिविजन</strong> के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर कुल <strong>17,665 दावे और आपत्तियां</strong> मिलीं।</li>
<li>इनमें से <strong>454 मामलों का निपटारा</strong> हो चुका है।</li>
<li><strong>13 दिन</strong> बीत जाने के बाद भी किसी राजनीतिक दल ने आधिकारिक दावा या आपत्ति नहीं दी।</li>
<li><strong>नए मतदाता</strong>: 18 साल या उससे ऊपर के लोगों से <strong>74,525 फॉर्म</strong> मिले, जिनमें 6 फॉर्म <strong>BLA (Booth Level Agents)</strong> से आए।</li>
</ul>
<p>आयोग ने बताया कि सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा <strong>7 दिन</strong> में होगा, दस्तावेज़ों के सत्यापन के बाद। साथ ही, <strong>1 अगस्त 2025</strong> को जारी ड्राफ्ट लिस्ट से किसी का नाम हटाने से पहले <strong>जांच और उचित मौका</strong> दिया जाएगा।</p>
<p>यह मामला अब सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता की कसौटी पर भी खड़ा है। राहुल गांधी के आरोपों ने बहस जरूर छेड़ दी है, लेकिन चुनाव आयोग का रुख साफ है – <strong>बिना सबूत कोई कार्रवाई नहीं</strong>।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Operation Sindoor पर Air Force Chief का बड़ा खुलासा – Congress ने PM Modi से पूछा, “इतनी जल्दी क्यों रोका Operation?”</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/major-revelation-by-air-force-chief-on-operation-sindoor-congress-asks-pm-modi-why-was-the-operation-stopped-so-soon/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 Aug 2025 06:10:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। एयर चीफ़ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने खुलासा किया है कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कम से कम 5 फाइटर जेट और एक AEW&#38;C (Airborne Early Warning and Control) विमान को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए <strong>ऑपरेशन सिंदूर</strong> को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। एयर चीफ़ मार्शल <strong>अमर प्रीत सिंह</strong> ने खुलासा किया है कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के <strong>कम से कम </strong><strong>5 </strong><strong>फाइटर जेट</strong> और <strong>एक </strong><strong>AEW&amp;C (Airborne Early Warning and Control) </strong><strong>विमान</strong> को मार गिराया था। इस बयान के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कड़े सवाल पूछे हैं।</p>
<p><strong>कांग्रेस का सवाल – दबाव कहां से आया</strong><strong>?</strong></p>
<p>कांग्रेस सांसद और पार्टी कम्युनिकेशन चीफ़ <strong>जयराम रमेश</strong> ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—<br />
<em>&#8220;</em><em>आज एयर चीफ़ मार्शल के खुलासे के बाद यह और भी चौंकाने वाला हो जाता है कि </em><em>10 </em><em>मई की शाम को पीएम ने अचानक ऑपरेशन सिंदूर को क्यों रोक दिया। आखिर दबाव कहां से आया और उन्होंने इतनी जल्दी क्यों पीछे हट गए</em><em>?&#8221;</em></p>
<p>लोकसभा में डिप्टी लीडर ऑफ़ ऑपोज़िशन <strong>गौरव गोगोई</strong> ने भी सवाल उठाया—<br />
<em>&#8220;</em><em>सवाल यह है कि ऑपरेशन को अचानक खत्म करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान से क्या ‘</em><em>concessions’ (</em><em>रियायतें) हासिल कीं</em><em>?&#8221;</em></p>
<p><strong>डोनाल्ड ट्रंप का दावा और राजनीतिक घमासान</strong></p>
<p>कांग्रेस और विपक्ष का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार दावा किया था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीज़फायर करवाया था।<br />
विपक्ष का आरोप है कि पीएम मोदी ने अमेरिकी दबाव में <strong>“</strong><strong>सरेंडर”</strong> कर दिया।</p>
<p>हालांकि, सरकार ने ट्रंप के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सरकार के मुताबिक—</p>
<ul>
<li>पाकिस्तान के <strong>DGMO</strong> ने भारत के <strong>DGMO</strong> से संपर्क कर सीज़फायर का अनुरोध किया।</li>
<li>भारत ने यह प्रस्ताव स्वीकार किया क्योंकि <strong>सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया गया था</strong> और ऑपरेशन सफल रहा।</li>
</ul>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर – कब और क्यों हुआ</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li><strong>तारीख</strong>: 7 मई 2025 की सुबह ऑपरेशन की शुरुआत हुई, और 10 मई की शाम को खत्म कर दिया गया।</li>
<li><strong>कारण</strong>: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला।</li>
<li><strong>लक्ष्य</strong>: पाकिस्तान और पाकिस्तान-ऑक्युपाइड कश्मीर (PoK) में 9 जगहों पर आतंकी ठिकाने।</li>
<li><strong>नतीजा</strong>: पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान और 1 AEW&amp;C विमान को मार गिराया गया।</li>
<li>ऑपरेशन के दौरान दोनों देशों के बीच बॉर्डर पर कई बार झड़पें हुईं।</li>
</ul>
<p><strong>अब विवाद क्यों बढ़ा</strong><strong>?</strong></p>
<p>वायुसेना प्रमुख के इस नए खुलासे ने विपक्ष को यह कहने का मौका दिया है कि जब भारत बढ़त बनाए हुए था, तब ऑपरेशन अचानक क्यों रोका गया। कांग्रेस का कहना है कि देश को यह जानने का अधिकार है कि <strong>किस दबाव में और किस वजह से ऑपरेशन सिंदूर का अंत किया गया</strong>।<br />
वहीं, सरकार का कहना है कि यह फैसला रणनीतिक और सोच-समझकर लिया गया था, और सभी लक्ष्य पहले ही पूरे हो चुके थे।</p>
<p>अब यह मुद्दा न सिर्फ सैन्य रणनीति का, बल्कि <strong>राजनीतिक बहस का भी केंद्र</strong> बन गया है, जिसमें आने वाले दिनों में और तीखी बयानबाज़ी देखने को मिल सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Rahul Gandhi के ‘Vote Theft’ Allegations पर BJP और EC का पलटवार – Fact-Check में क्या निकला सच?</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/bjp-and-ec-counter-rahul-gandhis-vote-theft-allegations-what-the-fact-check-reveals/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 Aug 2025 04:22:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[#BJP]]></category>
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					<description><![CDATA[राहुल गांधी ने हाल ही में चुनाव आयोग (Election Commission) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में “वोट चोरी” हो रही है और इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिल रहा है। उन्होंने इसके सबूत दिखाने का दावा किया, खासकर कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा चुनाव को लेकर। लेकिन बीजेपी और चुनाव आयोग की तरफ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>राहुल गांधी ने हाल ही में चुनाव आयोग (Election Commission) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में “वोट चोरी” हो रही है और इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिल रहा है। उन्होंने इसके सबूत दिखाने का दावा किया, खासकर कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा चुनाव को लेकर। लेकिन बीजेपी और चुनाव आयोग की तरफ से आए <strong>Fact-Check</strong> ने इन आरोपों को काफी हद तक चुनौती दी है। आइए पूरे मामले को समझते हैं।</p>
<p><strong>राहुल गांधी के आरोप</strong></p>
<ul>
<li>राहुल गांधी का कहना है कि <strong>महादेवपुरा में चुनाव साफ तौर पर </strong><strong>BJP </strong><strong>के पक्ष में “रिग” (</strong><strong>Rigged) </strong><strong>किए गए</strong>।</li>
<li>उन्होंने एक तस्वीर दिखाई जिसमें <strong>इलेक्टोरल रोल पर </strong><strong>BLA (Booth Level Agent) </strong><strong>के सिग्नेचर</strong> थे।</li>
<li>उनका आरोप है कि एक ही पते पर <strong>दर्जनों वोटर रजिस्टर्ड</strong> हैं, जो चुनावी धांधली का सबूत है।</li>
<li>उन्होंने दावा किया कि एक पते पर <strong>80 </strong><strong>वोटर</strong> और एक अन्य घर (हाउस नं. 80) में <strong>18 </strong><strong>नाम</strong> दर्ज थे।</li>
<li>कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर <strong>बेंगलुरु में बड़ा रैली</strong> भी की।</li>
</ul>
<p><strong>BJP </strong><strong>और </strong><strong>EC </strong><strong>का जवाब</strong></p>
<ol>
<li><strong>तस्वीर से धांधली साबित नहीं होती</strong>
<ul>
<li>बीजेपी का कहना है कि जिस तस्वीर को राहुल गांधी सबूत बता रहे हैं, वह <strong>डुप्लीकेट वोटिंग का प्रमाण नहीं</strong> है।</li>
<li>चुनाव आयोग के मुताबिक, <strong>बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट</strong> में बीजेपी ने 4 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त ली, और कांग्रेस ने भी 4 में बढ़त ली — यानी मामला सिर्फ महादेवपुरा तक सीमित नहीं।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>कांग्रेस के गढ़ में भी डुप्लीकेट वोटर</strong>
<ul>
<li>Fact-Check में सामने आया कि डुप्लीकेट वोटर सिर्फ BJP वाले इलाकों में नहीं, बल्कि <strong>कांग्रेस के मजबूत गढ़</strong> जैसे <strong>शिवाजीनगर</strong> और <strong>चामराजपेट</strong> में भी मिले।</li>
<li>बीजेपी पूछ रही है कि कांग्रेस इन इलाकों की बात क्यों नहीं कर रही।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>महाराष्ट्र का धुले लोकसभा सीट मामला</strong>
<ul>
<li>राहुल गांधी अक्सर महाराष्ट्र का उदाहरण देकर चुनाव आयोग की आलोचना करते हैं, लेकिन बीजेपी ने धुले सीट का मामला उठाया।</li>
<li>यहां बीजेपी को कुल 75 लाख वोट और कांग्रेस को 3.84 लाख वोट मिले।</li>
<li><strong>मालेगांव सेंट्रल</strong> (अल्पसंख्यक बहुल इलाका) में कांग्रेस को 52% वोट मिले, बीजेपी को सिर्फ 2.21% — बीजेपी पूछ रही है कि इतने बड़े अंतर और डुप्लीकेट वोटरों के बावजूद कांग्रेस यहां कैसे जीती।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>80 </strong><strong>वोटर एक पते पर – असली वजह</strong>
<ul>
<li>चुनाव आयोग ने जांच में पाया कि जिस पते पर 80 वोटर दर्ज थे, वहां पहले <strong>मजदूर वर्ग के लोग</strong> रहते थे, जो अब वहां से जा चुके हैं।</li>
<li>कोई सबूत नहीं कि उन्होंने BJP को वोट दिया।</li>
<li>हाउस नं. 80 पर 18 वोटर रजिस्टर्ड होने की बात भी सामने आई, जिस पर BJP का कहना है कि यही वजह है कि <strong>Special Intensive Revision (SIR)</strong> जरूरी है।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>EC </strong><strong>का तर्क</strong>
<ul>
<li>EC के मुताबिक, वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट नाम अक्सर <strong>मल्टी-सिटी या मल्टी-टाउन रजिस्ट्रेशन</strong> की वजह से होते हैं, न कि जानबूझकर की गई धांधली से।</li>
<li>आयोग का कहना है कि वह लगातार सभी पार्टियों से वोटर लिस्ट साफ करने में सहयोग की अपील कर रहा है।</li>
</ul>
</li>
</ol>
<p><strong>मौजूदा हालात</strong></p>
<ul>
<li>राहुल गांधी अपने आरोपों पर अड़े हुए हैं और बीजेपी-EC की सफाई से सहमत नहीं हैं।</li>
<li>बीजेपी इस मुद्दे को पलटकर कांग्रेस के गढ़ में भी गड़बड़ी के सवाल उठा रही है।</li>
<li>मामला अब राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप में फंस चुका है, और फिलहाल किसी समाधान के आसार नहीं दिख रहे।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Operation Sindoor पर Parliament में होगी 25 घंटे की बड़ी Debate: Government पूरी तैयारी में, Trump के &#8216;Ceasefire&#8217; दावे पर उठे सवाल</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/25-hour-mega-debate-on-operation-sindoor-in-parliament-government-fully-prepared-questions-raised-over-trumps-ceasefire-claim/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Jul 2025 05:36:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[संसद के मानसून सत्र में 29 जुलाई को &#8216;ऑपरेशन सिंदूर&#8216; पर बड़ी बहस होने जा रही है, जो राजनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों लिहाज़ से बेहद अहम मानी जा रही है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार ने लोकसभा में 16 घंटे और राज्यसभा में 9 घंटे की चर्चा के लिए समय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>संसद के मानसून सत्र में 29 जुलाई को <strong>&#8216;</strong><strong>ऑपरेशन सिंदूर</strong><strong>&#8216;</strong> पर बड़ी बहस होने जा रही है, जो राजनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों लिहाज़ से बेहद अहम मानी जा रही है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार ने <strong>लोकसभा में </strong><strong>16 </strong><strong>घंटे और राज्यसभा में </strong><strong>9 </strong><strong>घंटे</strong> की चर्चा के लिए समय तय किया है, जिसे बाद में <strong>राज्यसभा में भी </strong><strong>16 </strong><strong>घंटे तक</strong> बढ़ा दिया गया।</p>
<p>इस चर्चा में <strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</strong>, <strong>गृह मंत्री अमित शाह</strong> और <strong>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह</strong> के बोलने की उम्मीद है, जबकि विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है।</p>
<p><strong>बहस क्यों ज़रूरी हो गई</strong><strong>?</strong></p>
<p>इस बहस की मांग तब से ज़ोर पकड़ रही है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति <strong>डोनाल्ड ट्रंप</strong> ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच <strong>&#8220;</strong><strong>सीजफायर करवाई थी&#8221;</strong>, यानी युद्ध रोकवाया था। ट्रंप ये बात अब तक <strong>25 </strong><strong>बार दोहरा चुके हैं</strong>, जिससे भारत की विदेश नीति और संप्रभुता पर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p><strong>विपक्ष</strong> का कहना है कि अगर ट्रंप की बात सही है, तो क्या भारत ने किसी विदेशी नेता की मदद से युद्ध टालने की अनुमति दी?<br />
<strong>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे</strong> ने इसे भारत के लिए &#8220;शर्मनाक&#8221; बताया और कहा कि प्रधानमंत्री को खुद संसद में जवाब देना चाहिए।<br />
<strong>राहुल गांधी</strong> ने कहा – &#8220;दाल में कुछ काला है&#8221; और इस पर खुलकर बहस होनी चाहिए।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री का जवाब क्या होगा</strong><strong>?</strong></p>
<p>सरकार ने संकेत दिए हैं कि प्रधानमंत्री <strong>मोदी खुद संसद में जवाब देंगे</strong> और यह साफ करेंगे कि <strong>कोई भी मध्यस्थता नहीं हुई थी</strong>।<br />
विदेश मंत्रालय पहले ही साफ कर चुका है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो भी सीजफायर हुआ, वह <strong>आपसी समझौते</strong> के तहत हुआ था, न कि ट्रंप की वजह से।</p>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमला</strong></p>
<p>इस बहस में <strong>22 </strong><strong>अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम</strong> में हुए <strong>आतंकी हमले</strong> का मुद्दा भी शामिल किया गया है, जिसमें <strong>26 </strong><strong>हिंदू श्रद्धालुओं की जान गई थी</strong>। विपक्ष पूछ रहा है कि अब तक हमले के जिम्मेदार आतंकियों को पकड़ा क्यों नहीं गया?<br />
सरकार की तरफ से कहा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर इसी के जवाब में चलाया गया, लेकिन अब तक इसके पूरे ब्योरे सामने नहीं आए हैं।</p>
<p><strong>बिहार में </strong><strong>SIR </strong><strong>यानी </strong><strong>Special Intensive Revision</strong></p>
<p>चर्चा के दौरान बिहार में चल रही <strong>वोटर लिस्ट की स्पेशल रिवीजन (</strong><strong>SIR)</strong> का मुद्दा भी उठेगा। विपक्ष का आरोप है कि इसमें गड़बड़ियां हो रही हैं, जबकि सरकार कह रही है कि यह नियमित प्रक्रिया है।</p>
<p><strong>अब आगे क्या</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li>बहस <strong>28 </strong><strong>जुलाई को लोकसभा</strong> में शुरू होगी और <strong>29 </strong><strong>जुलाई को राज्यसभा</strong> में जारी रहेगी।</li>
<li>यह बहस संसद के इतिहास की <strong>सबसे लंबी चर्चाओं में से एक</strong> हो सकती है, जिसमें सुरक्षा, विदेश नीति और राजनीति—तीनों पहलुओं पर बात होगी।</li>
<li>इसमें इस बात पर भी चर्चा होगी कि क्या <strong>सरकार जनता और संसद को ऑपरेशन सिंदूर के सभी तथ्यों से अवगत करा रही है या नहीं।</strong></li>
</ul>
<p><strong>लोगों के लिए क्यों ज़रूरी है जानना</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li>क्योंकि ये बहस सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि <strong>देश की सुरक्षा</strong>, <strong>हमारे पड़ोसी देशों से रिश्ते</strong>, और <strong>भारत की विदेश नीति</strong> की साख से जुड़ी है।</li>
<li>अगर किसी विदेशी नेता ने हमारे देश की ओर से बिना जानकारी के कुछ तय किया, तो यह <strong>संप्रभुता पर सीधा हमला</strong> माना जाएगा।</li>
</ul>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर</strong> और <strong>ट्रंप के दावे</strong> ने संसद का तापमान बढ़ा दिया है। अब देखना ये है कि इस बहस में सरकार कितनी पारदर्शिता दिखाती है और विपक्ष इसे किस हद तक मुद्दा बनाता है। संसद में होने वाली ये 25 घंटे की बहस न सिर्फ सांसदों के लिए, बल्कि हर आम नागरिक के लिए भी अहम होगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab CM Bhagwant Mann का SGPC को सवाल – &#8220;क्या Sikh Gurus की शताब्दियों पर कार्यक्रम करवाने का Copyright आपके पास है?&#8221;</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-cm-bhagwant-mann-questions-sgpc-does-it-have-the-copyright-over-commemorating-sikh-gurus-centenaries/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Jul 2025 03:34:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAPvsSGPC]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[CommemorationRights]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के बीच सिख गुरुओं की शताब्दियों को लेकर बड़ा टकराव सामने आया है। CM मान ने SGPC की उस बात पर सवाल उठाया है जिसमें SGPC ने दावा किया था कि गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ का कार्यक्रम केवल वही करवा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के बीच सिख गुरुओं की शताब्दियों को लेकर बड़ा टकराव सामने आया है। CM मान ने SGPC की उस बात पर सवाल उठाया है जिसमें SGPC ने दावा किया था कि गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ का कार्यक्रम केवल वही करवा सकती है।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री का </strong><strong>SGPC </strong><strong>को खुला चैलेंज</strong></p>
<p>CM मान ने SGPC से पूछा, &#8220;क्या इनके पास इस तरह के आयोजनों का कॉपीराइट है? क्या सिर्फ SGPC को ही सिख गुरुओं की शहादत दिवस मनाने का हक है?&#8221;<br />
उन्होंने कहा कि जब 300वीं खालसा स्थापना वर्षगांठ मनाई गई थी, तब पंजाब में प्रकाश सिंह बादल की सरकार थी। &#8220;तब क्या वो धार्मिक मामलों में दखल नहीं था?&#8221; मान ने पूछा।</p>
<p><strong>SGPC </strong><strong>पर राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप</strong></p>
<p>CM भगवंत मान ने SGPC प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी पर राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए कहा, &#8220;जब धामी लुधियाना और जालंधर उपचुनाव में अकाली दल के पक्ष में प्रचार कर रहे थे, तब क्या वो राजनीति में दखल नहीं था? क्या गुरु साहिब सिर्फ SGPC के हैं?&#8221;</p>
<p>मान ने कहा कि कई NGO और धार्मिक संस्थाएं भी इस अवसर पर कार्यक्रम करेंगी और <strong>हर किसी को गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को अपने तरीके से मनाने का हक है।</strong></p>
<p><strong>राज्य सरकार द्वारा तय कार्यक्रम</strong></p>
<p>CM ने बताया कि <strong>19 </strong><strong>नवंबर से </strong><strong>25 </strong><strong>नवंबर तक</strong> पंजाब सरकार गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के मौके पर विभिन्न आयोजन करेगी। उन्होंने सोमवार को इन कार्यक्रमों को लेकर मीटिंग कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया।</p>
<p><strong>SGPC </strong><strong>की प्रतिक्रिया: सरकार टकराव की स्थिति बना रही है</strong></p>
<p>दूसरी तरफ, SGPC प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर सिख संस्थाओं को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि SGPC पहले ही अप्रैल 2025 से इस अवसर पर आयोजनों की योजना बना चुकी है, जिसकी शुरुआत <strong>गुरुद्वारा गुरु के महल</strong><strong>, </strong><strong>अमृतसर</strong> से हुई है।</p>
<p>धामी ने कहा कि SGPC पूरे देश में पहले से कार्यक्रम कर रही है, और अब पंजाब सरकार का समानांतर कार्यक्रम करवाना <strong>&#8216;</strong><strong>संगत</strong><strong>&#8216; </strong><strong>में भ्रम फैलाएगा और खालसा पंथ की परंपराओं के खिलाफ</strong> जाएगा।</p>
<p><strong>इतिहास से जुड़ा </strong><strong>SGPC </strong><strong>का पक्ष</strong></p>
<p>धामी ने कहा कि सिख इतिहास से जुड़ी बड़ी शताब्दियों के आयोजन <strong>हमेशा </strong><strong>SGPC </strong><strong>और पंथ के नेतृत्व में होते आए हैं</strong>, जिसमें सरकार सहयोग करती रही है।<br />
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> की सरकार ने अपने कार्यकाल में हुई 12 सिख शताब्दियों के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखाई।</p>
<p><strong>ऐतिहासिक स्मारकों और सड़कों की हालत पर सवाल</strong></p>
<p>SGPC प्रमुख ने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह <strong>श्री आनंदपुर साहिब</strong> जाने वाली सड़कों की खराब हालत की अनदेखी कर रही है। उन्होंने बताया कि <strong>गढ़शंकर से आनंदपुर साहिब</strong> तक सड़क मरम्मत का काम <strong>धार्मिक संगठनों को खुद करना पड़ा</strong> क्योंकि सरकार ने ध्यान नहीं दिया।</p>
<p>धामी ने यह भी कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के साथ शहीद हुए <strong>भाई मती दास</strong><strong>, </strong><strong>भाई सती दास और भाई दयाल</strong> के लिए भी उचित स्मारक बनाए जाने की जरूरत है।</p>
<p>CM भगवंत मान और SGPC के बीच यह विवाद धार्मिक विरासत और आयोजनों की जिम्मेदारी को लेकर गहराता जा रहा है। एक ओर सरकार कह रही है कि हर किसी को गुरु साहिब की शहादत को मनाने का अधिकार है, वहीं SGPC इसे खालसा पंथ की परंपराओं में हस्तक्षेप मान रही है।<br />
अब देखना होगा कि यह विवाद किस मोड़ पर जाता है – सहयोग की दिशा में या और टकराव की ओर।</p>
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