अलास्का में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई हाई-प्रोफाइल मुलाकात दुनिया भर की सुर्खियों में है। यह मुलाकात करीब 3 घंटे चली और इसके बाद दोनों नेताओं ने केवल 12 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। खास बात यह रही कि इस दौरान किसी पत्रकार के सवाल का जवाब नहीं दिया गया और दोनों नेता मंच से सीधे निकल गए।
10 साल बाद अमेरिका पहुंचे पुतिन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लगभग 10 साल बाद अमेरिका पहुंचे। अलास्का के एल्मेंडॉर्फ एयर बेस पर उनका रेड कार्पेट स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें रिसीव किया। दोनों नेता ट्रम्प की कार में बैठकर सीधे मीटिंग स्थल रवाना हो गए।
यहां का नज़ारा बेहद खास था—रेड कार्पेट के पास चार F-22 रैप्टर फाइटर जेट्स तैनात थे। सुरक्षा के लिए अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और रूसी टीम ने मिलकर पुख्ता इंतजाम किए।
थ्री-ऑन-थ्री फॉर्मेट में बातचीत
मीटिंग “थ्री-ऑन-थ्री फॉर्मेट” में हुई।
रूस की तरफ से पुतिन के साथ विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव और वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव मौजूद थे।
अमेरिका की ओर से ट्रम्प के साथ विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक और शांति वार्ता दूत स्टीव विटकॉफ मौजूद रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस – सिर्फ 12 मिनट
बैठक के बाद दोनों नेताओं ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह तय समय से आधा घंटा पहले शुरू हुई और केवल 12 मिनट तक चली। शुरुआत पुतिन ने की, जबकि परंपरा के अनुसार पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बोलते हैं।
पुतिन ने कहा कि –
- यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए उसकी असली वजह खत्म करनी होगी।
- अगर 2022 में ट्रम्प राष्ट्रपति होते तो यह जंग शुरू ही नहीं होती।
- यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
- यूरोपीय नेताओं को शांति वार्ता में बाधा नहीं डालनी चाहिए।
- अमेरिका और रूस पड़ोसी हैं, टकराव छोड़कर बातचीत आगे बढ़ानी चाहिए।
ट्रम्प ने कहा कि –
- मीटिंग पॉजिटिव रही लेकिन अभी कोई फाइनल डील नहीं हुई।
- सभी की सहमति के बिना समझौता संभव नहीं।
- वे जेलेंस्की और नाटो सहयोगियों से बात करेंगे।
- यूक्रेन में शांति जरूरी है, लेकिन यह अब जेलेंस्की पर निर्भर है।
- पुतिन के साथ उनका रिश्ता हमेशा अच्छा रहा है।
पुतिन का सुझाव – अगली मीटिंग मॉस्को में
पुतिन ने अगली मुलाकात मॉस्को में करने का सुझाव दिया। ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला विवादित हो सकता है लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह नकारा भी नहीं।
पुतिन ने सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
अलास्का से रवाना होने से पहले पुतिन ने फोर्ट रिचर्डसन मेमोरियल कब्रिस्तान जाकर द्वितीय विश्व युद्ध में मारे गए सोवियत सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
मीटिंग के बाद दोनों का रवाना होना
मीटिंग और प्रेस कॉन्फ्रेंस के एक घंटे बाद पुतिन का विमान मॉस्को के लिए उड़ गया। थोड़ी देर बाद ट्रम्प भी एयरफोर्स वन से वॉशिंगटन डीसी लौट गए।
इंटरव्यू और रिएक्शन
अलास्का से लौटते समय ट्रम्प ने Fox News को इंटरव्यू दिया और कहा –
- वे लोगों को मरते नहीं देखना चाहते।
- यूक्रेन जंग खत्म कराना सोचा था आसान होगा, लेकिन यह सबसे मुश्किल है।
- पुतिन और जेलेंस्की दोनों चाहते हैं कि वे शांति वार्ता का हिस्सा बनें।
- मीटिंग को उन्होंने 10 में से 10 अंक दिए।
रूस की तरफ से क्रेमलिन ने कहा कि बातचीत बहुत अच्छी रही और सीजफायर की दिशा में प्रगति हुई।
मेलानिया का लेटर
इस मुलाकात के दौरान एक और खास पल तब आया जब ट्रम्प ने पुतिन को अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प का लिखा हुआ लेटर सौंपा। इसमें उन्होंने यूक्रेन और रूस में बच्चों की खराब हालत का जिक्र किया था।
मीडिया और एक्सपर्ट्स की राय
- वॉशिंगटन पोस्ट: ट्रम्प–पुतिन अलास्का समिट, युद्धविराम तक नहीं पहुंचे।
- न्यूयॉर्क टाइम्स: कोई ठोस समझौता नहीं।
- CNN: मीटिंग बिना रिजल्ट के खत्म।
- अमेरिका के पूर्व NSA जॉन बोल्टन और पूर्व राजदूत डगलस ल्यूट ने कहा कि इस मीटिंग में पुतिन ने ज्यादा फायदा उठाया और ट्रम्प को कुछ खास हासिल नहीं हुआ।
लगभग 3 घंटे की बातचीत और 12 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भी ट्रम्प–पुतिन समिट से कोई ठोस डील सामने नहीं आई। हांलाकि दोनों नेताओं ने इसे “पॉजिटिव शुरुआत” बताया और कहा कि आगे की मीटिंग्स में शांति समझौते की दिशा में कदम बढ़ेंगे।