<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>PoliticalUpdate &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
	<atom:link href="https://newknowledgenews.com/tag/politicalupdate/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://newknowledgenews.com</link>
	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
	<lastBuildDate>Mon, 01 Dec 2025 06:59:13 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>
	<item>
		<title>Chandigarh में Haryana की अलग Vidhan Sabha नहीं बनेगी: Centre ने Proposal किया Reject, CM Saini को साफ संदेश – मामला आगे न बढ़ाएं</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/haryana-will-not-get-a-separate-assembly-in-chandigarh-centre-rejects-proposal-advises-cm-saini-not-to-pursue-the-matter-further/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Dec 2025 06:59:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[AssemblyBuildingIssue]]></category>
		<category><![CDATA[CentralGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[Chandigarh]]></category>
		<category><![CDATA[ChandigarhNews]]></category>
		<category><![CDATA[HaryanaAssembly]]></category>
		<category><![CDATA[MHA]]></category>
		<category><![CDATA[NayabSinghSaini]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabOpposition]]></category>
		<category><![CDATA[UTAdministration]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=9491</guid>

					<description><![CDATA[चंडीगढ़ में हरियाणा की अलग विधानसभा बनाने का मामला अब पूरी तरह ठंडा पड़ गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने हरियाणा सरकार के इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सलाह दी है कि इस मुद्दे पर अब चंडीगढ़ प्रशासन के साथ कोई भी आगे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>चंडीगढ़ में हरियाणा की अलग विधानसभा बनाने का मामला अब पूरी तरह ठंडा पड़ गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने हरियाणा सरकार के इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सलाह दी है कि इस मुद्दे पर अब चंडीगढ़ प्रशासन के साथ कोई भी आगे की कार्रवाई न की जाए।</p>
<p>यह फैसला इसलिए भी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि पिछले दो सालों से हरियाणा लगातार चंडीगढ़ में अपनी <strong>नई Assembly Building</strong> की मांग कर रहा था और इस पर कई दौर की बातचीत भी हो चुकी थी।</p>
<h2>क्यों खारिज हुआ प्रस्ताव?</h2>
<h3>पहले मिली थी जमीन देने की सहमति</h3>
<p>जुलाई 2023 में चंडीगढ़ प्रशासन ने हरियाणा को करीब <strong>10 </strong><strong>एकड़ जमीन</strong> देने पर सहमति जताई थी।</p>
<ul>
<li>यह जमीन <strong>IT Park</strong> के पास, <strong>Railway Light Point</strong> के नजदीक थी।</li>
<li>इसकी अनुमानित कीमत लगभग <strong>₹640 </strong><strong>करोड़</strong> आंकी गई थी।</li>
</ul>
<h3>हरियाणा ने स्वैप डील का प्रस्ताव रखा</h3>
<p>हरियाणा ने बदले में पंचकूला के पास <strong>12 </strong><strong>एकड़ जमीन</strong> चंडीगढ़ को देने की पेशकश की थी।</p>
<p>लेकिन जनवरी 2024 में चंडीगढ़ प्रशासन ने इसे खारिज कर दिया।<br />
Urban Planning Department की रिपोर्ट में कहा गया:</p>
<ul>
<li>जमीन नीची है</li>
<li>बीच से नाला गुजरता है</li>
<li>कनेक्टिविटी खराब है</li>
<li>Public use के लिए उपयुक्त नहीं</li>
</ul>
<p>यानी यह <em>swap deal</em> असफल हो गई।</p>
<h3>आखिरकार केंद्र का निर्णय</h3>
<p>कई महीनों की बातचीत के बाद गृह मंत्रालय ने साफ संकेत दे दिए कि <strong>यह मामला आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।</strong><br />
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय ने हरियाणा से कहा है:</p>
<p>“आप चाहें तो प्रयास जारी रख सकते हैं, लेकिन केंद्र इस मुद्दे को आगे नहीं ले जाएगा।”</p>
<h2>पंजाब का सख्त विरोध: “एक इंच जमीन नहीं देंगे”</h2>
<p>जैसे-जैसे हरियाणा का यह प्रस्ताव आगे बढ़ रहा था, पंजाब ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया।<br />
AAP के विधायक और अन्य नेताओं ने कहा:</p>
<ul>
<li><strong>“</strong><strong>चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है। हरियाणा यहां सिर्फ भवन का उपयोग करता है, </strong><strong>मालिक नहीं है।”</strong></li>
<li>पंजाब ने साफ कहा कि चंडीगढ़ में हरियाणा की नई विधानसभा के लिए कोई भी निर्माण कभी मंजूर नहीं किया जाएगा।</li>
</ul>
<h3>वर्तमान स्थिति</h3>
<ul>
<li>अभी पंजाब और हरियाणा दोनों चंडीगढ़ के <strong>साझा विधानसभा भवन</strong> का उपयोग करते हैं।</li>
<li>यह भवन मशहूर वास्तुकार <strong>Le Corbusier</strong> का बनाया हुआ है।</li>
<li>2016 में इसे <strong>UNESCO World Heritage</strong> का दर्जा मिला, इसलिए यहां नई बिल्डिंग बनाने पर कई तरह की सख्त पाबंदियां हैं।</li>
</ul>
<h2>मामला चर्चा में कैसे आया?</h2>
<ul>
<li>जुलाई 2022 में जयपुर में हुई <strong>Northern Zonal Council Meeting</strong> में केंद्रीय गृहमंत्री <strong>अमित शाह</strong> ने हरियाणा को विधानसभा के लिए जमीन देने की घोषणा की थी।</li>
<li>इसके बाद हरियाणा सरकार ने तेजी से प्रस्ताव तैयार किया, लेकिन पंजाब के विरोध और जमीन स्वैप फेल होने के कारण मामला अटक गया।</li>
</ul>
<h2>हरियाणा की क्या दलील थी?</h2>
<p>सीएम नायब सिंह सैनी और राज्य सरकार का कहना था कि:</p>
<ul>
<li>2026 में संभवत: <strong>Delimitation</strong> होने के बाद हरियाणा की Assembly Seats बढ़ सकती हैं।</li>
<li>ऐसे में नई और बड़ी विधानसभा की जरूरत पड़ेगी।</li>
<li>चंडीगढ़ दोनों राज्यों की साझा राजधानी है, इसलिए हरियाणा को अपना अलग भवन मिलना चाहिए।</li>
</ul>
<p>लेकिन राजनीतिक विरोध, जमीन विवाद और केंद्र की अनिच्छा के चलते यह योजना रुक गई।</p>
<h2>अब आगे क्या?</h2>
<ul>
<li>केंद्र ने साफ कर दिया है कि <strong>फिलहाल यह प्रस्ताव बंद</strong> है।</li>
<li>हरियाणा चाहे तो नए विकल्प खोज सकता है, लेकिन चंडीगढ़ में नई Assembly Building बनाना अब लगभग नामुमकिन माना जा रहा है।</li>
<li>पंजाब ने भी अपने रुख से साफ कर दिया है कि वह चंडीगढ़ में किसी भी नए निर्माण को लेकर बहुत सख्त रहेगा।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Tarn Taran Bypoll: 40 साल में सबसे कम मतदान, अब परिणाम तय करेंगे 2027 की Preparation कितनी</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/tarn-taran-bypoll-lowest-voter-turnout-in-40-years-results-to-decide-how-prepared-parties-are-for-2027/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Nov 2025 05:54:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#BJP]]></category>
		<category><![CDATA[AAP']]></category>
		<category><![CDATA[ByElection2025]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[ElectionNews]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabElections]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[SAD]]></category>
		<category><![CDATA[TarnTaran]]></category>
		<category><![CDATA[TarnTaranBypoll]]></category>
		<category><![CDATA[VoterTurnout]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=9062</guid>

					<description><![CDATA[तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों का अब सबको बेसब्री से इंतज़ार है। यह सिर्फ एक उपचुनाव नहीं, बल्कि पंजाब की सियासत के लिए आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का टेस्ट माना जा रहा है। सभी बड़ी पार्टियां — आप, अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा — इस नतीजे को अपने भविष्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों का अब सबको बेसब्री से इंतज़ार है। यह सिर्फ एक उपचुनाव नहीं, बल्कि पंजाब की सियासत के लिए आने वाले <strong>2027 </strong><strong>विधानसभा चुनाव</strong> की तैयारी का टेस्ट माना जा रहा है। सभी बड़ी पार्टियां — <strong>आप</strong><strong>, </strong><strong>अकाली दल</strong><strong>, </strong><strong>कांग्रेस और भाजपा</strong> — इस नतीजे को अपने भविष्य की दिशा तय करने वाला इम्तिहान मान रही हैं।</p>
<p><strong>40 </strong><strong>साल बाद सबसे कम मतदान</strong></p>
<p>इस बार तरनतारन में 40 साल बाद सबसे कम मतदान हुआ है।<br />
<strong>शाम </strong><strong>6 </strong><strong>बजे तक कुल </strong><strong>60.95% </strong><strong>वोटिंग</strong> हुई।<br />
अगर पिछले आंकड़ों पर नज़र डालें, तो 1985 में सिर्फ 57.5% मतदान हुआ था। उसके बाद हर चुनाव में वोटिंग इससे ज़्यादा रही। यानी इस बार मतदाताओं का उत्साह औसत ही रहा।</p>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>साल</strong></td>
<td><strong>मतदान प्रतिशत</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>1977</td>
<td>66.2%</td>
</tr>
<tr>
<td>1980</td>
<td>67.4%</td>
</tr>
<tr>
<td>1985</td>
<td>57.5%</td>
</tr>
<tr>
<td>1992</td>
<td>निर्विरोध विधायक घोषित</td>
</tr>
<tr>
<td>1997</td>
<td>63.8%</td>
</tr>
<tr>
<td>2002</td>
<td>62.9%</td>
</tr>
<tr>
<td>2007</td>
<td>65.7%</td>
</tr>
<tr>
<td>2012</td>
<td>77.1%</td>
</tr>
<tr>
<td>2017</td>
<td>72.2%</td>
</tr>
<tr>
<td>2022</td>
<td>66.0%</td>
</tr>
<tr>
<td>2025</td>
<td>60.95%</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>क्यों अहम है यह चुनाव</strong></p>
<p>इस उपचुनाव की जीत सभी दलों के लिए बहुत मायने रखती है।<br />
राजनीतिक पार्टियां इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले <strong>अपने परफॉर्मेंस टेस्ट</strong> के रूप में देख रही हैं।<br />
इस नतीजे से साफ होगा कि पिछले साढ़े तीन साल में किस दल ने अपनी ज़मीनी पकड़ मजबूत की है।</p>
<p><strong>AAP </strong><strong>की सबसे बड़ी परीक्षा</strong></p>
<p>सत्तारूढ़ <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> के लिए यह चुनाव <strong>प्रतिष्ठा का सवाल</strong> है।<br />
पार्टी इस जीत से यह संदेश देना चाहती है कि पंजाब में अभी भी “आप” के खिलाफ कोई बड़ी लहर नहीं है।</p>
<p>आप ने इस बार भी अपना पुराना <strong>“</strong><strong>विकास + पंथक</strong><strong>” </strong><strong>फार्मूला</strong> अपनाया।<br />
इस रणनीति को मजबूती उस वक्त मिली जब <strong>पूर्व अकाली विधायक हरमीत सिंह संधू</strong> आप में शामिल हो गए।<br />
संधू पंथक राजनीति में जाना-पहचाना चेहरा हैं — वे 2002, 2007 और 2012 में लगातार विधायक रहे।<br />
2017 और 2022 में वे दूसरे नंबर पर रहे थे। पिछली बार उन्हें आप के दिवंगत विधायक <strong>कश्मीर सिंह सोहल</strong> ने हराया था।<br />
इस बार संधू आप के प्रत्याशी हैं और पार्टी ने उन्हें “विकास का चेहरा” बताकर मैदान में उतारा है।</p>
<p><strong>शिअद का जवाब </strong><strong>— </strong><strong>सुखविंदर कौर रंधावा</strong></p>
<p>हरमीत संधू की आप में एंट्री से <strong>शिरोमणि अकाली दल (</strong><strong>SAD)</strong> को झटका लगा, लेकिन पार्टी ने तुरंत पलटवार करते हुए <strong>सुखविंदर कौर रंधावा</strong> को टिकट दिया।<br />
वह एक <strong>धर्मी फौजी की पत्नी</strong> हैं और इलाके में उनका अच्छा जनसंपर्क है।<br />
गांवों के कई <strong>सरपंचों और पार्षदों ने खुलकर उनका समर्थन</strong> किया है।<br />
अकाली दल इस सीट पर पंथक वोटों को अपने पक्ष में बनाए रखने की पूरी कोशिश में है।</p>
<p><strong>BJP </strong><strong>की भूमिका</strong></p>
<p>भाजपा के लिए तरनतारन में <strong>खोने को कुछ नहीं</strong>, लेकिन अगर वह अच्छा प्रदर्शन करती है तो <strong>उसका सीधा असर आप के पक्ष में</strong> जा सकता है।<br />
क्योंकि इस सीट पर पंथक वोट कई हिस्सों में बंट रहे हैं — <strong>अकाली दल</strong>, <strong>आप</strong>, <strong>वारिस पंजाब दे समर्थित उम्मीदवार मनदीप सिंह खालसा</strong> और अन्य छोटे अकाली दलों के बीच।<br />
इस वोट बंटवारे से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।</p>
<p><strong>कांग्रेस की वापसी की कोशिश</strong></p>
<p>कांग्रेस भी इस उपचुनाव में <strong>अपनी खोई हुई ज़मीन दोबारा पाने</strong> की कोशिश कर रही है।<br />
2017 में <strong>कांग्रेस के धर्मबीर अग्निहोत्री</strong> ने यह सीट जीती थी, लेकिन 2022 में पार्टी तीसरे स्थान पर आ गई थी।<br />
अब कांग्रेस चाहती है कि इस नतीजे से वह फिर से मजबूती दिखा सके और 2027 की तैयारी को नई दिशा दे सके।</p>
<p><strong>विकास बनाम पंथक एजेंडा</strong></p>
<p>पहले इस इलाके में पंथक राजनीति हावी रहती थी, लेकिन अब लोग <strong>विकास को भी प्राथमिकता</strong> देने लगे हैं।<br />
आप नेताओं ने अपने <strong>साढ़े तीन साल के विकास रिपोर्ट कार्ड</strong> को घर-घर पहुंचाने की कोशिश की।<br />
वहीं, अकाली दल और कांग्रेस ने <strong>धार्मिक और सामाजिक मुद्दों</strong> पर जोर दिया।<br />
यानी इस बार तरनतारन में मुकाबला सिर्फ पंथक नहीं, बल्कि <strong>विकास बनाम पंथक एजेंडे</strong> का भी है।</p>
<p><strong>अब नतीजों का इंतज़ार</strong></p>
<p>तरनतारन उपचुनाव की <strong>मतगणना </strong><strong>14 </strong><strong>नवंबर</strong> को होगी।<br />
सभी उम्मीदवारों और समर्थकों की निगाहें अब इसी दिन पर टिकी हैं।<br />
इसका नतीजा न सिर्फ एक सीट का फैसला करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि <strong>पंजाब की जनता </strong><strong>2027 </strong><strong>में किस दिशा में सोच रही है</strong>।</p>
<p>तरनतारन उपचुनाव भले ही एक सीट का चुनाव हो,<br />
लेकिन इसके नतीजे पूरे पंजाब की राजनीति को प्रभावित करेंगे।<br />
यह तय करेगा कि साढ़े तीन साल बाद <strong>कौन सी पार्टी मैदान में कितनी तैयार है</strong>,<br />
किसके पास जनता का भरोसा है,<br />
और किसके लिए अब रणनीति बदलने का वक्त आ गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Tarn Taran By-Election: AAP में शामिल हुए कई नेता, Sherry Kalsi ने Development और Women’s Welfare को प्राथमिकता बताया</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/tarn-taran-by-election-several-leaders-join-aap-sherry-kalsi-highlights-development-and-womens-welfare/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Nov 2025 17:58:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP']]></category>
		<category><![CDATA[AAPLeaders]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[ByElection2025]]></category>
		<category><![CDATA[Development]]></category>
		<category><![CDATA[ElectionNews]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[SherryKalsi]]></category>
		<category><![CDATA[TarnTaran]]></category>
		<category><![CDATA[WomenEmpowerment]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=8922</guid>

					<description><![CDATA[उपचुनाव से पहले Aam Aadmi Party (AAP) ने पंजाब में Shiromani Akali Dal (SAD) और Congress को लगातार झटके दिए हैं। शुक्रवार को कई बड़े नेता और कार्यकर्ता अपनी पुरानी पार्टियों को छोड़कर AAP में शामिल हुए। AAP पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष अमनशेर सिंह शैरी कलसी, प्रदेश सचिव हरचंद सिंह बरसट और डॉ. एस.एस. अहलूवालिया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>उपचुनाव से पहले Aam Aadmi Party (AAP) ने पंजाब में Shiromani Akali Dal (SAD) और Congress को लगातार झटके दिए हैं। शुक्रवार को कई बड़े नेता और कार्यकर्ता अपनी पुरानी पार्टियों को छोड़कर AAP में शामिल हुए।</p>
<p>AAP पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष <strong>अमनशेर सिंह शैरी कलसी</strong>, प्रदेश सचिव <strong>हरचंद सिंह बरसट</strong> और <strong>डॉ. एस.एस. अहलूवालिया</strong> की मौजूदगी में नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत किया गया। इस अवसर पर शामिल हुए नेताओं में जसपाल सिंह, सुखविंदर सिंह, अमरजीत कौर, राजवीर कौर, जसवंत सिंह, मघर सिंह, महिंदर कौर, हरजिंदर सिंह, सोनिया, अमनप्रीत कौर, परमजीत कौर, बलजीत सिंह, राजिंदर सिंह, मनजिंदर कौर, बख्शीश सिंह, अनीता शर्मा, परमिंदर कौर, रीता, माया और कोमल शामिल थे।</p>
<p>शैरी कलसी ने कहा कि पहले अकाली और कांग्रेस के राज में पंजाब में झूठे पर्चे, नशा और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। लेकिन AAP सरकार ने <strong>सच्चाई</strong><strong>, </strong><strong>ईमानदारी और विकास</strong> को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि नशा विरोधी कदमों से युवाओं को इस दलदल से बाहर निकाला गया और महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। इसके चलते महिलाओं का रुझान अब पार्टी की ओर बढ़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने तरनतारन के लोगों से अपील की कि वे <strong>AAP </strong><strong>उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू</strong> को भारी मतों से विजयी बनाएं, ताकि <strong>भगवंत मान सरकार</strong> का विकास और ईमानदारी का मिशन और मजबूत हो।</p>
<p>उपचुनाव 11 नवंबर को होने वाला है। चुनाव से पहले तरनतारन के SSP को निलंबित किया गया और अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, चुनाव प्रचार के दौरान कुछ गंभीर <strong>धमकियों और पुलिस‑दबाव के आरोप</strong> भी सामने आए हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Tarn Taran में &#8216;AAP&#8217; की हवा नहीं, तूफान चल रहा है: Sharry Kalsi</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/not-just-a-breeze-of-aap-in-tarn-taran-but-a-storm-is-blowing-sharry-kalsi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Nov 2025 03:58:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP']]></category>
		<category><![CDATA[Election2025]]></category>
		<category><![CDATA[HarmeetSinghSandhu]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaNews]]></category>
		<category><![CDATA[JanSamarthan]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalStorm]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[SharryKalsi]]></category>
		<category><![CDATA[TarnTaran]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=8882</guid>

					<description><![CDATA[तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू के अभियान को आज बड़ी ताकत मिली, जब विभिन्न पार्टियों के दर्जनों नेता और नौजवान AAP में शामिल हुए। इस मौके पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष शैरी कलसी, प्रदेश सचिव हरचंद बरसट, चेयरमैन गुरदेव लाखना, और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> के अभियान को आज बड़ी ताकत मिली, जब विभिन्न पार्टियों के दर्जनों नेता और नौजवान AAP में शामिल हुए।</p>
<p>इस मौके पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में <strong>AAP </strong><strong>पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष शैरी कलसी</strong>, प्रदेश सचिव <strong>हरचंद बरसट</strong>, चेयरमैन <strong>गुरदेव लाखना</strong>, और अन्य नेताओं ने सभी नए नेताओं का पार्टी में स्वागत किया। पार्टी में शामिल होने वालों में वार्ड नंबर 12 से <strong>राजन अली</strong><strong>, </strong><strong>युवराज</strong><strong>, </strong><strong>कंवल</strong><strong>, </strong><strong>मोहम्मद अजीब</strong><strong>, </strong><strong>महताब अली</strong><strong>, </strong><strong>शहबाज</strong><strong>, </strong><strong>बलराज</strong><strong>, </strong><strong>मोशकीन</strong><strong>, </strong><strong>मोहम्मद अमीर</strong><strong>, </strong><strong>मोहम्मद हसीन</strong><strong>, </strong><strong>शाहरुख</strong><strong>, </strong><strong>शानू और दिलनवाज</strong> शामिल हैं।</p>
<p>कलसी ने कहा कि AAP के <strong>कन्वीनर अरविंद केजरीवाल</strong> और पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> के तरनतारन दौरे को इलाके के लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब तरनतारन में सिर्फ ‘हवा’ नहीं, बल्कि <strong>‘</strong><strong>तूफान</strong><strong>’ </strong><strong>चल रहा है</strong>। उनका कहना था कि यह तूफान तभी आता है जब लोग किसी पार्टी को अपनी पार्टी मानकर प्यार और मेहनत करते हैं।</p>
<p>इसके अलावा कलसी ने सरकार की कामकाज की तुलना विपक्ष से करते हुए कहा, “हम सरकारी संस्थान खरीद रहे हैं, जबकि अकाली और कांग्रेस नेताओं ने सिर्फ बेचा।” उन्होंने यह भी कहा कि कई अकाली और कांग्रेस नेता अब जनहितकारी कामों से प्रभावित होकर AAP में शामिल हुए हैं।</p>
<p>AAP के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि पुराने नेताओं और नए नौजवानों का पार्टी में शामिल होना इसे स्थानीय राजनीति में और मजबूत बनाता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गांव Kasel में लोगों ने AAP उम्मीदवार Harmeet Sandhu के पक्ष में लगाए नारे, मिला जबरदस्त समर्थन</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/villagers-of-kasel-raise-slogans-in-support-of-aap-candidate-harmeet-sandhu-extend-strong-backing/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Nov 2025 06:17:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AamAadmiParty]]></category>
		<category><![CDATA[AAP']]></category>
		<category><![CDATA[ElectionCampaign]]></category>
		<category><![CDATA[HarmeetSandhu]]></category>
		<category><![CDATA[HarmeetSinghSandhu]]></category>
		<category><![CDATA[KaselVillage]]></category>
		<category><![CDATA[PeoplePower]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[PublicSupport]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[TarnTaranByElection]]></category>
		<category><![CDATA[VoterAwareness]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=8677</guid>

					<description><![CDATA[गांव वालों ने संधू को भारी बहुमत से जिताकर विधानसभा भेजने का लिया प्रण तरनतारन विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर अब माहौल गरमाने लगा है। जैसे-जैसे वोटिंग की तारीख नज़दीक आ रही है, वैसे-वैसे आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू के प्रति लोगों का समर्थन बढ़ता जा रहा है। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गांव वालों ने संधू को भारी बहुमत से जिताकर विधानसभा भेजने का लिया प्रण</strong></p>
<p>तरनतारन विधानसभा सीट पर होने वाले <strong>उपचुनाव</strong> को लेकर अब माहौल गरमाने लगा है। जैसे-जैसे वोटिंग की तारीख नज़दीक आ रही है, वैसे-वैसे <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> के उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> के प्रति लोगों का समर्थन बढ़ता जा रहा है।</p>
<p>इसी सिलसिले में गांव <strong>कसेल</strong> में एक बड़ी <strong>चुनावी बैठक</strong> का आयोजन किया गया, जिसने आप पार्टी के अभियान को और मज़बूती दी। इस बैठक में गांव के प्रधान <strong>साहिब सिंह वाल्मीकि</strong>, <strong>तरसेम सिंह नाथ</strong> और <strong>कुलदीप सिंह</strong> का विशेष सहयोग रहा। गांव के सैकड़ों लोग, जिनमें <strong>माताएं</strong><strong>, </strong><strong>बहनें और नौजवान भाई</strong> शामिल थे, बड़ी संख्या में इस मौके पर पहुंचे।</p>
<p>बैठक में पार्टी नेताओं ने गांव वासियों के साथ खुलकर बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी <strong>समस्याओं और जरूरतों</strong> के बारे में जाना और भरोसा दिलाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार लोगों की हर मुश्किल को <strong>प्राथमिकता से हल करने</strong> के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</p>
<p>नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने अब तक पंजाब में शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे कई क्षेत्रों में काम करके लोगों का विश्वास जीता है। आने वाले समय में भी पार्टी का लक्ष्य हर गांव तक विकास पहुँचाना है।</p>
<p>लोगों ने पार्टी नेताओं की बातों का समर्थन करते हुए <strong>“</strong><strong>हां का नारा</strong><strong>”</strong> लगाया और हरमीत सिंह संधू को भारी बहुमत से <strong>विधानसभा भेजने का प्रण लिया</strong>। गांव में गूंजे नारे —<br />
<strong>“</strong><strong>हरमीत संधू जिंदाबाद</strong><strong>”, “AAP </strong><strong>पार्टी जिंदाबाद</strong><strong>”, “</strong><strong>इंसाफ और विकास के लिए वोट दो आप को</strong><strong>”</strong></p>
<p>गांव कसेल के लोगों का कहना है कि वे ऐसे नेता को विधानसभा भेजना चाहते हैं जो सच में जनता के बीच रहता हो और उनकी बात सरकार तक पहुंचाए।</p>
<p>हरमीत सिंह संधू को मिल रहा यह बढ़ता समर्थन इस बात का संकेत है कि तरनतारन की जनता अब <strong>परिवर्तन और ईमानदार राजनीति</strong> की ओर बढ़ रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Rae Bareli दौरे पर Rahul Gandhi ने BJP-RSS और Election Commission पर साधा निशाना, बोले- OBC और Dalits को आगे बढ़ने नहीं दे रहे</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/rahul-gandhi-targets-bjp-rss-and-election-commission-during-rae-bareli-visit-says-obcs-and-dalits-not-being-allowed-to-progress/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Sep 2025 11:54:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[#BJP]]></category>
		<category><![CDATA[#latestnews]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[Dalit]]></category>
		<category><![CDATA[ElectionCommission]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaNews]]></category>
		<category><![CDATA[IndianPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[LokSabha]]></category>
		<category><![CDATA[OBC]]></category>
		<category><![CDATA[Opposition]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalRally]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[RaeBareli]]></category>
		<category><![CDATA[RaeBareliNews]]></category>
		<category><![CDATA[RahulGandhi]]></category>
		<category><![CDATA[RahulGandhiSpeech]]></category>
		<category><![CDATA[RSS]]></category>
		<category><![CDATA[ViralNews]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=7727</guid>

					<description><![CDATA[कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रायबरेली में अपने दौरे के दौरान कई मुद्दों पर बड़ा बयान दिया। प्रजापति समाज के सम्मेलन में उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में 90 फीसदी आबादी ओबीसी, दलित और आदिवासी है, लेकिन इन लोगों को आगे बढ़ने नहीं [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता <strong>राहुल गांधी</strong> ने रायबरेली में अपने दौरे के दौरान कई मुद्दों पर बड़ा बयान दिया। प्रजापति समाज के सम्मेलन में उन्होंने <strong>भाजपा और आरएसएस</strong> पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में 90 फीसदी आबादी ओबीसी, दलित और आदिवासी है, लेकिन इन लोगों को आगे बढ़ने नहीं दिया जा रहा। राहुल ने कहा, “ये चाहते हैं कि दलित वहीं रहें, अम्बानी जहां हैं वहीं रहें। हमारा मकसद है कि प्रजापति और ओबीसी समाज के बच्चे भी अम्बानी जैसे बिजनेसमैन बने।”</p>
<p>राहुल ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि “प्रधानमंत्री खुद ओबीसी हैं, लेकिन जाति जनगणना पर कुछ नहीं बोलते। मैंने संसद में सवाल किया तो डेढ़ घंटे तक भाषण दिया, लेकिन जाति जनगणना का नाम तक नहीं लिया।”</p>
<p><strong>दौरे का पूरा क्रम</strong></p>
<ul>
<li><strong>सुबह </strong><strong>8:30 </strong><strong>बजे:</strong> राहुल गांधी दिल्ली स्थित अपने आवास से रवाना हुए।</li>
<li><strong>लखनऊ एयरपोर्ट:</strong> फ्लाइट से लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट पर हजारों कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।</li>
<li><strong>सड़क मार्ग से रायबरेली:</strong> लखनऊ से रायबरेली के लिए निकलें।</li>
</ul>
<p>रास्ते में राहुल गांधी के काफिले को <strong>योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह</strong> और उनके समर्थकों ने रोकने की कोशिश की। धरने के चलते काफिला करीब <strong>1 </strong><strong>किलोमीटर पहले रुका</strong>, पांच मिनट के लिए रोकावट हुई। पुलिस ने मंत्री को हटाया और राहुल का काफिला सुरक्षित आगे बढ़ा।</p>
<p><strong>बटोही रिसॉर्ट में कार्यक्रम</strong></p>
<p>राहुल गांधी <strong>बटोही रिसॉर्ट</strong> पहुंचे और वहां <strong>500 </strong><strong>से ज्यादा बूथ स्तर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं</strong> को संबोधित किया।</p>
<p>मुख्य बातें:</p>
<ul>
<li><strong>वोट चोरी और चुनाव आयोग पर हमला:</strong> राहुल ने कहा कि बीजेपी वोट चोरी करके चुनाव जीत रही है। चुनाव आयोग ने जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, “विरोध के बाद भी चुनाव आयोग तानाशाही कर रहा है।”</li>
<li><strong>प्रजापति सम्मेलन में भाषण:</strong> राहुल ने कहा कि पिछड़ा, ओबीसी, अति पिछड़ा, दलित और आदिवासी समाज को रोका जा रहा है। कॉर्पोरेट इंडिया, बड़े अस्पतालों और कंपनियों में OBC को जगह नहीं मिलती। उन्होंने बताया कि मनरेगा में OBC दिखते हैं, लेकिन बड़े कॉर्पोरेट का कर्ज माफ़ हो जाता है।</li>
<li>राहुल ने कहा, “आरएसएस 90 फीसदी OBC आबादी को रोक रही है। मैं यही सवाल सरकार से करता हूं। हम चाहते हैं कि प्रजापति समाज, OBC समाज का बच्चा अम्बानी जैसा बिजनेसमैन बने।”</li>
</ul>
<p><strong>सामाजिक और व्यक्तिगत मुलाकातें</strong></p>
<ul>
<li>रास्ते में राहुल गांधी ने <strong>8 </strong><strong>साल की बच्ची लक्ष्मी</strong> को टॉफी दी और बात की।</li>
<li>मुलिहा मऊ गांव में <strong>पीपल का पौधा रोपण</strong> किया और कार्यकर्ताओं को पौधे की देखभाल करने के लिए कहा।</li>
<li>इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया।</li>
</ul>
<p><strong>सपा का पोस्टर विवाद</strong></p>
<ul>
<li>रायबरेली में सपा लोहिया वाहिनी प्रदेश सचिव <strong>राहुल निर्मल बागी</strong> ने पोस्टर जारी किया, जिसमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव को <strong>ब्रह्मा</strong><strong>, </strong><strong>विष्णु और महेश</strong> के रूप में दिखाया गया।</li>
<li>भाजपा प्रवक्ता <strong>आनंद दुबे</strong> ने कहा कि ये नेता राजनीति के इच्छाधारी हिंदू हैं और चुनाव आते ही अपना रूप बदल लेते हैं।</li>
</ul>
<p><strong>अन्य प्रमुख घटनाक्रम</strong></p>
<ul>
<li>गोरा बाजार चौराहे पर नव-निर्मित <strong>अशोक स्तंभ का लोकार्पण</strong> किया।</li>
<li>बटोही रिसॉर्ट से प्रजापति समाज की बैठक में शामिल हुए।</li>
<li>बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने और चुनाव रणनीति पर चर्चा की।</li>
<li>11 सितंबर को जिले में विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए होने वाली <strong>‘</strong><strong>दिशा</strong><strong>’ </strong><strong>बैठक की अध्यक्षता करेंगे।</strong></li>
</ul>
<p><strong>राहुल गांधी के मुख्य संदेश</strong></p>
<ol>
<li>OBC और दलित समाज के बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिले।</li>
<li>वोट चोरी और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।</li>
<li>कॉर्पोरेट इंडिया और बड़े उद्योगपतियों के फायदे पर ध्यान आकर्षित किया।</li>
<li>समाज और पर्यावरण के लिए सकारात्मक संदेश दिए।</li>
</ol>
<p>राहुल गांधी का रायबरेली दौरा 10 और 11 सितंबर तक जारी रहेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Trump– Putin Summit: 3 घंटे Meeting, 12 Minute Press Conference और बिना किसी Deal के खत्म हुई मुलाकात</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/trump-putin-summit-3-hour-meeting-12-minute-press-conference-and-no-deal-reached/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 Aug 2025 04:45:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[#Trump]]></category>
		<category><![CDATA[AlaskaMeeting]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[Diplomacy]]></category>
		<category><![CDATA[Geopolitics]]></category>
		<category><![CDATA[GlobalNews]]></category>
		<category><![CDATA[InternationalRelations]]></category>
		<category><![CDATA[LeadersMeeting]]></category>
		<category><![CDATA[PeaceTalks]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[Putin]]></category>
		<category><![CDATA[TrumpPutinSummit]]></category>
		<category><![CDATA[UkraineWar]]></category>
		<category><![CDATA[USRussiaRelations]]></category>
		<category><![CDATA[WorldPolitics]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=7388</guid>

					<description><![CDATA[अलास्का में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई हाई-प्रोफाइल मुलाकात दुनिया भर की सुर्खियों में है। यह मुलाकात करीब 3 घंटे चली और इसके बाद दोनों नेताओं ने केवल 12 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। खास बात यह रही कि इस दौरान किसी पत्रकार के सवाल का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अलास्का में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई हाई-प्रोफाइल मुलाकात दुनिया भर की सुर्खियों में है। यह मुलाकात करीब <strong>3 </strong><strong>घंटे</strong> चली और इसके बाद दोनों नेताओं ने केवल <strong>12 </strong><strong>मिनट</strong> की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। खास बात यह रही कि इस दौरान किसी पत्रकार के सवाल का जवाब नहीं दिया गया और दोनों नेता मंच से सीधे निकल गए।</p>
<p><strong>10 </strong><strong>साल बाद अमेरिका पहुंचे पुतिन</strong></p>
<p>रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लगभग <strong>10 </strong><strong>साल बाद अमेरिका पहुंचे</strong>। अलास्का के एल्मेंडॉर्फ एयर बेस पर उनका रेड कार्पेट स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें रिसीव किया। दोनों नेता ट्रम्प की कार में बैठकर सीधे मीटिंग स्थल रवाना हो गए।<br />
यहां का नज़ारा बेहद खास था—रेड कार्पेट के पास <strong>चार </strong><strong>F-22 </strong><strong>रैप्टर फाइटर जेट्स</strong> तैनात थे। सुरक्षा के लिए अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और रूसी टीम ने मिलकर पुख्ता इंतजाम किए।</p>
<p><strong>थ्री-ऑन-थ्री फॉर्मेट में बातचीत</strong></p>
<p>मीटिंग “<strong>थ्री-ऑन-थ्री फॉर्मेट</strong>” में हुई।<br />
रूस की तरफ से पुतिन के साथ विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव और वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव मौजूद थे।<br />
अमेरिका की ओर से ट्रम्प के साथ विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक और शांति वार्ता दूत स्टीव विटकॉफ मौजूद रहे।</p>
<p><strong>प्रेस कॉन्फ्रेंस </strong><strong>– </strong><strong>सिर्फ </strong><strong>12 </strong><strong>मिनट</strong></p>
<p>बैठक के बाद दोनों नेताओं ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह तय समय से आधा घंटा पहले शुरू हुई और केवल <strong>12 </strong><strong>मिनट</strong> तक चली। शुरुआत पुतिन ने की, जबकि परंपरा के अनुसार पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बोलते हैं।<br />
पुतिन ने कहा कि –</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-7390" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-9.43.04-AM-300x169.webp" alt="" width="744" height="419" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-9.43.04-AM-300x169.webp 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-9.43.04-AM-1024x576.webp 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-9.43.04-AM-768x432.webp 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-9.43.04-AM-150x84.webp 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-9.43.04-AM-120x68.webp 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-9.43.04-AM-130x73.webp 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-9.43.04-AM-356x200.webp 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-9.43.04-AM.webp 1200w" sizes="(max-width: 744px) 100vw, 744px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<ul>
<li>यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए उसकी असली वजह खत्म करनी होगी।</li>
<li>अगर 2022 में ट्रम्प राष्ट्रपति होते तो यह जंग शुरू ही नहीं होती।</li>
<li>यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।</li>
<li>यूरोपीय नेताओं को शांति वार्ता में बाधा नहीं डालनी चाहिए।</li>
<li>अमेरिका और रूस पड़ोसी हैं, टकराव छोड़कर बातचीत आगे बढ़ानी चाहिए।</li>
</ul>
<p>ट्रम्प ने कहा कि –</p>
<ul>
<li>मीटिंग पॉजिटिव रही लेकिन अभी कोई फाइनल डील नहीं हुई।</li>
<li>सभी की सहमति के बिना समझौता संभव नहीं।</li>
<li>वे जेलेंस्की और नाटो सहयोगियों से बात करेंगे।</li>
<li>यूक्रेन में शांति जरूरी है, लेकिन यह अब जेलेंस्की पर निर्भर है।</li>
<li>पुतिन के साथ उनका रिश्ता हमेशा अच्छा रहा है।</li>
</ul>
<p><strong>पुतिन का सुझाव </strong><strong>– </strong><strong>अगली मीटिंग मॉस्को में</strong></p>
<p>पुतिन ने अगली मुलाकात मॉस्को में करने का सुझाव दिया। ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला विवादित हो सकता है लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह नकारा भी नहीं।</p>
<p><strong>पुतिन ने सैनिकों को दी श्रद्धांजलि</strong></p>
<p>अलास्का से रवाना होने से पहले पुतिन ने फोर्ट रिचर्डसन मेमोरियल कब्रिस्तान जाकर <strong>द्वितीय विश्व युद्ध</strong> में मारे गए सोवियत सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।</p>
<p><strong>मीटिंग के बाद दोनों का रवाना होना</strong></p>
<p>मीटिंग और प्रेस कॉन्फ्रेंस के एक घंटे बाद पुतिन का विमान मॉस्को के लिए उड़ गया। थोड़ी देर बाद ट्रम्प भी एयरफोर्स वन से वॉशिंगटन डीसी लौट गए।</p>
<p><strong>इंटरव्यू और रिएक्शन</strong></p>
<p>अलास्का से लौटते समय ट्रम्प ने <strong>Fox News</strong> को इंटरव्यू दिया और कहा –</p>
<ul>
<li>वे लोगों को मरते नहीं देखना चाहते।</li>
<li>यूक्रेन जंग खत्म कराना सोचा था आसान होगा, लेकिन यह सबसे मुश्किल है।</li>
<li>पुतिन और जेलेंस्की दोनों चाहते हैं कि वे शांति वार्ता का हिस्सा बनें।</li>
<li>मीटिंग को उन्होंने 10 में से 10 अंक दिए।</li>
</ul>
<p>रूस की तरफ से क्रेमलिन ने कहा कि बातचीत बहुत अच्छी रही और सीजफायर की दिशा में प्रगति हुई।</p>
<p><strong>मेलानिया का लेटर</strong></p>
<p>इस मुलाकात के दौरान एक और खास पल तब आया जब ट्रम्प ने पुतिन को <strong>अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प</strong> का लिखा हुआ लेटर सौंपा। इसमें उन्होंने यूक्रेन और रूस में बच्चों की खराब हालत का जिक्र किया था।</p>
<p><strong>मीडिया और एक्सपर्ट्स की राय</strong></p>
<ul>
<li><strong>वॉशिंगटन पोस्ट:</strong> ट्रम्प–पुतिन अलास्का समिट, युद्धविराम तक नहीं पहुंचे।</li>
<li><strong>न्यूयॉर्क टाइम्स:</strong> कोई ठोस समझौता नहीं।</li>
<li><strong>CNN:</strong> मीटिंग बिना रिजल्ट के खत्म।</li>
<li>अमेरिका के पूर्व NSA जॉन बोल्टन और पूर्व राजदूत डगलस ल्यूट ने कहा कि इस मीटिंग में पुतिन ने ज्यादा फायदा उठाया और ट्रम्प को कुछ खास हासिल नहीं हुआ।</li>
</ul>
<p>लगभग <strong>3 </strong><strong>घंटे की बातचीत और </strong><strong>12 </strong><strong>मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस</strong> के बाद भी ट्रम्प–पुतिन समिट से कोई ठोस डील सामने नहीं आई। हांलाकि दोनों नेताओं ने इसे “पॉजिटिव शुरुआत” बताया और कहा कि आगे की मीटिंग्स में शांति समझौते की दिशा में कदम बढ़ेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>SAD के नए President का चुनाव होगा 11 August को – SGPC से मांगी गई Teja Singh Samundari Hall की Permission, फैसला जल्द</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/election-for-new-sad-president-on-august-11-permission-sought-to-hold-delegate-meeting-at-teja-singh-samundari-hall-sgpcs-decision-awaited/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Aug 2025 06:32:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AkalTakht]]></category>
		<category><![CDATA[DelegateMeeting]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[SADPresidentElection]]></category>
		<category><![CDATA[SADReorganisation]]></category>
		<category><![CDATA[SGPC]]></category>
		<category><![CDATA[ShiromaniAkaliDal]]></category>
		<category><![CDATA[TejaSinghSamundariHall]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=7217</guid>

					<description><![CDATA[शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal &#8211; SAD) के पुनर्गठन की प्रक्रिया अब अपने अहम मोड़ पर पहुंच गई है। Akal Takht के निर्देशों पर बनाई गई SAD की एक विशेष समिति ने 11 अगस्त को पार्टी के नए अध्यक्ष (President) के चुनाव के लिए SGPC से तेजा सिंह समुंदरी हॉल (जो SGPC परिसर में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal &#8211; SAD) के पुनर्गठन की प्रक्रिया अब अपने अहम मोड़ पर पहुंच गई है। Akal Takht के निर्देशों पर बनाई गई SAD की एक विशेष समिति ने <strong>11 </strong><strong>अगस्त को पार्टी के नए अध्यक्ष (</strong><strong>President)</strong> के चुनाव के लिए <strong>SGPC </strong><strong>से तेजा सिंह समुंदरी हॉल</strong> (जो SGPC परिसर में स्थित है) में <strong>delegate meeting</strong> आयोजित करने की अनुमति मांगी है।</p>
<p><strong>SAD </strong><strong>की ओर से </strong><strong>SGPC </strong><strong>को लिखा गया पत्र</strong></p>
<p>समिति के सदस्य <strong>गुरप्रताप सिंह वडाला</strong> ने जानकारी दी कि उन्होंने SGPC को पत्र लिखकर हॉल में बैठक की इजाजत मांगी है। इस बैठक में SAD के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। वडाला ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया <strong>Akal Takht </strong><strong>के आदेशों के अनुसार</strong> हो रही है, इसलिए SGPC को अनुमति देने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।</p>
<p><strong>पूरा मामला कब शुरू हुआ</strong><strong>?</strong></p>
<p>Akal Takht ने <strong>2 </strong><strong>दिसंबर </strong><strong>2024</strong> को SAD के पुनर्गठन के लिए <strong>7 </strong><strong>सदस्यीय समिति</strong> गठित की थी। इस समिति का काम था:</p>
<ul>
<li>पार्टी की <strong>सदस्यता अभियान</strong> चलाना,</li>
<li>SAD के <strong>नए पदाधिकारियों</strong> और <strong>अध्यक्ष</strong> का चुनाव करना।</li>
</ul>
<p>इस समिति में शामिल सदस्य थे:</p>
<ul>
<li>हरजिंदर सिंह धामी (SGPC अध्यक्ष) – <em>अब इस्तीफा दे चुके हैं</em></li>
<li>कृपाल सिंह बडूंगर – <em>इस्तीफा दे चुके हैं</em></li>
<li>इकबाल सिंह झूंड़ा</li>
<li>गुरप्रताप सिंह वडाला</li>
<li>मनप्रीत सिंह आयाली</li>
<li>संता सिंह उमैदपुरी</li>
<li>बीबी सतवंत कौर</li>
</ul>
<p><strong>अब तक क्या-क्या हुआ</strong><strong>?</strong></p>
<p>गुरप्रताप सिंह वडाला ने बताया कि:</p>
<ul>
<li>SAD ने अब तक <strong>13 </strong><strong>लाख से ज्यादा सदस्य बनाए</strong> हैं।</li>
<li>पंजाब की <strong>117 </strong><strong>विधानसभा सीटों से चार-चार प्रतिनिधियों</strong> (delegates) को चुना गया है।</li>
<li>इसके अलावा अन्य राज्यों और अंतरराष्ट्रीय स्तर से भी प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं।</li>
<li>अब ये सभी प्रतिनिधि <strong>11 </strong><strong>अगस्त को बैठक में मिलकर नए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव</strong> करेंगे।</li>
</ul>
<p><strong>SGPC </strong><strong>का रुख क्या है</strong><strong>?</strong></p>
<p>SGPC के <strong>मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मंनन</strong> ने पुष्टि की कि उन्हें SAD की ओर से तेजा सिंह समुंदरी हॉल में बैठक के लिए अनुरोध मिला है। उन्होंने कहा कि यह पत्र <strong>Akal Takht </strong><strong>के जत्थेदार को भेजा गया है</strong>, और <strong>जल्द जवाब आने की उम्मीद</strong> है।</p>
<p><strong>सवाल उठते हैं…</strong></p>
<p>SGPC की ओर से अनुमति मिलेगी या नहीं, ये अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि SGPC के अधिकांश सदस्य <strong>सुखबीर सिंह बादल</strong> के नेतृत्व वाले SAD के समर्थक माने जाते हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या SGPC इस स्वतंत्र SAD समिति को अपना हॉल इस्तेमाल करने देगी।</p>
<p>हालांकि, समिति का दावा है कि वे किसी राजनीतिक मतभेद के तहत नहीं, बल्कि <strong>Akal Takht </strong><strong>की धार्मिक और संस्थागत गरिमा के अनुसार</strong> काम कर रहे हैं।</p>
<p>यह पूरी प्रक्रिया न सिर्फ SAD के अंदर हो रहे बदलावों को दिखाती है, बल्कि <strong>SGPC, SAD </strong><strong>और </strong><strong>Akal Takht</strong> के रिश्तों में हो रही हलचलों की ओर भी इशारा करती है। अगर SAD का नया अध्यक्ष 11 अगस्त को चुना जाता है, तो यह पंजाब की राजनीति में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Prayagraj में CM Yogi की Review Meeting – Development Plans पर Focus, Opposition ने उठाए सवाल</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/cm-yogis-review-meeting-in-prayagraj-focus-on-development-plans-opposition-raises-questions/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Jul 2025 05:59:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[#BJP]]></category>
		<category><![CDATA[#latestnews]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[DevelopmentAgenda]]></category>
		<category><![CDATA[DevelopmentProjects]]></category>
		<category><![CDATA[GovernmentPlans]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaNews]]></category>
		<category><![CDATA[IndianPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[Infrastructure]]></category>
		<category><![CDATA[Mahakumbh2025]]></category>
		<category><![CDATA[OppositionCriticism]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalNews]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[Prayagraj]]></category>
		<category><![CDATA[ReviewMeeting]]></category>
		<category><![CDATA[SP]]></category>
		<category><![CDATA[UPCM]]></category>
		<category><![CDATA[UPNews]]></category>
		<category><![CDATA[UPPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[YogiAdityanath]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=7132</guid>

					<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रयागराज में एक क्लोज़-डोर (बंद कमरे में) समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रयागराज और विंध्याचल मंडल के विधायक और एमएलसी शामिल हुए। आधिकारिक एजेंडा इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की समीक्षा था, लेकिन विपक्ष ने इसे लेकर सवाल खड़े कर दिए। विपक्ष का आरोप – ‘ये [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रयागराज में एक क्लोज़-डोर (बंद कमरे में) समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रयागराज और विंध्याचल मंडल के विधायक और एमएलसी शामिल हुए। आधिकारिक एजेंडा इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की समीक्षा था, लेकिन विपक्ष ने इसे लेकर सवाल खड़े कर दिए।</p>
<p>विपक्ष का आरोप – ‘ये BJP की मीटिंग थी’</p>
<p>सपा विधायक संदीप पटेल (मेजा) ने कहा कि उन्हें इस मीटिंग में बुलाया ही नहीं गया।</p>
<p>“ये राज्य की विकास बैठक नहीं थी, बल्कि BJP की विकास बैठक थी,” उन्होंने तंज कसा।</p>
<p>संदीप पटेल ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष लगातार विपक्षी विधायकों को नजरअंदाज कर रहा है और जब समीक्षा प्रक्रिया में सभी की भागीदारी ही नहीं होगी, तो उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे।</p>
<p>बागी सपा विधायक पूजा पाल की मौजूदगी चर्चा में</p>
<p>दिलचस्प बात ये रही कि सपा की बागी विधायक पूजा पाल मीटिंग में शामिल हुईं। पूजा पाल ने लोकसभा चुनाव में BJP के लिए प्रचार किया था। उन्होंने बताया कि मीटिंग में पुराने प्रोजेक्ट्स की प्रगति और आने वाले समय की ज़रूरतों पर चर्चा हुई।</p>
<p>सख्त सुरक्षा, मोबाइल फोन्स पर पाबंदी</p>
<p>बैठक सर्किट हाउस में भारी सुरक्षा के बीच हुई। अंदर किसी को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी।</p>
<p>₹6,700 करोड़ की नई योजनाओं का खाका तैयार</p>
<p>BJP विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि करीब ₹6,700 करोड़ की नई परियोजनाओं की तैयारी की जा रही है। इनमें PWD के काम, महाकुंभ 2025 की तैयारी, और बाढ़ से बचाव की योजनाएं शामिल हैं।</p>
<p>पॉलिटिकल इनक्लूसिविटी पर सवाल</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भले ही इस बैठक को रूटीन रिव्यू मीटिंग बताया गया, लेकिन चयनित आमंत्रण (Selective Outreach) ने पारदर्शिता और राजनीतिक भागीदारी (Inclusivity) पर सवाल खड़े कर दिए।</p>
<p>सीधे शब्दों में कहें तो, योगी सरकार विकास की गाड़ी को तेज़ करना चाहती है, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि ये ‘विकास’ सिर्फ BJP की सीमा तक सीमित हो रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Bharat ने Pakistan से War क्यों नहीं किया? Amit Shah का Responds</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/why-didnt-india-go-to-war-with-pakistan-amit-shah-responds/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Jul 2025 05:48:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[#BJP]]></category>
		<category><![CDATA[#latestnews]]></category>
		<category><![CDATA[AmitShah]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[DefensePolicy]]></category>
		<category><![CDATA[GlobalAffairsv]]></category>
		<category><![CDATA[GovernmentStatement]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaNews]]></category>
		<category><![CDATA[IndianPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaPakistan]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaToday]]></category>
		<category><![CDATA[InternationalRelations]]></category>
		<category><![CDATA[LokSabha]]></category>
		<category><![CDATA[NationalSecurity]]></category>
		<category><![CDATA[OperationSindoor]]></category>
		<category><![CDATA[PahalgamAttack]]></category>
		<category><![CDATA[ParliamentDebate]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[WarDebate]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=7129</guid>

					<description><![CDATA[संसद में चल रही बहस के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को विपक्ष के सवालों का करारा जवाब दिया। बहस का मुद्दा था – पहलगाम आतंकी हमला और उसके जवाब में हुआ ऑपरेशन सिंदूर। विपक्ष ने सवाल उठाया कि इतने बड़े हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से युद्ध क्यों नहीं किया? अमित शाह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>संसद में चल रही बहस के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को विपक्ष के सवालों का करारा जवाब दिया। बहस का मुद्दा था – पहलगाम आतंकी हमला और उसके जवाब में हुआ ऑपरेशन सिंदूर। विपक्ष ने सवाल उठाया कि इतने बड़े हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से युद्ध क्यों नहीं किया?</p>
<p>अमित शाह ने सीधे विपक्ष पर हमला बोला और कहा कि कांग्रेस के इतिहास की गलतियों की वजह से आज ये हालात बने। शाह ने कहा,</p>
<p>“कल ये पूछ रहे थे युद्ध क्यों नहीं हुआ। आज पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) मौजूद है तो उसकी वजह सिर्फ जवाहरलाल नेहरू हैं।”</p>
<p>नेहरू पर निशाना</p>
<p>अमित शाह ने कहा कि 1960 में हुआ इंडस वॉटर ट्रीटी (Indus Waters Treaty) कांग्रेस सरकार की बड़ी गलती थी, जिसमें भारत ने अपनी 80% नदी का पानी पाकिस्तान को दे दिया। उन्होंने 1971 के शिमला समझौते पर भी सवाल उठाया और कहा कि उस वक्त कांग्रेस PoK को भूल गई।</p>
<p>शाह ने आगे कहा कि भारत के आज UN Security Council में स्थायी सदस्य न होने की भी जिम्मेदारी नेहरू की है।</p>
<p>“आज चीन UNSC में है और भारत नहीं। मोदी जी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि भारत को उसकी जगह मिले, लेकिन नेहरू की ऐतिहासिक गलतियों ने ये मौका छीन लिया।”</p>
<p>राहुल गांधी पर सीधा हमला</p>
<p>गृहमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा,</p>
<p>“जब हमारे जवान डोकलाम में चीन के सामने डटे हुए थे, तब राहुल गांधी चीनी एंबेसेडर से मुलाकात कर रहे थे। ये चीन प्रेम नेहरू से लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी तक चला आ रहा है।”</p>
<p>चिदंबरम पर पाकिस्तान को बचाने का आरोप</p>
<p>अमित शाह ने पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर भी बड़ा आरोप लगाया कि वो पाकिस्तान का बचाव कर रहे हैं।</p>
<p>“वो सबूत मांग रहे थे कि आतंकी पाकिस्तानी हैं। पाकिस्तान को क्लीन चिट देकर उन्हें क्या फायदा होने वाला है?”</p>
<p>पाकिस्तानी कनेक्शन के सबूत पेश किए</p>
<p>शाह ने कहा कि पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकी पाकिस्तानी थे।</p>
<p>“उनके पास वोटर आईडी नंबर मिले। उनके पास से जो चॉकलेट मिलीं, वो पाकिस्तान में बनी थीं। क्या ये सबूत काफी नहीं हैं?”</p>
<p>उन्होंने ये भी कहा कि अगर ये आतंकी पाकिस्तानी नहीं थे, तो हमने पाकिस्तान के आतंकी कैंप पर हमला क्यों किया?</p>
<p>संदेश साफ – पाकिस्तान को बख्शा नहीं जाएगा</p>
<p>अमित शाह ने साफ कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमले का जवाब दे दिया है, और पाकिस्तान की धरती पर बैठे आतंकियों को निशाना बनाया गया है।</p>
<p>अंत में उन्होंने कहा –</p>
<p>“चिदंबरम हमसे सवाल नहीं पूछ रहे, वो पाकिस्तान का बचाव कर रहे हैं। देश की जनता सब देख रही है।”</p>
<p>संसद में शाह के भाषण के दौरान भाजपा सांसदों ने तालियां बजाकर उनका समर्थन किया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
