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	<title>ReliefCamps &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
	<lastBuildDate>Tue, 16 Sep 2025 06:37:25 +0000</lastBuildDate>
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		<title>बाढ़ में Punjab Government का असली नेतृत्व: CM Bhagwant Mann ने दिखाई मिसाल, जनता के साथ खड़ी रही Government</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Sep 2025 06:37:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[CentralGovernment]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160; पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ ने कई गांवों और इलाकों को तबाह कर दिया। लोग अपने घरों से बेघर हो गए, खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो गईं और कई परिवारों का सबकुछ खत्म हो गया। इस मुश्किल समय में मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार ने जिस तरह से राहत और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ ने कई गांवों और इलाकों को तबाह कर दिया। लोग अपने घरों से बेघर हो गए, खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो गईं और कई परिवारों का सबकुछ खत्म हो गया। इस मुश्किल समय में मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> और उनकी सरकार ने जिस तरह से राहत और बचाव का काम किया, उसने यह साबित कर दिया कि असली लोकतंत्र क्या होता है।</p>
<p><strong>सीएम का जमीनी दौरा </strong><strong>– </strong><strong>कीचड़ में उतरकर लोगों का हाल जाना</strong></p>
<p>अक्सर देखा जाता है कि नेता सिर्फ हेलीकॉप्टर से बाढ़ग्रस्त इलाकों का सर्वे करते हैं और दूर से देखकर चले जाते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद बाढ़ वाले इलाकों में पहुंचे।<br />
वो कीचड़ और पानी में उतरकर सीधे लोगों से मिले, उनका हालचाल पूछा और उनकी परेशानियों को सुना।</p>
<p>इस दौरान उन्होंने कहा –<br />
<strong>“</strong><strong>मैं मुख्यमंत्री नहीं</strong><strong>, </strong><strong>दुःख मंत्री हूं।</strong><strong>”</strong><br />
उनका यह बयान सीधा लोगों के दिलों में उतर गया। इससे लोगों को महसूस हुआ कि उनका नेता सिर्फ सत्ता की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति नहीं, बल्कि उनका अपना साथी है जो मुसीबत के समय उनके साथ खड़ा है।</p>
<p><strong>सिर्फ मुख्यमंत्री नहीं</strong><strong>, </strong><strong>पूरी कैबिनेट मैदान में उतरी</strong></p>
<p>इस बार राहत कार्यों में सिर्फ सीएम ही नहीं, बल्कि पंजाब सरकार के <strong>सभी कैबिनेट मंत्री</strong> भी सक्रिय रहे।<br />
हर मंत्री को अलग-अलग इलाकों, खासकर अमृतसर और सीमावर्ती गांवों में भेजा गया।<br />
वे सिर्फ दिखावा करने नहीं गए, बल्कि सच में मदद करने और राहत का काम करने पहुंचे।<br />
सरकारी मीटिंग्स और औपचारिकताओं को छोड़कर, सरकार ने <strong>मैदान में उतरकर</strong> काम किया।</p>
<p><strong>सबसे बड़ा मुआवज़ा पैकेज </strong><strong>– </strong><strong>किसानों और परिवारों को सीधी मदद</strong></p>
<p>पंजाब सरकार ने वादों से ज्यादा <strong>एक्शन</strong> दिखाया।</p>
<ul>
<li>बाढ़ से तबाह हुई फसलों के लिए किसानों को <strong>₹20,000 </strong><strong>प्रति एकड़</strong> का मुआवज़ा सीधे बैंक खाते में दिया गया।</li>
<li>जिन परिवारों के घर या सदस्य बाढ़ से प्रभावित हुए, उन्हें <strong>₹4 </strong><strong>लाख</strong> की आर्थिक सहायता दी गई।</li>
<li>हर बाढ़ प्रभावित गांव को <strong>₹1 </strong><strong>लाख</strong> तुरंत पुनर्वास के लिए दिया गया।</li>
</ul>
<p>यह अब तक का <strong>भारत का सबसे बड़ा फसल मुआवज़ा पैकेज</strong> माना जा रहा है।</p>
<p><strong>राहत शिविरों में दिखा असली लोकतंत्र</strong></p>
<p>पंजाब सरकार ने 2,300 से ज्यादा गांवों में राहत शिविर लगाए।<br />
इन शिविरों में <strong>खाना बांटने</strong>, <strong>डॉक्टरी कैंप लगाने</strong> और <strong>सफाई अभियान चलाने</strong> का काम किया गया।<br />
यहां सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि आम लोग और स्थानीय स्वयंसेवक भी आगे आए।</p>
<p>कई जगहों पर लोग खुद राहत सामग्री लेकर पहुंचे।<br />
लोगों ने अपने गांवों और बाज़ारों में दूसरों को जानकारी दी और मदद पहुंचाई।<br />
इससे यह साफ हुआ कि जब सरकार और जनता साथ मिलकर काम करते हैं, तभी लोकतंत्र का असली रूप सामने आता है।</p>
<p><strong>गणतंत्र दिवस पर बचाव का असली जश्न</strong></p>
<p>जब पूरा देश <strong>गणतंत्र दिवस (</strong><strong>Republic Day)</strong> मनाने में व्यस्त था, पंजाब सरकार ने उस दिन को <strong>राहत और बचाव का दिन</strong> बना दिया।<br />
जहां बाकी जगहों पर औपचारिक झंडारोहण और परेड हो रही थी, वहीं पंजाब में सरकार और लोग मिलकर बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद कर रहे थे।</p>
<p>इससे यह संदेश गया कि लोकतंत्र का मतलब सिर्फ झंडा फहराना या भाषण देना नहीं है, बल्कि <strong>लोगों को ताकत</strong><strong>, </strong><strong>उम्मीद और राहत देना</strong> है।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल</strong></p>
<p>खबर में यह भी सामने आया कि इस दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आई।<br />
न तो पीएम की तरफ से कोई बयान आया, न ही पंजाब के लिए कोई विशेष मदद का ऐलान हुआ।</p>
<p>लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री विदेशों में हो रही घटनाओं पर तो जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं,<br />
लेकिन इस बार अपने ही देश के नागरिकों की मुसीबत पर खामोश रहे।<br />
जबकि पंजाब में सीएम और उनकी टीम जमीनी स्तर पर काम कर रही थी।</p>
<p>यह तुलना अपने आप में बहुत कुछ कहती है और यह दिखाती है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में जनता कितनी पीछे रह गई है।</p>
<p><strong>लोकतंत्र का असली मतलब </strong><strong>– </strong><strong>जनता और सरकार का साथ</strong></p>
<p>लोकतंत्र का अर्थ है <strong>“</strong><strong>जनता की</strong><strong>, </strong><strong>जनता के लिए</strong><strong>, </strong><strong>और जनता द्वारा</strong><strong>”</strong>।<br />
पंजाब ने इस बाढ़ में यह बात सही मायनों में साबित कर दी।</p>
<p>जब लोग यह महसूस करते हैं कि सरकार उनकी है और उनके लिए काम कर रही है,<br />
तभी लोकतंत्र मजबूत होता है।<br />
इस बार न सिर्फ सरकार ने मदद की, बल्कि <strong>आम लोग भी आगे आए</strong>।</p>
<ul>
<li>सफाई अभियान से लेकर</li>
<li>मेडिकल कैंप तक</li>
<li>किसानों की समस्याओं को नीतियों में शामिल करने तक</li>
</ul>
<p>हर जगह जनता और सरकार की साझेदारी नजर आई।</p>
<p>जैसे-जैसे बाढ़ का पानी घट रहा है, वैसे-वैसे यह साबित हो रहा है कि यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं थी, बल्कि <strong>एकता और असली नेतृत्व की मिसाल</strong> भी थी।</p>
<p>पंजाब ने दिखाया कि लोकतंत्र सिर्फ <strong>एक दिन का त्योहार</strong> नहीं, बल्कि एक <strong>निरंतर वादा</strong> है।<br />
जब कभी इस बाढ़ का जिक्र होगा, यह कहानी हमेशा याद रखी जाएगी कि सरकार और जनता ने <strong>एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा</strong>।</p>
<p>सीएम भगवंत मान और उनकी सरकार को हमेशा उस सरकार के रूप में याद किया जाएगा जिसने सिर्फ भाषण नहीं, बल्कि असली काम किया और लोकतंत्र को जिया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab में बाढ़ का कहर: अब तक 46 Dead, 22,854 लोग सुरक्षित निकाले गए, 1.74 Lakh Hectares फसल बर्बाद</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/punjab-flood-havoc-46-dead-22854-rescued-1-74-lakh-hectares-of-crops-destroyed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Sep 2025 04:23:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[CropsDamage]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterManagement]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterRelief]]></category>
		<category><![CDATA[FloodAlert]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
		<category><![CDATA[GovernmentAction]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFlood]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefCamps]]></category>
		<category><![CDATA[RescueMission]]></category>
		<category><![CDATA[RescueOperation]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में हालात और बिगड़ गए हैं। बाढ़ का पानी कई नए इलाकों में फैल गया है, जिससे गांवों, फसलों और लोगों की ज़िंदगी पर बड़ा असर पड़ा है। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं, लेकिन अब भी स्थिति गंभीर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में हालात और बिगड़ गए हैं। बाढ़ का पानी कई नए इलाकों में फैल गया है, जिससे गांवों, फसलों और लोगों की ज़िंदगी पर बड़ा असर पड़ा है। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं, लेकिन अब भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।</p>
<p><strong>नए गांव और आबादी बाढ़ की चपेट में</strong></p>
<p>राज्य के <strong>राजस्व</strong><strong>, </strong><strong>पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां</strong> ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में <strong>48 </strong><strong>और गांव</strong> बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।</p>
<ul>
<li>इन गांवों में <strong>2,691 </strong><strong>लोग</strong> सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।</li>
<li><strong>2,131 </strong><strong>हेक्टेयर</strong> में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं।</li>
</ul>
<p>अब तक पूरे पंजाब के <strong>22 </strong><strong>जिलों के </strong><strong>1,996 </strong><strong>गांव</strong> बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जिससे <strong>3,87,013 </strong><strong>लोगों</strong> की ज़िंदगी प्रभावित हुई है।</p>
<p><strong>जिलेवार नए प्रभावित गांव (पिछले </strong><strong>24 </strong><strong>घंटे में):</strong></p>
<ul>
<li>जालंधर – 19</li>
<li>लुधियाना – 13</li>
<li>फिरोजपुर – 6</li>
<li>अमृतसर – 5</li>
<li>होशियारपुर – 4</li>
<li>फाजिल्का – 1</li>
</ul>
<p><strong>अब तक </strong><strong>22,854 </strong><strong>लोगों को सुरक्षित निकाला गया</strong></p>
<p>पिछले 24 घंटों में राहत टीमों ने <strong>925 </strong><strong>और लोगों को सुरक्षित निकाला</strong>, जिससे अब तक <strong>22,854 </strong><strong>लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से बाहर निकाला गया है।</strong></p>
<p><strong>सबसे अधिक लोगों को बचाने वाले जिले:</strong></p>
<ul>
<li>गुरदासपुर – 5,581</li>
<li>फाजिल्का – 4,202</li>
<li>फिरोजपुर – 3,888</li>
<li>अमृतसर – 3,260</li>
<li>होशियारपुर – 1,616</li>
<li>कपूरथला – 1,428</li>
<li>पठानकोट – 1,139</li>
</ul>
<p><strong>राहत कैंपों में </strong><strong>6,121 </strong><strong>लोग ठहरे</strong></p>
<p>राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए राहत कैंप स्थापित किए हैं।</p>
<ul>
<li>इस समय <strong>139 </strong><strong>राहत कैंप सक्रिय</strong> हैं, जहां <strong>6,121 </strong><strong>लोग</strong> ठहरे हुए हैं।</li>
<li>बाढ़ की शुरुआत से अब तक <strong>219 </strong><strong>कैंप स्थापित</strong> किए गए।</li>
</ul>
<p><strong>जिलेवार राहत कैंप की जानकारी:</strong></p>
<ul>
<li>फाजिल्का – 14 कैंप, 2,588 लोग</li>
<li>बरनाला – 49 कैंप, 527 लोग</li>
<li>होशियारपुर – 4 कैंप, 921 लोग</li>
<li>रूपनगर – 5 कैंप, 250 लोग</li>
<li>मोगा – 3 कैंप, 155 लोग</li>
<li>मानसा – 2 कैंप, 89 लोग</li>
</ul>
<p><strong>मौतों का आंकड़ा </strong><strong>46 </strong><strong>तक पहुंचा</strong><strong>, 3 </strong><strong>लोग लापता</strong></p>
<ul>
<li>पिछले 24 घंटों में <strong>अमृतसर और रूपनगर में </strong><strong>3 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हुई।</li>
<li>अब तक <strong>14 </strong><strong>जिलों में कुल </strong><strong>46 </strong><strong>लोगों की जान गई।</strong></li>
<li>पठानकोट जिले में <strong>3 </strong><strong>लोग अब भी लापता</strong> हैं।</li>
</ul>
<p><strong>फसलों को भारी नुकसान</strong></p>
<p>पंजाब की खेती को इस बाढ़ ने गहरा झटका दिया है।</p>
<ul>
<li>अब तक <strong>1.74 </strong><strong>लाख हेक्टेयर कृषि भूमि</strong> बर्बाद हो चुकी है।</li>
<li>सिर्फ पिछले 24 घंटों में <strong>2,131 </strong><strong>हेक्टेयर</strong> फसल और डूब गई।</li>
</ul>
<p><strong>सबसे अधिक फसल नुकसान वाले जिले:</strong></p>
<ul>
<li>गुरदासपुर – 40,169 हेक्टेयर</li>
<li>फाजिल्का – 18,649 हेक्टेयर</li>
<li>कपूरथला – 17,574 हेक्टेयर</li>
<li>फिरोजपुर – 17,257 हेक्टेयर</li>
<li>तरन तारन – 12,828 हेक्टेयर</li>
<li>होशियारपुर – 8,322 हेक्टेयर</li>
<li>संगरूर – 6,560 हेक्टेयर</li>
<li>एस.ए.एस नगर – 2,000 हेक्टेयर</li>
</ul>
<p><strong>राहत और बचाव में लगी टीमें</strong></p>
<p>राज्य में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।</p>
<ul>
<li><strong>एनडीआरएफ की </strong><strong>23 </strong><strong>टीमें</strong> अमृतसर, फाजिल्का, गुरदासपुर, फिरोजपुर, जालंधर, होशियारपुर, पटियाला, लुधियाना, पठानकोट और रूपनगर में काम कर रही हैं।</li>
<li><strong>एसडीआरएफ की </strong><strong>2 </strong><strong>टीमें</strong> कपूरथला में तैनात।</li>
<li><strong>भारतीय फौज की </strong><strong>27 </strong><strong>टुकड़ियां और </strong><strong>7 </strong><strong>इंजीनियर टास्क फोर्स</strong> सक्रिय।</li>
<li><strong>भारतीय वायु सेना और फौज के </strong><strong>9 </strong><strong>हेलीकॉप्टर</strong> राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को बचाने में लगे हुए हैं।</li>
<li><strong>बीएसएफ</strong> फिरोजपुर सेक्टर में सहयोग कर रही है।</li>
<li><strong>स्टेट हेलीकॉप्टर </strong><strong>– 1</strong></li>
<li><strong>कश्तियां </strong><strong>– 158</strong></li>
</ul>
<p><strong>सरकार की प्राथमिकता: लोगों की सुरक्षा</strong></p>
<p>मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता <strong>लोगों की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना</strong> है। उन्होंने बताया कि सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन दिन-रात राहत और बचाव कार्यों में जुटे हैं।</p>
<p>उन्होंने सशस्त्र सेनाओं और सभी एजेंसियों का धन्यवाद करते हुए कहा,</p>
<p>&#8220;हम मिलकर इस मुश्किल घड़ी से बाहर निकलेंगे। सरकार हर प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचाएगी और उनके पुनर्वास के लिए हर संभव कदम उठाएगी।&#8221;</p>
<p>पंजाब में बाढ़ से हालात बेहद गंभीर हैं। हजारों लोग बेघर हो गए हैं, फसलें बर्बाद हो गई हैं और कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। सरकार और राहत एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं, लेकिन स्थिति को सामान्य होने में समय लग सकता है।</p>
<p>लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab में बाढ़ का कहर: 2.56 Lakh लोग प्रभावित, 29 की मौत, हजारों को Relief Camps में ठहराया गया</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/flood-havoc-in-punjab-2-56-lakh-people-affected-29-dead-thousands-sheltered-in-relief-camps/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Sep 2025 04:47:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterRelief]]></category>
		<category><![CDATA[FloodAlert]]></category>
		<category><![CDATA[FloodHavoc]]></category>
		<category><![CDATA[FloodImpact]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ ने हालात काफी बिगाड़ दिए हैं। खेत, घर, सड़कें और गांव पानी में डूब गए हैं। लोगों की ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। पंजाब सरकार ने बताया कि अब तक 2.56 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 15,688 लोगों को सुरक्षित [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ ने हालात काफी बिगाड़ दिए हैं। खेत, घर, सड़कें और गांव पानी में डूब गए हैं। लोगों की ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। पंजाब सरकार ने बताया कि अब तक <strong>2.56 </strong><strong>लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं</strong>। इनमें से <strong>15,688 </strong><strong>लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है</strong>, जबकि <strong>7,144 </strong><strong>लोग राहत कैंपों में ठहरे हुए हैं</strong>।</p>
<p>राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री <strong>हरदीप सिंह मुंडियां</strong> ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार पूरी ताकत से राहत और बचाव कार्य कर रही है।</p>
<p><strong>कितने लोग प्रभावित और कहां से निकाले गए</strong><strong>?</strong></p>
<ul>
<li>सबसे ज़्यादा असर <strong>गुरदासपुर जिले</strong> पर पड़ा है, जहां <strong>1.45 </strong><strong>लाख लोग प्रभावित</strong> हुए हैं।</li>
<li>अमृतसर (35,000), फिरोजपुर (24,015), फाजिल्का (21,562), पठानकोट (15,053) और SAS नगर (7,000) भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।</li>
<li>अब तक <strong>गुरदासपुर से </strong><strong>5,549, </strong><strong>फिरोजपुर से </strong><strong>3,321, </strong><strong>फाजिल्का से </strong><strong>2,049, </strong><strong>अमृतसर से </strong><strong>1,700 </strong><strong>और पठानकोट से </strong><strong>1,139 </strong><strong>लोगों को सुरक्षित निकाला गया है</strong>।</li>
<li>बाकी जिलों जैसे होशियारपुर, कपूरथला, मोगा, मानसा, बरनाला आदि से भी लोग निकाले गए हैं।</li>
</ul>
<p><strong>राहत कैंप और लोगों की स्थिति</strong></p>
<ul>
<li>पूरे राज्य में <strong>129 </strong><strong>राहत कैंप</strong> लगाए गए हैं।</li>
<li>इनमें सबसे ज्यादा कैंप गुरदासपुर (25), पटियाला (20), होशियारपुर (20) और अमृतसर (16) में हैं।</li>
<li>कैंपों में फिलहाल <strong>7,144 </strong><strong>लोग रह रहे हैं</strong>।
<ul>
<li>इनमें सबसे ज्यादा फिरोजपुर (3,987), फाजिल्का (1,201), होशियारपुर (478), पठानकोट (411) और गुरदासपुर (424) शामिल हैं।</li>
</ul>
</li>
</ul>
<p>कैंपों में लोगों को <strong>खाना</strong><strong>, </strong><strong>दवाइयां और बेसिक सुविधाएं</strong> दी जा रही हैं।</p>
<p><strong>मौतें और लापता लोग</strong></p>
<p>बाढ़ ने अब तक <strong>29 </strong><strong>लोगों की जान ले ली है</strong>।</p>
<ul>
<li>सबसे ज्यादा मौतें पठानकोट (6) में हुई हैं।</li>
<li>अमृतसर, बरनाला, होशियारपुर, लुधियाना और मानसा में 3-3 मौतें हुईं।</li>
<li>रूपनगर में भी 3 मौतें हुईं।</li>
<li>बठिंडा, पटियाला, SAS नगर और संगरूर में 1-1 व्यक्ति की जान गई।<br />
इसके अलावा पठानकोट जिले में <strong>3 </strong><strong>लोग अभी भी लापता हैं</strong>।</li>
</ul>
<p><strong>किसानों और फसलों का बड़ा नुकसान</strong></p>
<p>बाढ़ का सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ा है।</p>
<ul>
<li><strong>94,061 </strong><strong>हेक्टेयर जमीन</strong> फसलों के साथ प्रभावित हुई है।</li>
<li>सबसे ज्यादा नुकसान अमृतसर (23,000 हेक्टेयर), मानसा (17,005), कपूरथला (14,934), तरन तारन (11,883) और फिरोजपुर (11,232) जिलों में हुआ है।</li>
<li>कई अन्य जिलों जैसे पटियाला, जालंधर, मोगा, लुधियाना, बठिंडा और मुक्तसर साहिब में भी फसलें डूब गई हैं।</li>
</ul>
<p><strong>बचाव और राहत कार्य</strong></p>
<ul>
<li>राज्य में <strong>NDRF </strong><strong>की </strong><strong>20 </strong><strong>टीमें</strong> तैनात हैं।</li>
<li>आर्मी, एयरफोर्स और नेवी की 10 टुकड़ियां बचाव कार्य कर रही हैं, जबकि 8 रिज़र्व पर रखी गई हैं।</li>
<li><strong>35 </strong><strong>हेलीकॉप्टर</strong> भी राहत कार्यों के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं।</li>
<li>BSF और इंजीनियर टीमें भी मदद में लगी हैं।</li>
<li>इसके अलावा राज्य सरकार ने <strong>114 </strong><strong>नावें और </strong><strong>1 </strong><strong>हेलीकॉप्टर</strong> राहत कार्यों के लिए लगाए हैं।</li>
</ul>
<p><strong>सरकार की अपील</strong></p>
<p>राजस्व मंत्री ने कहा कि हालात कठिन हैं लेकिन सरकार ने वादा किया है कि हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचाई जाएगी। <strong>DC </strong><strong>को निर्देश दिए गए हैं कि नुकसान का जल्दी आकलन करें</strong><strong>, </strong><strong>ताकि मुआवज़ा समय पर दिया जा सके।</strong></p>
<p>कुल मिलाकर, पंजाब में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। हजारों लोग बेघर हो चुके हैं और लाखों प्रभावित हैं। लेकिन सरकार, सेना और अन्य एजेंसियां <strong>युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य</strong> कर रही हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab में बाढ़ से अब तक 14,936 लोग rescue किए गए, 122 relief camps में 6,582 लोग ठहरे</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/14936-people-rescued-so-far-from-punjab-floods-6582-sheltered-in-122-relief-camps/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Sep 2025 03:55:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[#Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterManagement]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
		<category><![CDATA[Floods]]></category>
		<category><![CDATA[LatestUpdates]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFloods]]></category>
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		<category><![CDATA[RescueMission]]></category>
		<category><![CDATA[RescueOperation]]></category>
		<category><![CDATA[StaySafe]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है, लेकिन राहत और बचाव कार्य भी पूरी तेज़ी से चल रहे हैं। राज्य के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि अब तक 14,936 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया गया है। उन्होंने कहा कि NDRF, SDRF, Army, Punjab [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है, लेकिन राहत और बचाव कार्य भी पूरी तेज़ी से चल रहे हैं। राज्य के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री <strong>स. हरदीप सिंह मुंडियां</strong> ने बताया कि अब तक <strong>14,936 </strong><strong>लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया गया है।</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि <strong>NDRF, SDRF, Army, Punjab Police </strong><strong>और स्थानीय प्रशासन</strong> पूरी मुस्तैदी के साथ दिन-रात काम कर रहे हैं। इसके अलावा कई <strong>NGOs </strong><strong>और समाजसेवी संस्थाएँ</strong> भी आगे आकर मदद कर रही हैं।</p>
<p><strong>कितने लोग निकाले गए </strong><strong>– </strong><strong>जिलेवार</strong></p>
<ul>
<li>अमृतसर – 1,700</li>
<li>बरनाला – 25</li>
<li>फाजिल्का – 1,599</li>
<li>फिरोज़पुर – 3,265</li>
<li>गुरदासपुर – 5,456</li>
<li>होशियारपुर – 1,052</li>
<li>कपूरथला – 362</li>
<li>मानसा – 163</li>
<li>मोगा – 115</li>
<li>पठानकोट – 1,139</li>
<li>तरनतारन – 60</li>
</ul>
<p><strong>राहत शिविरों की स्थिति</strong></p>
<p>इस समय पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों में <strong>122 </strong><strong>राहत शिविर (</strong><strong>Relief Camps)</strong> चल रहे हैं, जहाँ कुल <strong>6,582 </strong><strong>लोग ठहरे हुए हैं।</strong></p>
<p><strong>जिलेवार शिविरों की संख्या</strong></p>
<ul>
<li>अमृतसर – 16</li>
<li>बरनाला – 1</li>
<li>फाजिल्का – 7</li>
<li>फिरोज़पुर – 8</li>
<li>गुरदासपुर – 25</li>
<li>होशियारपुर – 20</li>
<li>कपूरथला – 4</li>
<li>मानसा – 1</li>
<li>मोगा – 5</li>
<li>पठानकोट – 14</li>
<li>संगरूर – 1</li>
<li>पटियाला – 20</li>
</ul>
<p><strong>शिविरों में ठहरे लोग</strong></p>
<ul>
<li>अमृतसर – 170</li>
<li>बरनाला – 25</li>
<li>फाजिल्का – 652</li>
<li>फिरोज़पुर – 3,987</li>
<li>गुरदासपुर – 411</li>
<li>होशियारपुर – 478</li>
<li>कपूरथला – 110</li>
<li>मानसा – 163</li>
<li>मोगा – 115</li>
<li>पठानकोट – 411</li>
<li>संगरूर – 60</li>
</ul>
<p><strong>बचाव दल और सुविधाएँ</strong></p>
<ul>
<li><strong>NDRF </strong><strong>की टीमें:</strong> गुरदासपुर में 6, फाजिल्का, फिरोज़पुर, पठानकोट और अमृतसर में 1-1।</li>
<li><strong>SDRF </strong><strong>की टीमें:</strong> कपूरथला में 2।</li>
<li><strong>Army, Navy </strong><strong>और </strong><strong>Air Force:</strong> कपूरथला, गुरदासपुर, फिरोज़पुर और पठानकोट में सक्रिय।</li>
<li><strong>BSF </strong><strong>की टीमें:</strong> गुरदासपुर और फिरोज़पुर में 1-1।</li>
<li><strong>Punjab Police </strong><strong>और </strong><strong>Fire Brigade:</strong> कपूरथला और फिरोज़पुर में लगातार काम कर रही हैं।</li>
</ul>
<p>नावों की तैनाती:</p>
<ul>
<li>कपूरथला – 15</li>
<li>फिरोज़पुर – 12</li>
<li>पठानकोट – 4<br />
इसके अलावा जहाँ <strong>airlift</strong> की ज़रूरत पड़ती है, वहाँ तुरंत हेलिकॉप्टर से कार्रवाई की जा रही है।</li>
</ul>
<p><strong>कितने गाँव प्रभावित</strong></p>
<p>राज्य में अब तक <strong>1,312 </strong><strong>गाँव बाढ़ से प्रभावित</strong> हुए हैं।</p>
<ul>
<li>अमृतसर – 93</li>
<li>बरनाला – 26</li>
<li>बठिंडा – 21</li>
<li>फतेहगढ़ साहिब – 1</li>
<li>फाजिल्का – 92</li>
<li>फिरोज़पुर – 107</li>
<li>गुरदासपुर – 324</li>
<li>होशियारपुर – 86</li>
<li>जालंधर – 55</li>
<li>कपूरथला – 123</li>
<li>लुधियाना – 26</li>
<li>मालेरकोटला – 4</li>
<li>मानसा – 77</li>
<li>मोगा – 35</li>
<li>पठानकोट – 81</li>
<li>पटियाला – 14</li>
<li>रूपनगर – 2</li>
<li>संगरूर – 22</li>
<li>एस.ए.एस. नगर – 1</li>
<li>एस.बी.एस. नगर – 3</li>
<li>श्री मुक्तसर साहिब – 74</li>
<li>तरनतारन – 45</li>
</ul>
<p><strong>मंत्री का बयान</strong></p>
<p>स. हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है ताकि लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और उन्हें सभी सुविधाएँ उपलब्ध हों। उन्होंने उन सभी संस्थाओं और जवानों का धन्यवाद किया जो इस मुश्किल घड़ी में लोगों की मदद कर रहे हैं।</p>
<p>मतलब साफ है कि <strong>पंजाब में बाढ़ की चुनौती बड़ी है</strong><strong>, </strong><strong>लेकिन राहत कार्य भी उसी तेज़ी से हो रहे हैं।</strong> सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर इस आपदा से निपटने में लगे हुए हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Punjab में Flood Relief Operations तेज़: अब तक 11,330 लोग Rescued, 4,729 को मिला Camps में Sheltere</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/flood-relief-operations-in-punjab-intensify-11330-rescued-4729-sheltered-in-camps/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 Aug 2025 04:52:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterManagement]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
		<category><![CDATA[FloodUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[HumanityFirst]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFloods]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefCamps]]></category>
		<category><![CDATA[RescueMission]]></category>
		<category><![CDATA[RescueOperation]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। पंजाब सरकार की मुस्तैदी और रेस्क्यू एजेंसियों की सक्रियता के चलते हजारों लोगों को अब तक सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। पिछले 24 घंटे की स्थिति बीते 24 घंटों में 4,711 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। पंजाब सरकार की मुस्तैदी और रेस्क्यू एजेंसियों की सक्रियता के चलते हजारों लोगों को अब तक सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।</p>
<h3>पिछले 24 घंटे की स्थिति</h3>
<p>बीते 24 घंटों में <strong>4,711 </strong><strong>लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।</strong> इनमें फिरोज़पुर के 812, गुरदासपुर के 2,571, मोगा के 4, तरन तारन के 60, बरनाला के 25 और फाज़िल्का के 1,239 लोग शामिल हैं।</p>
<h3>अब तक का कुल बचाव</h3>
<p>विभिन्न ज़िलों से मिली रिपोर्टों के अनुसार अब तक <strong>11,330 </strong><strong>लोगों को बाढ़ के पानी से बचाकर निकाला गया है।</strong> इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित <strong>गुरदासपुर</strong> से 4,771 लोगों को निकाला गया। इसके अलावा फिरोज़पुर (2,819), होशियारपुर (1,052), कपूरथला (240), पठानकोट (1,100), फाज़िल्का (1,239), मोगा (24), तरन तारन (60) और बरनाला (25) के लोग भी बचाए गए।</p>
<h3>राहत शिविर और आश्रय</h3>
<p>बाढ़ प्रभावित इलाकों में <strong>87 </strong><strong>राहत शिविर</strong> बनाए गए हैं, जिनमें से <strong>77 </strong><strong>इस समय सक्रिय</strong> हैं। इन शिविरों में कुल <strong>4,729 </strong><strong>लोग रह रहे हैं।</strong></p>
<ul>
<li>फिरोज़पुर के 8 शिविरों में सबसे ज्यादा 3,450 लोग रह रहे हैं।</li>
<li>होशियारपुर के 20 शिविरों में 478 लोग,</li>
<li>कपूरथला के 4 शिविरों में 110 लोग,</li>
<li>गुरदासपुर के 12 शिविरों में 255 लोग,</li>
<li>पठानकोट के 14 शिविरों में 411 लोग और</li>
<li>बरनाला के 1 शिविर में 25 लोग रह रहे हैं।</li>
</ul>
<p>फाज़िल्का (11 शिविर), मोगा (5 शिविर) और अमृतसर (2 शिविर) में भी प्रशासन ने इंतज़ाम किए हैं।</p>
<h3>राहत सामग्री वितरण</h3>
<p>प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावितों तक मदद पहुँचा रहा है। कपूरथला में 15, 27, 28 और 29 अगस्त को ज़रूरी सामग्री वितरित की गई और ज़रूरत पड़ने पर यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। इसी तरह <strong>फिरोज़पुर, </strong><strong>गुरदासपुर, </strong><strong>मोगा, </strong><strong>पठानकोट, </strong><strong>फाज़िल्का और बरनाला</strong> में भी राहत सामग्री का वितरण नियमित रूप से हो रहा है।</p>
<h3>रेस्क्यू टीमों की भूमिका</h3>
<p>बचाव कार्य में <strong>NDRF, SDRF, </strong><strong>सेना, BSF, </strong><strong>एयरफोर्स और पंजाब पुलिस</strong> मिलकर काम कर रही हैं।</p>
<ul>
<li>गुरदासपुर में NDRF की 7 टीमें</li>
<li>फाज़िल्का और फिरोज़पुर में 1-1 टीम</li>
<li>पठानकोट में 2 टीमें सक्रिय हैं।</li>
<li>कपूरथला में SDRF की 2 टीमें तैनात हैं।</li>
</ul>
<p>इसके अलावा कपूरथला, गुरदासपुर, फिरोज़पुर और पठानकोट में <strong>सेना, BSF </strong><strong>और एयरफोर्स</strong> ने भी मोर्चा संभाला हुआ है। पंजाब पुलिस और सिविल प्रशासन स्थानीय लोगों की मदद से लगातार राहत कार्य में जुटे हैं।</p>
<h3>प्रभावित गाँव</h3>
<p>बाढ़ की मार से अब तक <strong>1,018 </strong><strong>गाँव प्रभावित</strong> हुए हैं।</p>
<ul>
<li>गुरदासपुर सबसे ज्यादा प्रभावित (323 गाँव)</li>
<li>कपूरथला (107),</li>
<li>फिरोज़पुर (101),</li>
<li>होशियारपुर (85),</li>
<li>पठानकोट (81),</li>
<li>श्री मुक्तसर साहिब (64),</li>
<li>तरन तारन (45),</li>
<li>फाज़िल्का (52),</li>
<li>मोगा (35),</li>
<li>संगरूर (22) गाँव शामिल हैं।</li>
</ul>
<h3>कृषि और आर्थिक नुकसान</h3>
<p>बाढ़ से पंजाब की अर्थव्यवस्था और खेती को भी बड़ा झटका लगा है।</p>
<ul>
<li>फाज़िल्का: <strong>16,632 </strong><strong>हेक्टेयर (41,099 </strong><strong>एकड़)</strong></li>
<li>कपूरथला: 11,620 हेक्टेयर</li>
<li>फिरोज़पुर: 10,806 हेक्टेयर</li>
<li>तरन तारन: 9,928 हेक्टेयर</li>
<li>पठानकोट: 7,000 हेक्टेयर</li>
<li>होशियारपुर: 5,287 हेक्टेयर ज़मीन पर फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।</li>
</ul>
<p>इसके अलावा पशुधन को भी काफी नुकसान पहुँचा है।</p>
<p>पंजाब में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, लेकिन सरकार, प्रशासन और राहत एजेंसियों की सक्रियता से लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। राहत शिविरों में ठहरे लोगों के लिए खाना, पानी और अन्य ज़रूरी सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जा रही हैं। साथ ही, प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के नुकसान का आंकलन भी जारी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Minister and MLA Reach Flood-Hit Villages with Relief Material, Appeal to People to Move to Safer Places</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/minister-and-mla-reach-flood-hit-villages-with-relief-material-appeal-to-people-to-move-to-safer-places/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Aug 2025 04:16:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[DrBaljitKaur]]></category>
		<category><![CDATA[FazilkaFlood]]></category>
		<category><![CDATA[FloodAlert]]></category>
		<category><![CDATA[FloodControlRoom]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
		<category><![CDATA[HeavyRain]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon]]></category>
		<category><![CDATA[NarinderPalSinghSavna]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFloods]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabMinister]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefCamps]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefMaterial]]></category>
		<category><![CDATA[StaySafe]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=7522</guid>

					<description><![CDATA[पंजाब में लगातार हो रही बरसात और पहाड़ों से आ रहा तेज़ पानी फ़ाज़िल्का ज़िले में खतरा बढ़ा रहा है। इसी बीच, पंजाब की कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर और फ़ाज़िल्का के विधायक नरिंदर पाल सिंह सवना रविवार को बाढ़ प्रभावित गाँव तेजा रुहेला और चक्क रुहेला पहुँचे। यहाँ उन्होंने लोगों को राशन किट और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब में लगातार हो रही बरसात और पहाड़ों से आ रहा तेज़ पानी फ़ाज़िल्का ज़िले में खतरा बढ़ा रहा है। इसी बीच, पंजाब की कैबिनेट मंत्री <strong>डॉ. बलजीत कौर</strong> और फ़ाज़िल्का के विधायक <strong>नरिंदर पाल सिंह सवना</strong> रविवार को बाढ़ प्रभावित गाँव <strong>तेजा रुहेला और चक्क रुहेला</strong> पहुँचे। यहाँ उन्होंने लोगों को <strong>राशन किट और कैटल फीड (पशुओं का चारा)</strong> बाँटा और हालात का जायज़ा लिया।</p>
<p><strong>1.7 </strong><strong>लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया</strong></p>
<p>डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण <strong>हरीके हेडवर्क्स से करीब </strong><strong>1.7 </strong><strong>लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।</strong><br />
यह पानी सतलुज क्रीक से गुज़रते हुए कल तक फ़ाज़िल्का पहुँच सकता है, जिससे पानी का स्तर और बढ़ जाएगा। उन्होंने गाँव वालों से अपील की कि महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग समय रहते <strong>सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ।</strong></p>
<p><strong>सरकार के राहत कैंप और टीमें एक्टिव</strong></p>
<p>कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के निर्देशों पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में <strong>राहत कैंप</strong> बनाए गए हैं।</p>
<ul>
<li>स्वास्थ्य विभाग,</li>
<li>पशुपालन विभाग,</li>
<li>जल आपूर्ति व स्वच्छता विभाग,</li>
<li>राजस्व विभाग</li>
</ul>
<p>की टीमें लगातार गाँवों में जाकर लोगों की मदद कर रही हैं। उन्होंने बताया कि <strong>गर्भवती महिलाओं और बच्चों</strong> को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है और उन्हें ज़रूरी फ़ीड और दवाइयाँ तुरंत उपलब्ध करवाई जा रही हैं।</p>
<p><strong>विधायक का बयान </strong><strong>– </strong><strong>हर संभव मदद जारी</strong></p>
<p>विधायक <strong>नरिंदर पाल सिंह सवना</strong> ने कहा कि सरकार गाँव-गाँव जाकर बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रही है।</p>
<ul>
<li>लोगों को <strong>राशन किट</strong> दी जा रही है,</li>
<li><strong>कैटल फीड और हरा चारा</strong> भी उपलब्ध कराया जा रहा है।</li>
</ul>
<p>उन्होंने बताया कि ज़िले में <strong>फ़्लड कंट्रोल रूम</strong> एक्टिव कर दिया गया है। कोई भी व्यक्ति मदद के लिए <strong>01638-262153</strong> नंबर पर कॉल कर सकता है।</p>
<p><strong>अधिकारी भी मौजूद रहे</strong></p>
<p>राहत कार्यों के दौरान कई बड़े अधिकारी भी साथ थे, जिनमें</p>
<ul>
<li><strong>अतिरिक्त उपायुक्त (</strong><strong>ADC) </strong><strong>डॉ. मनदीप कौर</strong>,</li>
<li><strong>SDM </strong><strong>वीरपाल कौर</strong>,</li>
<li><strong>DSP </strong><strong>अविनाश चंद्र</strong>,</li>
<li><strong>तहसीलदार जसप्रीत सिंह</strong> शामिल रहे।</li>
</ul>
<p><strong>प्रशासन की बैठक और तैयारियाँ</strong></p>
<p>इससे पहले कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने <strong>ज़िला प्रशासनिक परिसर</strong> में अधिकारियों के साथ बैठक की।<br />
उन्होंने बाढ़ राहत प्रबंधों की समीक्षा की और सभी विभागों को <strong>तत्परता से काम करने और किसी भी हालात का तुरंत सामना करने</strong> के निर्देश दिए।</p>
<p>कुल मिलाकर, फ़ाज़िल्का में बाढ़ का ख़तरा लगातार बढ़ रहा है। सरकार और प्रशासन गाँव-गाँव पहुँचकर राहत सामग्री बाँट रहे हैं और लोगों से अपील की जा रही है कि वे <strong>सुरक्षित स्थानों पर जाकर चढ़दी कला में रहें।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
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