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	<title>Politics &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>प्रतीक यादव की मौत ने फिर खोले समाजवादी पार्टी के पारिवारिक राजनीति वाले ज़ख्म</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/prateek-yadavs-death-has-reopened-the-wounds-of-samajwadi-partys-family-politics/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 10:10:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[#latestnews]]></category>
		<category><![CDATA[AkhileshYadav]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रतीक यादव की मौत ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाजवादी पार्टी के अंदरूनी पारिवारिक विवादों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक लखनऊ में 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव का निधन हो गया। हालांकि वे सीधे तौर पर सक्रिय राजनीति में नहीं थे, लेकिन उनकी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="80" data-end="441">प्रतीक यादव की मौत ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाजवादी पार्टी के अंदरूनी पारिवारिक विवादों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक लखनऊ में 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव का निधन हो गया। हालांकि वे सीधे तौर पर सक्रिय राजनीति में नहीं थे, लेकिन उनकी पहचान एक बिजनेसमैन, फिटनेस प्रेमी और लग्जरी लाइफस्टाइल वाले व्यक्ति के रूप में थी।</p>
<p data-start="443" data-end="799">प्रतीक यादव की पहचान सिर्फ एक कारोबारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे मुलायम सिंह यादव के दूसरे परिवार से जुड़े होने के कारण हमेशा राजनीतिक चर्चाओं में बने रहे। उनकी मां साधना गुप्ता थीं, जिनके साथ मुलायम सिंह का रिश्ता लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया। इसी वजह से यादव परिवार के भीतर “पहला परिवार” और “दूसरा परिवार” की चर्चा कई वर्षों तक चलती रही।</p>
<p data-start="801" data-end="1273">समाजवादी पार्टी की कहानी भी यहां सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी की नहीं रह जाती, बल्कि एक पारिवारिक सत्ता संघर्ष की कहानी बन जाती है। 1992 में मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी की स्थापना की थी। उस समय मंडल राजनीति, पिछड़ी जातियों का उभार और बाबरी मस्जिद विवाद ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को नया रूप दिया था। मुलायम सिंह ने खुद को पिछड़े वर्गों के नेता और मुस्लिम समुदाय के रक्षक के रूप में पेश किया। “MY Formula” यानी Muslim और Yadav समीकरण ने कई सालों तक पार्टी को मजबूती दी।</p>
<p data-start="1275" data-end="1624">लेकिन समय के साथ पार्टी का नियंत्रण एक परिवार के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गया। अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव, रामगोपाल यादव और अन्य पारिवारिक सदस्य पार्टी के प्रमुख चेहरे बनते गए। विरोधियों ने यहीं से आरोप लगाना शुरू किया कि समाजवादी पार्टी एक वैचारिक पार्टी के बजाय पारिवारिक कंपनी बन गई है, जहां पद और टिकट पारिवारिक समीकरणों के आधार पर तय होते हैं।</p>
<p data-start="1626" data-end="2067">2016-17 में यह पारिवारिक संघर्ष खुलकर सामने आ गया। एक तरफ अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव थे, जबकि दूसरी तरफ मुलायम सिंह, शिवपाल यादव और अमर सिंह का गुट माना जाता था। यह टकराव सिर्फ टिकट बंटवारे या पदों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे पुरानी और नई राजनीति के बीच की लड़ाई के रूप में भी देखा गया। अखिलेश यादव खुद को विकास और आधुनिक राजनीति का चेहरा बताने की कोशिश कर रहे थे, जबकि पुराना गुट पारंपरिक जातीय और संगठन आधारित राजनीति को महत्व दे रहा था।</p>
<p data-start="2069" data-end="2363">इस पूरे विवाद में अमर सिंह की भूमिका भी काफी चर्चा में रही। अखिलेश समर्थकों का दावा था कि अमर सिंह परिवारिक विवाद को और बढ़ा रहे हैं और मुलायम सिंह पर प्रभाव डाल रहे हैं। उस समय यह भी कहा गया कि समाजवादी पार्टी का रणनीतिक नियंत्रण परिवार के बाहर के कुछ प्रभावशाली चेहरों के हाथों में जा रहा है।</p>
<p data-start="2365" data-end="2734">भारतीय राजनीति में यह बहुत कम देखने को मिलता है कि एक सक्रिय पिता से बेटा पार्टी का नियंत्रण अपने हाथ में ले ले। लेकिन समाजवादी पार्टी में यह दृश्य भी देखने को मिला। पहले अखिलेश यादव को हटाने की कोशिश हुई, फिर अखिलेश गुट ने विरोध किया और आखिरकार चुनाव आयोग ने अखिलेश गुट को ही असली समाजवादी पार्टी माना। इस राजनीतिक लड़ाई को एक पारिवारिक त्रासदी के रूप में भी देखा गया।</p>
<p data-start="2736" data-end="3018">समाजवादी पार्टी पर “गुंडा राज” के आरोप भी लंबे समय से लगते रहे हैं। विरोधियों का दावा रहा कि पार्टी के कुछ कार्यकालों में कानून-व्यवस्था कमजोर रही और बाहुबली तत्वों को राजनीतिक संरक्षण मिला। बीजेपी ने इस नैरेटिव को खासतौर पर शहरी और मध्यम वर्ग के वोटरों के बीच प्रभावी ढंग से उठाया।</p>
<p data-start="3020" data-end="3315">इस बीच अपर्णा यादव का बीजेपी में जाना भी समाजवादी पार्टी के लिए बड़ा प्रतीकात्मक झटका माना गया। क्योंकि अपर्णा यादव मुलायम परिवार का हिस्सा थीं और उनके बीजेपी में जाने को “यादव परिवार में दरार” के रूप में पेश किया गया। प्रतीक यादव, जो अपर्णा के पति थे, इसी कारण फिर राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बने।</p>
<p data-start="3317" data-end="3611">आज अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा हैं। वे PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक गठजोड़ की राजनीति को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और युवाओं व शहरी वोटरों को जोड़ना चाहते हैं। लेकिन सवाल अब भी कायम है कि क्या समाजवादी पार्टी एक वैचारिक पार्टी है या फिर एक पारिवारिक सत्ता संरचना।</p>
<p data-start="3613" data-end="3946" data-is-last-node="" data-is-only-node="">प्रतीक यादव की मौत ने एक बार फिर यह बहस जिंदा कर दी है कि यादव परिवार की अंदरूनी राजनीति ने समाजवादी पार्टी की दिशा पर कितना बड़ा असर डाला। वे खुद कभी बड़े राजनीतिक नेता नहीं रहे, लेकिन उनकी मौत ने मुलायम सिंह के दूसरे परिवार, अखिलेश से संबंधों और समाजवादी पार्टी के पारिवारिक समीकरणों को फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Tarn Taran ByPoll 2025: AAP ने 12,000 Votes से जीती Tarn Taran Seat; Akali Dal दूसरे नंबर पर</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/tarn-taran-bypoll-2025-aap-wins-tarn-taran-seat-by-12000-votes-akali-dal-secures-second-place/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Nov 2025 10:12:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAPVictory]]></category>
		<category><![CDATA[AAPWin]]></category>
		<category><![CDATA[AkaliDal]]></category>
		<category><![CDATA[ByElection]]></category>
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		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabElections2025]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब की तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने शानदार जीत दर्ज की है। AAP उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू ने 12,091 वोटों से जीत हासिल की। उन्हें कुल 42,649 वोट मिले। इसी के साथ वह चौथी बार तरनतारन से विधायक बने हैं। जीत का आधिकारिक ऐलान थोड़ी देर बाद किया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब की तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> ने शानदार जीत दर्ज की है। AAP उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने <strong>12,091 </strong><strong>वोटों</strong> से जीत हासिल की। उन्हें कुल <strong>42,649 </strong><strong>वोट</strong> मिले। इसी के साथ वह <strong>चौथी बार</strong> तरनतारन से विधायक बने हैं। जीत का आधिकारिक ऐलान थोड़ी देर बाद किया जाएगा, लेकिन काउंटिंग के नतीजों ने तस्वीर साफ कर दी है।</p>
<h2><strong>किसे मिले कितने वोट</strong><strong>?</strong></h2>
<ul>
<li><strong>AAP – </strong><strong>हरमीत सिंह संधू:</strong> 42,649 वोट</li>
<li><strong>शिअद </strong><strong>– </strong><strong>सुखविंदर कौर रंधावा:</strong> 30,558 वोट</li>
<li><strong>अकाली दल</strong><strong>–</strong><strong>वारिस पंजाब दे </strong><strong>– </strong><strong>मनदीप सिंह खालसा:</strong> 19,420 वोट</li>
<li><strong>कांग्रेस </strong><strong>– </strong><strong>कर्णबीर सिंह बुर्ज:</strong> 15,078 वोट</li>
<li><strong>BJP – </strong><strong>हरजीत सिंह संधू:</strong> 6,239 वोट</li>
</ul>
<p>स्पष्ट है कि इस चुनाव में जनता ने AAP को सबसे ज्यादा सपोर्ट दिया, जबकि कांग्रेस और BJP को बड़ा नुकसान हुआ।</p>
<h2><strong>उपचुनाव क्यों हुआ</strong><strong>?</strong></h2>
<p>2022 के विधानसभा चुनाव में यह सीट AAP नेता <strong>कश्मीर सिंह सोहल</strong> ने जीती थी। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई और उपचुनाव कराया गया। उपचुनाव में इस बार <strong>60.95% </strong><strong>मतदान</strong> हुआ, जो पिछले चुनाव के 65.81% से थोड़ा कम है।</p>
<h1><strong>राउंड दर राउंड </strong><strong>– </strong><strong>कैसे बढ़ी </strong><strong>AAP </strong><strong>की बढ़त</strong><strong>?</strong></h1>
<p>काउंटिंग की शुरुआत में तस्वीर पूरी तरह अलग थी।</p>
<h3><strong>शुरूआती बढ़त अकाली दल के पास</strong></h3>
<ul>
<li>पहले राउंड में अकाली दल की सुखविंदर रंधावा <strong>610 </strong><strong>वोट</strong> से आगे थीं।</li>
<li>दूसरे राउंड में उनकी लीड बढ़कर <strong>1480 </strong><strong>वोट</strong> तक पहुंच गई।</li>
<li>तीसरे राउंड में लीड घटकर <strong>374 </strong><strong>वोट</strong> रह गई।</li>
</ul>
<h3><strong>चौथे राउंड से खेल बदला</strong></h3>
<ul>
<li>4th राउंड में AAP ने पहली बार <strong>179 </strong><strong>वोटों</strong> की लीड ले ली।</li>
<li>इसके बाद हर राउंड में AAP की बढ़त बढ़ती गई—</li>
</ul>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>राउंड</strong></td>
<td><strong>AAP </strong><strong>लीड</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>5वां</td>
<td>187</td>
</tr>
<tr>
<td>6वां</td>
<td>892</td>
</tr>
<tr>
<td>7वां</td>
<td>1836</td>
</tr>
<tr>
<td>8वां</td>
<td>3668</td>
</tr>
<tr>
<td>9वां</td>
<td>5510</td>
</tr>
<tr>
<td>10वां</td>
<td>7294</td>
</tr>
<tr>
<td>11वां</td>
<td>9142</td>
</tr>
<tr>
<td>12वां</td>
<td>10,236</td>
</tr>
<tr>
<td>13वां</td>
<td>11,594</td>
</tr>
<tr>
<td>14वां</td>
<td>11,117</td>
</tr>
<tr>
<td>15वां</td>
<td>11,317</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>16</strong><strong>वां (अंतिम)</strong></td>
<td><strong>12,091 (</strong><strong>जीत)</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>तेज रफ्तार बढ़त से साफ दिखा कि शहर से लेकर गांव तक AAP का जनाधार मजबूत है।</p>
<h2><strong>मतगणना केंद्रों पर माहौल</strong></h2>
<ul>
<li>हर राउंड के बाद AAP समर्थकों ने ढोल, डांस और पटाखों के साथ जश्न मनाया।</li>
<li>कई जगहों पर वर्करों ने मिठाइयाँ बांटनी शुरू कर दीं।</li>
<li>मतगणना केंद्र के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम रहे और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई।</li>
</ul>
<h1><strong>कौन क्या बोला</strong><strong>? – </strong><strong>नेताओं की प्रतिक्रियाएँ</strong></h1>
<h3><strong>अरविंद केजरीवाल</strong></h3>
<p>“पंजाब ने काम की राजनीति को चुना।”</p>
<h3><strong>मनीष सिसोदिया</strong></h3>
<p>“पंजाब की जनता ने कांग्रेस, BJP और अकाली दल – तीनों को नकार दिया है। लोगों ने AAP की सरकार के काम पर मुहर लगाई है।”</p>
<h3><strong>AAP </strong><strong>नेता कुलदीप धालीवाल</strong></h3>
<p>“यह जीत हमारे कामों की जीत है। हमने सड़कों, बिजली, शिक्षा और नौकरियों पर काम किया है। जनता ने भरोसा दिखाया।”</p>
<h2><strong>वारिस पंजाब दे का प्रदर्शन</strong></h2>
<p>अमृतपाल सिंह की पार्टी <strong>अकाली दल</strong><strong>–</strong><strong>वारिस पंजाब दे</strong> तीसरे स्थान पर रही।<br />
उम्मीदवार मनदीप सिंह ने कहा कि पंथक दलों को एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए ताकि आने वाले चुनावों में बेहतर परिणाम मिल सकें।</p>
<h1><strong>कांग्रेस और </strong><strong>BJP </strong><strong>का कमजोर प्रदर्शन</strong></h1>
<ul>
<li>कांग्रेस चौथे नंबर पर रही।</li>
<li>BJP उम्मीदवार 10 हजार वोट भी नहीं छू पाए और <strong>5</strong><strong>वें स्थान</strong> पर रहे।<br />
यह दोनों पार्टियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।</li>
</ul>
<p>तरनतारन उपचुनाव में AAP की जीत यह साफ दिखाती है कि इलाके में पार्टी की पकड़ मजबूत है।<br />
शुरुआती राउंड में पीछे रहने के बावजूद AAP ने जोरदार वापसी की और लगातार बढ़त लेते हुए बड़ी जीत दर्ज की।<br />
जनता ने एक बार फिर “काम की राजनीति” पर भरोसा जताया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Tarn Taran By-Election से पहले AAP मजबूत, सैकड़ों Young Leaders ने Party में की एंट्री</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/aap-strengthens-ahead-of-tarn-taran-by-election-hundreds-of-young-leaders-join-the-party/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 09 Nov 2025 05:07:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AamAadmiParty]]></category>
		<category><![CDATA[AAP']]></category>
		<category><![CDATA[AAPYouth]]></category>
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					<description><![CDATA[तरनतारन उपचुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ी मजबूती मिली है। हलके के सैकड़ों युवा नेताओं ने पार्टी में शामिल होकर AAP की ताकत बढ़ा दी। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं का स्वागत किया। उनके साथ चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट, डॉ. एस.एस. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>तरनतारन उपचुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ी मजबूती मिली है। हलके के सैकड़ों युवा नेताओं ने पार्टी में शामिल होकर AAP की ताकत बढ़ा दी।</p>
<p>इस मौके पर कैबिनेट मंत्री <strong>लालजीत सिंह भुल्लर</strong> ने पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं का स्वागत किया। उनके साथ <strong>चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट</strong>, <strong>डॉ. एस.एस. आहलूवालिया</strong>, <strong>गुरदेव सिंह लाखाणा</strong>, और <strong>परमिंदर गोल्डी</strong> भी मौजूद रहे। AAP के यूथ नेता <strong>शाहबाज</strong> की अगुवाई में कई युवा नेता पार्टी में शामिल हुए।</p>
<p>शामिल होने वाले प्रमुख युवाओं में <strong>एकम संधू</strong><strong>, </strong><strong>नवतेज संधू</strong><strong>, </strong><strong>विक्की संधू</strong><strong>, </strong><strong>अनमोल रंधावा</strong><strong>, </strong><strong>सुरजन सिंह</strong><strong>, </strong><strong>सुखदीप सिंह</strong><strong>, </strong><strong>राज भुल्लर</strong><strong>, </strong><strong>प्रिंस</strong><strong>, </strong><strong>आदेश</strong><strong>, </strong><strong>जोबन</strong><strong>, </strong><strong>अमन</strong><strong>, </strong><strong>हरदीप</strong><strong>, </strong><strong>जगरूप सिंह</strong><strong>, </strong><strong>मोंटू</strong><strong>, </strong><strong>मोला बाठ</strong><strong>, </strong><strong>आकाशदीप</strong><strong>, </strong><strong>योद्धा जमस्तपुर</strong><strong>, </strong><strong>जोता</strong><strong>, </strong><strong>पवन</strong><strong>, </strong><strong>दलजीत</strong><strong>, </strong><strong>अर्श</strong><strong>, </strong><strong>सुखबीर</strong><strong>, </strong><strong>वंश कलेर</strong><strong>, </strong><strong>जोबन जमस्तपुर</strong> शामिल हैं।</p>
<p><strong>कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर</strong> ने कहा, “तरनतारन की युवा पीढ़ी अब बदलाव का नेतृत्व कर रही है। हमारे युवा पंजाब के भविष्य की ताकत हैं। आम आदमी पार्टी राजनीति में युवाओं को एक साफ और ईमानदार प्लेटफॉर्म दे रही है, जहाँ सेवा और विकास सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इन सभी का यह उत्साह और ऊर्जा हमारे उम्मीदवार <strong>हरमीत संधू</strong> की जीत की गारंटी है।”</p>
<p><strong>चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट</strong> ने भी सभी युवा नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अकाली दल और कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा, “इन दोनों पार्टियों ने मिलकर पंजाब को बर्बादी की ओर धकेला है। अकाली दल अब पंथ की पार्टी नहीं, बल्कि <strong>बादल परिवार की पार्टी</strong> बन गया है। बादलों ने अपने स्वार्थी हितों के लिए पंजाब को लूटा और युवाओं को नशे की तरफ़ धकेला। कांग्रेस और इसके नेताओं के गुरुओं पर दिए गए बयान सिख विरोधी मानसिकता को उजागर करते हैं।”</p>
<p><strong>डॉ. एस.एस. आहलूवालिया</strong> ने कहा, “मान सरकार युवाओं को सही दिशा देने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार ने अपने सभी वादे पूरे किए हैं। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए गांवों में जिम और खेल के मैदान बनाए जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी दे रही है।”</p>
<p>AAP नेताओं ने दावा किया कि उनकी सरकार <strong>ईमानदारी</strong><strong>, </strong><strong>पारदर्शिता और विकास</strong> की राह पर आगे बढ़ रही है। जनता का विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत है और यही AAP को तरनतारन उपचुनाव में बड़ी जीत दिलाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Harpal Singh Cheema का Opposition पर हमला: कहा “पिछली सरकारें खुद ही खजाना…”</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/harpal-singh-cheema-attacks-opposition-says-previous-governments-themselves-emptied-the-state-treasury/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Nov 2025 10:13:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[56kJobs]]></category>
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		<category><![CDATA[TarnTaranByElection]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के खजाना मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने तरनतारन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और अकाली दल पर बड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब में विकास की राजनीति कर रही है, जबकि पुरानी पार्टियां लोगों को जाति, धर्म और इलाकों में बांटकर नफरत फैलाने की कोशिश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के खजाना मंत्री <strong>हरपाल सिंह चीमा</strong> ने तरनतारन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और अकाली दल पर बड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब में <strong>विकास की राजनीति</strong> कर रही है, जबकि पुरानी पार्टियां लोगों को जाति, धर्म और इलाकों में बांटकर <strong>नफरत फैलाने</strong> की कोशिश कर रही हैं।</p>
<p>चीमा ने कहा कि जब कांग्रेस और अकाली दल की सरकार थी, तब वे हमेशा कहते थे कि सरकारी खजाना खाली है। लेकिन असलियत यह थी कि उनकी नीयत सही नहीं थी। उन्होंने कहा कि:</p>
<p>“पिछली सरकारें खुद ही खजाना खाली कर देती थीं और फिर रोती थीं कि पैसा नहीं है। लेकिन हमारी सरकार ने सिर्फ 3 साल में इतना राजस्व (Revenue) बढ़ाया कि कांग्रेस और अकाली दल अपने 5-5 साल में भी नहीं कर सके।”</p>
<p><strong>56,000 </strong><strong>नौकरियाँ और गोइंदवाल थर्मल प्लांट वापस खरीदना बड़ी उपलब्धि</strong></p>
<p>चीमा ने बताया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने अब तक <strong>56,000 </strong><strong>नौजवानों को सरकारी नौकरियाँ</strong> दी हैं। अगर खजाना खाली होता, तो इतने बड़े पैमाने पर नौकरियाँ देने की बात सोची भी नहीं जा सकती थी।</p>
<p>उन्होंने <strong>गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट</strong> का जिक्र करते हुए कहा:</p>
<ul>
<li>अकाली-भाजपा सरकार ने इसे <strong>निजी हाथों में बेच दिया था</strong>।</li>
<li>लेकिन <strong>AAP </strong><strong>सरकार ने हिम्मत दिखाकर इसे वापस खरीदा</strong> और इसे <strong>पंजाब के लोगों के नाम</strong> कर दिया।</li>
</ul>
<p>यह कदम आम लोगों के लिए बड़ी राहत और पंजाब की ऊर्जा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p><strong>कांग्रेस पर गैंगस्टरवाद और नशे को बढ़ावा देने का आरोप</strong></p>
<p>चीमा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में नशे और गैंगस्टरों को पनपाने के पीछे कांग्रेस का हाथ रहा है। उन्होंने कहा:</p>
<ul>
<li>कांग्रेस नेताओं ने <strong>गैंगस्टरों को बचाया</strong>, उनका संरक्षण किया।</li>
<li>यूपी के मशहूर गैंगस्टर <strong>मुख्तार अंसारी</strong> को भी रोपड़ जेल में रहकर राजनीतिक सुरक्षा दी गई थी।</li>
<li>अकाली और कांग्रेस सरकारों के समय <strong>माझा इलाका नशे से बदनाम</strong> हो गया था।</li>
</ul>
<p>उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने <strong>एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (</strong><strong>AGTF)</strong> बनाई, जिसके बाद कई गैंगस्टर जेलों में भेजे जा चुके हैं और <strong>नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई</strong> चल रही है।</p>
<p><strong>भाईचारे की बात और अपील</strong></p>
<p>चीमा ने कहा कि पंजाब <strong>गुरुओं और पीरों की धरती</strong> है, जिसने हमेशा <strong>भाईचारे और एकता</strong> का संदेश दिया। कांग्रेस की भाषा और बयानबाज़ी इस एकता को तोड़ने वाली है, जिसे <strong>पंजाब के लोग कभी स्वीकार नहीं करेंगे</strong>।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज लोग यह देखकर वोट देंगे कि:</p>
<ul>
<li>कौन नौकरियाँ दे रहा है,</li>
<li>कौन स्कूल-सड़क-स्वास्थ्य सुविधाएँ सुधार रहा है,</li>
<li>कौन <strong>मुफ्त बिजली</strong> दे रहा है,</li>
<li>और कौन जात-पात, नफरत और डर की राजनीति कर रहा है।</li>
</ul>
<p><strong>तरनतारन उपचुनाव में </strong><strong>‘</strong><strong>आप</strong><strong>’ </strong><strong>उम्मीदवार को वोट देने की अपील</strong></p>
<p>अंत में चीमा ने लोगों से अपील की कि तरनतारन के विकास के लिए और इस सकारात्मक काम को आगे बढ़ाने के लिए, <strong>आप उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू</strong> को भारी मतों से जिताएं।</p>
<p>“लोग अब विकास को पहचानते हैं। तरनतारन के लोग भाईचारे को मजबूत करेंगे और नफरत की राजनीति को खारिज करेंगे।”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab University Senate भंग पर सियासत: Mann सरकार जाएगी court, CM बोले – Centre को अधिकार नहीं, Haryana के ज़रिए एंट्री की कोशिश हुई</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/politics-over-punjab-university-senate-dissolution-mann-government-to-move-court-cm-says-centre-has-no-authority-haryana-trying-to-enter-through-the-backdoor/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 02 Nov 2025 09:22:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[#Haryana]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[CentreVsState]]></category>
		<category><![CDATA[Chandigarh]]></category>
		<category><![CDATA[EducationNews]]></category>
		<category><![CDATA[LatestUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabUniversity]]></category>
		<category><![CDATA[UniversitySenate]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट (Senate) और सिंडिकेट (Syndicate) को केंद्र सरकार ने भंग कर दिया है। इसके बाद पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के बीच बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस फैसले को “गैर-संवैधानिक और पंजाब विरोधी” बताया है और कहा है कि राज्य सरकार अब इस मामले में कानूनी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब यूनिवर्सिटी की <strong>सीनेट (Senate)</strong> और <strong>सिंडिकेट (Syndicate)</strong> को केंद्र सरकार ने भंग कर दिया है। इसके बाद पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के बीच बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।<br />
<strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong> ने इस फैसले को “<strong>गैर-संवैधानिक और पंजाब विरोधी</strong>” बताया है और कहा है कि राज्य सरकार अब इस मामले में <strong>कानूनी लड़ाई</strong> लड़ेगी।</p>
<h3><strong>केंद्र का फैसला और उसका समय</strong></h3>
<p>31 अक्टूबर 2024 को पंजाब यूनिवर्सिटी की पुरानी सीनेट का कार्यकाल खत्म हो गया था।<br />
नई सीनेट का चुनाव नहीं हुआ, और फिर <strong>1 </strong><strong>नवंबर 2025 (</strong><strong>पंजाब दिवस)</strong> के दिन केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर सीनेट और सिंडिकेट दोनों को <strong>भंग (dissolve)</strong> कर दिया।<br />
केंद्र ने कहा कि यूनिवर्सिटी का कामकाज सही तरह चलाने के लिए यह कदम उठाना ज़रूरी था।</p>
<h3><strong>पंजाब सरकार का विरोध</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह फैसला <strong>गैर-कानूनी</strong> है और <strong>केंद्र को ऐसा करने का अधिकार नहीं</strong> है।<br />
उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी का मामला <strong>पंजाब पुनर्गठन एक्ट 1966</strong> और <strong>पंजाब यूनिवर्सिटी एक्ट 1947</strong> के तहत आता है, यानी इसका अधिकार <strong>पंजाब सरकार के पास</strong> है, न कि केंद्र के पास।</p>
<h3><strong>सीएम भगवंत मान के 6 </strong><strong>मुख्य बयान</strong></h3>
<ol>
<li><strong>केंद्र को अधिकार नहीं:</strong> पंजाब यूनिवर्सिटी को भंग करने का अधिकार केंद्र को नहीं, बल्कि पंजाब सरकार को है।</li>
<li><strong>नोटिफिकेशन गैरकानूनी है:</strong> विधानसभा या संसद में संशोधन किए बिना सिर्फ नोटिफिकेशन जारी करना पूरी तरह असंवैधानिक है।</li>
<li><strong>हरियाणा की एंट्री की कोशिश:</strong> मान ने कहा कि पहले भी हरियाणा ने अपने कॉलेजों को पंजाब यूनिवर्सिटी से जोड़ने की कोशिश की थी, अब उसी बहाने से दोबारा एंट्री की जा रही है।</li>
<li><strong>सीनेट में हरियाणा के लोगों की एंट्री:</strong> उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सीनेट में अपने लोगों को भेजने की योजना बना रही थी, जिसका हमें पहले से पता चल गया था।</li>
<li><strong>कानूनी लड़ाई का ऐलान:</strong> पंजाब सरकार अब इस फैसले के खिलाफ <strong>हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट</strong> जाएगी।</li>
<li><strong>धक्केशाही नहीं चलेगी:</strong> मान ने कहा कि “पहले बीबीएमबी और अब यूनिवर्सिटी – भाजपा लगातार पंजाब की प्रॉपर्टी और हकों पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है, जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”</li>
</ol>
<h3><strong>पंजाब यूनिवर्सिटी का इतिहास और महत्व</strong></h3>
<p>पंजाब यूनिवर्सिटी की शुरुआत <strong>लाहौर (अब पाकिस्तान)</strong> में हुई थी।<br />
आजादी के बाद इसे पहले <strong>होशियारपुर</strong> और फिर <strong>चंडीगढ़</strong> स्थानांतरित किया गया।<br />
पंजाब सरकार हर साल इस यूनिवर्सिटी को <strong>बजट से ग्रांट (financial grant)</strong> देती है।<br />
इस वजह से पंजाब का दावा है कि यह <strong>राज्य की विरासत (heritage)</strong> और <strong>अधिकार (right)</strong> है।</p>
<h3><strong>सीनेट क्या होती है?</strong></h3>
<p>सीनेट यूनिवर्सिटी की सबसे ऊंची संस्था होती है, जो सभी बड़े फैसले लेती है।<br />
इसका काम होता है –</p>
<ul>
<li>यूनिवर्सिटी की <strong>policies </strong><strong>बनाना</strong>,</li>
<li><strong>administrative decisions </strong><strong>लेना</strong>,</li>
<li>और यूनिवर्सिटी का <strong>लोकतांत्रिक संचालन</strong> करना।</li>
</ul>
<p>इसी सीनेट के चुनाव हर कुछ साल में होते हैं, लेकिन इस बार चुनाव न होने के कारण अब विवाद और गहरा हो गया है।</p>
<h3><strong>हरियाणा से जुड़ा विवाद</strong></h3>
<p>यह विवाद नया नहीं है।<br />
हरियाणा लंबे समय से अपने कॉलेजों को पंजाब यूनिवर्सिटी के अधीन करने की मांग करता रहा है।<br />
पंजाब का कहना है कि ऐसा करने से यूनिवर्सिटी की “<strong>पंजाबी पहचान और स्वायत्तता (autonomy)</strong>” खत्म हो जाएगी।<br />
सीएम मान का आरोप है कि हरियाणा सरकार सीनेट में अपने प्रतिनिधियों को लाने की कोशिश कर रही थी, जिससे यूनिवर्सिटी के फैसलों पर उसका असर बढ़ जाए।</p>
<h3><strong>केंद्र का पक्ष (संभावित तर्क)</strong></h3>
<p>केंद्र का कहना है कि सीनेट का कार्यकाल खत्म हो चुका था और चुनाव न होने की वजह से यूनिवर्सिटी का प्रशासनिक काम रुक सकता था।<br />
इसलिए अस्थायी तौर पर यह कदम उठाना पड़ा ताकि यूनिवर्सिटी का सिस्टम चलता रहे।</p>
<h3><strong>अब आगे क्या होगा</strong></h3>
<p>पंजाब सरकार ने साफ कर दिया है कि वह इस फैसले को <strong>कोर्ट में चुनौती</strong> देगी।<br />
राज्य सरकार इसे पंजाब की “<strong>शैक्षणिक और सांस्कृतिक विरासत</strong>” से जुड़ा मामला बता रही है।<br />
अब देखना होगा कि यह मामला <strong>राज्य बनाम केंद्र</strong> के अधिकार क्षेत्र की कानूनी लड़ाई में कैसे आगे बढ़ता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<ul>
<li>केंद्र ने पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट और सिंडिकेट भंग की।</li>
<li>पंजाब सरकार ने इसे “पंजाब विरोधी और गैर-कानूनी” बताया।</li>
<li>भगवंत मान बोले — “पंजाब यूनिवर्सिटी हमारी विरासत है, इसे किसी भी कीमत पर छीने नहीं देंगे।”</li>
<li>अब यह विवाद कोर्ट तक जाने वाला है।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Tarn Taran में Akali Dal को बड़ा झटका — मौजूदा Sarpanch Jashandeep Singh साथियों समेत ‘AAP’ में शामिल</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/big-setback-for-akali-dal-in-tarn-taran-current-sarpanch-jashandeep-singh-joins-aap-along-with-his-associates/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Oct 2025 04:27:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[app]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Tarn-Taran]]></category>
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					<description><![CDATA[तरनतारन उपचुनाव से पहले अकाली दल को उस समय बड़ा झटका लगा जब गांव के मौजूदा अकाली सरपंच जश्नदीप सिंह ने अपने साथियों के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) का हाथ थाम लिया। शनिवार को हुए इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने जश्नदीप सिंह और उनके साथ आए पंचायत सदस्यों को औपचारिक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>तरनतारन उपचुनाव से पहले अकाली दल को उस समय बड़ा झटका लगा जब गांव के मौजूदा अकाली सरपंच <strong>जश्नदीप सिंह</strong> ने अपने साथियों के साथ <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> का हाथ थाम लिया।</p>
<p>शनिवार को हुए इस कार्यक्रम में <strong>कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर</strong> ने जश्नदीप सिंह और उनके साथ आए पंचायत सदस्यों को औपचारिक तौर पर पार्टी में शामिल करवाया और उनका स्वागत किया। इस मौके पर <strong>कार्यकारी अध्यक्ष अमनशेर सिंह शैरी कलसी</strong>, <strong>विधायक श्रवण सिंह धुन्न</strong> और <strong>प्रदेश महासचिव हरचंद सिंह बरसट</strong> भी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>‘AAP’ </strong><strong>में शामिल हुए प्रमुख सदस्य</strong></p>
<ul>
<li>सरपंच <strong>जश्नदीप सिंह</strong></li>
<li>पंच <strong>अवतार सिंह</strong></li>
<li>पंच <strong>दविंदर सिंह</strong></li>
<li>पंच <strong>प्रगट सिंह</strong></li>
<li>पंच <strong>दर्शन सिंह</strong></li>
<li>पंच <strong>नरिंदर पाल कौर</strong></li>
<li>पंच <strong>बलजीत कौर</strong></li>
<li><strong>कंवर जगदीप सिंह लाडा</strong> (छिछरेवाल)</li>
</ul>
<p>इन सभी नेताओं ने ‘AAP’ की नीतियों और मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> की काम करने की शैली से प्रभावित होकर पार्टी जॉइन की।</p>
<p><strong>मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का बयान</strong></p>
<p>भुल्लर ने कहा कि <strong>विरोधी पार्टियाँ (अकाली दल</strong><strong>, </strong><strong>कांग्रेस</strong><strong>, </strong><strong>भाजपा)</strong> सिर्फ <em>बातों की राजनीति</em> करती हैं, जबकि आम आदमी पार्टी <em>काम की राजनीति</em> करती है।<br />
उन्होंने कहा कि पार्टी की <strong>600 </strong><strong>यूनिट फ्री बिजली योजना</strong> की वजह से अब पंजाब के <strong>82% </strong><strong>घरों के बिजली बिल ज़ीरो</strong> आ रहे हैं।<br />
इसके साथ ही, <strong>881 </strong><strong>से ज्यादा मोहल्ला क्लीनिक</strong> चल रहे हैं, जहाँ लोगों को <strong>मुफ्त दवाइयां</strong><strong>, </strong><strong>टेस्ट और इलाज</strong> मिल रहा है।</p>
<p>भुल्लर ने बताया कि सरकार अब तक <strong>56,000 </strong><strong>से ज्यादा युवाओं को मेरिट के आधार पर नौकरियां</strong> दे चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी में शामिल सभी नए सदस्यों को पूरा सम्मान और काम करने का मौका मिलेगा।</p>
<p><strong>हरचंद सिंह बरसट का बयान</strong></p>
<p>प्रदेश महासचिव <strong>हरचंद सिंह बरसट</strong> ने कहा कि पिछली सरकारों के वक्त सिर्फ <strong>21% </strong><strong>खेतों तक ही नहरी पानी</strong> पहुंचता था, लेकिन अब <strong>65% </strong><strong>से ज्यादा खेतों तक पानी</strong> पहुंच रहा है।<br />
इससे <strong>भूजल स्तर </strong><strong>15 </strong><strong>से </strong><strong>20 </strong><strong>फीट तक ऊपर</strong> आया है। उन्होंने कहा कि आने वाले साल में सरकार का लक्ष्य <strong>हर एक एकड़ ज़मीन तक नहरी पानी पहुंचाने</strong> का है।</p>
<p><strong>जनता से अपील</strong></p>
<p>‘AAP’ नेताओं ने तरनतारन विधानसभा हलके के लोगों से अपील की कि इस उपचुनाव को <strong>सिर्फ एक उम्मीदवार का नहीं</strong><strong>, </strong><strong>बल्कि अपने भविष्य का चुनाव</strong> समझें।<br />
उन्होंने कहा कि लोग <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> को <strong>बड़ी लीड से जिताकर</strong> मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के हाथ मजबूत करें, ताकि पंजाब में विकास का काम और तेज़ी से हो सके।</p>
<p>तरनतारन में ‘AAP’ के लिए यह बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है, वहीं अकाली दल के लिए यह एक और झटका साबित हुआ है।<br />
गांवों के सरपंचों और पंचों का ‘AAP’ में शामिल होना इस बात का संकेत है कि जनता अब <em>काम की राजनीति</em> को ज़्यादा तवज्जो दे रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab के पूर्व DGP के बेटे की मौत! Post-Mortem Report में बड़ा खुलासा! Politics और Conspiracy के आरोपों में उलझा केस</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/death-of-punjab-former-dgps-son-major-revelation-in-post-mortem-report-case-entangled-in-politics-and-conspiracy-allegations/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Oct 2025 06:58:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[AqilAkhtar]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[Conspiracy]]></category>
		<category><![CDATA[DeathCase]]></category>
		<category><![CDATA[DrugAddiction]]></category>
		<category><![CDATA[FamilyDrama]]></category>
		<category><![CDATA[Investigation]]></category>
		<category><![CDATA[Panchkula]]></category>
		<category><![CDATA[PoliceCase]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[PostMortem]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabDGP]]></category>
		<category><![CDATA[RaziaSultana]]></category>
		<category><![CDATA[SIT]]></category>
		<category><![CDATA[SocialMediaControversy]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा और पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के बेटे अकील अख्तर (35) की रहस्यमयी मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है — अकील की दाहिनी कोहनी से 7 सेंटीमीटर ऊपर एक सिरिंज का निशान मिला है। अब सवाल ये उठ रहा है कि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के पूर्व DGP <strong>मोहम्मद मुस्तफा</strong> और पूर्व मंत्री <strong>रजिया सुल्ताना</strong> के बेटे <strong>अकील अख्तर (35)</strong> की रहस्यमयी मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है।<br />
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है — अकील की <strong>दाहिनी कोहनी से 7 </strong><strong>सेंटीमीटर ऊपर एक सिरिंज का निशान</strong> मिला है। अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या अकील की मौत <strong>ड्रग्स इंजेक्शन</strong> से हुई या फिर मामला कुछ और है?</p>
<h3><strong>16 </strong><strong>अक्टूबर की रात क्या हुआ था?</strong></h3>
<p>16 अक्टूबर की देर रात अकील अख्तर अपने पंचकूला सेक्टर-4 वाले घर में <strong>बेसुध हालत</strong> में मिला।<br />
परिवार उसे रात करीब <strong>9:30 </strong><strong>बजे सेक्टर-6 </strong><strong>अस्पताल</strong> लेकर गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे <strong>मृत घोषित कर दिया।</strong><br />
परिवार का कहना था कि अकील को <strong>दवाओं की ओवरडोज</strong> हो गई थी।<br />
शव को यूपी के <strong>सहारनपुर के हरडा गांव</strong> में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।</p>
<h3><strong>पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इंजेक्शन का निशान</strong></h3>
<p>पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि अकील की <strong>कोहनी पर सिरिंज का एक निशान</strong> था।<br />
डॉक्टर्स का कहना है कि नशे के आदी लोग शुरुआत में <strong>बाएं हाथ</strong> से इंजेक्शन लगाते हैं,<br />
लेकिन जब निशान पड़ जाते हैं तो वे <strong>दाएं हाथ</strong> पर लगाना शुरू करते हैं।<br />
चूंकि अकील के शरीर पर <strong>सिर्फ एक ही निशान</strong> मिला है, इसका मतलब है कि वह शायद <strong>इंजेक्शन से नशे का आदी नहीं था।</strong></p>
<h3><strong>पूर्व DGP </strong><strong>मुस्तफा का बयान — “18 </strong><strong>साल से बीमार था बेटा”</strong></h3>
<p>पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा ने बताया कि उनका बेटा पिछले <strong>18 </strong><strong>साल से ‘</strong><strong>साइकोटिक डिसऑर्डर’</strong> से पीड़ित था और <strong>नशा करता था।</strong><br />
उन्होंने कहा —</p>
<p>“2007 से उसका व्यवहार बदलने लगा था। कई बार वह हिंसक हो जाता था।<br />
एक बार उसने अपनी पत्नी पर हमला किया था, तब मैंने खुद उसे पुलिस के हवाले किया था।<br />
लेकिन एक बाप का दिल पिघल गया, मैंने शिकायत वापस ले ली। लोग अब उसकी मौत को राजनीति से जोड़ रहे हैं, जो गलत है।”</p>
<p>मुस्तफा का कहना है कि उनका बेटा <strong>कई बार डी-एडिक्शन सेंटर और पुलिस कस्टडी</strong> में भी रहा।<br />
2008 में अकील ने <strong>मनाली जाकर ड्रग्स लिया</strong>, जिससे उसका <strong>ब्रेन डैमेज</strong> हो गया था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-8440" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/image-300x169.webp" alt="" width="625" height="352" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/image-300x169.webp 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/image-1024x576.webp 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/image-768x432.webp 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/image-150x84.webp 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/image-120x68.webp 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/image-130x73.webp 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/image-356x200.webp 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/10/image.webp 1200w" sizes="(max-width: 625px) 100vw, 625px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<h3><strong>वायरल वीडियो और सनसनीखेज आरोप</strong></h3>
<p>अकील अख्तर ने <strong>27 </strong><strong>अगस्त 2025</strong> को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक <strong>वीडियो पोस्ट किया</strong>, जिसमें उसने दावा किया —</p>
<p>“मुझे पता चल गया है कि मेरे पिता (पूर्व DGP) का मेरी पत्नी से अवैध रिश्ता है।<br />
मेरी पत्नी अब उनके साथ रह रही है। परिवार मेरी हत्या की साजिश कर रहा है।”</p>
<p>हालांकि अकील ने यह वीडियो <strong>2 </strong><strong>घंटे बाद डिलीट</strong> कर दिया,<br />
लेकिन कुछ लोगों ने <strong>डाउनलोड कर लिया</strong> और अब यह वीडियो <strong>वायरल</strong> हो गया।<br />
पूर्व DGP मुस्तफा ने इस पर कहा —</p>
<p>“इस वीडियो का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।<br />
जिन लोगों ने इसे पोस्ट किया है, उनके खिलाफ मैंने साइबर थाने में शिकायत दी है।”</p>
<h3><strong>17 </strong><strong>अक्टूबर को दर्ज हुई शिकायत, 20 </strong><strong>अक्टूबर को बनी SIT</strong></h3>
<p>अकील की मौत के बाद <strong>17 </strong><strong>अक्टूबर</strong> को मलेरकोटला के रहने वाले <strong>शमशुद्दीन चौधरी</strong> ने<br />
पंचकूला पुलिस को <strong>लिखित शिकायत</strong> दी और <strong>प्रेस कॉन्फ्रेंस</strong> की।<br />
उन्होंने बताया कि वे <strong>पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के मायके के पड़ोसी</strong> हैं<br />
और परिवार को अच्छी तरह जानते हैं।</p>
<p>इसके बाद <strong>20 </strong><strong>अक्टूबर की रात</strong> पंचकूला के <strong>मनसा देवी थाना</strong> में<br />
पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना,<br />
बेटी और अकील की पत्नी के खिलाफ <strong>हत्या और साजिश के आरोप में FIR </strong><strong>दर्ज</strong> की गई।</p>
<p>मामले की जांच के लिए एक <strong>SIT (Special Investigation Team)</strong> बनाई गई है,<br />
जिसका नेतृत्व <strong>ACP </strong><strong>विक्रम नेहरा</strong> कर रहे हैं।<br />
टीम में इंस्पेक्टर पृथ्वी, PSI पूजा, SI प्रकाश और साइबर एक्सपर्ट PSI रामास्वामी शामिल हैं।</p>
<h3><strong>21 </strong><strong>अक्टूबर: शिकायतकर्ता से 6 </strong><strong>घंटे पूछताछ</strong></h3>
<p>SIT ने <strong>21 </strong><strong>अक्टूबर</strong> को शिकायतकर्ता शमशुद्दीन से करीब <strong>6 </strong><strong>घंटे पूछताछ</strong> की।<br />
उसने बताया कि वह <strong>रजिया सुल्ताना के मोहल्ले खटीकान, </strong><strong>मलेरकोटला</strong> में रहता है और<br />
परिवार को लंबे समय से जानता है।<br />
उसने कहा कि पहले उसने इस मामले को <strong>फैमिली मैटर</strong> मानकर चुप्पी साध ली थी,<br />
लेकिन अकील की मौत की खबर सुनकर उसे <strong>पुलिस को शिकायत देना सही लगा।</strong></p>
<h3><strong>जांच पर उठ रहे सवाल</strong></h3>
<ol>
<li><strong>अब तक पूर्व DGP </strong><strong>के घर की तलाशी नहीं हुई।</strong></li>
<li>अकील ने अपने वीडियो में जिस <strong>डायरी</strong> का जिक्र किया था, वह <strong>अब तक बरामद नहीं हुई।</strong></li>
<li><strong>घटना के दिन घर में क्या हुआ</strong>, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।<br />
बाहर पंजाब पुलिस का गार्ड जरूर था, लेकिन अंदर क्या चला — यह रहस्य बना हुआ है।</li>
</ol>
<h3><strong>मुस्तफा का पलटवार – “</strong><strong>शिकायतकर्ता झूठ बोल रहा है”</strong></h3>
<p>मुस्तफा ने बयान दिया कि</p>
<p>“शमशुद्दीन न तो मेरा पड़ोसी है, न ही रिश्तेदार।<br />
वह पहले एक MLA का PA रहा है और उस पर बैंक फ्रॉड का केस भी है।<br />
उसे आम आदमी पार्टी (AAP) से करप्शन के कारण निकाला गया था।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह सब <strong>राजनीतिक साजिश</strong> है और लोग उनके परिवार को <strong>बदनाम करने की कोशिश</strong> कर रहे हैं।</p>
<h3><strong>मुस्तफा फैमिली का राजनीतिक बैकग्राउंड</strong></h3>
<ul>
<li><strong>मोहम्मद मुस्तफा:</strong><br />
1985 बैच के IPS अधिकारी। कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी रहे।<br />
DGP बनने को लेकर विवाद हुआ था और बाद में सुप्रीम कोर्ट तक मामला गया।<br />
2021 में रिटायर हुए और कांग्रेस में सक्रिय हो गए।</li>
<li><strong>रजिया सुल्ताना:</strong><br />
तीन बार विधायक रहीं। 2017 में कैप्टन सरकार में मंत्री बनीं,<br />
बाद में नवजोत सिद्धू की करीबी मानी गईं।<br />
2022 में AAP के उम्मीदवार से चुनाव हार गईं।</li>
<li><strong>पुत्रवधू:</strong><br />
चार साल पहले पंजाब वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन बनी थीं,<br />
जिसकी नियुक्ति भी काफी विवादों में रही थी।</li>
</ul>
<h3><strong>अब नया मोड़ — </strong><strong>शिकायतकर्ता के राजनीतिक संबंध</strong></h3>
<p>अब इस केस में नया ट्विस्ट आया है।<br />
मलेरकोटला के <strong>AAP </strong><strong>विधायक डॉ. जमील उर रहमान</strong> ने कहा कि<br />
शिकायतकर्ता <strong>शमशुद्दीन चौधरी पहले उनका PA (</strong><strong>पर्सनल असिस्टेंट)</strong> था।<br />
बाद में उस पर <strong>करप्शन और पार्टी वर्करों को परेशान करने</strong> के आरोप लगे,<br />
जिसके बाद उसे <strong>AAP </strong><strong>से निकाल दिया गया।</strong><br />
इस खुलासे के बाद केस के पीछे <strong>पॉलिटिकल एंगल</strong> और गहराता जा रहा है।</p>
<h3><strong>सच्चाई अब भी रहस्य</strong></h3>
<p>अकील अख्तर की मौत का मामला अब <strong>कानूनी, </strong><strong>पारिवारिक और राजनीतिक तीनों मोर्चों</strong> पर उलझ गया है।<br />
एक तरफ पिता का कहना है कि बेटा <strong>मानसिक रूप से बीमार और ड्रग्स का शिकार</strong> था,<br />
तो दूसरी तरफ शिकायतकर्ता का दावा है कि <strong>परिवार ने साजिश रचकर हत्या की।</strong></p>
<p>फिलहाल SIT ने जांच शुरू कर दी है,<br />
लेकिन जब तक <strong>अकील की डायरी, </strong><strong>डिजिटल सबूत और मेडिकल रिपोर्ट</strong> पूरी तरह सामने नहीं आते,<br />
<strong>इस केस की असली सच्चाई रहस्य ही बनी रहेगी।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Amit Shah का सख्त statement: “infiltrators का पता लगाएंगे और country से निकालेंगे”, voting rights सिर्फ Indian को</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/amit-shahs-stern-statement-we-will-identify-infiltrators-and-remove-them-from-the-country-voting-rights-belong-only-to-indian-citizens/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Oct 2025 04:44:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[AmitShah]]></category>
		<category><![CDATA[Bharat]]></category>
		<category><![CDATA[BiharNews]]></category>
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		<category><![CDATA[Infiltrators]]></category>
		<category><![CDATA[ModiGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[SIR]]></category>
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					<description><![CDATA[केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देश में अवैध घुसपैठ (infiltration) और मतदाता सूची (voter list) संशोधन को लेकर कड़ा रुख पेश किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को भी बिना रोक-टोक भारत में आने दिया गया तो हमारा देश “धर्मशाला” (guesthouse) बन जाएगा, इसलिए घुसपैठ को राजनीतिक रक्षा नहीं मिलनी चाहिए — उन्हें पहचानो, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>केंद्रीय गृहमंत्री <strong>अमित शाह</strong> ने देश में अवैध घुसपैठ (infiltration) और मतदाता सूची (voter list) संशोधन को लेकर कड़ा रुख पेश किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को भी बिना रोक-टोक भारत में आने दिया गया तो हमारा देश “धर्मशाला” (guesthouse) बन जाएगा, इसलिए घुसपैठ को राजनीतिक रक्षा नहीं मिलनी चाहिए — उन्हें पहचानो, वोटर लिस्ट से हटाओ और देश से निकास करो (detect, delete and deport)।</p>
<h2>कहाँ और कब कहा?</h2>
<p>शाह के ये बयान दो अलग-अलग मौकों पर आए:</p>
<ol>
<li><strong>एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम</strong> में उन्होंने घुसपैठ और SIR (Special Intensive Revision) पर बात की।</li>
<li><strong>8 </strong><strong>अगस्त 2025</strong> को बिहार के सीतामढ़ी (Punaura Dham) में माता जानकी/जापनी मंदिर के भूमि-पूजन के दौरान भी उन्होंने वही बातें दोहराईं और कहा कि जो भारत में पैदा नहीं हुए, उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं होना चाहिए। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री <strong>नीतीश कुमार</strong> और डिप्टी CM <strong>सम्राट चौधरी</strong> भी मौजूद थे।</li>
</ol>
<h2>शाह ने क्या कहा — आसान भाषा में (मुख्य बिंदु)</h2>
<ul>
<li><strong>घुसपैठियों</strong> और <strong>शरणार्थियों</strong> (refugees) में फर्क बताया: जिन लोगों पर धार्मिक उत्पीड़न हुआ और वे शरण के लिए आए, वे अलग हैं; पर जो आर्थिक वजह या अन्य कारणों से <strong>अवैध तरीके से</strong> भारत में आते हैं, वे घुसपैठिये हैं।</li>
<li>सरकार और चुनाव आयोग <strong>SIR (Special Intensive Revision)</strong> कर रहे हैं — यह मतदाता सूची साफ करने की प्रक्रिया है। शाह ने कहा कि SIR को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए क्योंकि यह चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।</li>
<li><strong>वोट देने का अधिकार सिर्फ भारतीय नागरिकों को</strong> होना चाहिए — जो विदेश में पैदा हुए या अवैध तरीके से आए लोग हैं, उन्हें वोट नहीं देना चाहिए। शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे घुसपैठियों की रक्षा कर रहे हैं क्योंकि वे उनका “vote bank” हैं।</li>
<li>भाजपा की नीति के रूप में <strong>“Detect, Delete and Deport”</strong> की बात दोहराई गई — यानी पहचान, मतदाता सूची से हटाना और देश से निष्कासन।</li>
</ul>
<h2>शाह ने किसका नाम लिया?</h2>
<p>शाह ने सीधे तौर पर विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लिया — उन्होंने <strong>लालू प्रसाद यादव</strong> और <strong>राहुल गांधी</strong> का नाम लेते हुए कहा कि ये नेता घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं क्योंकि वे उनका वोट बैंक हैं। इस बात को उन्होंने सीतामढ़ी के कार्यक्रम में दुहराया।</p>
<h2>सरकार का स्टैंड और सरकारी प्रेस नोट</h2>
<p>गृह मंत्रालय/सरकारी प्रेस (PIB) में भी शाह ने ‘Infiltration, Demographic Change and Democracy’ जैसे विषयों पर भाषण दिया और कहा कि अवैध घुसपैठ देश की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा है। साथ ही उन्होंने CAA (Citizenship Amendment Act) का जिक्र करते हुए कहा कि किसी-किसी समुदाय के शरणार्थियों के अधिकारों का अलग से ध्यान रखा गया है।</p>
<h2>विपक्ष की प्रतिक्रिया (सारांश)</h2>
<p>विपक्षी दलों ने SIR और मतदाता सूची में बदलाव पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि ऐसे कदमों का राजनीतिक उद्देश्‍य भी हो सकता है। शाह का आरोप है कि विपक्ष ही SIR का विरोध इसलिए कर रहा है ताकि उनका वोट बैंक सुरक्षित रहे; वहीं विपक्ष का कहना है कि किसी भी नागरिक को गलत तरीके से हटाया न जाए। (बातचीत में कोर्ट जाने का विकल्प भी सुझाया गया)।</p>
<h2>सन्दर्भ और प्रसंग</h2>
<ul>
<li>शाह ने यह मुद्दा बिहार चुनाव और वहां चल रहे SIR बहस के बीच उठाया — Sitamarhi में माता जानकी मंदिर के विकास के मौके पर यह बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।</li>
<li>कई मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी नोटिसों में शाह के “detect, delete and deport” और SIR समर्थन वाले बयानों को कवर किया गया है — ये बयान हाल के सार्वजनिक कार्यक्रमों (अगस्त–अक्टूबर 2025) में आए।</li>
</ul>
<h2>क्या हुआ अब तक — एक नज़र में</h2>
<ul>
<li>गृह मंत्री ने SIR का खुलकर समर्थन किया और कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतंत्र की स्वच्छता का मुद्दा है।</li>
<li>शाह ने घुसपैठियों को पहचान कर मतदाता सूची से हटाने और निर्वासित करने की नीति पर जोर दिया।</li>
<li>सीतामढ़ी के कार्यक्रम में उन्होंनें कहा कि <strong>जो भारत में जन्मे नहीं</strong> उन्हें वोट का अधिकार नहीं होना चाहिए और कुछ लोग पड़ोसी देशों से आकर बिहार में नौकरियाँ ले रहे हैं — यह भी उनका आरोप रहा।</li>
</ul>
<p>यह मुद्दा भारत के चुनावी और सामाजिक परिदृश्य में संवेदनशील है। शाह ने इसे ‘नेशनल सिक्योरिटी’ और ‘डेमोग्राफिक चेंज’ के नजरिए से रखा है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक एवं मानवाधिकार के रुख से देखता है। आगे क्या होगा — SIR की प्रक्रिया, कोर्ट-केसेज़ या चुनावी राजनीति — यह आगे के दिनों में स्पष्ट होगा। सरकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शाह के बयान हालिया सार्वजनिक कार्यक्रमों में दर्ज हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>BJP-Congress’ की झूठ की जुगलबंदी का पर्दाफाश, Punjab Government ने SDRF का पूरा Account जनता के सामने रखा</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/exposing-bjp-congress-web-of-lies-punjab-government-presents-complete-sdrf-account-to-the-public/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Sep 2025 04:43:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#BJP]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[AAP']]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[MannGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[NewsUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefFund]]></category>
		<category><![CDATA[SDRF]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) को लेकर चल रहे विवाद में मान सरकार ने केंद्र और विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोला है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SDRF फंड का पूरा डेटा जारी किया और बताया कि 2022 से अब तक पंजाब को सिर्फ़ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) को लेकर चल रहे विवाद में मान सरकार ने केंद्र और विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोला है। पंजाब के वित्त मंत्री <strong>हरपाल सिंह चीमा</strong> ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SDRF फंड का पूरा डेटा जारी किया और बताया कि <strong>2022 </strong><strong>से अब तक पंजाब को सिर्फ़ </strong><strong>1,582 </strong><strong>करोड़ रुपये ही मिले हैं।</strong> उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों जनता को गुमराह करने के लिए झूठ फैला रहे हैं और पंजाब के हक़ का पैसा रोकने की साज़िश कर रहे हैं।</p>
<p><strong>क्या है विवाद</strong><strong>?</strong></p>
<p>पंजाब में जब भी बाढ़, भारी बारिश, ओलावृष्टि या अन्य प्राकृतिक आपदा होती है, तो केंद्र सरकार से राज्य को राहत राशि SDRF के तहत दी जाती है।</p>
<ul>
<li><strong>AAP </strong><strong>सरकार का आरोप है:</strong> केंद्र ने पंजाब को उसका पूरा हक़ नहीं दिया और जो थोड़ी बहुत राशि मिली, उसे भी देर से जारी किया।</li>
<li><strong>भाजपा का दावा है:</strong> केंद्र ने पंजाब को पर्याप्त फंड दिया, लेकिन राज्य सरकार इसका सही इस्तेमाल नहीं कर रही।</li>
<li><strong>कांग्रेस का रुख:</strong> कांग्रेस ने भी मान सरकार पर आरोप लगाए कि SDRF फंड सही तरीके से खर्च नहीं हुआ।</li>
</ul>
<p><strong>पंजाब सरकार का जवाब </strong><strong>– </strong><strong>हर पैसे का हिसाब पेश</strong></p>
<p>वित्त मंत्री चीमा ने आंकड़े जारी करते हुए विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों जनता को झूठ बोलकर भ्रमित कर रहे हैं।</p>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>वित्तीय वर्ष</strong></td>
<td><strong>प्राप्त राशि (</strong><strong>₹ </strong><strong>करोड़)</strong></td>
<td><strong>खर्च राशि (</strong><strong>₹ </strong><strong>करोड़)</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>2022-23</strong></td>
<td>208</td>
<td>61</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2023-24</strong></td>
<td>645</td>
<td>420</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2024-25</strong></td>
<td>488</td>
<td>27</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2025-26 (10 </strong><strong>सितंबर तक)</strong></td>
<td>241</td>
<td>140</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>कुल</strong></td>
<td><strong>1,582</strong></td>
<td><strong>649</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<ul>
<li>कुल <strong>1,582 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> में से अब तक <strong>649 </strong><strong>करोड़ रुपये खर्च</strong> हो चुके हैं।</li>
<li>बाकी राशि <strong>933 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> आने वाले समय में बाढ़ प्रभावित और आपदा पीड़ित लोगों की मदद के लिए रखी गई है।</li>
</ul>
<p>चीमा ने कहा,</p>
<p><em>&#8220;</em><em>भाजपा झूठा प्रचार कर रही है कि पंजाब को भारी फंड मिला है</em><em>, </em><em>जबकि सच यह है कि </em><em>2022 </em><em>से अब तक हमें सिर्फ </em><em>1,582 </em><em>करोड़ रुपये मिले। हमने हर पैसे का सही उपयोग किया और इसका पूरा हिसाब जनता के सामने रखा है।&#8221;</em></p>
<p><strong>किसानों की मदद में मान सरकार सबसे आगे</strong></p>
<p>चीमा ने यह भी बताया कि जब पंजाब में किसानों की फसलें बर्बाद हुईं, तो मान सरकार ने तुरंत राहत राशि बांटी।</p>
<ul>
<li>उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मुआवज़ा देने में <strong>जानबूझकर देरी की</strong>, लेकिन राज्य सरकार ने खुद अपने संसाधनों से किसानों को सहारा दिया।</li>
<li>किसानों को समय पर आर्थिक मदद पहुंचाना सरकार की <strong>सबसे बड़ी प्राथमिकता</strong> है।</li>
</ul>
<p><strong>भाजपा और कांग्रेस पर तीखा हमला</strong></p>
<p>वित्त मंत्री ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ये दल सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।</p>
<ul>
<li>भाजपा को घेरते हुए उन्होंने कहा:</li>
</ul>
<p><em>&#8220;</em><em>जो लोग कभी पंजाब और उसके अधिकारों के लिए खड़े नहीं हुए</em><em>, </em><em>उन्हें हमारी सरकार से सवाल करने का कोई हक़ नहीं है। वे सिर्फ़ राजनीतिक फायदा लेने के लिए झूठ फैला रहे हैं।&#8221;</em></p>
<ul>
<li>कांग्रेस पर भी उन्होंने तंज कसा और कहा कि वह बिना सबूत के आरोप लगाकर जनता को गुमराह कर रही है।</li>
</ul>
<p>चीमा ने चुनौती दी कि भाजपा यह बताए कि पंजाब के हजारों करोड़ रुपये क्यों रोके गए और SDRF फंड का वितरण समय पर क्यों नहीं हुआ।</p>
<p><strong>AAP </strong><strong>का साफ संदेश</strong></p>
<ul>
<li>पंजाब सरकार ने कहा कि वह हर संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़ी है।</li>
<li>SDRF की राशि का इस्तेमाल पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है और इसका पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक है।</li>
<li>विपक्ष को चाहिए कि वह झूठी बयानबाजी बंद करे और केंद्र सरकार से पंजाब का रोका गया पैसा तुरंत जारी करवाए।</li>
</ul>
<p><strong>न्यूज़ का सार</strong></p>
<p>इस पूरे विवाद का सार यह है कि पंजाब सरकार ने केंद्र पर पंजाब के हक़ का पैसा रोकने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा का कहना है कि राज्य को पर्याप्त फंड मिला है।<br />
मान सरकार ने अब SDRF का पूरा डेटा जारी कर साफ किया कि <strong>2022 </strong><strong>से </strong><strong>2025 </strong><strong>तक सिर्फ </strong><strong>1,582 </strong><strong>करोड़ रुपये मिले</strong>, जिनमें से <strong>649 </strong><strong>करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं</strong>।<br />
बाकी राशि जल्द ही बाढ़ राहत और अन्य आपदा प्रबंधन कार्यों में उपयोग की जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>SDRF Data सार्वजनिक कर AAP Government ने BJP के झूठ को किया Exposes</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/aap-government-exposes-bjps-lies-by-making-sdrf-data-public/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Sep 2025 04:15:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#BJP]]></category>
		<category><![CDATA[AAP']]></category>
		<category><![CDATA[DisasterRelief]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
		<category><![CDATA[HarpalCheema]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaNews]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[SDRF]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में एसडीआरएफ (State Disaster Response Fund) को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा नेताओं ने हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर आरोप लगाया था कि वह आपदा राहत फंड (SDRF Fund) का सही इस्तेमाल नहीं कर रही और इस पैसों का हिसाब जनता को नहीं दे रही। इन आरोपों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में एसडीआरएफ (State Disaster Response Fund) को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा नेताओं ने हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर आरोप लगाया था कि वह <strong>आपदा राहत फंड (</strong><strong>SDRF Fund)</strong> का सही इस्तेमाल नहीं कर रही और इस पैसों का हिसाब जनता को नहीं दे रही।</p>
<p>इन आरोपों का जवाब देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री <strong>हरपाल सिंह चीमा</strong> ने आज आधिकारिक आंकड़े जारी कर भाजपा के सभी दावों को &#8220;झूठा और भ्रामक&#8221; करार दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हर रुपये का हिसाब रखती है और यह जानकारी पूरी तरह <strong>पब्लिक डोमेन (</strong><strong>Public Domain)</strong> में मौजूद है।</p>
<p><strong>पंजाब सरकार ने जारी किए आधिकारिक आंकड़े</strong></p>
<p>हरपाल चीमा ने 1 अप्रैल 2022 से 10 सितंबर 2025 तक पंजाब को केंद्र सरकार से मिले एसडीआरएफ फंड और राज्य द्वारा खर्च की गई राशि का पूरा ब्यौरा पेश किया:</p>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>वित्तीय वर्ष</strong></td>
<td><strong>केंद्र से प्राप्त राशि</strong></td>
<td><strong>राज्य द्वारा खर्च राशि</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>2022-23</strong></td>
<td>₹208 करोड़</td>
<td>₹61 करोड़</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2023-24</strong></td>
<td>₹645 करोड़</td>
<td>₹420 करोड़</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2024-25</strong></td>
<td>₹488 करोड़</td>
<td>₹27 करोड़</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>2025-26</strong></td>
<td>₹241 करोड़</td>
<td>₹140 करोड़</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>कुल आंकड़ा (</strong><strong>1 </strong><strong>अप्रैल </strong><strong>2022 – 10 </strong><strong>सितंबर </strong><strong>2025):</strong></p>
<ul>
<li><strong>केंद्र से प्राप्त राशि:</strong> ₹1582 करोड़</li>
<li><strong>खर्च की गई राशि:</strong> ₹649 करोड़</li>
<li><strong>बाकी राशि:</strong> ₹933 करोड़ <em>(</em><em>जो बाढ़ राहत और चल रही आपदा प्रबंधन गतिविधियों पर खर्च हो रही है)</em></li>
</ul>
<p>चीमा ने बताया कि यह फंड सिर्फ बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और राहत कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें <strong>राहत सामग्री</strong><strong>, </strong><strong>पुनर्वास (</strong><strong>Rehabilitation), </strong><strong>सड़क मरम्मत</strong><strong>, </strong><strong>और प्रभावित परिवारों को सीधी मदद</strong> जैसी गतिविधियां शामिल हैं।</p>
<p><strong>चीमा का भाजपा पर पलटवार</strong></p>
<p>हरपाल चीमा ने भाजपा नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:</p>
<p>&#8220;भाजपा नेता सिर्फ पंजाब सरकार को बदनाम करने में लगे हैं। जब भी पंजाब पर कोई संकट आता है, ये लोग राजनीति चमकाने में व्यस्त हो जाते हैं। सच्चाई यह है कि राज्य सरकार ने हर रुपये का सही इस्तेमाल किया है और इसका पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक है।&#8221;</p>
<p>चीमा ने भाजपा को खुली चुनौती दी कि वह केंद्र सरकार के एसडीआरएफ में वार्षिक योगदान और पंजाब के वैध बकाये की जानकारी भी जनता के सामने रखे।</p>
<p>उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब के हजारों करोड़ रुपये के वैध बकाये को रोक कर बैठी है।</p>
<p>&#8220;जो लोग कभी पंजाब के अधिकारों के लिए खड़े नहीं हुए, उन्हें हमसे सवाल करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा झूठी कहानियां गढ़कर पंजाब के लोगों को गुमराह कर रही है।&#8221;</p>
<p><strong>विवाद की पृष्ठभूमि</strong></p>
<p>हाल ही में पंजाब के कई इलाकों में <strong>भारी बारिश और बाढ़</strong> के कारण स्थिति गंभीर हो गई थी।</p>
<ul>
<li>भाजपा का आरोप है कि राहत कार्यों में देरी हो रही है और फंड का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा।</li>
<li>वहीं, आम आदमी पार्टी सरकार का कहना है कि केंद्र से समय पर फंड नहीं मिला और जो भी पैसा मिला, उसका उपयोग पारदर्शी तरीके से किया गया है।</li>
</ul>
<p><strong>मामले का महत्व</strong></p>
<p>एसडीआरएफ फंड राज्य में <strong>आपदा प्रबंधन (</strong><strong>Disaster Management)</strong> के लिए बेहद अहम है।</p>
<ul>
<li>यह पैसा बाढ़, भूकंप, सूखा, महामारी जैसी प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाता है।</li>
<li>अगर समय पर यह फंड न मिले या सही तरीके से इस्तेमाल न हो, तो राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं।</li>
</ul>
<p>इस विवाद ने पंजाब की राजनीति को गरमा दिया है।</p>
<ul>
<li>एक ओर भाजपा, आप सरकार को निशाने पर लेकर जनता के बीच सवाल खड़े कर रही है।</li>
<li>दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी सरकार ने आंकड़े पेश कर यह साबित करने की कोशिश की है कि हर रुपया सही तरीके से और पारदर्शिता के साथ खर्च किया गया है।</li>
</ul>
<p>अब देखना यह होगा कि भाजपा पंजाब सरकार के चुनौती का जवाब देती है या नहीं, और क्या केंद्र सरकार द्वारा रोके गए बकाये को लेकर आगे कोई ठोस कदम उठाया जाता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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	</channel>
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