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	<title>PunjabNews &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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		<title>पहली जुलाई को हर महिला के खाते में डाली जाएगी तीन महीने की &#8216;मांवां-धीयां सत्कार राशि&#8217;: CM भगवंत सिंह मान</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/the-maanvaan-dhiyan-satkar-rashi-mother-daughter-honor-allowance-for-three-months-will-be-deposited-into-every-womans-account-on-july-1-cm-bhagwant-singh-mann/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jun 2026 07:56:24 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[महिला आर्थिक सशक्तिकरण की ओर ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि &#8216;मांवां-धीयां सत्कार योजना&#8217; के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और पहली जुलाई को महिलाओं के बैंक खातों में सीधे तीन महीने की सम्मान राशि की पहली किस्त जमा कर दी जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>महिला आर्थिक सशक्तिकरण की ओर ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि &#8216;मांवां-धीयां सत्कार योजना&#8217; के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और पहली जुलाई को महिलाओं के बैंक खातों में सीधे तीन महीने की सम्मान राशि की पहली किस्त जमा कर दी जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की माओं-बहनों को ₹4,500 मिलेंगे, जबकि बाकी सभी श्रेणियों की महिलाओं को ₹3,000 दिए जाएंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>फतेहगढ़ साहिब हलके के गांव चनारथल कलां में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद &#8216;लोक मिलनी&#8217; कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल महिलाओं के सम्मान, वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए &#8216;आप&#8217; सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक पंजाब में &#8216;आप&#8217; सरकार रहेगी, यह सहायता बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>फतेहगढ़ साहिब में &#8216;लोक मिलनी&#8217; को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, &#8220;नौ दिन बाद पहली जुलाई को 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर उनके खातों में वित्तीय सहायता जमा होने के नोटिफिकेशन प्राप्त होंगे। जनरल श्रेणी से संबंधित महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह मिलेंगे। यह पैसा बिना किसी मध्यस्थ के सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इसके लिए ₹9,300 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, &#8220;यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह निश्चित रूप से उन्हें सम्मान, स्वाभिमान और आत्म-विश्वास देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन की स्रोत हैं। माताओं-बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती को पार करने में मदद करते हैं। घरेलू दर्जे को सुधारने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करना बहुत जरूरी है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं तो परिवार खुशहाल होते हैं और समाज आगे बढ़ता है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एक अन्य मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, &#8220;भारत चुनाव आयोग द्वारा चल रही एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान पंजाब सरकार किसी भी असली वोट को काटने नहीं देगी। मैं लोगों को सचेत करना चाहता हूं कि भाजपा वैध वोटों को काटने के लिए एस.आई.आर. प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकती है, जैसा कि चुनाव वाले अन्य राज्यों में हुआ है। हालांकि, हम पूरी तरह से सतर्क हैं और भगवा पार्टी के नापाक इरादों को सफल नहीं होने देंगे। पंजाब के हर असली मतदाता की रक्षा की जाएगी।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, &#8220;मुझसे पहले के मुख्यमंत्री कभी भी आम लोगों से नहीं मिले। वे तापमान चेक करने के बाद ही अपने आलीशान घरों से बाहर आते थे। दूसरी तरफ मैं 24 घंटे लोगों के लिए मौजूद रहता हूं। जनता की सेवा मेरे लिए कोई कभी-कभी की जाने वाली गतिविधि नहीं है, यह मेरी जिम्मेदारी है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, &#8220;इन नेताओं ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग करके अथाह संपत्ति इकट्ठी की और बड़े-बड़े महल बनाए। उनकी आलीशान रिहायशों की दीवारें ऊंची थीं और उनके दरवाजे आम लोगों के लिए बंद रहते थे। वे जनता की पहुंच से दूर रहे और आखिरकार लोगों ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। जब नेता लोगों की बात सुनना बंद कर देते हैं तो लोग भी आखिरकार उन नेताओं को सुनना बंद कर देते हैं।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&#8220;पंजाब के लोगों ने उन लोगों को बार-बार नकारा है, जिन्होंने उन्हें बारी-बारी से लूटा। इन नेताओं ने आम लोगों को लंबे समय तक मूर्ख बनाया, लेकिन पंजाबी अब इतने अकलमंद हो गए हैं कि वे ऐसे लोगों के भ्रमित करने वाले प्रचार से प्रभावित नहीं होते। इन हौव्वे से भरे सियासतदानों ने हमेशा पंजाब के लोगों को हल्के में लिया, जिसकी वजह से अंत में उन्हें इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ी। आज ये नेता निराशा की स्थिति में हैं क्योंकि लोग उन्हें कोई साथ नहीं दे रहे।&#8221; मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसे नेताओं का पूरा एजेंडा शुरू से ही लोगों की भलाई की बजाय अपने परिवारों के हितों के लिए रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पिछली सरकारों के नेताओं पर शाब्दिक हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, &#8220;ये नेता पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े हैं, जो जमीनी हकीकतों से पूरी तरह अनजान हैं। ये नेता अपने पैसों, जायदादों और यहां तक कि अपनी बसों से भी अनजान रहे हैं। अपने शासनकाल के दौरान इन्होंने सूबे भर के सफल उद्यमों में गैर-कानूनी तरीके से हिस्सेदारी हासिल करके लोगों का शोषण किया। ऐसे कामों ने ही पंजाब को पीछे धकेल दिया। इन नेताओं ने सूबे को बर्बाद कर दिया और इनके हाथ नौजवानों के खून से रंगे हुए हैं।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अपनी सरकार के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, &#8220;यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब का विकास फिर से पटरी पर आ गया है। पंजाब सरकार हर आते दिन अपनी विकास की गति को तेज कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने लगभग सत्तर सालों के खालीपन को पाटा है और रंगला पंजाब बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रहे हैं।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>“आप सरकार शायद देश की पहली ऐसी सरकार है जो जनता के घोषणापत्र को सही मायनों में लागू कर रही है। लोगों द्वारा उठाई गई हर वास्तविक और जायज़ मांग को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हम केवल चुनाव जीतने के लिए वादे नहीं करते, बल्कि जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्हें पूरा भी करते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सुखबीर सिंह बादल पंजाब की जमीनी हकीकतों से कोसों दूर हैं, क्योंकि उन्होंने अपना पूरा जीवन ऐशो-आराम और सुविधाओं के वातावरण में बिताया है। वे पंजाब में सत्ता हासिल करने के लिए तो उतावले हैं, लेकिन उन्हें राज्य की मूलभूत भौगोलिक स्थिति तक की जानकारी नहीं है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि यदि यह बात भी छोड़ दी जाए, तो पूर्व उपमुख्यमंत्री पंजाब में उगाई जाने वाली सामान्य फसलों के बीच का अंतर भी नहीं बता सकते। उन्हें आम लोगों से जुड़े मुद्दों की बहुत कम समझ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो व्यक्ति पंजाब को समझता ही नहीं, वह अपने नेतृत्व में राज्य को आखिर कैसे चला सकता है?”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “इन नेताओं द्वारा किए गए पाप क्षमा योग्य नहीं हैं। पंजाब के लोग इनके कुकर्मों के लिए इन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। इन नेताओं ने पंजाब के सीने पर जो घाव दिए हैं, वे आज भी लोगों के मन में ताज़ा हैं।” उन्होंने कहा, “ये अवसरवादी नेता हैं, जो अपनी सुविधा और राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह रंग और रुख बदल लेते हैं। इन्होंने पंजाब में गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और नशा तस्करों को बचाकर युवाओं की नसों में नशा भरने का काम किया। पंजाब के लोग इसे कभी नहीं भूलेंगे।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली नेतृत्व एक बार फिर पंजाब के लोगों को गुमराह करने के लिए हवाई किले बना रहा है। हालांकि, पंजाब के लोग ऐसे भ्रामक प्रचार से प्रभावित नहीं होंगे। लोग अकालियों को उनके पापों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और एक बार फिर उन्हें उचित सबक सिखाएंगे।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026 का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं परमात्मा का आभारी हूं, जिसने मुझे यह ऐतिहासिक कानून लागू करने का अवसर दिया। पिछली सरकारों के दौरान जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, तब दुनिया भर में करोड़ों श्रद्धालुओं और सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा, “सर्वशक्तिमान परमात्मा ने मुझे कानूनी विशेषज्ञों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह विधेयक लाने की समझ और शक्ति प्रदान की। हमने इस कानून का मसौदा पूरी सावधानी और गहराई से तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई संशोधन या कानूनी खामी इसे कमजोर न कर सके। यह कानून समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ एक मजबूत निवारक के रूप में काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी ऐसा घृणित अपराध करने का साहस न कर सके।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा, “वर्षों से लोग यह कहकर सजा से बचते रहे हैं कि वे मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं या मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसी दलीलों का अक्सर जवाबदेही से बचने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है और अपराधी खुलेआम घूमते रहे। हमने कानून बनाते समय इस मुद्दे को गंभीरता से ध्यान में रखा है।”<br />
ऐसे दावों पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यदि कोई वास्तव में मानसिक रूप से बीमार है, तो वह केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ही क्यों निशाना बनाता है? वह रेल इंजन के नीचे क्यों नहीं आ जाता या बिजली की तारों को क्यों नहीं पकड़ता? सच्चाई यह है कि ऐसी अनेक घटनाएं जानबूझकर और सुनियोजित ढंग से की गई थीं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “इसीलिए हमने कानून में यह प्रावधान शामिल किया है कि यदि किसी व्यक्ति को चिकित्सकीय रूप से मानसिक रोगी घोषित किया गया हो, तो उसके माता-पिता, अभिभावक या देखभाल करने वाले भी आपराधिक आरोपों का सामना करेंगे। सजा से बचने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए कोई ढील नहीं होगी।” अकाली नेतृत्व पर एक और हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने कभी भी ऐसा कानून बनाने के प्रति ईमानदारी नहीं दिखाई। सच्चाई यह है कि उनके इरादे ही गलत थे। उनके कार्यकाल में बेअदबी की घटनाएं हुईं और वे न्याय दिलाने में पूरी तरह विफल रहे। उन्होंने ऐसी घटनाओं को इसलिए होने दिया क्योंकि वे उनसे राजनीतिक लाभ प्राप्त करना चाहते थे।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपनी गलतियां स्वीकार कीं, लेकिन बाद में सार्वजनिक रूप से उनसे मुकर गए। जो लोग तख्त के सामने झूठ बोल सकते हैं, वे किसी के भी वफादार नहीं हो सकते। लोगों को ऐसे नेताओं से सावधान रहना चाहिए जिनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना और राज्य को लूटना है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “अकालियों ने अपने निजी हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया। जत्थेदारों की नियुक्तियां अकालियों की पसंद और प्रभाव से की जाती हैं, इसलिए उनमें से कई राजनीति में सक्रिय हैं। इन लोगों के पास पंजाब के लिए कोई एजेंडा नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य किसी भी तरह मुझे बदनाम करना है। हालांकि, लोग उनके वास्तविक चरित्र को जानते हैं और उनकी ऐसी नाटकबाजियों से कभी प्रभावित नहीं होंगे।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कांग्रेस पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस पार्टी अपनी अंतिम सांसें गिन रही है और जल्द ही अप्रासंगिक हो जाएगी, क्योंकि उसके पास पंजाब के लिए न कोई दृष्टिकोण है और न ही भविष्य के लिए कोई रोडमैप। उसका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना और राज्य की संपत्ति को लूटना है, लेकिन उसका यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।” उन्होंने कहा, “कांग्रेस गुटबाजी की शिकार है। वह अपने ही आंतरिक संघर्षों के कारण समाप्त हो रही है। विडंबना यह है कि जो वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इन झगड़ालू गुटों को एकजुट करने के लिए पंजाब आते हैं, उन्हें उन नेताओं के नामों का सही उच्चारण तक नहीं आता, जिनमें वे समझौता कराने की कोशिश कर रहे होते हैं। आज पार्टी की यही स्थिति है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोगों के कल्याण पर खर्च किया जा रहा है। पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जो पहले कभी नहीं हुई।” मुख्यमंत्री ने कहा, “एक ऐसे समय में जब देशभर में सार्वजनिक संपत्तियों को केंद्र सरकार द्वारा चुनिंदा कॉर्पोरेट घरानों को बेहद कम कीमतों पर सौंपा जा रहा है, पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर और उसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखकर इतिहास रचा है। यह सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा और लोगों की सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने इतनी व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है। इस ऐतिहासिक पहल ने परिवारों पर आर्थिक बोझ को काफी कम किया है और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की हैं। इस योजना का उद्देश्य पंजाब के प्रत्येक परिवार को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है और अब तक लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।”</p>
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			</item>
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		<title>Punjab के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ की नई पहचान: रोज़गार, सम्मान और उम्मीद की कहानियाँ</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/a-new-identity-for-punjabs-war-against-drugs-stories-of-employment-dignity-and-hope/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jun 2026 07:37:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहा ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान अब रोज़गार के अवसरों के ज़रिए नशा पीड़ितों के जीवन में आई रिकवरी और नई उम्मीद की प्रेरक कहानियों से पहचाना जा रहा है। जो लोग कभी नशे की गिरफ़्त से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे थे, वे आज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहा ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान अब रोज़गार के अवसरों के ज़रिए नशा पीड़ितों के जीवन में आई रिकवरी और नई उम्मीद की प्रेरक कहानियों से पहचाना जा रहा है। जो लोग कभी नशे की गिरफ़्त से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे थे, वे आज होटलों, रेस्तरां, शॉपिंग मॉल्स, डी-मार्ट, ब्लिंकिट जैसी संस्थाओं में काम कर रहे हैं या स्वरोज़गार के माध्यम से अपने जीवन को फिर से पटरी पर ला रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मार्च 2025 में राज्य में शुरू हुए ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के बाद से पंजाब के विभिन्न नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में उपचार पूरा कर चुके अनेक लोगों को रोज़गार मिला है। यह इस बात का प्रमाण है कि आजीविका के अवसर रिकवरी और नशामुक्त जीवन की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इन्हीं में से एक हैं दलजिंदर सिंह (बदला हुआ नाम), जिन्होंने फ़रवरी 2026 में डी-मार्ट में नौकरी शुरू की। उन्होंने रोज़गार की ज़िम्मेदारियों को सकारात्मक ढंग से अपनाया है और धीरे-धीरे अपना जीवन दोबारा सँवार रहे हैं। दलजिंदर कहते हैं, “नौकरी मिलने से मुझे हर सुबह उठने की एक वजह मिली। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। अब ज़िंदगी अच्छी लगती है&#8230; यहाँ तक कि सुबह की एक कप चाय भी चेहरे पर मुस्कान ले आती है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रवीण ढल्ल, जो कि किराना, फल , सब्ज़ियों और अन्य दैनिक आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी सेवा में कार्यरत हैं,कहते हैं, “रिहैबिलिटेशन से मुझे जीवित रहने में मदद मिली, लेकिन नौकरी ने मुझे दोबारा जीना सिखाया। जब मैंने कमाना शुरू किया, तो मैंने ख़ुद को केवल एक नशा छोड़ने की कोशिश कर रहे व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदार और भविष्य के बारे में सोचने वाले इंसान के रूप में देखना शुरू किया। इसी भावना ने मुझे नशे से दूर रहने की ताकत दी।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद भी लोगों का साथ निभा रहा है। इसका एक उदाहरण जालंधर नशा मुक्ति केंद्र में देखने को मिलता है, जहाँ मुख्यधारा में लौट चुके पूर्व नशा पीड़ितों की नियमित रूप से निगरानी की जाती है ताकि उनकी प्रगति का आकलन किया जा सके और पुनः नशे की ओर लौटने के किसी भी संकेत का समय रहते पता लगाया जा सके।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>फॉलो-अप के दौरान यह पाया गया कि कई स्वस्थ हो चुके लोग रोज़गार से जुड़ चुके हैं, जो उनके पारिवारिक और आर्थिक जीवन में दोबारा शामिल होने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। जैसे-जैसे अधिक लाभार्थी उपचार केंद्रों से निकलकर रोज़गार और स्वरोज़गार की ओर बढ़ रहे हैं, मुख्यमंत्री भगवंत मान के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान का प्रभाव अब केवल गिरफ़्तारियों और नशीले पदार्थों की बरामदगी से नहीं, बल्कि बहाल हुई ज़िंदगियों और रोज़गार के नए अवसरों से भी मापा जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नशा पीड़ितों को इस दलदल से बाहर निकालने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले काउंसलरों का मानना है कि उपचार से रोज़गार तक का सफ़र सफल पुनर्वास के सबसे मज़बूत संकेतकों में से एक है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अमृतसर मेडिकल कॉलेज स्थित स्वामी विवेकानंद नशा मुक्ति केंद्र की काउंसलर भावना शर्मा ने कहा, “रिकवरी केवल नशा छोड़ देने का नाम नहीं है। हम मरीज़ों को अपनी भावनाएँ व्यक्त करने, जीवन को फिर से व्यवस्थित करने और भविष्य के लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करते हैं। जब उन्हें रोज़गार और स्थिर जीवन की दिशा दिखाई देने लगती है, तो वे नशामुक्त रहने के प्रति और अधिक प्रतिबद्ध हो जाते हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के तहत जालंधर नशा मुक्ति केंद्र के नोडल मनोचिकित्सक डॉ. अभय राज सिंह ने कहा, “ऐसी सफलता की कहानियाँ यह दर्शाती हैं कि नशा मुक्ति उपचार को पुनर्वास और रोज़गार सहायता से जोड़ना कितना महत्त्वपूर्ण है। काम पर लौटने वाला प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति केवल अपनी व्यक्तिगत जीत का ही नहीं, बल्कि वह एक मज़बूत परिवार और अधिक सुरक्षित समाज का प्रतीक होता है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जैसे-जैसे अधिक लाभार्थी उपचार केंद्रों से निकलकर रोज़गार और स्वरोज़गार की ओर बढ़ रहे हैं, अभियान का प्रभाव अब केवल गिरफ़्तारियों और बरामदगियों से नहीं, बल्कि नई ज़िंदगी पाने वाले लोगों, रोज़गार के नए अवसरों और संवरते भविष्य से भी मापा जा रहा है|</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>CM भगवंत सिंह मान ने बढ़ते केंद्रीकरण और शैक्षिक असमानता की चिंताओं को लेकर केंद्र से उच्च शिक्षा विधेयक पर पुनर्विचार करने की अपील की</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/cm-bhagwant-mann-appealed-to-the-centre-to-reconsider-the-higher-education-bill-citing-concerns-over-increasing-centralization-and-educational-inequality/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jun 2026 06:37:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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		<category><![CDATA[#News]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रस्तावित &#8216;विकसित भारत शिक्षा अधिनियम विधेयक, 2025&#8217; (उच्च शिक्षा विधेयक) का जोरदार विरोध किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कानून उच्च शिक्षा को और महंगी बना सकता है, आम परिवारों के विद्यार्थियों के लिए अवसरों को कम कर सकता है और स्थानीय शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रस्तावित &#8216;विकसित भारत शिक्षा अधिनियम विधेयक, 2025&#8217; (उच्च शिक्षा विधेयक) का जोरदार विरोध किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कानून उच्च शिक्षा को और महंगी बना सकता है, आम परिवारों के विद्यार्थियों के लिए अवसरों को कम कर सकता है और स्थानीय शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने की राज्यों की क्षमता को खोखला कर सकता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लिखे एक पत्र में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र से इस विधेयक पर पुनर्विचार करने और ऐसे सुधारों को लागू करने से पहले व्यापक विचार-विमर्श करने की अपील की है, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>देश भर के करोड़ों माता-पिता के अपने बच्चों की शिक्षा पर उम्मीदें और सपने टिकाए रखने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उच्च शिक्षा किसी किसान, मजदूर या दुकानदार के बच्चे के लिए अवसरों का मार्ग होनी चाहिए, न कि परिवारों पर आर्थिक बोझ। उन्होंने दावा किया कि भारत की प्रगति उच्च शिक्षा को विश्वविद्यालयों, बुनियादी ढांचे, फैकल्टी और अनुसंधान में अधिक निवेश के माध्यम से अधिक सुलभ और किफायती बनाने पर निर्भर करती है, न कि ऐसे उपायों पर जो लागतों को बढ़ाते हैं और निर्णय लेने की प्रक्रिया का केंद्रीकरण करते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अपने पत्र में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा कि वे न केवल पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में बल्कि भारत भर के उन करोड़ों माता-पिता के प्रतिनिधि के रूप में लिख रहे हैं, जिनकी सबसे बड़ी उम्मीदें उनके बच्चों की शिक्षा से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, &#8220;हर परिवार चाहता है कि उसका बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे, अपने पैरों पर खड़ा हो, सम्मानजनक रोजगार प्राप्त करे और देश की प्रगति में योगदान दे। इसी कारण शिक्षा केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं है, यह भारत के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा सवाल है।&#8221;</p>
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<p>मुख्यमंत्री ने कहा, &#8220;मुझे शुरू में उम्मीद थी कि प्रस्तावित कानून उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता, जवाबदेही और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करेगा। हालांकि विधेयक का बारीकी से अध्ययन करने के बाद मुझे गंभीर खतरा है कि यह उच्च शिक्षा से संबंधित अधिकांश महत्वपूर्ण निर्णयों का केंद्रीकरण करने की कोशिश करता है, जिसके विद्यार्थियों, शिक्षकों, विश्वविद्यालयों और राज्य सरकारों पर दूरगामी प्रभाव पड़ेंगे।&#8221;</p>
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<p>अपनी पहली बड़ी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह विधेयक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने की बजाय सत्ता के केंद्रीकरण पर अधिक केंद्रित प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, &#8220;किसी भी शिक्षा प्रणाली की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय समुदायों की आवश्यकताओं को कितने प्रभावी ढंग से समझती है। भारत जैसे विशाल और विविधताओं से भरे देश में हर राज्य को अलग-अलग सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।&#8221;</p>
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<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा के बारे में किसी कानून से यह उम्मीद करना स्वाभाविक था कि वह गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार, रोजगार योग्यता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर ध्यान केंद्रित करेगा। हालांकि विधेयक का अध्ययन करने के बाद ऐसा लगता है कि इसका मुख्य उद्देश्य नीति निर्माण की शक्तियों, मानकों, नियमों, मान्यता प्रणालियों और अपीलीय शक्तियों को केंद्र सरकार के हाथों में केंद्रित करना है। उन्होंने कहा, &#8220;शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है। इसलिए जहां न्यूनतम राष्ट्रीय मानक आवश्यक हो सकते हैं, वहीं राज्यों को अपनी परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार प्रणालियां विकसित करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। दुर्भाग्यवश यह विधेयक उस संवैधानिक संतुलन को बिगाड़ता प्रतीत होता है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि उनकी चिंता केवल राज्यों के अधिकारों की नहीं, बल्कि करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य की भी है। उन्होंने कहा, &#8220;भारत का हर राज्य अलग-अलग चुनौतियों से जूझ रहा है। कोई बेरोजगारी से निपट रहा है, कोई कौशल विकास, औद्योगिक आवश्यकताओं या प्रवासन से जूझ रहा है। पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्यों को इससे भी अधिक जटिल वास्तविकताओं का सामना करना पड़ता है।&#8221;</p>
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<p>मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकारें विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार पाठ्यक्रम, कौशल कार्यक्रम, औद्योगिक साझेदारी और रोजगारोन्मुखी पहलकदमियां विकसित करती हैं। उन्होंने कहा, &#8220;यदि शिक्षा के अधिकांश निर्णय दिल्ली में बैठी संस्थाओं द्वारा लिए जाएंगे तो राज्य धीरे-धीरे स्थानीय वास्तविकताओं को समझने और उसके अनुसार समाधान तैयार करने की अपनी क्षमता खो देंगे। परिणामस्वरूप, उच्च शिक्षा के केंद्रीकृत होने और इसकी व्यावहारिक महत्ता समाप्त होने का खतरा है।&#8221;</p>
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<p>बढ़ते केंद्रीकरण के खतरों की ओर ध्यान दिलाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) जैसी केंद्रीय संस्थाओं के कामकाज का हवाला दिया। उन्होंने कहा, &#8220;हाल के वर्षों में परीक्षा प्रबंधन, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जब केंद्रीय संस्थाएं स्वयं ऐसी चुनौतियों से जूझ रही हैं तो यह पूछना बिल्कुल उचित है कि क्या उच्च शिक्षा का और अधिक केंद्रीकरण करना सचमुच सही दिशा है।&#8221;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच अधिक सहयोग ही बेहतर रास्ता है। उन्होंने कहा, “विभिन्न राज्यों द्वारा विकसित किए गए सफल मॉडलों को पूरे देश में साझा किया जाना चाहिए। निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक सहभागी और सहयोगात्मक होनी चाहिए। दुर्भाग्यवश यह विधेयक विपरीत दिशा में जाता हुआ दिखाई दे रहा है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह चिंता भी व्यक्त की कि प्रस्तावित कानून उच्च शिक्षा को और अधिक महंगा बना सकता है। उन्होंने सवाल किया, “विधेयक का अध्ययन करते समय मेरे सामने एक महत्वपूर्ण प्रश्न उभरा। यदि अधिकांश शक्तियां केंद्र सरकार के पास केंद्रित हो जाती हैं, यदि राज्य सरकारों की भूमिका लगातार सीमित होती जाती है और यदि राज्य विश्वविद्यालयों तथा कॉलेजों पर केंद्रीय नियामक नियंत्रण बढ़ता है, तो इन संस्थानों के संचालन और विकास के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन कहां से आएंगे?”</p>
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<p>मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि विधेयक इस प्रश्न का कोई संतोषजनक उत्तर नहीं देता। उन्होंने कहा, “यदि निर्णय लेने की शक्तियों का केंद्रीकरण किया जाता है, जबकि आवश्यक वित्तीय सहायता की कोई गारंटी नहीं है, तो विश्वविद्यालयों पर अनिवार्य रूप से राजस्व बढ़ाने का दबाव पड़ेगा। इससे फीस में वृद्धि हो सकती है, स्व-वित्तपोषित (सेल्फ-फाइनेंस्ड) पाठ्यक्रमों पर निर्भरता बढ़ सकती है और निजी निवेश पर निर्भरता भी बढ़ सकती है।”</p>
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<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चेतावनी दी कि ऐसे मॉडल का सबसे अधिक बोझ मध्यम वर्ग, निम्न-मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, “उच्च शिक्षा अवसरों का एक माध्यम होनी चाहिए। यह ऐसा विशेषाधिकार नहीं बनना चाहिए, जो केवल उन्हीं को उपलब्ध हो जो इसका खर्च उठा सकते हैं।”</p>
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<p>मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा के धीरे-धीरे हो रहे निजीकरण को लेकर भी चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, “विधेयक का अध्ययन करने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली को धीरे-धीरे ऐसे मॉडल की ओर धकेला जा सकता है, जहां सरकारी संस्थान कमजोर हो जाएंगे और निजी क्षेत्र पर निर्भरता लगातार बढ़ती जाएगी।”</p>
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<p>उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नीति निर्माण, नियमों और नियंत्रण का पूर्ण केंद्रीकरण बिना किसी स्पष्ट वित्तीय जिम्मेदारी के किया जाता है, तो सरकारी विश्वविद्यालयों को निजी संस्थानों और निजी पूंजी पर निर्भर होने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “ऐसे बदलाव का सीधा प्रभाव लाखों विद्यार्थियों पर पड़ेगा, जिनके माता-पिता उन्हें कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ाने के लिए लगातार बड़ी-बड़ी कुर्बानियां दे रहे हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि भारत जैसे देश में उच्च शिक्षा को आर्थिक बाधाओं से सीमित करने के बजाय एक अधिकार के रूप में मजबूत किया जाना चाहिए।</p>
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<p>मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह इस विधेयक के वर्तमान स्वरूप को वापस ले और इसकी व्यापक समीक्षा करे। उन्होंने कहा, “भारत को ऐसे कानून की आवश्यकता नहीं है, जो उच्च शिक्षा का और अधिक केंद्रीकरण करे। हमें ऐसे ढांचे की आवश्यकता है जो विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को उनके क्षेत्रों, उद्योगों, समाजों और युवाओं की आवश्यकताओं से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने की अनुमति दे।”</p>
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<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उच्च शिक्षा की अधिकांश संस्थाएं राज्य सरकारों द्वारा स्थापित, संचालित और वित्तीय रूप से समर्थित होती हैं। इसलिए सुधारों को ऐसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, जो राज्यों को अधिक अधिकार, अधिक लचीलापन और अधिक जिम्मेदारी प्रदान करे। उन्होंने कहा, “राज्यों को अपने युवाओं की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षणिक प्रणालियां विकसित करने के लिए सशक्त बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही केंद्र सरकार को नियामक नियंत्रण बढ़ाने के बजाय उच्च शिक्षा में निवेश बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।”</p>
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<p>मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (ग्रॉस एनरोलमेंट रेशो )को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, “उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, अनुसंधान संस्थानों और तकनीकी संस्थानों को अधिक संसाधनों, मजबूत बुनियादी ढांचे, आधुनिक प्रयोगशालाओं, गुणवत्तापूर्ण फैकल्टी और आवश्यक अनुसंधान निधियों की आवश्यकता है। उन्हें नियंत्रण की अतिरिक्त परतों की आवश्यकता नहीं है।”</p>
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<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना चाहती है, तो उसे प्रशासनिक केंद्रीकरण की बजाय शैक्षणिक निवेश को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालयों को अतिरिक्त नियंत्रण देने के बजाय संसाधन, स्वायत्तता और अवसर दिए जाने चाहिए। यह केवल केंद्र-राज्य संबंधों का प्रश्न नहीं है। यह करोड़ों विद्यार्थियों, उनके परिवारों और भारत के भविष्य से जुड़ा हुआ प्रश्न है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्रगति आम परिवारों के सपनों को साकार करने पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, “जब किसी किसान का बेटा इंजीनियर बनता है, जब किसी मजदूर की बेटी डॉक्टर बनती है और जब किसी छोटे दुकानदार का बच्चा वैज्ञानिक बनता है, तब भारत आगे बढ़ता है। हमारी शिक्षा व्यवस्था को ऐसे सपनों को साकार करना आसान बनाना चाहिए, न कि अधिक कठिन।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अपनी अपील दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार से विधेयक वापस लेने और इसके स्थान पर ऐसा ढांचा लाने की मांग की, जो शिक्षा को अधिक सुलभ, किफायती, उच्च गुणवत्ता वाली और राज्यों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए। उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, “देश शिक्षा पर नियंत्रण करके महान नहीं बनते। देश शिक्षा में निवेश करके महान बनते हैं।”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8216;आप&#8217; ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से की पंजाब के मुख्यमंत्री के खिलाफ फर्जी वीडियो अभियान के पीछे मौजूद लोगों की जांच करने की अपील</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/aap-appeals-to-the-jathedar-of-sri-akal-takht-sahib-to-investigate-those-behind-the-fake-video-campaign-against-the-punjab-chief-minister/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jun 2026 06:08:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से पंजाब के मुख्यमंत्री को निशाना बनाने वाले फर्जी वीडियो अभियान की गहराई से जांच सुनिश्चित करने की अपील की है। पार्टी ने कहा कि 1,100 से अधिक फ्रेम की फॉरेंसिक जांच ने पूरी तरह से साबित कर दिया है कि वीडियो [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से पंजाब के मुख्यमंत्री को निशाना बनाने वाले फर्जी वीडियो अभियान की गहराई से जांच सुनिश्चित करने की अपील की है। पार्टी ने कहा कि 1,100 से अधिक फ्रेम की फॉरेंसिक जांच ने पूरी तरह से साबित कर दिया है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं है। &#8216;आप&#8217; पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि अब सारा ध्यान वीडियो में नजर आने वाले अभिनेता, इसे बनाने और निर्देशित करने वालों, और इस सोची-समझी साजिश के लिए पैसा लगाने वाले व्यक्तियों की पहचान करने की ओर होना चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&#8216;आप&#8217; पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने जत्थेदार साहिब से शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को तलब करने और यह जवाब मांगने की भी अपील की कि दूसरों से पहले उनके पास इस वीडियो के बारे में जानकारी कैसे मौजूद थी। उन्होंने यह भी नोट किया कि &#8216;आप&#8217; पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पहले ही पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को आवश्यक सबूत सौंप चुके हैं और इस पूरे मामले की व्यापक जांच की मांग कर चुके हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एक बयान में &#8216;आप&#8217; पंजाब के राज्य मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लगातार कह रहे हैं कि यह वीडियो असली नहीं है और एक विस्तृत फॉरेंसिक जांच ने पहले ही साबित कर दिया है कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, &#8220;जांच के दौरान वीडियो के 1,100 से अधिक फ्रेम का विश्लेषण किया गया और यह स्पष्ट रूप से साबित हुआ कि इसमें दिखाया गया व्यक्ति सीएम भगवंत सिंह मान नहीं हैं। फॉरेंसिक जांच ने वीडियो के साथ मुख्यमंत्री के किसी भी संबंध को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से सम्मानपूर्वक अपील की कि वह इस मामले की गहराई से जांच सुनिश्चित करें और वीडियो बनाने में शामिल हर व्यक्ति की पहचान करें। बलतेज पन्नू ने कहा, &#8220;अब कई सवालों के जवाब चाहिए। वीडियो में दिखाई देने वाला अभिनेता कौन था? यह किसने बनाया? इसका निर्देशन किसने किया? और सबसे महत्वपूर्ण, इस साजिश को किसने वित्तीय सहायता दी? सच्चाई सामने आनी चाहिए और जिम्मेदार सभी लोगों की पहचान होनी चाहिए।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि पूरे मामले की व्यापक जांच के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। बलतेज पन्नू ने बताया कि पंजाब &#8216;आप&#8217; के अध्यक्ष अमन अरोड़ा और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हाल ही में पुलिस महानिदेशक से मुलाकात करके सारी आवश्यक जानकारी सौंपी थी और साजिश में शामिल हर व्यक्ति को बेनकाब करने के लिए सही जांच की मांग की थी। उन्होंने आगे कहा, &#8220;सबूत पहले ही पुलिस अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। हम एक निष्पक्ष और पक्षपात रहित जांच की उम्मीद करते हैं ताकि इस फर्जी वीडियो अभियान को बनाने, प्रचारित करने और इसे फंड देने वाले हर व्यक्ति की पहचान की जा सके।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बलतेज पन्नू ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से आगे अपील की कि वह शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को तलब करें और इस मुद्दे पर उनके बयानों के बारे में स्पष्टीकरण मांगें। पन्नू ने कहा, &#8220;अगर सुखबीर सिंह बादल यह कह रहे थे कि सीएम भगवंत सिंह मान ने दावा किया था कि वीडियो एआई द्वारा तैयार की गई है, तो यह आंतरिक जानकारी कहां से आई और उन्होंने इसे कैसे हासिल किया? इन सवालों के जवाब मिलने चाहिए। ऐसी जानकारी के स्रोत और जिन परिस्थितियों में यह उन तक पहुंची, उसकी भी जांच होनी चाहिए।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पार्टी के रुख को दोहराते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि इस फर्जी वीडियो अभियान के पीछे की सच्चाई पूरी तरह से सामने आनी चाहिए और एक निष्पक्ष व व्यापक जांच के माध्यम से इसे बनाने, आगे बढ़ाने और इसके लिए पैसा लगाने वाले सभी जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अमृतसर सीमा के पास 27 किलो हेरोइन बरामद, BSF और पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/27-kg-heroin-seized-near-amritsar-border-major-action-by-bsf-and-punjab-police/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 11:47:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BSF]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[TrendingNews]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है। अमृतसर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 27 किलो हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की है। मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="82" data-end="327">पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है। अमृतसर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 27 किलो हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की है।</p>
<p data-start="329" data-end="628">मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि पाकिस्तान में बैठे तस्करों ने ड्रोन की मदद से अमृतसर के घरिंडा क्षेत्र में नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप भेजी है। सूचना मिलते ही बीएसएफ और पंजाब पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं और सीमावर्ती इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया।</p>
<p data-start="630" data-end="895">तलाशी के दौरान पुल मोरां के पास संदिग्ध स्थान की घेराबंदी कर जांच की गई, जहां से 27 किलो हेरोइन बरामद हुई। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के साथ सीमा पार से नशा तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया गया है।</p>
<p data-start="897" data-end="1164">सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह खेप किसके लिए भेजी गई थी और इस नेटवर्क से जुड़े स्थानीय तस्कर कौन हैं। साथ ही ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी करने वाले सीमा पार बैठे तस्करों के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।</p>
<p data-start="1166" data-end="1425">गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले भी अमृतसर के अजनाला-रामदास क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने हथियार तस्करी के एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई के दौरान 25 पिस्तौल, एक AK-47 राइफल, 360 जिंदा कारतूस, 47 मैगजीन और एक बुलेटप्रूफ जैकेट बरामद की गई थी।</p>
<p data-start="1427" data-end="1689" data-is-last-node="" data-is-only-node="">सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन गतिविधियों और तस्करी के प्रयासों को रोकने के लिए लगातार तलाशी और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशा और हथियार तस्करी से मुक्त बनाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, विदेशी हैंडलरों से जुड़े गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/major-crackdown-by-punjab-police-gangster-module-linked-to-foreign-handlers-busted/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 10:39:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#latestnews]]></category>
		<category><![CDATA[#News]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर और काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर ने एक केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त अभियान चलाकर विदेशों में बैठे हैंडलरों से जुड़े एक गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="101" data-end="381">पंजाब पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर और काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर ने एक केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त अभियान चलाकर विदेशों में बैठे हैंडलरों से जुड़े एक गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।</p>
<p data-start="383" data-end="632">इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन विदेशी अत्याधुनिक पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार इन हथियारों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में किया जाना था।</p>
<p data-start="634" data-end="838">इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब के पुलिस महानिदेशक <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Gaurav Yadav</span></span> ने बताया कि मामले में एसएसओसी अमृतसर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।</p>
<p data-start="840" data-end="1200">प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के निर्देश पर काम कर रहे थे। ये गैंगस्टर पंजाब में गैंगवार, फिरौती, हत्या और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपने नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका हथियारों की सप्लाई करना, उन्हें विभिन्न स्थानों तक पहुंचाना और आपराधिक वारदातों में सहयोग करना थी।</p>
<p data-start="1202" data-end="1392">जांच के दौरान यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी अमृतसर में हुए एक हत्या मामले और बटाला में हत्या के प्रयास के एक मामले में भी वांछित थे। पुलिस इन मामलों में भी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।</p>
<p data-start="1394" data-end="1646">पंजाब पुलिस का कहना है कि मॉड्यूल से जुड़े अन्य सदस्यों, सहयोगियों और विदेशों में बैठे हैंडलरों की पहचान के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही इस संगठित अपराध सिंडिकेट की पूरी कार्यप्रणाली और इसके आपराधिक नेटवर्क को उजागर करने के प्रयास जारी हैं।</p>
<p data-start="1648" data-end="1846" data-is-last-node="" data-is-only-node="">पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर 290 सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान के लिए रवाना</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/a-group-of-290-sikh-pilgrims-departed-for-pakistan-on-the-death-anniversary-of-maharaja-ranjit-singh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 09:11:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee की ओर से आज सुबह अमृतसर स्थित एसजीपीसी मुख्यालय से सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था शेर-ए-पंजाब Maharaja Ranjit Singh की बरसी के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना किया गया। श्रद्धालुओं को धार्मिक अरदास के बाद खालसाई जयकारों और शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई। एसजीपीसी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
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<p data-start="99" data-end="438"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee</span></span> की ओर से आज सुबह अमृतसर स्थित एसजीपीसी मुख्यालय से सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था शेर-ए-पंजाब <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Maharaja Ranjit Singh</span></span> की बरसी के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना किया गया। श्रद्धालुओं को धार्मिक अरदास के बाद खालसाई जयकारों और शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई।</p>
<p data-start="440" data-end="676">एसजीपीसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस वर्ष कुल 302 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 290 श्रद्धालुओं को पाकिस्तान का वीजा जारी किया गया। वीजा प्राप्त सभी श्रद्धालु आज जत्थे के साथ पाकिस्तान के लिए रवाना हुए।</p>
<p data-start="678" data-end="908">एसजीपीसी अधिकारियों के मुताबिक यह धार्मिक यात्रा 9 दिनों की होगी। इस दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे। जत्था अपनी यात्रा पूरी करने के बाद 30 जून को भारत लौटेगा।</p>
<p data-start="910" data-end="1111">श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु पहली बार पाकिस्तान में स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन करने जा रहे हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक विशेष और भावुक अवसर बताया।</p>
<p data-start="1113" data-end="1333" data-is-last-node="" data-is-only-node="">रवाना होने से पहले बड़ी संख्या में संगत ने जत्थे को शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित, सफल एवं सुखद यात्रा के लिए अरदास की। श्रद्धालुओं ने भी गुरु घर के दर्शनों का अवसर मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए यात्रा को यादगार बताया।</p>
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		<title>श्री हेमकुंट साहिब यात्रा पर गए निहंग सिंह युवकों से मारपीट दुर्भाग्यपूर्ण: मनप्रीत सिंह इयाली</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/assault-on-nihang-singh-youths-visiting-sri-hemkunt-sahib-is-unfortunate-manpreet-singh-ayali/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 06:52:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तराखंड में पवित्र Sri Hemkunt Sahib यात्रा पर जा रहे निहंग सिंह जत्थेबंदियों के युवकों के साथ कुछ स्थानीय लोगों द्वारा कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना को लेकर वारिस पंजाब दे के नेता Manpreet Singh Iyali ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया है। प्रेस को संबोधित करते हुए मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="112" data-end="405">उत्तराखंड में पवित्र <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Sri Hemkunt Sahib</span></span> यात्रा पर जा रहे निहंग सिंह जत्थेबंदियों के युवकों के साथ कुछ स्थानीय लोगों द्वारा कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना को लेकर वारिस पंजाब दे के नेता <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Manpreet Singh Iyali</span></span> ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया है।</p>
<p data-start="407" data-end="625">प्रेस को संबोधित करते हुए मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि इस घटना से देश-विदेश की सिख संगतों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में वह पंजाब के युवकों और उनके परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।</p>
<p data-start="627" data-end="824">श्री हेमकुंट साहिब यात्रा के संबंध में बोलते हुए इयाली ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित युवकों को हर हाल में न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।</p>
<p data-start="826" data-end="1119">उन्होंने बताया कि मामले के त्वरित और निष्पक्ष समाधान के लिए उत्तराखंड सरकार से संपर्क किया गया है तथा राज्य के मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय भी मांगा गया है। इसके अलावा प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।</p>
<p data-start="1121" data-end="1342">मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इतना है कि श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए तथा भविष्य में किसी भी श्रद्धालु के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।</p>
<p data-start="1344" data-end="1545" data-is-last-node="" data-is-only-node="">उन्होंने केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार से अपील करते हुए कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और श्रद्धालुओं के मन में सुरक्षा एवं विश्वास का माहौल बहाल किया जाए।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>फर्जी वीडियो विवाद ने अकाली दल के झूठे प्रचार को किया बेनकाब, सुखबीर बादल को अंदरूनी जानकारी के स्रोत का करना चाहिए खुलासा: बलतेज पन्न</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/fake-video-controversy-exposes-akali-dals-false-propaganda-sukhbir-badal-must-reveal-the-source-of-his-inside-information-baltej-pannu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 04:32:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने शनिवार को कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा प्रस्तुत वीडियो ने वायरल फर्जी वीडियो विवाद पर शिरोमणि अकाली दल द्वारा चलाए जा रहे झूठे प्रचार और गुमराह करने वाले अभियान की पूरी तरह पोल खोल दी है। बलतेज पन्नू ने कहा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने शनिवार को कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा प्रस्तुत वीडियो ने वायरल फर्जी वीडियो विवाद पर शिरोमणि अकाली दल द्वारा चलाए जा रहे झूठे प्रचार और गुमराह करने वाले अभियान की पूरी तरह पोल खोल दी है। बलतेज पन्नू ने कहा कि फुटेज से स्पष्ट दिखाई देता है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष स्पष्ट तौर पर कहा था कि वायरल क्लिप में दिखने वाला व्यक्ति वे नहीं थे और वह वीडियो फर्जी था। उन्होंने आगे कहा कि 1,100 से अधिक फ्रेम्स की जांच करने वाली दो अलग-अलग फोरेंसिक जांचों ने भी यह सिद्ध कर दिया है कि वीडियो में मौजूद व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मेल नहीं खाता, जिससे मुख्यमंत्री का पहले दिन से लिया गया रुख सही साबित हुआ है।</p>
<p>बलतेज पन्नू ने आगे कहा कि अब जब सच्चाई सामने आ चुकी है, सुखबीर सिंह बादल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे बार-बार यह दावा कैसे कर रहे थे कि उन्हें पता है कि बैठक के दौरान क्या हुआ और उन्हें ऐसी अंदरूनी जानकारी कहां से मिली। उन्होंने यह भी कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से संबंधित सिख संस्थानों के मुद्दों पर कांग्रेस या भाजपा के पास उनकी ऐतिहासिक भूमिकाओं को देखते हुए उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।</p>
<p>एक बयान में आप पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि कई दिनों से अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल बार-बार दावा कर रहे थे कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जत्थेदार के सामने स्वीकार किया था कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके तैयार की गई थी।</p>
<p>हालांकि, जत्थेदार द्वारा प्रस्तुत वीडियो से साफ पता लगता है कि मुख्यमंत्री ने लगातार इसे फर्जी वीडियो बताया है। उन्होंने सवाल किया, &#8220;सुखबीर बादल को यह बताना चाहिए कि उन्हें बैठक के दौरान हुई बातचीत के बारे में जानकारी कहां से मिली? यदि वे दावा कर रहे थे कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वीडियो को एआई द्वारा तैयार बताया था, तो यह अंदरूनी जानकारी कहां से आई थी?&#8221;</p>
<p>आप पंजाब के मीडिया प्रभारी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त लैब्स द्वारा की गई 2 फोरेंसिक जांचों ने निर्णायक तौर पर पुष्टि की है कि वायरल क्लिप में दिखने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा, &#8220;ये नतीजे 1,100 से अधिक फ्रेम्स की जांच पर आधारित हैं, जो स्पष्ट तौर पर दर्शाते हैं कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं है। इस जांच ने शिरोमणि अकाली दल के नेताओं द्वारा फैलाई जा रही झूठी अफवाहों को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।&#8221;</p>
<p>बलतेज पन्नू ने कहा कि जत्थेदार द्वारा वीडियो प्रस्तुत किए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान शुरू से ही सच बोल रहे थे, जबकि जनता को गुमराह करने की कोशिश करने वालों के पास अब कोई जवाब नहीं बचा।</p>
<p>सुखबीर बादल द्वारा प्रस्तावित &#8220;धर्म युद्ध मोर्चा&#8221; की घोषणा पर निशाना साधते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता एक और आंदोलन शुरू करने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उन्हें ऐसे आंदोलनों के इतिहास और महत्व की बहुत कम समझ है। बलतेज पन्नू ने कहा, &#8220;सुखबीर बादल ने एक बार टिप्पणी की थी कि बलतेज पन्नू उन्हें सिख इतिहास समझाएंगे। मैं उन्हें किसी भी जगह और किसी भी समय सिख इतिहास पर बहस करने की चुनौती देता हूं। उनके बयान बार-बार उसी इतिहास के बारे में समझ की कमी को दर्शाते हैं जिसका वे हवाला देने की कोशिश करते हैं।&#8221;</p>
<p>कैबिनेट मंत्रियों अमन अरोड़ा और हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) से मिले प्रतिनिधिमंडल का हवाला देते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पार्टी ने इस पूरी साजिश की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है। बलतेज पन्नू ने कहा, &#8220;हमने डीजीपी को कहा है कि सच्चाई पूरी तरह सामने आनी चाहिए। जांच में वीडियो में दिखाए गए कलाकार, इसके पीछे के निर्माता (प्रोड्यूसर), शामिल निर्देशक (डायरेक्टर) और इसे बनाने तथा वायरल करने के लिए फंड देने वालों की पहचान होनी चाहिए। इस साजिश से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान की जानी चाहिए।&#8221;</p>
<p>बलतेज पन्नू ने सिख संस्थानों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के ऐतिहासिक रुख की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब को ढहाए जाने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार थी। उन्होंने आगे भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी की किताब &#8216;माई कंट्री माई लाइफ&#8217; का हवाला देते हुए दावा किया कि इस किताब में इस कार्रवाई की प्रशंसा करने वाले संदर्भ मौजूद हैं और यह भी कहा गया है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर इस कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए दबाव डाला गया था। बलतेज पन्नू ने कहा, &#8220;इस इतिहास को देखते हुए, लोगों को सिख भावनाओं और संस्थानों से संबंधित मुद्दों पर कांग्रेस और भाजपा दोनों के रुख का बारीकी से मूल्यांकन करना चाहिए।&#8221;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>CM भगवंत सिंह मान को निशाना बनाने वाली फर्जी वीडियो फैलाकर अकाली दल की पंथ विरोधी और पंजाब विरोधी गतिविधियों के खिलाफ आप ने प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन किया</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/the-aap-held-a-state-level-protest-against-the-akali-dals-anti-panth-and-anti-punjab-activities-which-involved-circulating-a-fake-video-targeting-cm-bhagwant-singh-mann/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Jun 2026 12:55:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक गुमराह करने वाली और फर्जी वीडियो के जरिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को बदनाम करने की साजिश के खिलाफ चिट्टा पार्टी (शिरोमणि अकाली दल), इसके अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, ईडी पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के विरुद्ध पूरे पंजाब में व्यापक विरोध प्रदर्शन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक गुमराह करने वाली और फर्जी वीडियो के जरिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को बदनाम करने की साजिश के खिलाफ चिट्टा पार्टी (शिरोमणि अकाली दल), इसके अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, ईडी पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के विरुद्ध पूरे पंजाब में व्यापक विरोध प्रदर्शन किए। &#8216;आप&#8217; के मंत्री, विधायक, वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग प्रदेश भर में सड़कों पर उतर आए और विरोधी पार्टियों पर धर्म का दुरुपयोग करने, झूठा प्रचार फैलाने और पंजाब के लोगों को गुमराह करने तथा प्रदेश की तरक्की को नुकसान पहुंचाने के लिए राजनीतिक साजिश रचने के आरोप लगाए।</p>
<p>फरीदकोट, बरनाला और मानसा से लेकर कपूरथला, मोगा और बादल गांव तक, प्रदर्शनकारियों ने उन ताकतों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की जिन्हें उन्होंने पंजाब विरोधी और पंथ विरोधी बताया, जो राजनीतिक फायदे के लिए बार-बार धार्मिक भावनाओं का शोषण करने और लोगों को बांटने की कोशिश करती आई हैं। उन्होंने दावा किया कि जहां विरोधी पक्ष नफरत, झूठी अफवाहों और निजी हितों की राजनीति कर रहा है, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पारदर्शी प्रशासन, रोजगार के मौके, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कल्याणकारी योजनाओं और विकासोन्मुख राजनीति के जरिए पंजाबियों का दिल जीता है।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब के लोगों ने ऐसी बंटवारे की राजनीति को बार-बार नकारा है और वे मुख्यमंत्री की छवि को खराब करने या प्रदेश की शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और तरक्की को भंग करने की किसी भी साजिश को कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे।</p>
<p>मोहाली में प्रदर्शन के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए &#8216;आप&#8217; के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने शिरोमणि अकाली दल की पंथ विरोधी और पंजाब विरोधी गतिविधियों तथा प्रदेश की शांति-व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने की बार-बार की जा रही कोशिशों के खिलाफ पूरे पंजाब में प्रतीकात्मक प्रदर्शन किए हैं। उन्होंने कहा, &#8220;आज आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता ऐसी ताकतों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए न सिर्फ मोहाली बल्कि पूरे पंजाब में सड़कों पर उतरे हैं। पंजाब के लोग इन साजिशों से पूरी तरह वाकिफ हैं और प्रदेश के हितों को बार-बार नुकसान पहुंचाने वालों को कभी सफल नहीं होने देंगे।&#8221;</p>
<p>भगवंत मान सरकार की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब में बेमिसाल विकास हो रहा है। उन्होंने कहा, &#8220;हमारी सरकार ने पंजाब के नौजवानों को पारदर्शी तरीके से करीब 44,000 सरकारी नौकरियां दी हैं। नौजवानों की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए प्रदेश के गांवों में खेल के मैदान विकसित किए जा रहे हैं। करीब 45,000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जबकि हर घर को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है।&#8221;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-15888" src="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2026/06/4-1-300x169.jpg" alt="" width="1186" height="668" srcset="https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2026/06/4-1-300x169.jpg 300w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2026/06/4-1-1024x576.jpg 1024w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2026/06/4-1-768x432.jpg 768w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2026/06/4-1-150x84.jpg 150w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2026/06/4-1-120x68.jpg 120w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2026/06/4-1-130x73.jpg 130w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2026/06/4-1-356x200.jpg 356w, https://newknowledgenews.com/wp-content/uploads/2026/06/4-1.jpg 1200w" sizes="(max-width: 1186px) 100vw, 1186px" /></p>
<p>हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इन ऐतिहासिक विकास कार्यों ने विरोधी पार्टियों को बेचैन कर दिया है। &#8220;पंजाब में हो रही तेजी से तरक्की को हजम करने में असमर्थ शिरोमणि अकाली दल अब घटिया राजनीति पर उतर आया है। इसने हमारे मुख्यमंत्री की साफ-सुथरी छवि को खराब करने के लिए सोशल मीडिया पर एक मनगढ़ंत और फर्जी वीडियो बनाकर वायरल करने की कोशिश की है। यह उन राजनीतिक ताकतों की निराशा को दर्शाता है जो जनता का समर्थन गंवा चुकी हैं और झूठे प्रचार के जरिए दोबारा अपना अस्तित्व बचाने की नाकाम कोशिश कर रही हैं।&#8221;</p>
<p>आप नेता ने कहा कि यह प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन इस साजिश को पंजाब के लोगों के सामने बेनकाब करने और यह सख्त संदेश देने के लिए किए गए हैं कि झूठ और फरेब पर आधारित राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, &#8220;&#8216;आप&#8217; के कार्यकर्ता इस दुर्भाग्यपूर्ण अभियान का विरोध करने के लिए एकजुट हैं। हम पंजाब की शांति, तरक्की और सामाजिक सद्भाव को भंग करने की किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे। पंजाब के लोग मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी की विकासोन्मुख राजनीति के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।&#8221;</p>
<p>प्रदर्शन में शामिल हुए &#8216;आप&#8217; नेताओं ने दोहराया कि शिरोमणि अकाली दल ने ऐसे हथकंडे इसलिए अपनाए हैं क्योंकि वह लोगों में अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता गंवा चुका है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग सच और झूठ में फर्क करना अच्छी तरह जानते हैं और वे मनगढ़ंत सामग्री तथा प्रचार के जरिए गुमराह करने की सभी कोशिशों को नकार देंगे।</p>
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