देश में एक बार फिर से उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके मुताबिक 9 सितंबर 2025 को मतदान होगा और उसी दिन नतीजे भी सामने आ जाएंगे। जबकि नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त 2025 तय की गई है और नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त को होगी।
जगदीप धनखड़ का अचानक इस्तीफा
मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अचानक इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे की वजह उन्होंने स्वास्थ्य कारण बताई, लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि धनखड़ और सरकार के बीच कुछ तनाव भी था। उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था, लेकिन इस्तीफे के बाद यह पद खाली हो गया।
बीजेपी और NDA में मंथन
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नए उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार कौन होगा?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एनडीए (NDA) के अंदर इसको लेकर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है।
इस बार चर्चा है कि बीजेपी एक मुस्लिम नेता को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना सकती है।
आरिफ मोहम्मद खान का नाम सबसे आगे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित उम्मीदवारों में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का नाम सबसे आगे है।
आरिफ मोहम्मद खान पहले केरल के राज्यपाल भी रह चुके हैं और उन्हें उनकी बौद्धिक क्षमता और भाजपा के प्रति निष्ठा के लिए जाना जाता है।
सोशल मीडिया पर भी उनके नाम की चर्चा तेजी से हो रही है और कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी इस बार एक मुस्लिम चेहरा सामने लाकर बड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहती है।
उम्मीदवार का फैसला पीएम मोदी और नड्डा लेंगे
हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह तय हुआ कि उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का चयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि पीएम मोदी और नड्डा द्वारा चुने गए उम्मीदवार को एनडीए के सभी सहयोगियों का समर्थन मिलेगा।
चुनावी समीकरण पर सबकी नजर
बीजेपी ने पिछली बार जाट समुदाय से आने वाले नेता जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति बनाया था। अब चर्चा है कि पार्टी मुस्लिम समाज से किसी नेता को यह जिम्मेदारी देकर नई रणनीति बना सकती है।
अगर वाकई ऐसा होता है, तो यह कदम बीजेपी की राजनीति में एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 21 अगस्त से पहले एनडीए किस नाम पर मुहर लगाता है।
क्या बीजेपी आरिफ मोहम्मद खान पर भरोसा करेगी या फिर कोई और नाम सामने आएगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।