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	<title>PunjabDrugsCase &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
	<lastBuildDate>Thu, 24 Jul 2025 05:26:54 +0000</lastBuildDate>
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		<title>Punjab में Drug Trade पर बड़ा Revelation: DSP ने High Court में दायर की याचिका, कहा – Government 300 से ज्यादा NDPS Cases की जांच को &#8216;जानबूझकर रोक रही&#8217; है</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/major-revelation-in-punjab-drug-trade-dsp-moves-high-court-alleges-government-is-deliberately-stalling-probe-into-over-300-ndps-cases/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Jul 2025 05:26:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AlpraSafe]]></category>
		<category><![CDATA[CBIInvestigation]]></category>
		<category><![CDATA[DrugMafia]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। पंजाब पुलिस के एक मौजूदा डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) वविंदर कुमार ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि AlpraSafe नामक सिंथेटिक ड्रग, जिसमें Alprazolam नाम का खतरनाक साइकोट्रॉपिक पदार्थ होता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। पंजाब पुलिस के एक मौजूदा डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) <strong>वविंदर कुमार</strong> ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि <strong>AlpraSafe </strong><strong>नामक सिंथेटिक ड्रग</strong>, जिसमें <strong>Alprazolam</strong> नाम का खतरनाक साइकोट्रॉपिक पदार्थ होता है, पंजाब में भारी मात्रा में बिक रहा है और <strong>NDPS </strong><strong>एक्ट के तहत दर्ज </strong><strong>300 </strong><strong>से ज्यादा केसों की जांच जानबूझकर &#8220;कैरीयर लेवल&#8221; तक ही सीमित रखी गई है।</strong></p>
<p><strong>कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब</strong><strong>, </strong><strong>फर्जी याचिका होने पर चेतावनी भी दी</strong></p>
<p>हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें <strong>मुख्य न्यायाधीश शील नागु और न्यायमूर्ति संजीव बेरी</strong> शामिल हैं, ने पंजाब सरकार से इस गंभीर मुद्दे पर जवाब मांगा है। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि यह याचिका <strong>पब्लिक इंटरेस्ट के नाम पर पर्सनल इंटरेस्ट</strong> के लिए दायर की गई है, तो इसे <strong>लागत सहित खारिज</strong> कर दिया जाएगा।</p>
<p><strong>DSP </strong><strong>वविंदर कुमार के आरोप:</strong></p>
<ol>
<li><strong>सिंथेटिक ड्रग ‘</strong><strong>AlpraSafe’ </strong><strong>का पूरे पंजाब में बड़ा नेटवर्क</strong><br />
DSP का कहना है कि Alprazolam से बनी यह ड्रग पूरे राज्य में “भारी मात्रा” में फैल चुकी है। ये ड्रग्स फार्मा कंपनियों की मिलीभगत से फैक्ट्री और गोदामों से निकल कर सड़कों तक पहुंच रही हैं।</li>
<li><strong>2023 </strong><strong>में ही </strong><strong>300 </strong><strong>से अधिक </strong><strong>FIR, </strong><strong>पर जांच सिर्फ कैरियर तक ही सिमटी</strong><br />
उन्होंने बताया कि <strong>2023 </strong><strong>में अकेले </strong><strong>300 </strong><strong>से ज्यादा </strong><strong>FIR </strong><strong>दर्ज की गईं</strong>, लेकिन किसी केस में भी <strong>निर्माताओं या बड़ी सप्लाई चेन तक जांच नहीं पहुंची</strong>। सभी केस केवल ड्रग्स ले जाने वालों (कैरीयर) की गिरफ्तारी पर खत्म हो गए।</li>
<li><strong>STF </strong><strong>में तैनाती के दौरान किया बड़ा खुलासा</strong><br />
STF (स्पेशल टास्क फोर्स) में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने <strong>20 </strong><strong>फरवरी </strong><strong>2024 </strong><strong>को </strong><strong>FIR </strong><strong>नंबर </strong><strong>31 </strong><strong>दर्ज की थी</strong>, जिसमें <strong>Rs 275 </strong><strong>करोड़ की नशीली दवाइयां और </strong><strong>765 </strong><strong>किलो पाउडर</strong> जब्त किया गया। यह ड्रग्स कई बड़ी फार्मा कंपनियों की फैक्ट्रियों और गोदामों से मिले थे।</li>
<li><strong>भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए</strong><br />
DSP ने दावा किया कि FIR नंबर 23 (22 जनवरी 2023) के मामले में <strong>एक फार्मा कंपनी ने एक सीनियर अफसर को </strong><strong>3 </strong><strong>करोड़ रुपये की रिश्वत दी</strong>, ताकि जांच को रोका जा सके। वहीं FIR नंबर 31 में <strong>Rs 45 </strong><strong>लाख</strong> की घूस देकर कंपनियों के मालिकों को बचाया गया।</li>
<li><strong>दबाव में ट्रांसफर और फर्जी </strong><strong>FIR </strong><strong>का आरोप</strong><br />
DSP वविंदर ने कहा कि जब उन्होंने सीनियर अधिकारियों के कहने पर जांच रोकने से इनकार किया, तो <strong>STF </strong><strong>से उनका तबादला कर दिया गया</strong> और बाद में <strong>भ्रष्टाचार के झूठे केस में फंसा दिया गया</strong>। उन्होंने दावा किया कि उनके पास जो दस्तावेज और चिट्ठियां थीं, <strong>वो पुलिस के पास हैं और शायद छेड़छाड़ भी की गई है।</strong></li>
</ol>
<p><strong>DSP </strong><strong>खुद भी हैं भ्रष्टाचार केस में आरोपी</strong></p>
<p>सितंबर 2024 में पंजाब पुलिस ने वविंदर कुमार के खिलाफ <strong>भ्रष्टाचार की </strong><strong>FIR </strong><strong>दर्ज की थी</strong>, जिसमें आरोप था कि उन्होंने एक फार्मा कंपनी से <strong>Rs 45 </strong><strong>लाख की रिश्वत ली</strong>, ताकि उसे कानूनी कार्रवाई से बचाया जा सके। हालांकि, अक्टूबर 2024 में हाईकोर्ट के <strong>न्यायमूर्ति विनोद एस. भारद्वाज</strong> ने <strong>CBI </strong><strong>को प्रारंभिक जांच का आदेश दिया</strong> और STF को भ्रष्टाचार वाली FIR में आगे की जांच करने से रोक दिया।</p>
<p><strong>राज्य सरकार का जवाब: &#8220;यह </strong><strong>PIL </strong><strong>नहीं</strong><strong>, </strong><strong>पर्सनल इंटरेस्ट लिटिगेशन है&#8221;</strong></p>
<p>पंजाब सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील <strong>सलिल सबलोक</strong> ने कोर्ट में कहा कि DSP की याचिका <strong>PIL </strong><strong>की आड़ में चल रही व्यक्तिगत लड़ाई</strong> है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता ने जिन 300 FIR का जिक्र किया है, उनमें किसी एक का भी विस्तार से ब्यौरा नहीं दिया गया है। इसके अलावा DSP खुद एक केस में जांच अधिकारी रह चुके हैं, इसलिए वह <strong>कोर्ट मॉनिटरिंग की मांग नहीं कर सकते</strong>।</p>
<p>“यह पूरी तरह से व्यक्तिगत हित साधने की कोशिश है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही PIL के दुरुपयोग पर चेतावनी दे चुका है।” – सलिल सबलोक</p>
<p>सबलोक ने यह भी बताया कि FIR नंबर 31 की <strong>CBI </strong><strong>जांच फिलहाल हाईकोर्ट के एकल पीठ के समक्ष लंबित</strong> है, जिसकी अगली सुनवाई <strong>8 </strong><strong>अगस्त</strong> को होनी है।</p>
<p><strong>ड्रग्स</strong><strong>, </strong><strong>भ्रष्टाचार और प्रशासनिक दबाव की पेचीदा लड़ाई</strong></p>
<p>DSP वविंदर कुमार की याचिका ने पंजाब में <strong>ड्रग्स नेटवर्क और पुलिस तंत्र की निष्क्रियता</strong> पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। जहां एक ओर अधिकारी दावा कर रहे हैं कि उन्हें <strong>सच्चाई उजागर करने पर सजा दी जा रही है</strong>, वहीं सरकार और वकील इसे <strong>पर्सनल विवाद</strong> बता रहे हैं।</p>
<p>अब सभी की निगाहें 8 अगस्त को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर हैं, जहां यह तय होगा कि मामले की <strong>CBI </strong><strong>जांच आगे कैसे बढ़ेगी</strong> और क्या वाकई पंजाब में <strong>NDPS </strong><strong>एक्ट के केसों में कोई बड़ी साजिश छुपाई जा रही है।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>&#8220;No vendetta, लेकिन Majithia को jail में pillow नहीं मिलेगा&#8221; &#8211; CM Bhagwant Mann</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/no-vendetta-but-majithia-will-not-get-a-pillow-in-jail-cm-bhagwant-mann/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Jul 2025 08:45:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[DrugFreePunjab]]></category>
		<category><![CDATA[Majithia]]></category>
		<category><![CDATA[NabhaJail]]></category>
		<category><![CDATA[NoVendetta]]></category>
		<category><![CDATA[PowerfulSpeech]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabDrugsCase]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मजीठिया को जेल में किसी भी तरह की विशेष सुविधा नहीं दी जाएगी, यहां तक कि तकिया भी नहीं मिलेगा। मान ने साफ कहा कि यह कोई राजनीतिक बदले की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मजीठिया को जेल में किसी भी तरह की विशेष सुविधा नहीं दी जाएगी, यहां तक कि तकिया भी नहीं मिलेगा। मान ने साफ कहा कि यह कोई राजनीतिक बदले की भावना नहीं है, लेकिन जेल के नियमों के मुताबिक ही सुविधा दी जाएगी।</p>
<p>सीएम मान पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के आखिरी दिन नशे के मुद्दे पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा, <strong>&#8220;</strong><strong>जो लोग पंजाब के युवाओं को नशे की आग में झोंकने के जिम्मेदार हैं</strong><strong>, </strong><strong>वे किसी भी तरह की सहूलियत के लायक नहीं हैं।&#8221;</strong></p>
<p><strong>मजीठिया पर गंभीर आरोप</strong></p>
<p>भगवंत मान ने आरोप लगाया कि मजीठिया और उनके जैसे नेताओं ने अपनी संपत्तियाँ नशे के धंधे से बनाई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की जांच एजेंसियों ने ऐसे कई सबूत जुटाए हैं और अब ऐसे लोगों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।</p>
<p>पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून को बिक्रम सिंह मजीठिया को 540 करोड़ रुपए के कथित &#8220;ड्रग मनी&#8221; के लेन-देन और अवैध संपत्ति मामले में गिरफ्तार किया था। इस समय वे नाभा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।</p>
<p><strong>नशा तस्करी और नेताओं की भूमिका</strong></p>
<p>सीएम मान ने कहा कि कुछ अमीर नेताओं ने ना सिर्फ नशे के व्यापार को संरक्षण दिया बल्कि सरकारी गाड़ियों से ड्रग्स सप्लाई भी करवाई। उन्होंने कहा, <strong>&#8220;</strong><strong>सत्ता</strong><strong>, </strong><strong>पिंडी</strong><strong>, </strong><strong>भोला कौन थे</strong><strong>? </strong><strong>उन्हें सरकारी गाड़ियों में क्यों ले जाया जाता था</strong><strong>?&#8221;</strong></p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि नाभा जेल आज &#8220;चिट्टे&#8221; का पर्याय बन चुकी है, क्योंकि वही लोग जो इस नशे को पंजाब में लेकर आए थे, अब वहीं बंद हैं।</p>
<p><strong>मजीठिया परिवार पर इतिहास से जुड़ा आरोप</strong></p>
<p>भगवंत मान ने मजीठिया के पूर्वजों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि <strong>&#8220;</strong><strong>जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड की रात जनरल डायर को डिनर पर बुलाया</strong><strong>, </strong><strong>वो पंजाब के साथ गद्दारी थी।&#8221;</strong> मान ने कहा कि डायर को बाद में स्वर्ण मंदिर में सिरेापा भी दिया गया, यह सब सिर्फ अपनी स्वार्थपूर्ति के लिए किया गया।</p>
<p><strong>पंजाब की छवि को बदनाम करने की साजिश</strong></p>
<p>सीएम ने कहा कि पंजाब को ड्रग्स के नाम पर बदनाम किया जा रहा है, जबकि राज्य में नशे का उत्पादन तक नहीं होता। उन्होंने बताया कि हाल ही में पंजाब पुलिस ने गुजरात और राजस्थान से भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद किए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, <strong>&#8220;</strong><strong>कुछ ताकतें पंजाब की मेहनती जनता को बदनाम करने की साजिश कर रही हैं।&#8221;</strong></p>
<p><strong>सरकार की कार्रवाई और रणनीति</strong></p>
<p>मान ने बताया कि मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई में देरी इसलिए हुई क्योंकि सरकार पहले सप्लाई चेन को तोड़ना चाहती थी। उन्होंने कहा कि मरीजों को अचानक ड्रग्स से अलग करने पर उन्हें withdrawal हो सकता था, इसलिए पहले OOAT क्लिनिक और रिहैब सेंटर शुरू किए गए। फिर पता चला कि पुलिस के कुछ लोग भी इस धंधे में शामिल हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, <strong>&#8220;</strong><strong>कुछ मुंशी तक रेड की सूचना पहले से दे देते थे। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और सरकार ने नशे के धंधे की रीढ़ तोड़ दी है।&#8221;</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में मजीठिया पर तीखा हमला बोलते हुए साफ कर दिया कि सरकार किसी भी आरोपी को बख्शने वाली नहीं है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब को नशे से मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है और दोषियों को किसी तरह की राहत नहीं दी जाएगी।</p>
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