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	<title>TaxReform &#8211; NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</title>
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	<description>NKN: Punjabi News Online, Today Punjab News, Today Breaking News</description>
	<lastBuildDate>Mon, 22 Sep 2025 07:34:30 +0000</lastBuildDate>
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		<title>GST 2.0 आज से लागू: कई चीजें हुईं सस्ती, कुछ पर 0% Tax, समझिए नए Tax Slabs का पूरा हिसाब</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/gst-2-0-implemented-from-today-many-items-become-cheaper-some-at-0-tax-understand-the-new-tax-slabs-in-detail/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Sep 2025 07:34:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
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					<description><![CDATA[आज यानी 22 सितंबर 2025 से देश में GST 2.0 लागू हो गया है। मोदी सरकार ने इसे आम जनता के लिए दिवाली गिफ्ट बताया है। नए जीएसटी रिफॉर्म के तहत अब टैक्स का ढांचा पहले से सीधा और आसान कर दिया गया है। इसका असर हर घर और जेब पर पड़ेगा क्योंकि कई रोजमर्रा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आज यानी <strong>22 </strong><strong>सितंबर 2025</strong> से देश में <strong>GST 2.0</strong> लागू हो गया है। मोदी सरकार ने इसे <strong>आम जनता के लिए दिवाली गिफ्ट</strong> बताया है। नए जीएसटी रिफॉर्म के तहत अब टैक्स का ढांचा पहले से <strong>सीधा और आसान</strong> कर दिया गया है। इसका असर हर घर और जेब पर पड़ेगा क्योंकि कई रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो गई हैं, तो कुछ पर अब <strong>जीरो टैक्स</strong> (0% GST) लगेगा।</p>
<p>सरकार का कहना है कि इस बदलाव से न सिर्फ टैक्स स्ट्रक्चर आसान होगा, बल्कि आम लोगों को भी राहत मिलेगी। आइए जानते हैं कि जीएसटी 2.0 में क्या-क्या बड़े बदलाव हुए हैं और इनका हम सब पर क्या असर पड़ेगा।</p>
<ol>
<li><strong>नए टैक्स स्लैब </strong><strong>– </strong><strong>अब सिर्फ तीन दरें</strong></li>
</ol>
<p>पहले जीएसटी के तहत 5%, 12%, 18% और 28% चार अलग-अलग टैक्स स्लैब थे।<br />
लेकिन अब जीएसटी 2.0 में इसे <strong>सरल बनाते हुए तीन दरों में बांटा गया है:</strong></p>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>GST </strong><strong>दर</strong></td>
<td><strong>किस पर लागू</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>0% (Zero Tax)</strong></td>
<td>रोजमर्रा की वस्तुएं, कुछ दवाएं, बीमा पॉलिसियां</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>5%</strong></td>
<td>बेसिक गुड्स और कुछ खास सेवाएं</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>18%</strong></td>
<td>घर का सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टैंडर्ड गुड्स</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>40% (Luxury Tax)</strong></td>
<td>लक्जरी और हानिकारक उत्पाद</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>इस बदलाव से रोजमर्रा की चीजें और जरूरी सामान सस्ते होंगे, जबकि महंगी और लक्जरी चीजों पर ज्यादा टैक्स देना होगा।</p>
<ol start="2">
<li><strong>जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर पूरी छूट</strong></li>
</ol>
<ul>
<li>पहले <strong>लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी</strong> पर जीएसटी देना पड़ता था।</li>
<li>अब <strong>जीएसटी 0</strong> के तहत सभी <strong>व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियां पूरी तरह टैक्स फ्री</strong> हो गई हैं।</li>
<li>इसी तरह, <strong>हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी</strong> पर भी अब कोई जीएसटी नहीं देना होगा।</li>
<li>इसका सीधा फायदा आम जनता को होगा क्योंकि अब उनकी पॉलिसी प्रीमियम की रकम में <strong>टैक्स का बोझ खत्म</strong> हो जाएगा।</li>
</ul>
<ol start="3">
<li><strong>दवाओं पर बड़ी राहत</strong><strong>, </strong><strong>लेकिन पूरी छूट नहीं</strong></li>
</ol>
<p>पहले कई दवाओं पर 12% या 18% टैक्स लगता था।<br />
अब इन दवाओं को <strong>5% </strong><strong>स्लैब</strong> में डाल दिया गया है।</p>
<ul>
<li>सरकार का कहना है कि अगर दवाओं पर पूरी छूट दी जाती,
<ul>
<li>तो दवा निर्माता कंपनियां <strong>इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)</strong> का फायदा नहीं उठा पातीं।</li>
</ul>
</li>
<li>यानी दवाओं के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और पैकेजिंग पर टैक्स का नुकसान होता।</li>
</ul>
<ol start="4">
<li><strong>दूध पर टैक्स का नियम</strong></li>
</ol>
<ul>
<li><strong>डेयरी दूध (UHT Milk):</strong> अब पूरी तरह <strong>टैक्स फ्री</strong>।</li>
<li><strong>वनस्पति आधारित दूध</strong> (जैसे Soy Milk, Almond Milk): अब <strong>5% </strong><strong>टैक्स</strong> लगेगा।</li>
</ul>
<ol start="5">
<li><strong>फेस पाउडर और शैंपू की कीमतों में कमी</strong></li>
</ol>
<ul>
<li>नए जीएसटी बदलाव से <strong>फेस पाउडर और शैंपू</strong> जैसे प्रोडक्ट्स सस्ते हो जाएंगे।</li>
<li>सरकार का कहना है कि यह कदम बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि <strong>टैक्स सिस्टम को आसान बनाने</strong> के लिए उठाया गया है।</li>
</ul>
<ol start="6">
<li><strong>रेंट और लीज पर नया नियम</strong></li>
</ol>
<p>अगर कोई सामान <strong>बिना ऑपरेटर (जैसे ड्राइवर)</strong> के किराए या लीज पर दिया जाता है,</p>
<ul>
<li>तो उस पर वही जीएसटी लगेगा जो उसकी बिक्री पर लगता है।
<ul>
<li>उदाहरण: अगर कार की बिक्री पर 18% जीएसटी लगता है,
<ul>
<li>तो बिना ड्राइवर के उस कार को रेंट पर लेने पर भी <strong>18% </strong><strong>टैक्स</strong> लगेगा।</li>
</ul>
</li>
<li>यही नियम अन्य सामान पर भी लागू होगा।</li>
</ul>
</li>
</ul>
<ol start="7">
<li><strong>आयात (</strong><strong>Import) </strong><strong>पर नए नियम</strong></li>
</ol>
<ul>
<li><strong>आयातित वस्तुओं पर भी नई दरें लागू</strong> होंगी।</li>
<li>अब <strong>IGST</strong> नई जीएसटी दरों के अनुसार वसूला जाएगा।</li>
<li>जब तक कोई विशेष छूट की अधिसूचना नहीं आती, यह नियम लागू रहेगा।</li>
</ul>
<ol start="8">
<li><strong>यात्री परिवहन पर टैक्स</strong></li>
</ol>
<ul>
<li><strong>सड़क मार्ग (Bus/Taxi):</strong> इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना 5% टैक्स।</li>
<li><strong>हवाई यात्रा (Air Travel):</strong>
<ul>
<li><strong>इकोनॉमी क्लास:</strong> 5% टैक्स</li>
<li><strong>बिजनेस या प्रीमियम क्लास:</strong> 18% टैक्स</li>
</ul>
</li>
</ul>
<ol start="9">
<li><strong>लोकल डिलीवरी सेवाओं पर जीएसटी</strong></li>
</ol>
<ul>
<li>अगर कोई <strong>स्थानीय डिलीवरी सेवा</strong> किसी <strong>अनरजिस्टर्ड व्यक्ति</strong> द्वारा दी जाती है और यह सेवा <strong>ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म</strong> के जरिए चल रही है,
<ul>
<li>तो <strong>जीएसटी का भुगतान ई-कॉमर्स कंपनी</strong> को करना होगा।</li>
</ul>
</li>
<li>इससे डिलीवरी सेक्टर में <strong>पारदर्शिता बढ़ेगी</strong>।</li>
</ul>
<ol start="10">
<li><strong>जीरो टैक्स (</strong><strong>0% GST) </strong><strong>वाली वस्तुएं</strong></li>
</ol>
<p>अब ये 35 वस्तुएं पूरी तरह टैक्स फ्री हो गई हैं:</p>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>क्रमांक</strong></td>
<td><strong>वस्तु</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>1</td>
<td>छेना (प्री पैक्ड और लेबल्ड)</td>
</tr>
<tr>
<td>2</td>
<td>UHT दूध</td>
</tr>
<tr>
<td>3</td>
<td>पराठा और अन्य भारतीय ब्रेड</td>
</tr>
<tr>
<td>4</td>
<td>पनीर (प्री पैक्ड और लेबल्ड)</td>
</tr>
<tr>
<td>5</td>
<td>पिज्जा ब्रेड</td>
</tr>
<tr>
<td>6</td>
<td>खाखरा, चपाती या रोटी</td>
</tr>
<tr>
<td>7</td>
<td>एक्सरसाइज बुक</td>
</tr>
<tr>
<td>8</td>
<td>रबर</td>
</tr>
<tr>
<td>9</td>
<td>अनकोटेड पेपर और पेपरबोर्ड</td>
</tr>
<tr>
<td>10</td>
<td>ग्राफ बुक, लैब नोटबुक और नोटबुक</td>
</tr>
<tr>
<td>11-35</td>
<td>जीवन रक्षक दवाएं (जैसे डारातुमुमाब, एलेक्टिनिब, लारोनिडेज़ आदि)</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>&nbsp;</p>
<ol start="11">
<li><strong>इलेक्ट्रॉनिक और घरेलू सामान पर असर</strong></li>
</ol>
<p>पहले AC, फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे सामान पर 28% टैक्स लगता था।<br />
अब इन्हें 18% स्लैब में रखा गया है। इससे इनकी कीमतों में बड़ी कमी आएगी।</p>
<p><strong>अनुमानित बदलाव:</strong></p>
<ul>
<li><strong>एसी और डिशवॉशर:</strong> कीमत में ₹3,500-₹4,500 की कमी।</li>
<li><strong>रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन:</strong> कीमतें 8-9% तक कम।</li>
<li><strong>बड़ी स्क्रीन (32 </strong><strong>इंच से ऊपर) टीवी:</strong> कीमतों में भी भारी गिरावट।</li>
</ul>
<p><strong>मोबाइल और लैपटॉप पर कोई बदलाव नहीं:</strong></p>
<ul>
<li>इन पर अभी भी <strong>18% </strong><strong>जीएसटी</strong> लगेगा।</li>
<li>ऐसा इसलिए क्योंकि ये पहले से ही <strong>PLI </strong><strong>स्कीम</strong> और अन्य टैक्स लाभ ले रहे हैं।</li>
</ul>
<ol start="12">
<li><strong>जीएसटी </strong><strong>2.0 </strong><strong>का कुल असर</strong></li>
</ol>
<ul>
<li><strong>आम जनता को राहत:</strong> रोजमर्रा की कई चीजें टैक्स फ्री हुईं।</li>
<li><strong>घर का सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स सस्ते:</strong> मध्यमवर्गीय परिवारों को फायदा।</li>
<li><strong>लक्जरी आइटम महंगे:</strong> 40% टैक्स से अमीर वर्ग पर ज्यादा बोझ।</li>
<li><strong>ई-कॉमर्स सेक्टर में पारदर्शिता:</strong> टैक्स चोरी की संभावना कम।</li>
<li><strong>सरल टैक्स ढांचा:</strong> 12% और 28% स्लैब हटने से सिस्टम आसान हुआ।</li>
</ul>
<p>जीएसटी 2.0 से देश में टैक्स सिस्टम पहले से सरल हुआ है। रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी और आम आदमी की जेब पर बोझ कम होगा। वहीं, महंगे और लक्जरी सामान पर ज्यादा टैक्स लगने से सरकार की आमदनी भी बढ़ेगी। इस बदलाव को सरकार ने जनता के लिए <strong>‘</strong><strong>दिवाली गिफ्ट’</strong> करार दिया है।</p>
<p>अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में यह बदलाव देश की <strong>अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता बाजार</strong> को कितना प्रभावित करता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Common People और Businesses को Relief: S. Jaishankar ने GST Reforms को बताया Milestone</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/relief-for-common-people-and-businesses-s-jaishankar-calls-gst-reforms-a-milestone/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Sep 2025 09:08:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[BusinessGrowth]]></category>
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		<category><![CDATA[TaxReform]]></category>
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					<description><![CDATA[देश में महंगाई पर काबू पाने और व्यापार को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने जीएसटी (GST) सिस्टम में बड़ा और ऐतिहासिक सुधार किया है। जीएसटी काउंसिल ने बुधवार को फैसला लिया कि अब देश में चार टैक्स स्लैब की जगह सिर्फ दो स्लैब रहेंगे — 5% और 18%। इसका सीधा फायदा आम जनता, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देश में महंगाई पर काबू पाने और व्यापार को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने <strong>जीएसटी (GST) </strong><strong>सिस्टम में बड़ा और ऐतिहासिक सुधार</strong> किया है। जीएसटी काउंसिल ने बुधवार को फैसला लिया कि अब देश में <strong>चार टैक्स स्लैब की जगह सिर्फ दो स्लैब रहेंगे — 5% </strong><strong>और 18%</strong>।<br />
इसका सीधा फायदा आम जनता, किसानों, छोटे व्यापारियों (MSMEs), महिलाओं और युवाओं को मिलेगा।</p>
<p>नए टैक्स रेट <strong>22 </strong><strong>सितंबर 2025 </strong><strong>से लागू</strong> होंगे। हालांकि, तंबाकू, पान मसाला और सॉफ्ट ड्रिंक जैसे प्रोडक्ट्स पर नए रेट तुरंत लागू कर दिए जाएंगे।</p>
<h2><strong>पीएम मोदी का बड़ा ऐलान हुआ हकीकत</strong></h2>
<p>प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> ने 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस भाषण में ही जीएसटी सुधार का संकेत दिया था।<br />
अब जब यह फैसला लागू हुआ, तो पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म <strong>X (</strong><strong>ट्विटर)</strong> पर लिखा:</p>
<p><em>&#8220;</em><em>ये सुधार आम आदमी के जीवन को आसान बनाने और छोटे व्यापारियों को सशक्त करने के लिए हैं। इससे किसानों, </em><em>महिलाओं, </em><em>युवाओं और MSMEs </em><em>को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, </em><em>यह Ease of Living </em><em>और Ease of Doing Business </em><em>को और मजबूत करेगा।&#8221;</em></p>
<h2><strong>विदेश मंत्री एस. जयशंकर की प्रतिक्रिया</strong></h2>
<p>विदेश मंत्री <strong>एस. जयशंकर</strong> ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह सुधार भारत की <strong>आर्थिक परिवर्तन यात्रा</strong> में मील का पत्थर साबित होंगे।<br />
उन्होंने कहा कि यह कदम सरकार की उस कोशिश को और मजबूत करेगा जिससे आम आदमी की जिंदगी आसान हो और देश में कारोबार करने की प्रक्रिया सरल हो।</p>
<h2><strong>क्या बदला जीएसटी में </strong><strong>– </strong><strong>पूरी जानकारी</strong></h2>
<p>पहले जीएसटी में चार स्लैब थे — <strong>5%, 12%, 18% </strong><strong>और 28%</strong>।<br />
अब 12% और 28% स्लैब को खत्म कर दिया गया है।<br />
इससे सिर्फ <strong>5% </strong><strong>और 18% </strong><strong>दो ही स्लैब</strong> रहेंगे।</p>
<h3><strong>5% </strong><strong>जीएसटी में आने वाले सामान</strong></h3>
<p>अब ये सामान पहले से ज्यादा <strong>सस्ते</strong> हो जाएंगे:</p>
<ol>
<li><strong>जरूरी घरेलू सामान</strong>
<ul>
<li>हेयर ऑयल</li>
<li>साबुन</li>
<li>टूथपेस्ट और डेंटल फ्लॉस</li>
<li>साइकिल</li>
<li>टेबलवेयर</li>
</ul>
</li>
<li><strong>खाने-पीने की चीज़ें</strong>
<ul>
<li>नमकीन</li>
<li>भुजिया</li>
<li>चबेना</li>
<li>मिक्सचर</li>
</ul>
</li>
<li><strong>खेती-बाड़ी के उपकरण</strong>
<ul>
<li>ट्रैक्टर</li>
<li>खेती की मिट्टी तैयार करने की मशीनें</li>
<li>हार्वेस्टिंग और क्रशिंग मशीनें</li>
<li>घास काटने वाली मशीनें</li>
<li>कम्पोस्टिंग मशीनें</li>
<li>फॉरेस्ट्री और हर्टीकल्चर मशीनें</li>
</ul>
</li>
</ol>
<p>पहले इन चीजों पर 12% जीएसटी लगता था, अब यह घटकर <strong>5%</strong> हो गया है।</p>
<h3><strong>18% </strong><strong>जीएसटी में आने वाले सामान</strong></h3>
<p>अब ये वाहन <strong>सस्ते</strong> होंगे:</p>
<ul>
<li><strong>1200cc </strong><strong>तक की कारें</strong></li>
<li><strong>350cc </strong><strong>तक की बाइक्स</strong></li>
</ul>
<p>पहले इन पर 28% जीएसटी लगता था, अब घटकर <strong>18%</strong> रह गया है।</p>
<h3><strong>40% </strong><strong>जीएसटी वाले प्रोडक्ट्स (महंगे होंगे)</strong></h3>
<p>कुछ प्रोडक्ट्स पर टैक्स बढ़ाकर <strong>40%</strong> कर दिया गया है। यह खासतौर पर <strong>स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले प्रोडक्ट्स</strong> हैं।</p>
<ul>
<li>पान मसाला</li>
<li>गुटखा</li>
<li>सिगरेट</li>
<li>बिना तैयार किया हुआ तंबाकू (Unmanufactured Tobacco)</li>
<li>चबाने वाला तंबाकू (जैसे ज़र्दा)</li>
<li>कैफिनेटेड और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स</li>
<li>मीठे, फ्लेवर वाले और शुगर-एडेड बेवरेजेस (Soft Drinks)</li>
</ul>
<p>पहले इन पर 28% टैक्स लगता था।</p>
<h2><strong>नए नियम और अहम फैसले</strong></h2>
<h3><strong>1. </strong><strong>तंबाकू और गुटखा पर टैक्स कैलकुलेशन बदला</strong></h3>
<p>अब इन प्रोडक्ट्स पर टैक्स <em>ट्रांजैक्शन वैल्यू</em> के बजाय <strong>रिटेल सेल प्राइस (RSP)</strong> के आधार पर लगेगा।<br />
यानि जो MRP पैकेट पर लिखा होगा, उसी पर टैक्स की गणना की जाएगी।</p>
<h3><strong>2. </strong><strong>इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर का समाधान</strong></h3>
<p>पहले कुछ सेक्टर्स में कच्चे माल पर ज्यादा टैक्स और तैयार सामान पर कम टैक्स लगता था, जिससे कारोबारियों को नुकसान होता था।<br />
अब इसे ठीक कर दिया गया है।</p>
<h2><strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान</strong></h2>
<p>वित्त मंत्री <strong>निर्मला सीतारमण</strong> ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:</p>
<ul>
<li><em>&#8220;</em><em>यह सिर्फ टैक्स रेट्स को बदलने का सुधार नहीं है, </em><em>बल्कि यह स्ट्रक्चरल रिफॉर्म भी है।&#8221;</em></li>
<li>पीएम मोदी चाहते थे कि <strong>आम जनता को जल्द से जल्द फायदा</strong> मिले।</li>
<li>इन सुधारों से:
<ul>
<li><strong>महंगाई कम होगी</strong></li>
<li><strong>घरेलू खर्च घटेगा</strong></li>
<li><strong>छोटे व्यापारियों और MSMEs </strong><strong>को बढ़ावा मिलेगा</strong></li>
<li><strong>Aatmanirbhar Bharat</strong> को मजबूती मिलेगी</li>
</ul>
</li>
</ul>
<p>उन्होंने बताया कि किसानों और हेल्थ सेक्टर से जुड़े उत्पादों पर टैक्स में भारी कटौती की गई है।</p>
<h2><strong>आम जनता को सीधा फायदा</strong></h2>
<ul>
<li>घर में इस्तेमाल होने वाली चीज़ें जैसे <strong>हेयर ऑयल, </strong><strong>साबुन, </strong><strong>टूथपेस्ट</strong> अब सस्ती होंगी।</li>
<li><strong>नमकीन, </strong><strong>भुजिया, </strong><strong>मिक्सचर</strong> जैसे खाने के सामान पर टैक्स कम हो गया है।</li>
<li>किसानों के लिए <strong>ट्रैक्टर और मशीनें</strong> सस्ती हो गईं।</li>
<li>छोटे व्यापारी और MSMEs को <strong>कारोबार में आसानी</strong> होगी।</li>
<li>कार और बाइक खरीदना पहले से <strong>सस्ता</strong> होगा।</li>
</ul>
<p>यह जीएसटी सुधार भारत के टैक्स सिस्टम को <strong>सरल, </strong><strong>पारदर्शी और जनहितैषी</strong> बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।</p>
<ul>
<li>सरकार का मकसद है कि <strong>आम आदमी की जिंदगी आसान हो</strong>, महंगाई पर नियंत्रण हो और व्यापारियों को आसानी से कारोबार करने का मौका मिले।</li>
<li>यह फैसला भारत के इतिहास का <strong>सबसे बड़ा जीएसटी सुधार</strong> माना जा रहा है।</li>
<li>इन बदलावों से आने वाले समय में <strong>Ease of Living</strong> और <strong>Ease of Doing Business</strong> दोनों में जबरदस्त सुधार होगा।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>GST Rates में बड़ा बदलाव: अब सिर्फ Two Slabs, जानिए क्या हुआ सस्ता और क्या हुआ महंगा</title>
		<link>https://newknowledgenews.com/big-change-in-gst-rates-now-only-two-slabs-know-what-got-cheaper-and-what-got-costlier/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divak Savi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Sep 2025 07:48:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[AffordableLiving]]></category>
		<category><![CDATA[Budget2025]]></category>
		<category><![CDATA[DigitalTax]]></category>
		<category><![CDATA[FarmersRelief]]></category>
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		<guid isPermaLink="false">https://newknowledgenews.com/?p=7640</guid>

					<description><![CDATA[केंद्र सरकार ने आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) की दरों में बड़ा बदलाव किया है। अब जीएसटी का ढांचा और आसान हो जाएगा, क्योंकि पहले जहां कई अलग-अलग स्लैब थे, वहीं अब सिर्फ दो मुख्य दरें – 5% और 18% रह जाएंगी। इसके अलावा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>केंद्र सरकार ने आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए <strong>गुड्स एंड सर्विस टैक्स (</strong><strong>GST)</strong> की दरों में बड़ा बदलाव किया है। अब जीएसटी का ढांचा और आसान हो जाएगा, क्योंकि पहले जहां कई अलग-अलग स्लैब थे, वहीं अब सिर्फ <strong>दो मुख्य दरें </strong><strong>– 5% </strong><strong>और </strong><strong>18%</strong> रह जाएंगी।</p>
<p>इसके अलावा कुछ लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं जैसे तंबाकू, सिगरेट और पान मसाले के लिए <strong>40% </strong><strong>का नया स्लैब</strong> बनाया गया है। सरकार का दावा है कि इस कदम से न सिर्फ टैक्स सिस्टम सरल होगा बल्कि लोगों को सीधे तौर पर राहत मिलेगी।</p>
<p>नई दरें <strong>22 </strong><strong>सितंबर</strong><strong>, 2025</strong> यानी नवरात्र के पहले दिन से लागू होंगी। हालांकि, तंबाकू और सिगरेट जैसे कुछ प्रोडक्ट्स पर नई दरें बाद में लागू की जाएंगी, जिसकी अधिसूचना सरकार अलग से जारी करेगी।</p>
<p><strong>सिर्फ दो मुख्य दरें </strong><strong>– </strong><strong>टैक्स सिस्टम होगा आसान</strong></p>
<p>पहले जीएसटी के पांच अलग-अलग स्लैब होते थे – 0%, 5%, 12%, 18%, और 28%।<br />
अब इन्हें घटाकर सिर्फ <strong>5% </strong><strong>और </strong><strong>18%</strong> कर दिया गया है।<br />
इससे टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को यह समझने में आसानी होगी कि किस चीज़ पर कितना टैक्स देना है।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा पर बड़ी राहत</strong></p>
<p>पहले स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) और जीवन बीमा (Life Insurance) पर <strong>18% </strong><strong>जीएसटी</strong> लगता था।<br />
अब सरकार ने इस टैक्स को <strong>पूरी तरह खत्म</strong> कर दिया है।<br />
इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा क्योंकि बीमा पॉलिसी की प्रीमियम राशि अब और किफायती हो जाएगी।</p>
<p><strong>छोटी कारें और बाइक होंगी सस्ती</strong></p>
<p>छोटी कारों, तिपहिया वाहनों और 350 सीसी तक की बाइक पर जीएसटी <strong>28% </strong><strong>से घटाकर </strong><strong>18%</strong> कर दिया गया है।</p>
<p><strong>ये बदलाव किन गाड़ियों पर लागू होगा:</strong></p>
<ul>
<li><strong>पेट्रोल/सीएनजी/एलपीजी कारें:</strong> 1200 सीसी तक इंजन और 4000 मिमी तक लंबाई।</li>
<li><strong>डीजल कारें:</strong> 1500 सीसी तक इंजन और 4000 मिमी तक लंबाई।</li>
<li><strong>तिपहिया और </strong><strong>350 </strong><strong>सीसी तक की बाइक।</strong></li>
</ul>
<p>इससे एंट्री-लेवल और मिड-सेगमेंट कारें काफी सस्ती होंगी।</p>
<p><strong>लग्जरी कारें और तंबाकू उत्पाद होंगे महंगे</strong></p>
<p>सरकार ने तंबाकू और लग्जरी आइटम्स पर सख्त रुख अपनाते हुए इन पर टैक्स बढ़ा दिया है।</p>
<ul>
<li><strong>1500 </strong><strong>सीसी से ऊपर इंजन वाली कारें</strong> और <strong>चार मीटर से लंबी लग्जरी कारें</strong> अब <strong>40% </strong><strong>टैक्स</strong> के दायरे में होंगी।</li>
<li><strong>पान मसाला</strong><strong>, </strong><strong>गुटखा</strong><strong>, </strong><strong>सिगरेट</strong><strong>, </strong><strong>जर्दा</strong> जैसे तंबाकू उत्पादों पर भी <strong>40% </strong><strong>जीएसटी</strong> लगेगा।</li>
<li><strong>बीड़ी</strong> को इस दायरे से बाहर रखा गया है।</li>
</ul>
<p><strong>कृषि उपकरणों पर बड़ी राहत</strong></p>
<p>किसानों को राहत देने के लिए कृषि से जुड़े उपकरणों पर टैक्स कम कर दिया गया है।<br />
अब <strong>स्प्रिंकलर</strong><strong>, </strong><strong>ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और कटाई मशीनरी</strong> पर जीएसटी <strong>12% </strong><strong>से घटाकर </strong><strong>5%</strong> कर दिया गया है।<br />
इससे खेती में लागत कम होगी और किसानों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।</p>
<p><strong>एसी और टीवी होंगे सस्ते</strong></p>
<p>घर में इस्तेमाल होने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी सस्ते होंगे।</p>
<ul>
<li><strong>एयर कंडीशनर (</strong><strong>AC)</strong> और <strong>डिशवॉशर</strong> पर जीएसटी <strong>28% </strong><strong>से घटकर </strong><strong>18%</strong> हो जाएगा।</li>
<li>सभी <strong>टीवी और मॉनिटर</strong> (किसी भी स्क्रीन साइज के) अब <strong>18% </strong><strong>जीएसटी</strong> स्लैब में आएंगे।<br />
पहले बड़ी स्क्रीन वाले टीवी पर 28% टैक्स लगता था।</li>
</ul>
<p><strong>होटल रूम बुकिंग पर राहत</strong></p>
<p>अब होटल में ठहरने के लिए कम टैक्स देना होगा।<br />
अगर किसी होटल रूम का किराया <strong>7500 </strong><strong>रुपये प्रति दिन तक</strong> है, तो उस पर जीएसटी <strong>18% </strong><strong>से घटाकर </strong><strong>5%</strong> कर दिया गया है।<br />
हालांकि, इस पर <strong>आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट)</strong> नहीं मिलेगा।</p>
<p><strong>ऑनलाइन गेमिंग और जुए पर सख्ती</strong></p>
<p>ऑनलाइन गेमिंग, जुआ और सट्टेबाजी पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।<br />
अब इन सब पर <strong>40% </strong><strong>जीएसटी</strong> लगाया जाएगा। इसमें शामिल हैं:</p>
<ul>
<li>ऑनलाइन बेटिंग</li>
<li>कैसीनो</li>
<li>घुड़दौड़</li>
<li>लॉटरी</li>
<li>अन्य मनी गेम्स</li>
</ul>
<p><strong>दवाओं पर नई दरें</strong></p>
<ul>
<li>ज्यादातर दवाओं और औषधियों पर <strong>5% </strong><strong>जीएसटी</strong> लागू रहेगा।</li>
<li><strong>कैंसर की दवाओं</strong> पर <strong>0% </strong><strong>जीएसटी</strong> लगेगा।</li>
<li>इसका मकसद लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना और इलाज को किफायती बनाना है।</li>
</ul>
<p><strong>चश्मों पर अलग-अलग टैक्स</strong></p>
<ul>
<li><strong>नजर सुधारने वाले चश्मे और गॉगल्स</strong> पर <strong>5% </strong><strong>जीएसटी</strong>।</li>
<li>फैशन और डिजाइनर चश्मों पर <strong>18% </strong><strong>जीएसटी</strong>।</li>
</ul>
<p><strong>सरकार को होगा राजस्व का नुकसान</strong></p>
<p>सरकार का अनुमान है कि इस बड़े बदलाव से उसके जीएसटी राजस्व में <strong>47,700 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> की सालाना कमी आएगी।<br />
हालांकि, इससे आम जनता को राहत मिलेगी और बाजार में खरीदारी बढ़ेगी, जिससे लंबे समय में अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।</p>
<p><strong>क्या हुआ सस्ता और क्या हुआ महंगा</strong></p>
<p><strong>सस्ते होने वाले सामान और सेवाएं:</strong></p>
<ul>
<li>स्वास्थ्य और जीवन बीमा</li>
<li>दवाएं (कैंसर की दवाएं पूरी तरह फ्री)</li>
<li>ब्रेड, पराठा, दूध</li>
<li>छोटी कारें और 350 सीसी तक की बाइक</li>
<li>एसी और टीवी</li>
<li>होटल रूम (7500 रुपये तक किराया)</li>
<li>कृषि उपकरण</li>
</ul>
<p><strong>महंगे होने वाले सामान और सेवाएं:</strong></p>
<ul>
<li>लग्जरी कारें</li>
<li>पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, जर्दा</li>
<li>जुआ, सट्टेबाजी, ऑनलाइन गेमिंग</li>
<li>1500 सीसी से ऊपर इंजन वाली कारें</li>
</ul>
<p>सरकार का यह कदम टैक्स सिस्टम को आसान बनाने और लोगों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम है।<br />
जहां किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, वहीं तंबाकू उत्पाद और जुए जैसी चीज़ों को महंगा करके सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वह सेहत और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता दे रही है।</p>
<p>22 सितंबर से यह बदलाव लागू होते ही बाजार में कई चीज़ों की कीमतों में बदलाव देखने को मिलेगा।</p>
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