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	<title>ProudMoment &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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		<title>भारत ने रचा सुनहरा पन्ना: जीता Women&#8217;s One Day World Cup, South Africa को 52 Runs से हराकर बना Champion</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 03 Nov 2025 06:08:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[2025 ICC Women’s Cricket World Cup के फाइनल मुकाबले में India women&#8217;s national cricket team ने South Africa women&#8217;s national cricket team को 52 रन से मात देकर पहली बार इस टाइटल को अपने नाम कर लिया। यह मैच 2 नवंबर 2025 को DY Patil Stadium, नवी मुंबई में हुआ था। मैच का सार टॉस [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>2025 ICC Women’s Cricket World Cup के फाइनल मुकाबले में <strong>India women&#8217;s national cricket team</strong> ने South Africa women&#8217;s national cricket team को 52 रन से मात देकर पहली बार इस टाइटल को अपने नाम कर लिया। यह मैच 2 नवंबर 2025 को DY Patil Stadium, नवी मुंबई में हुआ था।</p>
<h3>मैच का सार</h3>
<ul>
<li>टॉस हारने के बाद भारत ने पहले बल्लेबाजी की और 50 ओवर में <strong>298/7</strong> का स्कोर बनाया।</li>
<li>जवाब में दक्षिण अफ्रीका 3 ओवर में <strong>246</strong> रन पर ऑल आउट हो गई।</li>
<li>इस तरह भारत को जीत के लिये 299 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे दक्षिण अफ्रीका पूरा नहीं कर सकी।</li>
</ul>
<h3>बेहतरीन प्रदर्शन</h3>
<ul>
<li>Shafali Verma ने 87 रन की धमाकेदार पारी खेली और गेंदबाजी में 2 विकेट लेकर <em>मैन ऑफ द मैच</em> का अवॉर्ड जीता।</li>
<li>Deepti Sharma ने न सिर्फ बैटिंग में 58 रन बनाए, बल्कि गेंदबाजी में 5/39 का शानदार आंकड़ा दर्ज किया। उन्हें <em>प्लेयर्स ऑफ द टूर्नामेंट</em> का अवॉर्ड मिला।</li>
<li>Laura Wolvaardt (दक्षिण अफ्रीका की कप्तान) ने शतक जमाया – लेकिन टीम को जीत नहीं दिलाया जा सकी।</li>
</ul>
<h3>पृष्ठभूमि और महत्व</h3>
<ul>
<li>यह भारत की महिला टीम का <strong>पहला ICC </strong><strong>टूर्नामेंट खिताब</strong> है किसी भी फॉर्मेट में।</li>
<li>महिला वनडे वर्ल्ड कप की शुरुआत 1973 में हुई थी, और भारत ने 1978 में पहली बार हिस्सा लिया था। तब से इस खिताब का इंतज़ार लगभग <strong>47 </strong><strong>साल</strong> चला।</li>
<li>इस जीत से सिर्फ एक देश पीछे रह गया है – Australia women&#8217;s national cricket team, जिन्होंने अब तक महिलाओं के क्रिकेट में सबसे ज़्यादा ICC खिताब जीते हैं।</li>
</ul>
<h3>कुछ खास बातें</h3>
<ul>
<li>घरेलू आक्रमण और शानदार टीम वर्क ने भारत को सफलता दिलाई।</li>
<li>भारत ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था, जहाँ Jemimah Rodrigues ने नाबाद 127 रन की पारी खेली थी।</li>
<li>इस जीत के बाद Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने टीम को <strong>₹51 </strong><strong>करोड़</strong> का पुरस्कार घोषित किया है।</li>
<li>देश के शीर्ष नेता सहित बॉलीवुड सेलेब्स ने इस उपलब्धि पर बधाई दी।</li>
</ul>
<h3>क्या आगे आने वाला है?</h3>
<p>इस जीत ने महिला क्रिकेट के लिए नया युग खोल दिया है।</p>
<ul>
<li>युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी।</li>
<li>खेल के इंफ्रास्ट्रक्चर व समर्थन में वृद्धि संभव है।</li>
<li>अब टीम पर नई उम्मीदें होंगी — लगातार शीर्ष प्रदर्शन की।</li>
</ul>
<p>यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं है — यह भारतीय महिला क्रिकेट के <strong>सपने</strong>, <strong>मेहनत</strong>, <strong>विश्वास</strong> और <strong>संघर्ष</strong> का प्रतीक है।<br />
क्या आप चाहेंगी कि इस जीत की टाइमलाइन या हर मैच के प्रमुख मोमेंट्स के साथ एक विश्लेषण भी तैयार करूं?</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Independence Day 2025: Assembly Building पर CM Yogi ने फहराया तिरंगा, Parade की ली सलामी और Helicopter से हुई पुष्प वर्षा</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/independence-day-2025-assembly-building-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-cm-yogi-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be-pa/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Aug 2025 05:15:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[CMYogi]]></category>
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					<description><![CDATA[देशभर में आज 79वां स्वतंत्रता दिवस पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा भवन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर उन्होंने परेड की सलामी ली और आकाश से हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा कराई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देशभर में आज 79वां स्वतंत्रता दिवस पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा भवन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर उन्होंने परेड की सलामी ली और आकाश से हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा कराई गई, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया। कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्री और लखनऊ की मेयर भी मौजूद रहीं।</p>
<p><strong>सीएम योगी का संबोधन</strong><br />
तिरंगा फहराने के बाद सीएम योगी ने अपने संबोधन की शुरुआत प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देकर की। उन्होंने कहा, <em>&#8220;</em><em>आज हम अपनी आज़ादी के 78 </em><em>साल पूरे कर चुके हैं। यह सिर्फ एक तारीख नहीं, </em><em>बल्कि एक पैगाम है कि हम एक आज़ाद, </em><em>मजबूत और एकजुट भारत में जी रहे हैं।&#8221;</em><br />
उन्होंने हाल ही में हुए <strong>ऑपरेशन सिंदूर</strong> का ज़िक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी ताकत और सभ्यता का परिचय दिया है। उन्होंने देश के वीर सैनिकों को सलाम किया और कहा, <em>&#8220;</em><em>हम चैन की नींद सो पाते हैं तो सिर्फ अपने फौजियों की वजह से।&#8221;</em></p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि अगर हर नागरिक अपने कर्तव्य को ईमानदारी से निभाए तो प्रधानमंत्री के सपनों का भारत जल्द साकार होगा। उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति को याद करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश में विश्वास की कमी थी और लोग पलायन कर रहे थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। <em>&#8220;</em><em>आज हमारा ‘</em><em>वन स्टेट, </em><em>वन प्रोडक्ट’ </em><em>पूरे देश में धूम मचा रहा है,&#8221;</em> उन्होंने गर्व से कहा।</p>
<p><strong>पुलिस मुख्यालय में समारोह</strong><br />
इधर, लखनऊ के पुलिस मुख्यालय में डीजीपी राजीव कृष्ण ने तिरंगा फहराया और सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पूरे देश में यूपी पुलिस के अधिकारियों को सबसे ज्यादा संख्या में सम्मानित किया गया है, जो गर्व की बात है। धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह कानूनन अपराध है और इस पर साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई जारी है।</p>
<p><strong>प्रदेशभर से शुभकामनाओं का सिलसिला</strong><br />
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्वतंत्रता दिवस पर सभी से <em>‘</em><em>हर घर तिरंगा’</em> अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने भी शुभकामनाएं दीं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर जोर दिया।</p>
<p>आज का यह दिन न सिर्फ आज़ादी का जश्न है, बल्कि उन वीरों के बलिदान को याद करने का भी अवसर है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी। पूरे प्रदेश में देशभक्ति का माहौल है और हर घर पर तिरंगा लहराकर लोग इस महापर्व को मना रहे हैं।</p>
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		<item>
		<title>Independence Day की पूर्व संध्या पर आज Nation को संबोधित करेंगी President Droupadi Murmu, Multiple Languages में होगा Broadcast</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/on-the-eve-of-independence-day-president-droupadi-murmu-to-address-the-nation-broadcast-to-be-in-multiple-languages/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Aug 2025 06:38:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[देश में 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। इस खास मौके से एक दिन पहले यानी गुरुवार को, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शाम 7 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगी। यह संबोधन आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय नेटवर्क पर सुना जा सकेगा और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर देखा जा सकेगा। पहले इसका हिंदी संस्करण [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देश में 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। इस खास मौके से एक दिन पहले यानी गुरुवार को, राष्ट्रपति <strong>द्रौपदी मुर्मु</strong> शाम <strong>7 बजे</strong> राष्ट्र को संबोधित करेंगी। यह संबोधन आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय नेटवर्क पर सुना जा सकेगा और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर देखा जा सकेगा। पहले इसका <strong>हिंदी संस्करण</strong> प्रसारित होगा और उसके बाद <strong>अंग्रेजी संस्करण</strong> दिखाया जाएगा।</p>
<p><strong>कई भाषाओं में मिलेगा संदेश</strong><br />
राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों पर यह भाषण <strong>क्षेत्रीय भाषाओं</strong> में भी प्रसारित किया जाएगा, ताकि देश के कोने-कोने में लोग इसे अपनी भाषा में सुन और समझ सकें। आकाशवाणी भी अपने संबंधित क्षेत्रीय नेटवर्क पर <strong>रात </strong><strong>9:30 बजे</strong> इसका क्षेत्रीय भाषा संस्करण प्रसारित करेगा।</p>
<p><strong>अगले दिन पीएम मोदी का लाल किले से संबोधन</strong><br />
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुक्रवार सुबह, प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> लाल किले की प्राचीर से देश को अपना पारंपरिक संबोधन देंगे। इस दौरान ध्वजारोहण समारोह होगा, जिसे देशभर में लाइव देखा जाएगा। पीएम मोदी का यह भाषण हर साल की तरह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहता है।</p>
<p><strong>स्वतंत्रता दिवस का महत्व</strong><br />
भारत हर साल 15 अगस्त को <strong>स्वतंत्रता दिवस</strong> के रूप में मनाता है। यह दिन हमें 1947 में ब्रिटिश शासन से मिली आज़ादी की याद दिलाता है। यह सिर्फ एक छुट्टी का दिन नहीं, बल्कि देश की <strong>एकता</strong><strong>, त्याग और बलिदान</strong> का प्रतीक है। इस अवसर पर पूरे देश में ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, परेड और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के आयोजन होते हैं।</p>
<p>आज का राष्ट्रपति का भाषण और कल प्रधानमंत्री का संबोधन, दोनों ही देश के लिए अहम संदेश लेकर आएंगे, जो आने वाले साल के विज़न और चुनौतियों पर रोशनी डालेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>“Phone भारी लगा, Laptop गिरा दिया” – Astronaut Shubhanshu Shukla ने धरती पर लौटने के Experience सुनाए</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/phone-felt-heavy-dropped-laptop-astronaut-shubhanshu-shukla-shares-his-experience-of-returning-to-earth/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Aug 2025 05:09:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[AstronautLife]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने शुक्रवार को एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने 20 दिन के Axiom-4 मिशन और धरती पर लौटने के बाद के मजेदार अनुभव साझा किए। शुक्ला ने बताया कि कैसे स्पेस में लंबा समय बिताने के बाद धरती की ग्रेविटी में ढलना आसान नहीं था – यहाँ तक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री <strong>शुभांशु शुक्ला</strong> ने शुक्रवार को एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने 20 दिन के <strong>Axiom-4 </strong><strong>मिशन</strong> और धरती पर लौटने के बाद के मजेदार अनुभव साझा किए। शुक्ला ने बताया कि कैसे स्पेस में लंबा समय बिताने के बाद धरती की ग्रेविटी में ढलना आसान नहीं था – यहाँ तक कि फोन भी हाथ में भारी लगने लगा और उन्होंने अपना लैपटॉप इस सोचकर गिरा दिया कि वह हवा में तैर जाएगा।</p>
<p><strong>Axiom-4 </strong><strong>मिशन </strong><strong>– </strong><strong>भारत की दूसरी बड़ी छलांग</strong></p>
<p>शुभांशु शुक्ला 25 जून को फ्लोरिडा के <strong>Kennedy Space Centre</strong> से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए और 15 जुलाई को धरती पर वापस लौटे। इस मिशन के तहत उन्होंने <strong>18 </strong><strong>दिन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS)</strong> पर बिताए।<br />
उन्होंने कहा,</p>
<p>“41 साल बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष में गया है। लेकिन इस बार यह सिर्फ एक ‘सोलिटरी लीप’ नहीं था, बल्कि <strong>भारत की स्पेस जर्नी का नया अध्याय</strong> है। अब हम सिर्फ उड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, बल्कि लीड करने के लिए तैयार हैं।”</p>
<p>1984 में राकेश शर्मा के बाद, शुभांशु शुक्ला <strong>स्पेस जाने वाले दूसरे भारतीय</strong> बने हैं।</p>
<p><strong>धरती पर लौटने के बाद अजीब एहसास</strong></p>
<p>स्पेस मिशन से लौटने के बाद शुभांशु शुक्ला ने बताया कि कैसे उनकी आदतें बदल चुकी थीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा –</p>
<ul>
<li><strong>“</strong><strong>जब मैंने धरती पर फोन उठाया तो वह बेहद भारी लगा। वही फोन जो हम रोज आसानी से पकड़ते हैं, </strong><strong>अचानक हाथ में वज़नी लगने लगा।”</strong></li>
<li><strong>“</strong><strong>एक बार मैं लैपटॉप पर काम कर रहा था। मैंने उसे बंद किया और बेड के पास छोड़ दिया। दिमाग में वही स्पेस की आदत थी कि चीज़ें हवा में तैरेंगी। लेकिन लैपटॉप गिर गया। शुक्र है कि फर्श पर कालीन बिछा था, </strong><strong>इसलिए डैमेज नहीं हुआ।”</strong></li>
</ul>
<p><strong>स्पेस से मोदी से बात </strong><strong>– </strong><strong>पीछे लहराता तिरंगा</strong></p>
<p>मिशन के दौरान 28 जून को शुभांशु शुक्ला ने <strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</strong> से स्पेस से वीडियो कॉल पर बात की। उस वक्त उनके पीछे <strong>तिरंगा</strong> लहरा रहा था।<br />
उन्होंने इस पल को याद करते हुए कहा –</p>
<p>“वह पल भारत की स्पेस दुनिया में री-एंट्री का प्रतीक था। इस बार हम सिर्फ ‘स्पेक्टेटर’ नहीं, बल्कि बराबरी के ‘पार्टिसिपेंट’ हैं।”</p>
<p><strong>पीएम मोदी का </strong><strong>‘</strong><strong>होमवर्क</strong><strong>’ </strong><strong>और गगनयान मिशन</strong></p>
<p>शुक्ला ने बताया कि पीएम मोदी ने उनसे कहा था कि स्पेस में जो भी हो रहा है, उसका हर डिटेल डॉक्यूमेंट करें। उन्होंने कहा –</p>
<p>“मैंने वह होमवर्क अच्छे से किया है। ये सारी जानकारी भारत के <strong>गगनयान मिशन</strong> में बहुत मदद करेगी।”</p>
<p><strong>बच्चों को दी प्रेरणा </strong><strong>– “</strong><strong>अब वे पूछते हैं</strong><strong>, </strong><strong>हम एस्ट्रोनॉट कैसे बनें</strong><strong>?”</strong></p>
<p>शुक्ला ने कहा कि उनके मिशन की सबसे बड़ी सफलता यह है कि भारत के बच्चे अब सवाल पूछ रहे हैं – <strong>“</strong><strong>हम भी एस्ट्रोनॉट कैसे बन सकते हैं?”</strong><br />
उनके मुताबिक, <strong>“</strong><strong>ह्यूमन स्पेस मिशन का एक बड़ा मकसद ही यही है कि बच्चों और युवाओं को इंस्पायर करना, </strong><strong>ताकि वे भी एक्सप्लोरर बन सकें। और मुझे खुशी है कि यह मिशन इस दिशा में सफल हो रहा है।”</strong></p>
<p><strong>कब लौटेंगे भारत</strong><strong>?</strong></p>
<p>शुभांशु शुक्ला अभी अमेरिका में हैं और उम्मीद है कि वह <strong>मिड-अगस्त (mid-August)</strong> तक भारत लौट आएंगे।</p>
<p>शुभांशु शुक्ला का यह मिशन भारत के लिए सिर्फ एक वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि <strong>नई पीढ़ी के लिए सपना जगाने वाला पल</strong> है। उन्होंने ISS पर जो अनुभव जुटाए हैं, वे आने वाले समय में भारत के <strong>गगनयान मिशन</strong> की रीढ़ साबित होंगे।</p>
<p>उनके शब्दों में –</p>
<p>“मैंने जो सीखा, वो सिर्फ टेक्निकल नॉलेज नहीं है, बल्कि एक भरोसा है कि <strong>स्पेस में भी हमारा भविष्य है</strong>।”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Haryana में मनाया गया Delhi की CM बहन Rekha Gupta का Birthday, 8 Development Projects का Inauguration</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/delhi-cms-sister-rekha-gupta-celebrates-birthday-in-haryana-inaugurates-8-development-projects/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Jul 2025 04:21:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[BirthdayCelebration]]></category>
		<category><![CDATA[ProudMoment]]></category>
		<category><![CDATA[कोथली_की_परंपरा]]></category>
		<category><![CDATA[रेखा_गुप्ता]]></category>
		<category><![CDATA[विकास_परियोजनाएं]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा_की_बेटी]]></category>
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					<description><![CDATA[दिल्ली की मुख्यमंत्री बहन रेखा गुप्ता जी ने इस बार अपना जन्मदिन खास अंदाज़ में मनाया। उन्होंने यह पावन दिन अपने हरियाणा परिवार के साथ मनाने का फैसला किया, जो प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है। इस मौके पर वे जुलाना के नंदगढ़ गांव पहुंचीं, जहाँ उनका पारंपरिक तरीके से गर्मजोशी से स्वागत किया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली की मुख्यमंत्री बहन रेखा गुप्ता जी ने इस बार अपना जन्मदिन खास अंदाज़ में मनाया। उन्होंने यह पावन दिन अपने <em>हरियाणा परिवार</em> के साथ मनाने का फैसला किया, जो प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है।</p>
<p>इस मौके पर वे जुलाना के नंदगढ़ गांव पहुंचीं, जहाँ उनका पारंपरिक तरीके से गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जन्मदिन के अवसर को यादगार बनाने के लिए उन्होंने यहां 16.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली <strong>8 </strong><strong>विकास परियोजनाओं</strong> का उद्घाटन और शिलान्यास किया।</p>
<p>इन विकास कार्यों में सड़कों के निर्माण, पेयजल सुविधाओं, सामुदायिक भवनों और गांव के समग्र विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग मौजूद थे और उन्होंने ढोल-नगाड़ों और हरियाणवी संस्कृति के रंग में डूब कर इस आयोजन को <strong>ऐतिहासिक बना दिया</strong>।</p>
<p>रेखा गुप्ता जी को <em>&#8216;</em><em>हरियाणा की बेटी</em><em>&#8216;</em> कह कर संबोधित किया गया, जो इस धरती से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा कि, “मेरे लिए ये सिर्फ जन्मदिन नहीं, एक भावनात्मक जुड़ाव है। मेरा घर, मेरा परिवार हरियाणा में है और यहाँ की मिट्टी से मुझे हमेशा ऊर्जा मिलती है।”</p>
<p>इस खास दिन पर <em>हरियाणा की परंपरा</em> को निभाते हुए उन्हें <strong>कोथली</strong> (तोहफा/भेंट) भी दी गई। सावन महीने में बहनों को कोथली देने की परंपरा निभाई जाती है और एक भाई के नाते उनके परिवारजनों ने यह रस्म पूरी श्रद्धा से निभाई।</p>
<p>इस अवसर पर गांव के बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे आयोजन को एक <strong>त्योहार जैसा रूप</strong> दे दिया।</p>
<p>रेखा गुप्ता जी का यह कदम न केवल उनके जमीन से जुड़े स्वभाव को दर्शाता है, बल्कि इस बात का भी प्रतीक है कि राजनीति में भी <strong>संस्कार</strong><strong>, </strong><strong>परिवार और परंपरा</strong> की अहम भूमिका होती है।</p>
<p><strong>मुख्य बिंदु:</strong></p>
<ul>
<li>रेखा गुप्ता जी ने जन्मदिन हरियाणा के नंदगढ़ गांव में मनाया</li>
<li>16.80 करोड़ की 8 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास</li>
<li>सावन की परंपरा निभाते हुए कोथली भेंट की गई</li>
<li>भारी जनसमूह की मौजूदगी में कार्यक्रम ऐतिहासिक बना</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Bharat को मिला एक और Proud Moment: &#8216;Maratha Military Landscapes&#8217; Declared UNESCO World Heritage Site</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/another-proud-moment-for-india-maratha-military-landscapes-declared-unesco-world-heritage-site/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Jul 2025 11:09:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[ArchitecturalHeritage]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स ऑफ इंडिया’ को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स में शामिल किए जाने पर खुशी जताई है। ये भारत की 44वीं वर्ल्ड हेरिटेज साइट बनी है, जो देश की सांस्कृतिक और वास्तुकला की समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने पेश करती है। इस फैसले की घोषणा यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स ऑफ इंडिया’ को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स में शामिल किए जाने पर खुशी जताई है। ये भारत की <strong>44</strong><strong>वीं वर्ल्ड हेरिटेज साइट</strong> बनी है, जो देश की सांस्कृतिक और वास्तुकला की समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने पेश करती है।</p>
<p>इस फैसले की घोषणा यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी के <strong>47</strong><strong>वें सत्र</strong> में पेरिस (फ्रांस) में की गई। यह नॉमिनेशन भारत ने <strong>2024–25</strong> सत्र के लिए भेजा था।</p>
<p><strong>क्या हैं </strong><strong>&#8216;</strong><strong>मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स</strong><strong>&#8216;?</strong></p>
<p>यह नॉमिनेशन 12 ऐतिहासिक किलों के समूह को लेकर था, जो <strong>17</strong><strong>वीं से 19</strong><strong>वीं सदी</strong> के बीच मराठा साम्राज्य की सैन्य ताकत और इंजीनियरिंग प्रतिभा को दर्शाते हैं। ये किले ना सिर्फ मजबूत किलेबंदी का उदाहरण हैं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम जगहों पर स्थित हैं।</p>
<p>इन 12 किलों में शामिल हैं:</p>
<ul>
<li><strong>महाराष्ट्र के 11 </strong><strong>किले:</strong> साल्हेर, शिवनेरी, लोहगढ़, खांदेरी, रायगढ़, राजगढ़, प्रतापगढ़, सुवर्णदुर्ग, पन्हाला, विजयदुर्ग और सिंधुदुर्ग</li>
<li><strong>तमिलनाडु का 1 </strong><strong>किला:</strong> जिन्जी किला (Gingee Fort)</li>
</ul>
<p>इनमें से कुछ किले पहाड़ी इलाकों में हैं (जैसे शिवनेरी, लोहगढ़, रायगढ़), कुछ जंगलों में (जैसे प्रतापगढ़), कुछ तटों पर (जैसे विजयदुर्ग), और कुछ समुंदर के बीच टापू पर बने हैं (जैसे खांदेरी, सुवर्णदुर्ग, सिंधुदुर्ग)।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऐतिहासिक फैसले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म <strong>X (</strong><strong>पूर्व में ट्विटर)</strong> पर लिखा:</p>
<p>&#8220;हर भारतीय इस गौरवशाली पल से गर्वित है। ये 12 भव्य किले मराठा साम्राज्य की शासन क्षमता, सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक गरिमा और सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। मैं सभी से अपील करता हूँ कि इन किलों की यात्रा करें और मराठा साम्राज्य के गौरवशाली इतिहास को जानें।&#8221;</p>
<p>उन्होंने रायगढ़ किले की अपनी 2014 की यात्रा की तस्वीरें भी साझा कीं, जहां उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि दी थी।</p>
<p><strong>कौन रखता है इन किलों की देखरेख</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li><strong>8 </strong><strong>किले</strong> भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में हैं – जैसे कि शिवनेरी, लोहगढ़, रायगढ़, सुवर्णदुर्ग आदि।</li>
<li>बाकी <strong>4 </strong><strong>किले</strong> – साल्हेर, राजगढ़, खांदेरी और प्रतापगढ़ – महाराष्ट्र सरकार के पुरातत्व विभाग द्वारा देखे जाते हैं।</li>
</ul>
<p><strong>भारत की ग्लोबल हैरिटेज में बड़ी छलांग</strong></p>
<p>इससे पहले, <strong>असम के चराइदेव के मोइडाम्स</strong> को भी 2023 में वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल किया गया था। अब भारत <strong>विश्व स्तर पर छठे स्थान</strong> पर है और <strong>एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में दूसरे नंबर</strong> पर है, जहां सबसे ज्यादा वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स हैं।</p>
<p>भारत फिलहाल यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी का सदस्य (2021–2025) है और आगे भी अपनी सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने में जुटा हुआ है।</p>
<p><strong>भविष्य की योजनाएं</strong></p>
<p>भारत की अभी <strong>62 </strong><strong>साइट्स टेंटेटिव लिस्ट</strong> में हैं, जिन्हें भविष्य में वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स के लिए नामांकित किया जा सकता है।</p>
<p>&#8216;मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स&#8217; को यूनेस्को से मिली ये मान्यता न सिर्फ इतिहास और विरासत के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह पर्यटन, संस्कृति और देश की वैश्विक पहचान को भी मजबूत करती है।</p>
<p>अब वक्त है कि हम इन किलों को सिर्फ किताबों में न पढ़ें, बल्कि खुद वहां जाकर इस इतिहास को महसूस करें।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>Bharat के पहले Astronaut Shubhanshu Shukla ने ISS से की PM Modi से खास बातचीत</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/indias-first-astronaut-on-the-iss-shubhanshu-shukla-holds-special-conversation-with-pm-modi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 29 Jun 2025 08:05:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[AxiomMission]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaInSpace]]></category>
		<category><![CDATA[IndianAstronaut]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रचते हुए पहली बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में कदम रखा है। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे वीडियो कॉल के जरिए बात की और पूरे देश की तरफ से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारत ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन <strong>शुभांशु शुक्ला</strong> ने इतिहास रचते हुए <strong>पहली बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (</strong><strong>ISS)</strong> में कदम रखा है। इस ऐतिहासिक मौके पर <strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</strong> ने उनसे वीडियो कॉल के जरिए बात की और पूरे देश की तरफ से बधाई दी।</p>
<p><strong>“</strong><strong>धरती को बाहर से देखकर लगता है कि हम सब एक हैं”</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने जब शुभांशु से पूछा कि अंतरिक्ष में जाकर सबसे पहले क्या महसूस हुआ, तो उनका जवाब बेहद भावुक था।<br />
उन्होंने कहा,</p>
<p>“जब मैंने धरती को बाहर से देखा तो सबसे पहले यही ख्याल आया कि कोई बॉर्डर नहीं दिखता। लगता है कि धरती एक है और हम सब सिर्फ इंसान हैं। इंडिया को देखकर लगा कि ये बहुत विशाल है, जैसा मैप में दिखता है उससे कहीं ज्यादा बड़ा।”</p>
<p><strong>“</strong><strong>यहां दिन में </strong><strong>16 </strong><strong>बार सूर्योदय और </strong><strong>16 </strong><strong>बार सूर्यास्त होता है”</strong></p>
<p>शुभांशु ने अंतरिक्ष की खासियत बताते हुए कहा कि:</p>
<p>“यहां एक दिन में हम 16 बार सूरज को उगते और 16 बार डूबते देखते हैं, क्योंकि ISS हर 90 मिनट में पृथ्वी का एक चक्कर लगाता है। जब खिड़की से बाहर देखा तो हम हवाई के ऊपर उड़ रहे थे।”</p>
<p>शुभांशु ने बताया कि अंतरिक्ष में जीना आसान नहीं है। उन्होंने कहा:</p>
<p>“हमने धरती पर एक साल तक ट्रेनिंग की, लेकिन यहां आकर सब कुछ अलग लगता है। <strong>स्पेस में </strong><strong>gravity </strong><strong>नहीं होती</strong>, इसलिए चलने, सोने, खाने जैसी छोटी-छोटी चीजें भी मुश्किल हो जाती हैं। मैं अभी PM मोदी से बात करते समय <strong>अपने पैर बांधकर बैठा हूं</strong>, नहीं तो मैं हवा में तैरने लगूंगा।”</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कहा:</p>
<p>“आप भले ही आज धरती से दूर हैं, लेकिन <strong>140 </strong><strong>करोड़ भारतीयों के दिल में सबसे करीब हैं</strong>। आपके नाम में ‘शुभ’ है और आपकी यात्रा <strong>नए युग का शुभारंभ</strong> है।”</p>
<p>शुभांशु शुक्ला अमेरिका की प्राइवेट कंपनी Axiom Space के <strong>Axiom-4 </strong><strong>मिशन</strong> का हिस्सा हैं। इस मिशन में उनके साथ तीन और अंतरिक्ष यात्री हैं:</p>
<ul>
<li><strong>पेगी व्हिटसन</strong> (वरिष्ठ महिला अमेरिकी एस्ट्रोनॉट)</li>
<li><strong>स्लावोस उजनांस्की-विश्निएव्स्की</strong> (पोलैंड के इंजीनियर)</li>
<li><strong>तिबोर कापू</strong> (हंगरी के मिशन स्पेशलिस्ट)</li>
</ul>
<p>चारों अंतरिक्ष यात्रियों का ISS पर जोरदार स्वागत हुआ और उन्हें <strong>अंतरिक्ष बैज (</strong><strong>astronaut pin)</strong> दिए गए।</p>
<p>शुभांशु ने बताया कि अगले <strong>14 </strong><strong>दिनों तक वो और उनकी टीम</strong> ISS में कई साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट्स करेंगे और धरती के लोगों से जुड़कर अनुभव साझा करेंगे।</p>
<p>“मैं तिरंगा लेकर आया हूं और पूरे भारत को अपने साथ लाया हूं। यह यात्रा सिर्फ मेरी नहीं है, <strong>ये पूरे देश की यात्रा है</strong>।”</p>
<p>शुभांशु ने अपने लॉन्च का अनुभव साझा करते हुए कहा:</p>
<p>“30 दिन के क्वारंटीन के बाद जब मैं कैप्सूल &#8216;Grace&#8217; में बैठा तो बस एक ही ख्याल आया – अब बस चलो। जैसे ही रॉकेट लॉन्च हुआ, सीट में धंसने जैसा महसूस हुआ&#8230; फिर अचानक एकदम <strong>शांति</strong>, और हम <strong>स्पेस में तैरने लगे</strong>। वो पल वाकई जादुई था।”</p>
<p>अंत में शुभांशु ने PM मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा:</p>
<p>“आपकी और देश की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं ठीक हूं और सुरक्षित हूं। मुझे यहां बहुत अच्छा लग रहा है। यह मेरा नहीं, <strong>हम सबका सफर है।</strong>”</p>
<p>शुभांशु शुक्ला की यह उड़ान सिर्फ एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं है, यह <strong>भारत की नई सोच</strong><strong>, </strong><strong>नए सपनों और नई दिशा की उड़ान</strong> है। आज वो अकेले स्पेस में हैं, लेकिन उनके साथ हैं <strong>140 </strong><strong>करोड़ भारतीयों की उम्मीदें</strong><strong>, </strong><strong>गर्व और तिरंगा</strong>।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Neeraj Chopra ने Ostrava के Golden Spike Meet में मारी बाज़ी, लगातार Second बड़ी जीत</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/neeraj-chopra-clinches-victory-at-ostravas-golden-spike-meet-secures-second-consecutive-major-win/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Jun 2025 06:07:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
		<category><![CDATA[AthleticsChampion]]></category>
		<category><![CDATA[GoldenSpike2024]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaInAthletics]]></category>
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					<description><![CDATA[भारतीय एथलेटिक्स के चमकते सितारे नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है। मंगलवार को उन्होंने चेक गणराज्य के Ostrava शहर में आयोजित Golden Spike मीट में हिस्सा लेते हुए 85.29 मीटर का भाला फेंककर खिताब जीत लिया। यह उनकी इस प्रतियोगिता में पहली बार भागीदारी थी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारतीय एथलेटिक्स के चमकते सितारे <strong>नीरज चोपड़ा</strong> ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है। मंगलवार को उन्होंने <strong>चेक गणराज्य के </strong><strong>Ostrava </strong><strong>शहर में आयोजित </strong><strong>Golden Spike </strong><strong>मीट</strong> में हिस्सा लेते हुए <strong>85.29 </strong><strong>मीटर</strong> का भाला फेंककर <strong>खिताब जीत लिया।</strong> यह उनकी इस प्रतियोगिता में पहली बार भागीदारी थी और उन्होंने जीत के साथ इसे यादगार बना दिया।</p>
<p><strong>लगातार दूसरी बड़ी जीत</strong></p>
<p>नीरज की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि यह उनकी <strong>लगातार दूसरी इंटरनेशनल जीत</strong> है। इससे पहले उन्होंने <strong>20 </strong><strong>जून को पेरिस में हुई डायमंड लीग (</strong><strong>Paris Diamond League)</strong> में भी पहला स्थान हासिल किया था। ऐसे में यह Golden Spike मीट की जीत उनके शानदार फॉर्म का सबूत है।</p>
<p><strong>मुकाबले की झलकियाँ</strong></p>
<p>Golden Spike मीट एक <strong>World Athletics Continental Tour Gold</strong> श्रेणी की प्रतियोगिता है जिसमें दुनिया भर से टॉप एथलीट हिस्सा लेते हैं। नीरज ने इस बार <strong>9 </strong><strong>खिलाड़ियों</strong> के बीच मुकाबला किया और <strong>85.29 </strong><strong>मीटर</strong> के थ्रो के साथ टॉप पर रहे।</p>
<p>हालांकि यह दूरी उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से थोड़ी कम थी, लेकिन यह जीत उनके <strong>कंसिस्टेंट परफॉर्मेंस</strong> को दिखाती है। प्रतियोगिता में नीरज ने बाकी सभी खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए आसानी से पहला स्थान हासिल किया।</p>
<p><strong>कोच की यादगार उपलब्धि</strong></p>
<p>यह वही इवेंट है जिसे नीरज के कोच <strong>जान जेलेज़नी (</strong><strong>Jan Zelezny)</strong> ने अपने करियर में <strong>9 </strong><strong>बार</strong> जीता था। पिछले दो सालों से नीरज ने इस प्रतियोगिता में फिटनेस कारणों से हिस्सा नहीं लिया था, लेकिन इस बार उन्होंने जब हिस्सा लिया तो सीधे जीत दर्ज की।</p>
<p><strong>2024 </strong><strong>में अब तक शानदार सीजन</strong></p>
<ul>
<li><strong>मई </strong><strong>2024</strong> में नीरज ने <strong>दोहा डायमंड लीग (</strong><strong>Doha Diamond League)</strong> में हिस्सा लिया था और वहां <strong>90 </strong><strong>मीटर</strong> का थ्रो फेंका था, जो उनके करियर की बड़ी उपलब्धि रही।</li>
<li><strong>जून में पेरिस डायमंड लीग</strong> में उन्होंने पहला स्थान हासिल किया।</li>
<li>और अब <strong>Ostrava Golden Spike </strong><strong>मीट</strong> में भी जीत, जो दिखाता है कि नीरज का 2024 सीज़न अब तक बेहतरीन रहा है।</li>
</ul>
<p><strong>अब निगाहें ओलंपिक पर</strong></p>
<p>नीरज की यह फॉर्म देख कर देशभर के खेल प्रेमी और विशेषज्ञ अब उनकी ओर <strong>पेरिस ओलंपिक </strong><strong>2024</strong> में एक और <strong>गोल्ड मेडल की उम्मीद</strong> लगाए बैठे हैं। उन्होंने पहले ही साबित कर दिया है कि वह किसी भी बड़े मंच पर भारत को गौरव दिलाने की काबिलियत रखते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Axiom Mission 4: ISRO के Shubhanshu Shukla पहली बार ISS पर जाएंगे, 25 जून को होगा Historic Launch</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/axiom-mission-4-isros-shubhanshu-shukla-to-visit-iss-for-the-first-time-historic-launch-set-for-june-25/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Jun 2025 04:36:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[AstronautLife]]></category>
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					<description><![CDATA[स्पेस की दुनिया में एक नया इतिहास रचने जा रहा है भारत। 25 जून 2025 को दोपहर 12:01 बजे (भारतीय समयानुसार), अमेरिका के फ्लोरिडा में मौजूद NASA के Kennedy Space Center से Axiom Mission 4 (Ax-4) लॉन्च होने जा रहा है। इस खास मिशन में भारत के ISRO (Indian Space Research Organisation) के शुभांशु शुक्ला [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>स्पेस की दुनिया में एक नया इतिहास रचने जा रहा है भारत। 25 जून 2025 को दोपहर 12:01 बजे (भारतीय समयानुसार), अमेरिका के फ्लोरिडा में मौजूद NASA के Kennedy Space Center से <strong>Axiom Mission 4 (Ax-4)</strong> लॉन्च होने जा रहा है। इस खास मिशन में भारत के <strong>ISRO (Indian Space Research Organisation)</strong> के <strong>शुभांशु शुक्ला</strong> भी शामिल हैं, जो बतौर <strong>पायलट</strong> अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करेंगे।</p>
<p>यह पहली बार होगा जब किसी भारतीय ISRO एस्ट्रोनॉट को ISS पर लंबा समय बिताने का मौका मिलेगा। इससे भारत के लिए अंतरिक्ष की दुनिया में एक बड़ा मुकाम हासिल होगा।</p>
<p>Ax-4 मिशन में कुल चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं:</p>
<ul>
<li><strong>पेगी व्हिटसन (</strong><strong>Peggy Whitson)</strong> – मिशन कमांडर, अमेरिका की पूर्व NASA एस्ट्रोनॉट।</li>
<li><strong>शुभांशु शुक्ला (</strong><strong>Shubhanshu Shukla)</strong> – पायलट, ISRO (भारत)।</li>
<li><strong>स्लावोश उजनांस्की-विस्निएव्स्की (</strong><strong>Sławosz Uznański-Wiśniewski)</strong> – मिशन स्पेशलिस्ट, पोलैंड (ESA)।</li>
<li><strong>तिबोर कापू (</strong><strong>Tibor Kapu)</strong> – मिशन स्पेशलिस्ट, हंगरी (HUNOR प्रोग्राम)।</li>
</ul>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-6543" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-25-at-9.58.29-AM-1-300x169.webp" alt="" width="914" height="515" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-25-at-9.58.29-AM-1-300x169.webp 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-25-at-9.58.29-AM-1-1024x576.webp 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-25-at-9.58.29-AM-1-768x432.webp 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-25-at-9.58.29-AM-1-150x84.webp 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-25-at-9.58.29-AM-1-120x68.webp 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-25-at-9.58.29-AM-1-130x73.webp 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-25-at-9.58.29-AM-1-356x200.webp 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-25-at-9.58.29-AM-1.webp 1200w" sizes="(max-width: 914px) 100vw, 914px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इनमें से पोलैंड और हंगरी के एस्ट्रोनॉट्स भी पहली बार ISS पर जा रहे हैं। यह इन दोनों देशों के लिए भी ऐतिहासिक पल है।</p>
<p>इस मिशन को मिलकर अंजाम दे रहे हैं:</p>
<ul>
<li><strong>NASA</strong></li>
<li><strong>Axiom Space</strong></li>
<li><strong>SpaceX</strong></li>
</ul>
<p>मिशन में SpaceX का नया Dragon स्पेसक्राफ्ट और Falcon 9 रॉकेट इस्तेमाल किया जाएगा। लॉन्च की जगह है – <strong>Launch Complex 39A, Kennedy Space Center, Florida</strong>।</p>
<ul>
<li>लॉन्च के बाद करीब <strong>29 </strong><strong>घंटे की यात्रा</strong> के बाद स्पेसक्राफ्ट ISS से <strong>डॉक (</strong><strong>dock)</strong> करेगा।</li>
<li>यह डॉकिंग 27 जून को <strong>शाम करीब </strong><strong>4:30 </strong><strong>बजे (</strong><strong>IST)</strong> होने की संभावना है।</li>
</ul>
<p>जो लोग इस ऐतिहासिक पल को लाइव देखना चाहते हैं, वे इन प्लेटफॉर्म्स पर देख सकते हैं:</p>
<ul>
<li><strong>NASA TV</strong> (YouTube और वेबसाइट)</li>
<li><strong>SpaceX YouTube </strong><strong>चैनल</strong></li>
<li><strong>Axiom Space </strong><strong>के सोशल मीडिया और वेबसाइट</strong></li>
<li>संभवतः ISRO के प्लेटफॉर्म्स और DD Science पर भी इसका प्रसारण किया जाएगा।</li>
</ul>
<p>यह मिशन सिर्फ एक स्पेस ट्रैवल नहीं है, बल्कि भारत के लिए <strong>गगनयान मिशन</strong> से पहले एक बड़ी उपलब्धि है। शुभांशु शुक्ला का ISS जाना ISRO के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान है और इससे भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी को भी पहचान मिलेगी।</p>
<p>Axiom Mission 4 सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि चार देशों के लिए एक ऐतिहासिक सफर है। भारत के शुभांशु शुक्ला इस मिशन में शामिल होकर न सिर्फ देश का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि भविष्य के भारतीय अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक मजबूत नींव भी रख रहे हैं।</p>
<p><strong>अब देश की नजरें </strong><strong>25 </strong><strong>जून को दोपहर </strong><strong>12:01 </strong><strong>बजे होने वाले इस ऐतिहासिक लॉन्च पर टिकी हैं।</strong></p>
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