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	<title>PunjabGovernment &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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		<title>‘मान के मुनाफे’ मुहिम की शुरुआत, 20 सितंबर से घर-घर पहुंचेंगे AAP वॉलंटियर्स</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/maan-de-munafe-campaign-begins-aap-volunteers-to-go-door-to-door-from-september-20/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Sep 2026 07:53:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAPCampaign]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी ने अपनी चुनावी और संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी 20 सितंबर से पूरे पंजाब में ‘मान के मुनाफे’ नाम से डोर-टू-डोर कैंपेन शुरू करने जा रही है। इससे एक दिन पहले यानी 19 सितंबर को लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान पार्टी का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी ने अपनी चुनावी और संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी 20 सितंबर से पूरे पंजाब में <strong>‘</strong><strong>मान के मुनाफे’</strong> नाम से डोर-टू-डोर कैंपेन शुरू करने जा रही है। इससे एक दिन पहले यानी 19 सितंबर को लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान पार्टी का चुनावी पैंफलेट जारी करेंगे। इसके बाद 20 सितंबर से मुख्यमंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र <strong>धूरी</strong> से घर-घर संपर्क अभियान की शुरुआत करेंगे।</p>
<p>इस कैंपेन का मकसद लोगों तक सरकार के पिछले साढ़े चार साल के काम और अलग-अलग योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है। पार्टी के वॉलंटियर्स घर-घर जाकर लोगों को बताएंगे कि सरकार की योजनाओं और फैसलों से परिवारों को किस तरह का आर्थिक फायदा मिला है।</p>
<p>AAP नेताओं के मुताबिक, अलग-अलग सरकारी योजनाओं और गारंटियों को मिलाकर एक औसत परिवार को सालाना करीब <strong>1.82 </strong><strong>लाख रुपये का वित्तीय लाभ</strong> मिला है। पार्टी इसी दावे और सरकार के कामों को लेकर लोगों के बीच पहुंचेगी। हालांकि, यह आंकड़ा पार्टी की ओर से किया गया दावा है।</p>
<h3>25,332 बूथ और 2.68 लाख वॉलंटियर्स</h3>
<p>पार्टी के पंजाब प्रभारी <strong>मनीष सिसोदिया</strong> और पंजाब अध्यक्ष <strong>अमन अरोड़ा</strong> ने इस अभियान की जानकारी दी। सिसोदिया के मुताबिक, पंजाब में कुल <strong>25,332 </strong><strong>पोलिंग बूथ</strong> हैं और इनसे जुड़ी बूथ कमेटियों में करीब <strong>2.68 </strong><strong>लाख वॉलंटियर्स</strong> हैं। यही वॉलंटियर्स 20 सितंबर से पूरे राज्य में घर-घर जाकर सरकार के कामों और योजनाओं की जानकारी देंगे।</p>
<p>अभियान के दौरान किसानों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षा, व्यापार और सरकार की दूसरी योजनाओं से जुड़े कामों को भी लोगों के सामने रखा जाएगा। पार्टी का फोकस बूथ लेवल पर सीधे लोगों से संपर्क बढ़ाने पर है।</p>
<h3>नशे के मुद्दे पर भी AAP का फोकस</h3>
<p>इस दौरान मनीष सिसोदिया और अमन अरोड़ा ने पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर भी अपनी सरकार के कदमों का जिक्र किया। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि सरकार ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है और ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए कदम उठाए हैं।</p>
<p>वहीं, अमन अरोड़ा ने सरकार के कामों का जिक्र करते हुए पंजाब की जवानी और पानी को लेकर उठाए गए कदमों की भी बात की। ये सभी बातें पार्टी की ओर से किए गए दावों और राजनीतिक बयानों का हिस्सा हैं।</p>
<h3>नई मेंबरशिप मुहिम भी होगी शुरू</h3>
<p>‘मान के मुनाफे’ कैंपेन के साथ-साथ AAP अपने संगठन को और मजबूत करने के लिए <strong>नई मेंबरशिप ड्राइव</strong> भी शुरू करेगी। पार्टी का कहना है कि इसका मकसद संगठन को बूथ लेवल तक और मजबूत करना और ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ना है।</p>
<p>यानी 20 सितंबर से शुरू होने वाली यह मुहिम सिर्फ सरकार के कामों को घर-घर पहुंचाने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि पार्टी की <strong>2027 </strong><strong>विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन को बूथ स्तर पर एक्टिव करने</strong> की रणनीति का भी हिस्सा होगी।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>पंजाब सरकार द्वारा 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को त्योहारी सीजन का तोहफा; भगवंत मान सरकार ने महंगाई भत्ता बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/festive-season-gift-for-8-lakh-employees-and-pensioners-in-punjab-bhagwant-mann-government-raises-dearness-allowance-to-50/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Sep 2026 07:22:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[DAHike]]></category>
		<category><![CDATA[FestiveSeason]]></category>
		<category><![CDATA[GovernmentEmployees]]></category>
		<category><![CDATA[Pensioners]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[SalaryUpdate]]></category>
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					<description><![CDATA[राज्यभर के लगभग आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को त्योहारी सीजन का तोहफा देते हुए भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा महंगाई भत्ते (डी.ए.) में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है और यह बढ़ोतरी सितंबर महीने के वेतन के साथ लागू होगी। इस संबंध में घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>राज्यभर के लगभग आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को त्योहारी सीजन का तोहफा देते हुए भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा महंगाई भत्ते (डी.ए.) में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है और यह बढ़ोतरी सितंबर महीने के वेतन के साथ लागू होगी। इस संबंध में घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कदम कर्मचारियों की भलाई और सम्मान के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कर्मचारियों को राज्य के प्रशासनिक ढांचे की रीढ़ बताया। मुख्यमंत्री ने जायज मुद्दों के समाधान के लिए कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ नियमित मासिक बैठकें करने और महिला कर्मचारियों की तैनाती उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में करने की घोषणा भी की। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां दी गई हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उनकी चिंताओं को सुना और आपसी टकराव के बजाय बातचीत और समाधान का रास्ता अपनाते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया।</p>
<p>बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ अकाउंट पर कहा:</p>
<p>“आज कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में बैठक हुई। कर्मचारी हमारे परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी भलाई को ध्यान में रखते हुए हमने तुरंत महंगाई भत्ते (डी.ए.) में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह बढ़ोतरी अक्टूबर महीने के वेतन के साथ लागू होगी।</p>
<p>हमने पिछली सरकारों के समय से लंबित चले आ रहे मुद्दों पर भी चर्चा की, जिनमें पुरानी पेंशन योजना (ओ.पी.एस.), परखकाल के दौरान वेतन तथा आशा और मिड-डे-मील वर्करों से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। इन लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों के स्थायी समाधान के लिए हम अक्टूबर के पहले सप्ताह में दोबारा बैठक करेंगे।</p>
<p>हमारी सरकार और कर्मचारियों के बीच कोई दूरी नहीं है। हम आपसी बातचीत के माध्यम से हर मुद्दे का समाधान करेंगे। हम पंजाब की प्रगति और ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। इंकलाब जिंदाबाद।”</p>
<p>सरकारी कर्मचारियों की भलाई, सम्मान और उनके जायज मामलों के समाधान को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “फैसले के अनुसार, कर्मचारियों और पेंशनरों को 4-4 प्रतिशत की दो किस्तें जारी की जाएंगी, जिनका लाभ 1 अक्टूबर से उनके वेतन के साथ मिलेगा। त्योहारी सीजन से पहले लिए गए इस फैसले से हजारों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके परिवारों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार अपने कर्मचारियों द्वारा निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों और उनके व्यक्तिगत एवं पेशेवर जीवन में उत्पन्न होने वाले दबावों से भली-भांति परिचित है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “एक खुश कर्मचारी ही बेहतर तरीके से काम कर सकता है और मेरा मानना है कि जब कोई कर्मचारी संतुष्टि, सम्मान और मानसिक शांति के साथ काम करता है, तो पूरा सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलती हैं। सरकारी कर्मचारी केवल प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा ही नहीं, बल्कि इसकी रीढ़ हैं। आवश्यक सेवाएं प्रदान करने से लेकर कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने और रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज को चलाने तक, कर्मचारी हर स्तर पर काम करते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं और सेवाएं आम लोगों के दरवाजे तक पहुंचें।”</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से कर्मचारियों की चिंताओं को समझता हूं क्योंकि मैं स्वयं एक सरकारी कर्मचारी का बेटा रहा हूं और एक कर्मचारी के दर्द को अच्छी तरह समझता हूं। सरकार अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों को अपने परिवार का हिस्सा मानती है।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य के खजाने का एक-एक पैसा पूरी समझदारी से और पंजाब के लोगों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से खर्च किया जा रहा है। वित्तीय योजना और जनकल्याण को साथ-साथ चलना होगा और सरकार इन दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने के लिए प्रतिबद्ध है।”</p>
<p>राज्य सरकार द्वारा रोजगार के संबंध में उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां दी गई हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता पर आधारित रही है, जिससे युवाओं को बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी प्राप्त करने का अवसर मिला है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां युवा अपनी योग्यता और कड़ी मेहनत के बल पर रोजगार प्राप्त कर सकें।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “सरकार महिला कर्मचारियों के सामने आने वाली चुनौतियों से भी भली-भांति परिचित है और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं कि महिला कर्मचारियों की तैनाती उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में की जाए। ऐसे उपायों का उद्देश्य महिला कर्मचारियों को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद करना है।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “महिला कर्मचारियों को अपने करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सरकार उनकी जायज जरूरतों के प्रति ईमानदार और संवेदनशील रहे।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों के प्रति उदार दृष्टिकोण रखती है और इन मुद्दों को पूरी ईमानदारी के साथ लागू नियमों, वित्तीय प्रभावों और कानूनी स्थिति के अनुसार विचार किया जाएगा।”</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकार लंबे समय से लंबित विभिन्न मांगों की समीक्षा करेगी, जिनमें 2.59 के पेंशन गुणक (मल्टीप्लीकेशन फैक्टर) की मांग, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, विभिन्न भत्तों की बहाली, ‘एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन’ (एसीपी) को लागू करना, प्रोबेशन पीरियड (परख काल) से संबंधित वर्ष 2015 और 2020 के पत्रों से जुड़े मुद्दे, अदालती फैसलों को लागू करना और अन्य मामले शामिल हैं।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “कर्मचारियों से संबंधित किसी भी जायज मुद्दे की अनदेखी नहीं की जा रही है और सरकार प्रत्येक मामले की खुले मन तथा सहानुभूतिपूर्वक जांच करेगी। कर्मचारियों के कल्याण को केवल एक बार की जाने वाली कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसके लिए सरकार और कर्मचारियों के बीच निरंतर संवाद की आवश्यकता है।”</p>
<p>कर्मचारियों के साथ बातचीत को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की, “कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ हर महीने अनिवार्य रूप से बैठक की जाएगी। नियमित बातचीत से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई समस्या बड़ा मुद्दा बनने से पहले ही उसका समाधान किया जाए और कर्मचारियों के पास सरकार के समक्ष अपनी बात रखने के लिए एक सीधा मंच हो।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “बातचीत ही समस्याओं के समाधान का सबसे उचित तरीका है। इसलिए हम एक साथ बैठेंगे, एक-दूसरे की बात सुनेंगे और जायज मुद्दों के समाधान तलाशेंगे। दशकों से कर्मचारियों को अक्सर यह महसूस होता रहा है कि उनकी समस्याओं की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। पहले किसी ने भी कर्मचारियों की परवाह नहीं की, लेकिन हम उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं।”</p>
<p>कर्मचारियों के साथ संपर्क का सिलसिला बनाए रखने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकार अपने कर्मचारियों के साथ केवल फाइलों या कार्यालयी कामकाज तक ही जुड़ी नहीं है, बल्कि हम उनके साथ विश्वास, बातचीत, आपसी सम्मान और जिम्मेदारी पर आधारित संबंध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी कर्मचारी और पंजाब के लोग एक प्रगतिशील और खुशहाल राज्य बनाने के बड़े मिशन में भागीदार हैं। जब कर्मचारी अनसुलझे मुद्दों, अनिश्चितता या अपनी बात न सुने जाने की भावना के बोझ तले दबे होते हैं, तो वे अपनी सर्वश्रेष्ठ कार्यक्षमता का प्रदर्शन नहीं कर सकते।”</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकार को कर्मचारियों के कल्याण और राज्य की समग्र वित्तीय स्थिति के बीच संतुलन बनाए रखना पड़ता है। महंगाई भत्ते (डीए) के संबंध में लिया गया ताजा फैसला वित्तीय जिम्मेदारी निभाते हुए कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</p>
<p>कर्मचारियों को पूरी लगन और समर्पण के साथ काम जारी रखने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रत्येक सरकारी कर्मचारी आम नागरिक के सामने राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करता है। सरकार लोगों की सेवा के लिए मौजूद है और कर्मचारी वह माध्यम हैं, जिनके जरिए यह सेवा जमीनी स्तर पर सुनिश्चित की जाती है।”</p>
<p>उन्होंने दोहराया, “सरकार निरंतर बातचीत, पारदर्शिता और सहानुभूतिपूर्ण रवैये के साथ कर्मचारियों की जायज समस्याओं के समाधान के लिए काम करती रहेगी और साथ ही यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य के संसाधनों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग किया जाए।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “त्योहारों का मौसम न केवल आम नागरिकों के घरों में, बल्कि उन सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के परिवारों में भी खुशियां लेकर आए, जिन्होंने अपना जीवन पंजाब की सेवा के लिए समर्पित किया है।”</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कर्मचारी पंजाब की रीढ़ हैं और उनका कल्याण हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनका मान-सम्मान हमारे लिए अमूल्य है और उनकी जायज मांगों पर हमेशा विचार किया जाएगा।”</p>
<p>इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और डॉ. बलजीत कौर, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, सचिव आम राज प्रबंध के.के. यादव तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>पंजाब सरकार गैंगस्टरों को पंजाब या विदेश में बैठकर अवैध कारोबार नहीं चलाने देगी: अमन अरोड़ा</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-government-will-not-allow-gangsters-to-run-illegal-businesses-from-punjab-or-abroad-aman-arora/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Sep 2026 06:38:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AmanArora]]></category>
		<category><![CDATA[CrimeControl]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabPolice]]></category>
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					<description><![CDATA[अकाली और कांग्रेस नेताओं के उस दौर से पंजाब की मौजूदा स्थिति की तुलना करते हुए, जब विधानसभा के भीतर गैंगस्टरों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाते थे, आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज कहा कि यूरोप से किसी गैंगस्टर का यह पहला हवालगी मुख्यमंत्री भगवंत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अकाली और कांग्रेस नेताओं के उस दौर से पंजाब की मौजूदा स्थिति की तुलना करते हुए, जब विधानसभा के भीतर गैंगस्टरों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाते थे, आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज कहा कि यूरोप से किसी गैंगस्टर का यह पहला हवालगी मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के गैंगस्टरवाद के खिलाफ सख्त रुख का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पिछली अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों के दौरान गैंगस्टरवाद इस हद तक बढ़ गया था कि वर्ष 2021 के बजट सत्र में नेता खुले तौर पर इस बात पर बहस कर रहे थे कि जग्गू भगवानपुरिया ‘किसका आदमी’ है। इसके विपरीत ‘आप’ सरकार ने सीमाओं के पार जाकर ऐसे भगोड़ों का पीछा किया है और उन्हें कानून के कटघरे में लाना सुनिश्चित किया है।</p>
<p>‘आप’ पंजाब प्रधान ने कहा कि मान सरकार ने पंजाब से नशे और गैंगस्टरवाद के खात्मे के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। सरकार ऐसे तत्वों को न तो पंजाब की धरती से और न ही विदेशों में बैठकर अपना अवैध कारोबार चलाने की अनुमति देगी। उन्होंने बताया कि 20 जनवरी 2026 को स्थापित किए गए ‘ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल’ (ओएफटीईसी) ने महज सात महीनों में 10 वांछित भगोड़ों को डिपोर्टेशन अथवा हवालगी के माध्यम से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है, जबकि 21 अन्य प्रत्यर्पण प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित हैं।</p>
<p>पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही भगवंत मान सरकार ने नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार के कार्यकाल के दौरान हमारा संकल्प रहा है कि पंजाब से नशे और गैंगस्टरों के खात्मे के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। हमारा मानना है कि ये वही तत्व हैं जिन्हें पिछली सरकारों ने बढ़ने-फूलने दिया, चाहे वह अकाली दल-भाजपा का एक दशक का शासन रहा हो या कांग्रेस का पांच वर्ष का कार्यकाल।”</p>
<p>अमृन अरोड़ा ने कहा कि पिछली सरकारों के शासन के दौरान स्थिति इस हद तक पहुंच गई थी कि पंजाब विधानसभा के भीतर भी गैंगस्टरवाद एक बड़ा मुद्दा बन गया था। उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2021 के बजट सत्र के विधानसभा रिकॉर्ड को देखा जाए, तो स्पष्ट होता है कि गैंगस्टरों के हौसले इतने बुलंद थे कि सदन के भीतर भी उनके संबंध में चर्चा हो रही थी।</p>
<p>2021 के बजट सत्र के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने राजनीतिक नेताओं के गैंगस्टरों के साथ कथित संबंधों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि एक तरफ सुखजिंदर सिंह रंधावा और दूसरी तरफ बिक्रम सिंह मजीठिया रिकॉर्ड पर यह बहस कर रहे थे कि “जग्गू भगवानपुरिया आपका प्रोडक्ट है” और “नहीं, यह गैंगस्टर आपका प्रोडक्ट है।” उन्होंने कहा कि इस तरह की बहस पंजाब विधानसभा के सदन के भीतर हो रही थी, जिसने पंजाब की राजनीति के पतन को उजागर किया।</p>
<p>कैबिनेट मंत्री ने उस घटना को भी याद किया जिसमें अपनी बेटी की रक्षा करते हुए एक पुलिस कर्मचारी ने अपनी जान गंवा दी थी। उन्होंने कहा कि वह भी एक ऐसा दौर था जब एक पुलिस कर्मचारी अपनी बेटी की इज्जत बचाने का प्रयास कर रहा था और उसके सीने में गोलियां मारी गई थीं। उन्होंने कहा कि पंजाब अब उन परिस्थितियों से बाहर निकल चुका है और आज लोगों का मनोबल तथा सरकार एवं पुलिस पर विश्वास पूरी तरह कायम है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिस दिन से मौजूदा सरकार सत्ता में आई है, उसी दिन से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि ऐसे तत्वों को पंजाब की धरती पर अवैध गतिविधियां संचालित करने की अनुमति न मिले।</p>
<p>‘आप’ पंजाब प्रधान ने कहा कि जब पंजाब पुलिस ने ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई तेज की तो कई भगोड़े, खतरनाक अपराधी और गैंगस्टर विदेश भाग गए। उन्होंने कहा कि जब भी कोई घटना होती है, वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया जाता है अथवा फिरौती की कॉल आती है, तो ऐसी गतिविधियों के तार अक्सर विदेशी धरती या दूसरे राज्यों से जुड़े पाए जाते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशों में बैठे अपराधी पंजाब की शांति, सुरक्षा और सद्भावना को भंग न कर सकें। इसी उद्देश्य से पंजाब पुलिस ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर 20 जनवरी 2026 को विशेष ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) का गठन किया।</p>
<p>अमन अरोड़ा ने कहा कि गठन के समय से ही इस सेल का विशेष उद्देश्य ऐसे तत्वों की पहचान करना, उनके पदचिह्न तलाशना, उनका पता लगाना और अंततः उन्हें जेल तक पहुंचाकर उनके अपराधों की सजा दिलाना सुनिश्चित करना रहा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस सेल ने विभिन्न स्तरों पर संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल करते हुए महज सात महीनों में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि ओएफटीईसी स्टेट इन्वेस्टिगेशन, ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, सीबीआई, इंटरपोल, गृह मंत्रालय, स्थानीय पुलिस, विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) सहित विभिन्न एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।</p>
<p>अमन अरोड़ा ने कहा कि यह तालमेल विशेष रूप से उन मामलों में महत्वपूर्ण है, जहां पंजाब में किसी अपराध या अपराध के प्रयास की शुरुआत विदेश से हुई हो। यदि कोई शिकायत मिलती है कि पंजाब में अपराध करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इसकी शुरुआत किसी विदेशी देश से हुई है, तो यह सेल विभिन्न कड़ियों को जोड़ते हुए इसके पीछे मौजूद व्यक्ति तक पहुंचने के लिए काम करता है।</p>
<p>ओएफटीईसी की सफलता के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब पुलिस को बधाई देते हुए मंत्री ने बताया कि अब तक 10 वांछित अपराधियों को डिपोर्टेशन या प्रत्यर्पण के माध्यम से भारत वापस लाया जा चुका है, जबकि प्रत्यर्पण के 21 प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया के तहत राज्य पुलिस द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे जाते हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर विदेशों में मौजूद भगोड़ों को वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाती है।</p>
<p>इन वापस लाए गए अपराधियों में कुख्यात गैंगस्टर अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दालम भी शामिल है, जिसके खिलाफ तीन गंभीर मामले दर्ज हैं। उसे शनिवार को मोल्दोवा से भारत वापस लाया गया।</p>
<p>‘आप’ पंजाब अध्यक्ष ने बताया कि मलेशिया, इंडोनेशिया, यूएई और अमेरिका से भी कई अन्य वांछित गैंगस्टरों को वापस लाया गया है। उन्होंने बताया कि अजय सिंह उर्फ अजय और पवनदीप सिंह, जो थाना जोधेवाल, लुधियाना में बीएनएस और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 150, दिनांक 27.10.2025 में वांछित थे, को 19 अगस्त 2026 को मलेशिया से वापस लाया गया।</p>
<p>अमन अरोड़ा ने बताया कि जसप्रीत सिंह उर्फ जस बहिबल, जो थाना सिटी कोटकपूरा, फरीदकोट और थाना तपा, बरनाला में दर्ज तीन एफआईआर में वांछित था, को भी 19 अगस्त 2026 को मलेशिया से वापस लाया गया। मनजीत सिंह और गुरविंदर सिंह, जो थाना कोतवाली, पटियाला में एफआईआर नंबर 76 में वांछित थे, को 18 जून 2026 को मलेशिया से वापस लाया गया। इसी प्रकार जोबनजीत बिल्ला, जो थाना ब्यास, अमृतसर में आईपीसी और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 94, दिनांक 24.05.2023 में वांछित था, को 24 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया से वापस लाया गया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि यूएई से अमृतपाल सिंह मेहरों, जो अमृतसर और बरनाला में दर्ज दो एफआईआर में वांछित था, को 10 अप्रैल 2026 को वापस लाया गया। भुवनेश चोपड़ा, जो फिरोजपुर, खरड़, फाजिल्का और पटियाला में दर्ज सात एफआईआर में वांछित था, को 12 मार्च 2026 को यूएई से वापस लाया गया। कमल उर्फ कमल अठवाल उर्फ कमलप्रीत सिंह बिल्ला, जो थाना माछीवाड़ा, खन्ना में एफआईआर नंबर 132 में वांछित था, को 24 मार्च 2026 को अमेरिका से वापस लाया गया।</p>
<p>अमन अरोड़ा ने कहा कि भगवंत मान सरकार और पंजाब पुलिस विभिन्न देशों में छिपे भगोड़ों का प्रभावी ढंग से पीछा कर रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि विदेशों से पंजाब का माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों को कानून के कटघरे में पेश करने के लिए वापस लाया जाए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पंजाब में अपराध रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन राज्य से बाहर बैठकर अथवा विदेशों से गतिविधियां संचालित करने वाले गैंगस्टरों से निपटने में केंद्र सरकार की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।</p>
<p>उन्होंने केंद्र सरकार, भाजपा शासित राज्यों तथा अकाली दल से अपील करते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों की जेलों में बैठे अथवा सुरक्षित ठिकानों से आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहे गैंगस्टरों पर भी प्रभावी रूप से नकेल कसी जानी चाहिए।</p>
<p>‘आप’ पंजाब प्रधान ने कहा कि ये गैंगस्टर केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे गैंगस्टरों के अधीन सैकड़ों और हजारों अपराधी काम कर रहे हैं और वे अपनी गतिविधियों के जरिए विभिन्न राज्यों तथा देशों को निशाना बनाने की क्षमता रखते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी यदि केंद्र सरकार अथवा विभिन्न राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में हैं, तो उन पर प्रभावी निगरानी रखना और उनकी आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी है।</p>
<p>अमन अरोड़ा ने दोहराया कि पंजाब बिना किसी समझौते के गैंगस्टरों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार और पंजाब पुलिस ऐसे तत्वों को पंजाब में पैर पसारने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने आतंकवाद के काले दौर से पंजाब को बाहर निकालने के लिए अपने अनेक जवानों की कुर्बानी दी है और वर्तमान चुनौती उसके सामने कुछ भी नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि तकनीक के कारण संगठित अपराध का स्वरूप भी बदल गया है। आज अपराधी एन्क्रिप्टेड मैसेज और एन्क्रिप्टेड वॉयस कॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे मामलों को ट्रैक करना केवल राज्य पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित प्रयास की आवश्यकता है।</p>
<p>अमन अरोड़ा ने मोल्दोवा स्थित गैंगस्टर को पंजाब वापस लाने के लिए पंजाब पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों और ओएफटीईसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सफलता को दर्शाती है।</p>
<p>पंजाब के लोगों को भरोसा दिलाते हुए अमन अरोड़ा ने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें किसी आपराधिक घटना, वारदात के प्रयास अथवा फिरौती की कॉल के संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें, ताकि सरकार और पुलिस समय रहते कड़ी कार्रवाई कर सके।</p>
<p>‘आप’ पंजाब अध्यक्ष ने पंजाब के लोगों को आश्वासन दिया कि भगवंत मान सरकार आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जारी रखेगी तथा राज्य की शांति, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव की रक्षा सुनिश्चित करेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सरकार पहले ही 85,000 कर्मचारियों की 60% DA की मांग पूरी कर चुकी है, बाकियों के लिए केंद्र के बराबर वेतन सुनिश्चित करने के लिए तैयार: Aman Arora</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/government-has-already-met-the-demand-for-60-da-for-85000-employees-ready-to-ensure-central-government-equivalent-pay-for-the-rest-aman-arora/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Sep 2026 05:32:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AmanArora]]></category>
		<category><![CDATA[DearnessAllowance]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabEmployees]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[SalaryUpdate]]></category>
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					<description><![CDATA[कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल गैर-कानूनी है, क्योंकि DA का मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पंजाब सरकार पहले ही लगभग 85,000 कर्मचारियों का DA बढ़ाकर 60% करने का फैसला करके उनकी मांग पूरी कर चुकी है और बाकी कर्मचारियों के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल गैर-कानूनी है, क्योंकि DA का मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पंजाब सरकार पहले ही लगभग 85,000 कर्मचारियों का DA बढ़ाकर 60% करने का फैसला करके उनकी मांग पूरी कर चुकी है और बाकी कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार के समान पदों के बराबर वेतन देने की पेशकश की है।</p>
<p>मंत्री ने कर्मचारियों से राजनीतिक हथियार न बनने की अपील की और कहा कि भगवंत मान सरकार अपने कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी है और बातचीत के जरिए उनकी जायज मांगों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन इसके साथ ही सरकार की तीन करोड़ पंजाबियों के प्रति भी बराबर की जिम्मेदारी है और वह जरूरी सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान नहीं पड़ने दे सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को होने वाली किसी भी असुविधा के मद्देनजर सरकार कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगी।</p>
<p>एक बयान में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा, &#8220;भगवंत मान सरकार पंजाब के कर्मचारियों की शुभचिंतक है। हमारे कर्मचारी सुशासन की रीढ़ हैं और उनके अधिकार, सम्मान और भलाई हमारी प्राथमिकता है। हम उनके मसलों को हल करने के लिए पहले ही ठोस कदम उठा चुके हैं और बाकी रहते मुद्दों को सुलझाने के लिए उनसे बातचीत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।&#8221;</p>
<p>मंत्री ने कर्मचारी संगठनों से सरकार के साथ बातचीत जारी रखने और राजनीतिक हितों को सार्थक हल के रास्ते में न आने देने की अपील की। उन्होंने कहा, &#8220;मैं हमारे कर्मचारियों से अपील करता हूं कि वे राजनीतिक हथियार न बनें। हम दोनों एक ही पक्ष में हैं। सरकार उनकी भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याएं सुनने के लिए तैयार है। हालांकि, जब मामला पहले ही अदालत में विचाराधीन है, तो गैर-कानूनी हड़ताल पर जाना सही रास्ता नहीं हो सकता। इसके साथ ही, जहां भी सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान पड़ेगा और पंजाब के लोगों को बिना वजह मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, वहां सरकार को कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करनी पड़ेगी।&#8221;</p>
<p>उन्होंने दोहराया कि सरकार एक संतुलित और निष्पक्ष हल खोजने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा, &#8220;पंजाब के कर्मचारी और पंजाब के लोग दो अलग-अलग पक्ष नहीं हैं। दोनों हमारे राज्य की तरक्की का अहम हिस्सा हैं। हमारा रवैया हमेशा बातचीत, सम्मान और जिम्मेदारी वाला रहेगा। हम कर्मचारियों से अपील करते हैं कि वे अपने मसले उचित चैनलों के जरिए उठाएं और गैर-कानूनी हड़ताल का रास्ता न अपनाएं, ताकि पंजाब की वित्तीय स्थिरता और लोगों के निर्बाध सार्वजनिक सेवाओं के अधिकारों के साथ समझौता किए बिना कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जा सके।&#8221;</p>
<p>कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए लगभग 85,000 कर्मचारियों का DA 42% से बढ़ाकर 60% करने का फैसला करके उनकी DA की मांग पहले ही पूरी कर दी है। उन्होंने कहा, &#8220;इन 85,000 कर्मचारियों की मांग पहले ही मान ली गई है। बाकी कर्मचारियों के लिए भी हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट रहा है l सरकार लागू कानूनी और वित्तीय ढांचे के भीतर रहते हुए वास्तविक वेतन के मामले में केंद्र सरकार के समान पदों के कर्मचारियों के बराबर वेतन सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।&#8221;</p>
<p>मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि DA और बकाये का बड़ा मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन भी है और राज्य सरकार देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले का पालन करेगी। उन्होंने कहा, &#8220;जहां मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, वहां अंतिम फैसला अदालत का ही होगा। सरकार ने अदालत के सामने अपना पूरा पक्ष रख दिया है और कर्मचारियों की वेतन समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर दी है।&#8221;</p>
<p>राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब पहले ही कर्मचारियों से संबंधित देश के सबसे अधिक वित्तीय बोझों में से एक उठा रहा है। उन्होंने कहा, &#8220;पंजाब अपनी कुल आय का लगभग 51% हिस्सा वेतन और पेंशन पर खर्च करता है, जबकि पूरे भारत की औसत लगभग 38% है। बड़े राज्यों में यह सबसे अधिक प्रतिशत है। इसके साथ ही, ब्याज सहित अनिवार्य देनदारियां हमारी आय का लगभग 82% हिस्सा बनाती हैं।&#8221;</p>
<p>कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के माने गए बकाये देने से इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा, &#8220;राज्य ने माने गए बकाये के भुगतान के लिए पहले ही एक योजनाबद्ध ढांचा तैयार किया है। हमारा उद्देश्य पंजाब की वित्तीय क्षमता और संचित निधि में से खर्चे से संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए हर जायज हक का भुगतान सुनिश्चित करना है।&#8221;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Industry Minister Arora द्वारा UAEIC के Secretary-General अब्दुल्ला अहमद अल सुवैदी से मुलाकात; UAE Investors के समक्ष पंजाब को पसंदीदा Investment Destination के रूप में किया प्रस्तुत</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/industry-minister-arora-meets-uaeic-secretary-general-h-e-abdullah-ahmed-al-suwaidi-presents-punjab-as-a-preferred-investment-destination-to-uae-investors/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Sep 2026 05:09:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AmanArora]]></category>
		<category><![CDATA[InvestmentInPunjab]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[UAEIIC]]></category>
		<category><![CDATA[UAEInvestors]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी सोच के अनुसार वैश्विक निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने के बड़े प्रयास के तहत पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने आज दुबई में वार्षिक निवेश बैठक (ए.आई.एम.) के अवसर पर यू.ए.ई. इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट काउंसिल (यू.ए.ई.आई.आई.सी.) के सचिव जनरल महामहिम अब्दुल्ला अहमद [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी सोच के अनुसार वैश्विक निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने के बड़े प्रयास के तहत पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने आज दुबई में वार्षिक निवेश बैठक (ए.आई.एम.) के अवसर पर यू.ए.ई. इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट काउंसिल (यू.ए.ई.आई.आई.सी.) के सचिव जनरल महामहिम अब्दुल्ला अहमद अल सुवैदी से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश लाने के असीमित एवं व्यापक अवसरों पर चर्चा की।</p>
<p>इस उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान उद्योग मंत्री ने महामहिम अब्दुल्ला अहमद अल सुवैदी को पंजाब की व्यापक आर्थिक संभावनाओं से अवगत कराया और यू.ए.ई. के निवेशकों को सरकारी, अर्ध-सरकारी एवं निजी क्षेत्र की साझेदारियों के माध्यम से उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में निवेश करने का निमंत्रण दिया।</p>
<p>प्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास संबंधी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए श्री अमन अरोड़ा ने यू.ए.ई.आई.आई.सी. को विश्वास दिलाया कि प्रदेश में अपना व्यवसाय स्थापित करने या व्यवसाय विस्तार के इच्छुक निवेशकों को पंजाब सरकार द्वारा पूर्ण प्रशासनिक सहयोग, मार्गदर्शन तथा माल-ढुलाई एवं अन्य प्रबंधकीय सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब, यू.ए.ई. आधारित निवेशकों और संस्थागत निधिकरण संगठनों के साथ दीर्घकालिक एवं पारस्परिक लाभकारी संबंध बनाने का इच्छुक है।</p>
<p>प्रदेश के निवेशक-अनुकूल सुधारों से अवगत कराते हुए कैबिनेट मंत्री ने &#8216;इन्वेस्ट पंजाब&#8217; के माध्यम से सुगम व्यापार प्रक्रिया का विशेष रूप से उल्लेख किया, जो सुचारु एवं निर्बाध निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित करने तथा त्वरित कानूनी स्वीकृतियाँ एवं मंजूरियाँ प्रदान करने के लिए प्रदेश का एक सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म है।</p>
<p>श्री अमन अरोड़ा ने कहा, &#8220;पंजाब अधिक अनुकूल उद्यमी माहौल, शानदार मल्टीमॉडल संपर्क, कुशल तकनीकी कर्मचारी और एक पारदर्शी प्रशासनिक ढांचा प्रस्तुत करता है। हम यू.ए.ई. के व्यापारिक नेताओं को पंजाब की इस प्रभावी आर्थिक विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनने का निमंत्रण देते हैं।&#8221;</p>
<p>यू.ए.ई. इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट काउंसिल (यू.ए.ई.आई.आई.सी.), जो विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफ.डी.आई.) को दिशा देने के लिए यू.ए.ई. की सार्वजनिक और निजी संस्थाओं को एकजुट करती है, ने पंजाब के शिष्टमंडल की इस सक्रिय पहल का स्वागत किया। बैठक के दौरान यू.ए.ई. और पंजाब के बीच प्रत्यक्ष पूंजी प्रवाह एवं संयुक्त उद्यमों को सक्षम बनाने के लिए मजबूत संस्थागत संपर्क स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।</p>
<p>द्विपक्षीय वार्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह मुलाकात अहम मील का पत्थर साबित होगी, जो द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग, मजबूत व्यापारिक संबंधों और पंजाब में बड़े पैमाने पर निवेश का मार्ग प्रशस्त करेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Bhagwant Mann सरकार द्वारा Written Assurance के बाद किसानों ने Chandigarh-Mohali Border पर चल रहा धरना समाप्त किया</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/after-written-assurance-from-bhagwant-mann-government-farmers-end-protest-at-chandigarh-mohali-border/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Sep 2026 04:51:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[ChandigarhMohaliBorder]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFarmers]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[WrittenAssurance]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों की मुख्य मांगें मंजूर करते हुए दिए गए लिखित भरोसे के बाद चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर धरना दे रहे किसानों ने सोमवार शाम अपना संघर्ष समाप्त कर दिया। कृषि मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किसान प्रतिनिधियों को सरकार की ओर से दिया गया लिखित [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों की मुख्य मांगें मंजूर करते हुए दिए गए लिखित भरोसे के बाद चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर धरना दे रहे किसानों ने सोमवार शाम अपना संघर्ष समाप्त कर दिया। कृषि मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किसान प्रतिनिधियों को सरकार की ओर से दिया गया लिखित भरोसा सौंपा।</p>
<p>लिखित समझौते के अनुसार पंजाब सरकार एक महीने के भीतर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी, जिसमें अहम मुद्दों से संबंधित प्रस्ताव पारित करके केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे। इनमें दशकों पुराने गैर-संवैधानिक जल बंटवारा समझौतों पर दोबारा विचार करने की मांग, पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की धाराओं 78, 79 और 80 को रद्द करके राज्य के रिपेरियन अधिकार बहाल करने, डैम सेफ्टी एक्ट को रद्द करने और सीड बिल, 2025 को वापस लेने की मांग शामिल है।</p>
<p>किसानों के कल्याण के लिए भगवंत मान सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कृषि मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पंजाब सरकार बातचीत और आपसी समझ के माध्यम से मुद्दों के समाधान में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार अपने अन्नदाताओं के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम बातचीत के माध्यम से मुद्दों का समाधान करने में विश्वास रखते हैं और किसानों की जायज मांगों को पूरी पारदर्शिता के साथ लिखित रूप में मंजूर किया है।”</p>
<p>किसानों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए कृषि मंत्री ने बकाया ऋणों के लिए वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) नीति तैयार करने का भी ऐलान किया। यह नीति विशेष रूप से सहकारी बैंकों, जिनमें पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव बैंक और सहकारी सभाएं शामिल हैं, से लिए गए ऋणों के लिए तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ सलाह-मशविरा करके एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जो ओटीएस नीति तैयार करेगी और यह नीति किसानों पर कर्ज के बोझ को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।</p>
<p>गन्ने के भाव के मुद्दे पर स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने स्पष्ट किया कि पंजाब देश में किसानों को गन्ने का सबसे अधिक भाव देना जारी रखेगा। उन्होंने बताया कि गन्ने का भाव तय करने संबंधी फाइल सोमवार को ही पेश करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि प्रक्रिया में बिना किसी देरी के शुरुआत की जा सके।</p>
<p>कृषि मंत्री ने आगे कहा कि निजी चीनी मिलों की ओर किसानों के बकाया भुगतानों की समयबद्ध तरीके से अदायगी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सहकारी चीनी मिलों में पहले से लागू ‘एक विंडो, एक भुगतान’ प्रणाली को निजी चीनी मिलों तक भी बढ़ाया जाएगा।</p>
<p>किसान यूनियनों की बाकी मांगों के संबंध में स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने भरोसा दिया कि पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और किसान यूनियनों द्वारा नामित प्रतिनिधियों पर आधारित संयुक्त कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी लंबित मामलों की जांच करके उनके जल्द और प्रभावी समाधान के लिए काम करेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Pawan Tinu ने 2016 से अटके NH-03 Four-Laning Project का मुद्दा उठाया, DPR की मंजूरी और जल्द Tender जारी करने की मांग</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/pawan-tinu-raises-issue-of-nh-03-four-laning-project-pending-since-2016-demands-dpr-approval-and-early-issuance-of-tender/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Sep 2026 04:37:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[DPRApproval]]></category>
		<category><![CDATA[FourLaningProject]]></category>
		<category><![CDATA[HighwayProject]]></category>
		<category><![CDATA[NH03]]></category>
		<category><![CDATA[PawanTinu]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
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					<description><![CDATA[जालंधर-होशियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एन एच -03) के जालंधर-होशियारपुर सेक्शन के लंबे समय से रुके फोर-लेनिंग प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करवाने के लिए आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं आदमपुर हलका इंचार्ज पवन टीनू  और आनंदपुर साहिब से सांसद मालविंदर सिंह कंग ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जालंधर-होशियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एन एच -03) के जालंधर-होशियारपुर सेक्शन के लंबे समय से रुके फोर-लेनिंग प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करवाने के लिए आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं आदमपुर हलका इंचार्ज पवन टीनू  और आनंदपुर साहिब से सांसद मालविंदर सिंह कंग ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आदमपुर फ्लाईओवर सहित पूरे सड़क कॉरिडोर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा और निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने की मांग की।</p>
<p>पवन टीनू ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान एन एच-03 के जालंधर-होशियारपुर सेक्शन की ओर दिलाते हुए कहा कि इस मार्ग का फोर-लेनिंग प्रोजेक्ट लंबे समय से अधर में है। वर्ष 2016 से इस हिस्से से गुजरने वाले यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को भारी ट्रैफिक जाम, आवागमन में परेशानी और सड़क सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह मार्ग जालंधर और होशियारपुर के बीच आवागमन का एक महत्वपूर्ण माध्यम होने के साथ-साथ पंजाब को हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाला प्रमुख सड़क कॉरिडोर भी है। ऐसे में इसके अधूरे रहने से आम लोगों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों और धार्मिक पर्यटन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।</p>
<p>पवन टीनू ने बताया कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना का पिछला कॉन्ट्रैक्ट 29 जुलाई 2025 के डी.ओ. के माध्यम से समाप्त कर दिया गया था। इसके पीछे मुख्य कारण होशियारपुर में जमीन पर कब्जे से जुड़े मुद्दे तथा भूमि अधिग्रहण से संबंधित कानूनी कार्रवाई थी। इसके कारण परियोजना का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार द्वारा इस कॉरिडोर की आवश्यकता को देखते हुए 17.800 किलोमीटर लंबे हिस्से,( सीएच 11.400 से सीएच 29.200 तक)  के लिए री-टेंडरिंग प्रक्रिया को मंजूरी देने की दिशा में कदम उठाया गया है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का आभार भी व्यक्त किया।</p>
<p>पवन टीनू ने बताया कि अथॉरिटी इंजीनियर (AE) की ओर से तैयार की गई डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर ) को पंजाब के चीफ इंजीनियर के माध्यम से रीजनल ऑफिस (आरओ), चंडीगढ़ में जमा करवाया जा चुका है। हालांकि, यह प्रस्ताव फिलहाल आरओ चंडीगढ़ स्तर पर कुछ तकनीकी और प्रशासनिक ऑब्जर्वेशन के कारण लंबित है।</p>
<p>उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया कि आरओ चंडीगढ़ और मिनिस्टरी आफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे (MoRTH) के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि लंबित ऑब्जर्वेशन को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द दूर किया जा सके।</p>
<p>उन्होंने कहा कि डीपीआर  को शीघ्र मंजूरी मिलने और टेंडर प्रक्रिया शुरू होने से एन एच -03 के इस महत्वपूर्ण हिस्से पर निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से चली आ रही यातायात समस्याओं से राहत मिल सकेगी।</p>
<p>पवन टीनू ने कहा कि जालंधर-होशियारपुर एन एच -03 केवल स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण सड़क नहीं है, बल्कि यह एक प्रमुख धार्मिक यात्रा मार्ग भी है। इस हाईवे से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता चिंतपूर्णी, ज्वाला जी, बाबा बालक नाथ और तख्त श्री केसगढ़ साहिब, आनंदपुर साहिब जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की ओर जाते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सड़क के फोर-लेन होने से श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम यात्रियों को भी सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही, जालंधर, होशियारपुर और हिमाचल प्रदेश के बीच यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।</p>
<p>आनंदपुर साहिब से सांसद मालविंदर सिंह कंग ने भी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष इस सड़क परियोजना को जल्द पूरा करवाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एन एच -03 पंजाब के महत्वपूर्ण इलाकों को हिमाचल प्रदेश तथा आगे जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है।</p>
<p>उन्होंने परियोजना से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने तथा निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने की मांग की, ताकि इस मार्ग का लाभ क्षेत्र के लोगों, व्यापारियों, यात्रियों और श्रद्धालुओं को मिल सके।</p>
<p>पवन टीनू और मालविंदर सिंह कंग ने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि डीपीआर  से संबंधित लंबित तकनीकी एवं प्रशासनिक आपत्तियों को शीघ्र दूर करवाकर उसे मंजूरी प्रदान की जाए और इसके बाद टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।</p>
<p>दोनों नेताओं ने कहा कि इस परियोजना के दोबारा शुरू होने से जालंधर-होशियारपुर मार्ग पर यातायात दबाव कम होगा, सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा और पंजाब से हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्रीय मंत्रालय इस मामले को प्राथमिकता देते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा।</p>
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		<title>मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 560 मरीज़ों के डायबिटिक फुट उपचार पर ₹1.32 करोड़ ख़र्च</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/under-the-chief-ministers-health-scheme-%e2%82%b91-32-crore-spent-on-diabetic-foot-treatment-for-560-patients/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 08:39:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[HealthCarePunjab]]></category>
		<category><![CDATA[HealthScheme]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[SehatYojana]]></category>
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					<description><![CDATA[घाव भले ही छोटा दिखाई दे रहा हो। लेकिन इसका ख़तरा छोटा बिल्कुल नहीं था। डायबिटीज़ से पीड़ित व्यक्ति के लिए पैर पर लगी एक छोटी-सी चोट धीरे-धीरे गंभीर चिकित्सीय आपातस्थिति का रूप ले सकती है। नसों को नुकसान पहुँचने के कारण दर्द का एहसास कम हो सकता है, जिससे चोट का पता चलना मुश्किल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>घाव भले ही छोटा दिखाई दे रहा हो। लेकिन इसका ख़तरा छोटा बिल्कुल नहीं था।</p>
<p>डायबिटीज़ से पीड़ित व्यक्ति के लिए पैर पर लगी एक छोटी-सी चोट धीरे-धीरे गंभीर चिकित्सीय आपातस्थिति का रूप ले सकती है। नसों को नुकसान पहुँचने के कारण दर्द का एहसास कम हो सकता है, जिससे चोट का पता चलना मुश्किल हो जाता है। रक्त संचार ख़राब होने से घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है, जबकि संक्रमण गहरे ऊतकों(टिश्यूज) तक फैल सकता है और गंभीर मामलों में अंग तक ख़तरे में पड़ सकता है। पंजाब के सैकड़ों मरीज़ों के लिए, मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) उस समय सुरक्षा कवच बनी, जब डायबिटिक फुट की समस्या बढ़कर स्वस्थ होने के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई।</p>
<p>47 वर्षीय हरचरण सिंह एडवांस्ड डायबिटिक फुट रोग से जूझ रहे थे। नसों को नुकसान पहुँचने के कारण चोट का पता लगाने की उनकी क्षमता कम हो गई थी, जबकि संक्रमण गहरे ऊतकों(टिश्यूज) तक फैल चुका था। डॉक्टरों ने संक्रमित और मृत ऊतकों को हटाने तथा पैर को ठीक होने का अवसर देने के लिए सर्जिकल डिब्राइडमेंट किया।</p>
<p>38 वर्षीय राजा को भी इसी तरह के ख़तरे का सामना करना पड़ा। डायबिटिक न्यूरोपैथी के कारण उन्हें एक घाव का लगभग एहसास ही नहीं हुआ, जो बाद में गंभीर संक्रमण में बदल गया और संक्रमण के हड्डी तक पहुँचने का ख़तरा पैदा हो गया। ऐसे में समय पर सर्जरी आवश्यक हो गई।</p>
<p>एक अन्य लाभार्थी 57 वर्षीय वीना के मामले में ख़राब रक्त संचार के कारण घाव भरना मुश्किल हो गया था। उनका अल्सर इस स्थिति तक पहुँच गया कि पैर काटने की नौबत आने का ख़तरा पैदा हो गया। संक्रमित ऊतकों को हटाने के लिए सर्जरी करनी पड़ी।</p>
<p>वहीं, 67 वर्षीय संतोख सिंह के पैर में लंबे समय से न भरने वाला डायबिटिक फुट अल्सर विकसित हो गया था, जिसमें पस बनने लगी थी। संक्रमण को निकालने और प्रभावित ऊतकों को हटाने के लिए सर्जिकल हस्तक्षेप आवश्यक था।</p>
<p>चार मरीज़। चार अलग-अलग संघर्ष। एक भयावह संभावना—अंग गँवाने की।</p>
<p>लेकिन समय पर मिले उपचार ने इन चारों को संक्रमण से लड़ने और अपने अंग बचाने का महत्त्वपूर्ण अवसर दिया।</p>
<p>स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर आंकड़े के पीछे एक इंसानी ज़िंदगी है—एक पिता, एक माँ , एक बेटा या एक बेटी, जिसका परिवार एक और अवसर की उम्मीद कर रहा है। डायबिटिक फुट की जटिलताएँ धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं और यदि उपचार में देरी हो, तो चलने-फिरने की में तकलीफ और यहाँ तक कि अंग के लिए भी ख़तरा पैदा कर सकती हैं। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के किसी भी परिवार को समय पर उपचार लेने और यह चिंता करने के बीच चयन न करना पड़े कि वह इसका ख़र्च वहन कर पाएगा या नहीं।”</p>
<p>डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना इस उद्देश्य से तैयार की गई है कि जब कोई मरीज़ अस्पताल पहुँचे, तो ध्यान मरीज़ की जान बचाने पर रहे, न कि इस बात पर कि उसका परिवार उपचार का ख़र्च उठा पाएगा या नहीं।</p>
<p>डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना की सफलता को केवल उपचारों की संख्या या ख़र्च की गई राशि से नहीं मापा जाना चाहिए, बल्कि इस बात से मापा जाना चाहिए कि इन उपचारों ने क्या संभव बनाया—एक मरीज़ का स्वस्थ होकर घर लौटना, एक परिवार को आर्थिक परेशानी से बचाना और डायबिटिक फुट जैसी स्थितियों में एक ऐसे अंग को बचा पाना, जिसे अभी भी बचाया जा सकता है। जन-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था का यही उद्देश्य है: जब परिवारों को सबसे अधिक ज़रूरत हो, तब उनके साथ मज़बूती से खड़ा होना।”</p>
<p>राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पिछले लगभग आठ महीनों में 560 मरीज़ों को डायबिटिक फुट और इससे जुड़ी जटिलताओं का उपचार मिला, जिस पर कुल ₹1.32 करोड़ ख़र्च किए गए। सर्जिकल उपचार का सबसे बड़ा हिस्सा रहा, जिसके तहत 126 मरीज़ों का उपचार किया गया और ₹44.55 लाख ख़र्च हुए। वहीं, 123 मरीज़ों को मेडिकल मैनेजमेंट प्रदान किया गया।</p>
<p>शेष मामलों में लंबे समय तक ड्रेसिंग और एंटीबायोटिक उपचार, पैर की उंगली और पैर की सर्जरी, घुटने के नीचे के हिस्से से संबंधित प्रक्रियाएँ , स्किन ग्राफ्टिंग, सीटी और एमआरआई जैसी इमेजिंग जाँच, रक्त एवं प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन तथा डायबिटिक कीटोएसिडोसिस, गंभीर सेप्सिस और एनीमिया जैसी गंभीर संबद्ध स्थितियों का उपचार शामिल था।</p>
<p>यही वह जगह है जहाँ मुख्यमंत्री सेहत योजना कागज़ पर बनी किसी नीति से आगे बढ़कर वास्तविक सहायता का रूप लेती है। इन मरीज़ों के लिए इसका मतलब था कि इलाज शुरू करने में किसी ऐसे महँगे अस्पताल के बिल का तत्काल बोझ सामने नहीं आएगा, जिसे वहन करना उनके लिए संभव नहीं था और जो एक और आपातस्थिति बन सकता था।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>दाखिलों में तेज़ वृद्धि उपचार नेटवर्क में बढ़ते विश्वास का प्रमाण: डॉ. बलबीर सिंह</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/the-sharp-increase-in-admissions-is-a-testament-to-the-growing-confidence-in-the-treatment-network-dr-balbir-singh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 07:54:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[DrBalbirSingh]]></category>
		<category><![CDATA[DrugFreePunjab]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[Rehabilitation]]></category>
		<category><![CDATA[YudhNashaianVirudh]]></category>
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					<description><![CDATA[‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत भगवंत मान सरकार के नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन केंद्रों में दाखिल होने वाले मरीज़ों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि राज्य के उपचार ढाँचे के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का मज़बूत संकेत है। सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिलों की संख्या वर्ष 2024 में 9,577 थी, जो [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत भगवंत मान सरकार के नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन केंद्रों में दाखिल होने वाले मरीज़ों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि राज्य के उपचार ढाँचे के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का मज़बूत संकेत है।</p>
<p>सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिलों की संख्या वर्ष 2024 में 9,577 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 25,290 हो गई, इस तरह दाखिलों में 164 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। यही रुझान वर्ष 2026 में भी जारी रहा और जुलाई तक 14,000 से अधिक लोग सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल हो चुके थे।</p>
<p>गौरतलब है कि दाखिलों में यह वृद्धि मार्च 2025 में शुरू हुए ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के बाद देखने को मिली है। यह वृद्धि इस बात का मज़बूत संकेत है कि अधिक से अधिक परिवार और व्यक्ति नशे की समस्या से जूझ रहे अपने प्रियजनों या स्वयं को कलंक के अंधेरे में रखने के बजाय उपचार केंद्रों तक पहुँचने के लिए आगे आ रहे हैं।</p>
<p>राज्य में इस पहल के बढ़ते प्रभाव का विशेष महत्त्व है, क्योंकि नशे की लत से जूझ रहे कई लोग उपचार की औपचारिक व्यवस्था का सहारा लेने से पहले वर्षों तक इस समस्या से जूझते रहे होंगे। उपचार और रिहैबिलिटेशन सुविधाएँ जैसे-जैसे नशा विरोधी पहल का अधिक दृश्यमान हिस्सा बन रही हैं, वैसे-वैसे ध्यान केवल समस्या की पहचान करने से आगे बढ़कर प्रभावित लोगों को सक्रिय रूप से उपचार से जोड़ने और उनके रिहैबिलिटेशन में सहयोग देने पर केंद्रित हो रहा है।</p>
<p>राज्य के रिहैबिलिटेशन नेटवर्क में भी इसी तरह की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी रिहैबिलिटेशन केंद्रों में दाखिलों की संख्या वर्ष 2024 में 2,644 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 8,574 हो गई—यानी 224 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि। जुलाई 2026 तक ही 5,800 से अधिक लोग इन केंद्रों में दाखिल हो चुके थे, जो वर्ष 2025 में दर्ज कुल दाखिलों का लगभग 68 प्रतिशत है।</p>
<p>उपचार की बढ़ती पहुँच पंजाब के आउटपेशेंट ओपिओइड-असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) क्लीनिक नेटवर्क के माध्यम से भी दिखाई देती है। नए रजिस्ट्रेशन वर्ष 2024 में 13,033 से बढ़कर वर्ष 2025 में 17,702 हो गए, जबकि इस वर्ष अगस्त तक 12,500 से अधिक नए मरीज़ रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।</p>
<p>ये आंकड़े एक ऐसे व्यापक उपचार तंत्र की ओर संकेत करते हैं, जिसमें मादक पदार्थों पर निर्भरता से जूझ रहे लोगों के लिए सहायता प्राप्त करने के कई विकल्प उपलब्ध हैं—इनमें नशा मुक्ति केंद्रों और रिहैबिलिटेशन सुविधाओं से लेकर आउटपेशेंट ट्रीटमेंट तक शामिल हैं।</p>
<p>राज्य सरकार ने कानून के तहत उपलब्ध रिहैबिलिटेशन संबंधी प्रावधानों का भी उपयोग किया है। 27 अगस्त 2026 तक 11,000 से अधिक व्यक्तियों को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64A के तहत प्रतिरक्षा प्रदान की जा चुकी है। इस अधिनियम के तहत नशे की लत से पीड़ित अथवा मादक पदार्थों के सेवन या कब्जे के आरोप में नामजद लोगों को कानूनी प्रतिरक्षा प्रदान की जाती है।</p>
<p>स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “पंजाब के लिए दाखिलों में तेज़ वृद्धि इस पहल के सबसे उत्साहजनक संकेतकों में से एक साबित हो रही है: लोग लगातार आगे आ रहे हैं, परिवार संस्थागत सहायता की माँग कर रहे हैं और राज्य का उपचार नेटवर्क उन लोगों तक पहुँच रहा है, जो अन्यथा औपचारिक उपचार व्यवस्था से बाहर रह सकते थे।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ तीन स्तंभों पर आधारित है—तस्करों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई, प्रभावित लोगों के लिए उपचार एवं रिहैबिलिटेशन और हमारे बच्चों को नशे से बचाने के लिए रोकथाम, ताकि नशा उन तक पहुँचने से पहले ही उसे रोका जा सके। उपचार और रिहैबिलिटेशन के माध्यम से हमारा प्रयास लोगों को नशे की गिरफ्त से बाहर लाना, परिवारों को फिर से जोड़ना और मादक पदार्थों के दुरुपयोग से जूझ रहे लोगों को स्वास्थ्य सुधार की एक वास्तविक राह प्रदान करना है।”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>पंजाब में फिर बिजली संकट का खतरा! कोयले की कमी के कारण कई थर्मल प्लांट आधी क्षमता पर</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-faces-risk-of-another-power-crisis-several-thermal-power-plants-operating-at-half-capacity-due-to-coal-shortage/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:16:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[CoalShortage]]></category>
		<category><![CDATA[ElectricityCrisis]]></category>
		<category><![CDATA[ElectricityShortage]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[punjabpower]]></category>
		<category><![CDATA[ThermalPowerPlants]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में एक बार फिर बिजली संकट के हालात बनते नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से राज्य में बिजली कटों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे घरेलू और इंडस्ट्री सेक्टर प्रभावित हो रहे हैं। इस बीच बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने वीडियो जारी कर बिजली संकट के कारणों के बारे में जानकारी दी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में एक बार फिर बिजली संकट के हालात बनते नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से राज्य में बिजली कटों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे घरेलू और इंडस्ट्री सेक्टर प्रभावित हो रहे हैं। इस बीच बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने वीडियो जारी कर बिजली संकट के कारणों के बारे में जानकारी दी है।</p>
<p>बिजली मंत्री के मुताबिक देशभर में कोयले की कमी के कारण पंजाब को घरेलू और इंडस्ट्री सेक्टर में बिजली कट लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश में 63 मेगावाट क्षमता वाले थर्मल प्लांट कोयले की कमी से प्रभावित हुए हैं। ज्यादातर निजी बिजली प्लांटों के पास करीब 4 दिन का कोयला स्टॉक बचा है, जिसके कारण वे अपनी क्षमता के लगभग आधे हिस्से पर चल रहे हैं।</p>
<p>तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि नाभा पावर लिमिटेड (राजपुरा) और तलवंडी साबो पावर प्लांट (मानसा) केंद्र सरकार की ओर से सप्लाई किए जाने वाले कोयले पर निर्भर हैं। केंद्र से कोयले की जरूरी सप्लाई नहीं मिलने के कारण दोनों प्लांट इस समय लगभग आधी क्षमता पर ही बिजली उत्पादन कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि जिन थर्मल प्लांटों को पंजाब सरकार की ओर से खुद कोयला मुहैया करवाया जा रहा है, उनके पास इस समय करीब 10 दिन का कोयला स्टॉक मौजूद है।</p>
<p>बिजली मंत्री ने केंद्र सरकार से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र को पंजाब समेत देश के लोगों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कोयले की कमी कब तक दूर होगी, ताकि आम लोगों और उद्योगों को बिना रुकावट बिजली सप्लाई मिल सके।</p>
<p>सौंद के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर कोयले की कमी के कारण पंजाब में बिजली उत्पादन में लगभग 1500 मेगावाट की कमी आई है। उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए केंद्र सरकार से कोयले की कमी दूर करने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की अपील की है।</p>
<p>बिजली मंत्री ने कहा कि कोयले की समस्या का जल्द समाधान होना जरूरी है, ताकि पंजाब में घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को बिना रुकावट बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जा सके।</p>
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