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	<title>Sacrifice &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
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		<title>Guru Tegh Bahadur Ji की महान शहादत को सलाम! चारों दिशाओं से आए Nagar Kirtans Sri Anandpur Sahib में हुए सम्पूर्ण, श्रद्धा में डूबी पवित्र नगरी!</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/salute-to-the-supreme-sacrifice-of-guru-tegh-bahadur-ji-the-nagar-kirtans-arriving-from-all-four-directions-have-reached-sri-anandpur-sahib-and-the-holy-city-is-immersed-in-devotion/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Nov 2025 08:26:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AnandpurSahib]]></category>
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					<description><![CDATA[शिक्षा और सूचना एवं लोक संपर्क मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि चारों दिशाओं से सजाये गये नगर कीर्तन शुक्रवार दिनांक 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे। नगर कीर्तनों का संगतों द्वारा भव्य स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रीनगर, गुरदासपुर, फरीदकोट और तलवंडी साबो से आ रहे नगर कीर्तनों की कुल लंबाई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शिक्षा और सूचना एवं लोक संपर्क मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि चारों दिशाओं से सजाये गये नगर कीर्तन शुक्रवार दिनांक 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे। नगर कीर्तनों का संगतों द्वारा भव्य स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रीनगर, गुरदासपुर, फरीदकोट और तलवंडी साबो से आ रहे नगर कीर्तनों की कुल लंबाई 1563 किलोमीटर बनती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इधर, पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित 23 से 25 नवंबर तक होने वाले समागमों में शामिल होने तथा तख्त श्री केसगढ़ साहिब में नतमस्तक होने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रही संगत की सुविधा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा पवित्र नगरी श्री आनंदपुर साहिब में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उल्लेखनीय है कि श्री गुरु तेग़ बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित प्रदेश के सभी 23 जिलों में गुरु साहिब के महान जीवन एवं दर्शन को दर्शाते लाइट एंड साउंड शो करवाए गए तथा बाबा बकाला, अमृतसर और पटियाला में कीर्तन दरबार सजाए गए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>23 से 25 नवंबर तक होने वाले समागमों का ब्यौरा साझा करते हुए बैंस ने बताया कि 23 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में बाबा बुड्ढा दल छावनी के पास गुरुद्वारा साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ होगा, जिसमें मुख्यमंत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। इसी तरह मुख्यमंत्री द्वारा विरासत-ए-खालसा स्मारक में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के जीवन एवं दर्शन को दर्शाती प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया जाएगा। इसी दिन मुख्य पंडाल बाबा बुड्ढा दल छावनी में प्रदेश सरकार द्वारा सर्वधर्म सम्मेलन करवाया जाएगा जिसमें प्रमुख धार्मिक नेता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>24 नवंबर को कीरतपुर साहिब से भाई जैता जी की यादगार तक सीस भेंट नगर कीर्तन सजाया जाएगा। साथ ही श्री आनंदपुर साहिब (गुरुद्वारा भोरा साहिब-गुरुद्वारा सीस गंज साहिब-गुरु तेग बहादुर अजायब घर-तख्त श्री केसगढ़ साहिब-किला आनंदगढ़ साहिब और विरासत-ए-खालसा तक समाप्त) में हेरिटेज वॉक करवाई जाएगी तथा भाई जैता जी की यादगार पर विधान सभा का विशेष सत्र करवाया जाएगा। इसी तरह चरण गंगा स्टेडियम में गतका तथा अन्य समागम जैसे टेंट पेगिंग, ढाल-तलवार मुकाबला, शस्त्र दर्शन, सिमरन व तलवार का संगम आदि समागम करवाए जाएंगे। इसी तरह विरासत-ए-खालसा यादगार में 23 से 29 नवंबर तक रोजाना ड्रोन शो करवाए जाएंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसी तरह 25 नवंबर को श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग कर समाप्ति के उपरांत बाबा बुड्ढा दल छावनी के मुख्य पंडाल में सरबत दा भला एकत्रता समागम करवाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा इन समागमों में शामिल होने के लिए पवित्र नगरी में आने वाली लाखों संगतों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। पार्किंग जोनों से मुख्य स्थानों तक संगतों के आने-जाने के लिए शटल सेवा सुनिश्चित की गई है। सभी पार्किंग स्थल सी.सी.टी.वी. निगरानी, रोशनी, बैरिकेडिंग, ट्रैफिक मार्शल, साइन बोर्ड और मोबाइल शौचालयों से सुसज्जित हैं। मुख्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थानों के आसपास मौजूदा पार्किंग स्थलों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>संगतों की सेवा के लिए तैनात साधनों में 500 ई-रिक्शा, 150 मिनी बसें, 25 फोर्स अर्बनिया वैनें, 15 कारें, 20 टाटा ऐस वाहन तथा बुजुर्गों व दिव्यांग संगत की सहायता के लिए 10 गोल्फ कार्ट शामिल हैं। शटल सेवाएं पार्किंग स्थलों और गुरुद्वारा श्री केसगढ़ साहिब, विरासत-ए-खालसा, मुख्य पंडाल, टेंट सिटीज़ तथा हेल्प डेस्क पॉइंट्स के बीच संगतों को आने-जाने की सुविधा देंगी। इस सिस्टम की पूर्ण निगरानी मुख्य कंट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी जिसमें समर्पित पिक-अप पॉइंट, साइनेज और वॉलंटियर्स द्वारा मार्गदर्शन शामिल है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसी तरह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित समागमों के दौरान संगत की भारी आमद को सुविधाजनक बनाने के लिए जिला प्रशासन रूपनगर द्वारा दो प्रमुख टेंट सिटीज़ ‘चक्क नानकी निवास’ टेंट सिटी और ‘भाई मती दास निवास’ टेंट सिटी स्थापित की गई हैं जिसमें लगभग 10,000 संगत के ठहरने की व्यवस्था की गई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अन्य सुविधाओं सहित एम्बुलेंस की तैनाती तथा 24 घंटे मुख्य कंट्रोल रूम के साथ तुरंत चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करना शामिल है। समागमों के लिए सुचारु एवं सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए पंजाब पुलिस ने सुरक्षा, सुविधा और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए भी व्यापक प्रबंध किए हैं। इन समागमों के दौरान पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में 8,000 से अधिक पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं ताकि संगत की सुरक्षा, आवागमन और सुविधा सुनिश्चित की जा सके।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>CM Yogi ने रखी Gorkha War Memorial Museum की नींव, 45 Crore की लागत से होगा निर्माण Gorkha Soldiers की Bravery और Sacrifice को Future Generations तक पहुँचाने का प्रयास</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/cm-yogi-lays-foundation-of-gorkha-war-memorial-museum-to-be-built-at-a-cost-of-%e2%82%b945-crore-an-effort-to-pass-on-the-bravery-and-sacrifice-of-gorkha-soldiers-to-future-generations/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Sep 2025 05:07:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[7DTheatre]]></category>
		<category><![CDATA[Bravery]]></category>
		<category><![CDATA[CivilMilitaryFusion]]></category>
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		<category><![CDATA[Sacrifice]]></category>
		<category><![CDATA[UPNews]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखा सैनिकों की बहादुरी और उनके योगदान को सम्मान देने के लिए गोरखा वॉर मेमोरियल म्यूज़ियम और उसके आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण कार्य की नींव रखी। यह परियोजना ₹45 करोड़ की लागत से तैयार होगी। इस म्यूज़ियम का उद्देश्य न केवल गोरखा रेजीमेंट के वीर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री <strong>योगी आदित्यनाथ</strong> ने शुक्रवार को गोरखा सैनिकों की बहादुरी और उनके योगदान को सम्मान देने के लिए <strong>गोरखा वॉर मेमोरियल म्यूज़ियम</strong> और उसके आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण कार्य की नींव रखी। यह परियोजना <strong>₹45 </strong><strong>करोड़</strong> की लागत से तैयार होगी। इस म्यूज़ियम का उद्देश्य न केवल गोरखा रेजीमेंट के वीर जवानों के साहस और बलिदान को सम्मान देना है, बल्कि <strong>भारत-नेपाल के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों को और मजबूत करना</strong> भी है।</p>
<p><strong>वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन</strong></p>
<p>समारोह के दौरान सीएम योगी ने <strong>वैदिक मंत्रोच्चार</strong> के बीच भूमि पूजन किया और परिसर में स्थित <strong>मां काली मंदिर</strong> में पूजा-अर्चना की। इस मौके पर <strong>गोरखा रिक्रूटिंग डिपो (</strong><strong>GRD)</strong> पर आधारित एक <strong>शॉर्ट फिल्म</strong> भी दिखाई गई, जिसमें गोरखा सैनिकों की बहादुरी और उनकी कहानियों को जीवंत रूप में पेश किया गया।</p>
<p><strong>सीएम योगी का संबोधन: &#8220;जय महाकाली</strong><strong>, </strong><strong>आयो गोरखाली&#8221; का नाम सुनकर कांपते थे दुश्मन</strong></p>
<p>सीएम योगी ने गोरखा सैनिकों की वीरता को याद करते हुए कहा कि जब भारतीय सेना की बहादुरी की बात होती है, तो गोरखा सैनिकों का नाम सबसे पहले आता है। उन्होंने कहा,<br />
<em>&#8220;</em><em>जब गोरखा सैनिक </em><em>&#8216;</em><em>जय महाकाली</em><em>, </em><em>आयो गोरखाली</em><em>&#8216; </em><em>का नारा लगाते हुए दुश्मनों पर हमला करते हैं</em><em>, </em><em>तो दुश्मन पीछे हटने को मजबूर हो जाते हैं।&#8221;</em></p>
<p>उन्होंने 1816 के <strong>ब्रिटिश-गोरखा युद्ध</strong> का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय <strong>ब्रिटिश सेना गोरखा सैनिकों का सामना नहीं कर पाई और उसे संधि करने के लिए मजबूर होना पड़ा।</strong></p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्रता से पहले गोरखा सैनिकों ने ब्रिटिश आर्मी में रहते हुए अपनी वीरता दिखाई और <strong>स्वतंत्र भारत</strong> में भी उन्होंने कई मोर्चों पर दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि यह म्यूज़ियम आने वाली पीढ़ियों को न केवल प्रेरणा देगा, बल्कि उन्हें यह भी बताएगा कि गोरखा सैनिकों ने देश की सुरक्षा के लिए कितनी बड़ी कुर्बानियां दी हैं।</p>
<p><strong>CDS </strong><strong>जनरल अनिल चौहान भी रहे मौजूद</strong></p>
<p>इस मौके पर <strong>चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (</strong><strong>CDS)</strong> <strong>जनरल अनिल चौहान</strong> भी मौजूद रहे। सीएम योगी ने उनका आभार जताते हुए कहा कि <em>&#8220;</em><em>अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद यहां आना गोरखा रेजीमेंट के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।&#8221;</em></p>
<p><strong>जनरल अनिल चौहान का बयान: तीन बड़ी बातें</strong></p>
<p>सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने इस प्रोजेक्ट को <strong>सिविल-मिलिट्री फ्यूजन का प्रतीक</strong> बताया और कहा कि यह म्यूज़ियम तीन कारणों से बेहद महत्वपूर्ण है:</p>
<ol>
<li><strong>भारतीय सेना और गोरखा सैनिकों के गहरे रिश्तों की पहचान।</strong></li>
<li><strong>गोरखा सैनिकों की सदियों पुरानी निस्वार्थ सेवा और बहादुरी का सम्मान।</strong></li>
<li><strong>भारत-नेपाल के रिश्तों को मजबूत करने का संकल्प।</strong></li>
</ol>
<p>उन्होंने कहा, <em>&#8220;</em><em>आज देश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है</em><em>, </em><em>लेकिन अतीत को भूलना नहीं चाहिए। गोरखा सैनिकों का त्याग और बलिदान हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है।&#8221;</em></p>
<p><strong>आधुनिक तकनीक से सजी होगी म्यूज़ियम</strong></p>
<p>जनरल चौहान ने बताया कि यह म्यूज़ियम पूरी तरह <strong>डिजिटल टेक्नोलॉजी</strong> से लैस होगी। इसमें कई खास आकर्षण होंगे, जैसे:</p>
<ul>
<li><strong>डिजिटल साउंड और लाइट शो</strong> – जिसमें युद्ध के किस्सों को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा।</li>
<li><strong>7D </strong><strong>थिएटर</strong> – जिससे दर्शक युद्ध के दृश्यों को असली अनुभव की तरह देख पाएंगे।</li>
<li><strong>दीवारों पर भित्ति चित्र (म्यूरल पेंटिंग्स)</strong> – गोरखा सैनिकों के महत्वपूर्ण क्षणों को दर्शाते हुए।</li>
<li><strong>वीडियो डॉक्यूमेंट्रीज़</strong> – वीर सैनिकों की असली कहानियों को प्रस्तुत करती हुई।</li>
</ul>
<p><strong>गोरखा रेजीमेंट: वीरता की मिसाल</strong></p>
<p>गोरखा रेजीमेंट भारतीय सेना का अहम हिस्सा है और इसे अपनी बहादुरी और अनुशासन के लिए जाना जाता है।</p>
<ul>
<li>1816 के युद्ध से लेकर आज तक गोरखा सैनिकों ने हर लड़ाई में अपना लोहा मनवाया है।</li>
<li>स्वतंत्र भारत में भी उन्होंने कई बार दुश्मनों को मात दी है।</li>
</ul>
<p><strong>महत्वपूर्ण संदेश</strong></p>
<p>यह म्यूज़ियम न केवल गोरखा सैनिकों की <strong>शौर्य गाथाओं को संरक्षित</strong> करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाएगा कि <strong>देशभक्ति</strong><strong>, </strong><strong>साहस और त्याग क्या होता है।</strong><br />
साथ ही, यह परियोजना <strong>सांस्कृतिक पर्यटन</strong> को बढ़ावा देगी और भारत-नेपाल की दोस्ती को और गहरा करेगी।</p>
<p>गोरखा वॉर मेमोरियल म्यूज़ियम गोरखा सैनिकों की वीरता, त्याग और समर्पण का <strong>जीवंत प्रतीक</strong> बनेगा। यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि एक ऐसी जगह होगी जहां हर आगंतुक को यह महसूस होगा कि देश की आज़ादी और सुरक्षा के लिए कितने वीरों ने अपने प्राण न्यौछावर किए।</p>
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